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राजेन्द्र पाल गौतम का सवाल- जातिगत अत्याचार पर मौन क्यों है व्यवस्था? न्याय, आयोग और सरकार पर उठे गंभीर प्रश्न

देश में अनुसूचित जातियों, जनजातियों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर राजेन्द्र पाल गौतम ने एक बार फिर ज़ोरदारआवाज़ उठाई है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी देश के दलितों को न तो सम्मान मिल पाया है, न ही न्याय। राजेन्द्र पाल गौतम ने कहाकि संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का गठन हुआ था ताकि दलितों की शिकायतों पर गंभीरता से सुनवाई हो सके। लेकिनसच्चाई यह है कि आयोग में अब तक 6,02,177 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से केवल 5,843 मामलों में सुनवाई हुई है। अनुसूचित जनजातियों की1,783 शिकायतों पर ही कार्यवाही की गई है। जब सुनवाई ही नहीं होनी है, तो आयोग क्यों बना रखा है? राजेन्द्र पाल गौतम की प्रमुख मांगेंसर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ऐसे जजों पर कार्रवाई करें जो जातिवादी सोच के आधार पर फैसले देते हैं।राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को सक्रिय और प्रभावी बनाया जाए।राज्य सरकारें जातिगत उत्पीड़न के मामलों को प्राथमिकता पर लें और सख्त कार्यवाही करें।ऐसे उदाहरण बने कि अपराधी डरें और समाज में बराबरी की भावना स्थापित हो।जातिगत अत्याचार की शर्मनाक घटनाएं – राजेन्द्र पाल गौतम ने देशभर से सामने आई भीषण घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवलआंकड़े नहीं हैं, ये समाज की क्रूर सच्चाई हैं:मध्य प्रदेश (छिंदवाड़ा) में आदिवासी युवक को पेशाब पिलाया गया।ओडिशा में एक पिता को गंजा कर घास खिलाई गई, जब वह अपनी बेटी की शादी के लिए गाय ला रहा था।अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) में मंदिर के पास खड़े होने पर दलित युवक को पीटा गया।अंबेडकर जयंती पर दलित युवकों को करंट देकर मारा गया।उन्होंने कहा कि 26% ऐसे मामले अकेले उत्तर प्रदेश से सामने आए हैं, जो स्वयं को सबसे बेहतर कानून व्यवस्था वाला राज्य बताता है।जब न्यायपालिका ही भेदभाव करे –राजेन्द्र पाल गौतम ने वर्ष 2021 में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के उस फैसले को याद दिलाया जिसमें कहा गया था कि उच्च जाति का व्यक्तिअनुसूचित जाति की महिला के साथ बलात्कार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता राजस्थान के भूरी देवी मामले (1992) में भी सामने आई थी। ओडिशा में अपमानजनक सज़ा उन्होंने हाल ही में ओडिशा में उमेश्वर नायक और सीजी माली के साथ हुए व्यवहार की निंदा की, जिन्हें अवैध खनन के विरोध में प्रदर्शन करने परगिरफ़्तार कर लिया गया और अदालत ने उन्हें थाने में सफाई का कार्य करने की सज़ा सुनाई।राजेन्द्र पाल गौतम ने इस पर तीखा सवाल उठाया — क्या दलितों के लिए सिर्फ झाड़ू और सफाई का काम ही बचा है?सरकारी आंकड़े भी बोल रहे हैं सच्चाई – उन्होंने संसद में प्रस्तुत कुछ आंकड़ों को उजागर कियाउत्तर प्रदेश में 11,444 मामले → 13,144राजस्थान में 4,238 → 7,224मध्य प्रदेश में 5,892 → 7,214हरियाणा में 762 → 1,628उड़ीसा में 1,669 → 2,327महाराष्ट्र में 1,689 → 2,503उत्तराखंड में 96 → 130इनमें से अधिकांश राज्य भारतीय जनता पार्टी के शासन में हैं, जिससे राजेन्द्र पाल गौतम ने भाजपा पर सीधे सवाल खड़े किए। बदलाव ज़रूरी है. राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि अब यह केवल सरकारों, आयोगों और अदालतों की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे देश की नैतिक ज़िम्मेदारी है कि जातिगतअत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाई जाए। उन्होंने कहा कि अगर न्याय व्यवस्था जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त रहेगी, तो संविधान केवल किताबोंतक सीमित रह जाएगा।

दिल्ली के 61 लाख परिवारों पर नई गाड़ी खरीदने का दबाव -बीजेपी सरकार के आदेश से बढ़ी परेशानी मनीष सिसोदिया

देश की राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने अभी केवल पाँच महीने ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही करोड़ों लोगों काजीवन मुश्किलों से भर दिया गया है। जिन परिवारों ने बरसों की मेहनत से अपनी छोटी सी गाड़ी खरीदी थी, आज उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है।1 जुलाई से बीजेपी सरकार द्वारा एक ऐसा आदेश लागू कर दिया गया है, जिसने सीधे तौर पर दिल्ली के 61 लाख परिवारों की ज़िंदगी में उथल-पुथल मचा दी है। इस आदेश के तहत पुरानी गाड़ियों को सड़कों पर चलने से रोका जा रहा है। वजह बताई जा रही है प्रदूषण, लेकिन असली मंशा हैआम आदमी को मजबूर करना – नई गाड़ी खरीदने पर। किस पर टूटा है कहर?आम वेतन पाने वाले लोग – जो सालों तक छोटी-छोटी बचत करके या कर्ज़ लेकर एक गाड़ी खरीदते हैं।बुजुर्ग नागरिक – जिनके पास पुरानी गाड़ी होती है जो महीने में एक-दो बार ही चलती है।छोटे व्यापारी, दिहाड़ी मजदूर, नौकरीपेशा वर्ग – जो पुरानी मोटरसाइकिल या सेकंड हैंड गाड़ियों से अपना जीवन चलाते हैं।आज वही गाड़ियाँ सरकार की नज़र में कबाड़ हो गई हैं, चाहे वे अच्छी हालत में हों या अभी भी चलने लायक हों।जबरन बनाई गई मजबूरी – इस नए आदेश का मतलब है कि अब दिल्ली के 18 लाख परिवारों को नई कार खरीदनी होगी41 लाख लोगों को नई मोटरसाइकिल या स्कूटर लेना पड़ेगा क्या एक साधारण वेतन पाने वाला व्यक्ति इतनी महंगी नई गाड़ी खरीद सकता है? क्या हर किसी के पास इतनी बचत है? क्या हर कोई नया कर्ज़ लेसकता है? यह सिर्फ नीतिगत भूल नहीं है, यह आम आदमी की मेहनत और आत्मसम्मान पर सीधा हमला है। कौन है इस फैसले से खुश? वाहन बनाने वाली कंपनियाँ – जिनकी बिक्री अचानक बढ़ेगीगाड़ी स्क्रैप करने वाले उद्योग – जिनके पास अब लाखों गाड़ियाँ काटने का काम आएगानिजी टैक्सी कंपनियाँ – क्योंकि लोग अपनी गाड़ी न चला पाने के कारण इनके भरोसे होंगेदिल्ली की सड़कों पर चलने वाले लाखों वाहन अब बंद हो जाएंगे। सरकार ने बिना कोई विकल्प दिए, जनता पर यह नियम थोप दिया है। कोईसहायता योजना नहीं, कोई छूट नहीं, सिर्फ सीधा दबाव – नई गाड़ी खरीदो या घर बैठो। और ज़ुल्म – 1 जुलाई से पिक ऑवर में दोगुना किराया वसूली की छूट इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से यह भी आदेश दिया है कि अबव्यस्त समय में दो गुना तक रकम वसूली जा सकती है। मतलब अगर किसी को ज़रूरत हो तो वह सस्ती सवारी की उम्मीद भी न करे।हमारी माँग- भारतीय जनता पार्टी की सरकार से हमारी हाथ जोड़कर अपील हैआम आदमी को तंग करना बंद करेंपुरानी गाड़ियों पर लगी यह पाबंदी वापस लेंजनता को गाड़ी चलाने और जीवन यापन करने का अधिकार देंपेट्रोल पंपों पर गाड़ियों को तेल न देने वाला आदेश तत्काल रद्द करेंबुजुर्गों, वेतनभोगियों, निम्न वर्ग के लोगों को राहत दी जाएजनता ने चुना है, सताने के लिए नहीं, साथ निभाने के लिए यह वही जनता है जिसने आप पर भरोसा कर सरकार बनाई। इस भरोसे को तोड़िए मत। जनता को मजबूरी में न धकेलिए। यह समय उनके साथ खड़ेहोने का है, न कि उन्हें नई गाड़ी खरीदने की धमकी देने का। हमारी एक ही माँग हैपुरानी गाड़ियों पर रोक का अन्याय बंद होआम आदमी की मेहनत और जीवनशैली का सम्मान होजनता को परेशान करने के बजाय राहत दी जाएदेश राजधानी की सड़कों पर अगर 61 लाख परिवार परेशान हैं, तो यह केवल एक नीति की गलती नहीं है, यह एक मानवीय संकट है।

दिल्ली को जल संकट से मिलेगी राहत, जल बोर्ड ने दी 121 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी मंत्री प्रवेश वर्मा,वर्षों से अटकी पड़ी परियोजनाओंको मिलेगी रफ्तार, हर नागरिक तक पहुंचेगी जल और सीवर सुविधा

दिल्ली सरकार में मंत्री श्री प्रवेश वर्मा ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में दिल्ली जल बोर्ड की हालिया बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि राजधानी दिल्ली में जल संकट को दूर करने और सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृतिदी गई है। कुल 121 करोड़ रुपये की लागत से जल और सीवर से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे हज़ारों नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा। वर्षों से लंबित थी योजना, अब मिला नया जीवन – मंत्री वर्मा ने बताया कि वर्ष 2013 में एक बड़ी योजना तैयार की गई थी, जिसके अंतर्गत एशियाईविकास बैंक के सहयोग से दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाना था। योजना के अंतर्गत 2433 करोड़रुपये की सहायता राशि प्रस्तावित थी। लेकिन समय के साथ-साथ एशियाई विकास बैंक ने इस योजना से स्वयं को अलग कर लिया, जिससे यहमहत्त्वाकांक्षी परियोजना वर्षों तक अधर में लटकी रही। उन्होंने कहा कि जब राजधानी में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी, तब हमने स्वयं पहलकर इस योजना को पुनः सक्रिय करने की दिशा में काम शुरू किया। अब जाकर इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्वीकृति दी गई है, जिससेराजधानी के नागरिकों को जल और सीवर की मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकारी एजेंसियों को मिलेगा जल बोर्ड से कनेक्शन – मंत्री ने इस बात पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया कि पहले जब दिल्ली विकासप्राधिकरण (डीडीए) जैसी सरकारी एजेंसियां आवासीय परियोजनाएं बनाती थीं, तो उन्हें दिल्ली जल बोर्ड से जल और सीवर कनेक्शन नहीं मिलते थे।आम आदमी पार्टी की सरकार के समय इन योजनाओं में लगातार अड़चनें डाली गईं, जिससे जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ा।अब जल बोर्ड ने स्पष्ट रूप से निर्णय लिया है कि ऐसी सभी परियोजनाओं को जल और सीवर की सुविधा दी जाएगी, जिससे नए निर्माण में रहने वालेनागरिकों को राहत मिल सके। यमुना नदी में नहीं है बाढ़ का खतरा – यमुना नदी के जल स्तर को लेकर फैली आशंकाओं पर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि फिलहालयमुना का जल स्तर पूरी तरह सामान्य है और बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है। उन्होंने कहा, हम स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए हुए हैं, और यदिभविष्य में कोई जोखिम पैदा होता है, तो समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। सरकार की प्राथमिकता – हर घर तक शुद्ध जल और सुरक्षित सीवर व्यवस्थाप्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में जल संकट से निजात दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड पूरी सक्रियतासे कार्य कर रहा है और आने वाले महीनों में कई नई योजनाओं को भी मंजूरी दी जाएगी। जिन इलाकों में अब तक जल और सीवर की सुविधा नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। मंत्री ने अंत में यह भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार दिल्ली को एक स्वच्छ, सुरक्षित औरसुविधाजनक राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनता के हित में हर आवश्यक निर्णय लिया जा रहा है। 

कूड़ा संकट पर आप का हल्ला बोल, मेयर कार्यालय के बाहर फेंका कचरा, इस्तीफ़े की मांग 

दिल्ली नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरने में लगी हुई है।आज इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के सभी निगम पार्षदों ने सिविक सेंटर स्थित मेयर कार्यालय के बाहर ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कामुख्य मुद्दा राजधानी दिल्ली में दिन-प्रतिदिन बिगड़ती सफ़ाई व्यवस्था और बढ़ते कूड़े के ढेर थे। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने मेयर राजा इकबाल सिंह के कार्यालय के बाहर कूड़ा फेंक कर अपना विरोध दर्ज कराया। पार्षदों ने साफ़ तौर पर कहाकि जब तक सफ़ाई व्यवस्था में सुधार नहीं होता और मेयर अपना उत्तरदायित्व नहीं निभाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आप पार्षदों ने मेयर केतत्काल इस्तीफ़े की मांग करते हुए कहा कि भाजपा शासित नगर निगम दिल्ली की जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में बुरी तरह विफल रहा है।विरोध कर रहे पार्षदों का आरोप था कि राजधानी के सेंट्रल ज़ोन समेत कई क्षेत्रों में गंदगी का अंबार लगा है, लेकिन निगम और मेयर इस पर कोईठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। स्थिति यह रही कि जब आप पार्षद मेयर से मिलने पहुंचे तो वह कार्यालय से ग़ायब मिले। इससे नाराज़ होकर पार्षदों ने मेयर कार्यालय के बाहर हीकूड़ा फेंक कर प्रदर्शन किया और जनता की आवाज़ बुलंद की।आप पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा और नगर निगम प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द कोई समाधान नहीं निकालते तो आम आदमीपार्टी सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी और अगली बार मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी केपार्षदों ने जनता के स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा की रक्षा के लिए इस लड़ाई को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

QUAD देशों की बैठक में आतंक पर गूंजा भारत का स्वर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रखी सख्त नीति

क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने अमेरिका गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सात मई को हुए ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्ययह है कि अगर आतंकवादी हमले होते हैं. तो हम अपराधियों, समर्थकों, वित्तपोषकों और समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे. यह संदेश बहुतस्पष्टता के साथ दिया गया था. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के रुख को एक बार फिर स्पष्ट किया. उन्होंनेकहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को बता दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि क्वाड और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षापरिषद का 25 अप्रैल को जारी बयान हमारे लिए जो महत्वपूर्ण है. इसमें कहा गया है कि आतंकवाद के अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जानाचाहिए. उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए. विदेश मंत्री ने कहा कि यह बयान हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमें दुनिया कोबताना होगा कि हमने क्या किया? सात मई को हुए ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य यह है कि अगर आतंकवादी हमले होते हैं. वित्तपोषकों और समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाईतो हम अपराधियों, समर्थकों, वित्तपोषकों और समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे. यह संदेश बहुत स्पष्टता के साथ दिया गया था. जयशंकर नेकहा कि हमने क्वाड के साथ-साथ विश्व स्तर पर अपने समकक्षों के साथ आतंकवाद की प्रकृति को साझा किया. भारत इसका कई दशकों से सामनाकर रहा है हम आज इसका बहुत दृढ़ता से जवाब देने के लिए दृढ़ हैं और हमें अपना बचाव करने का अधिकार है.अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात कोलेकर जयशंकर ने कहा कि रुबियो के साथ द्विपक्षीय बैठक अच्छी रही. दोनों नेताओं ने अनिवार्य रूप से पिछले छह महीनों की चर्चा का जायजा लियाऔर आगे की राह पर विचार किया. इसमें व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा और गतिशीलता पर चर्चा शामिल थी. मैंने रक्षासचिव पीट हेगसेथ और ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के साथ अलग-अलग बैठकें कीं.रूस से तेल खरीदने वाले देशों से आयात पर 500 प्रतिशत टैरिफलगाने की अमेरिकी योजना पर जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस में होने वाला कोई भी घटनाक्रम भारत के लिए दिलचस्पी का विषय है. अगरयह हमारे हित को प्रभावित करता है या हमारे हित को प्रभावित कर सकता है भारतीय दूतावास और अधिकारी इस मुद्दे पर अमेरिकी सीनेटर ग्राहम केसंपर्क में हैं. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ऊर्जा सुरक्षा में हमारी चिंताओं और हमारे हितों से उन्हें अवगत करा दिया गया है. पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदाइसलिए जब हम उस पुल पर पहुंचेंगे तो हमें उसे पार करना होगा. इससे पहले क्वाड देशों यानी अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने बुधवारको एक संयुक्त बयान में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की. आतंकी हमले में दहशतगर्दों ने 26 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्याकर दी थी. क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से इस निंदनीय कृत्य के अपराधियों, आयोजकों और वित्तपोषकों को बिनाकिसी देरी के न्याय के कटघरे में लाने में सहयोग करने का आह्वान किया. इसमें विदेश मंत्री जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलियाके विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री ताकेशी इवाया शामिल रहे. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने भी पहलगाम हमले की कड़ेशब्दों में निंदा की थी. सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने आतंकवाद के इस निंदनीय कृत्य के अपराधियों, आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों कोजवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की जरूरत पर जोर दिया। इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिएऔर सभी राज्यों से अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रासंगिक सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के तहत अपने दायित्वों के अनुसार इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियोंके साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह किया.

कांवड़ यात्रा से पहले गरमाई सियासत, मांस-शराब पर बैन “नेताओं की बयानबाज़ी से बवाल”

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के मार्ग पर मांस-शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. प्रशासन के द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग परचलने वाली खाने-पीने की दुकानों के सामने दुकानदारों का नाम, दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों का नाम और दुकान का लाइसेंस लिखनाअनिवार्य कर दिया गया है. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और एआईएमआईएम नेताओं ने कांवड़ यात्रा पर विवादित टिप्पणी कर राजनीतिक माहौल गर्मकर दिया है. भाजपा ने कहा है कि विपक्ष के सभी दल एक-एक कर कांवड़ यात्रा पर आपत्तिजनक बयानबाजी कर हिंदुओं की भावनाओं का अपमानकर रहे हैं और ऐसा करके वे एक वर्ग को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी ने कहा है कि यदि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं में हिम्मत हैतो वे दूसरे धर्मों पर इसी तरह की टिप्पणी करके दिखाएं. दे दिया आतंकवाद करारभाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गुरुवार को कहा कि पहले समाजवादी पार्टी के सांसद ने कांवड़ यात्रियों को आतंकवादी बताया।इसके बाद समाजवादी पार्टी के ही नेता रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा को आतंकवादी करार दे दिया. औवैसी और दिग्विजय सिंह लगातार कांवड़ यात्रियोंके विरुद्ध बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा करके विपक्ष यही संदेश देना चाहता है कि उसे हिंदुओं की जनभावनाओं से कोई सरोकार नहीं है.विश्व हिंदूपरिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा है कि कांवड़ यात्रियों की धार्मिक भावनाओं का अपमान करने का अधिकार किसी को नहींदिया जा सकता. उन्होंने कहा कि नाम बदलकर धोखा देना किसी कीमत पर स्वीकार नहीं है. जिसे भी व्यवसाय करना है वह अपने असली नाम औरअसली पहचान से करे. नाम बदलना यह दिखाता है कि ऐसे लोग दूसरे लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना चाहते हैं. उत्तर प्रदेश औरउत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के मार्ग पर मांस-शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. प्रशासन के द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर चलने वाली खाने-पीने की दुकानों के सामने दुकानदारों का नाम, दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों का नाम और दुकान का लाइसेंस लिखना अनिवार्य कर दिया गयाहै. बिजली- पानी का कराई जा रही सुविधाएंइसके अलावा कांवड़ यात्रियों के लिए अलग लेन बनाकर उन्हें किसी दुर्घटना की चपेट में आने से रोकने की कोशिश की जा रही है. दिल्ली सरकार नेकांवड़ यात्रियों के लिए दस लाख रूपये तक की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. कांवड़ शिविरों में बिजली-पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जारही हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार कांवड़ यात्रियों की भावनाओं का पूरा खयाल रखेगी और उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी. इसवर्ष सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगा. सावन महीने की शुरुआत के साथ ही भगवान शिव की पूजा के लिए की जानेवाली कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी. इस बार कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू होकर सावन की शिवरात्रि 23 जुलाई तक चलेगी. लेकिन इसी केसाथ कुछ नेताओं की आपत्तिजनक बयानबाजी के कारण कांवड़ यात्रा के पहले ही विवाद शुरू हो गया है.

महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, अमित मालवीय का तीखा पलटवार जानें क्या है पूरा मामला

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में किसानों की दशा को लेकर केंद्र पर बेरुखी दिखाने का आरोप लगाया. जिसके बाद राहुल गांधी और अमित मालवीय में ठनगई है अमित मालवीय ने आईना दिखाते हुए राहुल गांधी से कहा कि उन्हें महाराष्ट्र में राकांपा-कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान किए गए पापों कोयाद करना चाहिए. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या को लेकर गुरुवार को मोदी सरकार पर हमला बोला. कांग्रेस नेता नेकहा कि किसान दिन-प्रतिदिन कर्ज में डूबते जा रहे हैं और सरकार किसानों की दुर्दशा के प्रति उदासीन बनी हुई है. उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट मेंसरकार पर किसानों की कर्ज माफी और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांगों की अनदेखी करने का आरोपलगाया. 767 किसानों ने कि आत्महत्याउन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र में तीन महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली है. लेकिनसरकार इस मुद्दे पर चुप है सरकार से सवाल करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है? अब ये 767 परिवार जो कभी नहीं संभलपाएंगे. एक मीडिया रिपोर्ट को साझा करते हुए उन्होंने यह भी लिखा कि किसान हर दिन कर्ज में और गहराई तक डूब रहा है. बीज महंगे हैं, खाद महंगीहै, डीजल महंगा है, लेकिन MSP की कोई गारंटी नहीं। जब वो कर्ज माफी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन जिनकेपास करोड़ों हैं? उनके लोन मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है. प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने उन पर वादे से मुकरने का भीआरोप लगाया. राहुल गांधी ने लिखा’मोदी जी ने कहा था. किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे लेकिन आज हाल ये है कि अन्नदाता की जिंदगी हीआधी हो रही है। ये सिस्टम किसानों को मार रहा है और मोदी जी अपने ही पीआर का तमाशा देख रहे हैं. राहुल गांधी पर किया पलटवारवहीं भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर पलटवार किया है. उन्होंने एक्स पर एक चार्ट साझा किया. जिसमें दावा कियागया कि एनसीपी-कांग्रेस सरकार के 15 साल के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में 55,928 किसानों ने आत्महत्या की. अमित मालवीय ने कहा किमृतकों की गिनती करने की राजनीति घृणित है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोगों को आईना दिखाना भी जरूरी है। राहुल गांधी पर पलटवार करते हुएअमित मालवीय ने कहा कि अपना मुंह खोलने से पहले राहुल गांधी को महाराष्ट्र में राकांपा-कांग्रेस सरकार द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान किए गएपापों को याद करना चाहिए. इससे पहले बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने किसानों की आत्महत्या और राज्य में सोयाबीन उत्पादकों को बकाया भुगतानन किए जाने के मुद्दों पर महाराष्ट्र विधानसभा से दो बार वॉकआउट किया था. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में दावा किया कि इस सालजनवरी से मार्च के बीच महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या की है. उन्होंने कहा कि 200 मामलों को सहायता के लिए अयोग्य घोषित किया गयाहै जबकि 194 मामलों में जांच लंबित है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल का लक्ष्य 2027 में 100% जीत, बूथ से शिखर तक मजबूत संगठन

भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की 100 फीसदीजीत सुनिश्चित करनी है.भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता है कि बूथ से लेकरप्रदेश स्तर तक पार्टी संगठन को अच्छी तरह से तैयार और अनुशासित किया जाएगा. हर कार्यकर्ता को यह एहसास दिलाना है कि वह परिवर्तन कावाहक हैय हमें 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की 100 फीसदी जीत सुनिश्चित करनी है. इसके लिए हर कार्यकर्ता की भूमिका तय होगी. उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत गौरव के लिए नहीं बल्कि पार्टी और हिमाचल के लोगों की सेवा करने के लिए आया हूं. भाजपा सुशासन, विकास औरपारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है. मैं यह सुनिश्चित करुंगा कि संगठन इन मूल्यों को बनाए रखने के लिए अथक प्रयास करे. बिंदल ने कहा कि भाजपा मेंधड़ेबाजी को जगह नहीं है. भाजपा संगठन करेंगा गंभीरता के साथ कामनेता विपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सहित सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं वकार्यकर्ताओं की शक्ति केंद्रित होकर एक दिशा में ही काम करेगी. समन्वय ही भारतीय जनता पार्टी का मूल शास्त्र है जब शक्ति केंद्रित होकर एक हीदिशा में लगती है. तो परिणाम स्पष्ट होते हैं भाजपा की सरकार बनती है और कांग्रेस हटती है. हम इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे. आने वाले नगरनिकाय चुनावों में भाजपा संगठन पूरी गंभीरता से कार्य करेगा. यह चुनाव केवल स्थानीय स्तर पर सीमित नहीं हैं बल्कि यह संगठनात्मक ताकत औररणनीति का परीक्षण भी हैं. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और नेतृत्व की संख्या और गुणवत्ता ही भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टीबनाती है यह पूंजी अब केवल गिनने की नहीं बल्कि एक दिशा में लगाने की है. ये चुनाव 2027 के विधानसभा चुनावों की राह में महत्वपूर्ण मील केपत्थर हैं. हम हर चुनाव-चाहे वह बड़ा हो या छोटा को समान गंभीरता और रणनीतिक योजना के साथ लेते हैं. भाजपा नेताओं के पास है गैलेक्सीउन्होंने कहा कि भाजपा के पास नेताओं का एक गैलेक्सी है हमारे पास अनुभवी नेता हैं ऊर्जावान कार्यकर्ता हैं और विचारधारा के प्रति निष्ठावान संगठनहै. यही कारण है कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है. भाजपा सिर्फ एक पार्टी नहीं है यह विचारधारा और प्रतिबद्धता से प्रेरितएक आंदोलन है. लाखों समर्पित कार्यकर्ता हमारे साथ जुड़े हैं. लोगों के साथ हमारा गहरा जुड़ाव है यह ताकत और जुड़ाव हमें अद्वितीय बनाता है. पार्टी में किसी भी कार्यकर्ता को उसके समर्पण के बल पर कभी भी कोई बड़ी जिम्मेवारी मिल सकती है. उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य 2027 है. इसकेलिए हमें आज से ही शक्ति संचय शुरू करना होगा हमें ऐसा संगठन तैयार करना है जो न केवल चुनाव जीते बल्कि राज्य में 2047 तक निरंतर भाजपाकी सरकार बनाए और विकसित हिमाचल बनाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़े. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का हिस्साहै। इसके लिए हर स्तर पर समन्वय, समर्पण और ऊर्जा की आवश्यकता होगी. हमें एक मजबूत, आत्मनिर्भर संगठन बनाने के लिए मिलकर काम करनाहै. हम दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

मुंबई पुलिस में 4 साल में 427 असामयिक मौतें, 25 आत्महत्याएं “देवेंद्र फडणवीस ने दिए चौंकाने वाले आंकड़े”

लंदन की मेट्रोपोलिटन पुलिस (स्कॉटलैंड यार्ड) के बाद मुंबई पुलिस को दुनिया में दूसरे नंबर की पुलिस माना जाता है. लेकिन देश की आर्थिकराजधानी में पिछले चार वर्षों में 427 पुलिसकर्मियों की असामयिक मौत होने का चौंकाने वाला सच सामने आया है. प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृह मंत्रीदेवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मुंबई में वर्ष 2022 से जून 2025 के बीच 427 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मौत हुई है. इनमें से 25 नेआत्महत्या की है. जबकि 75 पुलिसकर्मियों का हृदयाघात से निधन हुआ वहीं छह लोगों की कैंसर के कारण मौत हुई. सीएम ने विधान परिषद में दिएजवाब में कहा कि इन पुलिसकर्मियों की मौत के मामले में कोई जांच नहीं की गई. क्योंकि उनके रिश्तेदारों ने कोई संदेह नहीं जताया. सभी विभागों को दिए निर्देशउन्होंने कहा कि राज्य सरकार के 150 दिवसीय योजना कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों की अनुकंपा भर्ती से संबंधित सभी मामलों को मिशन मोड परहल किया जाएगा. इस संबंध में सभी विभागों को आदेश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में शिवसेना के सुनील शिंदे की जांच की मांग पर यहजवाब दिया है.मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में 8 घंटे की ड्यूटी का कॉन्सेप्ट लागू है. कभी-कभी त्योहारों या बंदोबस्त के दौरान पुलिसवालों को ज्यादा ड्यूटी करनीपड़ती है लेकिन पुलिस की 8 घंटे की ड्यूटी अब स्थिर हो गई है. साथ ही पुलिस को साप्ताहिक अवकाश देना शुरू कर दिया गया है. वहीं 40 वर्ष सेअधिक आयु के पुलिसकर्मियों के लिए साल में एक बार और 50 वर्ष से अधिक आयु के पुलिसकर्मियों के लिए साल में दो बार स्वास्थ्य जांचअनिवार्य किया गया है. 40 तरह की बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है इसके लिए राज्य के 270 अस्पतालों के साथ समझौता किया गयाहै. टाटा मेमोरियल और एके मेहता हॉस्पिटल के साथ कैंसर जांच शिविर आयोजित किए गए हैं. कठोर कानून बनाने पर कर रही है विचारमहाराष्ट्र सरकार ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कठोर कानून बनाने पर विचार कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मादक पदार्थ तस्करों पर महाराष्ट्रसंगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कठोर कार्रवाई करने के लिये मौजूदा कानूनों में संशोधन करेगी. यह संशोधन राज्यविधानमंडल के चल रहे मानसून सत्र में किया जाएगा. इनमें से 25 ने आत्महत्या की जबकि 75 की मौत दिल का दौरा पड़ने से और 6 की कैंसर सेहुई. विधान परिषद में शिवसेना नेता सुनील शिंदे की ओर से जांच की मांग पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी मामले में जांच नहीं कीगई क्योंकि मृतक के परिजनों ने संदेह नहीं जताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इन मामलों को गंभीरता से ले रही है और अनुकंपा नियुक्ति सेसंबंधित सभी मामलों को 150 दिवसीय योजना कार्यक्रम के तहत मिशन मोड में हल किया जाएगा.

न्यूयॉर्क के संभावित पहले दक्षिण एशियाई मेयर जोहरान ममदानी ट्रंप से भिड़े, ‘मुझे नागरिकता से नहीं’ आपके झूठ से है डर

International Rlations: न्यूयॉर्क के मेयर पद के प्रत्याशी और भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने ट्रंप की गिरफ्तारी वाली धमकी का जवाबदिया है. ममदानी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति विभाजन की आग को हवा दे रहे हैं ट्रंप उन्हें इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि वह अमेरिकियों काध्यान इस बात से हटाना चाहते हैं कि उनका प्रशासन किस तरह से कामकाजी लोगों के साथ विश्वासघात कर रहा है. सोशल मीडिया पर वायरलवीडियो में ममदानी कह रहे हैं कि वह अपना काम बंद नहीं करेंगे और रिपब्लिकन के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे. डेमोक्रेट नेता ममदानी ने न्यूयॉर्क मेंएक रैली में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे गिरफ्तार किया जाना चाहिए. मुझे निर्वासित किया जाना चाहिए मुझे नागरिकता से वंचित कियाजाना चाहिए. उन्होंने ये बातें एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जो पीढ़ियों के बाद इस शहर का पहला अप्रवासी मेयर बनने जा रहा है. दक्षिण एशियाई भी होगा मेयरएक ऐसा व्यक्ति जो इस शहर के इतिहास में पहला मुस्लिम और पहला दक्षिण एशियाई मेयर भी होगा. ऐसा इसलिए नहीं है कि मैं कौन हूं, मैं कहांसे आया हूं, मैं कैसा दिखता हूं या कैसे बोलता हूं, बल्कि इसलिए है कि वह उस बात से ध्यान भटकाना चाहते हैं जिसके लिए मैं लड़ता हूं. मैंकामकाजी लोगों के लिए लड़ता हूं. ममदानी ने कहा कि ट्रंप के लिए विभाजन की आग को हवा देना आसान है. बजाय इसके कि वे इस बात कोस्वीकार करें कि किस तरह से उन्होंने न केवल इस शहर में बल्कि पूरे देश में उन श्रमिक वर्ग के अमेरिकियों के साथ विश्वासघात किया है और किस तरहसे वे उनके साथ विश्वासघात करना जारी रखे हुए हैं. बिग ब्यूटीफुल बिल को लेकर ममदानी ने कहा कि ट्रंप कानून के बजाय उनके बारे में बात करनापसंद करेंगे. जो वास्तव में अमेरिकियों से स्वास्थ्य सेवा छीन लेगा यह कानून भूखों से भोजन छीन लेगा. यह ट्रंप प्रशासन में धन के सबसे बड़ेहस्तांतरणों में से एक को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा और इसे एक बार फिर उन्हीं अमेरिकियों के लिए करेगा जो इससे तंग आ चुके हैं. राष्ट्रपति ट्रंपने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ममदानी को बेवकूफ, वामपंथी जैसे शब्दों से संबोधित किया था और ममदानी की अमेरिकी नागरिकता पर भीसवाल उठाए थे. ममदानी जब सात साल के थे तब साल 1998 में वे अमेरिका आए थे। साल 2018 में ममदानी को अमेरिका की नागरिकता मिलीहै. वामपंथी बेवकूफ हैट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘ये आखिरकार हो ही गया, डेमोक्रेट्स ने सीमा पार कर दी है. जोहरान ममदानी एक सौ फीसदीवामपंथी बेवकूफ हैं. उन्होंने अभी डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव जीता है और वे न्यूयॉर्क के अगले मेयर बनने की राह पर हैं हमने पहले भी चरमपंथीवामपंथी देखे हैं. लेकिन ये बिल्कुल बेतुका है. ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अगर ममदानी ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ अप्रवासन विभाग कीकार्रवाई को न्यूयॉर्क में रोकने की कोशिश की तो वे ममदानी को गिरफ्तार कराएंगे. जोहरान ममदानी भारत में पैदा हुए यूगांडा के लेखक महमूदममदानी और भारतीय फिल्म निर्देशक मीरा नायर के बेटे हैं. जोहरान का जन्म यूगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ और जब वे सात साल के थे तोउनके माता-पिता उन्हें न्यूयॉर्क ले आए। साल 2018 में ममदानी को अमेरिकी नागरिकता मिली. ममदानी ने इसी साल सीरियाई मूल की महिला सेशादी की है. राजनीति में आने से पहले ममदानी ने बतौर काउंसलर काम किया। ममदानी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया कि वे शहर के एकप्रतिशत अमीरों पर टैक्स लगाएंगे. जो सालाना 10 लाख डॉलर से ज्यादा कमाते हैं और उस पैसे से मध्यम और निम्न वर्गीय लोगों को सस्ते घर औरसस्ता रहन-सहन उपलब्ध कराएंगे. न्यूयॉर्क दुनिया के सबसे महंगे शहरों में शुमार होता है.