RJD विधायक विभा देवी का बड़ा आरोप तेजस्वी यादव के करीबियों ने मांगी थी रिश्वत, नवादा को राघोपुर समझने की न करें गलती

पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी और नवादा सदर से राष्ट्रीय जनता दल की विधायक विभा देवी ने विधानसभा चुनाव से पहले अपनी ही पार्टी परनिशाना साधा है. उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारे में खूब हो रही है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी और उनके कुछ करीबीनेताओं द्वारा उनके और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. उनके सम्मानित परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है. विभा देवी ने कहा कि वह राजनीति में अपना सम्मान बेचकर नहीं आई हैं. उन्होंने कभी घूस नहीं ली और न ही भ्रष्टाचार किया. विभा देवी ने आरोपलगाया कि जब सरकार बनाने-बिगाड़ने का खेल चल रहा था. तब तेजस्वी के साथ रहने वाले उनके कुछ करीबी नेताओं ने उनसे भारी धनराशि की मांगकी थी. नेताओं ने दिया था बदलने का प्रलोभनवह यह रकम नहीं दे सकीं इसके बावजूद उन्होंने और विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी नहीं छोड़ी. जबकि कई नेताओं ने उन्हें पाला बदलने का प्रलोभनदिया था उन्होंने कहा कि यही उनकी गलती थी कि वह तेजस्वी को गलत काम के लिए पैसा नहीं दे सकीं. विधायक ने कहा कि उनके पति राजबल्लभप्रसाद वर्षों से जेल में हैं. उनके पास करोड़ों रुपये का इंतजाम करने का कोई जरिया नहीं था. फिर भी उन्होंने और प्रकाश वीर ने धर्म और कर्तव्यनिभाते हुए तेजस्वी के साथ खड़े रहना चुना. विभा देवी ने एक पुरानी मुलाकात का जिक्र किया. इस दौरान तेजस्वी ने लोकसभा चुनाव की चर्चा शुरूकी थी. तब राजबल्लभ प्रसाद ने साफ कहा था कि उनका परिवार अब राजनीति में सक्रिय नहीं रहेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि वह जेल में हैंसजायाफ्ता हैं और उन्हें वोट देने का भी अधिकार नहीं है. राजबल्लभ प्रसाद ने लालू प्रसाद से कहा था कि अच्छे नेता बनने के लिए पांच गुण जरूरीहोते हैं झूठ बोलना, जनता को ठगना, भाई-भाई में लड़ाई कराना, घूस लेना और बड़े नेताओं की खुशामद करना. उन्होंने कहा कि इनमें से कोई गुणउनमें नहीं है. इसलिए वह राजनीति से दूर रहना चाहते हैं. विधायक विभा देवी ने कहा कि तेजस्वी ने तब पूछा था कि नवादा लोकसभा सीट कैसे जीतीजाएगी. क्योंकि इस बार वन टू वन फाइट है। इस पर राजबल्लभ प्रसाद ने कहा था कि ऐसा उम्मीदवार भेजिए जो इन पांचों गुणों में थोड़ा कम हो ऐसेउम्मीदवार को वह पूरा समर्थन देंगे. उम्मीदवार की प्रक्रिया हुई थी शुरुविभा देवी ने पूछा कि क्या विनोद यादव राजबल्लभ प्रसाद के उम्मीदवार थे? उन्होंने कहा कि विनोद यादव वास्तव में तेजस्वी और लालू प्रसाद केउम्मीदवार थे जब उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू हुई थी. तब तेजस्वी ने फोन कर पूछा था कि किसे उम्मीदवार बनाना है तब राजबल्लभ प्रसाद नेसाफ कहा था कि उनका कोई उम्मीदवार नहीं है. तेजस्वी ने तब कहा था कि विनोद यादव दो साल से क्षेत्र में सक्रिय हैं. ऐसे में क्या वे उनका विरोधकरते? आखिरी समय में विनोद यादव का टिकट किस आधार पर काटा गया. यह सब जानते हैं। हजारों लोग उस समय तेजस्वी के आवास पर मौजूदथे. नवादा के लोगों ने देखा कि सरवन कुशवाहा ट्रॉली बैग में कौन सा दस्तावेज लेकर गए थे. विभा देवी ने कहा कि उन्होंने, उनके जेठ कृष्णा प्रसाद, स्व. जेहल प्रसाद या जेल में बंद राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया. यह नवादा है राघोपुर नहीं, जहां एक दिन में करोड़ों रुपये बांटेजाते हैं. उन्होंने कहा कि नवादा के सैकड़ों परिवारों से उनका नाता है उन्हें हर बात की जानकारी है.
सिंगापुर में डॉ. एस जयशंकर की उच्चस्तरीय मुलाकातें, भारत को निवेश और कूटनीति का हब बनाने पर जोर

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर अपने तीन दिवसीय चीन-सिंगापुर दौरे के पहले चरण में सिंगापुर पहुंचे. यहां उन्होंने सिंगापुर के विदेश मंत्रीविवियन बालकृष्णन और टेमासेक होल्डिंग्स के अध्यक्ष-निर्वाचित टीओ ची हीन से मुलाकात की. जयशंकर ने टेमासेक प्रमुख से भारत में चल रहेआर्थिक सुधारों और निवेश के अवसरों पर चर्चा की. साथ ही उन्होंने सिंगापुर को भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का केंद्र बताते हुए कहा कि दोनों देशोंके बीच विचार-विमर्श हमेशा लाभकारी रहता है. विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर रविवार को अपने तीन दिवसीय चीन-सिंगापुर के दौरे के पहले चरण मेंसिंगापुर पहुंचे। जहां उन्होंने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन से मुलाकात की. इस मुलाकात के बारे में जयशंकर ने सोशल मीडियाप्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी. गंतव्य के रुप में उभरने के देते है संकेतविदेश मंत्री ने लिखा कि सिंगापुर हमारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है. वहां विचारों का आदान-प्रदान हमेशा महत्वपूर्ण होता है. उन्होंने कहा कि आजसुबह सिंगापुर में एफएम विवियन बालकृष्णन से मिलकर अच्छा लगा. बता दें कि ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैजिसमें भारत का फोकस पूर्वी एशिया और दक्षिण-पूर्वी एशिया देशों के साथ रिश्तों को और बढ़ावा देने पर है. यह मुलाकात भारत और सिंगापुर केबीच बढ़ते राजनीतिक और आर्थिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है. इसके बाद जयशंकर ने टेमासेक होल्डिंग्स के अध्यक्ष-निर्वाचित टीओ ची हीनसे मुलाकात की. जयशंकर ने इस मुलाकात के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि आज टेमासेकहोल्डिंग्स के चेयरमैन-डिजिग्नेट टीओ ची हीन से मिलकर खुशी हुई. उन्होंने कहा कि हमने इस दौरान भारत में हो रहे परिवर्तन और उसके निवेश केअवसरों पर चर्चा की. इस दौरान भारत में आर्थिक सुधारों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के साथ-साथ नए व्यापारिक अवसरों के बारे में चर्चा की गई. देखा जाए तो यह मुलाकात भारत और सिंगापुर के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों और निवेश के नए रास्तों की ओर इशारा करती है. कुल मिलाकर यहबैठक भारत के बदलते आर्थिक परिप्रेक्ष्य और वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरने के संकेत देती है. क्षेत्रीय मुद्दों पर होगा विमर्शचीन के तियानजिन में 15 जुलाई से शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ की विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. चीन के विदेश मंत्रालय कीओर से शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और प्रमुख वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार विमर्शहोगा. जयशंकर की यह यात्रा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की हाल की चीन यात्राओं के बाद हो रही है. चीनीविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि एससीओ के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक 15 जुलाई को तियानजिन में होगी. चीन की सत्ताधारीकम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर एससीओ के अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्री और संगठन केस्थायी निकायों के प्रमुख बैठक में हिस्सा लेंगे. चीन के बयान में कहा गया है कि भारत और चीन के विदेश मंत्री इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों कोसामान्य बनाने की प्रक्रिया, ऑटोमोबाइल सहित विभिन्न उत्पादों के विनिर्माण के लिए आवश्यक दुर्लभ धातुओं पर बातचीत होने की संभावना है.
AI-171 हादसे पर राजीव प्रताप रूडी का विश्लेषण टेक-ऑफ के वक्त सही स्पीड, फिर भी दोनों इंजन बंद – गंभीर तकनीकी चूक की आशंका

एअर इंडिया के विमान AI-171 के अहमदाबाद में हुए भयावह हादसे पर कॉमर्शियल पायलट और बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर कहा कि विमान टेक-ऑफ के लिए आवश्यक रफ्तारतक पहुंच चुका था. यानी टेक्निकल रूप से उड़ान भरने के लिए स्थिति सही थी फिर भी कुछ तकनीकी गड़बड़ियां हुईं. जिससे हादसा हुआ रूडी नेबताया कि रिपोर्ट के अनुसार विमान की स्पीड 180 नॉट्स थी जो टेक-ऑफ के लिए जरूरी और सामान्य है. यह स्पीड ‘रोटेशन स्पीड’ कहलाती है जिसपर विमान जमीन से ऊपर उठने लगता है लेकिन इसके तुरंत बाद विमान के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए. इमरजेंसी सिस्टम करना पड़ेगा एक्टिवइसी समय एक और संकेत मिला आरएटी (रैम एयर ट्रिब्यून) अपने-आप डिप्लॉय हो गई. जो सामान्यत: तभी होती है जब दोनों इंजन काम करना बंदकर देते हैं. राजीव प्रताप रूडी ने बताया कि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट है कि एपीयू (ऑक्सिलरी पावर यूनिट) एक्टिव हुआ और आरएटी भी अपने आपशुरू हो गई. ये दोनों सिस्टम सिर्फ तभी काम में आते हैं जब विमान में पूरी तरह से पावर फेल हो जाए. खासकर दोनों इंजन फेल हो जाने की स्थिति मेंयह इंगित करता है कि विमान में गंभीर तकनीकी गड़बड़ी हुई. जिससे पायलट को इमरजेंसी सिस्टम एक्टिव करना पड़ा. रूडी ने कहा कि जब पायलटको एहसास होता है कि विमान कंट्रोल में नहीं है. तो वह ‘फ्यूल कटऑफ स्विच’ को बंद कर देता है ताकि इंजन को दोबारा शुरू किया जा सके। यहएक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया होती है. रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट में पायलट आपस में पूछ रहे थे कि ‘तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?’ और दूसरा पायलटजवाब देता है’मैंने नहीं किया. इससे यह भी स्पष्ट होता है कि घटना अचानक हुई और कॉकपिट में भ्रम की स्थिति बन गई थी. बीजेपी सांसद ने कहाकि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और अभी कई तकनीकी पहलुओं की जांच बाकी है. एएआईबी जाएगी ईमानदारी के पूरी तह तकउन्होंने भरोसा जताया कि एएआईबी पूरी ईमानदारी से कारणों की तह तक जाएगी. उन्होंने कहा कि उड़ान भरने से पहले विमान में फ्यूल और वजन सेजुड़ी कोई दिक्कत नहीं थी यह बात रिपोर्ट में साफ लिखी गई है। इसके साथ ही राजीव प्रताप रूडी ने आखिरी में ये भी कहा कि यह हादसा एकचेतावनी है कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों. इसके लिए पूरी प्रणाली में सुधार जरूरी है तकनीकी स्टाफ, पायलट ट्रेनिंग, और विमान की नियमित जांचजैसे विषयों पर सरकार और एविएशन संस्थानों को गहराई से काम करना होगा. उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और जांच पूरी होने तकधैर्य रखने की अपील की। राजीव प्रताप रूडी ने एअर इंडिया विमान हादसे पर शुरुआती रिपोर्ट का विश्लेषण करते हुए कहा कि टेक-ऑफ के समयविमान ने सही स्पीड पकड़ी थी. लेकिन दोनों इंजन अचानक बंद हो गए. रिपोर्ट में रैट और एपीयू के एक्टिव होने को गंभीर तकनीकी संकेत माना गयाहै. रूडी ने फ्यूल स्विच के खुद बंद होने पर भी अपनी बात कही.
अंतरिक्ष से वापसी की तैयारी में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, एक्सिओम-4 मिशन भारत के गगनयान कार्यक्रम को देगा नई उड़ान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिन बिताने के बाद 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट रहे हैं. एक्सिओम-4 मिशन के तहत शुक्ला व तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोजउज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू इस यात्रा में शामिल हैं. सभी 26 जून को अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे। नासा के अनुसार, चारों यात्री 14 तारीख को भारतीय समयानुसार दोपहर 4:35 बजे क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी के लिए रवाना होंगे। यान 15 जुलाई को दोपहर 3:00 बजेकैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में उतरेगा। लौटने के बाद शुक्ला को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल होने के लिए फ्लाइट सर्जन की देखरेख मेंसात दिन गुजारने होंगे. ताकि उनकी सेहत की देखरेख की जा सके. भारत सरकार ने जानकारी दी है कि एक्सिओम-4 मिशन का ‘अंडॉकिंग’ 14 जुलाईको शाम 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार) निर्धारित किया गया है. जबकि धरती पर उनकी वापसी यानी स्प्लैशडाउन लैंडिंग 15 जुलाई को दोपहर3:00 बजे होगी.लगभग एक घंटे का हो सकता है अंतरहालांकि इन समयों में लगभग एक घंटे का अंतर हो सकता है. केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि 14 जुलाई को शाम 4:30 बजे ‘ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट’ ISS से अलग हो जाएगा. यह प्रक्रिया अंतरिक्ष में सुरक्षित वापसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।‘ड्रैगन’ यान, जिसमें शुभांशु शुक्ला अपने तीन अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ सवार होंगे, 15 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर 3:00 बजेकैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में लैंड करेगा। इस पूरी प्रक्रिया को ‘स्प्लैशडाउन’ कहा जाता है, जो आमतौर पर समुद्र में सुरक्षित उतरने का तरीकाहोता है। यह मिशन भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम ‘गगनयान’ के लिए अनुभव और तकनीकी समझ का बड़ा स्रोत बनेगा. 14 जुलाई को अंडॉकिंगसे पहले सभी गगनयात्रियों को अपने स्पेससूट पहनने होंगे। वे यान में बैठकर सभी सुरक्षा और सिस्टम परीक्षण करेंगे। अंतरिक्ष में यान की गति लगभग28,000 किलोमीटर प्रति घंटा होती है. यान धीरे-धीरे अपनी गति कम करके पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा और फिर समुद्र में लैंड करेगा. मंत्रीजितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि मिशन के समयों में एक घंटे का बदलाव हो सकता है. पृथ्वी के वायुमंडल में करेगा प्रवेशजो अंतरिक्ष की स्थितियों पर निर्भर करेगा अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शनिवार को बताया कि ड्रैगन अंतरिक्ष यान आईएसएस से चार अंतरिक्षयात्रियों के अलावा 580 पाउंड (करीब 263 किलोग्राम) से अधिक सामान, नासा हार्डवेयर और 60 से ज्यादा प्रयोगों का डाटा लेकर 15 जुलाई कोपृथ्वी पर लौटेगा।एक्सिओम-4 मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट में बताया कि वह और उनकी टीमआईएसएस पर अंतिम दिन कॉकटेल और अच्छे लोगों के साथ आनंद ले रहे हैं. उन्होंने मजाक में कहा कि शुक्ला गाजर का हलवा और आमरस लेकरआए जिसने सभी का दिल जीत लिया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि अंतरिक्ष से लौटने जा रहे शुभांशु शुक्ला कास्वास्थ्य अच्छा है और वह उत्साह से भरे हुए हैं। सात दिन के पुनर्वास के दौरान फ्लाइट सर्जन उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति की निगरानी करेंगे. बता दें कि इस मिशन के लिए इसरो ने लगभग 550 करोड़ रुपये खर्च किए हैं जो 2027 में शुरू होने वाले गगनयान मिशन की तैयारियों के लिए एकमहत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करेगा. बता दें कि आईएसएस 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा करता है. क्रू ड्रैगन ऑटोमेटिकरूप से स्टेशन से अलग होगा और धीरे-धीरे गति कम करके पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा.
लॉर्ड्स टेस्ट में ‘चोट का ड्रामा’ बना विवाद का कारण, शुभमन गिल और क्राउली के बीच तनातनी पर क्रिकेट जगत में हलचल

भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे टेस्ट के तीसरे दिन का अंतिम ओवर काफी मनोरंजन से भरपूर रहा. दरअसल भारत के ऑलआउट होनेके बाद इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए आई और ज्यादा ओवर का खेल न हो सके. इसके लिए उसके बल्लेबाज चोट लगनेका ड्रामा करने लगे। इससे भारतीय टीम नाराज हो गई थी. खासतौर पर कप्तान शुभमन गिल जिन्होंने ‘इम्पैक्ट सब्सटीट्यूट’ का इशारा कर क्राउली कोरिप्लेस करने को कहा था और इंग्लैंड टीम पर चुटकी भी ली थी. अब यह मामला चर्चा का विषय बन चुका है और दुनिया भर के क्रिकेटर्स और फैंसइस पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. इसी कड़ी में इंग्लैंड टीम के गेंदबाजी सलाहकार टिम साउदी का भी इस पर बयान आया . हैउन्होंने भारतीय कप्तानशुभमन गिल पर निशाना साधा है और कहा कि गिल ने भी कई बार बैटिंग के दौरान इस तरह के चोट की रणनीति बनाई. साउदी ने उदाहरण देते हुएकहा कि लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन गिल मैदान पर पता नहीं मसाज (मालिश) क्यों ले रहे थे. वहीं केएल राहुल ने कहा कि भारतीय फील्डर्स और घरेलूटीम के सलामी बल्लेबाजों के बीच हुई तीखी बहस टेस्ट क्रिकेट में एक कठिन मुकाबले का सार थी. मजाकिया अंदाज में दिया जवाबखासतौर पर स्ट्राइक पर मौजूद रहे जैक क्राउली की तरफ से खूब ड्रामा हुआ क्राउली जसप्रीत बुमराह के रन अप के बाद स्ट्राइक से हट गए थे बुमराहने अंपायर से इसकी शिकायत भी की. फिर क्राउली ने अगली गेंद को सीधे बल्ले से खेलने के बावजूद अंगुली में चोट का नाटक किया। इस परभारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें घेर लिया. कुछ खिलाड़ियों ने क्राउली की इस हरकत पर ताली बजाई तो भारतीय कप्तान शुभमन गिल ताली बजाते हुएउनके करीब पहुंचे और इम्पैक्ट सब का इशारा करते हुए क्राउली से वापस जाने को कहा. इस पर क्राउली भी बौखला गए और कुछ-कुछ कहने लगेफिर गिल ने क्राउली को अंगुली दिखाकर चेतावनी भी दी. इस पर बेन डकेट भी गिल के पास पहुंचे और कुछ कहते दिखाई दिए। गिल ने उनका भीमुंहतोड़ जवाब दिया. ओवर की आखिरी गेंद पर क्राउली बीट हुए तो बिना कुछ बोले पवेलियन की ओर लौट पड़े. टिम साउदी ने इस पर बयान देतेहुए कहा ‘यह अच्छा है. अंत में दोनों टीमों की तरफ से जोश देखना हमेशा रोमांचक होता है. दूसरे दिन के खेल के बीच में जब गिल मालिश करवानेके लिए बीच मैदान में लेटे हुए थे. तो पता नहीं वह किस बात की शिकायत कर रहे थे. यह स्पष्ट रूप से खेल का हिस्सा है. दिन के अंत में यह दिनखत्म करने का एक रोमांचक तरीका है. क्राउली की चोट के बारे में पूछे जाने पर साउदी ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया. फिलहाल है तीनों नतीजे संभवउन्होंने कहा हां क्राउली की रात भर जांच की जाएगी. उम्मीद है कि वह चौथे दिन खेलने के लिए ठीक होंगे और बल्लेबाजी के लिए आएंगे. राहुल नेकहा कि क्राउली की रणनीति उन्हें समझ में आती है क्योंकि वह खुद एक सलामी बल्लेबाज हैं. उन्होंने कहा, ‘तीसरे दिन के अंत में जो हुआ वह अबखेल का हिस्सा है. मैं एक सलामी बल्लेबाज के नजरिए से समझता हूं. मुझे ठीक-ठीक पता है कि क्या हो रहा था और सभी को ठीक-ठीक पता है. लेकिन एक सलामी बल्लेबाज पूरी तरह समझ जाएगा कि आखिरी पांच मिनट में क्या हुआ. गिल भी जोश में थे और स्टंप माइक से आए ऑडियो मेंउनकी भावनाएं झलक रही थीं राहुल ने कहा, ‘मैंने उन्हें कई बार जोश में देखा है. लेकिन जाहिर है कि यहां हम दो ओवर फेंकना चाहते थे छह मिनटबचे थे और इसमें दो ओवर कोई बड़ी बात नहीं है. कोई भी टीम छह मिनट में दो ओवर फेंक लेगी.राहुल ने कहा अंत में मैच थोड़ा नाटकीय था. हमसभी उत्साहित थे क्योंकि हम जानते हैं कि जब आप पूरे दिन मैदान पर रहे हों तो बल्लेबाज के लिए दो ओवर बल्लेबाजी करना कितना मुश्किल होताहै. हमें उम्मीद थी कि हम वहां एक विकेट ले पाएंगे और दिन के खेल के अंत में एक विकेट हमारे लिए एकदम सही होता. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारीमें 387 रन बनाए थे। जवाब में भारत की पहली पारी भी 387 रन पर समाप्त हुई. इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में बिना विकेट गंवाए दो रन बना लिएहैं मैच रोमांचक मोड़ पर है और दो दिन का खेल बाकी है फिलहाल तीनों नतीजे संभव हैं.
शालीमार बाग में बिजली के तार होंगे भूमिगत, दिल्ली में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बड़ा कदम

शालीमार बाग के बीएच (पूर्व) ब्लॉक में शनिवार को बिजली के ऊपरी तारों को भूमिगत करने के पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो गया. परियोजना में 8.07 करोड़ की लागत से 5500 परिवारों को सुरक्षित और निर्बाध बिजली मिलेगी साथ ही क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी. तीन महीने में काम पूरा करने कीयोजना है मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परियोजना शुरू करते हुए कहा है कि दिल्ली के अन्य इलाकों में भी बिजली के तारों का जाल समाप्त किया जाएगा. पायलट प्रोजेक्ट के तहत 5 किमी लंबी एचटी और एलटी तारों को हटाकर 10 किमी एलटी (440 वोल्ट) और 1.2 किलोमीटर एचटी (11 केवी) नेटवर्क बिछाया जाएगा. साथ ही 23 नए डबल सोर्स फीडर पिलर बॉक्स और जीआई ऑक्टागोनल पोल के साथ सीसीएमएस स्विच लगाए जाएंगे, जिससे रात में बेहतर रोशनी और चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति होगी. 100 करोड़ रुपये का रखा गया बजटमुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना तीन महीने में पूरी होगी और दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी इसे लागू करने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखागया है. यह कदम न केवल बिजली व्यवस्था को विश्वसनीय बनाएगा बल्कि खुले तारों से होने वाले हादसों को भी रोकेगा. मौके पर ऊर्जा मंत्री आशीषसूद ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विजन का हिस्सा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली स्मार्ट और हरित शहर बनने की राहपर है। शालीमार बाग में कई विकास कार्य चल रहे हैं। सहीपुर गांव में 10 लाख रुपये की लागत से नई सीवर लाइन और नालियां बन रही हैं. 25 लाख रुपये की लागत से आरएमसी सड़क बनाई जा रही है आईजीएल नेटवर्क का काम भी शुरू है. कनिष्का अपार्टमेंट में 23.48 लाख रुपये सेबाउंड्री वॉल बन रही है और सहीपुर पार्क की दीवार का निर्माण भी शुरू है. पूरी दिल्ली में इस तरह के विकास कार्य जल्द होते नजर आएंगे. बिजली के तारों का किया जाएगा जाल समाप्तमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परियोजना शुरू करते हुए कहा है कि दिल्ली के अन्य इलाकों में भी बिजली के तारों का जाल समाप्त किया जाएगा. परियोजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “यह केवल शालीमार बाग की सुंदरता और सुरक्षा को बढ़ाने की पहल नहीं है. बल्किपूरे दिल्ली को स्मार्ट और हरित शहर बनाने की दिशा में पहला ठोस कदम है. उन्होंने बताया कि दिल्ली के अन्य इलाकों में भी ऐसी ही परियोजनाएंशुरू की जाएंगी. जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है. दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विजन से जोड़ते हुए कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट भविष्य के भारत की बुनियाद रखेगा. जहां हर नागरिक को सुरक्षित औरगुणवत्ता युक्त बिजली मिलेगी। यह पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली में अधोसंरचना सुधार के लिए एक मॉडल बनेगा. इससे न केवल बिजली व्यवस्थामजबूत होगी. बल्कि खुले तारों से होने वाले हादसे भी रुकेंगे. आने वाले महीनों में दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी इसी तरह की परियोजनाओं कीशुरुआत होने की उम्मीद है.
राज्यसभा के लिए नामित चार दिग्गजों को पीएम मोदी की शुभकामनाएं, बताया राष्ट्रीय सेवा में उत्कृष्ट योगदानकर्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए चारों लोगों को शुभकामनाएं दी. इसमें पूर्वविदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम, केरल भाजपा नेता सी सदानंदनमस्ते और इतिहासकार मीनाक्षी जैन का शामिल है. बता दें कि शनिवार रात को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति मुर्मूने संविधान के अनुच्छेद 80(1)(क) के खंड (3) द्वारा उन्हें दी गई शक्तियों के अंतर्गत राज्यसभा के लिए चार लोगों को मनोनीत किया है। इनमेंसरकारी वकील उज्ज्वल देवराव निकम, केरल के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सी. सदानंदन मस्ते, भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धनश्रृंगला और प्रख्यात इतिहासकार एवं शिक्षाविद् मीनाक्षी जैन का नाम शामिल है. सोशल मीडिया एक्स पर किया पोस्टये नामांकन पूर्व में नामित सदस्यों की सेवानिवृत्ति के कारण खाली पड़ी सीटों को मद्देनजर किए गए हैं.प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मएक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उज्जवल निकम का विधायी क्षेत्र और संविधान के प्रति समर्पण प्रशंसनीय है. वह न केवल एक सफल वकील रहे हैंबल्कि महत्वपूर्ण मामलों में न्याय की प्राप्ति के लिए भी अग्रणी रहे हैं उनका नामांकन राज्यसभा में उनके उत्कृष्ट कार्य का सम्मान है. वहीं पूर्व विदेशसचिव हर्षवर्धन श्रृंगला को राज्यसभा में नामित होने पर पीएम मोदी ने शुभाकामनाएं देते हुए श्रेष्ठ कूचनीतिज्ञ बताया. पीएम मोदी ने श्रृंगाल कीसराहना करते हुए कहा कि वह एक श्रेष्ठ कूटनीतिज्ञ और रणनीतिक विचारक हैं. भारत की विदेश नीति में उनके योगदान ने भारत को नई ऊंचाइयों तकपहुंचाया है. उनका नामांकन राज्यसभा में भारत की विदेश नीति के दृष्टिकोण को और समृद्ध करेगा. अन्याय के सामने न झुकने की मिसालसाथ ही केरल भाजपा नेता और शिक्षक सदानंदन मस्ते को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सदानंदन मास्ते का जीवन साहस और अन्याय के सामनेन झुकने की मिसाल है. शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय है. युवा सशक्तिकरण के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायक है.वहींअतं में प्रधानमंत्री मोदी ने मीनाक्षी जैन के राज्यसभा के लिए नामित होने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि मीनाक्षी जैन एक कुशल शोधकर्ता औरइतिहासकार हैं. जिनका काम शिक्षा, साहित्य और राजनीति विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान है. उनका नामांकन राज्यसभा में हमारे अकादमिक दृष्टिकोणको और समृद्ध करेगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रींगला, 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले के विशेष लोकअभियोजक उज्जवल निकम केरल भाजपा नेता सी सदानंदन मस्ते और इतिहासकार मीनाक्षी जैन की राज्यसभा में नामांकन पर उन्हें सराहा. पीएम मोदीने कहा कि इन चारों का क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर योगदान अद्वितीय है और उनकी विशेषज्ञता संसद की कार्यवाही को समृद्ध करेगी.
बिहार में वोटर लिस्ट में घुसे विदेशी नागरिक, चुनाव आयोग ने की पुष्टि 30 सितंबर तक होगी सफाई

बिहार में मतदाता पुनरीक्षण कार्य जारी है पिछले कुछ दिनों से सवाल उठ रहे थे कि बिहार में अवैध अप्रवासी भी यहां के मतदाता बन गए हैं. अबइसकी पुष्टि चुनाव आयोग ने कर दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने बिहार में चल रही मतदाता सूची की गहन समीक्षा के दौरानपाया कि इसमें नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों बड़ी संख्या में शामिल हैं. क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर इसकी जांच की तो पताचला. चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा कि अवैध प्रवासियों के नाम अंतिम निर्वाचन सूची में नहीं शामिल किए जाएंगे. यह 30 सितंबर को प्रकाशित कीजाएगी इसके लिए ऐसे लोगों की उचित जांच एक अगस्त के बाद की जाएगी. चुनाव आयोग अंततः भारत भर में विदेशी अवैध प्रवासियों को हटाने केलिए मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा करेगा. बारीकी से की जा रही निगरानीजिसमें उनके जन्म स्थान की जांच की जाएगी बिहार इस वर्ष चुनावों में जाएगा. जबकि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे पांचअन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव 2026 में निर्धारित हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के 38 जिला निर्वाचनअधिकारियों (डीईओ), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और 963 सहायक ईआरओ (एईआरओ) सहित क्षेत्र स्तरीय टीमों की निर्वाचनअधिकारी की ओर से बारीकी से निगरानी की जा रही है. चुनाव आयोग के इन प्रयासों के साथ ही सभी राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 1.5 लाखबीएलए भी घर-घर जाकर हर मौजूदा मतदाता को शामिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं,100 फीसदी मुद्रण पूरा होने और अपने पते पर पाएगए सभी मतदाताओं को मतदाता सूची वितरण का काम लगभग पूरा होने के बाद, आज शाम 6 बजे तक संग्रह 6,32,59,497 या 80.11 फीसदीपार कर गया. 4 मतदाताओं ने जमा की सूचीइसका मतलब है कि बिहार में हर 5 में से 4 मतदाताओं ने मतदाता सूची जमा कर दी है. इस गति से अधिकांश ईएफ 25 जुलाई 2025 से काफीपहले एकत्र किए जाने की संभावना है।चुनाव आयोग के अधिकारियों ने ग्राउंड रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि घर-घर जाकर की गई जांच केदौरान बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा एक बड़ी संख्या में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों का नाम मतदाता सूची में पाया गया है. आयोग नेबताया कि सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका भी इस प्रक्रिया में अहम है. वे न केवल संदिग्ध प्रवासियों की जानकारी दे रहे हैं बल्किसही मतदाताओं को सूची में जोड़ने में भी मदद कर रहे हैं। चुनाव आयोग की यह कार्रवाई बिहार को साफ-सुथरे और निष्पक्ष चुनावों की ओर ले जानेका महत्वपूर्ण कदम है. आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि यह प्रक्रिया कितनी पारदर्शिता और कुशलता से पूरी की जाती है।चुनावआयोग के अनुसार, अवैध प्रवासियों की गहन जांच प्रक्रिया 1 अगस्त 2025 से शुरू की जाएगी. इसके तहत जन्म स्थान, पहचान पत्र, और नागरिकतादस्तावेजों की पुष्टि की जाएगी. आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह देशभर में चलाया जाएगा.
राहुल गांधी का नोएडा का गोपनीय दौरा फैक्टरी में कर्मचारियों से की बातचीत, उत्पादन प्रक्रिया का लिया जायजा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे होते हुए ईकोटेक-3 स्थित एक इलेक्ट्रॉनिककंपनी पहुंचे। यहां उन्होंने कंपनी का कामकाज देखा. वहीं कर्मचारियों से भी उनके बारे में जाना. इस दौरान गाजियाबाद से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एवंकांग्रेस नेता डॉली शर्मा भी मौजूद रहीं. राहुल गांधी का काफिला दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कंपनी पहुंचा। यहां उन्होंने लगभग ढाई घंटे का समयबिताया. इस दौरान उन्होंने कंपनी में बन रहे टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की उत्पादन प्रक्रिया को बारीकी से समझा और कर्मचारियों सेसंवाद भी किया. राहुल गांधी के इस दौरे को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत स्थानीय नेताओं को भी इसकी जानकारी नहींदी गई. कांग्रेस नेता के भाई के शादी में नहीं हुए शामिल राहुल गांधीवहीं मीडिया से भी दूरी बनाई रखी गई. राहुल गांधी एक्सप्रेसवे के रास्ते परी चौक, अल्फा चौक, एलजी चौक होते हुए फैक्टरी पहुंचे. उनके काफिलेके गुजरते समय कुछ देर के लिए ट्रैफिक को रोकना पड़ा, जिससे मार्ग पर हल्का जाम भी लगा.सुरक्षा के दृष्टिगत फैक्टरी के आसपास बड़ी संख्या मेंपुलिस बल तैनात रहा. कांग्रेस नेता के भाई की शादी में राहुल गांधी शामिल नहीं हो सके थे. इस कारण उन्होंने कंपनी पहुंचकर परिवार के लोगों सेमुलाकात की. दौरे के दौरान राहुल गांधी ने औद्योगिक क्षेत्र की जमीनी हकीकत को देखा. हालांकि कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को भी इसकी भनकतक नहीं लगी. उनके अचानक दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना रहा. वहीं राहुल गांधी के दौरे के मद्देनजरएडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा हृदेश कठेरिया और एसीपी बीएस वीर स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए. दौरे के दौरान रही कड़ी सुरक्षाकांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर नोएडा के सेक्टर-31 स्थित में अपने पारिवारिक डॉक्टर की क्लीनिक पर फिजियोथेरेपी के लिए आते रहते हैं. फिजियोथेरेपी के बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो जाते हैं. इसे पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है. उनकी मां और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी भीनोएडा आती रहती हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नोएडा की एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी का गोपनीय दौरा कर उत्पादन प्रक्रिया देखी और कर्मचारियों सेसंवाद किया. दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. स्थानीय नेताओं को भी जानकारी नहीं थी. एडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा हृदेश कठेरिया औरएसीपी बीएस वीर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी खुद कर रहे थे। फैक्टरी परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती भी भारी रही. बतायाजा रहा है कि राहुल गांधी एक कांग्रेस नेता के परिवारिक समारोह में शामिल नहीं हो पाए थे. जिसकी भरपाई के लिए उन्होंने कंपनी में पहुंचकरमुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नोएडा के औद्योगिक विकास और ग्राउंड रियलिटी को भी देखा.
कपिल सिब्बल का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, बिहार में चल रही मतदाता समीक्षा प्रक्रिया को बताया असंवैधानिक

राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग (ईसी) पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि यह संस्था अब मोदी सरकार कीकठपुतली बन चुकी है। उन्होंने बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया और दावा किया कि यह प्रक्रियाबहुसंख्यकवादी सरकारों को सत्ता में बनाए रखने का प्रयास है.पूर्व कानून मंत्री सिब्बल ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि चुनाव आयोगको नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी ब्लॉक स्तर के अधिकारी के माध्यम से यह तय करना कि कौन नागरिक है औरकौन नहीं संविधान का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया गरीब, दलित और आदिवासी वोटरों के नाम हटाकर बहुसंख्यक सरकार के पक्ष मेंचुनाव परिणाम तय करने का तरीका है. कपिल सिब्बल ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से चुनाव आयोग की निष्पक्षता खत्म होतीगई है. खुद इस मामले का है अधिवक्ताउनका कहना है कि हर नया चुनाव आयुक्त अपने पूर्ववर्ती से भी अधिक सरकार के अनुकूल काम करता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब से यह सरकारआई है आयोग की स्वतंत्रता पर विश्वास करना मुश्किल हो गया है जब उनसे सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम टिप्पणियों पर सवाल किया गया तो सिब्बल नेकोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि वे खुद इस मामले में अधिवक्ता हैं. इसलिए कोर्ट के निर्देशों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करनाउचित नहीं होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग कोर्ट की बातों को गंभीरता से लेगा और विवाद को आगे नहीं बढ़ने देगा। सुप्रीम कोर्ट नेआयोग से कहा है कि वह आधार, वोटर आईडी और राशन कार्ड को SIR में वैध दस्तावेजों के रूप में भी स्वीकार करे. हालांकि आयोग के वकीलों नेइसका विरोध किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वे आयोग को बाध्य नहीं कर रहे. लेकिन आयोग को उचित कारणों के साथ फैसला लेना होगा। कोर्ट नेयह भी कहा कि आयोग को वह सब करना चाहिए जो संवैधानिक रूप से उसके अधिकार में है लेकिन जो अधिकार नहीं है उसमें हस्तक्षेप नहीं होनाचाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दाखिल 10 याचिकाओं पर 28 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है. प्रमुख मुद्दों को किया गया चिन्हितकोर्ट ने आयोग को एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है. उसके बाद याचिकाकर्ता भी अपना जवाब देंगे. कोर्ट ने SIR की प्रक्रिया पर सवालउठाते हुए तीन प्रमुख मुद्दों को चिन्हित किया है – आयोग की शक्तियां, प्रक्रिया का तरीका और समय-सीमा। ये तीनों पहलू आने वाली सुनवाई मेंअहम होंगे. राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग को मोदी सरकार की कठपुतली बताया और बिहार में चल रही विशेष पुनरीक्षण प्रक्रियाको असंवैधानिक करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया गरीबों और अल्पसंख्यकों के वोट काटकर बहुसंख्यक सरकार को फायदा पहुंचानेके लिए हो रही है सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में आयोग से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। उन्होंने आरोप लगाया किब्लॉक स्तर के अधिकारी जिनके पास जांच का अधिकार नहीं होना चाहिए. वे अब नागरिकता तय करने का कार्य कर रहे हैं जो संविधान का घोरउल्लंघन है. सिब्बल ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम टिप्पणियां आयोग के अधिकारों की सीमा तय करने की दिशा में अहम हैं. कोर्ट नेचुनाव आयोग से कहा है कि वह आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने पर विचार करे.