बिहार की शिक्षा व्यवस्था का हाल लॉटरी से प्रिंसिपल की नियुक्ति और छात्रों का उजड़ता भविष्य – कन्हैया कुमार

बिहार से हाल ही में एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां कॉलेजों में प्रिंसिपल यानी प्रधानाचार्य की नियुक्ति लॉटरी के जरिए की गई। जीहां, आप सही पढ़ रहे हैं – पढ़ाई और शिक्षा जैसे गंभीर विषय में भी अब लॉटरी निकाली जा रही है। इतना ही नहीं, इस लॉटरी के बाद महिलाकॉलेजों में भी पुरुष प्रिंसिपल नियुक्त कर दिए गए। इस पूरे मामले पर जब लोगों ने सवाल उठाए, तो विश्वविद्यालय के कुलपति यानी वाइसचांसलर सफाई देने सामने आए। उन्होंने कहा कि शहर के कॉलेजों में प्रधानाचार्य बनने के लिए बड़े-बड़े लोगों की सिफारिश आती है, इसलिए उन्होंनेलॉटरी निकाली ताकि कोई पक्षपात न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है जिसमें लिखा हो कि महिला कॉलेज काप्रधानाचार्य पुरुष नहीं हो सकता। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ नियम में न होने से सब जायज हो जाता है? क्या महिला कॉलेज में लड़कियोंकी भावनाएं, सुरक्षा और सुविधा कोई मायने नहीं रखतीं? क्या यही सोचकर लड़कियों को पढ़ने भेजा जाता है कि कोई भी प्रिंसिपल बन जाएगा, चाहेउसकी समझ हो या नहीं? बिहार की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाईबिहार में शिक्षा व्यवस्था का जो हाल है, उस पर एक पुरानी कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है –अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा।यानी, यहां जो जैसा चाहे, वैसा कर सकता है। कोई नियम, कोई व्यवस्था नहीं। आज बिहार में जो कॉलेज और विश्वविद्यालय चल रहे हैं, वे दिखने मेंतो ‘उच्च शिक्षा’ के केंद्र हैं, लेकिन असलियत में वहां पढ़ाई नाम की कोई चीज़ नहीं होती। छात्रों का भविष्य अंधेरे में है। कॉलेजों की असली तस्वीरचार कमरे वाले कॉलेज में हजारों छात्रों का नामांकन हो जाता है।, पढ़ाई के लिए जरूरी चीजें – जैसे किताबें, लाइब्रेरी, लैब कुछ भी नहीं होता।, कक्षाएं नियमित नहीं होतीं, कई बार महीनों तक क्लास नहीं लगती।, परीक्षा समय पर नहीं होती, सेशन सालों तक खिंचते हैं।कॉलेजों की इमारतें खस्ताहाल हैं, बैठने तक की जगह नहीं होती।छात्रों को सारी व्यवस्था खुद करनी पड़ती है – किताब खरीदनी, नोट्स ढूंढने, और प्रैक्टिकल खुद से करना।छात्र लाखों रुपये खर्च कर पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन न उन्हें पढ़ाया जाता है, न समझाया जाता है, न किसी शिक्षक से सही मार्गदर्शन मिलता है। डिग्री के लिए भी रिश्वतइतना ही नहीं, जब छात्र पढ़ाई पूरी कर डिग्री लेने जाते हैं, तो उनसे ‘मिठाई’ के नाम पर रिश्वत मांगी जाती है। यानी, पढ़ाई के बाद भी डिग्री लेने केलिए जेब ढीली करनी पड़ती है। यह सब बताता है कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के जाल में फंसी हुई है। लॉटरी से प्रिंसिपल बनाना – क्या मजाक है?शिक्षा जैसे गंभीर क्षेत्र में लॉटरी से नियुक्ति करना, एक मजाक से कम नहीं है। यह दिखाता है कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों केभविष्य की कोई चिंता नहीं है। असल में यह सिर्फ लॉटरी नहीं हैयह उस पूरी व्यवस्था की पोल खोलता है, जिसमें सिफारिश, घूस और पहुँच के आधार पर नियुक्तियाँ होती हैं। वाइस चांसलर भी वही बनते हैंजिनकी सरकार में पहुँच हो। ये लोग फिर कॉलेज को कमाई का जरिया बनाते हैं छात्रों से पैसा वसूलो, कमीशन ऊपर तक पहुंचाओ। क्या यही है विकास?आज जब प्रधानमंत्री बिहार आते हैं, तो कहते हैं कि बिहार विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है। लेकिन सवाल यह है कि अगर यही विकास है, तो विनाशकिसे कहेंगे?जहां छात्रों को पढ़ाई न मिले, जहां शिक्षकों की नियुक्ति लॉटरी से हो,जहां छात्रों से रिश्वत ली जाए, जहां कॉलेज सिर्फ नाम के हों तो यह कैसा विकास है?कन्हैया कुमार की अपील जागो, सोचो और बदलाव लाओ कन्हैया कुमार, जो खुद भी बिहार से हैं और छात्रों की आवाज़ रहे हैं, साफ कहते हैं जिससरकार को आपकी चिंता नहीं, उसकी कुर्सी छीन लो। चुनाव हर 5 साल में इसलिए होते हैं ताकि जनता अपना नेता चुन सके। अगर कोई सरकारआपके बच्चों को शिक्षा न दे, आपके भविष्य की परवाह न करे, तो उसे बदलना ही होगा। बिहार में अपराध भी बढ़ रहा हैशिक्षा के साथ-साथ कानून व्यवस्था भी बदहाल है। हर दिन बिहार के किसी न किसी शहर में गोली चलती है। अपराधी खुलेआम घूमते हैं। पुलिसकुछ नहीं कर पाती। और सरकार के मंत्री कहते हैं – संगठित अपराध खत्म हो गया है असलियत यह है कि डबल इंजन सरकार की दिशा ही अलग-अलग है – एक इंजन दिखावे की बात करता है, दूसरा इंजन जनता को कुचलने का काम करता है। अब समय है बदलाव काबिहार के युवाओं से अपील है कि अब चुप बैठने का समय नहीं है।पढ़ाई चाहिए, रोजगार चाहिए, सुरक्षा चाहिए और सबसे ज़रूरी सम्मान चाहिएजो सरकार आपकी बात न सुने, उसे आप भी मत सुनो। अब समय है आवाज़ उठाने का, अब समय है व्यवस्था को बदलने का। अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे बेहतर पढ़ें, नौकरी करें, जीवन में आगे बढ़ें – तो ऐसी व्यवस्था को बदलना होगा, जो उन्हें केवल अंधकार मेंधकेल रही है।बिहार के भविष्य की लड़ाई अब हर घर से लड़ी जाएगी। अब शिक्षा, रोजगार और न्याय के लिए आवाज़ उठेगी – मजबूती से, ईमानदारी से और पूरी ताकत से।
चीन से दोस्ती, देश की सुरक्षा से खिलवाड़ – सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार से पूछे बड़े सवाल

आज पहलगाम आतंकी हमले को 85 दिन हो चुके हैं। इस हमले में 28 लोगों की जान गई, लेकिन अब तक एक भी आतंकवादी की गिरफ्तारी नहींहुई, और न ही किसी की पहचान सामने आई है। इस गंभीर स्थिति पर अब देश की जनता और विपक्षी नेता सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रियाश्रीनेत ने सरकार से कुछ सीधे और सख्त सवाल किए हैं। सेना ने खुद बताया चीन भी शामिल थादेश की सेना के उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने खुद कहा है हम पाकिस्तान से नहीं, बल्कि पाकिस्तान और चीन दोनों से लड़ रहेथे। चीन ने पाकिस्तान को मदद दी, जानकारी दी और हथियार भी दिए। इसका मतलब है कि जब हमारे जवान ऑपरेशन सिन्दूर चला रहे थे, तब चीनभी पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ काम कर रहा था। फिर विदेश मंत्री चीन क्यों गए?अब चौंकाने वाली बात ये है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर हाल ही में चीन की यात्रा पर गए और वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। उन्होंनेचीन से रिश्तों को सुधारने की बात भी कही। सवाल है जब चीन हमारे दुश्मनों को मदद कर रहा है, तब हम उसके साथ दोस्ती क्यों दिखा रहे हैं? राहुल गांधी पहले ही चेतावनी दे चुके थेराहुल गांधी ने बहुत पहले संसद और जनता के बीच ये बात कही थी कि अगर चीन और पाकिस्तान साथ आए, तो भारत के लिए यह बहुत खतरनाकहोगा। आज वही हो रहा है। लेकिन सरकार ने उनकी बात को हल्के में लिया। ज्योति मल्होत्रा का मामला – क्या यह सिर्फ संयोग है?ज्योति मल्होत्रा नाम की महिला को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।यह महिला खुद को हरियाणा बीजेपी की सदस्य बताती थी।यह पाकिस्तान गई थी और वहां के खुफिया एजेंटों से मिली थी।ज्योति बीजेपी के कई कार्यक्रमों में शामिल हुई थी, जैसे कि वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन में।इसके पाकिस्तान हाई कमीशन में कार्यरत एक अधिकारी दानिश से गहरे संबंध थे।कहा जा रहा है कि जब ऑपरेशन सिन्दूर चल रहा था, तब भी वो पाकिस्तान के संपर्क में थी। क्या बीजेपी को यह नहीं पता था कि वह महिला कौनहै?क्यों उसे इतने बड़े सरकारी मंचों पर बुलाया गया?क्या इसके पीछे किसी का संरक्षण था? ऐसे कई मामले पहले भी आए हैं सामनेसुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि ये पहली बार नहीं है जब ऐसे लोग बीजेपी से जुड़े पाए गए हैंध्रुव सक्सेना – बीजेपी आईटी सेल का सदस्य था, पकड़ा गया पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए।बुरहान वानी – जिसे आतंकवादी माना जाता है, उसकी हत्या को बीजेपी नेताओं ने ‘दुर्घटना’ कहा।पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की एजेंसी को भारत बुलाया गया।प्रधानमंत्री मोदी खुद पाकिस्तान चले गए थे, बिना देश को बताए।आसिया अंद्राबी, जो भारत विरोधी बातें करती थी, उसे ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान में जगह दी गई।डीआरडीओ अधिकारी प्रदीप कुरुलकर, जो संघ से जुड़ा था, पकड़ा गया पाकिस्तानी एजेंट से संपर्क में। अब देश पूछ रहा है क्या सरकार को जवाब देना नहीं चाहिए?सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार से साफ सवाल पूछे जब सेना कह रही है कि चीन हमारे दुश्मन के साथ था, तो आप चीन से दोस्ती क्यों कर रहे हैं?विदेश मंत्री जयशंकर चीन के राष्ट्रपति से मिलकर क्या संदेश देना चाहते हैं?ज्योति मल्होत्रा को बीजेपी कार्यक्रमों में क्यों बुलाया गया?क्या सरकार ने उसके पाकिस्तान कनेक्शन की जांच की थी?28 शहीदों के परिवारों को अब तक इंसाफ क्यों नहीं मिला? चीन का बढ़ता असर और भारत की चुप्पीचीन ने पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान को 81% हथियार दिए।चीन ने भारत की ज़मीन पर गांव बसा लिए हैं। चीन ने हमारे नक्शों के नाम बदलदिए और हमारे भूभाग पर दावा किया।चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 30 से अधिक इलाकों का नाम बदल दिया।भारत की सेना आज अपनी ही ज़मीन पर गश्त नहीं कर पा रही, क्योंकि चीन की सहमति का इंतजार करना पड़ता है। देश आज सवाल पूछ रहा है।क्या हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं?क्या 28 लोगों की शहादत का जवाब अब भी नहीं मिलेगा?क्या सरकार को सिर्फ चीन से व्यापार करना और रिश्ते सुधारना ज़रूरी लगता है?सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है कि सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। देश की जनता को सच जानने का हक है। जब हमारे जवान तीन मोर्चों पर लड़रहे थे, तब सरकार चीन के साथ हाथ मिला रही थी।
लखनऊ में विश्व युवा कौशल दिवस पर भव्य कौशल मेला, CM योगी ने किया उद्घाटन “262 ITI होंगे अपग्रेड”

राजधानी लखनऊ में मंगलवार को विश्व युवा कौशल दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पर कौशल मेले का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया. यह आयोजन प्रदेश के 75 जिलों से कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों में एआई नवाचार से जुड़ेप्रशिक्षणार्थियों के लिए आयोजित किया गया. इस मौके पर MNIT इलाहाबाद के साथ कौशल विकास मिशन ने MOU भी किया. इससे कौशलप्रशिक्षण में स्मार्ट प्रौद्योगिकी को बढ़ावा और प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा. इस अवसर पर इंडस्ट्री पार्टनर को सम्मानित किया गया. 262 राजकीय आईटीआई को अपग्रेड करने के लिए टाटा के सुशील कुमार समेत कई ट्रेनिंग पार्टनर को भी सम्मानित किया गया. बदलने के लिए किए ये सभी प्रयासइस मौके पर सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कार्य और मानव संसाधन की कोई कमी नहीं है हमारे पास स्केल है. लेकिन उसे स्किल में बदलने केलिए ये सभी प्रयास प्रारंभ किए गए हैं. इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार दो करोड़ युवाओं को सक्षम बनाने के लिए स्मार्ट फोन और टैबलेट उपलब्ध करारही है. कार्यक्रम में संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सीएम युवा आइकन हैं. उनकाआगमन हमें ऊर्जा देगा। पीएम मोदी और सीएम योगी का सपना है कि युवा कैसे कुशल हो? नौकरी लेने वाला ही नहीं देने वाला भी बने। युवाओं केबिना 10 खराब डालर की अर्थव्यवस्था बनाना संभव नहीं है.आईटीआई को पहले तबेले में तब्दील कर दिया था ट्रेनिंग नहीं होती थी सीएम के नेतृत्वमें सुधार किया गया. 60 आईटीआई को बेहतर किया गया. टाटा के सहयोग से आठ हजार करोड़ लगाकर 212 आईटीआई को अपग्रेड कर रहे हैं. अत्याधुनिक क्षेत्र में प्रशिक्षण दे रहे हैं. ट्रेनिंग देकर भेज रहे है इंडस्ट्रीयुवाओं को ट्रेनिंग देकर इंडस्ट्री में भी भेज रहे हैं. भवनों को बेहतर किया गया है प्रदेश के किसी भी आईटीआई में नई तकनीकी के साथ काम करते हुएमिलेंगे. पांच जिले में टाटा के सहयोग से इनक्यूबेशन सेंटर बनने हैं इसमें एक मुजफ्फरनगर में भी है। आईटीओटी में आधा दर्जन नए ट्रेड में प्रशिक्षण देरहे हैं. सीएम स्वरोजगार योजना में पांच लाख तक का ऋण दे रहे हैं 600 इंटर कॉलेज में प्रोजेक्ट प्रवीण चल रहा है. आईटीआई करने वाले युवाप्रशिक्षण के बाद बेरोजगार नहीं रहेंगे. इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, MSME मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री मन्नू कोरी, मुख्य सचिवमनोज कुमार सिंह, सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी, कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम समेत अन्य लोग उपस्थित रहे. विश्वयुवा कौशल दिवस पर लखनऊ में कौशल मेले का आयोजन किया गया. सीएम योगी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर 15 यूथ आइकनको सम्मानित किया गया.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन करते हुए ज़ोर दिया कि UP के पास कार्यबल तो है लेकिन उसे कौशल में परिवर्तितकरने की आवश्यकता है जिसकी शुरुआत ये पहलें कर रही हैं.इस मौके पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, MSME मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री मन्नूकोरी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, एवं सलाहकार अवनीश अवस्थी मौजूद रहे.
हर्रावाला कैंसर अस्पताल के संचालन पर कैबिनेट में फैसला जल्द, PPP मोड में राजीव गांधी संस्थान को दी जा सकती है जिम्मेदारी

सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल हर्रावाला के संचालन पर कैबिनेट में फैसला होगा. पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर अस्पताल कासंचालन राजीव गांधी कैंसर संस्थान नई दिल्ली को देने की तैयारी चल रही है. कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के लिए देहरादून केहर्रावाला में 106 करोड़ की लागत से 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल बन कर तैयार है. प्रदेश सरकार कैंसर अस्पताल को पीपीपीमोड पर संचालित करने का फैसला ले चुकी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल के संचालन के लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधानकेंद्र के साथ वार्ता हो चुकी है। इस पर फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा. बता दें कि वर्ष 2020 में सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल का शिलान्यासकिया गया था. इस अस्पताल का निर्माण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत केंद्र व प्रदेश सरकार के वित्तीय सहयोग से किया गया. इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे राज्यों मेंअस्पताल के शुरू होने से कैंसर मरीज को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा. उन्हें कैंसर से संबंधित सभी जांच, परामर्श, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी व अन्य उच्च स्तरीय सर्जरी की सुविधा अस्पताल में मिलेगी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना है कि कैंसर अस्पताल को पीपीपीमोड पर चलाने के लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान से बात चल रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल हर्रावाला केसंचालन के लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र के साथ वार्ता हो चुकी है इस पर फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा. PPP मॉडल मेंअस्पताल निर्माण की लागत राज्य-केन्द्र साझेदारी से उठाई गई थी और अब संचालन की जिम्मेदारी निजी (या गोव-पार्टनर NGO) संस्था को दीजाएगी. जिससे गुणवत्ता और दक्षता में सुधार की उम्मीद है. संचालित करने का प्रस्ताव किया तैयारराज्य सरकार ने अस्पताल को PPP मोड पर लीज़ (lease) देकर संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसके लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान, नई दिल्ली के साथ वार्ता चल रही है, जिसे अंतिम मंज़ूरी के लिए कैबिनेट में विचारार्थ रखा जाएगा. पहले से कई बार टेंडर निकाले जा चुके हैं लेकिनज्यादातर में कोई आगे नहीं आया. अब राजीव गांधी कैंसर संस्थान को प्राथमिकता दी जा रही है यह अस्पताल राज्य में कैंसर उपचार की पहली ऐसीसुव्यवस्थित सुविधा है. जिससे मरीजों को राज्य से बाहर इलाज कराना नहीं पड़ेगा, समय और आर्थिक बचत होगी. PPP मोड से अनुमान है किप्रचालन बेहतर गुणवत्ता, दक्ष मानव संसाधन और निरंतर सेवाएं सुनिश्चित होंगी.यह अस्पताल राज्य में कैंसर उपचार की पहली ऐसी सुव्यवस्थितसुविधा है. जिससे मरीजों को राज्य से बाहर इलाज कराना नहीं पड़ेगा समय और आर्थिक बचत होगी.पहले से कई बार टेंडर निकाले जा चुके हैं लेकिनज्यादातर में कोई आगे नहीं आया अब राजीव गांधी कैंसर संस्थान को प्राथमिकता दी जा रही है.
मंत्री ओम प्रकाश राजभर को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी, सुभासपा ने दर्ज कराई शिकायत

सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर को सोशल मीडिया पर गोली मारने की धमकी देने कामामला सामने आया है. विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष अंशु राजभर के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रसड़ा कोतवाली को शिकायत देकर करणी सेना केजिलाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की. पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है. मंत्री ओम प्रकाश राजभर के पुत्र और सुभासपा के राष्ट्रीयप्रवक्ता अरुण राजभर ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर को सोशलमीडिया के जरिये गोली मारने की धमकी दी जा रही है. अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाईकरणी सेना बलिया के नाम की फेसबुक आईडी से सुभासपा प्रमुख एवं मंत्री को धमकी दी गई है. तत्काल ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कीजानी चाहिए. वहीं, दूसरी तरफ करणी सेना के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने कहा कि मंत्री को फर्जी आईडी से धमकी दी गई है. उनके पुत्र मुझपरआरोप लगा रहे हैं. इसके खिलाफ मानहानि का दावा करूंगा. उनका मकसद जेड प्लस की सुरक्षा लेनी है. इस बाबत पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह नेकहा कि शिकायत मिली है इसकी जांच साइबर सेल को सौंपी गई है जांच रिपोर्ट आने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ओम प्रकाशराजभर को जान से मारने की धमकी दी गई. मामले में रसड़ा कोतवाली में करणी सेना के जिलाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है. जान से मारने की दी जा रही है धमकीमंत्री के पुत्र और सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उनकेपिता को जान से मारने की धमकी दी जा रही है. उन्होंने लिखा पिता एवं पंचायती राज मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर को करणी सेना बलिया के नाम सेबनाई गई एक फेसबुक आईडी से गोली मारने की धमकी मिली है। यह गंभीर मामला है और तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. आरोपों के जवाब में करणीसेना बलिया के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि “यह धमकी किसी फर्जी आईडी से दी गई है. सुभासपा नेता मुझ पर झूठा आरोपलगा रहे हैं. मैं इसके खिलाफ मानहानि का दावा करूंगा. उनका मकसद सिर्फ सुरक्षा कवर बढ़वाना है।”यह मामला सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से नेताओं को निशाना बनाने के बढ़ते मामलों की तरफ भी संकेत करता है. साइबर अपराधों की जाँच में पारदर्शिताऔर त्वरित कार्रवाई अब अनिवार्य हो गई है.
दिल्ली को मेडिकल हब बनाया जाएगा सीएम रेखा गुप्ता, सात अधूरे अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी आईसीयू में बदलने की योजना

Dellhi Latest Update: दिल्ली को मेडिकल हब की तौर पर विकसित किया जाएगा. यह दावा है दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया है. सोमवार को मॉडल टाउन में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान सीएम ने कहा कि दिल्ली में निजी और सरकारी अस्पताल मिलकर बेहतरसुविधाएं उपलब्ध कराएंगे. हमारी कोशिश रहेगी एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे विदेश से लोग भी दिल्ली में इलाज कराने के लिएआए. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार सात अधूरी अस्पताल परियोजनाओं को सुपर स्पेशलिटी आईसीयू केंद्रों में बदल रही है. इनअस्पतालों में विभिन्न गंभीर बीमारियों के लिए विशेष इलाज की सुविधा होगी. उन्होंने कहा कि मॉडल टाउन में शुरू हुआ नया निजी अस्पतालआयुष्मान भारत योजना के तहत भी सेवाएं देगा. इससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं निशुल्क मिलसकेंगी. बीमारी के इलाज के लिए समर्पितवहीं अस्पताल के निदेशक यथार्थ त्यागी ने स्वास्थ्य सेवा कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि हर व्यक्ति का मूल अधिकार है. अस्पताल सरकार के साथमिलकर लोगों को और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा देने का प्रयास करेगा. इस मौके पर सांसद प्रवीण खंडेलवाल, विधायक अशोक गोयल देवरा, राजकुमार सीएम ने कहा कि सरकार सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार ही नहीं कर रही, बल्कि उसे सुलभ, पारदर्शी और जन-संवेदनशील भी बना रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों को बेहतर बनाकर हर अस्पताल को अलग बीमारी के इलाज के लिए समर्पित किया जाएगा. इसमें कैंसर, ट्रांसप्लांट, डिलीवरी के जटिल मामले सहित अन्य सुविधा शामिल होंगी. इसके अलावा आईसीयू बेड्स की कमी को भी दूर किया जाएगा. मुख्यमंत्रीने कहा कि पूर्व सरकारों के भ्रष्टाचार व विजन की कमी के चलते दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा अभी भी अनेक गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है. उन्होंने कहाकि कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों में बिस्तरों की भारी कमी थी और कई लोगों को इलाज न मिलने के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी. उससमय प्रति 1,000 नागरिकों पर केवल 0.42 अस्पताल बेड उपलब्ध थे. महानगर के लिए बेहद चिंता38 सरकारी अस्पतालों में केवल छह एमआरआई और 12 सीटी स्कैन मशीनें थीं, जो किसी भी महानगर के लिए बेहद चिंता की बात है. डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, दवाओं और आधुनिक उपकरणों की भारी कमी थी. ब इस कमी को दूर करने और अस्पतालों को अति आधुनिक बनाने के गंभीरप्रयास चल रहे हैं. दिल्ली के लोगों को चिकित्सा के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने दावा किया है कि अबराजधानी को मेडिकल हब बनाया जाएगा. इसके लिए निजी और सरकारी अस्पताल मिलकर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे.मुख्यमंत्री ने जानकारीदी कि सरकार दिल्ली की सात अधूरी अस्पताल परियोजनाओं को अब सुपर स्पेशियलिटी आईसीयू केंद्रों में बदलने की दिशा में कार्य कर रही है इनअस्पतालों को विशेष रूप से कैंसर, ट्रांसप्लांट, जटिल डिलीवरी और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए समर्पित किया जाएगा. साथ ही, आईसीयू बेड्स की संख्या में भी पर्याप्त वृद्धि की जाएगी.
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला ग्रीन कैटेगरी इंडस्ट्रीज को अब सिर्फ 20 दिन में मिलेगा CTO लाइसेंस, व्यापारियों को राहत

Dellhi latest Update: दिल्ली सरकार ने ग्रीन कैटेगरी इंडस्ट्रीज के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया में सुधार कर व्यापार को आसान बनाने की दिशा मेंबड़ा कदम उठाया है. अब कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी. अगर तय समय में फैसला नहीं हुआ, तोआवेदन अपने आप मंजूर माना जाएगा. इससे लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी. इससे छोटे-मझोले उद्यमियों को लाइसेंस की उलझनों सेराहत मिलेगी. पर्यावरण और उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को इसकी घोषणा की कि अब सीटीओ (यानि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सेमिलने वाला अनुमति पत्र) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी. यह सुधार अगले महीने अगस्त से लागू होगा. डबल इंजन सरकार का कमालमंत्री ने कहा कि यह दिल्ली के व्यापारियों की पुरानी मांग थी इसलिए पुराने लाइसेंस सिस्टम की जटिलताओं को खत्म किया गया. यह डबल इंजनसरकार का कमाल है. उन्होंने इसके लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का भी आभार जताया है. यह सुधार 65 से ज्यादा ग्रीनइंडस्ट्रीज, जैसे रेडीमेड कपड़े, आयुर्वेदिक दवाइयां, फर्नीचर, पैकेजिंग, ऑप्टिकल गुड्स, खिलौने और कोल्ड स्टोरेज को फायदा देगा। ये सेक्टर कमप्रदूषण वाले हैं और अब इन्हें तेज मंजूरी मिलेगी. सिरसा ने बताया कि ज्यादातर लघु और मध्यम उद्योग हैं, जो अब बिना देरी के काम शुरू करसकेंगे।. दिल्ली सरकार सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर रही है, जिससे अप्रूवल प्रक्रिया आसान, पेपरलेस और पारदर्शी होगी. सिरसा ने कहा कि यहदिल्ली के उद्यमियों के लिए साफ संदेश है कि हम जिम्मेदार और तेज व्यापार के लिए तैयार हैं. यह सुधार दिल्ली के एमएसएमई सेक्टर को गति देगाऔर पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित करेगा. उद्यमियों को अब न बेवजह दस्तावेज जमा करने होंगे, न ही देरी होगी. पर्यावरण और उद्योग मंत्रीमनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को इसकी घोषणा की कि अब सीटीओ (यानि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिलने वाला अनुमति पत्र) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी. अप्रूवल सिस्टम लागू कर रही हैयह सुधार अगले महीने अगस्त से लागू होगा.सरकार सिंगल विंडो अप्रूवल सिस्टम भी लागू कर रही है. जिससे उद्यमियों को बार-बार कार्यालयों केचक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे अब लाइसेंसिंग प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस और ट्रैक-एबल होगी. “अब व्यापारियों को न तो अनावश्यक दस्तावेज देने होंगेऔर न ही किसी कार्यालय में लाइन लगानी पड़ेगी. यह एक भरोसेमंद और सक्षम शासन की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है. इस कदम से दिल्लीके MSME सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के मानकों के साथ व्यापारिक गति को भी बढ़ावा मिलेगा. यह पहल दिल्ली को एकप्रगतिशील, उद्योग-अनुकूल और जिम्मेदार प्रशासन की दिशा में अग्रसर करेगी.यह दिल्ली के व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांग थी अब लाइसेंसिंगप्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाया गया है. अगर 20 दिन में निर्णय नहीं होता तो आवेदन स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा.
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के सात लोकसभा क्षेत्रों में नियुक्त किए उपाध्यक्ष, संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम

आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में अपनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने के लिए सात लोकसभा क्षेत्रों के लिए राज्य उपाध्यक्षों कीनियुक्ति की है. यह निर्णय पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ाने और आगामी चुनावों की तैयारी के लिए लिया गया है. पार्टी ने प्रत्येकलोकसभा क्षेत्र के लिए एक उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. ताकि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और जनता तक पहुंच को बेहतर कियाजा सके. इन नियुक्तियों को दिल्ली में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने और हाल के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद संगठन को पुनर्जननकरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. जनता तक पहुंच बेहतरपार्टी ने प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के लिए एक उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. ताकि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और जनता तक पहुंच कोबेहतर किया जा सके. इन नियुक्तियों को दिल्ली में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने और हाल के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद संगठन कोपुनर्जनन करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.विधायक कुलदीप कुमार को पूर्व का, जरनैल सिंह को पश्चिम का, संजीव झा को उत्तर-पूर्व का, पूर्व विधायक राजेश गुप्ता को उत्तर पश्चिम का, रितु राज झा को नई दिल्ली का, ब्रह्म सिंह तंवर को दक्षिणी दिल्ली का और जितेंद्र सिंह तोमर कोचांदनी चौक का उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसे लेकर आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आदेश जारी किया है. आम आदमी पार्टी नेदिल्ली के सात लोकसभा क्षेत्रों में उपाध्यक्ष नियुक्त कर संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई. यह कदम स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं केसमन्वय और जनता तक पहुंच बढ़ाने के लिए उठाया गया है. “यह नियुक्तियाँ सिर्फ नाम मात्र की नहीं, बल्कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती देनेवाली हैं. यह कदम देता है संकेतहर उपाध्यक्ष को अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर पार्टी कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आम आदमी पार्टी का यह कदम स्पष्ट संकेत देता हैकि दिल्ली में राजनीतिक पुनर्संरचना और लंबी रणनीति पर काम शुरू हो चुका है. उपाध्यक्षों की नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और जनतासे संपर्क मजबूत होगा. यह कदम दिल्ली में पार्टी की भविष्य की राजनीतिक दिशा को तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. इस निर्णय कीघोषणा आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज द्वारा की गई, जिन्होंने सातों नियुक्तियों के आदेश जारी किए.आम आदमी पार्टी को हाल ही मेंदिल्ली विधानसभा चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से सशक्त होने की आवश्यकता महसूसहुई.यह निर्णय एक तरफ़ जहाँ कार्यकर्ताओं के मनोबल को पुनर्जीवित करने के लिए लिया गया है वहीं दूसरी ओर लोकसभा चुनाव 2029 की मूलभूततैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है.
अंतरिक्ष से वापसी पर बधाइयों की जगह विवादों में घिरे शुभांशु शुक्ला, कांग्रेस नेता उदित राज के बयान से सियासत गरम

एक्सिओम-4 मिशन को पूरा करके अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापस लौट रहे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर कांग्रेस नेता उदितराज ने बेतुका बयान किया. कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि पहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे तब एससी-एसटी और ओबीबी इतने पढ़े लिखेनहीं थे. अब किसी दलित,ओबीसी को भी शुभांशु शुक्ला की जगह भेजा जा सकता था. कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि मैं उनको शुभकामनाएं देताहूं कि वे सुरक्षित लौटें। उन्होंने वहां जो ज्ञान अर्जित किया है. उसे यहां बिखेरें लोग उससे लाभान्वित हों.दलित को भेजने की थी बारीयह मानवता के लिए लाभकारी है. कांग्रेस नेता बोले कि पहले जो राकेश शर्मा भेजे गए थे, उस समय एससी-एसटी, ओबीसी इतने पढ़े-लिखे नहीं थे. इस बार मुझे लगता है कि दलित को भेजने की बारी थी. ऐसा नहीं है कि नासा ने कोई परीक्षा ली और फिर चयन हो गया. किसी दलित,ओबीसी कोभी शुभांशु शुक्ला की जगह भेजा जा सकता था. शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत 25 जून को तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथअंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए. अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पहुंचने वाले शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय हैं. शुभांशु नेआईएसएस पर 18 दिन बिताए और इस दौरान वहां कई रिसर्च कार्य किए। शुभांशु शुक्ला की मंगलवार को धरती पर वापसी हुई. ग्रुप कैप्टन शुभांशुशुक्ला ने 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए। इस दौरान उन्होंने 60 प्रयोगों को अंजाम दिया. जिनमें से सात प्रयोग इसरो के थे शुभांशुअपने साथ 263 किलो वैज्ञानिक सामान लेकर धरती पर लौट रहे हैं. कार्यक्रमों को मिल सकती है बड़ी मददजिससे भविष्य में अंतरिक्ष कार्यक्रमों को बड़ी मदद मिल सकती है. साल 2027 में इसरो अपना पहला मानव मिशन गगनयान लॉन्च करेगा. ऐसे मेंशुभांशु शुक्ला का यह मिशन इसरो के लिए बेहद अहम है. शुभांशु शुक्ला को एक्सिओम-4 मिशन पर भेजने के लिए भारत ने 550 करोड़ रुपये खर्चकिए हैं. शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर गए थे। उनकी वापसी पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा किपहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे. तब एससी-एसटी और ओबीबी इतने पढ़े लिखे नहीं थे. अब किसी दलित,ओबीसी को भी शुभांशु शुक्ला कीजगह भेजा जा सकता था. उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के मिशनों में योग्यता से अधिक चयन प्रक्रिया और प्रतिनिधित्व का सवाल भी अहम है।उनका दावा है कि दलितों और पिछड़े वर्गों को समान अवसर दिए जाने चाहिए। “मैं शुभांशु शुक्ला को शुभकामनाएं देता हूं. लेकिन यह भी कहनाचाहूंगा कि इस बार किसी दलित या ओबीसी को अंतरिक्ष में भेजा जाना चाहिए था. पहले राकेश शर्मा जब गए थे तब SC-ST और OBC इतने पढ़ेलिखे नहीं थे. लेकिन अब हैं। नासा ने कोई परीक्षा ली हो ऐसा भी नहीं हुआ.
नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान, बिहार में अगले 5 साल में एक करोड़ नौकरियां और रोजगार देने का लक्ष्य

Bihar latest News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो चुकी है बैठक में 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी. सीएम नीतीश कुमार आज फिर से बिहार वासियों को बड़ी सौगात दी है इसमें आगामी पांच साल ने एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखागया है. मंगलवार को अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि राज्य सरकार अगले पांच साल में रोजगार सृजन करने का लक्ष्यनिर्धारित किया गया है. नई नौकरी रोजगार सृजन के लिए सभी संभावनाओं एवं विकल्प पर विचार करते हुए राज्य सरकार को परामर्श देने के लिएविकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी. इसमें 12 सदस्य होंगे। नौकरी या रोजगार से राज्य के युवाओं कोआर्थिक संबल प्राप्त होंगे. सीएम नीतीश कुमार ने बिहार चुनाव से पहले फिर से बड़ी सौगात दी है. 30 प्रस्तावों पर लगी मुहरकैबिनेट की बैठक पर आज 30 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव नौकरी और रोजगार को लेकर है. एसीएस एस सिद्धार्थ नेबताया कि पटना मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत प्रायोरिटी कॉरिडोर के दो वर्ष आठ महीने की अवधि में रखरखाव कार्य के लिए सेवा कर रहित कुलअनुमानित व्यय 179.37 करोड़ नामांकन के आधार पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को देने तथा प्रायोरिटी कार्यान्वयन के लिए तीन कारसिंगल ट्रेनसेट को किराए पर लेने के लिए तीन वर्ष की अवधि के लिए 21.1544 646 करोड़ अनुमोदन प्रदान की गई है. वहीं बिहार राज्य के निवासीएवं राज्य में निबंध नॉन कॉर्पोरेट करदाताओं की दुर्घटना मृत्यु होने पर अनुदान के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया. बिहार व्यवसायी दुर्घटना मृत्यु अनुदान योजना को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है. पांच लाख के अनुदान की दी जाएगी राशिइसके तहत करदाताओं की दुर्घटना मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को पांच लाख के अनुदान राशि दी जाएगी. एसीएस एस सिद्धार्थ ने बताया कि बमनिरोधक दस्ता के कर्मियों को मूल वेतन का 30% प्रतिशत जोखिम भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम 25000 रुपये जाएंगे. वहीं बिहारन्यायिक सेवा के पदाधिकारी को एक-एक 2016 से राज्य कर्मियों के अनुरूप वार्षिक वेतन वृद्धि को मिली स्वीकृति.वहीं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरतचार चिकित्सा पदाधिकारी पर कार्रवाई की गई है. इन चारों को बर्खास्त कर दिया गया है एसीएस एस सिद्धार्थ ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सापदाधिकारी डॉ. चंदना कुमार, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कृतिका सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ निमिषा रानी और सामान्य चिकित्सापदाधिकारी को अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.