बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई भारतीय युवा कांग्रेस

देश के कई हिस्से इस समय बाढ़ की आपदा से जूझ रहे हैं। बाढ़ ने पंजाब, जम्मू–कश्मीर और आसपास के राज्यों में हजारों परिवारों को बेघर औरबेबस कर दिया है। इस मुश्किल समय में भारतीय युवा कांग्रेस ने इंसानियत की मिसाल पेश की और राहत सामग्री से भरे ट्रकों को रवाना किया। राहत सामग्री रवानाभारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय से दो ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन ट्रकों मेंबाढ़ पीड़ितों के लिए जरूरी सामान रखा गया है। इसमें आलू, प्याज, चीनी, खाने का तेल, मसाले, कंबल, पानी की बोतलें और दवाइयाँ शामिल हैं।इनका मकसद यह है कि जिन लोगों के पास न घर बचा है, न खाना और न दवाइयाँ, उन तक तुरंत मदद पहुँच सके। इंसानियत ही सबसे बड़ी ताक़तराहत सामग्री रवाना करने के बाद उदय भानु चिब ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और युवा कांग्रेस हमेशा जनता के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने कहा मुसीबतकी घड़ी में इंसानियत ही सबसे बड़ी ताक़त है। राहुल गांधी जी के निर्देश पर हम सबने मिलकर यह कदम उठाया है। हर पीड़ित परिवार तक राशन, भोजन, दवाइयाँ और पीने का पानी पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है। यह सिर्फ सामग्री नहीं, बल्कि करुणा और संवेदनशीलता का संदेश भी है। उन्होंनेयह भी बताया कि आने वाले दिनों में और राज्यों में भी राहत सामग्री भेजी जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद पहुँच सके। केंद्र सरकार पर निशानाइस अवसर पर उदय भानु चिब ने भाजपा और केंद्र सरकार पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब लोग बाढ़ से त्रस्त हैं, तब भी भाजपा सरकारराजनीति और इवेंट मैनेजमेंट में लगी हुई है। यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मदद का है। मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूँ कि वह तुरंत कदमउठाए और बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगीइस कार्यक्रम में भारतीय युवा कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें राष्ट्रीय महासचिव निगम भंडारी, शिवी चौहान, खुशबू शर्मा, राष्ट्रीयसचिव हरि कृष्णा, मनु जैन, रूपेश भदौरिया, दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा, हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष सोमिल संधूसमेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि युवा कांग्रेस हर समय जनता के साथ खड़ी है। कांग्रेस का संदेशभारतीय युवा कांग्रेस का यह कदम सिर्फ राहत सामग्री पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसा दिलाने का भी काम है कि मुश्किल घड़ी मेंकांग्रेस और उसके कार्यकर्ता जनता के साथ खड़े हैं SOSIYC अभियान के तहत लगातार अलग–अलग जगहों पर राहत पहुँचाई जा रही है। युवाकांग्रेस का कहना है कि इंसानियत और सहयोग ही सबसे बड़ी ताक़त है। यही वजह है कि हर ज़रूरतमंद तक मदद पहुँचाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्तादिन-रात लगे हुए हैं।
कुलदीप कुमार का बड़ा आरोप – दिल्ली अपराध की राजधानी, बीजेपी सरकार जिम्मेदार

राजधानी में बढ़ते अपराध ने डर का माहौल बनायादिल्ली, जिसे देश की राजधानी और सुरक्षित शहर माना जाता है, आज अपराध और असुरक्षा का दूसरा नाम बन चुकी है। कांग्रेस विधायक कुलदीपकुमार ने कहा कि बीजेपी की चार इंजनों की सरकार होने के बावजूद राजधानी की कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। हाल ही में हुई घटनाओं नेसाबित कर दिया है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं और पुलिस तथा प्रशासन किस हद तक नाकाम साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतापनगर में खुलेआम गोली मारकर दो युवकों की हत्या कर दी गई। पटपड़गंज इलाके में चाकू से हमला कर एक युवक की जान ले ली गई। यहाँ तक किदेश की पहचान और गौरव माने जाने वाले लाल किले के अंदर भी चोरी की घटना हो गई। यह केवल अपराध की घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि इस बात काप्रतीक हैं कि अपराधी अब किसी से डरते नहीं और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अमित शाह और उपराज्यपाल की भूमिका पर सवालकुलदीप कुमार ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है।जब राजधानी में हर रोज हत्या, लूट और चोरी जैसी घटनाएँ हो रही हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि सरकार की लापरवाही है। उन्होंने सवाल उठायाकि आखिर गृह मंत्री अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं? उन्होंने उपराज्यपाल (LG) की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा किआज तक एलजी साहब अपने राजभवन से निकलकर किसी थाने का दौरा नहीं करते और न ही हालात का जमीनी जायज़ा लेते हैं। जनता को यहदेखने को मिला है कि जब राजधानी में गंभीर अपराध होते हैं, तो सत्ता में बैठे जिम्मेदार लोग चुप्पी साध लेते हैं। चार इंजनों की सरकार पर तंजकुलदीप कुमार ने कहा कि बीजेपी बार-बार दिल्ली में चार इंजनों की सरकार होने का दावा करती है। लेकिन सवाल यह है कि इन चार इंजनों काफायदा जनता को कहाँ मिल रहा है? अगर चार-चार इंजन होने के बावजूद राजधानी असुरक्षित है, तो यह जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा है। दिल्लीके लोग अब डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। अपराधियों की राजधानी बन चुकी है दिल्लीउन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जिस शहर को दुनिया भर से लोग लोकतंत्र और सुरक्षा की मिसाल मानते हैं, उसी शहर को बीजेपी सरकार नेअपराधियों की राजधानी बना दिया है। दिल्लीवासी हर दिन अखबार और टीवी पर नई-नई आपराधिक घटनाएँ पढ़ने और सुनने को मजबूर हैं। यहहालत किसी भी राजधानी के लिए ठीक नहीं है और इससे पूरे देश की छवि खराब हो रही है। जनता का विश्वास टूट रहा हैकुलदीप कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था कमजोर होने से जनता का विश्वास सरकार और पुलिस से उठता जा रहा है। आम लोग यह महसूस कर रहे हैंकि वे अपराधियों के रहमोकरम पर छोड़ दिए गए हैं। न तो समय पर पुलिस मदद करती है और न ही अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होती है। यहीकारण है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सख्त कार्रवाई की मांगउन्होंने बीजेपी सरकार से मांग की कि अपराधियों के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाए जाएँ। दिल्ली पुलिस को जवाबदेह बनाया जाए और उसकीकार्यशैली में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि राजधानी में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि यह सरकारकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। कुलदीप कुमार ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते अपराधियों पर नकेल नहीं कसी और कानून व्यवस्था को मजबूतकरने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो दिल्ली में हालात और बिगड़ जाएंगे। राजधानी को अपराधियों से बचाने के लिए सरकार को अपनी जिम्मेदारीनिभानी ही होगी। वरना जनता सड़कों पर उतरकर जवाब मांगने को मजबूर होगी।
मोदी सरकार के GST सुधार और अश्विनी वैष्णव जी का नजरिया

मध्यम वर्ग को बड़ी राहतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने GST (वस्तु एवं सेवा कर) में बड़े सुधार करके आम और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत दी है। यह सिर्फ टैक्सकम करने का कदम नहीं है, बल्कि देश के 140 करोड़ लोगों के जीवन को आसान बनाने वाला ऐतिहासिक फैसला है। पहले हर छोटी-बड़ी चीज़ परअलग-अलग टैक्स लगते थे। इस कारण आम आदमी की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ता था। अब रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी ज़रूरतों परटैक्स का बोझ कम कर दिया गया है। इसका मतलब है कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी अब पहले से ज्यादा आसान होगी। 2014 से पहले की जटिल टैक्स व्यवस्था2014 से पहले टैक्स प्रणाली को एक मकड़जाल कहा जाता था। हर चीज़ पर अलग-अलग तरह के टैक्स लगते थे। कभी एक्साइज ड्यूटी, कभी वैट, कभी एंट्री टैक्स यानी एक ही सामान पर कई टैक्स। इस कारण दाम बढ़ जाते थे और आम परिवार को इसका खामियाज़ा उठाना पड़ता था। मोदीसरकार और वित्त मंत्री अश्विनी वैष्णव जी ने इस जटिलता को खत्म किया। अब एक ही टैक्स प्रणाली – यानी GST लागू है, जिसे और आसानबनाकर लोगों को बड़ी राहत दी गई है। अश्विनी वैष्णव जी का आर्थिक तर्ककेंद्रीय वित्त मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सुधार के आर्थिक फायदे भी साफ़ शब्दों में बताए हैं। उनका कहना है कि अगर हम केवल अर्थशास्त्र की भाषामें सोचें, तो यह सुधार भारत की अर्थव्यवस्था को नई ताक़त देगा। उन्होंने बताया कि इस समय भारत की GDP लगभग ₹330 लाख करोड़ है। इसमेंसे लगभग ₹202 लाख करोड़ सिर्फ उपभोग (consumption) से आता है। अब अगर GST सुधार के कारण उपभोग यानी खर्च में केवल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी हो जाए, तो यह अपने आप में ₹20 लाख करोड़ की बढ़त देश की GDP में जोड़ देगा। इससे साफ है कि यह सुधार केवलजनता की जेब पर बोझ कम नहीं करेगा, बल्कि पूरे देश की आर्थिक सेहत को भी बेहतर बनाएगा। रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असरGST सुधार का असर सीधा लोगों की रज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ेगा।, अब खाने-पीने की चीज़ें सस्ती होंगी।, कपड़े और ज़रूरी सामान पर टैक्स कमहो जाएगा।, घर बनाने पर आने वाला खर्च भी घटेगा।, जब लोगों का खर्च घटेगा तो उनकी बचत बढ़ेगी। यही बचत बाद में और चीज़ें खरीदने मेंखर्च होगी, जिससे बाज़ार में खपत बढ़ेगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। छोटे व्यापारियों और उद्योगों को फायदाGST सुधार से सिर्फ आम जनता को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि छोटे दुकानदारों और उद्योगों को भी राहत मिलेगी। जब लोग ज्यादा सामानखरीदेंगे, तो व्यापारियों की बिक्री बढ़ेगी। फैक्टरियां ज्यादा उत्पादन करेंगी और नए रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदममोदी सरकार लगातार आत्मनिर्भर भारत की बात करती रही है। GST सुधार इस दिशा में भी एक बड़ा कदम है। जब खपत और उत्पादन दोनों बढ़ेंगे, तो देश के अंदर ही रोजगार और व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे भारत धीरे-धीरे और मजबूत आर्थिक शक्ति बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीऔर वित्त मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का यह सुधार वास्तव में ऐतिहासिक है। इसने आम आदमी को राहत दी है, मध्यम वर्ग के बोझ को घटाया है औरभारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी ज़रूरतों को सस्ता करके मोदी सरकार ने साफ़ कर दिया है किउसकी प्राथमिकता आम जनता की भलाई है। वहीं अश्विनी वैष्णव जी ने आर्थिक दृष्टिकोण से यह दिखाया है कि यह सुधार केवल आज की राहतनहीं, बल्कि आने वाले कल की मजबूती भी है।