अमेरिकी कपास पर ड्यूटी हटाकर मोदी सरकार ने किसानों के साथ किया धोखा,आप नेता अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर जमकर साधा निशाना

मोदी सरकार ने अमेरिकी कपास पर लगने वाले 11 फीसद इंपोर्ट ड्यूटी को माफ कर देश के किसानों के साथ बड़ा धोखा किया है. इससे अमेरिकीकपास की कीमत हमारे किसानों की कपास से 15-20 रुपए प्रति किलो सस्ती हो जाएगी और अब हमारे किसानों को कपास का दाम 900 रुपएप्रति मन से भी कम मिलेगा. इससे वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे. मोदी जी सिर्फ अडानी को बचाने और ट्रंप को खुश करने के लिए अपने देश केकिसानों की कुर्बानी दे रहे हैं. हमारी मांग है कि केंद्र सरकार अमेरिकी कपास पर वापस 11 ड्यूटी लगाए, किसानों को कपास पर 2100 रुपए प्रति20 किलो एमएसपी व खाद-बीज पर सब्सिडी दे. रविवार को भारी बारिश के चलते चोटीला में होने वाली किसानों की महापंचायत स्थगित होने केबाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद में प्रेसवार्ता कर ये बातें कही. नहीं बिकती थी कपासअरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे किसानों ने जून-जुलाई के महीने में कपास की बुआई कर दी है. किसानों ने कपास लगाने के लिए बीज, खादऔर मजदूरी के लिए कर्ज लिया है अब भारत के किसानों की कपास की फसल अक्टूबर-नवंबर में तैयार होगी. हमारे किसान सोच रहे रहे हैं किअक्टूबर-नवंबर जब उनकी फसल तैयार होगी और उसे मंडी में लेकर जाएंगे और उसका अच्छा दाम मिलेगा। लेकिन किसानों को पता नहीं है कि केंद्रमें बैठी मोदी सरकार ने किस तरह किसानों के साथ धोखा किया है. अमेरिका में किसानों द्वारा उगाई गई कपास जब भारत में आती है तो उस पर अभीतक 11 फीसद इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी. इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से अमेरिका की कपास भारत में आने पर हमारे किसानों द्वारा उगाई गई कपास से महंगीहोती थी. इसलिए हमारे देश के किसानों द्वारा उगाई गई कपास मंडी में आसानी से बिक जाती थी और अमेरिका से आने वाली कपास नहीं बिकतीथी. कपास मांगनी की शुरुअरविंद केजरीवाल ने कहा कि 19 अगस्त से केंद्र की मोदी सरकार ने अमेरिका से आने वाली कपास पर लगने वाले 11 फीसद इंपोर्ट ड्यूटी को हटादी है। अब अमेरिका से आने वाली कपास भारत के किसानों की कपास से 15 से 20 रुपए प्रति किलो सस्ती हो जाएगी. इस तरह, अमेरिका कीकपास भारत में हमारे किसानों की कपास से ज्यादा सस्ती हो जाएगी. नतीजन, हमारे देश के किसानों की कपास नहीं बिक पाएगी. जब हमारे देश केकिसान अक्टूबर-नवंबर में अपनी कपास मंडी में लेकर जाएंगे तो उनकी कपास खरीदने वाला कोई नहीं मिलेगा भारत की सभी टेक्सटाइल कंपनियों नेपहले ही अमेरिका से बहुत बड़े स्तर पर सस्ती कपास मांगनी शुरू कर दी है.
उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारी में जुटी BJP कार्यशाला में अंतिम पंक्ति में बैठे पीएम मोदी, GST सुधारों पर पारित हुआ समर्थन प्रस्ताव

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई है. इस बीच नई दिल्ली में भाजपा सांसदों की दोदिवसीय कार्यशाला का आयोजन संसद परिसर में किया गया. इस कार्यशाला में भाजपा सांसदों को उपराष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में जानकारी दी गई. कार्यशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम कार्यकर्ता की तरह सबसे पीछे की सीट पर बैठे दिखाई दिए. कार्यशाला के दौरान जीएसटी सुधारों के लिएप्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया. गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन ने ‘एक्स’ पर पीएम मोदी की एकतस्वीर पोस्ट की, जिसमें प्रधानमंत्री सबसे अंतिम पंक्ति में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं. समर्थन में प्रस्ताव किया पारितरवि किशन ने लिखा, ‘एनडीए सांसदों की कार्यशाला में आखिरी पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ये शक्ति है भाजपा की, यहां हर कोई कार्यकर्ताहै यहां संगठन में’ दो दिनों तक चलने वाली यह कार्यशाला में कई सत्रों का आयोजन किया जा रहा है इन सत्रों में पार्टी के इतिहास और विकास परचर्चा के साथ सांसदों के लिए कार्यकुशलता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की कार्यशाला में पीयूष गोयल ने जीएसटीसुधार से जुड़ा धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया. इसके बाद सांसदों ने जीएसटी सुधारों के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया. अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावासांसदों ने जीएसटी सुधारों के लिए प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया. दरअसल, जीएसटी में हुए सुधार से लोगों पर कर का बोझ कम होगा औरअर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. भाजपा और उसके सहयोगी दलों को उम्मीद है कि इस कदम से उन्हें नवंबर में होने वाले बिहार चुनावों में बढ़तमिलेगी. पंजाब और देश के अन्य इलाकों में बाढ़ से तबाही को देखते हुए 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीयजनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सांसदों के लिए आयोजित होने वाले रात्रिभोज रद्द कर दिया गया. इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीयमंत्री जेपी नड्डा की तरफ से सांसदों को शनिवार को दिया जाने वाला रात्रिभोज रद्द कर दिया गया था.
चिराग पासवान की पार्टी ने बढ़ाया सीटों का दबाव, अकेले चुनाव लड़ने की जताई तैयारी जदयू को फिर झटका देने की रणनीति “जानें क्या है पूरा मामला”

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से चिराग पासवान की पार्टी अपने मन मुताबिक सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है. इसके लिए पार्टी प्रमुखचिराग पासवान के साथ-साथ अब उनके सांसद भी दबाव बनाने लगे हैं. आज लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद और चिराग पासवान केबहनोई अरुण भारती ने सोशल मीडिया पर 2020 के विधानसभा चुनाव की यादें साझा की. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि हमारी पार्टी अकेलीऐसी पार्टी है जो विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का माद्दा रखती है. सांसद अरुण भारती ने कहा कि कार्यकर्ता ही हमारी पार्टी की असली रीढ़ हैं।पार्टी के लिए जी-जान से मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की यह स्वाभाविक उम्मीद होती है कि एक दिन उन्हें भी पार्टी की तरफ से जनप्रतिनिधिबनकर जनता की सेवा करने का अवसर मिले. लिया साहसिक निर्णय2020 में जब गठबंधन धर्म के कारण हम अपने कार्यकर्ताओं की इस भावना और उम्मीदों को पूरा नहीं कर सके, तब हमने अकेले चुनाव लड़ने कासाहसिक निर्णय लिया.यह केवल चुनावी राजनीति नहीं थी, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान था. सांसद ने कहा कि भले ही उसचुनाव में हम केवल एक सीट जीत पाए, लेकिन सच्चाई यह है कि 137 सीटों पर चुनाव लड़कर हमें छह प्रतिशत वोट मिला था. अगर हम पूरे 243 सीटों पर चुनाव लड़ते, तो हमारा वोट का प्रतिशत दस से भी अधिक होता. यह हमारे कार्यकर्ताओं की ताक़त और जनता के विश्वास का जीता-जागतासबूत था. असल में, यह हमारी रणनीतिक चाल और राजनीतिक चरित्र का हिस्सा रहा है. 2020 ने साफ कर दिया कि अगर बिहार की राजनीति मेंकोई पार्टी अकेले चुनाव लड़ने का माद्दा रखती थी, तो वह केवल लोक जनशक्ति पार्टी थी. जदयू को बड़ा झटकाबता दें कि भाजपा-जदयू के ताजा फॉर्मूले पर निगाहें चिराग पासवान पर अटकी हैं, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू को बड़ा झटका दियाथा. तब राजग के इतर मैदान में उतरी चिराग की पार्टी 135 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इनमें ज्यादातर उम्मीदवार जदयू के खिलाफ उतारे गए थे. चिराग की इस रणनीति के कारण जदयू को सीधे-सीधे 27 सीटों का नुकसान हुआ था इसके अलावा ऐसी 37 सीटें भी थी, जहां लोजपा केउम्मीदवार के कारण जदयू को सियासी घाटा उठाना पड़ा था. इस बार चिराग की पार्टी 40 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन भाजपाऔर जदयू ही करीब 203 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है। बाकी बचे 43 सीटों का बंटवारा, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्रकुशवाहा की पार्टी के बीच होना है.
भारत पर भड़के ट्रंप सलाहकार पीटर नवारो, ‘एक्स’ ने बताया भ्रामक; एलन मस्क पर भी साधा निशाना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर भारत पर रूस से तेल आयात को लेकर हमला बोला. लेकिन इस बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने उनके दावों को फैक्ट-चेक किया और इसे ‘भ्रामक’ करार दे दिया. इसके बाद भड़के नवारो ने एक्सके मालिक एलन मस्क पर ही निशाना साधा है. पीटर नवारो ने अपने पोस्ट में दावा किया कि भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदकर मुनाफा कमारहा है और यह पैसा रूस की युद्ध मशीन को चला रहा है. उन्होंने लिखा, ‘तथ्य- भारत के ऊंचे टैरिफ से अमेरिकी नौकरियां खत्म हो रही हैं. भारत सिर्फमुनाफे के लिए रूसी तेल खरीदता है. इस राजस्व से रूस को युद्ध में ताकत मिलती है यूक्रेनियन और रूसी मर रहे हैं और अमेरिकी टैक्सपेयर ज्यादापैसा खर्च कर रहे हैं. दिया पाखंडी करारभारत सच्चाई बर्दाश्त नहीं कर सकता और झूठ फैलाता है नवारो ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के ऊंचे आयात शुल्क (टैरिफ) के कारण अमेरिकीउद्योग को भारी नुकसान हो रहा है.पीटर नवारो की इस पोस्ट के नीचे एक्स ने फैक्ट-चेक जोड़ते हुए लिखा कि भारत का रूसी तेल खरीदना पूरी तरह कानूनी है और यह उसकी ऊर्जासुरक्षा के लिए है. एक्स के फैक्ट-चेक में कहा गया, ‘भारत के रूसी तेल आयात अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं करते. ‘हालांकि भारत के कुछउत्पादों पर टैरिफ हैं, लेकिन अमेरिका को भारत से सेवाओं में व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) है. ‘अमेरिका खुद रूस से कुछ वस्तुएं, जैसे यूरेनियम, अबभी आयात कर रहा है. ऐसे में भारत की आलोचना करना दोहरे मापदंड को दिखाता है. एक्स के इस नोट में सीधे तौर पर नवारो के दावों को ‘पाखंडी’ करार दिया गया है. नौकरियां खत्म करना करो बंदफैक्ट-चेक सामने आने के कुछ ही देर बाद नवारो ने और भी आक्रामक पोस्ट किया. उन्होंने एक्स के मालिक एलन मस्क पर हमला बोलते हुए लिखा, ‘वाह! एलन मस्क लोगों की पोस्ट में प्रोपेगेंडा घुसने दे रहे हैं नीचे दिया गया नोट बकवास है. भारत सिर्फ मुनाफाखोरी के लिए रूसी तेल खरीदता हैयुद्ध से पहले भारत ने रूस से तेल नहीं खरीदा था. भारतीय सरकार की प्रोपेगेंडा मशीन पूरी तरह एक्टिव है यूक्रेनियनों की हत्या बंद करो, अमेरिकीनौकरियां खत्म करना बंद करो.
एशिया कप 2025 का बिगुल बजा, भारत-पाकिस्तान एक ग्रुप में मैदान के संग्राम से भिड़ंत की भी यादें ताज़ा

एशिया कप का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और नौ सितंबर से टी20 प्रारूप में इसकी शुरुआत होगी. टी20 प्रारूप में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट मेंआठ टीमें हिस्सा लेंगी जिन्हें चार-चार टीमों के दो ग्रुप में बांटा गया है. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित सभी आठ टीमों ने इसके लिए स्क्वाड काएलान कर दिया है भारत इस टूर्नामेंट में गत चैंपियन के रूप में उतरेगा जहां उसकी नजरें खिताब बचाने पर टिकी होंगी. एशिया कप के लिए भारत औरपाकिस्तान को एक ही ग्रुप में शामिल किया गया है ग्रुप ए में ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, भारत और पाकिस्तान हैं जबकि ग्रुप बी मेंअफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग, बांग्लादेश और श्रीलंका की टीमें मौजूद हैं. भारतीय टीम 1984, 1988, 1990/91, 1995, 2010, 2016, 2018 और 2023 में एशिया कप का खिताब जीत चुकी है भारत सर्वाधिक बार इस टूर्नामेंट को जीतने वाली टीम है. भारत को दिलाई जीतक्रिकेट से इतर इस टूर्नामेंट में कई बार खिलाड़ी आपस में भिड़ चुके हैं जिसमें गौतम गंभीर और पाकिस्तान के कामरान अकमल के बीच हुई भिड़ंतकाफी मशहूर हैएशिया कप 2010 में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने थीं. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 267 रन बनाए थे।जवाब में भारतीय टीम 49वें ओवर तक जूझती रही, लेकिन मामला तब गरमा गया जब शोएब अख्तर की गेंद पर हरभजन सिंह ने छक्का जड़ा. इससेअख्तर तमतमा गए और दोनों के बीच तीखी बहस होने लगी हालांकि, अंपायरों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया उस मैच में हरभजन नेविजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी. तीन विकेट से की जीत दर्जएशिया कप 2010 में ही भारत और पाकिस्तान के बीच मैच के दौरान भारतीय टीम के तत्कालीन सलामी बल्लेबाज और मौजूदा मुख्य कोच गौतमगंभीर और पाकिस्तान के विकेटकीपर कामरान अकमल की बहस हो गई थी. यह बहस इतनी तीखी थी कि दोनों खिलाड़ी एक दूसरे के आमने-सामनेआ गए थे. दरअसल दूसरी पारी के दौरान जब भारत लक्ष्य का पीछा कर रहा था तब शाहिद अफरीदी की गेंद पर कामरान अकमल ने कैच की जोरदारअपील की, लेकिन अंपायर बिली बॉडेन ने नॉटआउट दे दिया. इसके बाद सईद अजमल की गेंद पर भी कैच की अपील की गई और गंभीर इस परनाराज हो गए. ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान गौतम गंभीर और अकमल आमने-सामने आ गए और बहस काफी तीखी हो गई, ऐसा लगा कि मार-पीट भी होसकती है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. महेंद्र सिंह धोनी और अंपायर ने दोनों को अलग किया. गंभीर ने इस मैच में 83 रन बनाए और भारत ने तीनविकेट से जीत दर्ज की.
मुख्य आर्थिक सलाहकार की आर्थिक रिपोर्ट महंगाई में राहत, जीडीपी में स्थिरता वैश्विक दबाव के बीच घरेलू खपत से उम्मीदें

भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई कम रहने की उम्मीद के चलते बजट में अनुमानित10.1% नॉमिनल जीडीपी वृद्धि से थोड़ी गिरावट हो सकती है. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि वास्तविक जीडीपी का लक्ष्य 6.3% से 6.8% केबीच जरूर पूरा होगा. इस दौरान नॉमिनल जीडीपी और वास्तविक जीडीपी में अंतर पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि नॉमिनल जीडीपी में महंगाई काप्रभाव शामिल होता है, जिससे कीमतें बढ़ने पर जीडीपी अधिक दिखाई देती है. वहीं, वास्तविक जीडीपी महंगाई को समायोजित करके तैयार कीजाती है जिससे अर्थव्यवस्था की असल स्थिति सामने आती है. आर्थिक गतिविधियों को रफ्तारनागेश्वरन ने आगे जीडीपी के नए दरों से देश में महंगाई कम होने की संभावनाओं पर जोर दिया. इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे महंगाईदर कम होगी क्योंकि खरीफ फसल अच्छी रहने की उम्मीद है और जीएसटी परिषद ने हाल ही में 400 से अधिक वस्तुओं पर टैक्स घटाया है, जिससेकीमतें नीचे आएंगी. साथ ही, फरवरी के बजट में दिए गए इनकम टैक्स राहत से आम लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा, जिससे घरेलू खपत मेंइजाफा होगा. इसके साथ ही आगे नागेश्वरन ने बताया कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 8.8% की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर्ज हुई हैजो पहले की उम्मीद (8% से 8.5%) से बेहतर रही. उन्होंने कहा कि कम महंगाई और कर राहत से उपभोग बढ़ेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों कोरफ्तार मिलेगी. लेनदेन पर भी सकारात्मक असरइसके अलावा जीएसटी सुधारों पर बोलते हुए नागेश्वरन ने कहा कि इस बार जीएसटी दरों को चार से घटाकर दो किया गया है और प्रक्रियाएं भी सरलकी गई हैं. इससे ना सिर्फ खुदरा (B2C), बल्कि व्यवसाय से व्यवसाय (B2B) लेनदेन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा. उन्होंने उम्मीद जताई किमजबूत घरेलू मांग और नीतिगत सुधारों के चलते भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार आगे भी बनी रहेगी, भले ही वैश्विक चुनौतियां कुछ हद तक असरडालें. हालांकि दूसरी ओर उन्होंने इस बात को लेकर भी चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% तक का टैरिफ लगाने से दूसरीतिमाही में कुछ दबाव आ सकता है. अमेरिका ने यह कदम भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने और कुछ पुराने व्यापार अवरोधों को न हटाने के चलतेउठाया है.
AAP Kondli MLA Kuldeep Kumar attacks BJP’s ‘four-engine’ government over law and order failure

Amid a surge in crime across the capital, senior AAP leader and Kondli MLA Kuldeep Kumar launched a scathing attack on the BJP, asserting Delhi has become the crime capital under its so-called ‘four-engine government.’ Pointing to recent incidents where two youths were shot dead in Pratap Nagar, a boy was stabbed to death in […]
आउटसोर्सिंग मॉडल मजदूरों के हक पर डाका, बोले कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज, उठाई यूपी सरकार के खिलाफ आवाज

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी असंगठित कामगार के प्रकोष्ठ के चेयरमैन, पूर्व सांसद डॉ0 उदित राज जी ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय लखनऊ मेंप्रेसवार्ता को सम्बोधित किया. प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष श्रीवास्तव हिंदवी, राजकुमार तिवारी, डॉ0 अंशू एन्थोनी, विनोद पवार,आदित्य राजपूत, विजय भारद्वाज मुख्य रूप से शामिल रहे. प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए डॉ उदित राज (पूर्वसांसद), राष्ट्रीय चेयरमैन, असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कर्मचारीऔर मजदूर विरोधी है. यह सरकार इतना मजदूर विरोधी है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय – धर्म सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार (19 अगस्त, 2025) केबावजूद इनके हक पर डाका मार रही है. उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार (2 सितंबर, 2025) को आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड के गठन को मंजूरी दे दी, जो राज्य में आउटसोर्सकर्मचारियों को तीन साल के लिए 16,000-20,000 रुपये के मासिक मानदेय पर नियुक्त करेगा सरकार के कुल 93 विभागों में 11 लाखआउटसोर्स्ड कर्मचारी प्रभावित होंगे जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इन्हें 2002 से सारे लाभ के साथ इन्हें नियमित करना था. कंपनीअधिनियम की धारा 8 के अंतर्गत तथाकथित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड के गठन के निर्णय का विरोध कांग्रेस पार्टी करती है. यहकदम संविदा शोषण को वैध बनाने और लाखों श्रमिकों को असुरक्षित, कम वेतन वाली और असुरक्षित परिस्थितियों में धकेलने का एक व्यवस्थितप्रयास है. 1. आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने और उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन प्रदान करने के बजाय, योगी सरकार ने एक ऐसी व्यवस्थाबनाई है जो असुरक्षित नौकरियों को वैध बनाती है, स्थायी रोजगार से वंचित करती है, और राज्य को अपने कार्यबल के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी से मुक्तकरती है. 2. भारत का संविधान और श्रम न्यायशास्त्र श्रमिकों की गरिमा की रक्षा करते हैं। बिना किसी कैरियर प्रोन्नति के, वेतन को ₹16,000-₹20,000 तकसीमित करने का निर्णय, सरकारी तंत्र को चलाने वाले श्रमिकों के बलिदान का अपमान है। 3. “पारदर्शिता और कल्याण” का नारा खोखला है। प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण या औपचारिक अनुबंध नौकरी की सुरक्षा, पेंशन, चिकित्सा देखभाल औरसामाजिक सुरक्षा का विकल्प नहीं हो सकते आपका निर्णय प्रभावी रूप से 11 लाख श्रमिकों को बंधुआ निर्भरता की स्थिति में रखता है, बिना ऊपरकी गतिशीलता की गुंजाइश के. 4. जबकि केंद्र और भाजपा “विकसित भारत” और “अमृत काल” का दावा करते हैं, जमीनी हकीकत आउटसोर्सिंग का यह प्रतिगामी मॉडल है।कल्याण के बजाय, आप जिम्मेदारी आउटसोर्स कर रहे हैं और श्रमिकों के जीवन की कीमत पर कॉर्पोरेट लाभ सुनिश्चित कर रहे हैं. 5. हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में हार गई है। उस फैसले की भावना का पालनकरने और स्थायी नियुक्तियों की ओर बढ़ने के बजाय, उ.प्र. सरकार एक आउटसोर्सिंग निगम बनाकर ध्यान भटका रही है. यह श्रमिकों को नियमितसेवा के उनके वैध अधिकार से वंचित करने का एक सीधा प्रयास है. डॉ उदित राज ने कहा कि 6 सितंबर 2011 को मायावती जी की सरकार ने उप्र में अनुसूचित जाति/ जन जाति के लिए बने छात्रावासों में से 30% सामान्य वर्ग के लिए आदेश निकाल दिया था. उ.प्र. में करीब 266 हॉस्टल हैं, ज्यादातर कांग्रेस की सरकारों ने बनाए थे। अनुसूचित जाति / जनजातिके छात्र आंदोलन कर रहे हैं कि उनके लिए छात्रावास कम पड़ रहे हैं इसलिए 30% काटे गए निरस्त हों. आबादी बढ़ी है और उसके अनुपात में छात्र भीबढ़े हैं और ऐसे में अनुसूचित जाति/ जनजाति के लिए और हॉस्टल बनने चाहिए. पिछड़े वर्ग की आबादी सर्वाधिक है तो इनके लिए राम मनोहरलोहिया, ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले , फातिमा शेख, पेरियार आदि के नाम से हज़ारों हॉस्टल बनाना चाहिए.
BCCI अध्यक्ष पद खाली देवजीत सैकिया बोले, जल्द होगा बड़ा ऐलान, AGM होगा 30 सितंबर तक

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने रोजर बिन्नी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अध्यक्ष पद को लेकर बयानदिया है. सैकिया ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में बोर्ड अध्यक्ष पद को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा करेगा. बिन्नी ने जुलाई में 70 सालहोने के बाद पद छोड़ दिया था. बीसीसीआई के संविधान के अनुसार, कोई भी शीर्ष अधिकारी 70 साल की उम्र के बाद पद पर नहीं बना रह सकता है.बीसीसीआई सितंबर में वार्षिक आम बैठक (एजीएम) करेगा. माना जा रहा है कि इस एजीएम में अगले अध्यक्ष को लेकर चर्चा हो सकती है. जल्द हीइस बारे में जानकारी दी जाएगी और बीसीसीआई की एजीएम 30 सितंबर तक होनी है। बीसीसीआई अपने संविधान का पालन करेगा, इसके अनुसारसितंबर के अंत तक एजीएम होनी चाहिए. हम 30 सितंबर तक एजीएम आयोजित कर लेंगे और अगले दो दिनों में इसकी तारीख, समय और स्थानकी जानकारी दी जाएगी. बीसीसीआई अध्यक्ष था बनाया गयाबिन्नी के पद छोड़ने के बाद ऐसी चर्चा थी कि उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार हैं. सूत्रों ने कहा कि शुक्ला अंतरिम अध्यक्षके तौर पर पद संभाल सकते हैं, लेकिन एजीएम के दौरान बीसीसीआई के पूर्णकालिक अध्यक्ष पद के लिए खड़े हो सकते हैं. हालांकि, शुक्ला ने इनरिपोर्ट्स का खंडन किया है. बिन्नी को अक्तूबर 2022 में बीसीसीआई अध्यक्ष बनाया गया था उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की जगह लीथी गांगुली ने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था. तब बिन्नी शीर्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे. इससेपहले खबरें आई थी कि बिन्नी सितंबर में होने वाली बीसीसीआई की एजीएम तक पद पर बने रहेंगे, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही पद छोड़ दिया. पहले ही छोड़ा पदबिन्नी के पद छोड़ने के बाद ऐसी चर्चा थी कि उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार हैं. सूत्रों ने कहा कि शुक्ला अंतरिम अध्यक्षके तौर पर पद संभाल सकते हैं, लेकिन एजीएम के दौरान बीसीसीआई के पूर्णकालिक अध्यक्ष पद के लिए खड़े हो सकते हैं। हालांकि, शुक्ला ने इनरिपोर्ट्स का खंडन किया है. बिन्नी को अक्तूबर 2022 में बीसीसीआई अध्यक्ष बनाया गया था उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की जगह लीथी गांगुली ने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था. तब बिन्नी शीर्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे. इससेपहले खबरें आई थी कि बिन्नी सितंबर में होने वाली बीसीसीआई की एजीएम तक पद पर बने रहेंगे, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही पद छोड़ दिया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण जनता सेवा के लिए 250 नई बसों का शुभारंभ किया, सड़क सुरक्षा पर जताई विशेष चिंता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित परिवहन विभाग के कार्यक्रम में पहुंचे. इस मंच से उन्होंने प्रदेश कोग्रामीण जनता सेवा का तोहफा दिया. इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेशभर में 250 बसें संचालित की जाएंगी प्रत्येक डिपो की 10% फ्लीट जनतासेवा की होगी. ये बसें 75-80 किमी दूरी के दायरे में आने वाले गांवों तक चलेंगी. इसका किराया 20 प्रतिशत तक कम होगा. सीएम आरटीओकार्यालय से जुड़े 48 कामों के आवेदन के लिए डेढ़ लाख जन सुविधा केंद्रों सहित कई श्रेणियों में बसों की भी सौगात दी. इस मौके पर सीएम ने परिवहन मंत्री की चुटकी लेते हुए कहा कि आज मंत्री जी जल्दी आ गए, हम तो सोचे थे कि 12 बजे तक आएंगे। लेकिन, आजपहले आ गए यह प्रमाण है कि परिवहन बदल रहा है परिवहन विभाग चुनौतियों से जूझने के लिए तैयार है फाइल लटकाने की आदत खत्म करनीहोगी. समय की प्रतिबद्धता तय करनी होगी. कुंभ और कोरोना के दौरान परिवहन विभाग ने करके दिखाया है. उस वक्त यूपी वासियों को उनके गांवतक पहुंचाया उत्तराखंड के प्रवासी को भी पहुंचाया. चालक-परिचालकों ने सफलता पूर्वक पहुंचाया महाकुंभ में भी परिवहन विभाग ने 45 दिन मेंतमाम लोगों की सेवा की उन्हें पुण्य कमाने में मदद की रेलवे स्टेशन से लोगों को बाहर पहुंचने में मदद की परिवहन विभाग हमेशा प्रदेश के अंदर समयका साथी है. मददगार होगा साबितमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है आज कई नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं कामन सर्विस सेंटर पर लोग परिवहनकी सेवा ले सकेंगे. आईआईटी, खड़गपुर के साथ MOU होना तकनीकी रूप से समृद्ध करेगा. 149 यात्री के लिए अहम है यह मददगार साबित होगा. आज सात बस स्टेशन का शिलान्यास हो रहा है. 54 अन्य वर्ड क्लास स्टेशन बनेंगे. सीएम ने कहा कि बेहतरी के लिए तैयार रहना होगा सड़क सुरक्षाचुनौती है. यह हमारी ही जिम्मेदारी है इसके लिए कोरोना की तरह ही लोगों को जागरूक करना होगा। क्योंकि, सड़क हादसों में लगातार मौतों हो रहीहैं अब हमें उसे न्यूनतम स्तर पर लाना है. यदि परिवहन निगम की लापरवाही से जनहानि होती है तो आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की क्षति होतीहै. लोगों की बचाई जा सके जानड्राइवर का हर तीन माह में मेडिकल फिटनेस होना चाहिए ये सुनिश्चित करें कि चालक अंदाजे से न चलें. क्योंकि, बस में बैठे व्यक्ति की हमारीजिम्मेदारी है इसके लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें तत्परता दिखाएं. विभिन्न संस्थाओं को साथ जोड़ें स्कूल कॉलेज में जागरूक करें बताएं किहेलमेट से कैसे बचा सकता है. शराब कैसे जनहानि पहुंचा सकती है ये सारी बातें लोगों को बताएं. ताकि लोगों की जान बचाई जा सके. मुख्यमत्री नेअपने संबोधन में आगे कहा कि ‘नो हेलमेट… नो फ्यूल’ अभियान अच्छा है इस तरह छोटे-छोटे प्रयासों की जरूरत है सड़क सुरक्षा के लक्ष्य के लिएसभी को साथ लगना होगा. यूपी पुलिस को भी कहा है. उन्होंने एप विकसित किया है काम किया तो परिणाम निकले हैं. जहां 18 दुर्घटनाएं होती थीं, वह तीन पर आ गई हैं. इस तरह के प्रयोग करना होगा.