10 साल की देरी के बाद बारापुला फेज-3 को मिली हरी झंडी, अब दिल्ली को मिलेगा सिग्नल फ्री कॉरिडोर

एक दशक से अटका बारापुला फेज-तीन कॉरिडोर का काम आखिरकार अब पूरा होगा केंद्रीय सशक्त समिति (सीइसी) ने परियोजना के लिए पेड़ों कोकाटने और प्रत्यारोपण की मंजूरी दे दी है इसके बाद 333 पेड़ों में से 85 पेड़े काटे जाएंगे और बाकी का प्रत्यारोपण होगा लोक निर्माण विभाग(पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने घोषणा की कि अगले एक साल में यह कॉरिडोर पूरा कर जनता के लिए खोल दिया जाएगा. इससे पूर्वीदिल्ली के मयूर विहार फेज-एक से दक्षिणी दिल्ली के आईएनए तक का सफर सिग्नल फ्री हो जाएगा. बारापुला कॉरिडोर के फेज-1 और फेज-2 पहले ही पूरे हो चुके हैं। तीसरे चरण में सराय काले खां को मयूर विहार फेज-1 से जोड़ने की योजना 2014 में मंजूर हुई थी और अप्रैल 2015 मेंनिर्माण कार्य शुरू हुआ पर्यावरण संबंधी अड़चनों और पेड़ों की कटाई-स्थानांतरण के लिए अनुमति न मिलने से यह परियोजना लगभग दस साल से ठपपड़ा था अब सीईसी की मंजूरी के बाद इस पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा परियोजना की लागत भी समय के साथ बढ़ी है. 111 को रखा जाएगा सुरक्षितशुरुआती अनुमान 964 करोड़ रुपये का था, लेकिन अब यह बढ़कर करीब 1330 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है,करीब 3.5 किलोमीटर लंबे इसएलिवेटेड कॉरिडोर को पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ डिजाइन किया गया है यमुना के सक्रिय प्रवाह क्षेत्र में कम से कम पिलर लगाने के लिए पियर-सपोर्टेड संरचना और एक्स्ट्राडोब्रिज तकनीक का इस्तेमाल किया गया है कॉरिडोर में दोनों ओर तीन-तीन लेन होंगी साथ ही आठ लूप बनाए जा रहे हैं, जिनमें चार सराय काले खां और चार मयूर विहार पर होंगे. इसके अलावा पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए अलग ट्रैक और फुटपाथ बनाएजाएंगे.सीईसी के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी और वन विभाग ने संयुक्त सर्वे कर पेड़ों का मूल्यांकन किया इसमें पेड़ों की संख्या, प्रजाति और स्थान का ब्योरा लियागया. रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल फॉरेस्ट डिवीजन में कुल 155 पेड़ हैं। इनमें से 10 पेड़ों को काटना होगा, 34 का प्रत्यारोपण किया जाएगा और 111 को सुरक्षित रखा जाएगा. बाढ़ सुरक्षा भी करेगा सुनिश्चितवहीं साउथ फॉरेस्ट डिवीजन में कुल 178 पेड़ हैं। इनमें से 75 को काटना पड़ेगा, 53 का प्रत्यारोपण होगा और 50 को बचाया जाएगा. कुल 333 पेड़ों में से 85 काटे जाएंगे, 87 का प्रत्यारोपण होगा और 161 को संरक्षित रखा जाएगा कई पेड़ों को सिर्फ हल्की छंटाई या ट्रिमिंग की जरूरत होगी. यह कॉरिडोर एनएच-24, डीएनडी फ्लाई-वे और रिंग रोड पर यातायात का दबाव घटाने में अहम भूमिका निभाएगा. साथ ही यह बहु-मॉडल ट्रांजिट हबजिसमें एनसीआरटीसी, रेलवे, आईएसबीटी, मेट्रो और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे शामिल है तक सीधी और सुगम पहुंच सुनिश्चित करेगा. अनुमान है किइसके शुरू होने के बाद दिल्ली में प्रतिदिन करीब 2 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा, जो लगभग 30 हजार पेड़ों के बराबर है.पेड़ों को बचाने के लिए डिजाइन में बदलाव किए गए, पिलर की स्थिति बदली गई और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया अपनाई गई. सीईसी और वन विभागका आभार व्यक्त करता हूं अगले एक साल में यह कॉरिडोर तैयार कर दिया जाएगा। यह दिल्लीवासियों को जाम से राहत देने के साथ यमुना के बाढ़क्षेत्र की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा.
धनखड़ के इस्तीफे के बाद पहली बार उपराष्ट्रपति चुनाव, कांग्रेस ने कसा तंज “कांग्रेस ने कसा तंज”

मंगलवार को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान जारी है। इस बीच कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की चुप्पी पर सवालउठाए. कांग्रेस ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति ने बीते 50 दिनों से असामान्य चुप्पी साधी हुई है और देश उनके बोलने का इंतजार कर रहा है। बीती जुलाईमें जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद ही आज फिर से उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. मंगलवार को हो रहे उपराष्ट्रपति चुनाव मेंएनडीए के सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्ष के बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है इस चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को स्पष्ट बढ़तहासिल है. असामान्य चुप्पी साध रखीकांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में धनखड़ की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए लिखा, ‘पिछले 50 दिनों सेधनखड़ ने असामान्य चुप्पी साध रखी है आज जब उनके उत्तराधिकारी के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रही है तो देश उनके अभूतपूर्व और अप्रत्याशितइस्तीफे के बाद उनके बयान का इंतजार कर रहा है. मोदी सरकार द्वारा किसानों की घोर उपेक्षा और सत्ता में बैठे लोगों के अहंकार से पैदा खतरों आदिपर अपनी चिंता व्यक्त करने के बाद धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. उपराष्ट्रपति पद से दे दिया था इस्तीफाकांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी जगदीप धनखड़ की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, ‘उपराष्ट्रपति चुनाव क्यों हो रहे हैं? पूर्व उपराष्ट्रपतिजगदीप धनखड़ कहां हैं? एनडीए को चुनावों में अपना बहुमत साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी, क्योंकि भारतीय गठबंधन के उपराष्ट्रपतिपद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी बहुत मजबूत हैं मुझे उम्मीद है कि नतीजे हमारे पक्ष में होंगे. जयराम रमेश ने लिखा कि ‘मोदी सरकार द्वारा किसानोंकी घोर उपेक्षा और सत्ता में बैठे लोगों के अहंकार से पैदा खतरों आदि पर अपनी चिंता व्यक्त करने के बाद धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देदिया था.
प्रधानमंत्री मोदी का हिमाचल दौरा आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण, केंद्र से राहत पैकेज की उम्मीद

प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश का दर्द बांटने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षणकरने के साथ ही पीएम कांगड़ा में सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. पीएम मोदी के इस दौरे से प्रदेश को केंद्र से राहतपैकेज मिलने की उम्मीद बंधी है प्रधानमंत्री के दौरे पर पूरे हिमाचल की निगाहें हैं. कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी विशेष विमान से दोपहर 1:20 बजे गगल एयरपोर्ट पहुंचेंगे करीब डेढ़ बजे एयरपोर्ट पर ही प्रधानमंत्री सीएम सुक्खू समेत अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और राज्य में हुए नुकसानकी समीक्षा करेंगे. दोपहर 2:15 बजे तक मीटिंग चलेगी उसके बाद पीएम आपदा प्रभावित चंबा, मंडी और कुल्लू का हवाई निरीक्षण करेंगे. बतायाजा रहा है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक में 20 के करीब लोगों को शामिल होने की अनुमति रहेगी. वास्तविक स्थित का लगेगा पतापीएम के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. पुलिस के करीब 400 जवान सुरक्षा के लिए जगह-जगह तैनात रहेंगे. ड्रोन से भी पूरे इलाके परनजर रखी जाएगी. पीएम के दौरे के मद्देनजर दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक कांगड़ा जिला नो फ्लाई जोन रहेगा. इस दौरान किसी भी तरह की हवाईउड़ान व पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा एसपीजी ने सोमवार को दिनभर एयरपोर्ट पर सुरक्षा इंतजाम जांचे पीएम के दौरे सेपहले सोमवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर धर्मशाला पहुंच चुके हैं. मुख्यमंत्रीसुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को भारी बारिश से 5,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष राहत पैकेजकी मांग की जाएगी, ताकि आपदा प्रभावितों को समय पर राहत दी जा सके। प्रधानमंत्री के हिमाचल दौरे से बहुत आशाएं हैं। मंगलवार को पीएमजब स्थिति का जायजा लेंगे, तो उन्हें वास्तविक स्थिति का पता लगेगा. छूट देने का किया आग्रहप्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू मंगलवार सुबह शिमला से धर्मशाला रवाना होंगे. सोमवार को शिमला में सुक्खू ने कहा किहिमाचल में आपदा से कई लोग भूमिहीन हुए हैं, ऐसे लोगों को मकान बनाने के लिए एक बीघा जमीन देने के लिए फॉरेस्ट राइट एक्ट में छूट देने काआग्रह किया जाएगा. इन सब मांगों को लेकर राज्य सरकार ने एक मेमोरेंडम भी तैयार किया है मैदानी राज्यों के नियम हिल स्टेट पर लागू नहीं होनेचाहिए मैदानी इलाकों में एक किमी सड़क बनाने को 75 हजार मिलते हैं हिमाचल में 75 हजार में 10 मीटर सड़क भी नहीं बनती. इन नियमों को भीबदलने की मांग की जाएगी.वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ट्वीट कर लिखा कि ‘आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल की धरती पर आपदा से हुई बर्बादी का जायजा लेनेआ रहे हैं उनका हिमाचल की इस पावन धरती पर हार्दिक स्वागत है. प्रधानमंत्री देश के लिए अभिभावक के समान होते हैं हमारी सुंदर धरती आजभयंकर पीड़ा से गुजर रही है-घर उजड़ गए हैं, अपनों को खोने का’
भाजपा पर सौरभ भारद्वाज का बड़ा हमला

बंगाली समाज की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है भाजपाआम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता की और भारतीय जनता पार्टी व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि भाजपा चुनावी राजनीति के लिए हिंदू समाज और खासकर बंगाली समाज की आस्था का इस्तेमाल कर रही है। दुर्गा पूजा पर विवाद क्यों खड़ा हुआदिल्ली में हर साल दुर्गा पूजा बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। चितरंजन पार्क, द्वारका, रोहिणी, ग्रेटर कैलाश जैसे इलाकों में विशाल पंडाल सजते हैंऔर लाखों लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। इन आयोजनों का बजट लाखों-करोड़ों रुपए तक होता है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दुर्गा पूजा समितियों को आयोजन के लिए कई सरकारी विभागों से अनुमति लेनी पड़ती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नेसमितियों से मीटिंग करके वादा किया था कि इस बार सिंगल विंडो सिस्टम बनेगा और समितियों को किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट – समितियां अब भी इधर-उधर भटक रही हैं और सहयोग नहीं मिल पा रहा। इसी बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नेआदेश दिया कि दुर्गा प्रतिमा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाई जाए। इसी पर सबसे ज्यादा विवाद खड़ा हुआ। मां दुर्गा के साथ प्रधानमंत्री की फोटो लगाना गलतसौरभ भारद्वाज ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री नहीं हैं। उनसे पहले भी कई प्रधानमंत्री हुए, लेकिन आज तक किसीभी मुख्यमंत्री ने ऐसा आदेश नहीं दिया कि दुर्गा पूजा या किसी धार्मिक आयोजन में प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाई जाए। यह परंपरा और आस्था दोनोंका अपमान है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति से होता है, इसमें किसी नेता की तस्वीर लगाने की मजबूरी बिल्कुल गलत है। 1200 यूनिट बिजली बनाम करोड़ों का आयोजनसौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने दुर्गा पूजा समितियों को सहयोग देने के नाम पर 1200 यूनिट मुफ्त बिजली देनेका ऐलान किया है। उन्होंने कहा जो समितियां 50 लाख से 1 करोड़ तक खर्च करके पूजा का आयोजन करती हैं, क्या वे 1200 यूनिट बिजली काखर्चा नहीं उठा सकतीं? बंगाली समाज की आस्था इतनी सस्ती नहीं कि 1200 यूनिट बिजली में बिक जाए। रामलीला भूमि पूजन पर भी सवालभारद्वाज ने यह भी कहा कि भाजपा सिर्फ दुर्गा पूजा ही नहीं, बल्कि रामलीला को भी राजनीति से जोड़ रही है। इस बार रामलीला के भूमि पूजन परजबरन प्रधानमंत्री मोदी जी के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण करवाया गया। उन्होंने कहा यह साफ दिखाता है कि भाजपा अब धार्मिक आयोजनोंको अपनी राजनीति का साधन बना रही है। लोग अब मोदी जी की मन की बात सुनना नहीं चाहते, तभी इसे ऐसे आयोजनों में जबरदस्ती शामिलकिया जा रहा है। बंगाली समाज में नाराजगी बढ़ीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने कई दुर्गा पूजा समितियों और बंगाली समाज के लोगों से बात की है। सभी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेश परनाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी बंगाली समाज आपकी इस जबरदस्ती को कभी स्वीकार नहीं करेगा। मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ प्रधानमंत्रीकी फोटो लगाकर पूजा नहीं होगी। यह तुगलकी फरमान बंगाली समाज को मंजूर नहीं है। दुर्गा पूजा खुद ही सेवा का प्रतीक हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी घोषणा की थी कि मोदी जी के जन्मदिन (17 सितम्बर) से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा और इसे दुर्गापूजा से जोड़ा जाएगा। इस पर भारद्वाज ने कहा दुर्गा पूजा अपने आप में सेवा का पर्व है। यहां सुबह से शाम तक प्रसाद बांटा जाता है, हजारों लोगोंकी सेवा होती है। इसे किसी नेता के जन्मदिन से जोड़ना गलत है। बंगाली समाज पहले से ही सेवा करता है, उसे भाजपा से सेवा का पाठ पढ़ने कीजरूरत नहीं है। भाजपा को दिया सुझावसौरभ भारद्वाज ने भाजपा को खुली सलाह दी अगर भाजपा को प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन पर सेवा करनी है तो उनके कार्यकर्ता अपनी पार्टी का पटकापहनकर सड़कों पर उतरे, लोगों की मदद करें, गरीबों की सेवा करें, सोशल मीडिया पर वीडियो-पोस्ट करें। लेकिन धार्मिक आयोजनों में लोगों कीआस्था से खिलवाड़ न करें।प्रेस वार्ता के दौरान सौरभ भारद्वाज ने साफ कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक दुकान चलाने के लिए हिंदुओं और खासकर बंगाली समाज की आस्थाका इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे राजनीतिक प्रचार का साधन बनाया जाए।
जनता की आवाज़ दबाने की साज़िश – संजय सिंह का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जम्मू-कश्मीर में पार्टी विधायक महराज मालिक की गिरफ्तारी पर मोदी सरकार और बीजेपी परकड़ा वार किया। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी सिर्फ एक विधायक की नहीं है, बल्कि जनता की आवाज़ को दबाने की साज़िश है। भाजपा और मोदी सरकार पर गंभीर आरोपसंजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की पुलिस, उनकी ईडी, सीबीआई और तमाम जांच एजेंसियां सिर्फ एक ही मकसद से कामकर रही हैं जहां भी आम आदमी पार्टी दिखाई दे, उसे खत्म करने की कोशिश करो। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के इशारे पर काम करनेवाली पुलिस और एजेंसियां विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए लगातार गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। अस्पताल मांगने पर गिरफ्तारीउन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में आम आदमी पार्टी के विधायक महराज मालिक अपने इलाके में अस्पताल और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहेथे। यह उनकी जिम्मेदारी थी कि जनता की परेशानी विधानसभा तक पहुंचाई जाए। लेकिन मोदी सरकार को यह आवाज़ इतनी नागवार गुज़री कि उन्हेंगिरफ्तार कर लिया गया। संजय सिंह ने कहा क्या अस्पताल की मांग करना गुनाह है? क्या जनता के हक की लड़ाई लड़ना अपराध है? आतंकवादियों वाली धारा लगाई गईसंजय सिंह ने कहा कि सिर्फ गिरफ्तार करना ही काफी नहीं था। महराज मालिक पर PSA यानी पब्लिक सेफ्टी एक्ट लगाया गया। यह वही धारा हैजो आतंकवादियों पर लगाई जाती है और जिसमें जमानत मिलना बेहद मुश्किल है। उन्होंने सवाल उठाया क्या महराज मालिक आतंकवादी हैं? वे तोअपने इलाके के लिए अस्पताल मांग रहे थे। फिर उनके खिलाफ PSA क्यों लगाया गया? उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी विधायक याजनप्रतिनिधि पर PSA नहीं लगाया गया, लेकिन मोदी सरकार ने लोकतंत्र की सारी परंपराएं तोड़ दीं। मोदी सरकार से सीधे सवालसंजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा मोदी जी, आपके मन में आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं के लिए इतनी नफरत क्योंहै? क्या कोई विधायक स्कूल और अस्पताल की मांग भी नहीं कर सकता? अगर कोई जनता की आवाज़ उठाएगा तो क्या आप उसे जेल में डालदेंगे? जम्मू–कश्मीर में विरोध की लहरउन्होंने बताया कि महराज मालिक की गिरफ्तारी के खिलाफ पूरे जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता नेजोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लोग सड़कों पर उतर आए और गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताया। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टीके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे जनता की आवाज़ दबाने की साज़िश करार दिया। विधानसभा की अनदेखीसंजय सिंह ने कहा कि किसी भी विधायक को गिरफ्तार करने से पहले विधानसभा के स्पीकर से अनुमति लेना जरूरी होता है। लेकिन महराज मालिककी गिरफ्तारी में यह नियम भी नहीं माना गया। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर ने खुद कहा कि उनसे कोई अनुमति नहीं लीगई। संजय सिंह ने सवाल उठाया अगर चुनी हुई विधानसभा के स्पीकर को ही दरकिनार कर दिया गया, तो क्या वहां विधानसभा है भी या नहीं? लोकतंत्र और संविधान पर हमलासंजय सिंह ने कहा कि महराज मालिक पर PSA लगाना सिर्फ एक व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है।उन्होंने कहा कि भाजपा और मोदी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वे जनता की आवाज़ सहन नहीं कर सकते। सड़क से संसद और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाईसंजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने ऐलान किया आज हमने पूरे जम्मू-कश्मीर में आंदोलन कियाहै। आगे भी यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी। AAP को दबाना आसान नहींअंत में संजय सिंह ने साफ कहा कि भाजपा और मोदी सरकार आम आदमी पार्टी को जितना दबाने की कोशिश करेगी, AAP उतनी ही तेजी से आगेबढ़ेगी। उन्होंने कहा आम आदमी पार्टी जनता के हक की लड़ाई लड़ रही है। इसे खत्म करने की हर कोशिश नाकाम होगी, क्योंकि जनता के बीचAAP और मजबूत होकर उभरेगी।
संजीव झा ने उठाई आवाज़ – गांव वालों के लिए UER 2 टोल फ्री करने की मांग

UER 2 पर टोल बना गांव वालों की समस्यादिल्ली के बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ग्रामीणों और किसानों की आवाज़ बुलंद की। उन्होंनेकहा कि हाल ही में UER 2 (Urban Extension Road 2) बनाया गया है, लेकिन इस पर बहुत महंगा टोल लगा दिया गया है। यह टोल सीधेतौर पर गांव वालों और किसानों के लिए एक बड़ा बोझ बन गया है।किसानों की जमीन पर बनी सड़क, फिर भी देना पड़ रहा टोलसंजीव झा ने बताया कि इस सड़क का निर्माण उन्हीं किसानों की जमीन पर किया गया है, जिनकी ज़मीन सरकार ने पहले ही अधिग्रहित कर ली थी।अब वही किसान और ग्रामीण अगर अपने ही इलाके के एक गांव से दूसरे गांव जाना चाहें, तो उन्हें टोल चुकाना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया – “कोई अपनी ही जमीन पर बनी सड़क का टोल क्यों दे?” लगातार धरने पर बैठे गांव वालेसंजीव झा ने कहा कि गांव वाले पिछले कई महीनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी साफ मांग है कि UER 2 टोल के आसपास बसे सभी गांवों को टोलसे मुक्त किया जाए। लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक न तो केंद्र सरकार और न ही दिल्ली सरकार का कोई जिम्मेदार अधिकारी या नेता उनसेमिलने आया है।नेताओं का अहंकार और गांव वालों की अनदेखीविधायक ने तंज कसते हुए कहा कि यही गांव वाले वोट डालकर नेताओं को चुनते हैं। लेकिन सत्ता में आने के बाद नेताओं का अहंकार इतना बढ़ गयाहै कि वे उन्हीं लोगों की आवाज़ सुनना भी जरूरी नहीं समझते। उन्होंने कहा कि गांव की अपनी छोटी-छोटी सड़कों पर अब लंबा जाम लगने लगा हैऔर मुख्य सड़कें भी खराब हो रही हैं। ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। टोल से बढ़ रही दिक्कतेंसंजीव झा ने कहा कि गांव वालों की यह मांग पूरी तरह से जायज है। अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो लोग मजबूरी में वैकल्पिक रास्तों काइस्तेमाल करेंगे। इससे गांव की छोटी सड़कें और ज्यादा खराब हो जाएंगी और ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाएगी। सरकार के वादे और हकीकतविधायक ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किसानों और गांव वालों को कई बार आश्वासन जरूर दिया गया है, लेकिन धरने पर बैठे महीनों गुजरगए और अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और किसानों के साथ अन्यायपूर्ण है। संजीव झा की अपीलअंत में संजीव झा ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह अपने अहंकार को छोड़कर गांव वालों की आवाज़ सुने। उन्होंने कहा –“UER 2 टोल केआसपास बसे गांवों के लिए टोल फ्री किया जाना चाहिए। यह लोगों का हक है। जिनकी जमीन पर सड़क बनी है, उन्हीं को टोल देना पड़े – यहकिसी भी हाल में न्यायसंगत नहीं है।”