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रवि शंकर प्रसाद की टिप्पणी – बिहार में कानून और व्यवस्था पर गंभीर सवाल

आज कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय किए हैं। यह फैसला बिहार की राजनीति और प्रशासनिकव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। रवि शंकर प्रसाद ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह घटनाक्रम बिहार में कानून और न्याय की स्थितिपर गंभीर सवाल उठाता है। आरोपों की गंभीरतारवि शंकर प्रसाद ने बताया कि आरोप बहुत गंभीर हैं। इनमें शामिल हैं सरकारी संपत्ति के आवंटन में भ्रष्टाचार, सरकारी निर्णय प्रक्रिया में गड़बड़ी औरआपसी साजिश। इसके अलावा, अदालत ने 420 का आरोप भी तय किया है। 420 का मतलब है धोखाधड़ी, जिसकी सजा भारतीय कानून के तहतसात साल तक की हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि बिहार में जनता और सरकारी संपत्ति के बीच भरोसा कमजोर हुआ है। भ्रष्टाचारऔर धोखाधड़ी से जनता का विश्वास खतरे में है और इसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है। बिहार की राजनीति और प्रशासन की चुनौतीरवि शंकर प्रसाद ने इस अवसर पर कहा कि बिहार की राजनीति और प्रशासन के लिए यह समय सोचने और सुधार करने का है। जनता के बीच यहसंदेश जाना चाहिए कि कोई भी सरकारी पद का दुरुपयोग नहीं कर सकता। प्रशासन को निष्पक्ष रहकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भ्रष्टाचार औरधोखाधड़ी के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मामले बिहार के विकास और जनता की भलाई के लिए बहुत हीनकारात्मक हैं। जब नेता और जिम्मेदार लोग ही कानून का पालन नहीं करते, तो आमजन के लिए विश्वास बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। जनता के लिए संदेशरवि शंकर प्रसाद ने जनता से अपील की कि वे इस मामले पर सतर्क रहें और अपनी जागरूकता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझनाहोगा कि सरकारी पदों का दुरुपयोग सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज और राज्य के विकास में बाधा डालता है। उन्होंने स्पष्ट किया किअगर बिहार को आगे बढ़ाना है, तो सभी को मिलकर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठानी होगी। इस मामले में अदालत का फैसलाएक उदाहरण है कि कानून सबके लिए समान है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा संकट – बसुरी स्वराज

पश्चिम बंगाल के एक निजी मेडिकल कॉलेज में दलित छात्रा के साथ हाल ही में हुई घिनौनी वारदात ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया है। छात्रा केसाथ गैंगरेप की यह घटना राज्य में कानून और व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है। राज्य की मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ममता बनर्जी कीजिम्मेदारी है कि वे अपने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। लेकिन इस गंभीर घटना के बाद उनका बयान बेहद विवादित रहा। उन्होंने कहाकि महिलाओं को देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए। इस बयान ने न केवल पीड़िता को अपमानित किया, बल्कि यह दर्शाता है कि राज्य सरकार कीसंवेदनहीनता और महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान न देने की प्रवृत्ति कितनी गंभीर है। दुर्गापुर की घटना और प्रशासन की नाकामीहाल ही में दुर्गापुर में हुई निर्मम घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। राज्य की नीतियाँ और प्रशासनिकसंवेदनहीनता आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, को भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर कर रही हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि ममता बनर्जीने हमेशा माँ, माटी और मानुष का नारा लगाया है। लेकिन उनके कुशासन के कारण आज माँ शर्मिंदा, माटी लहूलुहान और मानुष बेहाल है। राज्य मेंकानून और सुरक्षा की प्रणाली महिलाओं को आश्वस्त नहीं कर पा रही है। तृणमूल कांग्रेस और महिलाओं के प्रति रवैयातृणमूल कांग्रेस का रवैया लगातार पिछड़ी सोच का प्रतीक बनता जा रहा है। ममता बनर्जी ने पहले भी कई गंभीर मामलों में महिलाओं के साथ हुएअत्याचार को सामान्य या झूठा साबित करने की कोशिश की है। पार्क स्ट्रीट गैंगरेप मामले में उन्होंने पीड़िता पर शक जताया और इसे झूठा बताने की कोशिश की। 2022 में एक 14 वर्षीय बच्ची के साथ हुए अत्याचार को उन्होंने गलत प्रेम संबंध कहकर मामूली कर दिया। संडेखली की घटना में जबउनके नेताओं ने कई महिलाओं पर हमला किया, तब भी उन्होंने इसे नकारते हुए कहा कि कुछ नहीं हुआ। यह सभी उदाहरण यह स्पष्ट करते हैं कि राज्यसरकार और तृणमूल कांग्रेस की नीतियाँ महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनहीन हैं। समाज और सरकार की जिम्मेदारीअब समय है कि समाज और सरकार मिलकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। महिलाओं को डर और असुरक्षा के माहौल में जीने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार को अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा और ऐसे मामलों में त्वरित और कड़ा कदम उठाना होगा।सुरक्षा, सम्मान औरन्याय केवल कानून का सवाल नहीं है, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना और उनके अधिकारों कीरक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

आनंदु अजी की त्रासदी समाज को सच सुनाना जरूरी – पवन खेड़ा

केरल में 26 साल के इंजीनियर आनंदु अजी ने हाल ही में आत्महत्या कर ली। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत दुख है, बल्कि पूरे समाज के लिएचेतावनी भी है। AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि आनंदु की कहानी एक त्रासदी है और उनकी आखिरी पोस्टसमाज को सुनाना बहुत जरूरी है। आनंदु ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपने दर्द को स्पष्ट रूप से बयां किया था। पवन खेड़ा ने कहा कि यह आखिरीपोस्ट आनंदु की आखिरी चीख है, और इसे अनसुना करना समाज के लिए पाप के समान होगा। मासूम बच्चों के साथ हो रहे अत्याचार का सचपवन खेड़ा ने बताया कि आनंदु की कहानी केवल उनकी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि RSS की शाखाओं में कई मासूम बच्चों के साथ यौनउत्पीड़न हो रहा है। एक उदाहरण उन्होंने साझा किया कि एक चार साल के बच्चे के पिता ने भरोसा कर उसे RSS की शाखा में भेजा ताकि वह कुछअच्छा सीखे, लेकिन वहां उसके साथ गलत काम हुआ। यह बहुत ही दर्दनाक है और समाज को इस पर ध्यान देना चाहिए। आनंदु ने बताया किRSS के प्रशिक्षण कैंप्स में अनेक बच्चों के साथ अत्याचार और यौन उत्पीड़न हो रहा है। RSS का पर्दे के पीछे का सचपवन खेड़ा ने कहा कि RSS खुद को समाज सुधारने वाला संगठन दिखाता है, लेकिन असलियत कुछ और ही है। यह संगठन न तो पंजीकृत है और नही इसके पास सदस्यता रजिस्टर का कोई रिकॉर्ड है। ऐसे में जब आनंदु जैसे उदाहरण सामने आते हैं, तो पता चलता है कि पर्दे के पीछे RSS काअसली चेहरा सड़ा हुआ और खतरनाक है। पवन खेड़ा ने कहा कि समाज को जागरूक करना अब हमारी जिम्मेदारी है, ताकि बच्चों के साथ होने वालेअत्याचार को रोका जा सके। आनंदु की आखिरी पोस्ट और दर्दनाक सचपवन खेड़ा ने बताया कि आनंदु ने अपनी सुसाइड पोस्ट में कई बार RSS का नाम लिखा, लेकिन FIR में इसका नाम तक नहीं लिया गया। आनंदु नेअपने बचपन से 22 साल तक उस दर्द और अत्याचार से लड़ाई लड़ी, लेकिन अंत में हार मान ली और जान दे दी। उन्होंने अपनी मां और बहन से माफीमांगी और लिखा कि उनका सबसे प्यारा रिश्ता मां और बहन के साथ था। पवन खेड़ा ने कहा कि इस संगठन में भेड़ की खाल में भेड़िए छिपे हुए हैं।100 साल मनाए जा रहे हैं, सिक्का जारी किया जा रहा है, डाक टिकट जारी हो रहा है, लेकिन अंदर कुछ और ही चल रहा है। समाज को जागरूक करने की आवश्यकतापवन खेड़ा ने साझा किया कि जब वे छोटे थे, तो उनकी दादी कहती थी कि मोहल्ले के पार्क में मत जाना, वहां RSS की शाखा लगती है। अब उन्हेंसमझ में आया कि वहां बच्चों के साथ क्या होता था। पवन खेड़ा ने कहा कि अगर हम आनंदु अजी और ऐसे लाखों बच्चों को न्याय दिलाना चाहते हैं, तो हमें इस संगठन को सार्वजनिक रूप से उजागर करना होगा। समाज और सरकार दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करें कि बच्चों के साथ होने वालेअत्याचार को कोई नजरअंदाज न करे। RSS की जांच और कड़ी सजा की मांगपवन खेड़ा ने जोर देकर कहा कि RSS की पूरी जांच होनी चाहिए और आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। इससे समाज में यह संदेश जाएगाकि ऐसे संगठन और उनके नेता बच्चों के साथ होने वाले अत्याचार के लिए बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई में हर नागरिक औरसंस्था का सहयोग जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी बच्चा ऐसे अपराधों का शिकार न बने।

दिल्ली को ड्रग फ्री बनाने का संकल्प – समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज

दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने नशामुक्ति अभियान की समीक्षा औररणनीति के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया और मंत्री ने सभी को निर्देश दिए कि नशे सेप्रभावित क्षेत्रों को जल्द से जल्द नशामुक्त बनाया जाए। रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि नशामुक्त किए गए पॉकेट्स और क्लस्टर्स पूरे दिल्ली के लिएउदाहरण बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद समय-समय पर इन क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे ताकि अभियान सही दिशा में आगे बढ़े। नशा मुक्त पॉकेट्स और क्लस्टर्स के लिए विशेष अभियानमंत्री रविन्द्र इन्द्राज ने दिल्ली पुलिस और ड्रग्स कंट्रोल विभाग को निर्देश दिए कि वे अन्य विभागों के सहयोग से नशे से प्रभावित क्षेत्रों में विशेषअभियान चलाएँ। उन्होंने कहा कि पुलिस नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बीट अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें और चयनित डार्क स्पॉट्स की सूची साझाकरके सघन निगरानी करें। मंत्री ने यह भी कहा कि समाज कल्याण विभाग को जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे। इसके लिए पुलिस-प्रशासन, वॉलंटियर्स और एनजीओ के सहयोग से युवाओं और किशोरों को नशे से दूर रखने के प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को नशामुक्त रखने में यूथ आइकनऔर अभिभावकों का सहयोग बेहद जरूरी है। स्कूल और कॉलेज परिसरों में नशा रोकथामरविन्द्र इन्द्राज ने शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूल और कॉलेज परिसरों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू और नशीले उत्पादोंकी बिक्री पर रोक लगाई जाए और सख्त निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान अपने परिसरों में नशा मुक्ति क्लब बनाएं और ड्रग फ्रीकैंपस घोषित करें। मंत्री ने जोर देकर कहा कि छात्रों को नशे से बचाना और जागरूक करना परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। ड्रग फ्री दिल्ली और भारत के लक्ष्य को साकार करने के निर्देशसमाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे नशामुक्त भारत अभियान के तहत दिल्ली को नशामुक्त बनाने औरपुनर्वास सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में विकसित दिल्ली संकल्प को पूरा करने के लिए नशा मुक्त अभियान सरकार कीप्राथमिकता है। मंत्री ने मेडिकल स्टोर्स और अन्य दुकानों पर नशीले उत्पादों की बिक्री की सख्त निगरानी करने और पार्क और सार्वजनिक स्थलों में नशेके दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश भी दिए। सभी विभागों ने दी अभियान की जानकारीबैठक में डीएम, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर और समाज कल्याण विभाग केअधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में अभियान की प्रगति और गतिविधियों के बारे में मंत्री को जानकारी दी। रविन्द्र इन्द्राज ने सभीविभागों को निर्देश दिए कि वे मिलकर काम करें और दिल्ली को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि नशामुक्त अभियान केवलकानून या कार्रवाई से नहीं, बल्कि जागरूकता और समाज के सहयोग से सफल होगा।

कन्नन गोपीनाथन ने कांग्रेस पार्टी से जुड़कर न्याय और आजादी की आवाज को मजबूत किया

कन्नन गोपीनाथन, 2012 बैच के आईएएस अधिकारी, देश के उन बहादुर नौकरशाहों में से हैं, जिन्होंने हमेशा देश के कमजोर और हाशिए पर रहनेवाले लोगों के लिए आवाज उठाई। वे न्याय और एकता के लिए हमेशा संघर्षरत रहे हैं।कर्नाटक में जन्मे और देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों सहित कई हिस्सों में सेवा देने वाले कन्नन गोपीनाथन जी ने 2019 में अपने पद से इस्तीफा दिया था।उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उन्हें यह महसूस हुआ कि सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही है। तब से उनका इस्तीफा अब तकस्वीकार नहीं किया गया। यह स्थिति इस बात का उदाहरण है कि जो अधिकारी न्याय और कमजोर लोगों के लिए लड़ते हैं, उन्हें सरकार की ओर सेदंडित किया जा रहा है। देश की गलत दिशा के खिलाफ आवाजकन्नन गोपीनाथन ने अपने फैसले के बाद देश के 80 से 90 जिलों में जाकर लोगों से बातचीत की और विभिन्न नेताओं से मुलाकात की। इस अनुभवने उन्हें यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस पार्टी ही देश को सही दिशा में ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि बहुत समय तक जनता को केवल नागरिक होनेका अधिकार मिला था, क्योंकि सवाल पूछने का हक ही छीना जा रहा था। इस सरकार में जो भी सवाल उठाता है, उसे देशद्रोही कह दिया जाता है।इसलिए उन्होंने फैसला किया कि अब न्याय और आजादी की आवाज को मजबूती देने के लिए कांग्रेस पार्टी से जुड़ना ही सही कदम है। न्याय और आजादी के लिए हमेशा संघर्षरतकन्नन गोपीनाथन ने जम्मू-कश्मीर को राज्य से संघ शासित क्षेत्र बनाए जाने के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून केमुद्दे पर भी खुलकर अपनी राय दी। वे हमेशा यह संदेश देते रहे कि जनता से बोलने का अधिकार छीना नहीं जा सकता। वोट मशीनों में वीवीपैट के मुद्देपर भी उन्होंने स्पष्ट और साहसिक रूप से बात की। कई एफआईआर और अन्य कार्रवाई का सामना करने के बावजूद वे कभी नहीं डरे और न ही झुके।आखिरकार उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी, जिसे अधिकांश लोग पाना चाहते हैं, क्योंकि उनके लिए न्याय और देशहित सबसे महत्वपूर्ण था। कांग्रेस पार्टी में स्वागत और जिम्मेदारीकांग्रेस के महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कन्नन गोपीनाथन का कांग्रेस पार्टी से जुड़ना यह संदेश देता है कि कांग्रेस ही न्याय केलिए लड़ने वाली एकमात्र पार्टी है। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि कन्नन गोपीनाथन ने कांग्रेस पार्टी कोइसलिए चुना क्योंकि पार्टी हर उस आवाज के लिए हमेशा खुले दरवाजे रखती है, जो आजादी और न्याय की बात करती है। कन्नन गोपीनाथन ने खुदकहा कि उन्हें खुशी है कि आज वे कांग्रेस पार्टी का हिस्सा हैं और उन्हें पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, वे उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे।

गुजरात में किसानों पर भाजपा का दमन, आम आदमी पार्टी ने महापंचायत का ऐलान किया – गोपाल राय

गुजरात में किसानों की फसल का सही दाम और उनका सम्मान मांगने पर भाजपा सरकार ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं। आम आदमी पार्टी केराष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 31 अक्टूबर को पूरे गुजरात में महापंचायत करने वाले हैं। यह जानकारी पार्टी के गुजरात प्रभारी गोपाल राय नेदी। गोपाल राय ने कहा कि किसान अपनी फसल का उचित मूल्य मांग रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार और उसके समर्थित लोग किसानों की आवाजदबा रहे हैं। किसान शांतिपूर्वक अपनी पंचायत कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान लगभग250 किसानों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घरों में घुसकर मां-बेटियों के साथ भी बुरा व्यवहार किया। बोटाद मंडी में किसानों की पंचायत को रोका गयारविवार को बोटाद मंडी में किसान अपने फसल के सही दाम मांगने गए थे। वहां पंचायत करने की कोशिश की गई, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानोंको अनुमति नहीं दी। इसके बाद किसान हड़दड़ गांव में शांतिपूर्वक पंचायत करने पहुंचे, लेकिन वहां भी पुलिस ने हमला किया। गोपाल राय ने कहाकि यह जुल्म अंग्रेजों के समय के जुल्मों से भी बुरा था। भाजपा ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी गिरफ्तार कियागोपाल राय ने बताया कि भाजपा सरकार ने पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं राजूभाई करपड़ा और प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी को गिरफ्तारकिया। इसके बाद और भी कई किसान और पार्टी नेता गिरफ्तार किए गए। बावजूद इसके किसानों ने आंदोलन जारी रखा। आम आदमी पार्टी ने पूरेगुजरात में काला दिवस मनाया। करदा प्रथा के तहत किसानों का शोषणगुजरात में कपास और मूंगफली की फसल तैयार हो चुकी है। लेकिन भाजपा सरकार ने करदा प्रथा नामक शोषणकारी व्यवस्था लागू कर रखी है।इसके तहत किसानों को फसल का एक हिस्सा तय दाम पर बेचने दिया जाता है। बाकी फसल को कम दाम पर बेचने या वापस ले जाने के लिएमजबूर किया जाता है। गोपाल राय ने कहा कि यह पूरी व्यवस्था किसानों के लिए बहुत कठिनाइयों भरी है और इस वजह से उनका जीवन कठिन होगया है। मंडी समिति ने किसानों की फरियाद नहीं सुनीआम आदमी पार्टी के किसान नेता राजूभाई करपड़ा और अन्य नेताओं ने मंडी समिति के सामने किसानों की समस्याएं रखीं। लेकिन मंडी समिति ने सुननेसे इनकार कर दिया। इसके बाद मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया। किसानों ने हड़दड़ गांव में पंचायत की, लेकिन पुलिस ने वहां भीहमला किया। हड़दड़ गांव में पुलिस का दमनहड़दड़ गांव में पंचायत चल रही थी, तभी पुलिस ने वहां पथराव और लाठीचार्ज किया। पुलिस ने घरों में घुसकर मां-बेटियों को अपमानित किया।गोपाल राय ने कहा कि यह स्थिति बहुत ही दर्दनाक थी। इस दमन के बावजूद किसानों ने शांतिपूर्वक अपने आंदोलन को जारी रखा। आम आदमी पार्टी का आंदोलन और महापंचायतगोपाल राय ने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरे गुजरात में प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। अगर भाजपा सरकार किसानों को न्याय, सम्मान और उचितदाम नहीं देती है, तो आंदोलन और भी तेज होगा। 31 अक्टूबर को अरविंद केजरीवाल महापंचायत में शामिल होंगे। किसानों और नेताओं से अपीलगोपाल राय ने देश के सभी किसान नेताओं और राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे गुजरात के किसानों के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि किसानोंकी मांगें पूरी न होने पर जनता और किसान एकजुट होकर इसका जवाब देंगे। भाजपा सरकार से चेतावनीगोपाल राय ने भाजपा सरकार से आग्रह किया कि वह अहंकार छोड़कर किसानों की मांगों को गंभीरता से सुने। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरहशांतिपूर्ण और सत्याग्रह के तरीके से होगा। सरकार को चाहिए कि वह किसानों का सम्मान करे और उनकी फसल का सही दाम दे।