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दिल्ली की सियासत में लंबी जबान बनाम जनता की समस्याएँ कांग्रेस का बड़ा हमला

मुख्यमंत्री के बयानों पर कांग्रेस का तीखा प्रहारदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बड़बोलेपन और उनके उलझे हुए बयानों को एक अनोखे प्रतीकात्मकप्रदर्शन के माध्यम से उजागर किया। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में रेखा गुप्ता के कटआउट के साथ 100 मीटर लंबी जबान प्रदर्शितकी गई, ताकि जनता को यह दिखाया जा सके कि मुख्यमंत्री के शब्दों और उनके कामों में कितना बड़ा अंतर है। कार्यक्रम में एक वीडियो भी दिखायागया, जिसमें मुख्यमंत्री चुनाव के दौरान किए गए वादों पर पूछे गए सवालों पर पूरी तरह चुप दिखाई दीं। चाहे महिलाओं को 2500 रुपये देने कावादा हो, होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर का आश्वासन, यमुना की सफाई, बसों की किल्लत, बुजुर्गों की पेंशन—हर मुद्दे पर मुख्यमंत्री की चुप्पी नेउनकी नीयत पर सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री सिर्फ बोलती हैं, काम कुछ नहीं करतींदेवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के बड़बोलेपन की हद इस कदर बढ़ चुकी है कि कभी वह दिल्ली का AQI यानी दिल्ली का IQ जैसे अजीबोगरीबबयान देती हैं, तो कभी जहां फाइल पर कहोगे, मैं अंगूठा लगा दूंगी जैसे गैर जिम्मेदार वक्तव्य। उन्होंने कहा कि इन बयानों से साफ है कि रेखा गुप्ता नदिल्ली को समझती हैं और न ही जनता की तकलीफ़ों के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले जनता को सपने दिखाना और जीत केबाद चुप्पी साध लेना, भाजपा सरकार की पुरानी आदत बन चुकी है। प्रदूषण, टूटे रास्ते, गंदगी, कूड़े के पहाड़, बदहाल बस व्यवस्था—हर मुद्दे परसरकार सिर्फ बयान देती रही, लेकिन कोई ठोस काम नहीं किया गया। कूड़े को कहो तुम्हें जाना होगा कांग्रेस की नई जन जागरूकता मुहिमदेवेन्द्र यादव ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मुख्यमंत्री के कूड़े के पहाड़ से बोलना तुम्हें जाना होगा वाले बयान की तर्ज पर एक अभियानचलाएं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने गली-मोहल्लों में जाकर कूड़े, प्रदूषण, टूटी सड़कों और गंदगी को प्रतीकात्मक रूप से कहें कि तुम्हें जानाहोगा। उनका कहना था कि सिर्फ बोलने से दिल्ली की समस्याएँ हल नहीं होंगी, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने से ही बदलाव आएगा। यह मुहिमजनता के बीच जागरूकता बढ़ाने और सरकार की लापरवाही उजागर करने के लिए शुरू की जा रही है। काज़ी निज़ामुद्दीन का बयान मुख्यमंत्री ने पद की गरिमा खो दी हैअखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि रेखा गुप्ता अपनी लम्बी जबान के कारण न सिर्फ अपने पद की गरिमाको ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि दिल्ली की जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी भी निभाने में विफल साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि जनता लगातार पानी, प्रदूषण, बसों की कमी, सड़कों की हालत जैसी समस्याओं से जूझ रही है। लेकिन मुख्यमंत्री इन समस्याओं का समाधान ढूंढने के बजाय, सिर्फबयानबाज़ी में लगी रहती हैं। यही कारण है कि दिल्ली में हर दिन जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस की परमिशन रद्द करने से भाजपा की घबराहट उजागरदेवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्यक्रमों की परमिशन लगातार रद्द की गई है। यह साफ संकेत है किभाजपा सरकार अपनी नाकामियों को उजागर होते नहीं देखना चाहती। विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें भाजपा की घबराहट और लोकतंत्रके प्रति उनकी सोच को उजागर करती हैं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बढ़ती परेशानियाँदेवेन्द्र यादव ने कहा कि महिलाएं 2500 रुपये की मासिक सहायता और 500 रुपये में सिलेंडर के वादे पर भरोसा करके भाजपा को सत्ता में लाई थीं।लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा ने अपने लगभग सभी वादों पर चुप्पी साध ली। इसके साथ ही दिल्ली की यमुना दिन-ब-दिन जहरीली होती जारही है, प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पहले से भी बदतर हो चुकी है। शहर में जगह-जगह कूड़े के पहाड़ और गंदगीफैली है। इन समस्याओं के लिए भाजपा जितनी जिम्मेदार है, उतनी ही आम आदमी पार्टी भी है। निगम उपचुनावों पर नज़र—जनता देगी असली जवाबकाज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि 12 वार्डों के इन उपचुनावों में भले ही सरकार न बदले, लेकिन जनता यह जरूर दिखा सकती है कि वह भाजपा और आमआदमी पार्टी की नाकामियों से तंग आ चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर जनता कांग्रेस को जीत दिलाती है, तो पूरे शहर में एक संदेश जाएगा कि अबजनता दोनों पार्टियों से निराश हो चुकी है और बदलाव चाहती है। कांग्रेस ने खोला भाजपा के झूठे वादों का पर्दाफाशइस पूरे कार्यक्रम और बयानों के माध्यम से कांग्रेस ने साफ किया कि दिल्ली में भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सिर्फ बयान देती हैं, लेकिन जनताकी तकलीफों पर कोई काम नहीं करतीं। बढ़ता प्रदूषण, कूड़े के पहाड़, टूटी सड़कें, महिलाओं और बुजुर्गों की समस्याएँ इन सभी को लेकर कांग्रेस अबजनता के साथ संघर्ष करेगी।

क्या 26 BLO की मौत सिर्फ संयोग है या लोकतंत्र पर संगीन हमला? – सुप्रिया श्रीनेत

प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोपकांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगातार हो रही मौतों को बेहद गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ताको सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का कहना है कि एसआईआर जिस तेज़ी और दबाव में करवाई जा रही है, उसने देशभर के बीएलओ कोजानलेवा परिस्थितियों में धकेल दिया है। ये हादसे नहीं, दिनदहाड़े हत्याएं हैंसुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि पिछले 20 दिनों में 26 बीएलओ की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक गलती नहीं, बल्किएक ऐसा माहौल है जहाँ बीएलओ पर इतना दबाव बनाया जा रहा है कि वे हताशा में अपनी जान देने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने गोंडा के बीएलओविपिन यादव का उदाहरण दिया, जिनके परिवार ने आरोप लगाया कि उन पर ओबीसी वोटरों के नाम काटने का दबाव था। एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल 20 साल की सरकार में 93% स्ट्राइक रेट कैसे?कांग्रेस ने चुनावी आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि किसी राज्य में 20 साल सरकार चलाने के बाद 93 प्रतिशत स्ट्राइक रेटआना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक समझ रहा है कि एसआईआर के नाम पर वोटों में गड़बड़ी की जा रही है। महाराष्ट्र के स्थानीयनिकाय चुनावों में सामने आए उदाहरणों को भी उन्होंने गंभीर बताया जहाँ कोचिंग सेंटरों में सैकड़ों लोग पंजीकृत दिखाए गए, जबकि वहां कोई रहताही नहीं, और हजारों वोटरों के पते गायब मिले। चीन का दावा और प्रधानमंत्री की चुप्पीसुप्रिया श्रीनेत ने चीन के अरुणाचल प्रदेश पर लगातार दावों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि जब देश को बाहरी खतरा महसूस हो रहा है, तबप्रधानमंत्री की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, चीन की आक्रामकता और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर लोग सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान भटकाने में जुटी है। लोकेशन विवाद BJP का बनाया हुआ फर्जी मुद्दाBJP द्वारा X (पूर्व ट्विटर) पर कुछ अकाउंट्स की लोकेशन को लेकर उठाए गए सवालों को भी सुप्रिया श्रीनेत ने फर्जी मुद्दा बताया। उन्होंने X कंपनीके आधिकारिक बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि लोकेशन कई तकनीकी कारणों से गलत दिख सकती है और यह डेटा सटीक नहींहोता। उन्होंने यह भी कहा कि BJP यह बताने से बच रही है कि उसके अपनी पार्टी के कई आधिकारिक अकाउंट विदेशों से क्यों दिखाई देते हैं, जबकि कांग्रेस के हैंडल्स पर सवाल उठाए जा रहे हैं। देश को खतरा कांग्रेस से नहीं, BJP से हैवक्तव्य के अंत में सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि आज लोकतंत्र के सामने जो असली संकट है, वह भाजपा सरकार की नीतियों और उसके तरीके से पैदाहुआ है। उन्होंने कहा कि देश को कांग्रेस से नहीं बल्कि BJP की उन हरकतों से खतरा है, जो युवाओं का भविष्य नष्ट कर रही हैं और जनता के वोट देनेके अधिकार को कमजोर कर रही हैं। जवाबदेही से भाग नहीं सकती सरकार26 बीएलओ की मौत आज पूरे देश में चिंता का विषय है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिकअधिकारों पर हमला है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार चाहे जितना ध्यान भटकाने की कोशिश करे, लेकिन देश इन मौतों, एसआईआर की प्रक्रियाऔर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर ठोस जवाब चाहता है।

सिद्धारमैया या कोई और? कर्नाटक में नेतृत्व पर कांग्रेस हाईकमान का अंतिम फैसला “हाईकमान की बैठक में होगा अंतिम निर्णय”

कर्नाटक में अब मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी? इस सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रतिक्रिया दी है। खरगे ने बंगलूरू में पत्रकारोंसे बातचीत में कहा, ‘मैं सबको बुलाकर चर्चा करूंगा। उस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। पूरीहाईकमान टीम मिलकर निर्णय लेगी।’ कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा सफर पूरा किया है। इसीके बाद सत्ता परिवर्तन की चर्चा फिर तेज हो गई है क्योंकि चुनाव से पहले यह संकेत मिले थे कि ढाई-ढाई साल सत्ता साझा होगी, हालांकि पार्टी नेकभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसेराजनीतिक हलकों में कांग्रेस नेतृत्व के लिए संकेत माना जा रहा है। उन्होंने लिखा, ‘वचन की ताकत ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है। जो कहा है, उस पर चलना चाहिए- चाहे वह जज हो, राष्ट्रपति हो या मैं खुद ही क्यों न रहूं।’ उनका पोस्ट ऐसे समय पर आया है जब खुद शिवकुमार ने 29 नवंबरको सोनिया गांधी से मुलाकात का समय मांगा है। बल्कि सामूहिक रूप से लिया जाएगाइसी बीच कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री केएन राजन्ना ने कहा कि अगर पार्टी में नेतृत्व को लेकर विवाद है तो विधानसभा भंग कर दोबारा चुनावकराया जाए। उन्होंने कहा, ‘जब सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री चुना गया था तो वह कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का फैसला था। ऐसे में अगलाफैसला भी सीएलपी को ही करना चाहिए।’ हालांकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सिद्धारमैया को पूरा कार्यकाल देने का समर्थन किया और दूसरे विकल्पके तौर पर गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर का नाम भी सामने रखा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पूरी चर्चा को ‘अनावश्यक बहस’ बताया है। वहीं डीकेशिवकुमार ने कहा कि वह कांग्रेस के साथ हैं और उनके इस्तीफे की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान आने वाले कुछ दिनोंमें फैसला कर सकता है। अब सभी की निगाहें आगामी बैठक और दिल्ली में होने वाली अहम बातचीत पर टिकी हुई हैं। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद कोलेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि इस मुद्दे पर फैसला बातचीत के बाद ही किया जाएगा।उन्होंने साफ कहा कि यह निर्णय अकेले नहीं बल्कि सामूहिक रूप से लिया जाएगा। उन्होंने बंगलूरू में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा किइस पर पूरा हाईकमान फैसला करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नैनीताल मॉर्निंग वॉक, जनता से संवाद और विकास कार्यों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान आम नागरिकों, पर्यटकों एवं स्कूली बच्चों से मुलाकात की। इस दौरानउन्होंने अधिकारियों के साथ पंत पार्क में बन रहे नयना देवी मंदिर के गेट का निरीक्षण भी किया। साथ ही लोगों के साथ चाय पीकर लोगों से वार्ताकी। बुधवार को नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार की सुबह सात बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले। वह सुबह एटीआई से पंतपार्क कपैदल टहले। इस दौरान उन्होंने रास्ते पर पैदल चल रहे लोगों से उनके हाल चाल जाने साथ ही ड्यूटी पर पुलिसकर्मियों से वार्ता कर उनकी दिक्कतेंजानी। वहीं पंत पार्क पहुंचने के बाद उन्होंने नव निर्मित नयना देवी मंदिर के गेट का काम देखा और उसको जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।उन्होंने मानसखंड मिशन के अंतर्गत नयना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि मंदिर को और अधिक भव्यव आकर्षक स्वरूप देने के लिए 11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिएइसके साथ ही उन्होंने मिशन के अन्य विकास कार्यों डीएसए मैदान के सुधार, बलिया नाला व ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा कार्यों की भी जानकारीअधिकारियों से ली और संबंधित विभागों को इन सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। जिसके बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों से वार्ता करतेहुए फड़ में चाय बनाई। चाय पीने के दौरान स्थानीय लोगों से वार्ता की । पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि ठंड तेजी से बढ़ रही है ऐसे मेंअधिकारियों को सभी रैन बसेरों में व्यवस्थाए दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान उनके साथ सीएससी चन्द्र शेखर रावत, जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह बिष्ट, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजुनाथ टीसी, एसडीएम नवाजिश खलिख, लोनिवि ईई रत्नेश सक्सेना, ईओ रोहिताश शर्मा, तहसीलदार अक्षय भट्ट, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, मनोज जोशी, दया किशन पोखरिया, हरीश राणा व मोहित लाल साह मौजूद थे।

सुनील गावस्कर ने गौतम गंभीर का बचाव किया, कहा कोच का काम टीम बनाना है, प्रदर्शन खिलाड़ियों का

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर मुख्य कोच गौतम गंभीर के समर्थन में उतरे हैं। गावस्कर का कहना है कि कोच का काम टीम बनाना होताहै, लेकिन मैदान पर उतरकर प्रदर्शन करना खिलाड़ियों का काम है। भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार कासामना करना पड़ा जिसके बाद गंभीर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। कुछ फैंस ने तो सोशल मीडिया पर गंभीर को पद से हटाने की मांग तक कर दीहै। गावस्कर ने कहा, ‘गंभीर एक कोच हैं और उनका काम टीम तैयार करना है। कोच अपने अनुभव से आपको बता सकता है, लेकिन मैदान परखिलाड़ियों को ही प्रदर्शन करना होता है।’ गावस्कर ने साथ ही कहा कि गंभीर वही कोच हैं जिन्होंने भारत को चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप कीट्रॉफी दिलाने में मदद की, लेकिन अब घरेलू सीरीज हारने पर उनकी आलोचना की जा रही है। हम अक्सर किसी पर अंगुली तभी उठातेगावस्कर ने कहा, अब जो लोग पूछ रहे हैं कि उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए, उनसे मेरा सवाल है कि जब भारत ने गंभीर के नेतृत्व में चैंपियंस ट्रॉफी जीतीथी, तब आपने क्या किया था? जब भारत ने उनके नेतृत्व में एशिया कप जीता था, तब आपने क्या किया था? क्या आपने तब कहा था कि आपबर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं? क्या आपने तब कहा था कि उन्हें एक विस्तारित अनुबंध दिया जाना चाहिए, वनडे और टी20 क्रिकेट के लिए आजीवनअनुबंध? आपने ऐसा नहीं कहा था। जब कोई टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तभी आप कोच पर नजर डालते हैं। गावस्कर ने न्यूजीलैंड के पूर्वबल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम का उदाहरण दिया जो इंग्लैंड के सभी प्रारूप के कोच हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलतनहीं है। गावस्कर ने कहा, आपके पास कोच हैं, उदाहरण के लिए ब्रेंडन मैकुलम इंग्लैंड के तीनों प्रारूप के कोच हैं। कई देशों में ऐसे कोच होते हैं जोसभी प्रारूप के लिए मौजूद होते हैं। लेकिन हम अक्सर किसी पर अंगुली तभी उठाते हैं जब टीम हार जाती है। गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलत नहींउन्होंने कहा, आप गंभीर को श्रेय देने को तैयार नहीं हैं। अगर आप उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीत का श्रेय देने को तैयार नहीं हैं, तो कृपयामुझे बताइए कि आप टीम के खराब प्रदर्शन के लिए उन्हें क्यों दोष देना चाहते हैं। आप गंभीर को दोष क्यों दे रहे हैं? पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनररविचंद्रन अश्विन ने भी गंभीर का बचाव करते हुए कहा है कि ऐसे समय में उन्हें बर्खास्त करने की मांग करना सही नहीं है जब खिलाड़ियों ने पर्याप्तजिम्मेदारी नहीं उठाई है। गावस्कर ने न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम का उदाहरण दिया जो इंग्लैंड के सभी प्रारूप के कोच हैं। उन्होंने कहाकि गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलत नहीं है।

कानपुर की खुशी गुप्ता की मेहनत रंग लाई, सीएम योगी ने दिया शिक्षा और आवास का भरोसा

गरीबी व खामोशी से जूझ रही कानपुर की 20 वर्षीय खुशी गुप्ता के जीवन में बुधवार को नया सवेरा आया। अपने हाथों से बनाए चित्रों के माध्यम सेसीएम योगी आदित्यनाथ तक अपना दर्द पहुंचाने की उसकी कोशिश रंग लाई। खुद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए खुशी और उसके परिवार को अपनेसरकारी आवास पर बुलाया, जहां न केवल उसके भविष्य को संवारने का वचन दिया गया, बल्कि परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए आवासऔर शिक्षा की जिम्मेदारी भी उठाई। बुधवार को कानपुर के ग्वालटोली अहरानी निवासी खुशी अपने पिता कल्लू गुप्ता, माता गीता गुप्ता और भाईजगत गुप्ता के साथ मुख्यमंत्री आवास आई थी। आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे इस परिवार से योगी ने स्नेहपूर्वक बात की।खुशी के पिता पहले संविदा पर गार्ड की नौकरी करते थे, जो अब छूट चुकी है। मां गीता गुप्ता घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाती हैं। खुशीअपने साथ पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आई थी। योगी ने उसे पास बुलाकर उसके बनाए सभी चित्रों को ध्यान से देखा। मुलाकात के बाद परिजनोंने कहा कि यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आईखुशी की कहानी दृढ़ संकल्प की है। 22 नवंबर को वह बिना बताए अपने घर से अकेली निकल पड़ी थी। उसका एकमात्र उद्देश्य मुख्यमंत्री को अपनेहाथ से बनाया चित्र देना था। राजधानी पहुंचने के बाद वह रास्ता भटक गई और लोकभवन के बाहर बैठकर रोने लगी। हजरतगंज पुलिस ने उसेसंभाला और उसके परिवार को सूचना दी। खुशी पढ़ी-लिखी नहीं है, लेकिन अपने पिता का नाम और मुख्यमंत्री का नाम लिखना जानती थी। सीएम नेखुद बुलाया खुशी के बारे में पता चलने पर योगी ने तुरंत उसके परिवार को अपने आवास पर बुलाया। सीएम ने उसके लिए कानपुर स्थित मूकबधिरकॉलेज में शिक्षा की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट के लिए मोबाइल और टैबलेट भी दिया। सरकार उसके कान केइलाज की भी व्यवस्था कर रही है। परिवार को आवास भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुशी और उसके परिवार से मुलाकात कीऔर उसे मदद का आश्वासन दिया। वो अपने साथ पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आई थी। योगी ने उसे पास बुलाकर उसके बनाए सभी चित्रों कोध्यान से देखा।

शेख हसीना और उनके परिवार को प्लॉट घोटाले में जेल, भारत से प्रत्यर्पण प्रक्रिया जारी

बांग्लादेश की एक कोर्ट ने गुरुवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के तीन मामलों में 21 साल जेल की सजा सुनाई। बांग्लादेश कीसरकारी न्यूज एजेंसी बीएसएस ने बताया कि ये तीनों मामले पुरबाचोल में राजुक न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट बांटने में कथित गड़बड़ियों को लेकर दर्जकिए गए थे। जज ने दोषी की गैरमौजूदगी में यह फैसला सुनाया क्योंकि उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और उसकी गैरमौजूदगी में ही उस परमुकदमा चलाया गया था। बता दें कि शेख हसीना को हर मामले में सात साल की सजा सुनाई गई, यानी कुल 21 साल जेल। कोर्ट ने अपने फैसले मेंकहा, ‘शेख हसीना को प्लॉट बिना किसी अर्जी के और कानूनी तौर पर तय अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दिया गया था।बांग्लादेश एंटी-करप्शन कमीशन (एसीसी) ने इस साल जनवरी में शेख हसीना और उनके परिवार के खिलाफ छह अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।आरोप था कि उन्होंने ढाका के पूर्वाचल इलाके में सरकारी प्लॉटों का अवैध रूप से आवंटन किया। आज जिन तीन मामलों में फैसला आया है, बाकीतीन मामलों का फैसला 1 दिसंबर को सुनाया जाएगा।ढाका की एक अदालत ने गुरुवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के मामलों में 21 साल की सजा सुनाई है। यह सजा तीनप्लॉट घोटाले के मामलों में दी गई है, जिसमें प्रत्येक मामले में सात-सात साल की कैद शामिल है। यह फैसला ढाका के स्पेशल जज-पांच मोहम्मदअब्दुल्ला अल मामून ने सुनाया। सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेगावहीं इस मामले में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय को पांच साल की कैद और एक लाख टका जुर्माना और उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल कोभी पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है। शेख हसीना और उनके परिवार की ओर से किसी भी मामले में कोई वकील मौजूद नहीं था, क्योंकि वे लंबेसमय से फरार हैं। हालांकि, वे कई बयानों में भ्रष्टाचार के सभी आरोपों को झूठा और राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं। इससे पहले ह बांग्लादेश कीराजधानी ढाका में मौजूद अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने शेख हसीना को मानवता विरोधी अपराधों के आरोप में फांसी की सजासुनाई थी। यह आरोप जुलाई 2024 में सरकार विरोधी आंदोलनों को दबाने के दौरान हुई हिंसा से जुड़े हैं। इसी बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार नेभारत से शेख हसीना को वापस भेजने का अनुरोध किया है। भारत ने बताया कि यह अनुरोध मिल चुका है और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत जांचकिया जा रहा है। इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत बांग्लादेश के लोगों की शांति, लोकतंत्र औरस्थिरता के हितों के अनुसार इस पूरे मामले पर विचार कर रहा है और सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेगा।’ जुलाई 2024 में बांग्लादेश में छात्रों ने बड़ेपैमाने पर सरकार विरोधी आंदोलन शुरू किया था। स्थिति बिगड़ने पर शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ दिया और भारत में शरण ली।इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाई गई।