भाजपा राहुल गांधी जी की आवाज को लगातार दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी आवाज को बुलंद करने केलिए हर बलिदान देने को तैयार है-देवेंद्र यादव

सरिता साहनी17 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में दिल्ली कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने नेशनल हेराल्ड के झूठे मामले पर सोनिया गांधी जीऔर राहुल गांधी जी सहित अन्य 5 लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ईडी की चार्जशीट पर कोर्ट द्वारा सुनवाई करने से मना करने के बाद मोदी-शाह की बदले की राजनीति के खिलाफ भाजपा मुख्यालय पर एक जोरदार प्रदर्शन किया। नई दिल्ली, 17 दिसम्बर, 2025 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में आज दिल्ली कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं नेनेशनल हेराल्ड के झूठे मामले पर सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी सहित अन्य 5 लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ईडी की चार्जशीट परकोर्ट द्वारा सुनवाई करने से मना करने के बाद मोदी-शाह की बदले की राजनीति के खिलाफ भाजपा मुख्यालय पर एक जोरदार प्रदर्शन किया। श्रीयादव ने कहा कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है। उन्होंने कहा कि हम सत्यमेव जयते में विश्वास रखते है। सत्य की जीत हुई है और मोदी सरकार कीदुर्भावना और गैर कानूनी गतिविधियों का पूरी तरह पर्दाफाश हो गया है। भारी संख्या में प्रदर्शनकारी हाथों में ‘‘मोदी झूठ की आंधी, सत्य सदा है गांधी’’, जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है’’ नारे लिखी तख्तियांलिए जब भाजपा मुख्यालय की तरफ बढ़ रहे थे, तब पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर आईपीस्टेट पुलिस स्टेशन ले गए, जिन्हें बाद में छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों में प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के साथ दिल्ली के प्रभारी काजी निजामुद्दीन, अ0भा0 महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अल्का लांबा, अ0भा0क0कमेटी के एससी विभाग के चेयरमैन राजेन्द्र पाल गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार, पूर्व सांसद श्री रमेश कुमार, दिल्ली सरकारके पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ, डा0 नरेन्द्र नाथ, प्रो0 किरण वालिया और डा0 योगानन्द शास्त्री, पूर्व विधायक श्री हरी शंकर गुप्ता, भीष्म शर्मा, विजयलोचव, आसिफ मौहम्मद खान, देवेन्द्र सेहरावत, जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ राव, धर्मपाल चंदेला, राजकुमार जैन, महेन्द्र भास्कर, महेन्द्र मंगला, आदेशभारद्वाज, विरेन्द्र शर्मा, हर्ष चौधरी, लोकसभा और जिला आर्ब्जवर कमलकांत शर्मा, लक्ष्मण रावत,एडवोकेट सुनील कुमार,भूपेश यादव, तस्वीरसौलंकी, जगजीवन शर्मा, लक्ष्मण रावत, डा0 पी0के0 मिश्रा, सोशल मीडिय चेयरमैन राहुल शर्मा मुख्य रुप से मौजूद थे। श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष की आवाज को हमेशा दबाने का काम किया है, नेशनल हेराल्ड के झूठे में ईडी दर्ज मामले में कोईअभियोजन नही बनता था इसलिए इसे कोर्ट ने खारिज करके भाजपा को करारा जबाव मिला है। हम लगातार भाजपा पर जो आरोप लगा रहे थे वोकोर्ट ने अपने आदेश में साबित कर दिया है कि भाजपा बदले की भावना से सरकारी संस्थानों को इस्तेमाल करके द्वेष की राजनीति करती है। उन्होंनेकहा कि भाजपा राहुल गांधी जी की आवाज को लगातार दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी आवाज को बुलंद करने केलिए हर बलिदान देने को तैयार है। यह वही राहुल गांधी हैं, जिनके पिता राजीव गांधी जी और दादी इंदिरा गांधी जी ने देश की अखंडता और एकताके लिए बलिदान दिया है। श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि कोर्ट द्वारा सुनवाई से इसलिए मना किया गया क्योंकि यह चार्जशीट एक व्यक्ति निजी शिकायत से जुड़ी हुई थी न कि किसी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉनि्ंड्रग एक्ट के तहत अनुचित आधार पर। स्पेशल न्यायधीश ने स्पष्ट किया कि ऐसे में सुनवाई […]
कानून की अदालत में शोर की हार, सच और संविधान की जीत

सरिता साहनी17 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस का स्पष्ट संदेश राजनीतिक बदले की राजनीति हुई बेनकाबनई दिल्ली स्थित 10, राजाजी मार्ग पर कांग्रेस पार्टी की एक विशेष और अहम प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस अध्यक्ष एवंराज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश और कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता का मुख्य विषयनेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में आए ताज़ा अदालती फैसले और उसमें उजागर हुई सच्चाई रही। प्रेस वार्ता की शुरुआत – पवन खेड़ाप्रेस वार्ता की शुरुआत करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि सभी नेताओं को संसद जाना है, इसलिए बात को लंबा खींचे बिना पूरे तथ्यों के साथ देश केसामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में बहुत समय से शोर मचाया जा रहा था, लेकिन अब अदालत के फैसले के बाद सच्चाई सामने आचुकी है। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से पूरे मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया। यह केस कानून का नहीं, राजनीतिक द्वेष का था – अभिषेक मनु सिंघवीअभिषेक मनु सिंघवी ने बेहद सरल और साफ भाषा में कहा कि यह पूरा मामला द्वेष से प्रेरित कार्रवाई और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग की कहानी है।उन्होंने कहा कि इस केस में आरोप बहुत लगाए गए, शोर बहुत मचाया गया, लेकिन कानूनी आधार कभी मौजूद ही नहीं था। अदालत के फैसले नेयही साबित किया है कि कानून शोर से नहीं, बल्कि तथ्यों और प्रक्रिया से चलता है। उन्होंने बताया कि ईडी ने राहुल गांधी से लगभग पचास सेपचपन घंटे, मल्लिकार्जुन खरगे से पांच से छह घंटे और सोनिया गांधी से सात से आठ घंटे अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ की। कुल मिलाकरकरीब अस्सी से नब्बे घंटे की पूछताछ ऐसे मामले में की गई, जिसमें कानूनी रूप से कोई ठोस एफआईआर तक नहीं थी। यह अपने आप में एजेंसियोंकी कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। 2014 से 2021 तक की सच्चाई जब एजेंसियों ने खुद माना कि अपराध नहीं हैअभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि यह मामला वर्ष 2014 में एक निजी शिकायत से शुरू हुआ था। इसके बाद पूरे सात वर्षों तक, यानी 2014 से2021 तक, जांच एजेंसियों ने अपनी फाइलों में साफ तौर पर लिखा कि इस मामले में कोई प्रेडिकेट ऑफेंस नहीं बनता। उन्होंने कहा कि यह कोईराजनीतिक दावा नहीं है, बल्कि अदालत के फैसले में दर्ज तथ्य हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वास्तव में कोई अपराध था, तो सात साल तकएफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। अगर अपराध नहीं था, तो फिर अचानक कार्रवाई क्यों शुरू की गई। यही सवाल इस पूरे मामले की नीयत औरउद्देश्य को उजागर करता है। 30 जून 2021 अचानक एफआईआर और ईसीआईआर का रहस्यडॉ. सिंघवी ने कहा कि जब सात वर्षों तक एजेंसियों की संयुक्त राय यही थी कि कोई अपराध नहीं है, तो 30 जून 2021 को अचानक एफआईआरऔर ईसीआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया और कहा कि यह फैसला कानून के आधार पर नहीं, बल्कि सत्ताके इशारे पर लिया गया। उनका कहना था कि जब कानून की नींव ही मौजूद नहीं थी, तब मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा मामला खड़ा कर दिया गया, जोअंततः अदालत के सामने टिक नहीं सका और अपने ही बोझ से गिर गया। अदालत का स्पष्ट संदेश बिना नींव कोई मुकदमा नहींअभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि अदालत ने इस मामले में साफ कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कार्रवाई के लिए पहले एक वैध प्रेडिकेटऑफेंस होना जरूरी है। जब ऐसा कोई अपराध ही नहीं है, तो मनी लॉन्ड्रिंग का केस कैसे बन सकता है। अदालत ने इसी आधार पर इस मामले मेंसंज्ञान लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला इस बात की याद दिलाता है कि आपराधिक कानून कोई राजनीतिक प्रेसविज्ञप्ति नहीं है और न ही अदालतें किसी राजनीतिक पटकथा का मंच हैं। अदालतें संविधान और न्याय की मंदिर होती हैं।यंग इंडियन और एजेएल ना पैसा हिला, ना संपत्तिडॉ. सिंघवी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में न तो एक पैसा इधर से उधर गया और न ही एक इंच जमीन का हस्तांतरण हुआ। एजेएल कीसंपत्तियां पहले भी उसी के नाम थीं और आज भी उसी के नाम हैं। कर्ज को शेयर में बदलना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह भारत में आमव्यावसायिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यंग इंडियन एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी है, जिसमें न कोई डिविडेंड लिया जा सकता है और न ही कोईनिजी लाभ उठाया जा सकता है। ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप अपने आप में हास्यास्पद है। यह फैसला राजनीतिक बदले की राजनीति पर तमाचा है – मल्लिकार्जुन खरगेकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस मामले में सारी कानूनी बातें अभिषेक मनु सिंघवी पहले ही साफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा किनेशनल हेराल्ड एक ऐसा अखबार है, जिसे 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए शुरू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधीपरिवार और कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया। यह पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से कियागया मामला था। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला इस बात का प्रमाण है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। न्याय की जीत, सत्य का सम्मानअंत में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस फैसले का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला न सिर्फ कांग्रेस के लिए, बल्कि देशके लोकतंत्र और संविधान के लिए भी एक बड़ी जीत है। सत्य और न्याय की राह पर चलने वालों को अंततः अदालत से न्याय मिलता है और यही इसफैसले का सबसे बड़ा संदेश है।