
नई दिल्ली, 22 मई 2026
सरिता साहनी
दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से लोगों का जीवन हुआ मुश्किल
दिल्ली में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी ने आम लोगों का जीवन बेहद कठिन बना दिया है। राजधानी के कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे हालात में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का हीट वेव एक्शन प्लान जमीन पर कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि खुले में काम करने वाले मजदूर, दिहाड़ी श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले, निर्माण कार्य में लगे लोग और सड़क पर अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले नागरिक झुलसाने वाली गर्मी में काम करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही।
“हीट वेव एक्शन प्लान” सिर्फ घोषणाओं तक सीमित
देवेंद्र यादव ने कहा कि 25 अप्रैल को दिल्ली सरकार द्वारा भीषण गर्मी से राहत देने के लिए “हीट वेव एक्शन प्लान 2026” की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक उसका असर जमीन पर कहीं दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की दूसरी योजनाओं की तरह यह योजना भी केवल फाइलों और दस्तावेजों तक सीमित रह गई है। प्रदूषण नियंत्रण, यमुना सफाई, स्वच्छता अभियान और नालों से गाद निकालने जैसी योजनाओं की तरह ही हीट वेव प्लान भी सिर्फ कागजों में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग लगातार चेतावनी दे रहा है कि दिल्ली में अत्यधिक गर्मी का दौर जारी रहेगा, लेकिन सरकार लोगों को राहत देने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर पाई।
खुले में काम करने वाले लोग गर्मी में झुलस रहे हैं
देवेंद्र यादव ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो खुले में काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। निर्माण श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला लगाने वाले और सड़क किनारे काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे लोगों के लिए विशेष राहत योजना शुरू करनी चाहिए। उन्हें मुफ्त राशन, ठंडा पानी, छाया की व्यवस्था और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि अगर सरकारी कर्मचारियों को गर्मी के कारण घर से काम करने की अनुमति दी जा सकती है, तो निर्माण श्रमिकों और मजदूरों को भी आर्थिक सहायता और मुआवजा मिलना चाहिए क्योंकि लू और तेज धूप में काम करना बेहद कठिन और खतरनाक होता है।
13 लाख निर्माण श्रमिकों को राहत नहीं मिली
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में लगभग 13 लाख निर्माण श्रमिक काम करते हैं। सरकार ने उनके लिए कुछ दिशा-निर्देश तो जारी किए, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि मजदूर आज भी खुले आसमान के नीचे तपती धूप में काम करने को मजबूर हैं। उनके लिए न पर्याप्त पानी की व्यवस्था है, न आराम करने की जगह और न ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर मजदूरों को कोई वास्तविक राहत नहीं मिल रही।
बिजली कटौती और पानी की कमी ने बढ़ाई परेशानी
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। दिनभर गर्मी झेलने के बाद रात में भी लोग चैन से सो नहीं पा रहे। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में पानी की भारी कमी है और बिजली की कटौती ने हालात को और खराब कर दिया है। लोग दिनभर मेहनत करने के बाद पूरी रात गर्मी में जागने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन समस्याओं को लेकर पूरी तरह लापरवाह बनी हुई है।
अस्पतालों के बाहर मरीज गर्मी में परेशान
देवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि हीट वेव एक्शन प्लान के तहत अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर राहत सुविधाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 30 से अधिक अस्पतालों में कूल रूम, 330 एम्बुलेंस, स्कूलों में ठंडे पानी के वाटर एटीएम, बस स्टॉप पर शेल्टर और मजदूरों के लिए संशोधित कार्य समय जैसी कई घोषणाएं की थीं। लेकिन वास्तविकता यह है कि एम्स और सफदरजंग जैसे बड़े अस्पतालों के बाहर मरीज और उनके परिजन बिना छत और बिना किसी राहत व्यवस्था के घंटों गर्मी में खड़े रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि इलाज के इंतजार में लोग दिन और रात दोनों समय भीषण गर्मी झेल रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
देवेंद्र यादव ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी पड़ने की चेतावनी दी है। इसलिए लोगों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें, पर्याप्त पानी पीते रहें और खुद को गर्मी से बचाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाओं पर भरोसा करने के बजाय लोगों को अपनी सुरक्षा का खुद ध्यान रखना होगा क्योंकि जमीन पर राहत व्यवस्था नजर नहीं आ रही।
सरकार की नाकामी से जनता परेशान
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की जनता इस समय गर्मी, पानी की कमी और बिजली कटौती जैसी कई समस्याओं से जूझ रही है। लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के बजाय केवल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। सरकार को चाहिए कि वह तुरंत राहत शिविर, पानी की व्यवस्था, कूलिंग सेंटर और मजदूरों के लिए आर्थिक सहायता जैसी योजनाओं को जमीन पर लागू करे ताकि लोगों को राहत मिल सके।