नई दिल्ली/मुंबई: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को मिली हार के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुखएकनाथ शिंदे ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए AAP के15 उम्मीदवारों ने उनसे शिवसेना का चुनाव चिह्न ‘धनुष और बाण’ मांगा था, लेकिन उन्होंने यह आग्रह गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारणठुकरा दिया।
AAP के 15 उम्मीदवारों ने शिंदे से किया संपर्क
एकनाथ शिंदे ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के लिए चुनाव चिह्न की मांग करने वाले 15 आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने उनसे संपर्क किया था। शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इन उम्मीदवारों को ‘धनुष और बाण’ चुनाव चिह्न मिल जाता, तो यह वोटों के बंटने का कारण बनता और बीजेपी तथा शिवसेना के बीच वोटों का विभाजन होता, जिससे अन्य राजनीतिक दलों को लाभ होता। उन्होंने कहा, “मैंने युति धर्मका पालन करते हुए उनकी मांग को ठुकरा दिया।”
शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन का सम्मान
शिंदे ने इस मौके पर महाराष्ट्र में भाजपा के साथ शिवसेना के गठबंधन की अहमियत पर जोर दिया और कहा कि गठबंधन के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने AAP के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न नहीं दिया।
शिंदे का जन्मदिन और भाजपा के समर्थन में प्रचार
यह बयान शिंदे ने अपने 61वें जन्मदिन के मौके पर दिया, जब उन्होंने ठाणे शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने सांसदों से दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने को कहा था।
दिल्ली चुनाव में AAP और बीजेपी की स्थिति
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा झटका लगा है। इस बार AAP ने केवल 22 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी ने 48 सीटों पर विजय हासिल की। दिल्ली में 27 वर्षों बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है, जिससे दिल्ली के राजनीतिक परिपेक्ष्य में बड़ेबदलाव की संभावना है।