लोकतंत्र पर मंडरा रहा खतरा – दुर्गेश पाठक का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में जोघटनाएँ हुई हैं, वे न सिर्फ डराने वाली हैं बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली भी हैं। पाठक ने कहा कि मोदी सरकार का रवैया पूरी तरह सेतानाशाही जैसा हो गया है और इसका खामियाजा देश के हर नागरिक को भुगतना पड़ रहा है। लद्दाख की आवाज़ और आंदोलनदुर्गेश पाठक ने बताया कि लद्दाख में पिछले कई दिनों से लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग यह है कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दियाजाए। इस आंदोलन का नेतृत्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कर रहे थे, जिन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारमिल चुके हैं। पाठक ने कहा कि यह मांग कोई नई या अनोखी नहीं है बल्कि भाजपा ने खुद अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसका वादा किया था। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और सरकार की कठोरतादुर्गेश पाठक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतने सम्मानित और शांतिप्रिय व्यक्ति को सरकार ने अचानक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाकरगिरफ्तार कर लिया। उन्हें देशद्रोही तक कह दिया गया, जबकि वे केवल लद्दाख के लोगों की आवाज़ उठा रहे थे। यह कार्रवाई लोकतंत्र के खिलाफ हैऔर इससे पूरे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। पाठक ने कहा कि यह मोदी सरकार का असली चेहरा है, जो विरोध की आवाज़ को बर्दाश्त ही नहींकर पाता। लोकतंत्र पर खतरे की चेतावनीदुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा सरकार का रवैया ऐसा हो गया है कि जो भी उनके खिलाफ बोलता है, उस पर तुरंत किसी न किसी एक्ट का इस्तेमालकर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति खतरनाक है क्योंकि इससे जनता में यह संदेश जा रहा है कि अब कोई भी खुलकर सरकार केखिलाफ बोल नहीं सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा जनता की आज़ादी और अभिव्यक्ति है, जिसे लगातार कुचला जा रहा है। इतिहास से लिया गया उदाहरणदुर्गेश पाठक ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि साल 1994 में सोनम वांगचुक के पिता लद्दाख में धरने पर बैठे थे। उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधीको जब इसकी जानकारी मिली तो वे खुद वहां गईं और आंदोलनकारियों से बात की। उन्होंने उनकी मांग सुनी और सम्मानपूर्वक उनका अनशन खत्मकरवाया। पाठक ने कहा कि यह लोकतांत्रिक नेतृत्व की पहचान थी। इसके विपरीत आज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता के अहंकार में जनता कीआवाज़ सुनने को भी तैयार नहीं हैं। हर नागरिक से अपीलदुर्गेश पाठक ने कहा कि यह केवल सोनम वांगचुक या लद्दाख का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र का मामला है। उन्होंने हर भारतीय से अपीलकी कि अगर आप इस देश और लोकतंत्र से प्रेम करते हैं तो इस घटना का विरोध करें। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पहले जनता का वोट लेती है औरफिर उन्हीं को जेल में डाल देती है। यह लोकतंत्र के खिलाफ सीधा हमला है और हर नागरिक को इसके खिलाफ खड़ा होना होगा। आम आदमी पार्टी की साफ मांगआम आदमी पार्टी की ओर से दुर्गेश पाठक ने दो मुख्य मांगें रखीं। पहली यह कि सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरी यह कि लद्दाख केलोगों की मांगों को केंद्र सरकार गंभीरता से सुने और उन्हें पूरा करे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की आवाज़ में होती है और अगरउसे दबा दिया गया तो यह देश के लिए सबसे बड़ा मजाक होगा.
दिल्ली में पानी के बिलों पर बड़ी राहत, कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा का ऐलान

दिल्ली की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। पानी के बकाया बिलों पर अब लोगों को लेट फीस नहीं देनी पड़ेगी। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री औरजल मंत्री प्रवेश वर्मा ने घोषणा की है कि उपभोक्ताओं को लेट फीस यानी एलपीएससी (लेट पेमेंट सरचार्ज) से पूरी तरह छूट दी जाएगी। इस फैसलेसे उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने बकाया बिलों को लेकर परेशान थे। 31 जनवरी तक पूरी छूटमंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि अगर उपभोक्ता 31 जनवरी 2026 तक अपना बकाया बिल भर देते हैं, तो उन्हें 100 प्रतिशत लेट फीस की माफीमिलेगी। यानी उन्हें सिर्फ बिल की मूल राशि चुकानी होगी। वहीं, अगर कोई उपभोक्ता 31 मार्च 2026 तक बिल भरता है, तो उसे भी राहत मिलेगीलेकिन उस स्थिति में उसे 70 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। इसका मतलब यह हुआ कि जनवरी तक बिल भरने वालों को पूरी छूट और मार्च तक भरनेवालों को आंशिक छूट मिलेगी। ब्याज दर में भी कमीप्रवेश वर्मा ने कहा कि अब तक पानी का बिल समय पर न भरने वाले उपभोक्ताओं से 5 प्रतिशत ब्याज लिया जाता था। यह ब्याज काफी ज्यादा था।इस वजह से कभी-कभी 100 रुपये का छोटा सा बिल भी अगले बिल साइकिल में बढ़कर 178 रुपये तक हो जाता था। लेकिन अब सरकार ने यहब्याज घटाकर केवल 2 प्रतिशत कर दिया है। इस बदलाव से आम जनता को बड़ा फायदा होगा और उन पर आर्थिक बोझ कम होगा। घरेलू और सरकारी उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदाकैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि फिलहाल इस योजना का लाभ घरेलू उपभोक्ताओं और सरकारी संस्थानों को दिया जा रहा है। इसका सीधामतलब है कि दिल्ली के घर-घर में यह राहत पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि अगले महीने से यह योजना लागू हो जाएगी और लोग इसका फायदा उठापाएंगे। व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अभी इंतजारमंत्री प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि अभी इस योजना में कमर्शियल यानी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को शामिल नहीं किया गया है। हालांकि उनकेलिए भी आने वाले समय में सरकार एक योजना लेकर आएगी। लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि उन्हें पूरी तरह से लेट फीस माफी नहीं दीजाएगी। हां, उन्हें भी कुछ राहत जरूर मिलेगी। जनता के लिए बड़ी राहतदिल्ली के लोगों के लिए यह घोषणा किसी तोहफे से कम नहीं है। पानी जीवन की बुनियादी जरूरत है और जब बिल ज्यादा बढ़ जाते थे तो आमआदमी पर भारी बोझ पड़ता था। अब सरकार के इस फैसले से उपभोक्ताओं को अपने पुराने बिल चुकाने का आसान मौका मिलेगा कैबिनेट मंत्रीप्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता की परेशानी को कम करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस फैसले से दिल्ली जल बोर्ड की आमदनीभी बढ़ेगी, क्योंकि लोग अब बिना डर के अपने बकाया बिल जमा करेंगे। कुल मिलाकर, प्रवेश वर्मा का यह फैसला दिल्ली की जनता के लिए एक बड़ी राहत है। यह कदम न केवल लोगों के लिए मददगार साबित होगा, बल्कि दिल्ली जल बोर्ड के लिए भी फायदेमंद रहेगा।
लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला का पाँचवाँ दिन

लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला कमेटी की पांचवीं लीला का आयोजन बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ हुआ। इस दिन की लीला ने दर्शकोंके दिलों को छू लिया। पूरा मैदान रामलीला प्रेमियों और दर्शकों से भरा रहा। हर कोई मंच पर हो रही अद्भुत अदाकारी को देखकर मंत्रमुग्ध हो गया। भरत मिलाप का भावपूर्ण दृश्यआज की लीला में सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाला दृश्य था भरत मिलाप। इस दृश्य में कलाकारों ने अपने भाव और अभिनय से दर्शकों कोभावविभोर कर दिया। चित्रकूट में भरत और राम की भेंट के समय दर्शकों की आँखें आंसुओं से भर गईं। हर कोई इस दृश्य को देखकर रामलीला कीगहराई और भावनाओं का अनुभव कर रहा था। वीआईपी और कलाकारों की उपस्थितिलीला देखने के लिए कई वीआईपी भी पहुंचे। इस अवसर पर पंकज सिंह, सांसद और भारतीय जनता पार्टी के जनरल सेक्रेटरी, मंच पर आए औरलीला का आनंद लिया। इसके अलावा, बॉलीवुड और हॉलीवुड की प्रसिद्ध एक्ट्रेस और सिंगर शिखा चौधरी भी मुंबई से विशेष रूप से आईं। उन्होंनेअपने मधुर भजन और चरण वंदना से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी आवाज़ में प्रभु श्रीराम के प्रति भक्ति की भावना साफ झलक रही थी। लीला के प्रमुख घटनाक्रमलीला का आज का आयोजन बहुत ही रोचक और मनोरम था। श्रीराम, लक्ष्मण और सीता जी के वनवास के बाद से लेकर सुमंत की वापसी तक कीघटनाओं का मंचन किया गया। इसके अलावा निषाद राज से भेंट, केवट द्वारा गंगा पार करना, सुमंत की वापसी, कौशल्या महल में दशरथ का निधन, भरत का ननिहाल में सपना, मार्ग में शत्रुघ्न का भरत से मिलना, कौशल में भरत और राम की वार्तालाप, निषाद राज का दरबार और भरत मिलाप जैसीघटनाओं का मंचन किया गया। आज की लीला में भरत मिलाप का दृश्य सबसे ज्यादा आकर्षक रहा, जिसमें लगभग 150 कलाकार एक साथ मंचपर उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत और सम्मानमंच पर आए सभी अतिथियों का स्वागत कमेटी की ओर से बड़े ही सम्मानपूर्वक किया गया। जनरल सेक्रेटरी सुभाष गोयल, सीनियर वाइस प्रेसिडेंटसत्य भूषण जैन, गौरव सूरी, संदीप भूटानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, लीला मंत्री प्रवीण सिंगल, संजय वर्मा और वीरू सिंधी ने अतिथियों का अभिनंदन किया।उन्हें लीला का प्रतीक चिन्ह और राम नामी पटका भेंट किया गया। मंचन और कलाकारों की प्रस्तुतिलीला का मंचन मुंबई फिल्म नगरी और टीवी के अनुभवी कलाकारों द्वारा किया गया। कलाकारों की अदाकारी और भजन गायन ने लीला को और भीजीवंत और आकर्षक बना दिया। दर्शक हर दृश्य में रमणीयता और भक्ति का अनुभव कर रहे थे। हर कोई कलाकारों की प्रस्तुति और मंच की सजावटसे बहुत प्रभावित हुआ। दर्शकों की प्रतिक्रियालीला देखने आए दर्शक बहुत खुश और रोमांचित नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने पूरी लीला का आनंद लिया। हर कोई मंच पर हो रहीअदाकारी और भजन गायन के बीच रामलीला की भावनाओं में डूबा रहा। पांचवें दिन की यह लीला सभी के लिए एक यादगार अनुभव बन गई।
दिल्ली में डीबीसी कर्मचारियों के समान वेतन और सुरक्षा की मांग – अंकुश नारंग

दिल्ली में डीबीसी (डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर) और एमटीएस कर्मचारियों की मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी ने समर्थन जताया है। MCD के नेताप्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम इन कर्मचारियों को समान वेतन देने में देरी कर रही है। इन कर्मचारियों के अलग-अलगस्केल के कारण समान वेतन नहीं मिल रहा है। हड़ताल और स्वास्थ्य व्यवस्था पर असरअंकुश नारंग ने चेतावनी दी कि अगर ये कर्मचारी 29 सितंबर से हड़ताल पर चले गए तो दिल्ली की जनता को बड़ा नुकसान होगा। शहर में इस समयमलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग पहले ही बीमारियों की चपेट में हैं, ऐसे मेंकर्मचारियों की हड़ताल से स्थिति और गंभीर हो जाएगी। कर्मचारियों की मांगेंडीबीसी और एमटीएस कर्मचारियों ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं। पहली यह कि सभी कर्मचारियों को समान वेतन मिले। दूसरी यह कि ड्यूटी केदौरान अगर कोई कर्मचारी बीमार हो जाए तो उसे मेडिकल लीव मिले। तीसरी यह कि यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाए तो उसकेपरिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। अंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी इन मांगों का पूरा समर्थन करती है और जल्द ही मेयर, आयुक्तऔर संबंधित अधिकारियों को मांगपत्र सौंपेगी। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों की सच्ची और बुनियादी मांगें हैं और इन्हें तुरंत मान्यता दी जानीचाहिए। मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और सरकार की भूमिकाअंकुश नारंग ने बताया कि इस समय दिल्ली में मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में मिली रिपोर्ट के अनुसार इससाल अब तक मलेरिया के 333 मामले सामने आए हैं और चिकनगुनिया के 52 मामले दर्ज किए गए हैं। डेंगू के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रहीहै। अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकार के पास इन बीमारियों को रोकने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है उन्होंने याद दिलाया कि जब अरविंदकेजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब वह 10 सप्ताह, 10 रविवार, सुबह 10 बजे, 10 मिनट का अभियान चलाते थे। इस अभियान से जनता कोजागरूक किया जाता था कि मच्छरों और मौसमी बीमारियों से कैसे बचा जाए। लेकिन आज भाजपा सरकार न तो कोई अभियान चला रही है और नही जनता को इस बारे में जानकारी दे रही है। आम आदमी पार्टी का समर्थनअंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार में लगभग 5,000 डीबीसी कर्मचारियों को एमटीएस बनाया था। यह कर्मचारियों की लंबेसमय से मांग थी। अब भी करीब 5,000 एमटीएस और सीएफडब्ल्यू कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल पर जाने वाले हैं। आम आदमी पार्टीइन कर्मचारियों के हितों के लिए हमेशा खड़ी रहेगी। सिटी एसपी जोन के चेयरमैन विकास टांग, वेस्ट जोन की चेयरमैन निर्मला कुमारी और करोल बागजोन के चेयरमैन पुनीत राय ने भी कहा कि ये कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सुरक्षा करते हैं। फॉगिंग और मच्छरों की जांच जैसेकाम इनकी ड्यूटी का हिस्सा हैं। इन कर्मचारियों को मेडिकल लीव और समान वेतन मिलना उनके अधिकार में शामिल है।
दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों में दवाओं और सुविधाओं की भारी कमी, कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने जताई चिंता

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ताकेवल नई योजनाओं की घोषणा कर रही हैं, लेकिन दिल्लीवासियों की सबसे बड़ी जरूरत स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करना है। अस्पतालों में मरीजोंको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। अस्पतालों में दवाओं की कमीदेवेन्द्र यादव ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों में जैसे हिन्दूराव अस्पताल, बालक राम अस्पताल और स्वामी दयानन्द अस्पताल में दवाओंकी कमी के कारण मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। मरीजों को जो दवा डॉक्टर लिख देते हैं, वह अस्पताल में उपलब्ध नहीं होती।कई बार जरूरी दवाओं के बिना मरीजों को इलाज करना पड़ता है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहाकि लंबी-लंबी लाइनों में लगने के बाद भी मरीजों को दवा नहीं मिलती। बीपी, हृदय रोग और एंटीबायोटिक जैसी जरूरी दवाएं अस्पताल में नहीं मिलरही हैं। मरीज कई महीनों से दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं और कई बार उन्हें महंगी दवा बाहर से खरीदनी पड़ती है। बढ़ती बीमारियां और इलाज की कमीदेवेन्द्र यादव ने बताया कि मानसून के बाद गंदगी और जलजनित बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों के मरीज बढ़ रहेहैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में इन बीमारियों के इलाज की कोई तैयारी नहीं है। अस्पतालों की व्यवस्था कमजोर है और मरीजों को काफी परेशानीहोती है। अस्पतालों की खराब स्थितिदेवेन्द्र यादव ने कहा कि निगम के अस्पतालों और डिस्पेंसरियों की स्थिति बहुत खराब है। अस्पतालों की इमारतें जर्जर हैं, बुनियादी ढांचा ठीक नहीं है, और मशीनें भी खराब हैं। कई बार अस्पताल खतरनाक घोषित होने के बावजूद काम कर रहे हैं। स्वच्छता की स्थिति भी अच्छी नहीं है। निगम केसफाई अभियान के बावजूद अस्पतालों में गंदगी के ढेर पड़े हैं। कर्मचारियों और उपकरणों की कमीदेवेन्द्र यादव ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी बहुत कम हैं। रेडियोलॉजी की ज्यादातर मशीनें खराब हैं। लैब बंद रहती हैं, औरमरीजों को टेस्ट करवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। भ्रष्टाचार और फंड की कमीउन्होंने कहा कि निगम अस्पतालों में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। फंड की कमी के कारण दवा, टेस्ट और कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।प्रशासन केवल आश्वासन देता है, लेकिन जनता की परेशानी दूर नहीं हो रही।
दिल्ली नगर निगम की बैठक-नागरिकों के लिए बड़े फैसले

नागरिकों के हित में हुई लंबी बैठकदिल्ली नगर निगम की साधारण सभा की बैठक करीब 5 घंटे 30 मिनट तक चली। इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद मौजूद थे।उन्होंने मिलकर नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में हर वार्ड से जुड़ी समस्याओं, नागरिकों की सुविधाओं और स्वच्छता तथास्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर बात हुई। मच्छर और जल जनित बीमारियों पर ध्यानमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने बताया कि बैठक में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों और जल जनित बीमारियों कीरोकथाम पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने पहले ही दवाओं का भंडारण, फॉगिंग और छिड़काव जैसे उपाय तेज़ कर दिए हैं। इसकेअलावा अधिकारी फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण करेंगे और किसी भी ग़लती पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। सकारात्मक माहौल में हुई चर्चाबैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने बातों में व्यवधान डालने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद सभी पार्षदों ने विषय की गंभीरता को समझते हुएअच्छे सुझाव दिए। सभी ने मिलकर नागरिकों के हित में निर्णय लेने पर जोर दिया। जीएसटी में राहत और प्रधानमंत्री को धन्यवादनेता सदन प्रवेश वाही ने देश के नागरिकों को जीएसटी में राहत देने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव सभी पार्षदोंकी सहमति से पारित हुआ। श्री वाही ने बताया कि जीएसटी में कटौती से आम जनता, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। महापौरसरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश की आर्थिक व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई अच्छेकदम उठाए हैं। जीएसटी में की गई राहत से लोगों को बहुत फायदा होगा और यह सबका साथ, सबका विकास की भावना को मजबूत करेगी। सुनियो योजना का विस्तारमहापौर ने यह भी घोषणा की कि जनता से मिली अच्छी प्रतिक्रिया के कारण सुनियो योजना की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। इसयोजना के तहत, 2020-21 से पहले के लंबित संपत्ति कर के साथ जुर्माना और ब्याज पूरी तरह माफ कर दिए जाएंगे। यदि कोई करदाता वर्तमानवित्त वर्ष और पिछले पांच वित्त वर्षों (2020-21 से 2024-25) के मूल संपत्ति कर का भुगतान करता है, तो उसे कोई अतिरिक्त ब्याज या जुर्मानानहीं देना होगा। नागरिकों के हित में लिए गए अन्य फैसलेबैठक में कई अन्य प्रस्तावों को भी मंज़ूरी दी गई, जो सीधे नागरिकों की सुविधा और जीवन स्तर सुधारने से जुड़े हैं। महापौर ने सभी पार्षदों की सराहनाकी और कहा कि नगर निगम की बैठक में यह सकारात्मक भागीदारी और सहयोग नागरिकों के हित में हमेशा प्रेरक रहेगा।
दिल्ली विधानसभा में विठ्ठलभाई पटेल और भगत सिंह को श्रद्धांजलि

ऐतिहासिक अवसर पर विशेष आयोजनदिल्ली विधानसभा सचिवालय ने एक विशेष और भावपूर्ण समारोह का आयोजन किया। इस समारोह का उद्देश्य था देश के दो महानायकों केंद्रीयविधान सभा के पहले निर्वाचित अध्यक्ष विठ्ठलभाई झावेरभाई पटेल की 152वीं जयंती और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 118वीं जयंती पर उन्हेंयाद करना और उनकी विरासत को नमन करना। विधानसभा के प्रांगण में आयोजित इस पुष्पांजलि समारोह में सभी ने मिलकर इन दोनों महानविभूतियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मोहन सिंह बिष्ट की उपस्थिति और संबोधनइस कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि विठ्ठलभाई पटेल ने भारतीय संसदीय परंपराओं की नींवईमानदारी और निर्भीकता के साथ रखी थी। उन्होंने ऐसे फैसले लिए जिन्होंने उस समय अंग्रेज़ शासकों को भी आश्चर्यचकित कर दिया था। वहीं शहीदभगत सिंह ने अपने जीवन का हर क्षण भारत माता की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया और अंतिम क्षण तक देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करतेरहे। श्री बिष्ट ने कहा कि इन दोनों महापुरुषों का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हमें लोकतंत्र की रक्षा करने और देशहित में निस्वार्थकार्य करने की सीख देता है। विठ्ठलभाई पटेल की विरासतविठ्ठलभाई झावेरभाई पटेल भारतीय लोकतंत्र के सच्चे पुरोधा माने जाते हैं। वे केंद्रीय विधान सभा के पहले भारतीय अध्यक्ष थे और अपने कार्यकाल मेंउन्होंने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने दिखा दिया कि भारतीय जनता अपनी संसदीय परंपराओं को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा सकती है।उनके निर्णय इतने प्रभावशाली थे कि अंग्रेज़ शासकों को भी उनके सामने झुकना पड़ा। महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन मेंसक्रिय भाग लिया और स्वतंत्रता संग्राम को मज़बूती प्रदान की। उनके जीवन का हर कार्य भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की अमूल्य धरोहर है। भगत सिंह का बलिदानशहीद भगत सिंह भारत की स्वतंत्रता के ऐसे नायक थे जिन्होंने युवाओं के दिलों में क्रांति की लौ प्रज्वलित की। उनका त्याग, साहस और देशभक्तिआने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन बन गया। 1929 में जब दिल्ली विधानसभा भवन से सटे कक्ष में उन्होंने और बटुकेश्वर दत्त ने बम फेंककरब्रिटिश हुकूमत के दमनकारी कानूनों का विरोध किया, तब यह भवन स्वतंत्रता संग्राम का गवाह बना। भगत सिंह का सपना था एक ऐसा भारत जहाँसबको न्याय और समानता मिले। उनकी यह सोच आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करती है। विद्यार्थियों की विशेष भागीदारीइस समारोह के अवसर पर साकेत स्थित रेड रोज़ेस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भी विधानसभा का दौरा किया। उन्होंने यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीकी प्रदर्शनी सेवा ही संकल्प, राष्ट्र प्रथम ही प्रेरणा 75 वर्ष, एक अनुभव और एक प्रदर्शनी देखी। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीके बचपन और उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित लघु फ़िल्म चलो जीते हैं का भी अवलोकन किया। इस अनुभव से छात्रों को भारत के विकास कीयात्रा और लोकतंत्र की महत्ता को समझने का अवसर मिला। विधानसभा भवन का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था औरस्वतंत्रता संग्राम की गहराई को नज़दीक से जाना। समारोह का महत्वयह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं था, बल्कि यह हमें भारत के उन महान सपूतों की याद भी दिलाता है जिन्होंने लोकतंत्र और स्वतंत्रता कीराह को मजबूत किया। दिल्ली विधानसभा ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि विठ्ठलभाई पटेल और भगत सिंह की विचारधारा और उनके आदर्शों कोहमेशा संरक्षित रखा जाएगा। उनका त्याग, साहस और देशभक्ति हमें निरंतर राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला का चौथा दिन

लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला कमेटी की रामलीला का चौथा दिन दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और आनंददायक रहा। आजकी लीला में प्रभु श्री राम को गंगा पार कराते केवट का दृश्य एआई तकनीक की मदद से बहुत ही जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। यह दृश्य देखकरदर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और पूरे मैदान में उत्साह और भक्ति का माहौल बन गया। हर दर्शक इस दृश्य को देखकर रामलीला के प्रति अपने प्रेम औरआस्था का अनुभव कर रहा था। विशेष अतिथियों की मौजूदगीआज की लीला का आनंद लेने के लिए केंद्रीय मंत्री एस. पी. बघेल, सांसद बांसुरी स्वराज और दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद विशेष रूप सेमंचन देखने आए। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि दर्शकों की संख्या आज बहुत बढ़ गई थी। इस वजह से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किएगए। दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस पूरे मैदान में सक्रिय रूप से तैनात रहे। इसके अलावा, लीला कमेटी के स्वयंसेवक और ग्राउंड के चारों ओरबाउंसर भी तैनात किए गए ताकि सभी दर्शक सुरक्षित रूप से लीला का आनंद ले सकें। कमेटी ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की परेशानीन हो और सभी दर्शक आराम से मंचन का आनंद लें। केवट का दृश्य और शंकर साहनी का प्रदर्शनआज की लीला में सबसे रोमांचक दृश्य था प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और सीता जी को गंगा पार कराते केवट का दृश्य। इस किरदार को नामी सिंगर औरएक्टर शंकर साहनी ने निभाया। उन्होंने अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत किए, जिनके साथ दर्शक भी अपनी आवाज मिलाकर पूरे माहौल को औरजीवंत बना रहे थे। इस दृश्य में प्रभु श्री राम की भक्ति, लक्ष्मण का समर्पण और सीता जी की श्रद्धा को सुंदर तरीके से दिखाया गया। दर्शकों ने इसदृश्य को देखकर अपने भावों को प्रकट किया और पूरे मैदान में भक्तिभाव फैल गया। लीला का अन्य मंचनआज की लीला में प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक की घोषणा, निषाद राज से भेंट और केवट प्रसंग को दर्शकों के सामने सुंदर और जीवंत रूप में प्रस्तुतकिया गया। यह सभी दृश्य मुंबई फिल्म नगरी टीवी और दिल्ली रंगमंच के अनुभवी कलाकारों द्वारा निभाए गए। मंचन में कलाकारों ने अपने अभिनयऔर गायन के माध्यम से रामकथा को और भी प्रभावशाली बना दिया। दर्शक हर पल इस लीला का आनंद लेते रहे और पूरे मैदान में उत्साह औरभक्ति का माहौल बना रहा। दर्शकों का उत्साह और भागीदारीलाल किला मैदान में मौजूद दर्शक आज की लीला को देखकर बहुत खुश थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस दृश्य का आनंद लिया। कईदर्शक अपने परिवार और मित्रों के साथ आए थे और उन्होंने इस रंगारंग रामलीला को देखने के लिए दूर-दूर से समय निकाला। मंचन के दौरान दर्शकोंने गीतों और जय-जयकार के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि दर्शकों की भागीदारी और उत्साह देखकर कलाकारोंका मनोबल और भी बढ़ गया। कल की लीला की तैयारीलीला के महासचिव सुभाष गोयल, चेयरमैन पवन गुप्ता और लीला मंत्री प्रवीण सिंगल ने बताया कि कल यानी शुक्रवार को लीला में सुमंत कीवापसी, राजा दशरथ का निधन और चित्रकूट में भरत मिलाप का मंचन होगा। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे समय पर आएँ और इस अद्भुतरामलीला का आनंद लें। कमेटी ने कल की लीला को भी दर्शकों के लिए आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए सभी इंतजाम पहले से कर लिएहैं। लव कुश रामलीला कमेटी का उद्देश्यलव कुश रामलीला कमेटी लगातार यह प्रयास कर रही है कि रामकथा को सरल और रोचक तरीके से बच्चों और युवाओं तक पहुँचाया जाए। इसलीला के माध्यम से दर्शक प्रभु श्री राम के आदर्शों, उनकी भक्ति और जीवन की शिक्षाओं को समझ सकते हैं। लीला के दौरान कलाकारों काअभिनय, गीत और मंच सजावट सभी दर्शकों को भक्ति और आनंद का अनुभव कराते हैं। कमेटी का उद्देश्य है कि हर वर्ष यह लीला लोगों के लिए एकयादगार अनुभव बने और रामकथा का संदेश हर उम्र के लोगों तक पहुँच सके।
दिल्ली में स्वच्छता अभियान – कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव का आरोप

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना हैकि दिल्ली में चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान केवल दिखावा और फोटोग्राफी तक सीमित है। यादव के अनुसार मुख्यमंत्री केवल साफ-सुथरीजगहों पर जाकर फोटो खिंचवाती हैं और इसे स्वच्छता को जीवन की संस्कृति का नाम देती हैं। वहीं, असली स्थिति यह है कि राजधानी की कईसड़कों, गली-मोहल्लों और झुग्गी-झोपड़ियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और गंदगी फैली हुई है। अभियान की असली स्थितिदेवेंद्र यादव ने बताया कि भाजपा सरकार ने 1 अगस्त 2025 से विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया था। इसे अब 2 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है, लेकिन अगर यह अभियान संवेदनशीलता और गंभीरता से किया जाता तो दिल्ली की हालत काफी बेहतर हो सकती थी। उन्होंने कहा कि मानसून केबाद जमा गंदगी और कूड़ा स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है। दिल्ली में अब मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य मौसमी बीमारियाँ तेजी से फैलरही हैं। इसके बावजूद भाजपा सरकार केवल साफ-सुथरी जगहों पर फोटो खिंचवाने में लगी हुई है। मैनुअल सफाई में हुई मौतेंयादव ने मैनुअल सफाई के दौरान हुई मौतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर 2025 को अशोक विहार में 40 वर्षीय अरविंद कीमौत मैनुअल सीवर सफाई के दौरान हुई। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में मैनुअल स्कैवेंजर्स की नियुक्ति पर रोक लगाई है। लेकिन पिछले 6 वर्षों में 430 लोग मैनुअल सफाई करते हुए अपनी जान गंवा चुके हैं। भाजपा सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की और मृतकों के परिवारों को मुआवजातक नहीं दिया। देवेंद्र यादव ने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है और सरकार को मृतक परिवारों और अस्पताल में भर्ती सफाई कर्मियों की आर्थिकमदद तुरंत करनी चाहिए। केवल दिखावे का आरोपदेवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री कूड़े से आज़ादी दिलाने का जन आंदोलन चलाने की बात करती हैं, लेकिन असल में दिल्ली में प्रतिदिन 11,000 टनकूड़े का प्रबंधन नहीं हो रहा है। भलस्वा, औखला और गाजीपुर लैंडफिल में कूड़े के ढेर लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री केवल साफ-सुथरी जगहोंपर फोटो खिंचवाती हैं। असली गंदगी वाली सड़कों, झुग्गी-झोपड़ी और अनाधिकृत कॉलोनियों में सफाई की बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा। सफाई कर्मचारियों की कमीदेवेंद्र यादव ने बताया कि दिल्ली में 80 हजार स्थायी सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में केवल 30 हजार स्थायी और 30-45 हजार अस्थायी कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इसके कारण सफाई व्यवस्था ठीक से नहीं चल पा रही। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का स्वच्छता अभियानकेवल दिखावा और इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित हो गया है। असली सफाई और सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कूड़ा प्रबंधन और निगम की स्थितियादव ने कहा कि दिल्ली नगर निगम पर 16,226 करोड़ रुपये का कर्ज है। कूड़ा प्रबंधन कंपनियों को पूर्ण भुगतान नहीं किया जा रहा। निगम केवल70 करोड़ रुपये देकर सम्पूर्ण कूड़ा प्रबंधन का काम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली को सही में स्वच्छ बनाना है तो नगरनिगम को पर्याप्त संसाधन, नियमित कर्मचारियों और कूड़ा प्रबंधन के लिए पूरी योजना बनानी होगी। लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्यदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि होना चाहिए। मलेरिया, डेंगू और अन्य बीमारियाँ गंदगी और जलभराव केकारण बढ़ रही हैं। लेकिन सरकार केवल दिखावे के लिए साफ-सुथरी जगहों पर फोटो खिंचवाने में लगी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली सफाईअभियान में सड़कें, गली-मोहल्ले, झुग्गी-झोपड़ियाँ और अनाधिकृत कॉलोनियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
दिल्ली सरकार और IIT कानपुर ने क्लाउड सीडिंग के लिए MoU पर किया हस्ताक्षर

दिल्ली सरकार और IIT कानपुर ने आज पायलट प्रोजेक्ट के तहत क्लाउड सीडिंग तकनीक के डेमो और परीक्षण के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे। यह परियोजना दिल्ली–NCR में वायु प्रदूषण को कमकरने और राजधानी को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। DGCA से मिली अनुमतिइस परियोजना को शुरू करने से पहले DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से सभी जरूरी अनुमति प्राप्त की गई थी। इसके बाद IIT कानपुर केसाथ MoU पर हस्ताक्षर किए गए और परियोजना औपचारिक रूप से शुरू हो गई। प्रोजेक्ट के तहत ट्रायल्सअक्टूबर और नवंबर के महीनों में प्रशिक्षित पायलट Cessna विमान से कुल 5 ट्रायल्स करेंगे। ये ट्रायल्स बादलों की स्थिति और मौसम के अनुसारकिए जाएंगे। सभी ट्रायल्स हिंदन एयरपोर्ट से शुरू होंगे। पहला प्रयास 7 अक्टूबर से किया जाएगा। इन ट्रायल्स का मुख्य उद्देश्य तकनीक का परीक्षणऔर मूल्यांकन करना है ताकि भविष्य में इसे और बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। मुख्यमंत्री और मंत्री का संदेशमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना दिल्लीवासियों के लिए बहुत लाभकारी है। उनके मार्गदर्शन से यह कदम और भी महत्वपूर्ण बन गया।स्वास्थ्य और साफ-सुथरी हवा के लिए यह एक ऐतिहासिक प्रयास है। दिल्ली सरकार के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि क्लाउड सीडिंग तकनीकसे राजधानी में वायु प्रदूषण कम होगा और लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में सांस लेने का मौका मिलेगा। यह परियोजना पर्यावरण सुरक्षाऔर प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी महत्वपूर्ण है। क्लाउड सीडिंग के लाभक्लाउड सीडिंग का उद्देश्य राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण कम करना और स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और सभीनागरिकों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। यह पहल दिल्लीवासियों के जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में मदद करेगी। भविष्य में प्रभावअगर ट्रायल सफल रहे, तो भविष्य में इसे नियमित रूप से लागू किया जा सकता है। इससे दिल्ली में मौसम और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। यहपरियोजना न केवल दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ बनाए रखने में मदद करेगी।दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच MoU पर हस्ताक्षर करना राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। क्लाउड सीडिंग तकनीक से प्रदूषणकम होगा और दिल्लीवासियों को साफ-सुथरी हवा में सांस लेने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इसपरियोजना को सफल बनाने के लिए अपनी उपस्थिति और मार्गदर्शन दिया। यह पहल दिल्लीवासियों के जीवन में सुरक्षा, स्वास्थ्य और विश्वास कानया संबल बनेगी।