वसंतकुंज आश्रम संचालक पर 32 छात्राओं ने लगाए आरोप, छात्राओं को दिए अश्लील मैसेज, शारीरिक उत्पीड़न का किया प्रयास पुलिस ने दर्ज की FIR

वेब सीरीज ‘आश्रम’ की तरह देश की राजधानी दिल्ली में भी आश्रम कांड सामने आया है दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में स्थित एकप्रसिद्ध आश्रम के संचालक पर छात्राओं से गंदा काम करने का आरोप लगा है आरोप है कि आश्रम के संचालक स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी नेईडब्ल्यूएस छात्रवृत्ति से पीजीडीएम कोर्स कर रही छात्रों से अपशब्दों का इस्तेमाल किया. इसके साथ ही व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए अश्लीलसंदेश भेजे आरोप है कि शारीरिक संपर्क बनाने का भी प्रयास किया गया फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है आरोपी संचालककी तलाश भी की जा रही है आरोपी की आखिरी लोकेशन आगरा में मिली है. दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण भारत केप्रमुख मठ का एक आश्रम दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में है इसे चलाने के लिए स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी नाम के आरोपी को संचालकनियुक्त किया गया था। आश्रम में मैनेजमेंट की पढ़ाई होती है, जिसके दो बैच हैं। दोनों बैच में 35 से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं. मामला दर्ज होने के बाद आरोपी आश्रम संचालक फरारमीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीए मुरली, प्रशासक, श्री शृंगेरी मठ ने चार अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी शिकायत में लिखा था कि संस्थानकी कुछ महिला फैकल्टी और वार्डन आरोपी की मांगों को पूरा करने के लिए छात्राओं पर दबाव डालते हैं इस कारण छात्राएं मानसिक और शारीरिकरूप उत्पीड़न झेल रही हैं. इस मामले में कुल 32 छात्रों के बयान दर्ज कराए। इनमें से 17 ने स्वामी पर अपशब्द, अश्लील संदेश और शारीरिक संपर्कके गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्राओं के अनुसार, जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो कुछ फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारी उनपर दबाव डालते थेआरोप है कि आरोपी ने अपनी पहुंच बताकर छात्रों को डराने और दबाव में डालने की कोशिश भी की बताया जा रहा है कि यह मामला लंबे समय सेचल रहा था. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्राओं ने अपनी शिकायत में बताया कि आश्रम में काम करने वाली कुछ वार्डन आरोपी से मिलवातीथीं.थाना वसंत कुंज नॉर्थ में शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने मामले में घटनास्थल पर छापामारी की. इसके साथ हीसंस्थान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी मामला दर्ज होने के बाद आरोपी आश्रम संचालक फरार है. जालसाजी का एक अलग मामला दर्ज किया गयापुलिस ने श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट संस्थान से एनवीआर और हार्ड डिस्क बरामद कर फॉरेंसिक लैब (FSL) के लिए भेज दिए हैं।सभी छात्राओं के अदालत में जज समक्ष (183 के तहत) के बयान भी दर्ज हो गए हैं. जांच में पता चला कि आरोपी महंगी वोल्वो कार में एंबेसी कानंबर लगाकर घूम रहा था पुलिस ने इस कार को जब्त कर लिया है आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है बताया जा रहा है किसंचालक की आखिरी लोकेशन आगरा में देखी गई पता चला है कि मठ ने उसे कृत्य की जानकारी होते ही उसे आश्रम से निकाल दिया गया है. डीसीपी दक्षिण-पश्चिम दिल्ली ऐश्वर्या सिंह ने कहा कि हमें अगस्त में शिकायत मिली थी. हम कानून के मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं समय रहतेएफआईआर दर्ज कर ली गई और जांच जारी है. छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती वसंत कुंज इलाके में स्थित श्रीशारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में मैनेजर था. आरोपी अभी फरार है हम उसकी तलाश कर रहे हैं। इंस्टीट्यूट के बेसमेंट से एक वोल्वो कारजब्त की गई है। कार पर यूएन डिप्लोमैटिक की नंबर प्लेट लगी थी. इसके लिए जालसाजी का एक अलग मामला दर्ज किया गया है.
रविचंद्रन अश्विन ने लिया बड़ा फैसला, सिडनी थंडर के साथ बिग बैश लीग में करेंगे “धमाल पैट कमिंस और डेविड वॉर्नर के साथ जुड़ेंगे”

भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन अपने क्रिकेट करियर में एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल सेसंन्यास लेने के बाद अब अश्विन ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) में सिडनी थंडर की जर्सी में नजर आने के लिए तैयार हैं ऑस्ट्रेलियाई मीडियारिपोर्ट्स के मुताबिक, 39 वर्षीय अश्विन ने सिडनी थंडर फ्रेंचाइजी से जुड़ने के लिए हरी झंडी दे दी है फ्रेंचाइजी इस हफ्ते आधिकारिक एलान करसकती है. अश्विन का यह कदम खास इसलिए भी है क्योंकि वह अब ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस और पूर्व ओपनर डेविड वॉर्नर के टीममेट बनेंगेवॉर्नर सिडनी थंडर के कप्तान भी हैं सिडनी थंडर के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि पहली बार कोई बड़ा भारतीय खिलाड़ी बिग बैशलीग में खेलता नजर आएगा. अश्विन ने यूएई में होने वाले आईएलटी20 (ILT20) के लिए भी अपना नाम दर्ज कराया है यह लीग चार जनवरी कोखत्म होगी, जिसके बाद अश्विन बिग बैश के आखिरी हाफ (दूसरे हिस्से) में सिडनी थंडर से जुड़ेंगे। बिग बैश लीग टूर्नामेंट 14 दिसंबर से 18 जनवरीतक खेला जाएगा. भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों में गिना जाताबीसीसीआई के नियमों के मुताबिक कोई भी सक्रिय भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग में तब तक नहीं खेल सकता जब तक वह टीम इंडिया याआईपीएल में सक्रिय हो. अश्विन ने पिछले महीने आईपीएल से भी संन्यास की घोषणा की थी, जिसके बाद वे फ्री एजेंट बन गए और विदेशी लीग मेंखेलने का रास्ता साफ हो गया चूंकि अश्विन ने इस साल का बिग बैश लीग का ओवरसीज ड्राफ्ट नहीं भरा था, इसलिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को उन्हेंखेलने के लिए स्पेशल एक्सेम्प्शन देनी होगी ठीक वैसे ही जैसे 2022 में मार्टिन गप्टिल को मेलबर्न रेनेगेड्स से जोड़ने के लिए लास्ट-मिनट अप्रूवल दीगई थी. अश्विन का करियर भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों में गिना जाता है उन्होंने टेस्ट में 537 विकेट लिए, जो भारत के लिएसिर्फ अनिल कुंबले (619) से पीछे है. अश्विन बिग बैश के आखिरी हाफ (दूसरे हिस्से) में सिडनी थंडर से जुड़ेंगेआईपीएल में उन्होंने 221 मैच खेले, जिसमें 187 विकेट झटके और बल्ले से भी 833 रन बनाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओटॉड ग्रीनबर्ग ने खुद अश्विन से संपर्क किया और बिग बैश लीग में खेलने का प्रस्ताव दिया माना जा रहा है कि यह कदम बिग बैश लीग कीलोकप्रियता को भारत में बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा. वेस एगर, टॉम एंड्रयूज, कैमरन बैनक्रॉफ्ट, सैम बिलिंग्स, ओली डेविस, लोकीफर्ग्यूसन, मैट गिलक्स, क्रिस ग्रीन, रेयान हेडली, सैम कोंस्टास, नाथन मैकएंड्रयू, डेनियल सैम्स, तनवीर संघा, पैट कमिंस, शादाब खान और डेविड वॉर्नर(कप्तान)। (अश्विन के बिना)अश्विन ने यूएई में होने वाले आईएलटी20 (ILT20) के लिए भी अपना नाम दर्ज कराया है। यह लीग चार जनवरी कोखत्म होगी, जिसके बाद अश्विन बिग बैश के आखिरी हाफ (दूसरे हिस्से) में सिडनी थंडर से जुड़ेंगे.
संयुक्त राष्ट्र में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का शांति का संदेश ‘ओम शांति, शांति, शांति ओम’ के साथ वैश्विक सौहार्द्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने दुनिया से शांति, न्याय और समान अवसर की अपीलकी. अपने 19 मिनट के संबोधन के अंत में उन्होंने संस्कृत मंत्र ‘ओम शांति, शांति, शांति ओम’ का उच्चारण कर पूरी दुनिया को सौहार्द्र और एकजुटताका संदेश दिया. अपने भाषण के दौरान राष्ट्रपति सुबियांतो ने गाजा और फलस्तीन में जारी हिंसा और मानवीय संकट पर गहरी चिंता जताई उन्होंनेघोषणा की कि इंडोनेशिया शांति स्थापना में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है उन्होंने कहा- ‘इंडोनेशिया 20000 या उससे भी अधिक सैनिकों कोगाजा और फलस्तीन में शांति स्थापित करने के लिए भेजने को तैयार है. सुबियांतो ने यह भी बताया कि आज इंडोनेशिया दुनिया में संयुक्त राष्ट्र शांतिसेना का एक बड़ा योगदानकर्ता देश है और वह सिर्फ बातों से नहीं, बल्कि सक्रिय सैनिकों की तैनाती के जरिए शांति स्थापित करने के लिए कामकरता रहेगा. शांति और सद्भावना के साथ जीना होगाराष्ट्रपति ने इस्राइल-फलस्तीन विवाद का हल दो-राष्ट्र समाधान में बताया उन्होंने कहा कि फलस्तीन और इस्राइल, दोनों को स्वतंत्र, सुरक्षित औरआतंकवाद व खतरों से मुक्त राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में रहना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गाजा में निर्दोषों पर हो रही तबाही को रोका नहींगया, तो दुनिया ‘अंतहीन युद्ध और बढ़ती हिंसा’ के बहुत खतरनाक दौर में प्रवेश कर जाएगी. सुबियांतो ने कहा, ‘हिंसा किसी भी राजनीतिक संघर्ष कासमाधान नहीं हो सकती, क्योंकि हिंसा केवल और अधिक हिंसा को जन्म देती है’ उन्होंने दोनों समुदायों से सुलह की अपील करते हुए कहा कि अरब, यहूदी, मुस्लिम और ईसाई, सभी को एक साथ शांति और सद्भावना के साथ जीना होगा. 80वें सत्र में एक मजबूत शांति संदेश के रूप में देखा जा रहाराष्ट्रपति सुबियांतो ने अपने भाषण में चेताया कि ‘इंसान की मूर्खता, जो डर, नस्लवाद, घृणा, उत्पीड़न और रंगभेद से प्रेरित है, हमारी साझा भविष्य कोखतरे में डाल रही है उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है कि वह एक निर्णायक कदम उठाए और निर्दोषों को बचाए अंत मेंउन्होंने दुनिया के सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करते हुए बहुधार्मिक अभिवादन दिया. राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का यह भाषण संयुक्त राष्ट्रमहासभा के 80वें सत्र में एक मजबूत शांति संदेश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्से हिंसा और संघर्ष से जूझरहे हैं. राष्ट्रपति सुबियांतो ने भाषण की शुरुआत पारंपरिक इस्लामी अभिवादन से की और समापन बहुधार्मिक संदेश के साथ किया उन्होंने कहा- वस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाही वबरकातुह, शालोम, ओम शांति शांति शांति ओम, नमो बुद्धाय। यह संदेश इंडोनेशिया की विविध धार्मिक औरसांस्कृतिक पृष्ठभूमि का प्रतीक था.
लद्दाख मांगे न्याय आंदोलन में हिंसा, वांगचुक ने भूख हड़ताल तोड़ युवाओं से कहा ‘रुको, शांत रहो!’

लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर लेह में चल रहा आंदोलन बुधवार को हिंसक होगया. प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय और कई वाहनों में आग लगा दी, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज औरआंसू गैस के गोले छोड़े इस बीच, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 15 दिवसीय भूख हड़ताल समाप्त कर दी. पूरा लेह शहर बंद रहा औरसैकड़ों प्रदर्शनकारी एनडीएस मेमोरियल ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से वे मार्च निकालते हुए शहर की सड़कों पर पहुंचे और पूर्ण राज्य की मांग(स्टेटहुड) व छठी अनुसूची के समर्थन में नारेबाजी की. स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय और हिल काउंसिल मुख्यालय परपथराव किया। बाद में सुरक्षा वाहनों और कार्यालय के अंदर फर्नीचर में आग भी लगा दी गई. प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए बीएनएसएस की धारा163 के तहत 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है। भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. वार्ता की तारीख को और आगे लाया जासोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर युवाओं से शांति बनाए रखने और हिंसा बंद करने की अपील की उन्होंने कहा, मैं बहुत दुखी हूं कि लेहमें हिंसा हुई पुलिस वाहनों और कार्यालयों को नुकसान पहुंचाया गया। यह सब हमारे आंदोलन को ही नुकसान पहुंचाता है। मैं युवाओं से निवेदनकरता हूं कि इस पागलपन को रोके साथ ही, उन्होंने बताया कि उन्होंने देश और लद्दाख की शांति को देखते हुए अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है. एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के प्रतिनिधियों के साथ गृह मंत्रालय की अगली बैठक 6 अक्तूबर को प्रस्तावित है। लेकिन लेहएपेक्स बॉडीऔर कारगिल की युवा शाखा ने मांग की थी कि वार्ता की तारीख को और आगे लाया जाए, खासकर जब दो वरिष्ठ भूख हड़तालियों कीतबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील कीमुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और एनसी के विधायक तनवीर सादिक ने लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सरकार की विफलताओं की आलोचना करते हुए कहाकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूर्ण राज्य की मांग(स्टेटहुड) बहाल नहीं किया गया, सिर्फ इसलिए कि बीजेपी चुनाव नहीं जीत पाई यह जनता के साथनाइंसाफी है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने चार दिवसीय लद्दाख महोत्सव के अंतिम दिन का कार्यक्रम रद्द कर दिया. सूचना एवंजनसंपर्क विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि स्थिति के चलते समापन समारोह को रद्द करना पड़ा है हम स्थानीय कलाकारों, सांस्कृतिक समूहों, पर्यटकों और आम जनता से क्षमा चाहते हैं. लेह में लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शनहिंसक हो गया, जिसमें बीजेपी कार्यालय और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया प्रदर्शन के बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 15 दिन की भूख हड़ताल समाप्त करते हुए युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की.
राकेश टिकैत का वार किसानों की ज़मीन जा रही है लूटी सरकार है उद्योगपतियों के इशारे पर “मुरादाबाद में किसानों की उठी गरज “

मुरादाबाद में बुधवार को आंबेडकर पार्क में किसान संगठनों की महापंचायत आयोजित हुई इसमें भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ताऔर किसान नेता राकेश टिकैत शामिल हुए। जिले भर से बड़ी संख्या में किसान पंचायत में पहुंचे सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने पहले से हीपुख्ता इंतजाम किए थे. महापंचायत में राकेश टिकैत ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि किसानोंकी जमीन लूटने की तैयारी चल रही है गन्ने का उचित भाव नहीं मिल रहा, एमएसपी कानून की मांग अब भी अधूरी है उन्होंने कहा कि किसानों कीफसलों के दाम तय करने की बजाय उन्हें मुकदमों में फंसाने का काम किया जा रहा है. किसानों की फसलों के दाम सुनिश्चित नहीं होंगेंउन्होंने कहा कि यह सरकार उद्योगपतियों के इशारे पर चल रही है, जिससे किसानों और आम जनता की परेशानियां बढ़ रही हैं उन्होंने बेरोजगारी के मुद्देको भी गंभीर बताया और कहा कि लगातार युवा बेरोजगार हो रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है महापंचायत के दौरान टिकैत नेसमाजवादी पार्टी नेता आजम खां की रिहाई पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि आजम खां को अभी और कुछ समय काटना पड़ेगा उनका दिन 2027 के बाद आएगा महापंचायत में किसानों ने जोरदार नारेबाजी की और अपनी समस्याओं को उठाया नेताओं ने साफ कहा कि जब तक एमएसपी कानूननहीं बनेगा और किसानों की फसलों के दाम सुनिश्चित नहीं होंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. आजम खां की रिहाई पर भी कहा कि उनका समय 2027 के बाद आएगामुरादाबाद के आंबेडकर पार्क में हुई किसान महापंचायत में भाकियू नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्होंनेकहा कि किसानों की जमीन लूटने की तैयारी है, गन्ना और फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा और एमएसपी कानून अब भी अधूरा है टिकैत नेआजम खां की रिहाई पर भी कहा कि उनका समय 2027 के बाद आएगा.
शशि थरूर का अमेरिका पर तीखा हमला टैरिफ, H-1B वीज़ा, और पाक-सऊदी समझौते पर खुलकर बोले

कांग्रेस सांसद और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने अमेरिका की नीतियों पर कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एच-1बी वीजा शुल्कवृद्धि, अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ, पाकिस्तान-अमेरिका रिश्ते और पाकिस्तान-सऊदी अरब रक्षा समझौते पर विस्तार से अपनीबात रखी है. एएनआई से बातचीत के दौरान शशि थरूर ने अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ को न्यायहीन करार दिया उन्होंने कहा किट्रंप मानते हैं कि टैरिफ उनकी समस्याओं का समाधान हैं. ‘ट्रंप का मानना है कि कई चीजें जो पहले अमेरिका में बनती थीं, अब बाहर से आयात हो रहीहैं वह चाहते हैं कि आयात महंगा हो, ताकि अमेरिकी कंपनियां अपने देश में उत्पादन करें और अमेरिकी मजदूरों को रोजगार दें दूसरा कारण यह है किट्रंप मानते हैं कि टैरिफ से उनकी सरकार को हर महीने अरबों डॉलर का राजस्व मिलेगा, जिससे अमेरिका का भारी घाटा कम होगा’ थरूर ने कहा कि इसफैसले से भारत में गुस्सा बढ़ा है और ट्रंप व उनके सलाहकारों के बयान बेहद आपत्तिजनक हैं. मेरिकी मदद से हुई थी कई पाकिस्तानी अफसर अमेरिका में ट्रेनिंगशशि थरूर ने आगे यह भी कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका गए हैं और वहां बातचीत चल रही है ‘अगर पहले 25% टैरिफ को 15-19% या अधिकतम 20% तक लाया जा सके, तो कारोबार फिर सामान्य हो सकता है लेकिन दूसरा 25% राजनीतिक मामला है और इसे सुलझानामंत्री के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।’ उन्होंने माना कि यह भारत के लिए फिलहाल झटका है, लेकिन लंबे समय में भारत-अमेरिका संबंध संतुलित होजाएंगे. शशि थरूर ने कहा कि अमेरिका में एच-1बी वीजा का शुल्क 1 लाख डॉलर करने का फैसला घरेलू राजनीति से प्रेरित है उन्होंने कहा, ‘डोनाल्डट्रंप को लगता है कि एच-1बी वीजा के कारण अमेरिकी कंपनियां कम वेतन पर भारतीयों को नौकरी देती हैं, जिससे अमेरिकी नागरिकों को नुकसानहोता है इसी वजह से यह शुल्क इतना बढ़ा दिया गया है कि कंपनियों के लिए लो-एंड नौकरियां देना मुश्किल हो जाए. इससे सिर्फ वे लोग जाएंगे जोबेहद जरूरी और अपरिहार्य हैं’ थरूर ने इसे अव्यावहारिक बताया और कहा कि कई अमेरिकी कंपनियां अब सीधा आउटसोर्सिंग का रास्ता चुनेंगी, जिससे नौकरियां अमेरिका के बजाय भारत या अन्य देशों में जाएंगी. वहीं अमेरिका और पाकिस्तान की नजदीकी पर शशि थरूर ने कहा कि भारत कोयह याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान अमेरिका का पुराना सहयोगी रहा है ‘हम भूल गए थे कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते कितने गहरे हैंआईएसआई की स्थापना भी अमेरिकी मदद से हुई थी कई पाकिस्तानी अफसर अमेरिका में ट्रेनिंग ले चुके हैं. वॉशिंगटन ने इस्लामाबाद को समझायाआतंकवादी जो पाकिस्तान भारत के खिलाफ भेजता है, वे अमेरिका को नहीं बल्कि पाकिस्तान सरकार और सेना को भी निशाना बनाते हैं इसलिएअमेरिका का पाकिस्तान से रिश्ता, भारत से अलग है’ उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह स्थिति खराब दिखती है, लेकिन यह पुराना इतिहास है औरइसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था किअमेरिका ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने में भूमिका निभाई ‘हमने किसी से मध्यस्थता नहीं मांगी। हमारा संदेश साफ था, वे रुकेंगे तो हमभी रुकेंगे लेकिन अगर वॉशिंगटन ने इस्लामाबाद को समझाया कि हमला न करें, तो इसके लिए हमें आभार जताना चाहिए’ उन्होंने यह भी साफ कियाकि भारत किसी तीसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता. पाकिस्तान और सऊदी अरब के रक्षा समझौते को लेकर शसि थरूर ने कहा कि यहनया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रही व्यवस्था का औपचारिक रूप है उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान लंबे समय से खुद को मुस्लिम दुनिया की सुरक्षाशक्ति के रूप में प्रस्तुत करता आया है। हमें अधिक प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए लेकिन यह बात चिंताजनक है कि समझौते में कहा गया है कि एकदेश पर हमला, दोनों पर हमला माना जाएगा. उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय कूटनीतिज्ञ इस मामले पर सऊदी अरब से बातचीत कर रहे होंगे ‘हमेंयह भी समझना चाहिए कि दुनिया की हर नीति भारत को ध्यान में रखकर नहीं बनाई जाती न ट्रंप की हर नीति सिर्फ भारत के लिए होती है और न हीसऊदी की हमें व्यापक दृष्टिकोण रखना चाहिए.
बिहार की बेटियों को मिली नई उड़ान, 75 लाख महिलाओं के खातों में पहुंची आत्मनिर्भरता की पहली किस्त

26 सितंबर 2025 का दिन बिहार की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन साबित होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कर कमलों से ऑनलाइऩ रहकरमुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को पहली किस्त 10-10 हजार रु की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजेंगे. इसऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बतौर मुख्य अतिथि के रुप में सम्मिलित होंगे बता दें कि ₹7,500 करोड़ यह राशि केवलआर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई शुरुआत है सिलाई-बुनाई, खेती या पशुपालन जैसे छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने केलिए शुरू की गई यह पहल बिहार की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलने वाली साबित हो सकती है. महिला रोजगार योजना का मूल उद्देश्यमहिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना है.योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए महिलाओं का जीविका स्वयं सहायता समूहइस पहल से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी, बल्कि वे अपने परिवार और समाज में भी सम्मानजनक स्थान हासिल कर सकेंगी खास बातयह है कि रोजगार शुरू करने के बाद महिलाओं को उनके व्यवसाय की प्रगति के आधार पर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दीजाएगी यह कदम महिलाओं को लंबे समय तक मज़बूत आर्थिक आधार देने में सहायक साबित होगा. महिला रोजगार योजना का लाभ केवल वहीमहिलाएं उठा सकती हैं, जो बिहार की स्थायी निवासी हों. इसमें राज्य की ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार की महिलाएं शामिल हैं योजना के तहतआर्थिक सहायता पाने के लिए महिलाओं का जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ा होना अनिवार्य है हालांकि, जिन महिलाएं अभी तकजीविका से नहीं जुड़ी हैं, उनके लिए भी यह अवसर खुला है. अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन सकेंउन्हें पहले स्वयं सहायता समूह की सदस्यता लेनी होगी। सदस्य बनने की प्रक्रिया सरल रखी गई है. इसके लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरना होगा औरआधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रियाको बेहद सरल और सुगम बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सीधे अपने ग्राम संगठनया जीविका समूह के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। वहां समूह की प्रतिनिधि उन्हें फॉर्म भरने और दस्तावेज जमा करने में सहयोग करेगी शहरी क्षेत्रकी महिलाएं जीविका की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में फॉर्म भरने के बादआवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी. इस योजना से बिहार के करोड़ों परिवारों की महिलाओं को सीधे लाभ मिलेगा, जिससे राज्यकी अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा स्वरोजगार और वित्तीय सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने परिवार कीआर्थिक मजबूती का आधार बन सकेंगी.
खामोश हो गई वो आवाज़ जिसने असम को गाया, जुबीन गर्ग को नम आंखों से अंतिम विदाई

गायक जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में एक हादसे में निधन हो गया था उनके शव को हाल ही में भारत लाया गया. यहां उनका दोबारापोस्टमार्टम हुआ है इसके बाद उनके शव को अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक स्थान कमरकुची में लाया गया यहां उनके परिवार के सदस्यों, उनकेकरीबियों और कई बड़ी हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया. जुबीन गर्ग का अंतिमसंस्कार हो गया है। इस मौके पर उनके करीबी और कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं सब ने उनको श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स परलिखा ‘आप हमेशा याद किए जाएंगे. असमिया गायक जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग, कमरकुची एनसी गांव के श्मशान घाट पर अपने पतिजुबीन गर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान रो पड़ीं. गायक जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कारअसम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कमरकुची एनसी गांव के एक श्मशान घाट में असमिया गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की. बॉलीवुड और असमिया गायक जुबीन गर्ग का हाल ही में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है आज मंगलवार को उनकाअंतिम संस्कार हुआ। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोग श्मशान घाट पहुंचें. गायक जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कैरोलिना में कियाजाएगा यहां उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं अंतिम संस्कार से पहले लोगों की भीड़ जमा हो गई है लोग उनकी एक झलक पाने केइंतजार में हैं. सोशल मीडिया पर आई एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कमरकुची, उत्तरी कैरोलिना गांव में जुबीन के अंतिम संस्कार की तैयारीचल रही है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कियायहां श्मशान घाट पर लकड़ियां रखी हैं और आस-पास की जगह को फूलों से सजाया गया है. गायक जुबीन गर्ग के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार केलिए कमरकुची एनसी गांव के श्मशान घाट में ले जाया जा रहा है उनकी शव यात्रा के साथ हजारों की भीड़ उमड़ी है. गायक ज़ुबीन गर्ग के पार्थिवशरीर का मंगलवार सुबह गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दूसरा पोस्टमार्टम हुआ इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स परपोस्ट किया ‘जुबीन की अंतिम यात्रा शुरू होने में कुछ ही घंटे बचे हैं कुछ देर पहले, मैं सरुसजाई स्टेडियम में उनके शुभचिंतकों के साथ अपनीश्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शामिल हुआ.
दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने की मुहिम में उतरी सीएम रेखा गुप्ता, बोली मेरी फोटो वाले भी पोस्टर मत लगाओ “देश को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाओ”

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सेवा पखवाड़ा के तहत शालीमार बाग के रिंग रोड पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंनेदिल्लीवासियों से अपील की कि वे शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें और दीवारों पर पोस्टर न चिपकाएं. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छताअभियान एक सतत प्रक्रिया है यह हमारा शहर और हमारा देश है मैं देख रही हूं कि तंबाकू के पैकेट, पानी की बोतलें, भंडारे के बाद बची प्लेटें और हरजगह चिपके पोस्टर हमारे शहर को गंदा कर रहे हैं हम रिंग रोड पर स्वच्छता अभियान चला रहे हैं मैं सभी दिल्लीवासियों से अनुरोध करती हूं कि दीवारोंपर न लिखें और न ही पोस्टर चिपकाएं। मैं सभी राजनेताओं से भी कहना चाहती हूं कि कम से कम मेरी तस्वीर वाले पोस्टर न लगाएं शहर को खराबकरने की इजाजत नहीं दी जाएगी. पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हुए सेवा पखवाड़ादिल्ली के मंत्री अशीष सूद ने राजा गार्डन के पास स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया उन्होंने कहा कि यह हमारी प्रतिबद्धता है आज हमारे सैकड़ोंसहयोगी स्वेच्छा से स्वच्छता अभियान में जुटे हैं मंत्री पंकज सिंह ने धौला कुआं के रिंग रोड पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और कहा कि सेवापखवाड़ा शुरू हुआ है पार्टी ने फैसला किया है कि हम दिल्ली के बाहरी इलाकों को साफ करेंगे। पीएम मोदी ने हमें सेवा का भाव सिखाया है स्वच्छजीवन, पवित्र जीवन और दिल्ली को साफ रखने के लिए हमारे सभी पार्षद और कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं. वहीं एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीतसिंह चहल ने सफदरजंग अस्पताल के पास स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेते हुए कहा कि 17 सितंबर को पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हुए सेवापखवाड़ा के तहत स्वच्छता अभियान में हमने दिल्ली के लिए संकल्प लिया है. दिल्ली को सुंदर बनाया जा सकेआज हम सफदरजंग अस्पताल के सामने हैं। हम पीएम मोदी के स्वच्छता के संकल्प को पूरा करेंगे. आज दिल्ली विकास के लिए जानी जा रही है मांयमुना और दिल्ली को साफ किया जा रहा है. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत आज हम दिल्ली के सभीनागरिकों और हमारे सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर 33 स्थानों पर छोटा सा प्रयास कर रहे हैं ताकि दिल्ली को सुंदर बनाया जा सके स्वच्छता कोहम सभी के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए यह हमारी दिल्ली है, तो आइए इसे मिलकर स्वच्छ रखें. दिल्ली के मंत्री रविंदर इंद्रजीत सिंह ने कहाकि दिल्ली के लोगों से अपील की गई है कि वे दिल्ली की दीवारों को स्वच्छ और व्यवस्थित रखें ताकि हमारा शहर साफ दिखे इस संबंध में मुख्यमंत्रीने कहा कि कोई भी अपने पोस्टर न लगाए अगर कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है यह एक अच्छी पहल है औरबहुत जरूरी है.
भारत ने कॉमनवेल्थ में संरचनात्मक सुधार की उठाई मांग, कहा संगठन आज की सच्चाई को दर्शाए

भारत ने राष्ट्रमंडल समूह (कॉमनवेल्थ) में सुधारों पर जोर दिया है, ताकि यह मौजूदा समय की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित कर सके संयुक्त राष्ट्रमहासभा (यूएनजीए) के इतर आयोजित मंत्री स्तर की बैठक में भारत ने समूह के मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई कॉमनवेल्थ केविदेश मामलों के मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रालय (एमईए) के सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज ने किया. विदेश मंत्रालयने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि बैठक में जॉर्ज ने कॉमनवेल्थ चार्टर में निहित मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति भारत की प्रतिबद्धताव कॉमनवेल्थ में सुधार की जरूरत पर बात की, ताकि मौजूदा समय की वास्तविकताओं को ठीक से प्रतिबिंबित किया जा सके. कॉमनवेल्थ को मजबूत बनाया जा सकेइस बैठक की अध्यक्षता समोआ के उप प्रधानमंत्री टोएलुपे माओइआउतेले पोमुलिनुकु ओनेसेमो ने की. कॉमनवेल्थ के विदेश मामलों के विदेशमंत्रियों की बैठक (सीएफएएमएम) एक उच्च स्तरीय मंच है, जो कॉमनवेल्थ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों को एक साथ लाता है, ताकि आपसीसहयोग को मजबूत करने और 56 देशों के इस संगठन की साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान निकालने के तरीकों पर चर्चा कर सकें. बैठक मेंमंत्रियों ने कहा कि कॉमनवेल्थ बहुपक्षवाद और सामूहिक कार्रवाई का एक मजबूत समर्थक है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया गहरे संकट में है अपनेसंबोधन की शुरुआत में टोएलुपे ने कहा कि इस बैठक में उनकी भूमिका अहम है और आज जिन मुद्दों पर चर्चा हो रही है, वे समोआ में आयोजितकॉमनवेल्थ के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करने के लिए जरूरी हैं, ताकि कॉमनवेल्थ को मजबूत बनाया जा सके. भारत ने कॉमनवेल्थ में सुधार की मांगउन्होंने कहा कि बहुपक्षीय प्रणाली पर गंभीर दबाव है, लेकिन यह अभी भी सबसे बड़ा उपकरण है इसके बिना विश्व में दरारे गहराती जाएंगी, लेकिनइसके साथ हम समाधान ढूंढ सकते हैं एक दबाव से भरी दुनिया में कॉमनवेल्थ के स्पष्ट उद्दश्य परिभाषित होने चाहिए. भारत ने कॉमनवेल्थ में सुधार कीमांग करते हुए कहा कि संगठन को आज की सच्चाई को प्रतिबिंबित करना होगा यूएन महासभा के इतर आयोजित बैठक में भारत ने संगठन के मूल्योंऔर साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई इस उच्च स्तरीय बैठक में 56 देशों के विदेश मंत्रियों ने बहुपक्षवाद को मजबूती देने और साझा चुनौतियों परसहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.