आज़म खां की रिहाई पर बोले अखिलेश यादव हर झूठ की एक मियाद होती है, इंसाफ़ ज़िंदाबाद “जानें इशारों ही इशारों में क्या कुछ कह गए अखिलेश यादव”

सपा नेता आजम खां के जेल से रिहा होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा हैउन्होंने कहा कि हर झूठ की एक मियाद होती है. भाजपा को सामाजिक सौहार्द के प्रतीक लोग कभी अच्छे नहीं लगते हैं. उन्होंने एक्स पर बयान जारीकर कहा कि माननीय आजम खां जी की रिहाई उनके और उनके परिवार और हम सब के साथ-साथ, उन सब लोगों के लिए राहत और खुशी की बातहै जो ‘इंसाफ़’ में ऐतबार करते हैं न्याय में विश्वास को बनाए रखने के लिए अदालत का दिल से शुक्रिया. लोग सामाजिक सौहार्द के प्रतीक होतेआज फर्जी मुकदमे करनेवालों को भी ये सबक मिल गया है कि हर ‘झूठ’ की एक मियाद होती है और हर ‘साज़िश’ की भी जो लोग सामाजिक सौहार्दके प्रतीक होते हैं, भाजपा को वो कभी अच्छे नहीं लगते हैं. माननीय आजम खां जी एक बार फिर से हर उपेक्षित, पीड़ित, दुखी, अपमानित के साथखड़े होकर, भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के द्वारा किये जा रहे जनता के दमन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएंगे और हमेशा की तरह देश-प्रदेश कीभावनात्मक एकता के प्रतीक बनकर, समाजवादी मूल्यों और सिद्धांतों के साथ, सामाजिक न्याय के संघर्ष की राह पर आगे बढ़ते जाएंगे! इंसाफजिंदाबाद! सपा नेता आजम खां मंगलवार को करीब दो साल बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए यहां से वो रामपुर चले गए. सपा अध्यक्ष अखिलेशयादव ने आजम खां के जेल से रिहा होने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला.
H-1B वीजा शुल्क बढ़ने से भारतीय रुपया टूटा रिकॉर्ड, डॉलर के मुकाबले गिरा 88.76 तक

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एच-1बी वीजा शुल्क में भारी वृद्धि से बाजार में उथल-पुथल मचने के बीच मंगलवार को रुपये में गिरावट जारी रहीदोपहर के कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 48 पैसे की गिरावट आई और यह अब तक के सबसे निचले स्तर 88.76 पर आ गया. विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार एच-1बी वीजा शुल्क में वृद्धि से भारत के आईटी क्षेत्र से धन प्रेषण और संभावित इक्विटी बिकवाली से जुड़ीचिंताएं पैदा हो गई हैं यह भारतीय मुद्रा के लिए दोहरी मार है, ऐसे समय में जब इस वर्ष विदेशी निवेश पहले से ही कमजोर है. अंतरबैंक विदेशी मुद्राविनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया 88.41 पर खुला. अनिश्चितता ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ावा दियाअंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया 88.41 पर खुला इसके बाद यह कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 88.76 केसर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया इस तरह इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 48 पैसे की गिरावट दर्ज की गई सोमवार को अमेरिकी डॉलर केमुकाबले रुपया 12 पैसे गिरकर 88.28 पर बंद हुआ था.विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि रुपया रिकॉर्ड निम्न स्तर की ओर जा रहा है बाजार से जुड़े प्रतिभागी अमेरिका के नए 1,00,000 अमेरिकीडॉलर के एच-1बी वीजा शुल्क के संभावित नतीजों का विश्लेषण कर रहे हैं अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले से अमेरिका से भारत को होने वाले धनप्रेषण में मंदी आ सकती है इससे अमेरिका को भारत के सेवा निर्यात में भी कमी आ सकती है जानकारों के मुताबिक वैश्विक जोखिम से बचने कीप्रवृत्ति और व्यापारिक नीति की अनिश्चितता ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ावा दिया है. 2,910.09 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेचीसीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबारी ने कहा, “शेयर बाजारों में घबराहट का माहौल दिखा और निवेशकों ने सोमवार को2,910 करोड़ रुपये निकाल लिए। यह निकासी यह बताताी है कि वैश्विक नीतिगत झटके किस तरह भारत के वित्तीय बाजारों पर दबाव में बदलसकते हैं, इससे रुपये में गिरावट जारी रहेगी. इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशतबढ़कर 97.38 पर कारोबार कर रहा था वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.23 डॉलर प्रति बैरलपर कारोबार कर रहा था. घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर, सेंसेक्स 271.99 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 81,887.98 पर आ गया, जबकि निफ्टी80.65 अंक या 0.32 प्रतिशत गिरकर 25,121.70 पर आ गया इस बीच, एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवारको 2,910.09 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची.
राहुल गांधी का बड़ा हमला ‘जब तक वोट चोरी रुकेगी नहीं, युवाओं को नौकरी मिलेगी नहीं बीजेपी सरकार पर जमकर साधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब तक देश मेंचुनाव ईमानदारी से नहीं होंगे और वोट चोरी होती रहेगी, तब तक युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ेगा लोकसभा में विपक्ष केनेता राहुल गांधी ने एकस पर हिंदी में पोस्ट करते हुए लिखा कि आज के समय में भारत के युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है और यहसीधे-सीधे वोट चोरी से जुड़ी हुई है. राहुल गांधी ने कहा, ‘जब कोई सरकार जनता का भरोसा जीतकर सत्ता में आती है, तो उसका पहला कर्तव्ययुवाओं को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराना होता है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साधा निशानालेकिन भाजप ईमानदारी से चुनाव नहीं जीतती वे सत्ता में बने रहने के लिए वोट चुराते हैं और संस्थाओं को अपने नियंत्रण में रखते हैं उन्होंने आरोपलगाया कि इसी वजह से बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है सरकारी नौकरियों में भर्ती की प्रक्रिया ठप हो गई है, परीक्षाओं के पेपरलीक हो रहे हैं और हर भर्ती घोटाले की कहानियां भ्रष्टाचार से जुड़ी होती हैं. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘देश केयुवा मेहनत करते हैं, सपने देखते हैं और अपने भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं. पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा कियालेकिन मोदी जी का ध्यान सिर्फ अपने पीआर पर है, कभी मशहूर हस्तियों से अपनी तारीफ करवाने में, तो कभी बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचानेमें सरकार की पहचान अब युवाओं की उम्मीदें तोड़ने और उन्हें हताश करने वाली बन चुकी है. उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा कियाजिसमें एक तरफ नौकरी की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज के दृश्य हैं, जबकि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी को पौधारोपण करते, मोर कोदाना खिलाते और योग करते दिखाया गया है राहुल गांधी ने कहा, ‘सच्ची देशभक्ति अब भारत को बेरोजगारी और वोट चोरी से मुक्त कराने में है.
मोबाइल भारत में बने, मगर पुर्ज़े चीन के क्या यही आत्मनिर्भरता है? पीएम मोदी ने स्वदेशी अपनाने पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मंच से लोगों को स्वदेशी अपनाने पर जोर दे रहे हैं उनकी अपील है कि हर दुकानदार अपनी दुकानों के सामने यह बोर्ड लगाएकि वे स्वदेशी बेचते हैं और इसमें गर्व महसूस करते हैं. पीएम की यह अपील अमेरिका के टैरिफ वॉर और एच वन बी वीजा पर भारी शुल्क लगाने केबाद और ज्यादा प्रासंगिक हो गई है इसके पहले चीन ने भी रेयर अर्थ मेटल को एक रणनीतिक वस्तु की तरह उपयोग किया था और भारत जैसे अनेकदेशों के सामने संकट पैदा कर दिया था इसके बाद से ही यह अपील की जाने लगी कि भारत जैसे देश को महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर होना चाहिएलेकिन बड़ा प्रश्न यही है कि आज के ग्लोबलाइजेशन के दौर में पूरी तरह स्वदेशी होने की बात करना कितना प्रासंगिक है? स्वदेशी अपनाना किस हदतक संभव है और इसके क्या परिणाम सामने आ सकते हैं?भारत के नोएडा-गुरुग्राम या बंगलौर जैसे शहरों में इनकी असेंबलिंगभारत का व्यापार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत तेजी के साथ बढ़ रहा है युवा नए-नए स्टार्टअप लगाकर अपना रोजगार खड़ा कर रहे हैं और इनमें से कुछसफल भी हो रहे हैं लेकिन ध्यान से देखने पर समझ आता है कि हमारे युवाओं के ज्यादातर व्यवसाय सर्विस प्रोवाइडर कैटेगरी में हैं जैसे कोई ऐप यासॉफ्टवेयर विकसित कर खाना, कपड़ा या अन्य सामान पहुंचाने का काम कर रहा है तो कोई घूमने या कोई अन्य सेवा को प्रदान कर रहा है ये व्यवसायबुरे नहीं हैं, लेकिन समझने की आवश्यकता है कि ये केवल सर्विस सेक्टर है। यह कोर मैन्युफैक्चरिंग नहीं है. इसी तरह भारत ने मोबाइल, लैपटॉप औरटीवी जैसी चीजों को बनाने में अच्छी प्रगति दिखाई है। लेकिन इनमें से अधिकतम चीजों की केवल असेंबलिंग हो रही है इनमें लगने वाली सभीमशीनों, कल-पुर्जों का चीन जैसे देशों से आयात किया जा रहा है और भारत के नोएडा-गुरुग्राम या बंगलौर जैसे शहरों में इनकी असेंबलिंग कर इन परभारत में बने होने का ठप्पा लगाया जा रहा है.रसायन और मशीनों का चीन से आयात किया जा रहालेकिन यह भी कोर मैन्युफैक्चरिंग नहीं है जब भी ये देश चाहें, हमें कोर मशीनों, कलपुर्जों का निर्यात बंद कर इन वस्तुओं के उत्पादन में हमें शून्य स्तरपर ला सकते हैं. भारत स्वास्थ्य सेक्टर में दवाइयों, मेडिसिनल कपड़ों, मशीनों के उत्पादन में एक वैश्विक शक्ति बना है लेकिन मोबाइल-लैपटॉप सेक्टरकी तरह इस सेक्टर में उपयोग होने वाली अधिकतम वस्तुएं, रसायन और मशीनों का चीन से आयात किया जा रहा है यदि कल चीन इन रसायनों कानिर्यात रोक दे तो भारत में अनेक दवाइयों के निर्माण में भारी परेशानी पैदा हो जाएगी भारत सौर ऊर्जा का बड़ा खिलाड़ी बनने की राह पर है लेकिन इससेक्टर में भी लगभग वही स्थिति है यानी यदि चीन आज सौर ऊर्जा के पैनल और बैटरियां निर्यात करना बंद कर दे तो हमारे सामने वही स्थिति पैदा होजाएगी जैसे कि अमेरिकी टैरिफ लगाने के बाद हमारे एमएसएमई सेक्टर के उद्योगों के सामने हुई है.
जस्टिस यशवंत वर्मा पर संकट गहराया, जली हुई नकदी से महाभियोग तक पहुंचा मामला

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच तेज हो गई है नकदी मामले की जांच कर रही समितिकी मदद के लिए दो वकीलों को नामित किया गया है समिति की सहायता के लिए रोहन सिंह और समीक्षा दुआ को सलाहकार नियुक्त किया गया है. पिछले महीने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए राजनीतिक दलों का नोटिस स्वीकार किया था14 मार्च को वर्मा के सरकारी आवास पर नोटों की जली हुई गड्डियां पाई गई थीं. स्टिस वर्मा के आवासीय परिसर में आग लगने के बाद जले हुए नोट मिलेलोकसभा अध्यक्ष ने न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय केमुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बीवी आचार्य की एक समिति गठित की थी. अबसमिति की मदद के लिए दो वकीलों की नियुक्ति की गई है दोनों नियुक्तियां समिति के कार्यकाल के साथ या अगले आदेश तक जारी रहेंगी. इससेपहले सर्वोच्च न्यायालय ने 7 अगस्त, 2025 को कहा था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने की सिफारिश करनेवाली आंतरिक जांच प्रक्रिया को कानूनी मान्यता प्राप्त है. जस्टिस वर्मा के आवासीय परिसर में आग लगने के बाद जले हुए नोट मिले थे उस समय वेदिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे.न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिशपंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाले तीन न्यायाधीशों के पैनल ने मामले की 10 दिनों तक जांच की इसदौरान 55 गवाहों से पूछताछ की गई और 14 मार्च की रात लगभग 11.35 बजे न्यायमूर्ति वर्मा के आधिकारिक आवास पर लगी आकस्मिक आगवाले घटनास्थल का दौरा किया जस्टिस वर्मा उस समय दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे और अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कार्यरत हैं. इस रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकरन्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश की थी.
पूनम पांडे अब नहीं करेंगी मंदोदरी का अभिनय – लव कुश रामलीला समिति का बड़ा फैसला

समाज की भावनाओं का सम्मानदिल्ली के लालकिला मैदान में हर साल होने वाली लव कुश रामलीला पूरे देश और दुनिया में प्रसिद्ध है। इस रामलीला को देखने के लिए लाखोंलोग आते हैं और यह आयोजन धार्मिक आस्था का बड़ा प्रतीक माना जाता है। इस बार जब अभिनेत्री पूनम पांडे को मंदोदरी की भूमिका के लिए चुनागया, तो शुरुआत में सबकुछ सामान्य लगा। लेकिन जैसे ही इस खबर की घोषणा हुई, समाज के अलग-अलग हिस्सों से आपत्तियाँ आने लगीं। समिति का बयानरामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार और महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि पूनम पांडे को समिति ने आमंत्रित किया था और उन्होंने मंदोदरीकी भूमिका निभाने के लिए सहमति भी दी थी। लेकिन, उनके नाम की घोषणा के बाद अलग-अलग संस्थानों और वर्गों से विरोध के स्वर उठने लगे।लोगों का कहना था कि इससे रामलीला की गरिमा और इसके मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े हो सकते हैं। रामलीला का असली उद्देश्यरामलीला केवल एक नाटक या मनोरंजन का साधन नहीं है। इसका असली उद्देश्य भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े आदर्शों, मर्यादा और संदेश कोसमाज तक पहुँचाना है। इस मंचन से लोग प्रेरणा लेते हैं और यह पीढ़ी दर पीढ़ी संस्कारों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनता है। समिति का मानना हैकि यदि किसी कलाकार के चयन से समाज में असंतोष और विवाद की स्थिति पैदा होती है, तो यह रामलीला के उद्देश्य के विपरीत होगा। गहन विचार के बाद लिया गया निर्णयकाफी सोच-विचार और चर्चा के बाद समिति ने तय किया कि इस बार मंदोदरी की भूमिका किसी अन्य कलाकार से करवाई जाएगी। समिति काकहना है कि यह फैसला किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज की भावनाओं और आस्था का सम्मान करते हुए लिया गया है। समिति ने यह भीकहा कि उनका मकसद है कि रामलीला की पवित्रता और परंपरा पर कोई आंच न आए। पूनम पांडे के लिए शुभकामनाएंसमिति ने अभिनेत्री पूनम पांडे के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे इस फैसले को समझेंगी। समिति ने उनके उज्ज्वल भविष्य और सफलता कीकामना की। मंदोदरी का महत्वमंदोदरी, रावण की पत्नी और लंका की रानी थीं। उन्हें बहुत बुद्धिमान और धर्मपरायण स्त्री माना जाता है। रामायण में मंदोदरी का चरित्र आदर्श नारीके रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़तीं। इसी वजह से समाज का मानना था कि इस भूमिकाको निभाने वाले कलाकार की छवि भी उतनी ही मर्यादित होनी चाहिए।
संजय सिंह का बड़ा आरोप – मोदी सरकार का बचत उत्सव असल में चपत उत्सव है

आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी नेहाल ही में देश में बचत उत्सव का ऐलान किया है, लेकिन यह उत्सव असल में चपत उत्सव है। जब भी मोदी जी कोई उत्सव या जश्न की घोषणाकरते हैं, जनता उनकी बातों में फंस जाती है और असली हालात को भूल जाती है। नोटबंदी का जिक्रसंजय सिंह ने कहा कि जब नोटबंदी हुई थी, तब प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि 50 दिन में जनता की किस्मत बदल जाएगी। लेकिन क्या हुआ? हकीकत यह रही कि सौ से ज्यादा लोगों की जान बैंकों की लाइन में लगते-लगते चली गई। 99 प्रतिशत पैसा वापस बैंकों में जमा हो गया। न तोकाला धन खत्म हुआ और न ही भ्रष्टाचार। उन्होंने कहा कि उस समय भी जनता ने जश्न मनाया, लेकिन नतीजा जनता के नुकसान के रूप में सामनेआया। जीएसटी से जनता पर बोझसंजय सिंह ने जीएसटी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में जीएसटी के नाम पर आम जनता से करीब 80 लाख करोड़ रुपये की लूट हुई है। गरीब और मध्यम वर्ग पर सबसे ज्यादा टैक्स का बोझ डाला गया, जबकि सबसे अमीर वर्ग से बहुत ही कम करवसूला गया। इस वजह से आम आदमी की जेब खाली हो गई और महंगाई लगातार बढ़ती चली गई। उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार आठ साल सेचिल्ला रहे हैं कि यह टैक्स सिस्टम गलत है, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। भाजपा को बताया भारतीय जेबकतरा पार्टीसंजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा का नाम बदलकर भारतीय जेबकतरा पार्टी कर देना चाहिए, क्योंकि सरकार लगातार जनता की जेबकाट रही है। मोदी जी कहते हैं कि बचत उत्सव से दो लाख करोड़ रुपये की बचत होगी, लेकिन असलियत यह है कि इसमें सरकार को ही 47 हजारकरोड़ का घाटा होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यह गणित कहां से आया और किस आधार पर यह दावा किया जा रहा है। स्वदेशी नारे की असलियतसंजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वदेशी अपनाने की बात करते हैं, लेकिन सच यह है कि उनका कैमरा, चश्मा, कपड़े, जूते, गाड़ी और हवाईजहाज सब विदेशी हैं। भारत ने चीन से ही 39 लाख करोड़ रुपये का सामान मंगाया है, जबकि चीन हमारी सीमा पर हमला करता है और पाकिस्तानको हथियार देता है। उन्होंने कहा कि 2023–24 में भारत का आयात 56 लाख करोड़ रुपये का था, जो 2024–25 में बढ़कर 60 लाख करोड़ तकपहुंच गया। इससे साफ है कि विदेशी सामान पर निर्भरता कम नहीं हुई बल्कि और बढ़ गई है। छोटे उद्योगों की हालत खराबसंजय सिंह ने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि करीब तीन करोड़ छोटे और मझोले उद्योग बंद हो चुके हैं। यह बहुत ही गंभीर बातहै। अगर उद्योग ही बंद हो जाएंगे तो देश में रोजगार कहां से आएगा और स्वदेशी की बात कैसे पूरी होगी? उन्होंने कहा कि सरकार केवल नारे देती है, लेकिन असल में उद्योग और व्यापार चौपट हो रहे हैं। जनता को चेतावनीअंत में संजय सिंह ने देशवासियों से अपील की कि अपनी जेब संभाल कर रखिए। सरकार हर बार नए जश्न और नए उत्सव के नाम पर जनता की जेबपर ही हाथ डालती है। अगर लोग सचेत नहीं हुए, तो यह बचत उत्सव सच में चपत उत्सव बन जाएगा और जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
राजा इकबाल सिंह के नेतृत्व में दिल्ली मेट्रो यूनिवर्सिटी में स्वच्छता अभियान

प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिवस पर सेवा पखवाड़ामाननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर चल रहे सेवा पखवाड़ा के दौरान आज दिल्ली मेट्रो यूनिवर्सिटी के बाहर एक विशेष स्वच्छताअभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करने और आसपास के इलाके को साफ रखने केलिए किया गया। महापौर राजा इकबाल सिंह का नेतृत्वइस अभियान का नेतृत्व दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह जी ने किया। उन्होंने छात्रों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सफाई की। राजा जी नेकहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है। छात्रों और नागरिकों की भागीदारीइस अभियान में दिल्ली मेट्रो यूनिवर्सिटी के छात्र और आसपास के लोग भी शामिल हुए। उन्होंने सड़क, फुटपाथ और आसपास के क्षेत्रों की सफाईकी। सभी ने मिलकर कचरा उठाया और इलाके को साफ-सुथरा बनाया। इस तरह के प्रयास लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। स्वच्छ भारत मिशन का संदेशराजा इकबाल सिंह जी ने कहा कि अगर हर व्यक्ति अपने आस-पास के क्षेत्र को साफ रखे, तो हमारा देश और शहर स्वच्छ और सुंदर बनेंगे। यहअभियान यह दिखाता है कि स्वच्छता सिर्फ एक दिन का काम नहीं है, बल्कि हमें इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाना चाहिए।
प्रवीण शंकर कपूर ने सरोजिनी नगर फ्लाईओवर पर शुरू किया सफाई अभियान

सेवा पखवाड़े के तहत दिल्ली में सफाईप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस को सेवा पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दिल्ली में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।आज सुबह राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत लगभग 71 जगहों पर फ्लाईओवरऔर बस स्टॉप के आसपास सफाई की गई।सरोजिनी नगर फ्लाईओवर पर अभियान की शुरुआतइन स्थानों में से एक सफदरजंग-सरोजिनी नगर फ्लाईओवर भी शामिल था। यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीणशंकर कपूर पहुंचे। उनके साथ दक्षिणी दिल्ली की जिलाध्यक्ष माया बिष्ट और निगम पार्षद अरुण भाटी भी मौजूद रहे। इन नेताओं ने अपने हाथ मेंझाड़ू उठाकर अभियान की शुरुआत की और सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सफाई की। कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारीइस मौके पर भाजपा कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। उन्होंने लोकनिर्माण विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर सफाई की।बस स्टॉप और फ्लाईओवर के नीचे जमा गंदगी को हटाया गया। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि सफाई तभी संभव है जब जनता और प्रशासनदोनों मिलकर काम करें। नेताओं के विचारसफाई अभियान की शुरुआत करते हुए प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि साफ-सफाई रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सबको इसमेंहिस्सा लेना चाहिए। अगर हर व्यक्ति अपने आसपास सफाई पर ध्यान देगा, तो पूरी दिल्ली और ज्यादा सुंदर बन सकती है माया बिष्ट ने कहा किस्वच्छ वातावरण से ही लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इसलिए यह जरूरी है कि सफाई को हम अपनी आदत बनाएं। अरुण भाटी ने स्थानीय लोगोंसे अपील की कि वे कचरा इधर-उधर न फैलाएं और सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। सेवा पखवाड़े का महत्वमोदी जी के जन्मदिवस सेवा पखवाड़े के दौरान भाजपा कार्यकर्ता पूरे देश में अलग-अलग सेवा कार्य कर रहे हैं। कहीं स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जारहे हैं, तो कहीं जरूरतमंदों को मदद दी जा रही है। दिल्ली में चलाए गए इस सफाई अभियान का उद्देश्य सिर्फ एक दिन की सफाई करना नहीं, बल्किलोगों को हमेशा के लिए सफाई के प्रति जागरूक करना है। जनता से अपीलभाजपा नेताओं ने लोगों से यह भी कहा कि सफाई सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हर नागरिक को अपने घर, गली और बाजार कीजिम्मेदारी लेनी चाहिए। जब सभी लोग मिलकर काम करेंगे तभी प्रधानमंत्री मोदी का स्वच्छ भारत का सपना पूरा होगा।
वीरेन्द्र सचदेवा ने आईटीओ रोज़ गार्डन फ्लाईओवर पर शुरू किया स्वच्छता अभियान

मोदी जी सेवा पखवाड़े में दिल्लीभर में सफाई कार्यक्रमप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस सेवा पखवाड़े के तहत दिल्ली सरकार और नगर निगम द्वारा राजधानी के अलग-अलग इलाकों में सफाई अभियानचलाए जा रहे हैं। आज सुबह दिल्ली के 71 स्थानों पर फ्लाईओवर और उनके आसपास सफाई कार्यक्रम आयोजित किए गए। आईटीओ रोज़ गार्डन पर विशेष अभियानइन्हीं जगहों में से एक था रोज़ गार्डन, आईटीओ फ्लाईओवर। यहां दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा स्वयं पहुंचे और सफाई अभियान कीशुरुआत की। उन्होंने कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के साथ मिलकर झाड़ू उठाई और बस स्टॉप तथा फ्लाईओवर के नीचे जमा गंदगी को साफकिया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगीइस अभियान में भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता भी शामिल रहे। निगम पार्षद रामकिशोर शर्मा, उत्तर-पूर्वी जिला भाजपा अध्यक्ष डा. यू.के. चौधरीऔर अन्य कार्यकर्ता मिलकर साफ-सफाई करते दिखाई दिए। लोकनिर्माण विभाग और नगर निगम के कर्मचारी भी पूरे उत्साह के साथ इस अभियान मेंजुड़े। स्वच्छता का संदेशवीरेन्द्र सचदेवा ने इस मौके पर कहा कि स्वच्छता सिर्फ सरकार या नगर निगम का काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर हम सबमिलकर अपने आसपास की जगहों को साफ रखें, तो दिल्ली को और सुंदर बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे न केवल घर केअंदर बल्कि बाहर सड़कों, बस स्टॉप और बाजारों को भी साफ-सुथरा रखने में योगदान दें। जनता की भागीदारी ज़रूरीइस मौके पर कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि अगर जनता सक्रिय रूप से सफाई अभियान में साथ देगी, तभी इसका सही असर दिखाई देगा। अभियान काउद्देश्य सिर्फ एक दिन की सफाई नहीं, बल्कि लोगों को स्थायी तौर पर सफाई की आदत डालने के लिए प्रेरित करना है। सेवा पखवाड़े की प्रेरणाप्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस सेवा पखवाड़े में हर दिन अलग-अलग सामाजिक कार्य किए जा रहे हैं। कहीं स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं, तोकहीं जरूरतमंदों को मदद दी जा रही है। इसी कड़ी में यह स्वच्छता अभियान भी शामिल किया गया है, ताकि लोग साफ-सफाई को लेकर अधिकजागरूक हों।