AAP नेता सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर ED का छापा, अस्पताल घोटाले की जांच हुई तेज़

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा है. यह कार्रवाईअस्पताल निर्माण में हुए घोटाले को लेकर की गई है. ईडी अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम ने अस्पतालनिर्माण में अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के आवास पर छापेमारी की है. जानकारी के लिएबता दें कि ईडी की दिल्ली और आस पास के 13 ठिकानों पर छापेमारी चल रही है. आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सौरभ भारद्वाज केघर हुई छापेमारी पर कहा कि मोदी सरकार जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है. आप को निशाना बनाया जा रहा है आप को निशानाइसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि पार्टी ने मोदी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ सबसे ज्यादा आवाज उठाई है. ईडी ने की कार्रवाईसौरभ भारद्वाज के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी की ओर से बयान सामने आया है। आप ने इस कार्रवाई को ध्यान भटकाने कीरणनीति बताया है. साथ ही दावा किया है कि उनके खिलाफ मामला झूठा है. आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने ईडी की कार्रवाई पर कहा किछापेमारी ध्यान भटकाने की रणनीति है। यह मामला उस समय का है जब भारद्वाज किसी मंत्री पद पर नहीं थे. यह मामला झूठा है.वहीं आप सांसद संजय सिंह ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके के खिलाफ दर्ज मामला झूठा और निराधार है. क्योंकि जिससमय ईडी ने मामला दर्ज किया था, उस समय वह मंत्री भी नहीं थे. आप नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करना और उन्हें जेल में डालना मोदीसरकार की नीति है. भाजपा सरकार सभी आप नेताओं को एक-एक करके परेशान कर रही है और उन्हें जेल में डाल रही है. पीएम मोदी की फर्जी डिग्रीसे ध्यान हटाने के लिए छापेमारी की जा रही है. पीएम मोदी की फर्जी डिग्री पर चर्चा न हो, इसके लिए ईडी ने कार्रवाई की है. सौरभ भारद्धाज के घर छापेमारीपंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि आज सौरभ भारद्वाज के घर पर छापा मारा गया है. क्योंकि कल से पूरे देश में पीएम मोदी की डिग्री को लेकरचर्चा की जो डिग्री फर्जी है. ये रेड उस से ध्यान भटकाने के लिए की गई है. सत्येंद्र जैन को भी तीन साल जेल में रखा लेकिन बाद में सीबीआई औरईडी ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट फाइल की. इस से साफ है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं पर किए गए सारे केस फर्जी और झूठे हैं।सौरभ भारद्वाज पर ईडी की कार्रवाई पर पूर्व सीएम आतिशी ने कहा कि आज सौरभ जी के यहां रेड क्यों हुई? क्योंकि पूरे देश में मोदी जी की डिग्री परसवाल उठ रहा है. क्या मोदी जी की डिग्री फर्जी है?, इस चर्चा से ध्यान हटाने के लिए ही रेड डाली गई है. जिस समय का केस बताया जा रहा है उससमय सौरभ मंत्री भी नहीं थे यानी पूरा केस ही झूठा है. बीती 24 जून को आप सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन और सौरभ भारद्वाज के खिलाफहजारों करोड़ से अधिक के कथित अस्पताल घोटाले की जांच को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी थी. जांच के लिए भाजपा नेता विजेंद्रगुप्ता ने 22 अगस्त 2024 को शिकायत की थी. इसमें तत्कालीन मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन पर मिलीभगत कर स्वास्थ्य विभाग में व्याप्तभ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। आम आदमी पार्टी (आप) ने इन आरोपों से इनकार किया था.
अमेरिका का भारत पर नया टैरिफ वार 27 अगस्त से लागू होंगे अतिरिक्त शुल्क, रूस से मिली धमकी का हवाला

अमेरिका ने मंगलवार को भारत को एक नोटिस जारी किया है जिसमें बताया गया है कि 27 अगस्त से अतिरिक्त टैरिफ लागू किए जाएंगे. यह नोटिसअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने जारी किया है इसमें कहा गया है कि ये टैरिफ रूस सरकार से अमेरिका को मिली धमकियों के जवाब में लगाएजा रहे हैं और भारत को इस नीति के तहत नए टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. नोटिस में कहा गया है कि 27 अगस्त 2025 को 12:01 बजे के बादजो भारतीय उत्पाद अमेरिका में इस्तेमाल के लिए लाया जाएगा या गोदाम से बाहर निकाला जाएगा, उस पर यह नया टैरिफ लगेगा. नोटिस में यह भीबताया गया है कि अमेरिका ने अपनी सुरक्षा और विदेश नीति को ध्यान में रखते हुए रूस से आने वाले कुछ सामान, जैसे कच्चा तेल और पेट्रोलियम सेबने उत्पादों के आयात पर पहले ही रोक लगा दी है. इसमें आगे कहा गया है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति को असामान्य और गंभीरखतरे से निपटने के लिए कार्यकारी आदेश 14066 के तहत रूस के कुछ उत्पादों के अमेरिका में आयात पर रोक लगाई गई है. नए टैरिफ होगें लागूइनमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम और अन्य ईंधन, तेल और उनसे बने उत्पाद शामिल हैं नोटिस में भारतीय उत्पादों की एक लंबी सूची भी दी गई है. इसमेंकहा गया है कि तय समयसीमा के बाद जो भी सामान अमेरिका में उपयोग के लिए आएगा या गोदाम से निकाला जाएगा, उस पर नए टैरिफ लागूहोंगे.इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटे उद्यमियों और किसानों के समर्थन में अमेरिका को एक सख्त संदेश दिया. अहमदाबाद में एकजनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, भारत आर्थिक दबाव का सामना करेगा और अपनी मजबूती बढ़ाता रहेगा. उन्होंने कहा, चाहे कितनाभी दबाव आए, हम उसे सहने की ताकत बढ़ाते रहेंगे. प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि उनकी सरकार कभी भी छोटे उद्यमियों, किसानों और पशुपालकों कोनुकसान नहीं होने देगी. टैरिफ पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा, आज दुनिया में आर्थिक स्वार्थ वाली राजनीति है, सब अपने-अपने फायदेमें लगे हैं. हम इसे अच्छी तरह देख रहे हैं. बढ़ाते रहेगें अपनी ताकतउन्होंने आगे कहा अहमदाबाद की धरती से मैं आपसे कहना चाहता हूं, गांधी की धरती से आपको वादा करता हूं कि छोटे उद्यमी, दुकानदार, किसानऔर पशुपालकों के हित मोदी के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं. चाहे कितना भी दबाव आए, हम सहने की अपनी ताकत बढ़ाते रहेंगे. अमेरिका ने भारत पर27 अगस्त से नए टैरिफ लगाने का नोटिस दिया है और कहा है कि यह रूस से मिली धमकियों के जवाब में है. ये टैरिफ उन भारतीय उत्पादों पर लागूहोंगे जो तय समयसीमा के बाद अमेरिका में आएंगे या गोदाम से निकाले जाएंगे.
ज्योतिरादित्य सिंधिया की विशलिस्ट नहीं मानी, इसी से गिरी थी सरकार “दिग्विजय के खुलासे से MP कांग्रेस में फिर गरमाई सियासत”

मध्य प्रदेश में बीते 22 साल में अगर 15 महीनों को निकाल दिया जाए तो राज्य में भाजपा का वर्चस्व कभी कम होता नहीं दिखा. आलम यह रहा कि2018 में जब कांग्रेस ने लंबे समय बाद मध्य प्रदेश की सत्ता में वापसी की तो उसके और भाजपा के बीच सीटों का अंतर सिर्फ इतना ही था कि किसीएक बड़े नेता का पार्टी से अलग होना पूरी सरकार के गिरने का कारण बन जाता. हुआ भी कुछ ऐसा ही और 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जैसे हीकांग्रेस में बगावत का बिगुल फूंका, कांग्रेस की सरकार महज एक साल से कुछ ज्यादा समय बिताकर सत्ता से फारिग हो गई. मजेदार बात यह है किइस घटना को अब लगभग पांच साल हो चुके हैं. लेकिन कांग्रेस के अंदरखानों में तब की सरकार जाने का दर्द अब भी बाकी है.हाल ही में यह दर्दउभरकर तब सार्वजनिक तौर पर बाहर आ गया. स्थिति हो सकती है गंभीरजब एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने कह दिया कि सिंधिया कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में इसलिए शामिल होगए. क्योंकि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनकी दी हुई ‘विशलिस्ट’ पर काम नहीं किया. इससे पहले कि कांग्रेस इन खुलासों को लेकर कुछ कह पाती, कमलनाथ ने कहा कि पुरानी बातें उखाड़ने का कोई फायदा नहीं है. हालांकि, उन्होंने अपनी इस टिप्पणी में एक तंज भी कस दिया. दिग्विजय सिंह नेइंटरव्यू के दौरान कहा कि 2020 की शुरुआत में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कुछ मतभेद पैदा हो गए थे. यह मतभेद विचारधारा केस्तर पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत थे. ऐसे में उन्होंने इसे सुलझाने के लिए एक प्रमुख उद्योगपति के घर पर बैठक तय की, ताकि कांग्रेस सरकार पर खतरापैदा न हो. दिग्विजय ने दावा किया कि उन्होंने और सिंधिया ने बैठक में कमलनाथ को एक साझा विशलिस्ट दी थी. जिसमें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र केकुछ अटके हुए कामों का जिक्र था और इस पर जल्द सरकार की तरफ से काम होने की उम्मीद थी. दिग्विजय ने आरोप लगाने के अंदाज में कहा किइस लिस्ट पर उन्होंने दस्तखत भी किए थे। इसके बावजूद विश लिस्ट में दिए गए मुद्दों को नहीं सुलझाया गया. उन्होंने कहा कि अगर ग्वालियर-चंबलसे जुड़ी मांगें मानी जातीं तो शायद सरकार गिरने की नौबत नहीं आती. दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रचारित किया गया कि उनकी और सिंधिया कीलड़ाई से सरकार गिरी, जबकि हकीकत यह नहीं है। उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि स्थिति गंभीर हो सकती है. सुलक्षा लिया जाता तो न गिरती सरकारउन्होंने कहा कि यह मेरा दुर्भाग्य है कि मुझ पर हमेशा वही आरोप लगाए जाते हैं, जिनका मैं दोषी नहीं होता हूं. दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं हैकि मैंने यह कहा था कि इससे कोई खतरा नहीं होगा. मैंने चेतावनी दी थी कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार गिर सकती है. उन्होंने कहा कि अगरसिंधिया के मुद्दों को सुलझा लिया जाता तो शाद सरकार न गिरती. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सिंधिया कांग्रेस कोछोड़कर भाजपा में चले जाएंगे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी बताया कि 2018 में कांग्रेस की छोटे अंतर से जीत के बाद तब पार्टी के अधिकतरविधायक (230 सदस्यों वाली विधानसभा में से 114) ने मुख्यमंत्री पद के लिए कमलनाथ का समर्थन किया था. लेकिन सिंधिया की अपने करीबियोंके लिए कुछ अहम मंत्री पदों की मांग को कांग्रेस नेताओं ने स्वीकार कर लिया, ताकि कमलनाथ सरकार पहले साल बेहतर ढंग से काम कर सके. इसपूरे वाकये पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा “मध्य प्रदेश में 2020 में मेरे नेतृत्व वालीकांग्रेस सरकार गिरने को लेकर हाल ही में कुछ बयानबाजी की गई है. मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फायदा नहीं. लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं. इसीनाराजगी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिराई.
रोजगार का महाकुंभ यूपी में युवाओं को मिला नया मंच, योगी सरकार ने दिए 8.5 लाख सरकारी नौकरी के अवसर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि युवा अपार ऊर्जा का स्रोत हैं दुनिया में सबसे अधिक युवा आबादी भारत में और भारत में भी उत्तर प्रदेश में है. यूपी केयुवाओं ने अवसर मिलने पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है इसलिए आज यूपी के युवाओं की मांग दुनिया भर में है. आज रोजगार देने वालीकम्पनियां और युवा एक मंच पर हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ का शुभारंभ करनेके बाद संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते आठ वर्षों में किए गए कार्यों का ही परिणाम है कि जहां पहले गांव के गांव रोजगार के लिएपलायन कर जाते थे आज उन्हें प्रदेश में ही रोजगार मिल रहा है गांव रोजगार का केंद्र बन रहे हैं प्रदेश में जो इकाइयां इंस्पेक्टर राज और अन्य दखल केकारण बंद हो गईं थी आज उनकी संख्या 96 लाख हो गई है। लघु और कुटीर उद्योग की ताकत का एहसास कोरोना काल में हुआ. 8.5 लाख दी सरकारी नौकरियांवन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट और लघु व कुटीर उद्योगों की ताकत का एहसास प्रदेश ने कोरोना के दौर में किया. कोरोना के दौरान करीब 40 लाख मजदूरप्रदेश वापस लौटे ओडीओपी व एमएसएमई की मदद से उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाया गया. आज यूपी यूपी पंजीकृत इकाइयों को पांच लाख बीमाकवर देने वाला देश का पहला राज्य है. आज लोकल स्तर की इकाइयां लोगों को रोजगार दे रही हैं यहीं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश है। जिससे विकसितउत्तर प्रदेश और विकसित भारत की नींव पड़ेगी. हमने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की शुरुआत की हमने हर युवा को ट्रेनिंग दी और सस्ते में लोनदिया. सीएम युवा उद्यमी योजना से कोई भी युवा अपने को उद्यमी के रूप में स्थापित कर सकता है. यह सब परिवर्तन बीते आठ वर्षों में हुएसीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरी भी दी जा रही है. हमने पुलिस ने 2.19 लाख भर्तियां की। 1.56 लाख शिक्षकों की भर्तीकी और सभी विभागों को जोड़ लें तो 8.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दीं. 50 हजार युवाओं को रोजगार देने का है लक्ष्यकार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि यूपी में आजादी के बाद 2017 तक जितने कारखाने रजिस्टर नहीं हुए उससे कहींज्यादा 2017 के बाद सीएम योगी के शासनकाल में पंजीकृत हुए हैं. उन्होंने कहा कि योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए संकल्पित है. महाकुंभ में देश की बहुचर्चित कंपनियों में करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है. आठवीं पास से परास्नातक और डिप्लोमा इंजीनियरिंगतक की शैक्षिक योग्यता रखने वाले युवा इस अवसर का लाभ ले सकते हैं. सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि देश-विदेश की100 से अधिक नामी कंपनियों के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे. रोजगार महाकुंभ में तीन मंचों के माध्यम से युवाओं को उनकी योग्यतानुसार, शहर वप्रदेश के साथ ही विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। रोजगार कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों के साथ युवाओं की सीधी बातचीत होगी. कंपनियां ऑन-स्पॉट इंटरव्यू और प्लेसमेंट ड्राइव करेंगी. प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं को प्रदेश की प्रगति, नई औद्योगिक नीतियों और कौशल विकास मॉडल कीझलक मिलेगी.
मराठा आरक्षण पर जारंगे की चेतावनी, फडणवीस बोले गणेश उत्सव में खलल नहीं डालेंगे शिवाजी के सच्चे अनुयायी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उम्मीद जताई है कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे मुंबई में गणेश उत्सव के आयोजन में खललडालने वाली कोई हरकत नहीं करेंगे. जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार को मंगलवार (26 अगस्त) तक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत मराठा समुदाय को10 प्रतिशत आरक्षण देने या विरोध-प्रदर्शन का सामना करने की चेतावनी दी है. मराठा नेता ने कहा है कि अगर सरकार आरक्षण की मांग नहीं मानतीहै, तो 27 अगस्त गणेश चतुर्थी को मुंबई तक मार्च शुरू होगा. वह 29 अगस्त को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे. उन्होंने कहा, ‘सभी जानते हैंकि हमने मराठा समुदाय की एकता के उत्थान के लिए काम किया है और 10 प्रतिशत कोटा दिया है. हमने समुदाय से 1.5 लाख व्यवसायी बनाए हैं. हम एक साथ कर रहे है ठीक से कामराज्य सरकार ने पिछले साल मराठा समुदाय के लिए एक अलग श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी. फडणवीस ने सोमवार शामसंवाददाताओं से कहा, ‘जो लोग खुद को मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के सच्चे अनुयायी कहते हैं वे हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार गणेशचतुर्थी में खलल डालने वाली कोई हरकत नहीं करेंगे. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सभी को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने और अपनी मांगों कोउठाने का अधिकार है. जरांगे इस मांग को लेकर अभियान चला रहे हैं कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए (एक कृषि प्रधान जाति, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है), जिससे उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का पात्र बनाया जा सके. जारंगे के इस आरोप पर कि उन्होंने(फडणवीस ने) उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मराठों के लिए काम नहीं करने दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘शिंदे ने ऐसा नहीं कहा चाहे कोई भी हमारेबीच मतभेद पैदा करने की कोशिश करे… हम साथ हैं और ठीक से काम कर रहे हैं. अन्य लोगों को नहीं होनी चाहिए असुविधाजारंगे की ओर से उनकी आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का एक सच्चा अनुयायी कभीभी निम्न स्तर की भाषा का इस्तेमाल नहीं करेगा और महिलाओं के खिलाफ नहीं बोलेगा. उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे अपनी मां, हमारी देवियों औरमहाराष्ट्र के लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जरांगे पर फडणवीस की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोपलगाया है हालांकि कार्यकर्ता ने इस आरोप का खंडन किया है. इससे पहले उपमुख्यमंत्री शिंदे ने सोमवार को कार्यकर्ता से अपने विरोध प्रदर्शन केसमय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, क्योंकि उन्होंने गणेश उत्सव के दौरान मुंबई तक मार्च निकालने की धमकी दी थी शिंदे ने कहा कि सभी कोविरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन अन्य लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए.
Delhi Metro Fare Hike Unaffordable for Common People, DTC in Shambles, Devender Yadav Slams BJP Govt

Delhi Pradesh Congress Committee president Shri Devender Yadav said that with the DTC bus service in a dilapidated condition, common people of Delhi have been depending more and more on the metro train service for their daily commute, even though the old minimum fare of Rs 10 was also unaffordable for common people. He said […]
भाजपा ने किया छात्रों से वादा, अब बढ़ाया मेट्रो किराया ‘आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने किया हमला

आम आदमी पार्टी ने मेट्रो का किराया बढ़ाकर लाखों छात्रों पर आर्थिक बोझ डालने को लेकर भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया है. “आप” केदिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा जारी संकल्प में छात्रों को फ्री मेट्रो पास दिलाने की याद दिलाई है. उन्होंने कहाकि चुनाव से पहले संकल्प पत्र में भाजपा का वादा था कि छात्रों के लिए मेट्रो फ्री करेंगे. लेकिन चुनाव के बाद मेट्रो के किराए में 10 फीसद कीबढ़ोतरी कर दी गई. भाजपा ने झूठ, धोखाधड़ी और वोट चोरी कर दिल्ली में सरकार तो बना ली, मगर प्राइवेट स्कूल के पैरेंट्स,गरीब झुग्गी वाले, दुकानदार, डॉक्टर, वकील, स्टूडेंट्स, मिडिल क्लास समेत कोई ऐसा कोई वर्ग नहीं है जिसको परेशान ना किया हो. लड़ाई में है फायदासौरभ भारद्वाज ने कहा कि मेट्रो किराए में वृद्धि को अगर भाजपा के चश्मे से देखें, तो वे कहेंगे कि किराया बढ़ना ही था, केजरीवाल ने रोक रखा था, हमने बढ़ाकर देश का भला किया. लेकिन गरीब आदमी से पूछो, तो वे कहेंगे कि केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में रेजोल्यूशन लाकर, लड़करकिराया नहीं बढ़ने दिया. केजरीवाल ने लड़कर स्कूलों की फीस, बिजली के दाम और मेट्रो किराया नहीं बढ़ने दिया. लेकिन भाजपा की दोस्ती मेंप्राइवेट स्कूलों, बिजली कंपनियों और मेट्रो का फायदा है और दिल्ली वालों का नुकसान अब दिल्ली वाले तय करें कि दोस्ती में फायदा था याकेजरीवाल की लड़ाई में फायदा है.
शुभांशु शुक्ला बने पहले भारतीय, जिन्होंने एक्सिओम-4 मिशन में निभाई अहम भूमिका बताया अंतरिक्ष यात्रा का रोमांच

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने बताया एक्सिओम-4 मिशन से पहले उन्हें कई तैयारियों से गुजरना पड़ा। इनमें कृत्रिम वातावरण में जीवन की रक्षा कापरीक्षण, अंतरिक्ष में अपने अनुभव को संजोने के लिए फोटोग्राफी का प्रशिक्षण और टीम भावना को मजबूत करने के लिए मैक्सिको के समुद्री तट परकायकिंग जैसी गतिविधियां शामिल थीं. शुक्ला ने रविवार को एक्सिओम-4 मिशन और उसके लिए दिए गए प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए. यहमिशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए था. ग्रुप कैप्टन शुक्ला को उनके सांकेतिक नाम ‘शक्स’ से भी जाना जाता है. एक्सिओम-4 मिशन को कई बार टाला गया था इसके बाद 25 जून को अमेरिका के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से ड्रैगन अंतरिक्षयान लॉन्च किया गया. जिसमें शुक्ला औरतीन अन्य अंतरिक्ष यात्री सवार हुए थे। शुक्ला ने बताया कि यह इतना शक्तिशाली होता है कि आपके शरीर की हर हड्डी को हिला देता है. बने पहले भारतीयआप 0 से 28,500 किलोमीटर प्रति घंटी की रफ्तार तक केवल 8.5 मिनट में पहुंचते हैं इससे इसकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है. जबअंतरिक्षयान लॉन्च हुआ तो भारत और दुनियाभर में लोगों ने इस मिशन की कामयाबी के लिए तालियां बजाईं और जब 15 जुलाई को उनकी धरतीपर वापसी हुई तो फिर से जश्न मनाया गया लखनऊ में जन्मे शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय बने. उन्होंने इस अनुभवको बेहद रोमांचक बताया. भारतीय वायुसेना की ओर से नई दिल्ली के सुब्रतो पार्क में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां शुक्ला ने 20 दिनों के अंतरिक्ष मिशन की कुछ दिलचस्प बातें साझा कीं. इस मिशन से पहले उन्हें कई महीनों तक कठिन प्रशिक्षण से गुजरना पड़ा था. उन्होंनेबताया कि जब आप आईएसएस पर जाते हैं, तो यह बिल्कुल ऐसे है जैसे आप किसी नए घर में रह रहे हैं. वहां के अपने नियम होते हैं, जैसे खाना कैसेखाओगे सोओगे या शौचालय कैसे जाओगे. सबसे कठिन काम वास्तव में अंतरिक्ष में वॉशरूम जाना होता है. 40 साल के हो जाएंगे शुभांशूशुक्ला 2006 में भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे वह 10 अक्तूबर को 40 साल के हो जाएंगे. वह एक अनुभवी टेस्ट पायलट हैं, जिन्होंनेसुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, जगुआर और डोर्नियर-228 जैसे लड़ाकू विमान 2,000 घंटे से अधिक समय तक उड़ाए हैं. ग्रुप कैप्टन शुक्ला नेबताया कि वह बचपन में एक शर्मीले और शांत इंसान थे और राकेश शर्मा की 1984 मं अंतरिक्ष यात्रा की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए. आज वहींशुक्ला अब स्कूल के बच्चों को ऑटोग्राफ दे रहे हैं और वायु सेना के उनके साथ साथी उसे फोटो खिंचवाने की लाइन में लगे हैं. जब उनसे पूछा गयाकि यह बदलाव कैसा लगता है, तो उन्होंने कहा, अद्भुत लगता है ये देखना कि आज के बच्चे अंतरिक्ष और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर कितनेउत्साहित हैं. एक्सिओम-4 मिशन में उनकी भूमिका मिशन पायलट की थी। उनके साथ अमेरिका की कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस्जउजनांस्की और हंगरी के टिबोर कापु मिशन विशेषज्ञ थे.
18 पूर्व न्यायाधीशों का बयान सलवा जुडूम फैसले पर अमित शाह की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण, न्यायपालिका की स्वतंत्रता को नुकसान

सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक समूह ने सलवा जुडूम फैसले को लेकर विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी पर गृह मंत्री अमित शाहके बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. उन्होंने कहा कि इससे बचना ही समझदारी होगी. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसेफ, मदन बी. लोकुर और जे. चेलमेश्वर सहित 18 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के समूह ने यह भी कहा कि एक उच्च राजनीतिक पदाधिकारी की ओर से शीर्ष अदालत केफैसले की पूर्वाग्रहपूर्ण गलत व्याख्या से न्यायाधीशों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. दरअसल, शाह ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी परनक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया था कि सलवा जुडूम फैसले के बिना वामपंथी उग्रवाद 2020 तक समाप्त होगया होता. विचारधारा का करता है समर्थन18 पूर्व न्यायाधीशों द्वारा हस्ताक्षरित बयान में कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सलवा जुडूम मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले कीसार्वजनिक रूप से गलत व्याख्या करना दुर्भाग्यपूर्ण है. यह फैसला कहीं भी, न तो स्पष्ट रूप से और न ही इसके पाठ के किसी भी निहितार्थ के माध्यमसे, नक्सलवाद या उसकी विचारधारा का समर्थन करता है. इस बयान पर हस्ताक्षर करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एके पटनायक, अभय ओका, गोपाल गौड़ा, विक्रमजीत सेन, कुरियन जोसेफ, मदन बी. लोकुर और जे. चेलमेश्वर हैं. सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने कहा, ‘भारत केउपराष्ट्रपति पद के लिए प्रचार अभियान वैचारिक हो सकता है, लेकिन इसे शालीनता और गरिमा के साथ चलाया जा सकता है. किसी भी उम्मीदवारकी तथाकथित विचारधारा की आलोचना से बचना चाहिए. किसी उच्च राजनीतिक पदाधिकारी की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की पूर्वाग्रहीगलत व्याख्या का सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को हिला सकता है. फर्जी बयान पर किए हस्ताक्षरसेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति के पद के सम्मान में नाम-निंदा से बचना ही समझदारी होगी. सुप्रीम कोर्ट के सात सेवानिवृत्तन्यायाधीशों के अलावा उच्च न्यायालयों के तीन पूर्व मुख्य न्यायाधीशों गोविंद माथुर, एस. मुरलीधर और संजीव बनर्जी ने भी बयान पर हस्ताक्षर किए. पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश अंजना प्रकाश, सी. प्रवीण कुमार, ए. गोपाल रेड्डी, जी. रघुराम, के. कन्नन, के. चंद्रू, बी. चंद्रकुमार और कैलाश गंभीर शामिल हैं। प्रोफेसर मोहन गोपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने भी बयान पर हस्ताक्षर किए हैं. शुक्रवारको केरल में बोलते हुए शाह ने कहा था, ‘सुदर्शन रेड्डी वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने नक्सलवाद को बढ़ावा दिया. उन्होंने सलवा जुडूम का फैसला सुनाया. अगर सलवा जुडूम का फैसला नहीं सुनाया गया होता, तो नक्सली आतंकवाद 2020 तक समाप्त हो गया होता. वह वह व्यक्ति हैं, जो सलवा जुडूमका फैसला देने वाली विचारधारा से प्रेरित थे. रेड्डी ने शनिवार को कहा था कि वह गृह मंत्री के साथ किसी भी मुद्दे पर बहस नहीं करना चाहते. उन्होंनेजोर देकर कहा कि यह फैसला उनका नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट का है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर शाह ने पूरा फैसला पढ़ा होता, तो वे ऐसी टिप्पणीनहीं करते.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी को बताया ‘आदतन झूठा’, वोट चोरी के आरोपों को बताया बेबुनियाद; ठाकरे और मनसे ने भी उठाए सवाल

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को आदतन झूठा कहा और भाजपा पर लगे ‘वोट चोरी’ के आरोपों कोखारिज कर दिया. फडणवीस ने कहा कि विपक्षी नेताओं का यह झूठ केवल खुद को तसल्ली देने के लिए हैं. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मैं पहले भी कह चुका हूं कि राहुल गांधी आदतन झूठ बोलने वाले हैं. वह लगातार झूठ फैलाते रहते हैं दुख होता है जब कुछ महाराष्ट्र के नेता भी यहमानने लगते हैं कि राहुल गांधी सच बोल रहे हैं। राहुल गांधी के इस आरोप पर कि भाजपा ने वोट चुराए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि झूठ कीकोई बुनियाद नहीं होती.उन्होंने कहा, झूठ पर खड़ा किया गया किला टिकता नहीं है. जब तक उन्हें यह समझ नहीं आएगा कि जनता का विश्वास जीतने के लिए जनता के बीचजाना पड़ता है. तब तक उनका झूठ सिर्फ खुद को बहलाने के लिए होगा. मनसे के बीच हो सकता है गठबंधनराहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में वोट चुराए गए और अब बिहार में भी वोट चोरी की कोशिश की जा रहीहै.उनका आरोप है कि यह सब केंद्र की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हो रहा है. कई अन्य विपक्षी दलों ने भी ‘वोट चोरी’ कामुद्दा उठाया है। महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे ने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया है औरअपने-अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे मतदाता सूची को ठीक से जांचें और फर्जी मतदाताओं की पहचान करें. ठाकरे भाइयों का यह बयानऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी दल भी मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोप लगा चुके हैं. पिछले सालमहाराष्ट्र की 288 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और शरद पवार की राकांपा (शरदचंद्र पवार) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ी थी और 20 सीटें जीती थीं. वहीं, राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को एक भी सीट नहीं मिलीथी. अटकलें हैं कि आगामी नगर निगम चुनावों, खासकर प्रभावशाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए शिवसेना (यूबीटी) औरमनसे के बीच गठबंधन हो सकता है. गड़बड़ी की दी जानकारीउद्धव ठाकरे ने रविवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद 40 से 42 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं. उन्होंनेअपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने इलाके में मतदाता सूची की जांच करें और फर्जी नामों की पहचान करें. उद्धव ने कहा, देखो किकहीं आपके वार्ड में वोट चोरी तो नहीं हो रही है. मतदाता सूची की अच्छी तरह से जांच करो और यह सुनिश्चित करो कि हर व्यक्ति का नाम सिर्फ एकबार ही हो. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदान वाले दिन फर्जी वोटिंग होती है. कुछ जगहों पर एक ही व्यक्ति के नाम पर दो बार या तीन बारवोट डाला जाता है. वहीं, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को कहा था कि वह 2016 से वोट चोरी का मुद्दा उठाते आ रहे हैं. राज ठाकरे ने कहा किजब राहुल गांधी और भाजपा नेता अनुराग ठाकुर दोनों ने मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात की थी, तभी चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिए थी. मनसे प्रमुख ने भी अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची की ध्यान से जांच करें और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी दें.