Skip to main content

NEWS अब तक

अमित शाह ने धनखड़ के इस्तीफे पर विपक्ष के आरोपों को बताया फर्जी, बोले– स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफा

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विपक्ष के सभी दावों कोखारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है. विपक्ष के वो दावे बेबुनियाद और फर्जी हैं कि वे नजरबंद हैं. एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘धनखड़ साहब का इस्तीफा अपने आप में स्पष्ट है। उन्होंने अपने इस्तीफे के लिएस्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री, अन्य मंत्रियों और सरकार के सदस्यों के अच्छे कार्यकाल के लिए उनका हार्दिक आभार भीव्यक्त किया है. कुछ विपक्षी नेताओं की ओर से धनखड़ के नजरबंद होने के दावे के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि सच और झूठ की व्याख्याकेवल विपक्ष के बयानों पर आधारित नहीं होनी चाहिए. धनखड़ के ठिकाने पर भी उठाए सवालउन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि सच और झूठ की आपकी व्याख्या विपक्ष के बयानों पर आधारित है. हमें इस सबका बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए. धनखड़ एक संवैधानिक पद पर थे और उन्होंने संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया. उन्होंने व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफादिया इस मुद्दे पर ज्यादा विचार-विमर्श नहीं करना चाहिए. यह टिप्पणी विपक्षी नेताओं की ओर से अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाए जाने के बादआई है, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार ने धनखड़ को खामोश कर दिया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि देश के इतिहास में यहपहली बार है कि किसी उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के साथ-साथ उन्हें खामोश भी किया गया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकारकी आलोचना की थी और धनखड़ के ठिकाने पर सवाल उठाए थे. वापस ले जाने का लगाया था आरोपउन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर देश को मध्ययुगीन काल में वापस ले जाने का आरोप लगाया था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नेसोमवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के एनडीए के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि यहस्वाभाविक ही है कि इस पद पर भारत के दक्षिणी हिस्से से आने वाला कोई व्यक्ति हो. ऐसा इसलिए, क्योंकि राष्ट्रपति पूर्वी भारत से और प्रधानमंत्रीपश्चिम और उत्तर भारत से हैं. शाह ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि राधाकृष्णन के चयन का 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडुमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से लाभ उठाने की कोशिश से कोई लेना-देना है. उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होना है औरउसी दिन मतगणना भी होगी.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि. जेपी नड्डा ने अरुण जेटली को किया नमन

पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण जेटली की पुण्य तिथि पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केन्द्रीय नेताओं, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसदों की उपस्थिती में कीश्रद्धांजली अर्पित पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय अरूण जेटली की छठी पुण्य तिथि पर आज नई दिल्ली में अरूण जेटली पार्कप्रांगण में आयोजित एक श्रद्धांजली सभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने भाजपा परिवार की ओर से उनकी मूर्ति पर माल्यार्पणकरके श्रद्धासुमन अर्पित किए. परिजन भी थे उपस्थितनड्डा के साथ केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण एवं धर्मेन्द्र प्रधान, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेशके विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेन्द्र चांदोलिया, कमलजीत सहरावत एवं बाँसुरी स्वराज, विधायक सतीशउपाध्याय, अनिल शर्मा, नीरज बसोया एवं शिखा रॉय, कार्यालय मंत्री बृजेश राय आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किये. इस अवसर पर स्वर्गीय श्री अरूणजेटली की पत्नी संगीता जेटली, पुत्र रोहण जेटली आदि परिजन भी उपस्थित थे. स्वर्गीय अरुण जेटली की छठी पुण्यतिथि पर भाजपा द्वारा नई दिल्लीमें आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए. नेताओं औरसंगठनों ने अरुण जेटली को राजनेता, वक्ता, कानूनविद्, खेल प्रशासक और दूरदर्शी नीति निर्माता के रूप में याद किया. उनकी ईमानदारी, जनसेवाऔर सार्वजनिक जीवन में आदर्श स्थापित करने की क्षमता को विशेष रूप से सराहा गया.

भ्रष्टाचार बिल पर आप नेता संजय सिंह का हमला, ‘मोदी सरकार लोकतंत्र को करना चाहती है खत्म फर्जी केस, जेल, खरीद-फरोख्त “AAP ने JPC से किया किनारा”

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भ्रष्टाचार मामले में पीएम-सीएम को हटाने वाले बिल को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथलिया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का यह कानून भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को झूठे केस में जेल भेजने, खरीद फरोख्त करसरकारों को गिराने और उनकी पार्टी खत्म करने के लिए लाया जा रहा है. मोदी और भ्रष्टाचारियों का प्यार लैला-मजनूँ हीर-राँझा और रोमियो- जूलिएटकी तरह पूरी दुनिया में मशहूर है। केंद्र सरकार द्वारा बिल को लेकर बनाई जा रही केंद्र जेपीसी में आम आदमी पार्टी शामिल नहीं होगी. आदमी पार्टीके राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भ्रष्टाचार मामले में पीएम-सीएम को हटाने वाले बिल पर रविवार को कहा कि केंद्र सरकार एक गैर-संवैधानिक औरगैर-लोकतांत्रिक बिल ला रही है. इस बिल का मकसद सरकारों को गिराना, तोड़ना, खरीद-फरोख्त करना, विपक्षी नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकरजेल में डालना और उनका इस्तीफा लेना है. यह बिल लोकतंत्र को खत्म करने के इरादे से लाया जा रहा है. इसलिए “आप” और अरविंद केजरीवाल नेफैसला लिया है कि हम सरकार द्वारा बनाई जा रही जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) में शामिल नहीं होंगे.भ्रष्टाचार विरोधी है रवैयासंजय सिंह ने चेतावनी दी कि यह साफ समझ लीजिए कि यह बिल भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं है, क्योंकि भाजपा का भ्रष्टाचारियों से वैसा ही प्रेम है, जैसा रांझा का हीर से, लैला का मजनू से या रोमियो का जूलियट से था. भाजपा और मोदी जी को भ्रष्टाचारियों से प्यार है। अजीत पवार, नारायणराणे, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, जी. जनार्दन रेड्डी, बी.एस. येदियुरप्पा, शारदा-नारदा घोटाले के मुकुल रॉय, शुभेंदु अधिकारी, हिमंता बिस्वा शर्मा येसारे भ्रष्टाचारी आज किस पार्टी में हैं? संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुलेआम सीना ठोककर देश की हजारों-लाखों करोड़ की संपत्तियां अपनेदोस्त अडानी को सौंप रहे हैं. यह कैसा भ्रष्टाचार विरोधी रवैया है?बिल है भ्रष्टाचार के खिलाफउनकी बात पर कौन यकीन करेगा कि यह बिल भ्रष्टाचार के खिलाफ है? उनकी पार्टी तो गाय काटने वाली कंपनी से चंदा लेती है। तो यह कानूनभ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं, बल्कि पार्टियों को खत्म करने, विधायकों की खरीद-फरोख्त करने, सरकारें गिराने और विपक्ष को जेल में डालने के लिएलाया जा रहा है. इसलिए आम आदमी पार्टी और केजरीवाल ने फैसला लिया है कि हम इस जेपीसी में हिस्सा नहीं लेंगे. संजय सिंह ने एक्स पर कहाकि भ्रष्टाचारियों के सरदार भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ बिल कैसे ला सकते हैं? नेताओं को फ़र्ज़ी मामले में फँसाना और जेल में डालना सरकारों को गिरानाइस बिल का उदेश्य है। इसीलिए अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने जेपीसी शामिल न होने का फ़ैसला लिया है. 

राहुल गांधी का हमला महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटका में हुआ चुनावी गड़बड़ी का खुला खेल,मगर BJP को कोई नहीं है शिकायत “जानें क्या है पूरा मामला”

पवन खेड़ा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा – नमस्कार साथियों. ज्यादा विलंब ना करते हुए हम प्रेस वार्ता को शुरू करते हैं. थोड़ी संक्षिप्त प्रेसवार्ता रहेगी, क्योंकि सबको ट्रैवल करना है. मैं सहनी जी से आग्रह करूंगा कि अपनी बात आपके सामने रखें, तत्पश्चात गठबंधन के बाकी नेताओं का मैंनाम पुकारूंगा, फिर वो अपनी बात संक्षिप्त में आपके सामने रखेंगे. अब मैं राहुल गांधी जी से आग्रह करूंगा कि वो अपनी बात आपके सामने रखें. राहुल गांधी ने कहा- धन्यवाद। यात्रा बहुत सक्सेसफुल है और ऑर्गेनिकली लोग आ रहे हैं हम बुला नहीं रहे हैं, नेचुरली लोग आ रहे हैं और ये क्लियरहै कि जो बात हमने कही थी… वोट चोरी की जो बात कही थी, वो बिहार के करोड़ों लोग… लाखों नहीं, करोड़ों लोग उस बात को मानते हैं, एक्सेप्टकरते हैं, इसलिए आपको ये रिस्पॉन्स दिख रहा है. इलेक्शन कमीशन का काम सही वोटर लिस्ट देने का होता है और ये काम इन्होंने महाराष्ट्र में, हरियाणा में और कर्नाटका में नहीं किया. हमारा पूरा का पूरा प्रेशर इलेक्शन कमीशन का जो बिहेवियर है, उसको बदलने के लिए है और हम छोड़ेंगेनहीं.नहीं मांगा गया एफिडिविटजैसे मैंने कहा है, बिहार में हम आपको (भाजपा-चुनाव आयोग को) इलेक्शन चोरी नहीं करने देंगे. आप कुछ भी कर लो, आपने महाराष्ट्र का चोरीकिया, आपने हरियाणा का किया, कर्नाटका में हमने साफ दिखाया कि वोट चोरी हुआ है…यहाँ हम नहीं करने देंगे, प्रश्न पर कि आपके ऊपर आरोप हैकि आप लोगों को मिसगाइड कर रहे हैं, चुनाव आयोग की छवि को ख़राब कर रहे हैं… राहुल गांधी ने कहा कि देखिए, चुनाव आयोग की पोजीशनआपको क्लियरली दिख जानी चाहिए। मैंने कर्नाटका में, महादेवपुरा में उनके सामने डेटा रखा… ब्लैक एंड वाइट उन सवालों का आज तक एक जवाबनहीं आया है. एक लाख फ़र्जी वोटर कहाँ से आए, कैसे आए, कौन थे… उसका जवाब इलेक्शन कमीशन ने नहीं दिया. मैं प्रेस वार्ता कर रहा था, उसके दौरान ही इलेक्शन कमीशन कहता है कि राहुल गांधी को एफिडेविट देना चाहिए और अगर एफिडेविट नहीं दिया तो हम (वोट चोरी की बात) एक्सेप्ट नहीं करेंगे। कुछ दिन बाद बीजेपी के अनुराग ठाकुर जी वैसी ही प्रेस वार्ता करते हैं. मतलब… जो हम कह रहे थे, उसी को दोहरा रहे थे. पतानहीं उनको ये आइडिया कहाँ से मिला, किसने दिया… वो कर दिया उन्होंने. मगर चुनाव आयोग उनसे एफिडेविट नहीं मांगता है. एक ही चीज़ कही मैंनेऔर उन्होंने… कोई फ़र्क नहीं मैंने कहा कि देखिए, ये फ़र्जी वोटर हैं…अनुराग ठाकुर ने कहा – ये फ़र्जी वोटर हैं और पांच मिनट के अंदर मुझसेएफिडेविट मांगा जाता है और आज तक अनुराग ठाकुर से कोई एफिडेविट नहीं मांगा गया. कमेटी कर रही है उस पर कामतो आपको क्लियरली पता है, मीडिया को मालूम है कि इलेक्शन कमीशन किसके साथ खड़ा है. अगर ये न्यूट्रल होते तो एकदम अनुराग ठाकुर कोएफिडेविट जाता… कहते कि एफिडेविट दो. तो ये न्यूट्रल नहीं हैं और जो हम कह रहे हैं, बिहार में एसआईआर इंस्टिट्यूशनलाइज़्ड चोरी करने कातरीका है। आपने कहा कि लाखों वोटरों के नाम कट गए, ऑपोजिशन शिकायत कर रहा है मगर बीजेपी एक शिकायत नहीं कर रही है। कहीं भीउन्होंने नहीं कहा कि भाई, वोटरों के नाम कट रहे हैं. ये सच्चाई है कि वोटरों के नाम कटे हैं, 65 लाख कटे हैं मगर बीजेपी कुछ नहीं कह रही है। क्यों… क्योंकि पार्टनरशिप है. इलेक्शन कमीशन… इलेक्शन कमिश्नर्स और बीजेपी के बीच में पार्टनरशिप है… तो ये है. एक अन्य प्रश्न पर कि अगर आपकीसरकार बिहार में बनती है तो मौजूदा सरकार से अलग किसानों के लिए आप क्या करेंगे, श्री राहुल गांधी ने कहा कि हमारे नेशनल मेनिफेस्टो मेंकिसानों के लिए अलग-अलग आइडिया हैं। हम मिलकर यहाँ पर मेनिफेस्टो बनाएंगे और उस पर काम चल रहा है. बेसिक आइडिया ये है किहिंदुस्तान के, बिहार के किसान की प्रोटेक्शन होनी चाहिए… उस पर कर्ज़ का जो वज़न है, वो कम किया जाना चाहिए. और किसान पर लास्ट मिनटपर आक्रमण होता है… एक्सपोर्ट, इंपोर्ट, स्टोरेज फैसिलिटी ना देकर… उन चीजों पर हम काम करना चाहते हैं. But बिहार स्पेसिफिकली… हमारीमेनिफेस्टो कमेटी उस पर काम कर रही है.

भाजपा पर खरगे का बड़ा हमला, वोट के बाद अब सत्ता चोरी में लगी सरकार कांग्रेस “अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लगायापीएम मोदी पर बड़ा आरोप”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को पीएम, सीएम और मंत्रियों को हटाने वाले विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंनेआरोप लगाया कि वोट चोरी के बाद भाजपा अब सत्ता चोरी में लगी हुई है. भाजपा 30 दिनों के भीतर विपक्षी सरकारों को गिराने और गिरफ्तारी कोहथियार के रूप में इस्तेमाल कर लोकतंत्र को अस्थिर करने के लिए विधेयक ला रही है. इंदिरा भवन में हरियाणा और मध्य प्रदेश के जिला कांग्रेससमितियों के जिलाध्यक्षों की बैठक में खरगे ने दावा किया कि ये विधेयक नागरिकों से उनकी चुनी हुई सरकार बनाने या हटाने का अधिकार छीन लेतेहैं और यह शक्ति ईडी-सीबीआई जैसी संस्थाओं को दे देते हैं. यह लोकतंत्र पर बुलडोजर चलाने जैसा है. खरगे ने जिला कांग्रेस प्रमुखों को बूथ औरमंडल समितियों के गठन में विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा उन्होंने कहा कि इन समितियों के लोग पार्टी के प्रति वफादार हों और कांग्रेस कीविचारधारा से विचलित न हों. बनाता है बूथ समितियांजिला अध्यक्ष अपने अधीन ब्लॉक समिति बनाता है वह मंडल और बूथ समितियां बनाता है. जब आप ये समितियां बनाते हैं, तो इस बात का विशेषध्यान रखें कि ये सभी लोग पार्टी के प्रति वफादार और मेहनती हों. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे कांग्रेस की विचारधारा से विमुख न हों. उन्होंनेकहा कि हमें ऐसे लोगों की जरूरत है कि अगर कोई उन्हें प्रलोभन भी दे तो भी उनकी निष्ठा कांग्रेस के प्रति बनी रहनी चाहिए. कांग्रेस ने अपने मजबूतसंगठन के कारण लंबे समय तक देश पर शासन किया और मंत्रियों के लिए यह जरूरी है कि वे जब भी किसी जिले में जाएं तो सबसे पहले जिलाअध्यक्ष से संपर्क करें. उन्होंने हरियाणा और मध्य प्रदेश के जिलाध्यक्षों से कहा कि वे कांग्रेस संगठन की सबसे मजबूत कड़ी हैं. अगर राज्य में सरकारबनानी है तो विधानसभा में उम्मीदवार को जिताने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. अगर देश में सरकार बनानी है तो लोकसभा जीतने के लिएआपके समर्थन की जरूरत है. बीच में इस परंपरा में थोड़ा बदलाव आया. मंत्री अपने पसंदीदा लोगों को जिला अध्यक्ष बनाने लगे. योग्यता औरविचारधारा को नजरअंदाज किया जाने लगा. संगठन को किया मजबूतउन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मुझे यह अहसास हुआ कि संगठन को मजबूत किए बिना, जिला अध्यक्षों को महत्व दिए बिना हम मजबूती से सत्तामें वापसी नहीं कर सकते. कांग्रेस प्रमुख ने जिला प्रमुखों से गुटबाजी से बचने और संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने का भीआग्रह किया। आपको सभी को एकजुट रखना होगा. गुटबाजी को पनपने न दें। जब कांग्रेस एकजुट रहेगी, तभी हम चुनाव जीतेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष नेकहा कि हाल ही में राहुल गांधी ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी थी कि किस तरह कर्नाटक की महादेवपुरा सीट पर एक साजिश के तहत रणनीतिक तरीके सेवोट चुराए गए. हमें यह सब छह महीने के शोध के बाद पता चला. चुनाव आयोग ने पहले तो कोई जवाब नहीं दिया. अब पूरा देश इसे समझ रहा हैबिहार में एसआईआर पर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग के बयान को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. मानसून सत्र को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे नेकहा कि विपक्ष चाहता था कि संसद चले और जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो, लेकिन भाजपा सरकार नहीं चाहती थी कि एसआईआर (मतदातासूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) और वोट चोरी जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा हो. भाजपा एसआईआर जैसी योजनाओं से हमारे लोगों के वोटकाटती रहेगी. जिला अध्यक्ष की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि हमें पूरे पांच साल सावधान रहना है. हमें अपनी मतदाता सूची की गहन जांच करते रहनाहोगा ताकि अगर भाजपा के लोग या बीएलओ हमारे लोगों के नाम काटते हैं, तो हम उन्हें तुरंत पकड़ सकें.

गगनयान मिशन की नई छलांग ISRO का एयर ड्रॉप टेस्ट सफल, मिशन के लॉन्च की तैयारी अंतिम चरण में

इसरो ने गगनयान मिशन की तैयारी तेज कर दी है। इसरो ने रविवार को पैराशूट आधारित डीसेलेरेशन सिस्टम का प्रदर्शन किया. इसके तहत एयर ड्रॉपसिस्टम का सफल परीक्षण किया गया इसमें सशस्त्र बलों ने भी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) की मदद की. इसरो ने एक्स पर लिखा किगगनयान मिशन के लिए पैराशूट आधारित डीसेलेशन सिस्टम के संपूर्ण प्रदर्शन के लिए पहला एकीकृत एयर ड्रॉप टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया. यहपरीक्षण इसरो, भारतीय वायु सेना, डीआरडीओ, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल का संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ. गगनयान देश का पहलामानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है जिसके तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष की सैर कराई जाएगी. यान को इसी साल लॉन्च करने की योजना हैपहले मानव रहित परीक्षण उड़ान होगी. जिसमें एक व्योममित्र रोबोट भेजा जाएगा. अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लानागगनयान मिशन तीन दिवसीय है मिशन के लिए 400 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा पर मानव को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा और फिर सुरक्षितपृथ्वी पर वापस लाया जाएगा. हाल ही में इसरो ने गगनयान मिशन के लिए सर्विस मॉड्यूल प्रोपल्शन सिस्टम (एसएमपीएस) का काम सफलतापूर्वकपूरा किया था।हॉट परीक्षण के दौरान प्रोपल्शन सिस्टम का प्रदर्शन पूर्वानुमानों के अनुसार सामान्य रहा इसरो के मुताबिक, गगनयान के सर्विस मॉड्यूलमें एक खास सिस्टम लगाया गया है जो दो तरह के ईंधन से चलता है. यह सिस्टम उस हिस्से को मदद करता है जो इंसानों को लेकर अंतरिक्ष मेंजाएगा. इसका काम रॉकेट को सही कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाना, उड़ान के दौरान दिशा को नियंत्रित करना, जरूरत पड़ने पर रॉकेट की गति को धीमाकरना और अगर कोई गड़बड़ी हो जाए तो मिशन को बीच में रोककर अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाना है. गगनयान मिशन की तैयारीइसरो की आगामी योजनाओं का खाका भी सामने आया साल के अंत तक गगनयान-1 मिशन लॉन्च होगा, जिसमें मानव-रोबोट ‘व्योममित्रा’ अंतरिक्षकी यात्रा करेगा। 2027 में भारत अपनी पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान करेगा. इसके बाद 2028 में चंद्रयान-चार, शुक्र मिशन और 2035 तक”भारत अंतरिक्ष स्टेशन” की स्थापना की योजना है. मंत्री ने कहा कि 2040 तक एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजने का लक्ष्य रखा गया है. गगनयान देश का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है जिसके तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष की सैर कराई जाएगी. यान को इसी साललॉन्च करने की योजना है पहले मानव रहित परीक्षण उड़ान होगी, जिसमें एक व्योममित्र रोबोट भेजा जाएगा. गगनयान मिशन के लिए तेजी से कामचल रहा है.

गगन यात्री शुभांशु शुक्ला का सम्मान रक्षा मंत्री बोले यह विज्ञान ही नहीं, विश्वास की भी है जीत आत्मनिर्भर “भारत की उड़ान गगन यात्रियों को मिला सम्मान”

दिल्ली में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और गगनयान मिशन पर जाने वाले उनके अन्य सहयोगियों के लिए सम्मान समारोह का आयोजनकिया गया. इस सम्मान समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए. इस दौरान रक्षा मंत्री ने गगनयात्रियों की जमकर तारीफ की और कहा किपूरे देश को गगनयात्रियों पर गर्व है और सभी देशवासी गौरवान्वित हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘प्रशिक्षण के दौरान आप सभी ने जो मेहनत की, वह नकेवल प्रभावशाली थी, बल्कि मैं कहूंगा कि उत्कृष्ट थी. मुझे भारत माता के सपूत, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनके अन्य सहयोगियों, ग्रुप कैप्टनपी वी नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन और ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप का स्वागत और अभिनंदन करते हुए सचमुच गर्व महसूस हो रहा है. सभीदेशवासियों को आप सभी पर गर्व है आप सभी ने देशवासियों को गौरवान्वित किया है. सुब्रतो पार्क में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित एक कार्यक्रममें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है. मानवता के भविष्य के रुप मेंफरवरी 2024 में तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पहली बारशुभांशु शुक्ला समेत अन्य गगनयात्रियों के नामों का खुलासा किया था. गगनयान मिशन का उद्देश्य 2027 में तीन दिवसीय मिशन के लिए तीनसदस्यीय चालक दल को 400 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित पृथ्वी की कक्षा में भेजना है. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमारा योगदान केवल अंतरिक्ष मेंउपग्रह भेजने तक ही सीमित नहीं है. आज भारत चंद्रमा से लेकर मंगल तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है. आज भारत गगनयान जैसे अभियानों केलिए भी पूरी तरह तैयार है। मैं इसे केवल एक तकनीकी उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के एक नए अध्याय के रूप में देखता हूं, जहां हम दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष शक्तियों के बीच पूरे गौरव के साथ खड़े हैं. रक्षा मंत्री ने कहा, ‘भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम केवल प्रयोगशालाओंऔर प्रक्षेपण यानों तक ही सीमित नहीं है. यह हमारी राष्ट्रीय आकांक्षाओं और वैश्विक दृष्टि का प्रतीक है. भारत अंतरिक्ष को केवल अनुसंधान के क्षेत्र केरूप में नहीं देखता, बल्कि हम इसे अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, ऊर्जा और मानवता के भविष्य के रूप में देखते हैं. अभियानों में होगा मददगार साबितआने वाले समय में, अंतरिक्ष खनन, रिसर्च और ग्रहों से मिलने वाले संसाधन मानव जाति की दिशा बदल देंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘मैंलखनऊ संसदीय क्षेत्र से आता हूं, शुभांशु शुक्ला वहीं से हैं। वह हमारे मतदाता भी हैं. राजनाथ सिंह ने शुभांशु शुक्ला के बारे में आगे कहा कि ‘मुझेयह भी बताया गया कि आप (शुभांशु शुक्ला) भी बजरंग बली के भक्त हैं. और आपने वहां (अंतरिक्ष में) कई बार हनुमान चालीसा पढ़ी होगी. आजहनुमान जी का एक भक्त आसमान की ऊंचाइयों को छूकर लौटा है और हम सबके बीच मौजूद है. मेरा मानना है कि यह सिर्फ विज्ञान की जीत नहीं है।यह हमारे विश्वास की भी जीत है। जब शुभांशु अंतरिक्ष में गए, तो वे सिर्फ भारत के ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के, सशस्त्र बलों के प्रतिनिधि बनकरगए नागरिक क्षेत्र में आपका योगदान इतिहास में दर्ज होगा. मुझे बताया गया कि शुभांशु ने अंतरिक्ष में खेती भी की है। भारत एक कृषि प्रधान देश रहाहै, लेकिन मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत का कोई किसान अंतरिक्ष में जाकर मेथी और मूंग की खेती करेगा. निश्चित रूप से, आपका अनुभवहमारे आगामी अभियानों में बहुत मददगार साबित होगा.

आजाद मैदान में प्रदर्शन से पहले सरकार ने दी चेतावनी, अवैध आंदोलन पर होगी कार्रवाई “मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दी जरांगे को चेतावनी”

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे को महाराष्ट्र के मंत्री को नसीहत दी है. मंत्री चंद्रकांतपाटिल ने मनोज जरांगे से कहा कि उनको अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत करनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी ने अवैध प्रदर्शनकिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी मेंआरक्षण देने की मांग को लेकर 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. उनकी इस मांग का ओबीसीसमूहों ने विरोध किया है मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जरांगे को सरकार के साथ बैठकर कागज-कलम के साथ मराठा आरक्षण से संबंधित मुद्दों परचर्चा करनी चाहिए, न कि विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल का सहारा लेना चाहिए. सौंपा गया कामउन्होंने कहा कि सभी को वैध तरीके से विरोध करने का अधिकार है लेकिन इस रास्ते से भटकने वाला कोई भी आंदोलन राज्य को कार्रवाई करने केलिए बाध्य करेगा. राज्य सरकार ने मराठा आरक्षण पर दोबारा कैबिनेट उप-समिति बनाई है. मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल को इसका नया अध्यक्षबनाया गया है. जबकि चंद्रकांत पाटिल समिति के सदस्य हैं. अधिकारियों ने बताया कि समिति को मराठा आरक्षण मुद्दे के प्रशासनिक और कानूनीपहलुओं पर समन्वय स्थापित करने, अदालती मामलों में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के साथ संपर्क स्थापित करने और न्यायिक आदेशोंको लागू करने की प्रक्रिया तैयार करने का काम सौंपा गया है. ओबीसी लाभ प्राप्त करने में मिली मददसमिति को मराठा आरक्षण प्रदर्शनकारियों के साथ विचार-विमर्श करने, जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सुचारू बनाने और समुदाय केलिए घोषित कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए भी कहा गया है. इस बीच मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जब वहसमिति के अध्यक्ष थे, तब कई लोगों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र मिले थे. एक व्यक्ति कब तक एक ही काम करता रहेगा? मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेके नेतृत्व वाली सरकार के दौरान राज्य ने कुनबी अभिलेखों का पता लगाने के लिए एक अभियान शुरू किया. इससे मराठों को ओबीसी लाभ प्राप्तकरने में मदद मिली.