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दिल्ली की CM रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला, BJP ने जताई राजनीतिक साजिश की आशंका

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का शालीन और मिलनसार व्यवहार उनका दुश्मन बन गया. मुख्यमंत्री के इसी स्वभाव का अनुचित लाभ उठाते हुएगुजरात के राजेश भाई नाम के एक व्यक्ति ने बुधवार सुबह उन पर हमला कर दिया. यह हमला उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री जनसुनवाई के दौरानलोगों से मुलाकात कर रही थीं और उनकी परेशानियों का समाधान कर रही थीं इस हमले के बाद से ही मुख्यमंत्री के व्यवहार को लेकर पूरी दिल्ली मेंचर्चा हो रही है मुख्यमंत्री इस हमले के बाद पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं. भाजपा ने जब दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीता था. तब रेखा गुप्ता कोसरकार बनाने का अवसर मिला था इसके पहले एक सामान्य पार्षद रहीं रेखा गुप्ता हमेशा से अपने मृदु व्यवहार के कारण अपने क्षेत्र में लोगों के बीचलोकप्रिय रही थीं. राजनीतिक साजिश की आशंकामुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका यह स्वभाव नहीं बदला है वे बहुत सामान्य तरीके से लोगों से मेल-मुलाकात करती हैं. उनसे मिलने के लिए दिल्ली केकिसी भी व्यक्ति को किसी औपचारिकता का पालन नहीं करना पड़ता है कोई भी उनके आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात कर सकता है सीएम केइसी मिलनसार व्यवहार का गलत लाभ उठाते हुए राजकोट के व्यक्ति राजेश भाई ने उन पर हमला कर दिया.इसके पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल पर भी कई बार हमले की कोशिशें हुई थीं. इन हमलों को भी आम आदमी पार्टी नेराजनीतिक विद्वेष के कारण कराया गया हमला करार दिया था. आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमलों के बाद भाजपा ने भी राजनीतिक साजिश कीआशंका जताई है. जीता था विधानसभा का चुनावहालांकि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मारलेना और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है. दिल्लीपुलिस अभी आरोपी से पूछताछ कर रही है, जब तक दिल्ली पुलिस का इस पर आधिकारिक बयान नहीं आ जाता है, इस पर कुछ भी कहना मुश्किलहै. भाजपा ने जब दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीता था, तब रेखा गुप्ता को सरकार बनाने का अवसर मिला था. इसके पहले एक सामान्य पार्षद रहींरेखा गुप्ता हमेशा से अपने मृदु व्यवहार के कारण अपने क्षेत्र में लोगों के बीच लोकप्रिय रही थीं मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका यह स्वभाव नहींबदला है, वे बहुत सामान्य तरीके से लोगों से मेल-मुलाकात करती हैं.

विपक्ष ने मिलकर किया उपराष्ट्रपति उम्मीदवार का ऐलान, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी होंगे कॉमन कैंडिडेट

जयराम रमेश ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा- नमस्कार साथियों. आप का स्वागत है. अभी विपक्ष पार्टियों की ओर से कांग्रेस अध्यक्षमल्लिकार्जुन खरगे जी एक महत्वपूर्ण घोषणा करने वाले हैं. मैं खरगे साहब से गुजारिश करूंगा कि वो आपको संबोधित करें. मल्लिकार्जुन खरगे नेकहा कि इस मंच पर बैठे हुए सभी पार्टी के नेतागण और यहाँ पर पधारे हुए हमारे मीडिया के दोस्तों और सभी पार्टी के और भी नेतागण… हम सभीपार्टियों ने मिलकर एक कॉमन कैंडिडेट को इस वाइस प्रेजिडेंट इलेक्शन में खड़े करने का निर्णय लिया है और वो निर्णय युनेनिमसली हमने किया है. मुझे खुशी होती है कि सभी अपोजिशन पार्टी एक होकर, एक नाम पर अगर मिलकर लड़ने के लिए तैयार हैं, तो ये बहुत बड़ी अचीवमेंट डेमोक्रेसी कीऔर लोकतंत्र की है, क्योंकि जब कभी भी लोकतंत्र और संविधान खतरे में होता है, तो अपोजिशन के लोग एक होकर अन्याय के खिलाफ लड़ते हैं. भोजन के लिए करता हूं आमंत्रिततो इसलिए हमने ये तय कर दिया है कि इस इलेक्शन में एक अच्‍छे उम्मीदवार को, एक अच्छे कानूनदा आदमी को और एक अच्छे स्वभाव के जोउम्मीदवार हैं, उसको हम खड़ा करने जा रहे हैं. उसके लिए मैं आपके सामने चार लाइनें पढ़ूंगा… इस व्यक्ति का व्यक्तित्व भी मालूम होगा और उनकेकार्य का आपको परिचय भी होगा. जयराम रमेश ने कहा- नमस्कार साथियों। अभी-अभी खरगे जी ने जो घोषणा की है, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशबी. सुदर्शन रेड्डी जी विपक्ष की ओर से एक ज्वांईट उम्मीदवार हैं इस उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए। इन्होंने अभी-अभी कहा है कि उपराष्ट्रपति चुनाव एकविचारधारा की टक्कर है, क्योंकि सुदर्शन रेड्डी जी हमारे स्वाधीनता संग्राम और हमारे संविधान के मूल्यों को प्रतिबिंबित करते हैं, मूल्यों के लिए उन्होंनेअपने सारे जीवन लड़ाई लड़ी है, वो उम्मीदवार बने हैं और सारी विपक्षी पार्टियों ने सर्वसम्मति से इनका नाम चुना है. मैं खरगे जी का शुक्रगुजार हूं किउन्होंने सारी विपक्ष की पार्टियों की ओर से देश को एक विकल्प के रूप में बी. सुदर्शन रेड्डी गारु का नाम उपराष्ट्रपति के लिए घोषणा की है. मैं अभीआपको भोजन के लिए आमंत्रित करता हूँ.

तिरंगे में घोटाला ‘हर घर तिरंगा’ योजना में BJP ने किया करोड़ों का घोटाला, AAP नेता संजय सिंह ने लगाए आरोप

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में हुए करोड़ों रुपए के तिरंगा खरीद घोटाले को लेकर भाजपा की देशभक्ति पर सवाल खड़ा किया है. ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार द्वारा दिल्ली में तिरंगा झंडा खरीद में घोटाला करने के बाद अब भाजपा के फर्जी राष्ट्रभक्ति की पोल खुल चुकी है. हर घर तिरंगा अभियान के तहत भाजपा सरकार ने 4 करोड़ रुपए के 7 लाख तिरंगे बांटने थे. लेकिन उसने टेंडरमें तय साइज से छोटा तिरंगा लोगों में बांट दिया. सिर्फ इतना ही नहीं, तिरंगे को 15 अगस्त से पहले हर घर तक पहुंचाना था, लेकिन सरकार ने टेंडरही 16 अगस्त को खोला और टेंडर खुलने से पहले ही कंपनी ने 60 रुपए के झंडे की जगह 15 रुपए वाला झंडा भाजपा सरकार को सप्लाई करदिया. संजय सिंह ने कहा कि तिरंगा झंडा में घोटाला कर भाजपा ने देश के लाखों शहीदों का अपमान किया है. इस घोटाले की की गहन जांच करजिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए. उधर, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी तिरंगा घोटाला को लेकर भाजपा पर हमला बोलतेहुए कहा कि तिरंगे पर राजनीति, तिरंगे पर व्यापार और अब तिरंगे पर घोटाला। ऐसे घोटालेबाज़ों पर तो देशद्रोह का मुक़दमा चलना चाहिए. झंडे -डंडे में किए भाजपा ने घोटालेमंगलवार को ‘‘आप’’ मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर सांसद संजय सिंह […]

राजग के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का प्रधानमंत्री मोदी ने किया अभिनंदन, सर्वसम्मति से समर्थन की अपील

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का मंगलवार को सत्तारूढ़ दल के सांसदों की एक बैठक मेंअभिनंदन किया गया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के कई सहयोगियों सहित उनके शीर्ष नेताओं ने राधाकृष्णन का स्वागत किया. प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नेताओं खासकर विपक्ष से राजग उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगा. राधाकृष्णन बुधवार को अपना नामांकन दाखिल कर सकतेहैं. लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों वाले निर्वाचक मंडल में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास पर्याप्त बहुमत होने की वजह से विपक्षीगठबंधन इंडिया की ओर से अपना उम्मीदवार उतारने और चुनाव लड़ने के संकेत मिलने के बावजूद राधाकृष्णन की जीत तय मानी जा रही है. सर्वसम्मति से करें समर्थनवरिष्ठ भाजपा नेता राधाकृष्णन (67) वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. वे मूलत: तमिलनाडु से आते हैं,एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद केंद्रीयमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का बैठक में परिचय कराया गया. एनडीए के फ्लोरलीडर्स, सांसदों ने सीपी राधाकृष्णन जी का गर्मजोशी से स्वागत किया, उन्हें बधाई दी और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया. एनडीए संसदीय दलकी बैठक में उनका परिचय प्रधानमंत्री मोदी ने कराया. उन्होंने बताया, ‘परिचय के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की है कि पूरी पार्टी औरसभी दलों के सांसद एकजुट होकर उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए की ओर से तय किए गए उम्मीदवार का सर्वसम्मति से समर्थन करें. सभी ने किया था स्वीकारसीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद के लिए एक बहुत अच्छा नाम हैं. सभी ने इसे स्वीकार किया है. उनके जीवन में कोई विवाद नहीं, कोई भ्रष्टाचारनहीं, कोई दाग नहीं उन्होंने बहुत ही सादा जीवन जिया है और केवल समाज और देश के लिए काम किया है. अगर ऐसा व्यक्ति देश का उपराष्ट्रपतिबनता है, तो यह देश के लिए बहुत खुशी की बात होगी. रिजिजू ने कहा कि राजनाथ सिंह भी सभी से बात कर रहे हैं और हम चाहते हैं कि हम सबमिलकर उपराष्ट्रपति के चुनाव में राधाकृष्णन का सर्वसम्मति से समर्थन करें और यह हमारे लिए बहुत उपयोगी होगा. लोकतंत्र के लिए, हमारे देश केलिए और राज्यसभा को चलाने में भी.

प्रधानमंत्री मोदी से मिले अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, गगनयान मिशन को लेकर हुई रोचक बातचीत जानें खास बातचीत के बारे में

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन के पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने बीते दिन यानी सोमवार कोप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इस दौरान उनके बीच काफी लंबी, विस्तृत और रोचक बातचीत हुई. इससे जुड़ा करीब 10 मिनट कावीडियो पीएम मोदी ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ साझा किया. मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष यात्री शुक्लासे कहा कि आपका अनुभव हमारे गगनयान मिशन के लिए बहुमूल्य होगा. भारत के अंतरिक्ष अभियानों के लिए हमें 40-50 अंतरिक्ष यात्रियों का एकसमूह चाहिए. इसे लेकर शुभांशु ने प्रधानमंत्री से कहा कि भारत के गगनयान मिशन में दुनिया भर में काफी रुचि है. वीडियो में सबसे पहले कुछ अहमअंश दिखाए गए, जिसमें शुभांशु भारत की संभावनाओं पर बात करते दिखाए गए. मेथी के प्रयोग की ली जानकारीपीएम मोदी ने शुभांशु से उस होमवर्क के बारे में भी पूछा, जो उन्होंने पिछली बातचीत के दौरान ग्रुप कैप्टन को सौंपा था पीएम मोदी ने शुभांशु से मूंगऔर मेथी के प्रयोग के बारे में भी पूछा. इस दौरान शुभांशु ने बताया कि मिशन के दौरान उनके साथी उनसे हस्ताक्षर करा कर ले गए हैं कि जब भीआपका गगनयान मिशन जाएगा आप हमें न्योता जरूर देंगे. बातचीत के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा’अंतरिक्ष स्टेशन पर खाना एक बड़ीचुनौती है, जगह कम होती है और सामान महंगा होता है. आप हमेशा कम से कम जगह में ज्यादा से ज्यादा कैलोरी और पोषक तत्व पैक करने कीकोशिश करते हैं. हर तरह से प्रयोग चल रहे हैं.उन्होंने कहा’मैं जहां भी गया, जिससे भी मिला, सभी मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए, बहुत उत्साहित हुए। सबसे बड़ी बात यह थी कि सभी को पता थाकि भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में क्या कर रहा है. सभी को इस बारे में पता था और कई लोग ऐसे भी थे जो मुझसे भी ज्यादा गगनयान को लेकर उत्साहितथे. जो आकर मुझसे पूछ रहे थे कि आपका मिशन कब शुरू हो रहा है पीएम मोदी ने कहा कि जब आप लोग इतनी लंबी यात्रा कर के वापस पहुंचते हैंकाफी कुछ बदलाव होता होगा. अनुभव रहा है काफी अच्छामैं समझना चाहता हूं कि किस प्रकार से अनुभव करते हो आप लोग. इस पर शुभांशु ने कहा कि ऊपर का वातावरण अलग है, वहां गुरुत्वाकर्षण नहींहै. बीच में ही पीएम मोदी ने कहा कि जिससे आप जाते हैं उसमें सीटिंग अरेंजमेंट वैसा ही रहता है पूरे 23=24 घंटे उसी में निकालने होते हैं इस परशुभांशु ने कहा कि एक बार जब आप अंतरिक्ष में पहुंच जाते हैं तो आप सीट से उठकर, हार्नेस खोलकर इधर-उधर घूम सकते हैं, अपने काम कर सकतेहैं। पीएम मोदी ने पूछा कि इतनी जगह है उसमें? इस पर शुभांशु ने कहा कि थोड़ी बहुत है सर फिर पीएम मोदी ने पूछा कि लड़ाकू विमान केकॉकपिट से काफी अच्छा होता है वो इसे शुभांशु ने कहा कि हां, उससे तो काफी अच्छा है.

राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा को जनता का जबरदस्त समर्थन, रास्ते में हुआ भव्य स्वागत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा का आज तीसरा दिन है. मंगलवार सुबह राहुल गांधी गया से नवादा के रवाना हो गए यहां सेउनकी यात्रा नालंदा होते हुए शेखपुरा पहुंचेगी. बरबीघा में वह जनसभा को संबोधित करेंगे. गया रसलपुर गांव से नवादा जिला के लिए रवाना होतेवक्त राहुल गांधी के समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई. सड़क किनारे विभिन्न जगहों पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष उमैर खान ऊर्फ़ टीका खान ने बताया कि मतदाता अधिकार यात्रा के तहत राहुलगांधी गया से नवादा जिला के लिए रवाना हुए हैं. इससे पहले वे वजीरगंज प्रखंड स्थित हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे. इसके बाद गया जिले केजमुवाआ बाजार होते हुए नवादा जिला में प्रवेश कर जाएंगे. उन्होंने कहा कि सोमवार और मंगलवार सुबह तक गया जिले के विभिन्न जगहों पर उनकाजोरदार स्वागत हुआ है. वोट काटने की साजिशजनता ने यह दिखा दिया है कि वह लोग राहुल गांधी में विश्वास कर रहे हैं और जिस तरह से सत्ता पक्ष के द्वारा वोटरों का नाम काटने का साजिश कियागया है, उसे जनता समझने लगी है। यही वजह है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में अपार जन समर्थन उमड़ रहा है. राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्राका काफिला आज नालंदा से होकर गुजरेगा. इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव केअलावा महागठबंधन के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. यात्रा गया- नवादा के रास्ते से होते हुए खराट मोड़ पहुंचेगी. वहां से नालंदा की सीमा सैदपुर में प्रवेशकरेगी. पहले खराट मोड़ पर ही नेताओं के स्वागत की तैयारी की गई थी. लेकिन, अब स्थल को बदल दिया गया है. हरनौत के रास्ते पहुंचेगी पटनाअब खराट मोड़ के आगे सैदपुर स्कूल के मैदान में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का स्वागत कार्यक्रम होगा. स्वागत कार्यक्रम के बाद वोट अधिकारयात्रा वारसलीगंज होते हुए शेखोपुरसराय के रास्ते नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड के खेतलपुरा नौरोजपुर में दाखिल होगी और उसके बाद शेखपुरा केबरबीघा पहुंचेगी. बरबीघा में जनसभा को संबोधित करने के उपरांत वोट अधिकार यात्रा नालंदा के सरमेरा, रहुई, भागन बीघा एवं हरनौत के रास्तेपटना पहुंचेगी. नालंदा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला ने कार्यकर्ताओं से 2:00 सैदपुर स्कूल के मैदान में पहुंचने का अनुरोधकिया है. राजद के जिला प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं यूथ आईकॉन बिहार के आशा और भविष्य तेजस्वीयादव का मतदाता अधिकार यात्रा खराट मोड़ वारसलीगंज रोड के एक किलोमीटर अंदर सैदपुर में होगा. इस कार्यक्रम में दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेशसहनी समेत इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेता मौजूद होंगे.

बिहार कैबिनेट की बड़ी सौगात प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस ₹100, रोजगार देने वाले उद्योगों को मुफ्त जमीन

आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहारवासियों के बड़ी सौगात दी है. सीएम नीतीश की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें वह प्रतियोगी परीक्षामें फीस और अधिक रोजगार देने वाले उद्योग को मुफ्त में जमीन देने समेत 16 महत्वपूर्व प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है. सीएम नीतीश कुमार ने स्वतंत्रतादिवस के अवसर पर बिहार की प्रतियोगी परीक्षाओं का शुल्क घटाकर 100 रुपये करने की घोषणा की थी. आज कैबिनेट से इसे पास कर दिया है. यानी बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, तकनीकी सेवा अयोग, पुलिस अवर सेवा आयोग, केंद्रीय सिपाही चयन पर्षद की ओरसे ली जाने वाली पीटी परीक्षा का शुल्क मात्र 100 रुपये ही लिया जाएगा वहीं मुख्य परीक्षा में कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा. प्रस्तावों पर लगाई मुहरसीएम नीतीश कुमार ने पथ निर्माण विभाग, वित्त, कृषि, सामान्य प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, गन्ना उद्योग, राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रस्तावों पर मुहर लगा दी. खास बात यह है कि मुख्यमंत्री ने राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वालेशिक्षकों की प्रावधानित राशि को बढ़ा दिया है. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025 से 2026 में शिक्षकों को 15 हजार की बदले 30 हजार रुपये देने काएलान किया है. इससे पहले 13 अगस्त की शाम सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई थी. इसमें सीएम ने 30 महत्वपूर्णप्रस्तावों पर स्वीकृति दी थी. अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया था कि रोजगार को बढ़ावा देने के लिए पटना के बख्तियारपुर, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा समेत कुछ जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के लिए सरकार जमीन का अधिग्रहण करेगी. जमीन का करेंगें अधिग्रहणवही गया एयरपोर्ट के विस्तारीकरण योजना के तहत कैट लाइट लगाने के लिए सरकार 18.2242 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगी. कैट 1 कीसुविधा मिलने के बाद इस हवाई अड्डा को ऑल वेदर एयरपोर्ट में शामिल किया जायेगा. वहीं जेपी आंदोलन के दौरान मीसा या डीआईआर के अधीनरहे एक माह से छह माह एवं छह माह से अधिक अवधि तक जेल में बंद रहे व्यक्तियों के सम्मान में पेंशन की राशि बढ़ा दी गई थी. अब इन्हें सातहजार की जगह 15 हजार की राशि पेंशन के तहत मिलेगी. वही 15 हजार के जगह 30 हजार की राशि मिलेगी. स्वतंत्रता दिवस के चार दिन बादसीएम नीतीश कुमार अपने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ कैबिनेट की बैठक की. उन्होंने जो घोषणाएं स्वतंत्रता दिवस पर की थी, उसे आजकैबिनेट में स्वीकृति दे दी है.

संसद में विपक्ष का हंगामा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दी कड़ी चेतावनी ‘सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर होगी निर्णायक कार्रवाई’

संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों ही सदनों लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. संसद के निचले सदन में विपक्ष का बर्तावआक्रामक होने की वजह से उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फटकार लगाई. उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष के ऐसे बर्ताव की वजह से उन्हेंनिर्णायक कार्रवाई करनी पड़ सकती है. दरअसल, सदन में विपक्ष प्रश्नकाल के दौरान हंगामा कर रहा था विपक्ष के नेता वेल तक पहुंच गए औरनारेबाजी करने लगे. वे एसआईआर और अन्य मुद्दों पर विरोध दर्ज करा रहे थे. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘यदि आप उसी ताकत से सवालपूछते हैं जिसके साथ आप नारे लगा रहे हैं तो यह देश के लोगों के लिए फायदेमंद होगा. सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शनलोगों ने आपको सरकारी संपत्ति को तोड़ने के लिए नहीं भेजा है और मैं आपसे अनुरोध करता हूं और आपको चेतावनी देता हूं कि किसी भी सदस्य कोसरकारी संपत्ति को तोड़ने का विशेषाधिकार नहीं है. यदि आप सरकारी संपत्ति को तोड़ने की कोशिश करते हैं. तो मुझे कुछ निर्णायक फैसले लेने होंगेऔर देश के लोग आपको देखेंगे. कई विधानसभाओं में ऐसी घटनाओं के लिए सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. मैं आपको फिर से चेतावनीदेता हूं. सरकारी संपत्ति को नष्ट करने की कोशिश न करें यह मेरा आपसे अनुरोध है.इससे पहले बिहार में चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ सोमवार को संसद भवन परिसर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया. ओम बिरला ने लगाई फटकारराज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने ‘वोट चोर, गड्डी छोड़’ और’वोट चोरी बंद करो’ के नारे लगाए. उन्होंने ‘वोट चोरी’ लिखा एक बड़ा बैनर और ‘SIR को रोको’ की मांग वाले पोस्टर भी लिए हुए थे. बिहार में चुनावआयोग की ओर से मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ सोमवार को संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं नेलोकसभा में भी जमकर नारेबाजी और हंगामा किया. इसे लेकर स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें फटकार भी लगाई.

उपराष्ट्रपति पद पर CP राधाकृष्णन की उम्मीदवारी पर बोले अखिलेश यादव, निर्णय INDIA ब्लॉक की बैठक के होगा बाद , चुनाव आयोग पर लगाया पक्षपात का आरोप

महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव नेप्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा उपराष्ट्रपति का पद खाली है. पहले जो उपराष्ट्रपति थे, वो अब कहां हैं? एक नया उपराष्ट्रपति चुना जाएगा. यह एक अच्छीबात है हम क्या फैसला लेंगे, यह अलग बात है। हम बैठकर तय करेंगे. उन्होंने कहा राजनाथ सिंह एक वरिष्ठ नेता हैं. वह उत्तर प्रदेश से हैं। वह रक्षामंत्री हैं. अगर वह बात करेंगे, हम बात करेंगे और अगर बातचीत की जरूरत होगी, तो हम बात करेंगे. लेकिन हमारी राजनीतिक लाइन स्पष्ट है अबइंडिया ब्लॉक को फैसला करना है. चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, वह जानबूझकर पिछड़ी जातियों के वोट काटता है और मीडियाके जरिए यह दिखाया जाता है कि उन्हें पिछड़ों का समर्थन मिल रहा है. जबकि सच्चाई यह है कि उनके वोट ही काटे जा रहे हैं. 2024 में नहीं हटाया एक भी अधिकारीहमारी सिर्फ इतनी मांग है कि अगर किसी जिलाधिकारी (डीएम) को सस्पेंड कर दिया जाए, तो पूरे देश में एक भी वोट नहीं कटेगा. उन्होंने आगे कहा, 2017 के चुनाव में चुनाव आयोग ने कई अधिकारियों को हटाया था. लेकिन 2019, 2022 और 2024 में एक भी अधिकारी नहीं हटाया गया. समाजवादी पार्टी की सरकार में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह सचिव तक बदले गए थे लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद यूपी में एक भीअफसर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. एक भी शिकायत पर कोई अधिकारी नहीं हटाया गया। क्यों? इसका मतलब है कि चुनाव आयोग भाजपा कीज्यादा सुनता है. अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया, छिबरामऊ के एक भाजपा विधायक ने अपने बूथ पर 400 फर्जी वोट डलवाए थे. हमनेउनमें से 200 से ज्यादा फर्जी वोट हटवाए. कन्नोज को लेकर कहा था कुछदिल्ली में सपा मुखिया ने कहा, मैं रिकॉर्ड पर कह रहा हूं कि जब ममता दीदी (बनर्जी) विधानसभा चुनाव हारी थीं, तब चुनाव आयोग सीधे थानाप्रभारी (एसओ) और पुलिस अधिकारियों से बात कर रहा था. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, अनुराग ठाकुर ने भी कन्नौज को लेकर कुछ कहाथा. लेकिन अगर ठाकुर पहले जोड़ दिया जाए, तो उसका मतलब ही बदल जाता है. हमारी बस इतनी सी मांग है कि बूथ स्तर के अधिकारी(बीएलओ) की नियुक्ति जाति के आधार पर न हो. पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति भी जाति के आधार पर न की जाए। उन्होंने दोहराया, मैं रिकॉर्डपर कह रहा हूं कि जब ममता दीदी विधानसभा चुनाव हारी थीं, तब चुनाव आयोग सीधे एसओ और पुलिस अधिकारियों से बात कर रहा था. एनडीएकी ओर से सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह अच्छी बात है, लेकिनफैसला इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद लिया जाएगा. अखिलेश ने चुनाव आयोग पर पिछड़ी जातियों के वोट जानबूझकर काटने और भाजपा कीज्यादा सुनने का भी आरोप लगाया. उन्होंने निष्पक्ष अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की.

उपराष्ट्रपति पद के लिए भाजपा का बड़ा दांव सौम्य और संघनिष्ठ CP राधाकृष्णन NDA के उम्मीदवार घोषित, धनखड़ की आक्रामक शैली से रणनीतिक बदलाव

भाजपा ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. रविवार को हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में सीपीराधाकृष्णन के नाम पर मुहर लग गई. सीपी राधाकृष्णन के नाम के एलान के साथ ही तय हो गया है कि भाजपा ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलावकिया है और जगदीप धनखड़ जैसे मुखर राजनेता की जगह अब सौम्य और समावेशी सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी देने काफैसला किया है. साल 2022 में जगदीप धनखड़ को जब एनडीए का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया था, तो उस वक्त जाटों द्वारा विरोधप्रदर्शन किया जा रहा था. ऐसे में हो सकता है कि सरकार ने जाटों को सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से जगदीप धनखड़ का चुनाव किया. विचारधारा के है मजबूत समर्थकजगदीप धनखड़ भाजपा के लिए बाहरी थे क्योंकि उनका संघ से जुड़ाव नहीं था और वे लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी में भी रहे. वहीं सीपी राधाकृष्णनका ताल्लुक तमिलनाडु से है और वे ओबीसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं. यह भाजपा की ओबीसी सोशल इंजीनियरिंग को भी मदद करता है. कर्नाटक कोछोड़कर भाजपा अभी तक दक्षिण भारत के राज्यों में अपने पैर नहीं जमा पाई है. तमिलनाडु में करीब डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। सीपीराधाकृष्णन के नाम का विरोध भी कई विपक्षी पार्टियां नहीं कर पाएंगी. सीपी राधाकृष्णन किशोरावस्था से ही संघ से जुड़े रहे हैं और भाजपा और संघकी विचारधारा के मजबूत समर्थक हैं. सरकार के साथ हुआ टकरावधनखड़ की पहचान एक उग्र वकील और मुखर राजनेता की है और उनकी राजनीतिक शैली टकराव वाली रही है. बंगाल में राज्यपाल रहने के दौरान भीकई बार उनका ममता बनर्जी सरकार के साथ टकराव हुआ. शायद इस टकराव का ही फायदा धनखड़ को मिला, जिसके चलते वे केंद्र सरकार कीनजर में आए और उन्हें पदोन्नति देकर उपराष्ट्रपति बनाया गया. सीपी राधाकृष्णन सौम्य और शांत स्वभाव के नेता माने जाते हैं, जिसके चलते वेसंवैधानिक भूमिका को ज्यादा बेहतर तरीके से निभा सकते हैं. धनखड़ पर विपक्षी नेता निष्पक्ष न होने का आरोप लगा चुके हैं. ऐसे में भाजपा कोजरूरत थी ऐसे नेता की जो उच्च सदन में संतुलन लेकर आए सीपी राधाकृष्णन इस लिहाज से भी मुफीद हैं. भाजपा ने सीपी राधाकृष्णन कोउपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जहां मुखर और आक्रामक शैली के नेता हैं वहीं सीपी राधाकृष्णन को लाकरभाजपा ने लगता है अपनी रणनीति में 180 डिग्री का बदलाव किया है.