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दिल्ली में कूड़े के अंबार पर ‘चार इंजन’ की चुप्पी, आप ने उठाए फंड और दिखावटी अभियान पर सवाल

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए एमसीडी के पास पैसा नहीं होने को लेकर भाजपा को आड़े हाथ लिया है. एमसीडी में नेताप्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की चार इंजन की सरकार के बावजूद एमसीडी के पास पैसा नहीं है. बुधवार को हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठकमें एमसीडी आयुक्त ने बताया कि कूड़े के समाधान के लिए 3500 करोड़ रुपए की जरूरत है और कंसेशनरीज को देने के लिए एमसीडी 70 करोड़ रुपए ही जुटा पा रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर तरफ गंदगी फैली है. भाजपा का दिल्ली को कूड़े से आजादी दिलाने का अभियान महज फोटो शूट बनकर रह गया है. सीएम रेखा गुप्ता और मेयर अपनी ही केंद्र सरकार से पैसा नहीं ला पा रहे हैं। मेयर से कहना है कि वह बजट कारोना न रोएं. दिल्ली को कूड़ा मुक्त बनाकर दिल्लीवालों के प्रति अपनी जवाबदेही निभाएं.मुख्यालय में स्टैंडिंग कमेटी की बैठकएमसीडी में “आप” के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि बुधवार को निगम मुख्यालय में स्टैंडिंग कमेटीकी बैठक थी, जिसमें जब कूड़े के मुद्दे पर चर्चा हुई तो यह बात सामने आई कि दिल्ली में ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ नामक एक महीने का अभियानचल रहा है, जिसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महापौर राजा इकबाल सिंह के साथ मिलकर शुरू किया था. लेकिन जैसा कि आम आदमी पार्टी शुरू सेकहती आई है, यह अभियान महज एक दिखावा है। महापौर या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उन स्थानों पर जाकर फोटो खिंचवाते हैं, जो पहले से ही हमारेकर्मठ सफाई कर्मचारियों द्वारा साफ किए जा चुके होते हैं.अंकुश नारंग ने कहा कि बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में 18 सदस्यों (न सिर्फ आमआदमी पार्टी के, बल्कि भाजपा के पार्षदों) और मैंने भी बताया कि सेंट्रल जोन में हर जगह कूड़ा ही कूड़ा बिखरा हुआ है। सेंट्रल जोन में कूड़ा उठाने कीकोई व्यवस्था नहीं है, जिसके पीछे पहले […]

अमित शाह का विपक्ष पर तीखा हमला ‘जेल से सरकार नहीं चलेगी’, नैतिक राजनीति के लिए पेश किया ऐतिहासिक विधेयक”

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर उनके द्वारा पेश किए जेल जाने वाले नेता को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या केन्द्र और राज्य सरकारमें मंत्री जैसे अहम पदों से हटाने वाले बिल का विरोध करने पर कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष के दोहरे चरित्र का पर्दाफाश किया. उन्होंने बताया कि इंदिरागांधी ने अपने आप को कानून के दायरे में आने से बचाने के लिए संविधान में संशोधन लाया था और कांग्रेस उसी संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहती है. जहां कांग्रेस की कार्यसंस्कृति और नीति प्रधानमंत्री को कानून से ऊपर रखने की रही है, वहीं भाजपा की नीति अपने प्रधानमंत्री, मंत्रियों औरमुख्यमंत्रियों को कानून के दायरे में लाने की है. शाह ने कहा कि मोदी सरकार की राजनीति में नैतिक मानकों को बहाल करने की प्रतिबद्धता और जनतामें इस समस्या को लेकर गुस्से को देखते हुए, आज मैंने लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति से ऐसे संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए हैं जिनसे यहसुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति जेल में रहते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र और राज्य सरकार में मंत्री जैसे अहम संवैधानिक पदों पर कार्य नहींकर सकेगा. मानकों को सुधारना और राजनीति में शुचिता बनाए है रखनाविधेयकों का उद्देश्य गिरते नैतिक मानकों को सुधारना और राजनीति में शुचिता बनाए रखना है. इन तीनों बिल से जो कानून अस्तित्व में आएगा, वहयह है कि कोई भी व्यक्ति अगर गिरफ्तार होकर जेल में है, तो वह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र/राज्य सरकार में मंत्री नहीं रह सकेगा. जब संविधानबना था, तब उसके निर्माताओं ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि भविष्य में कुछ नेता गिरफ्तारी के बाद भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देने से इनकारकरेंगे. हाल के वर्षों में देश ने देखा है कि कैसे कुछ मुख्यमंत्री या मंत्री जेल से ही सरकार चलाते रहे हैं. विधेयक में यह भी प्रावधानविधेयक में यह भी प्रावधान है कि अगर कोई नेता गिरफ्तार होता है, तो उसे 30 दिनों के भीतर जमानत लेने का समय दिया जायेगा. यदि 30 दिन मेंजमानत नहीं मिली, तो 31वें दिन प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को उसे पद से हटाना होगा, अन्यथा वह स्वतः ही अयोग्य हो जाएगा. हालांकि, अगर बाद मेंविधिक प्रक्रिया से जमानत मिल जाती है तो उसे फिर से पद पर बहाल किया जा सकता है. अब सवाल देश की जनता के सामने है कि क्या किसीमंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के लिए जेल से सरकार चलाना उचित है? केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि एक तरफ माननीय प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी जी ने खुद को कानून के दायरे में लाने के लिए संवैधानिक संशोधन प्रस्तुत किया है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व में पूरा विपक्ष इसकाविरोध कर रहा है ताकि वे कानून के दायरे में न आएं, जेल से सरकार चलाते रहें और सत्ता से चिपके रहें। राष्ट्र यह भी याद रखता है कि इसी सदन मेंतत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने 39वें संवैधानिक संशोधन के जरिए प्रधानमंत्री को विशेषाधिकार दे दिया था, जिससे उन पर कोई कानूनीकार्यवाही न हो सके. जहां कांग्रेस की कार्यसंस्कृति और नीति प्रधानमंत्री को कानून से ऊपर रखने की रही है, वहीं भाजपा की नीति अपने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को कानून के दायरे में लाने की है. नैतिक मूल्यों के पक्षधरकेंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भाजपा और एनडीए हमेशा नैतिक मूल्यों के पक्षधर रहे हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी जीने तो केवल आरोप लगने पर ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. दूसरी ओर कांग्रेस आज भी इंदिरा गांधी द्वारा शुरू की गई अनैतिक परंपरा को आगेबढ़ा रही है. लालू प्रसाद यादव को कानून से बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा लाए गए अध्यादेश का विरोध स्वयं राहुल गांधी ने किया था और आजवही राहुल गांधी लालू यादव को पटना के गांधी मैदान में गले लगा रहे हैं. जनता उनके दोहरे व्यवहार को भलीभांति समझती है। यह पहले ही स्पष्टकर दिया गया था कि इस विधेयक को विस्तृत चर्चा के लिए संसद की संयुक्त संसदीय समिति को भेजा जाएगा. इसके बावजूद कांग्रेस के नेतृत्व मेंपूरा इंडिया गठबंधन बेशर्मी से एकजुट होकर भ्रष्टाचारियों को ढाल देने के लिए इसका विरोध कर रहा है. आज विपक्ष देश की जनता के सामने पूरीतरह बेनकाब हो चुका है.

उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने भरा नामांकन, कहा यह चुनाव भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की है पुष्टि

विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने गुरुवार को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी कीउपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने अहम टिप्पणी भी की. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अगरवे उपराष्ट्रपति निर्वाचित किए जाते हैं तो क्या करेंगे. नामांकन दाखिल करने के बाद बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि यह चुनाव महज एक व्यक्ति के बारे मेंनहीं है, बल्कि भारत के उस विचार की पुष्टि के बारे में है जहां संसद ईमानदारी से काम करती है. जहां असहमति का भी सम्मान किया जाता है औरसंस्थाएं स्वतंत्रता और निष्पक्षता के साथ लोगों की सेवा करती हैं. विनम्रता के साथ किया कामरेड्डी ने कहा कि आज मुझे विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने का सम्मानमिला. मैंने यह काम विनम्रता, जिम्मेदारी और हमारे संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की गहरी भावना के साथ किया. उन्होंने कहा कियह चुनाव केवल एक व्यक्ति के बारे में नहीं है यह हमारे संस्थापकों द्वारा परिकल्पित भारत के विचार की पुष्टि करने के बारे में है. एक ऐसा भारत जहांसंसद ईमानदारी से काम करे, जहां असहमति का सम्मान किया जाए और जहां संस्थाएं स्वतंत्रता और निष्पक्षता के साथ लोगों की सेवा करें. उन्होंनेकहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति पर संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी है. यदि मैं निर्वाचितहोता हूं तो मैं निष्पक्षता, गरिमा तथा संवाद एवं शिष्टाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ अपनी भूमिका निभाने का वचन देता हूं. नेताओं के प्रति गहरा आभारइस दौरान विपक्षी उम्मीदवार रेड्डी ने विपक्षी दलों के नेताओं के प्रति भी गहरा आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में विश्वास औरहमारे लोगों में आशा के साथ मैं इस यात्रा पर निकल रहा हूं. हमारी लोकतांत्रिक भावना हम सभी का मार्गदर्शन करती रहे. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिएनिर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं. राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी अपना वोट डालने के पात्र होते हैं. निर्वाचकमंडल की प्रभावी संख्या 781 है और बहुमत का आंकड़ा 391 है सत्तारूढ़ एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है. सत्तारूढ़ दल को कम सेकम 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है. वाईएसआरसीपी जैसी विपक्षी गठबंधन से इतर पार्टियां पहले ही राधाकृष्णन को समर्थन देने की घोषणा करचुकी हैं.

हंगामे और वॉकआउट के बीच संसद का मानसून सत्र संपन्न, लोकसभा में 12 और राज्यसभा में 14 विधेयक पारित

संसद का चल रहा मानसून सत्र हंगामों, वॉकआउट और बार-बार स्थगन का गवाह रहा है. विपक्ष के विरोध और लगातार व्यवधान के बीच लोकसभा ने12 और राज्यसभा ने 14 अहम बिल पास किए. यह सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ और बार-बार विपक्षी मांगों के कारण बाधित होता रहा. शुरुआत मेंविपक्ष ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया. इसके बाद बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर बहस की मांग ने सत्र को और जकड़ दिया. नतीजा यह रहा कि कई दिनों तक सदन की कार्यवाही बाधित रही और चर्चा के बजायवॉकआउट और नारेबाजी होती रही. विधेयक हुए राज्यसभा से पारितलोकसभा में जिन 12 विधेयकों को मंजूरी मिली, उनमें गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व से जुड़ा बिल, मर्चेंट शिपिंग बिल, मणिपुर जीएसटी संशोधन विधेयक, मणिपुर विनियोग विधेयक, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग संशोधन विधेयक शामिल हैं. इसके अलावा आयकर विधेयक, टैक्सेशन लॉज (संशोधन) बिल, भारतीय बंदरगाह विधेयक, खनन और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधनविधेयक, आईआईएम संशोधन विधेयक और ऑनलाइन गेमिंग नियमन से जुड़ा विधेयक भी पास किया गया. राज्यसभा में 14 विधेयक पारित यालौटाए गए. इनमें बिल्स ऑफ लेडिंग बिल, कैरिज ऑफ गुड्स बाय सी बिल, कोस्टल शिपिंग बिल, मणिपुर से जुड़े दो विधेयक, मर्चेंट शिपिंग बिलऔर गोवा विधानसभा से जुड़ा प्रतिनिधित्व संशोधन विधेयक शामिल हैं. साथ ही राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग संशोधनविधेयक, आयकर विधेयक, टैक्सेशन लॉज संशोधन बिल, भारतीय बंदरगाह विधेयक, खनन एवं खनिज संशोधन विधेयक और आईआईएम संशोधनविधेयक भी राज्यसभा से पारित हुए. हंगामा कर चर्चा का गंवाया मौकासरकारी सूत्रों ने कहा कि विपक्ष ने लगातार हंगामा कर चर्चा का मौका गंवाया. इस कारण कई महत्वपूर्ण बिल बिना विपक्ष की सक्रिय भागीदारी केपारित हो गए. राज्यसभा में केवल बिल्स ऑफ लेडिंग बिल ही पहले दिन बिना बाधा पारित हुआ, बाकी विधेयक शोरगुल, आंशिक बहस या विपक्षके वॉकआउट के बीच पारित हुए. सरकार का कहना है कि विपक्ष के असहयोगी रवैये ने लोकतांत्रिक विमर्श को नुकसान पहुंचाया है. संसद के मानसूनसत्र में हंगामे और विपक्षी विरोध के बावजूद लोकसभा ने 12 और राज्यसभा ने 14 विधेयक पास किए. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और बिहार के विशेषपुनरीक्षण को लेकर हुए विवाद ने सत्र की कार्यवाही को बार-बार बाधित किया. सरकार ने विपक्ष पर असहयोग का आरोप लगाया और कहा कि कईअहम बिल बिना विपक्ष की सक्रिय भागीदारी के पारित हो गए, जिससे लोकतांत्रिक बहस प्रभावित हुई.

गोवा कैबिनेट विस्तार रमेश तावड़कर और दिगंबर कामत ने ली मंत्री पद की शपथ, प्रमोद सावंत मंत्रिमंडल में शामिल

भाजपा विधायक रमेश तावड़कर और दिगंबर कामत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली गोवा कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल अशोक गजपति राजू ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में कामत और तावड़कर को गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस समारोह मेंसावंत, भाजपा की गोवा इकाई के अध्यक्ष दामू नाइक और अन्य उपस्थित थे. शपथ ग्रहण से कुछ घंटे पहले तावड़कर ने गोवा विधानसभा के अध्यक्षपद से इस्तीफा दे दिया था. 57 साल के भाजपा नेता कैनाकोना विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह पहली बार 2005 में दक्षिण गोवा कीपोइंगुइनिम सीट से उपचुनाव के माध्यम से विधानसभा के लिए चुने गए थे 2007 में वे इसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से निर्वाचित हुए. गोवा के रहे कांग्रेसी मुख्यमंत्रीपरिसीमन के बाद तावड़कर ने 2012 और फिर 2022 में कैनाकोना निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की 2017 में वे चुनाव हार गए थेतावड़कर इससे पहले अप्रैल 2012 से जनवरी 2017 तक कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने कृषि, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवाएं, आदिवासी कल्याणऔर खेल एवं युवा मामलों सहित कई विभागों का कार्यभार संभाला. मार्च 2022 में वे गोवा के विधानसभा अध्यक्ष चुने गए और इस तटीय राज्य मेंइस पद पर आसीन होने वाले पहले आदिवासी विधायक बने. दूसरे मंत्री दिगंबर कामत, 2007 से 2012 तक गोवा के कांग्रेसी मुख्यमंत्री रहे. विधायकों के साथ भाजपा में शामिलमडगांव निर्वाचन क्षेत्र के 71 वर्षीय विधायक ने अपनी राजनीतिक यात्रा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1989-1994, 2005-2022) से शुरू की. बाद मेंवह सितंबर 2022 में भाजपा में शामिल हो गए. कामत पहली बार 1994 में मडगांव से विधानसभा के लिए चुने गए थे. तब से कई बार इस निर्वाचनक्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं 2022 के चुनावों में उन्होंने मडगांव से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की, लेकिन 14 सितंबर, 2022 को सात अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए.18 जून को गोविंद गौड़े को मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद एक मंत्री पद खाली था, जबकि एक अन्य मंत्री एलेक्सो सेक्वेरा ने बुधवार को निजीकारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था. मुख्यमंत्री सावंत ने बुधवार को पुष्टि की थी कि तावड़कर और कामत को मंत्री बनाया जाएगा.

गगनयान मिशन पर बोले भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला: जल्द भारत भेजेगा अंतरिक्ष में मानव, ISRO प्रमुख ने गिनाईं स्पेस सेक्टर की उपलब्धियां

दिल्ली में मंगलवार को भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और इसरो प्रमुख वी. नारायण ने एक साथ मीडिया से बात की. इस दौरान शुभांशु नेगगनयान मिशन पर कहा कि जल्द ही भारत अपने रॉकेट और कैप्सूल से अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा. उन्होंने यह भी बताया कि इसरोदिसंबर तक पहला गगनयान परीक्षण मिशन लॉन्च करेगा. उन्होंने अपनी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव भी साझा किया. उन्होंने बताया कि 20 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद शरीर गुरुत्वाकर्षण भूल जाता है और जमीन पर वापसी पर उसे दोबारा ढलना पड़ता है. इसके साथ ही उन्होंनेएक्सिओम मिशन के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि इसके तहत वे दो हफ्तों तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में रहे. इस दौरान वे मिशनपायलट और कमांडर के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे. लोगों को करता हूं धन्यवादशुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा इस मिशन को संभव बनाने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं. उन्होंने बताया कि आईएसएस पर रहते हुएकई प्रयोग किए गए और पृथ्वी व अंतरिक्ष से जुड़ी तस्वीरें भी ली गईं। उन्होंने कहा कि इसके लिए लंबी ट्रेनिंग ली गई थी और यह अनुभव उनकेजीवन का सबसे अलग और यादगार रहा. शुभांशु शुक्ला ने आगे भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कियह इसरो का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसके तहत 2027 में भारतीय वायुसेना के तीन पायलटों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. ये पायलट400 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की कक्षा में तीन दिन रहेंगे और इसके बाद हिंद महासागर में सुरक्षित लैंडिंग कराई जाएगी. मिशन की कुललागत लगभग 20,193 करोड़ रुपए है. शुक्ला ने कहा कि गगनयान की तैयारी के लिए पहले दो खाली टेस्ट फ्लाइट भेजी जाएंगी, इसके बाद एकफ्लाइट में रोबोट भेजा जाएगा, अंतरिक्ष यात्रा को मिली नई गतिजब यह सब सफल हो जाएगा, तब इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. वहीं, अपनी बात कहते हुए आखिरी में उन्होंने ये भी कहा कि भारत आज भीअंतरिक्ष से सारे जहां से अच्छा लगता है.कार्यक्रम में इसरो प्रमुख वी. नारायणन भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई गति मिलीहै. उन्होंने याद दिलाया कि दक्षिण एशियाई सैटेलाइट को भारत ने बनाकर सदस्य देशों को समर्पित किया. इसके अलावा भारत ने जी20 देशों केलिए भी एक सैटेलाइट तैयार किया. नारायणन ने कहा कि 10 साल पहले देश में सिर्फ एक स्पेस स्टार्टअप था, लेकिन आज 300 से ज्यादास्टार्टअप्स अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे हैं. निजी कंपनियों ने अब तक दो सब-ऑर्बिटल मिशन पूरे किए हैं यह दिखाता है कि भारत की स्पेस इकोनॉमीलगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में इसका और विस्तार होगा. इसरो प्रमुख ने बताया कि 30 जुलाई को जीएसएलवी-एफ16 रॉकेट ने नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (निसार) को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया. यह उपग्रह पूरी तरह से सही ढंग से काम कर रहा है. नारायणन ने कहाकि अगले दो से तीन महीनों में भारत 6,500 किलो का अमेरिकी कम्युनिकेशन सैटेलाइट भी अपने लॉन्च व्हीकल से प्रक्षेपित करेगा. उन्होंने कहा किइस तरह का सहयोग न केवल तकनीकी दृष्टि से अहम है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसरो की बढ़ती ताकत और क्षमता को भी दर्शाता है.

यूपी में खाद की किल्लत, नेपाल में तस्करी से मुनाफा – किसानों के साथ धोखा, सरकार की मिलीभगत? लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

यूपी में यूरिया की किल्लत तो वहीं नेपाल में 10 गुनी कीमत पर बिक रही खाद यह किसानों के साथ खुली धोखाधड़ी है और प्रदेश की अर्थव्यवस्थापर सीधा हमला है. यूपी में खाद की किल्लत के बीच तस्कर नेपाल भेज कर मुनाफा कमा रहे हैं तो मुनाफे पर लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरीसुनील सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रदेश में किसान आज भी अपनी फसल बचाने के लिए खाद (यूरिया) के लिए तरस रहे हैं. उन्हेंसरकारी दफ्तरों और खाद विक्रेताओं के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि अफसर खुलेआम झूठ बोल रहे हैं कि पर्याप्त यूरिया उपलब्ध है।असलियतयह है कि प्रदेश का यूरिया धड़ल्ले से नेपाल की सीमा पार तस्करी हो रहा है और वहां 10 गुनी कीमत पर बेचा जा रहा है. यह धंधा इतनी बड़ी पैमानेपर बिना सरकार और अधिकारियों की मिलीभगत के संभव ही नहीं है सरकार की सीधी भागीदारीसवाल है आखिर किसकी सरपरस्ती में यह काला कारोबार चल रहा है?लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि सरकार की चुप्पी और आंख मूंद लेनाइस कांड में उनकी सीधी भागीदारी को साबित करता है. यह किसानों के साथ खुली धोखाधड़ी है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है. बहराइच क्षेत्र में गुप्त मार्गों से प्रतिदिन 200 से अधिक बोरी तस्करी हो रही है, जिससे किसान असमंजस में हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तस्करीरोकने के लिए सात नेपाल-पार सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी बढ़ाने, 5 किमी के भीतर न्यू रजिस्टर्ड खाद विक्रेताओं पर प्रतिबंध लगाने, औरडिजिटल ट्रैकिंग जैसे कदम उठाए हैं. साथ ही, कृषि विभाग, पुलिस, सीमा सुरक्षा बल और राज्य जांच ब्यूरो के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश जारीकिए गए हैं। लोकदल अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह की यह प्रतिक्रिया कि यह किसानों के साथ धोखाधड़ी है और इस गठजोड़ में सरकार की सीधीभागीदारी हो सकती है.

उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने भरा नामांकन, विपक्ष से जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी कल करेंगे दाखिला

उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. इस दौरान उनके साथ पीएम मोदी, रक्षा मंत्रीराजनाथ, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी केसाथ-साथ भाजपा और एनडीए के तमाम नेता भी मौजूद रहे. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने रिटर्निंग ऑफिसर को नामांकन पत्रों के 4 सेट सौंपेहैं. नामांकन पत्रों के इन चार सेटों में पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जदयू नेता राजीव रंजन सिंह मुख्य प्रस्तावक हैं. तमिलनाडु में जन्मे सीपी राधाकृष्णन गाउंडर- कोंगु वेल्लालर यानी ओबीसी समुदाय से आते हैं वे तमिलनाडु से उपराष्ट्रपति बनने वाले वे तीसरे नेताहोंगे। वे 1998 में पहली बार सांसद चुने गए और 2023 में बने झारखंड के राज्यपाल बने। 67 वर्षीय सीपी राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र केराज्यपाल हैं.धनखड़ ने दिया था इस्तीफाझारखंड की जिम्मेदारी संभालते हुए राधाकृष्णन ने तेलंगाना का राज्यपाल और पुडुचेरी का उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था. सीपीराधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की पढ़ाई की है।वहीं इससे पहले सीपी राधाकृष्णन ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, धर्मेंद्र प्रधान, राम मोहन नायडू किंजरापु. एलमुरुगन और भाजपा नेता विनोद तावड़े की मौजूदगी में संसद परिसर में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले महात्मा गांधी कोपुष्पांजलि अर्पित की.बता दें कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद सीपी राधाकृष्णन के नाम की घोषणा उपराष्ट्रपति पद के लिए की थी. जगदीप धनखड़ के अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद से ये पद खाली हुआ है। 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिनस्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था. नामांकन करेंगें दाखिलविपक्ष की तरफ से उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी कल अपना नामांकन दाखिल करेंगे. बता दें कि उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकनकी आखिरी तारीख भी कल यानी 21 अगस्त ही है. वहीं इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्वन्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा, ‘मैं इससे खुश हूं मैं अपने नामांकन से खुश हूं. अगर यह अप्रिय होता, तो मैं यह यात्रा क्यों करता औरआगे क्यों बढ़ता? मैं इससे खुश हूं. उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होना है और उसी दिन मतगणना भी होगी. नामांकन दाखिल करने कीअंतिम तिथि 21 अगस्त है, जबकि उम्मीदवार 25 अगस्त तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सांसद, राज्यसभा में मनोनीत 12 सांसद और लोकसभा के 543 सांसद वोट डाल सकते हैं. इस तरह के कुल 788 लोग वोट डाल सकते हैं.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला, आरोपी हिरासत में गुजरात से है संबंध

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक युवक ने हमला कर दिया. ये घटना तब हुई जब वे सीएम आवास में जनसुनवाई कर रही थीं जनसुनवाई केदौरान आरोपी ने सीएम को कुछ कागज दिए. इसके बाद वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा. आरोप है कि इसी दौरान उसने मुख्यमंत्री पर हमला करदिया. इसके साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया शुरुआती जानकारी में सामने आया था कि हमलावर ने सीएम को थप्पड़ मारा था, हालांकिदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस तरह के दावों का खंडन किया है. उन्होंने साफ किया कि सुनवाई के दौरान उस व्यक्ति ने उन पर हमलाकिया. फिलहाल दिल्ली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। आरोपी की पहचान राजेश भाई खिमजी भाई सकारिया के रूप में हुई है. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि दिल्ली सीएम पर हमला करने वाला आरोपी राजेश भाई खिमजी भाई सकारिया गुजरात के राजकोट का रहनेवाला है. गुजरात पुलिस से किया संपर्कगुजरात के राजकोट शहर में कोठारिया रोड स्थित गोकुल पार्क में अपनी पत्नी, बेटे और माता-पिता के साथ रहता है. आरोपी की मां भानुबेन ने बतायाकि वह किसी राजनैतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है. वह जानवरों को प्रेम करता है. दिल्ली में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश सेवह परेशान था और इसी आदेश को लेकर एक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए वह दिल्ली गया था. भानुबेन ने कहा कि आज की घटना के बारे मेंउन्हें जानकारी नहीं है. फिलहाल आरोपी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. साथ ही कहा है कि आरोपी के इरादों का पता लगाने के लिएउससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी. इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने आरोपी द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि के लिए गुजरात पुलिस से भी संपर्क कियाहै. घटना के बारे में दी जानकारीदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस घटना के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने थप्पड़ मारने की खबरों को खारिज करते हुए बताया कि हमलावरने सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री का हाथ खींचने की कोशिश की, जिसके कारण हाथापाई हुई और उनका सिर किसी कोने से टकराया होगा. उन्होंने कहाकि सीएम गुप्ता की हालत स्थिर है, लेकिन वह सदमे में हैं. वहीं, दिल्ली पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी की पुष्टि के लिए राजकोट पुलिस आरोपीराजेश खिमजी के घर पहुंची. जहां उन्होंने आरोपी के परिजनों से पूछताछ की. इस दौरान आरोपी राजेश खिमजी के पड़ोसी सुरेशभाई ने भी राजेश केबारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मैं उसे पिछले 5-6 वर्षों से जानता हूँ वह एक सरल और उदार व्यक्ति है जिसे जानवरों से बहुत प्यार है.

कोल्डप्ले के किस कैम से उठा अफेयर का तूफान, फिर भी क्रिस मार्टिन बोले ‘किस कैम रहेगा जारी’

ब्रिटिश सिंगर क्रिस मार्टिन का कोल्डप्ले कॉन्सर्ट पिछले दिनों कंट्रोवर्सी में घिर गया था. यह कंट्रोवर्सी उनके शो में लगे किस कैम को लेकर हुई. इसकैमरा में एक नामी कंपनी के सीईओ का अफेयर पकड़ा गया था. इस कंट्रोवर्सी के बावजूद वह आगे भी अपने कॉन्सर्ट में किस कैम यानी ऑडियंस परफोकस करने वाले कैमरे को मौजूद रखेंगे. पेज सिक्स नाम के न्यूज पोर्टल के अनुसार क्रिस मार्टिन ने कोल्डप्ले के हालिया कॉन्सर्ट में फिर से सीईओअफेयर कंट्रोवर्सी का जिक्र किया है. वह ‘म्यूजिक ऑफ द स्फियर्स’ नाम से एक वर्ल्ड टूर कर रहे हैं। हाल ही में इंग्लैंड में परफॉर्म किया. कॉन्सर्ट केदौरान क्रिस ने कहा, ‘हम लंबे समय से बिग स्क्रीन (किस कैम) का इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में ही यह एक….?’ इतना कहकर वह चुप हो जाते हैंबस किस कैम वाले पुराने विवादों को लेकर दर्शकों को हिंट देते हैं. क्रिस्टिन कैबोट पर है गईमार्टिन फिर आगे कहते हैं, ‘जब जिंदगी आपको लेमन दे, तो लेमनेड (नींबू पानी) बना लेना चाहिए. इसलिए हम किस कैम को जारी रखेंगे. दरअसल, हम आपमें से कई लोगों से इसके जरिए ही मिल पाते हैं.16 जुलाई को गिलेट स्टेडियम (मैसाचुसेट्स) में कोल्डप्ले का कॉन्सर्ट चल रहा था. क्रिस मार्टिन स्टेज पर गा रहे थे और बड़ा कैमरा यानी किस कैमलोगों पर फोकस कर रहा था. तब किस कैम की नजर एंडी बायरन और क्रिस्टिन कैबोट पर गई. मीम्स थे बनेबायरन ने कैबोट को बाहों पर भर रखा था कैमरा देखकर दोनों सकपका गए. महिला ने हाथ से चेहरा ढका और बायरन भी झुककर कैमरे से बचने लगे. उनकी झिझक देखकर क्रिस मार्टिन ने स्टेज से मजाक में कहा, ‘या तो ये दोनों अफेयर में हैं, या फिर बहुत शर्मीले हैं।’ आगे चलकर यह वीडियोसोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। एस्ट्रोनॉमर नाम की कंपनी में दोनों काम करते थे एंडी सीईओ थे और क्रिस्टिन एचआर थीं, दोनों को इसअफेयर की वजह से कंपनी से निकाल दिया गया. इस अफेयर पर कई मीम्स भी सोशल मीडिया पर बने थे.