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देश के संविधान को बचाने की बड़ी पहल – कांग्रेस ने रखी संविधानिक चुनौतियाँ दृष्टिकोण और रास्ते पर खुली चर्चा

  देश के संविधान को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ी पहल की है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आज एक खासकार्यक्रम हुआ, जिसका नाम था – संविधानिक चुनौतियाँ दृष्टिकोण और रास्ते। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के बड़े नेताओं ने संविधान को बचाने औरउसकी मूल भावना को बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।यह आयोजन कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार और सूचना का अधिकार विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्वमुख्यमंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। क्यों हुआ यह कार्यक्रम?आज देश के संविधान के सामने कई चुनौतियाँ हैं। कुछ ताकतें ऐसी हैं जो संविधान को बदलना चाहती हैं, उसकी आत्मा को कमजोर करना चाहतीहैं। सरकार की नीतियाँ आम लोगों के अधिकारों को खत्म करने की तरफ बढ़ रही हैं। ऐसे समय में ज़रूरी है कि जनता को संविधान के बारे में जागरूककिया जाए और उसके अधिकारों की रक्षा की जाए। कांग्रेस का यह कार्यक्रम इसी मकसद से हुआ – ताकि लोग समझ सकें कि संविधान सिर्फ एककिताब नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। नेताओं ने क्या कहा?राहुल गांधी ने कहा कि संविधान ही देश को जोड़ता है। यह हर गरीब, किसान, महिला, युवा और अल्पसंख्यक की ताकत है। लेकिन आज कुछ लोगइसे बदलने की साजिश कर रहे हैं। हमें सब मिलकर इसकी रक्षा करनी होगी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अगर संविधान नहीं रहेगा, तो देश में लोकतंत्र नहीं रहेगा। कांग्रेस पार्टी हमेशा संविधान के साथ खड़ी है और आगे भीइसके लिए लड़ती रहेगी। अभिषेक सिंघवी ने कहा कि यह सिर्फ चर्चा नहीं, संविधान की रक्षा की दिशा में पहला कदम है। जब तक संविधान जिंदा है, देश में हर किसी कोबराबरी का अधिकार मिलेगा।यह कार्यक्रम केवल नेताओं का भाषण नहीं था, बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत थी। कांग्रेस ने यह साफ कर दिया कि वह संविधान की रक्षा केलिए पूरे देश में आवाज़ उठाएगी। जनता से भी अपील की गई कि वे अपने अधिकारों को समझें और संविधान को कमजोर करने वाली ताकतों कोपहचानें।

वीरेन्द्र सचदेवा का बयान-रेखा गुप्ता सरकार गरीबों के सपनों को सच कर रही है दिल्ली में झुग्गीवासियों को बिना वैकल्पिक घर दिए नहीं हटाया जाएगा

उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की अहम बैठक का फैसला1 अगस्त को दिल्ली के उपराज्यपाल श्री वी.के. सक्सेना और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की बैठक हुई, जिसके बाद एक बड़ा फैसला लिया गया।अब दिल्ली में किसी भी झुग्गी क्लस्टर को तब तक नहीं हटाया जाएगा, जब तक वहां के निवासियों को पहले वैकल्पिक मकान नहीं दिया जाता। भाजपा सरकार की ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ नीतिदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार झुग्गी में रहने वालों को “जहां झुग्गी, वहांमकान” के वादे के तहत पक्का घर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जो लोग खतरनाक जगहों जैसे नालों के किनारे या रेलवे ट्रैक के पास रहतेहैं, उनके लिए सुरक्षित और बेहतर मकान देना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस और केजरीवाल सरकारों पर निशानावीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि,पिछले 27 सालों में कांग्रेस और केजरीवाल सरकारों ने गरीबों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। ना उन्हें मकानदिया, ना ही कोई सुविधा। झूठे वादों से गरीबों को सपने दिखाए गए, लेकिन हकीकत में उन्हें नारकीय जीवन जीने पर मजबूर कर दिया गया। भाजपा सरकार गरीबों के लिए कर रही है ईमानदार कामसचदेवा ने कहा कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार गरीबों के सपनों को पूरा कर रही है। सरकार की सोच साफ है हर व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा केसाथ रहने का अधिकार है, और इसे देने के लिए भाजपा लगातार काम कर रही है। केजरीवाल सपने बेचते थे, हम सपने सच कर रहे हैंवीरेन्द्र सचदेवा ने तीखा हमला करते हुए कहा, रेखा गुप्ता की सरकार गरीबों के सपनों को साकार कर रही है, जबकि अरविंद केजरीवाल की सरकारसिर्फ सपने बेचकर वोट ठगती थी। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की सरकार सिर्फ बात नहीं कर रही, बल्कि जमीन पर बदलाव ला रही है। दिल्ली मेंझुग्गीवासियों के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत है। भाजपा सरकार का यह कदम दिखाता है कि वह गरीबों की चिंता करती है और उन्हें बेहतर जीवनदेने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। अब झुग्गियों में रहने वाले लोगों को उम्मीद है कि उनका सपना एक पक्के घर का जल्द ही पूरा होगा।

राहुल गांधी का बड़ा आरोप – चुनाव आयोग भाजपा के लिए वोट चुरा रहा है, हमारे पास पक्के सबूत हैंराहुल गांधी बोले यह देश के खिलाफ साजिश है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावआयोग भाजपा के लिए वोट चुरा रहा है और कांग्रेस पार्टी के पास इसके 100 प्रतिशत पक्के सबूत मौजूद हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यहसिर्फ एक चुनावी गड़बड़ी नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है, जो देशद्रोह के बराबर है। राहुल गांधी ने संसद भवन के बाहर पत्रकारोंसे बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछले छह महीनों से इस मामले की जांच कर रही थी। इस दौरान जो जानकारी सामने आई है, वह बहुतचौंकाने वाली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब पूरे सबूत हैं और बहुत जल्द इस सच्चाई को देश की जनता के सामने लाया जाएगा। क्या कहा राहुल गांधी ने?राहुल गांधी ने कहा, हमारे पास पक्के सबूत हैं कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए वोट चुरा रहा है। यह बिल्कुल साफ और खुला मामला है। जो लोगइस साजिश में शामिल हैं, चाहे वो किसी भी पद पर हों, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।उन्होंने बताया कि कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी इस गड़बड़ी में शामिल पाए गए हैं। कांग्रेस की टीम ने बहुत गहराई से जांच की है और अब वह इसमुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। कई चुनावों में गड़बड़ी का शकराहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस को पहली बार शक मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान हुआ। इसके बाद लोकसभा चुनाव में और फिर महाराष्ट्रविधानसभा चुनाव में भी गड़बड़ियों के संकेत मिले। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच करीब एक करोड़ नएमतदाता जोड़ दिए गए थे, जो बहुत संदेहास्पद है। उन्होंने यह भी कहा कि जब कांग्रेस ने इस पर चुनाव आयोग से जानकारी मांगी, तो उन्हें कोईसहयोग नहीं मिला। इसी कारण कांग्रेस ने अपनी जांच शुरू की और अब उनके पास ऐसे प्रमाण हैं जो यह साबित करते हैं कि चुनाव आयोग ने भाजपाके पक्ष में वोटों के साथ छेड़छाड़ की है। बहुत जल्द होगा बड़ा खुलासाराहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अब इस सच्चाई को पूरे देश के सामने लाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जो पूरे देश को हिला देगा।जब इसका खुलासा होगा तो हर नागरिक को समझ में आएगा कि हमारे लोकतंत्र के साथ कितना बड़ा धोखा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेसइस साजिश को उजागर करके रहेगी और जो भी इसमें शामिल हैं, उन्हें सजा दिलवाएगी। “जो लोग देश के खिलाफ काम कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहींजाएगा। यह सिर्फ एक राजनीतिक लड़ाई नहीं है, यह देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में कई चुनावों की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस अब चुपनहीं बैठेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। इस बयान के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सभी कीनिगाहें इस बात पर हैं कि कांग्रेस पार्टी कब और कैसे इन सबूतों को सामने लाती है। अगर राहुल गांधी के दावे सच साबित होते हैं, तो यह भारत केलोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ा सवाल बन जाएगा।

भाजपा का दलित विरोधी चेहरा फिर हुआ उजागर – अंकुश नारंग आम आदमी पार्टी ने एमसीडी में दिया दलितों को भरपूर सम्मान

आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग एक प्रेस वार्ता में भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम(एमसीडी) की कमेटियों में भाजपा ने दलित समाज के पार्षदों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया है, जिससे उनका दलित विरोधी रवैया फिर सामने आगया है। अंकुश नारंग ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने एमसीडी की विशेष और तदर्थ कमेटियों में 10 दलित पार्षदों को चेयरमैन और उप-चेयरमैनके पद पर नियुक्त किया है। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि दलित समाज के लोग अपनी बात मजबूती से रख सकें और अपने हकों के लिएआवाज उठा सकें। इसके विपरीत, भाजपा ने केवल दो या तीन दलित पार्षदों को ही जगह दी, वह भी मजबूरी में। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने विशेष और तदर्थ कमेटियों में पाँच दलित चेयरमैन बनाकर एक मिसाल पेश की है। वहीं भाजपा ने सिर्फएक ही दलित पार्षद को एससी कमेटी का अध्यक्ष बनाया है, क्योंकि नियम के अनुसार केवल दलित ही उस पद पर नियुक्त हो सकता है। अगर यहशर्त न होती, तो भाजपा शायद वहाँ भी किसी दलित को अवसर न देती। अंकुश नारंग ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि वह दलित कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति और दलित शिक्षकों के पदोन्नति के मामलों में भीअसंवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ़ दिखावे के लिए दलितों को आगे लाती है, जबकि असल में उन्हें कोई अधिकार या सम्मान नहींदेती। इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी ने हमेशा दलित समाज को आगे बढ़ाने के लिए काम किया है और उन्हें हर मंच पर उचित भागीदारी देने कीकोशिश की है। अंकुश नारंग ने दोहराया कि उनकी पार्टी दलितों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी यही नीति जारी रखेगी। अंकुश नारंग के इस बयान से यह साफ हो गया है कि आम आदमी पार्टी दलित समाज के साथ खड़ी है और उन्हें आगे बढ़ने के भरपूर मौके दे रही है।वहीं भाजपा का रवैया अब भी पुराने ढर्रे पर है, जो दलित समाज को केवल वोटबैंक की तरह देखती है।

मालेगांव ब्लास्ट पर संबित पात्रा का बड़ा आरोप – कांग्रेस ने हिंदुओं को बदनाम करने की साजिश रची

2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में बम धमाका हुआ था। उस समय देश की सरकार कांग्रेस पार्टी की थी। इस ब्लास्ट की जांच महाराष्ट्र की एटीएस(आतंकवाद विरोधी दस्ता) कर रही थी। लेकिन अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। एटीएस टीम में शामिल एक अधिकारी महबूबमुजावर ने कहा है कि जांच के दौरान उन पर और पूरी टीम पर बहुत दबाव बनाया गया था। ये दबाव सरकार के बड़े लोगों और अधिकारियों की तरफसे था। उन्होंने कहा कि हमसे कहा गया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी को इस केस में फँसाओ और उन्हें गिरफ़्तार करो, ताकि भगवाआतंकवाद का माहौल बनाया जा सके। इस बयान के बाद बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश कीपात्रा ने कहा कि मालेगांव ब्लास्ट के समय कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार का मकसद था कि हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति को बदनाम किया जाए।उन्होंने कहा गांधी परिवार की ये तीव्र इच्छा थी कि सनातन और हिंदुओं पर चोट की जाए। तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस नेजानबूझकर भगवा आतंकवाद का झूठा नैरेटिव फैलाया। कोर्ट के फैसले ने कांग्रेस की साजिश की पोल खोलीपात्रा ने कहा कि कल जो कोर्ट का फैसला आया है, उसने साफ कर दिया कि पूरा केस झूठे आधार पर खड़ा किया गया था।भगवा आतंकवाद का जो झूठ फैलाया गया था, वो अब औंधे मुंह गिर गया है। हिंदुओं को अपमानित करने की जो कोशिश कांग्रेस ने की, उसका सचअब सबके सामने है। कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाबपात्रा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा – कांग्रेस का प्रिय गाना है वोटबैंक को रिझाना है, हिंदुओं पर निशाना है, सनातन को निपटाना है! उन्होंने कहाकि जब कोई आतंकवादी हमला होता है, तो कांग्रेस के नेता कहते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। लेकिन जब बात हिंदू धर्म की आती है, तो वही नेता चुप रहते हैं या उल्टा हिंदुओं पर ही आरोप लगाते हैं। गांधी परिवार की राजनीति बदले की भावना से भरी थीपात्रा ने साफ कहा कि कांग्रेस सरकार ने उस समय बदले की भावना से काम किया। गांधी परिवार के कहने पर अधिकारियों पर दबाव डाला गया किमोहन भागवत जी को फंसाया जाए। इस तरह की सोच एक बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जिसे अब जनता के सामने लाया जाना चाहिए।मालेगांव ब्लास्ट केस अब सिर्फ एक पुराने मामले की जांच नहीं रह गया है, बल्कि ये एक ऐसा मुद्दा बन गया है जिसने कांग्रेस पार्टी के असली इरादोंको सामने ला दिया है। संबित पात्रा के आरोपों से ये साफ हो गया है कि उस समय की सरकार ने राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल किया औरहिंदुओं को बदनाम करने की पूरी कोशिश की। अब जब कोर्ट ने सच को सामने लाया है, तो देश की जनता को भी ये सोचने की ज़रूरत है कि आखिरकिसने देश को गुमराह किया और किसने समाज में नफरत फैलाने का काम किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुरू किया दिल्ली को कूड़े से आज़ादी अभियान, कहा-अब अफसर गंदे और टूटे दफ्तरों में नहीं बैठेंगे, नया सचिवालय बनाया जाएगा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में गंदगी और कूड़े की समस्या को लेकर एक बड़ी पहल की शुरुआत की है। उन्होंने “दिल्ली को कूड़े सेआज़ादी” नाम का एक विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है, जो पूरे महीने यानी 1 अगस्त से 31 अगस्त तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्यदिल्ली के हर सरकारी दफ्तर, विभाग और कार्यालय को पूरी तरह साफ़ और व्यवस्थित बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को साफ रखने के लिए सबसे पहले हमें अपने सरकारी दफ्तरों की सफाई करनी होगी। इसी कड़ी में उन्होंने अपने हीविभाग महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) के दफ्तर का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि वहां कई सालों से पुरानी फाइलें, बेकारपोस्टर, टूटी कुर्सियाँ और ई-कचरा जमा था, जिसे हटाने का काम उसी दिन शुरू किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कूड़ा हटाने और पुराने सामान कानिपटान करने की जो प्रक्रिया है, उसे आसान बनाना पड़ेगा, ताकि ऐसी गंदगी फिर से इकट्ठी न हो। रेखा गुप्ता ने कहा कि उन्होंने देखा कि अफसरों कोबहुत ही खराब हालत में काम करना पड़ रहा है। छत से पानी टपक रहा है, फर्नीचर टूटा हुआ है, पंखा गिरने की हालत में है, बैठने तक की ठीकव्यवस्था नहीं है। उन्होंने दुख जताया और कहा “मैं बहुत तकलीफ में हूं। जो लोग दिल्ली की व्यवस्था सुधारने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, अगरउनके लिए बैठने की जगह भी ठीक न हो, तो फिर वो अच्छा काम कैसे कर पाएंगे? मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि जिस इमारत में उनका विभागचल रहा है, वहां साल 2021 में आग लग चुकी थी, लेकिन उसके बाद भी उसे ठीक नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि अगर हमने इन इमारतों कोनहीं सुधारा, तो क्या हम अपने अफसरों को जान जोखिम में डालने के लिए मजबूर करेंगे? रेखा गुप्ता ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने अपने लिए तो महंगे-महंगे दफ्तर बनवाए, करोड़ों रुपये खर्चकिए, लेकिन सरकारी अफसरों के दफ्तरों की हालत सुधारी नहीं गई। अगर 70 करोड़ रुपये अपने लिए खर्च किए गए, तो उसी में से 2-4 करोड़अफसरों के दफ्तरों पर भी लगा दिए जाते, तो उनकी हालत सुधर जाती। इन सब बातों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ा ऐलान किया।उन्होंने कहा अब हम दिल्ली के सभी सरकारी विभागों के लिए एक नया और बेहतर सचिवालय बनाएंगे। हम ऐसी जगह तलाश करेंगे जहां सभीविभागों को एक ही परिसर में अच्छी और साफ़ जगह मिले। अफसरों को अच्छा काम करने का माहौल मिले, ताकि वे जनता की सेवा और तेजी से करसकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नई योजना पर काम तुरंत शुरू होगा। सभी विभागों को एक ही जगह लाकर एक नया और आधुनिक सचिवालय बनायाजाएगा, जिससे सभी सरकारी कामकाज सुव्यवस्थित हो सके और लोगों को भी एक ही जगह पर सारे विभागों से काम कराने में आसानी हो। उन्होंने यहभी कहा कि सफाई अभियान सिर्फ एक शुरुआत है। जब तक अफसरों और कर्मचारियों को सही माहौल नहीं मिलेगा, तब तक सुधार पूरी तरह नहीं होसकता। इसलिए अब दिल्ली में ना सिर्फ सफाई की जाएगी, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र को सुधारा जाएगा, दफ्तरों को बेहतर बनाया जाएगा और सभीविभागों को एक नई दिशा दी जाएगी। यह कदम दिल्ली को साफ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा। जनताको उम्मीद है कि अब वाकई में काम करने का माहौल बदलेगा और राजधानी की तस्वीर भी।

आवारा कुत्तों पर सख़्ती ज़रूरी, सरकार को अब गंभीर कदम उठाने होंगे – विजय गोयल

देशभर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों से आम जनता परेशान है। खासकर बड़े शहरों में यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। इसीमुद्दे को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता विजय गोयल ने सरकार से सख्त और ठोस कार्रवाई की मांग की है। विजय गोयल ने कहा कि आए दिन सड़कों परआवारा कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की खबरें सामने आ रही हैं। बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों पर ऐसे हमलों से लोगों में डर का माहौल है। पार्कों, गलियों और कॉलोनियों में लोग बेखौफ घूम नहीं पा रहे। स्कूल जाने वाले बच्चे और सुबह-सुबह टहलने वाले बुज़ुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहेहैं।गोयल ने सरकार से मांग की है कि वह इस विषय को हल्के में न लेकर इसे एक गंभीर जनसुरक्षा का मामला माने और तुरंत कार्यवाही करे। उन्होंने कहाकि सरकार को जल्द से जल्द एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू करना चाहिए, ताकि अगर किसी क्षेत्र में आवारा कुत्तों से दिक्कत हो रही हो तो वहांके लोग तुरंत शिकायत कर सकें और प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे। विजय गोयल ने सुझाव दिया कि केवल कुत्तों की नसबंदी कराना ही काफी नहीं है।नगर निगमों और स्थानीय निकायों को नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण करना चाहिए। जिन जगहों पर कुत्तों की संख्या ज्यादा है, वहां विशेष टीमेंभेजी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल सफाई या नगर प्रशासन से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा स्वास्थ्य और सुरक्षा का संकट बनताजा रहा है। कुत्तों के हमले से घायल हुए कई लोगों को इलाज में बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है और कई बार जान का भी खतरा हो जाता है।सामाजिक जिम्मेदारी भी ज़रूरीगोयल ने यह भी कहा कि कुछ लोग इन कुत्तों को खाना देकर मानवता निभा रहे हैं, लेकिन उनकी देखरेख और नियंत्रण भी जरूरी है। आवारा जानवरोंकी देखभाल करना समाज की जिम्मेदारी है, लेकिन यह किसी और की जान को जोखिम में डालकर नहीं होना चाहिए। विजय गोयल की यह मांगआम जनता की भावनाओं से जुड़ी है। सरकार को चाहिए कि वह इस दिशा में अविलंब ठोस कदम उठाए। आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए एकस्पष्ट नीति बने, हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाए और नगर निगमों को सख्ती से निर्देश दिए जाएं कि वे इस समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। जबतक सख्त और गंभीर कदम नहीं उठाए जाते, तब तक सड़कों पर सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।

रविशंकर प्रसाद ने कहा-कांग्रेस की हिंदू आतंकवाद थ्योरी पूरी तरह धराशायी, मालेगांव ब्लास्ट मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

देश की राजनीति में एक लंबे समय से कांग्रेस पार्टी द्वारा गढ़ी गई ‘हिंदू आतंकवाद’ की थ्योरी आज पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। मालेगांव ब्लास्टकेस में अदालत का जो फैसला आया है, उसने कांग्रेस के उस पूरे षड्यंत्र पर से पर्दा हटा दिया है, जिसके तहत निर्दोष लोगों को सालों तक परेशानकिया गया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हिंदू आतंकवाद का झूठा नैरेटिव बनाकर देश की सेना, साधु-संतों औरबहुसंख्यक समाज को बदनाम करने का काम किया। यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका मकसद सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति था। कोर्ट ने कहा – किसी के खिलाफ नहीं मिला सबूतमालेगांव धमाके में आरोपित सभी लोगों को बरी कर दिया गया क्योंकि अदालत में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका। वर्षों कीजांच-पड़ताल और सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यह केस सबूतों के अभाव में टिक नहीं सका। सेना के जांबाज़ कर्नल पुरोहित पर लगाया गया झूठा आरोपकर्नल श्रीकांत पुरोहित, जो कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ते रहे हैं, उन पर मालेगांव ब्लास्ट में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया। इसआरोप के चलते उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा और उनका मान-सम्मान छीना गया। एक ऐसा वीर सैनिक, जिसने हमेशा देश के लिए कामकिया, उसे साजिश के तहत आतंकवादी बताया गया। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को प्रताड़ित किया गयासाध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर भी गंभीर आरोप लगाए गए कि बम में जिस मोटरसाइकिल का उपयोग हुआ, वह उनकी थी। उन्हें हिरासत में लेकर बुरी तरहप्रताड़ित किया गया। उन्होंने खुद कहा कि उन्हें इतना शारीरिक और मानसिक दर्द दिया गया कि अब वे ठीक से चल-फिर भी नहीं सकतीं। अदालत नेउनके खिलाफ भी कोई ठोस सबूत न मिलने पर राहत दी। रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर तीखा हमलाश्री रविशंकर प्रसाद ने कहा “हिंदू आतंकवाद को देश के ऊपर जबरन थोपने का कांग्रेस पार्टी का षड्यंत्र आज न्यायालय के फैसले से धराशायी होगया है। कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए देश के साधु-संतों और सेना के अफसरों की छवि को नुकसान पहुँचाया। यह एक शर्मनाक औरराष्ट्रविरोधी साजिश थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। राजनीति नहीं, सच्चाई की जीत हुईइस केस ने यह साफ कर दिया है कि झूठ चाहे जितनी भी कोशिश करे, वह सत्य को हमेशा के लिए दबा नहीं सकता। कांग्रेस ने अपने राजनीतिकस्वार्थ के लिए जिस ‘हिंदू आतंकवाद’ की थ्योरी को जन्म दिया, वह अब पूरी तरह से गलत साबित हो चुकी है।मालेगांव ब्लास्ट मामले में आया कोर्ट का फैसला केवल कानूनी नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसने वर्षों से चल रहे झूठे नैरेटिव को खत्मकिया। यह फैसला बताता है कि देश में न्यायपालिका स्वतंत्र है और सच की हमेशा जीत होती है।

डी-सिल्टिंग घोटाले पर आम आदमी पार्टी का बड़ा हमला — बीजेपी अफसरों की जांच की माँग

दिल्ली के मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने डी-सिल्टिंग के नाम पर बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टीऔर उनके पसंदीदा अफसरों को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दिल्ली उच्च न्यायालय और सरकार दोनों ने डी-सिल्टिंग केकार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने का स्पष्ट आदेश दिया था, फिर भी यह ऑडिट नहीं कराया गया।सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि बीजेपी के चहेते अधिकारी और पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार ने जानबूझकर ऑडिट नहीं कराया क्योंकि इस काममें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ था। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को चाहिए कि वह तत्काल इस पूरे मामले की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा(एसीबी) से निष्पक्ष जांच कराएं और नरेश कुमार से यह पूछें कि आदेश के बावजूद ऑडिट क्यों नहीं कराया गया। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि उन्होंनेबीते वर्ष ही मुख्य सचिव को पत्र लिखकर डी-सिल्टिंग के कार्यों और उसकी गुणवत्ता पर संदेह जताया था। इसके बावजूद सरकार ने चुप्पी साधे रखीऔर अब जबकि जलभराव की स्थिति गंभीर है, तब भी ऑडिट की कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने यहसवाल बीजेपी सरकार से पूछा तो दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उल्टे उनसे ही सवाल किया कि पिछली बार ऑडिट क्यों नहीं हुआ। इसपर भारद्वाज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की और सरकार से दोबारा माँग की कि वह जांच कराएं कि ऑडिट को किसने और क्यों रोका।सौरभ भारद्वाज ने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार का मामला है जिसमें सरकारी धन कादुरुपयोग हुआ है और जनता को गंदे नालों व जलभराव की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।इसके साथ ही सौरभ भारद्वाज ने एक अन्य मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतकी अर्थव्यवस्था को “मरी हुई अर्थव्यवस्था” कहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा कि अब प्रधानमंत्री और उनके समर्थक क्या कहेंगे? क्या अब भी यहकहा जाएगा कि ना कोई आया है, ना कोई घुसा है? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब सरकार को जवाब देना होगा। देश की साख और दिल्ली की व्यवस्था दोनों ही सवालों के घेरे में हैं। समय आ गया हैकि सरकार और अफसरशाही जनता के प्रति जवाबदेह बने।सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डी-सिल्टिंग के नाम पर जनता के साथ विश्वासघात हुआ है और इसकी जाँच किसी भी कीमत पर होनीचाहिए। यदि सरकार ने कुछ नहीं छुपाया है, तो वह ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करे और दोषियों को सजा दिलाए।

BJP Exposes AAP’s Decade of Desilting Corruption, Demands Full Accountability

Dellhi Latest News: The way the BJP government has effectively controlled the problem of waterlogging and ensured swift drainage, and as the public is now demanding answers for Arvind Kejriwal’s failure last year, it has left Saurabh Bharadwaj rattled.Saurabh Bharadwaj should tell the people of Delhi why, since 2015, his government has engaged in so […]