Skip to main content

NEWS अब तक

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री कपिल मिश्रा ने शास्त्री पार्क में किया कांवड़ियों का भव्य स्वागत

दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित श्याम गिरी बाबा मंदिर कांवड़ कैंप में एक विशेष आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और मंत्री श्रीकपिल मिश्रा ने कांवड़ लेकर आए श्रद्धालुओं का स्नेह और सम्मान के साथ स्वागत किया। इस मौके पर भक्ति, सेवा और श्रद्धा का एक अद्भुत दृश्यदेखने को मिला। फूलों की वर्षा से हुआ स्वागतमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री कपिल मिश्रा ने कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की। जैसे ही कांवड़िए कैंप में पहुंचे, दोनों नेताओं नेखुद खड़े होकर फूल बरसाए और “हर हर महादेव” व “बोल बम” के जयकारों के साथ उनका हौसला बढ़ाया। माहौल पूरी तरह भक्ति से भरा हुआ थाऔर हर कोई इस अद्भुत स्वागत से भावुक नजर आया। महिला कांवड़ियों को मिला सम्मानइस आयोजन की एक खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री जी ने कांवड़ लाने वाली महिलाओं का तिलक कर विशेष रूप से स्वागत किया। उन्होंने कहाकि आज की महिलाएं न सिर्फ घर संभाल रही हैं, बल्कि कठिन धार्मिक यात्राओं में भी हिस्सा लेकर समाज को नई दिशा दे रही हैं। उनका तिलक करसम्मानित करना एक भावनात्मक और प्रेरणादायक पल था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संदेश–मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहाकांवड़ यात्रा हमारे देश की पुरानी और पवित्र परंपरा है। यह यात्रा सिर्फ भक्ति नहीं, बल्कि आत्मबल और संकल्प की प्रतीक भी है। हम सबका कर्तव्यहै कि इन शिवभक्तों का पूरी श्रद्धा और सेवा से स्वागत करें। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार हर साल कांवड़ियों के लिए बेहतर इंतज़ाम करनेका प्रयास करती है, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के अपनी यात्रा पूरी कर सकें। मंत्री कपिल मिश्रा ने जताई खुशीमंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि कांवड़ यात्रा में सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार और स्थानीय लोगों के सहयोग से हरसाल कांवड़ियों के लिए विशेष कैंप, भोजन, चिकित्सा और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने कहा, कांवड़िए सिर्फ श्रद्धालु नहीं, वेहमारी आस्था की शक्ति हैं। उनका सेवा करना हमारे लिए गर्व की बात है। भक्ति और सेवा का मिलनइस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए मौजूद थे। कैंप में उनके लिए भोजन, ठहरने, दवाई और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की गई थी।मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, भंडारा और सत्संग जैसे आयोजन भी चलते रहे।हर ओर से “बोल बम”, “हर हर महादेव” की गूंज सुनाई दे रही थी। लोग बेहद भावुक और खुश थे कि मुख्यमंत्री और मंत्री खुद आकर उनका स्वागतकर रहे हैं। शास्त्री पार्क का यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच की भावनात्मक जुड़ाव का प्रमाण भी है। मुख्यमंत्रीरेखा गुप्ता और मंत्री कपिल मिश्रा ने यह साबित किया कि वे जनता की आस्था और परंपराओं का पूरा सम्मान करते हैं। इस तरह के आयोजनों से नकेवल धार्मिक भावना मजबूत होती है, बल्कि सरकार के प्रति जनता का विश्वास और अपनापन भी बढ़ता है। कांवड़ियों का सम्मान कर दिल्ली सरकारने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया है।

रेलवे कुलियों की पीड़ा पर संजय सिंह की पुकार – कुलियों की हालत बद से बदतर, सरकार दे जवाब

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस वार्ता में भारतीय रेलवे में कार्यरत कुलियों की दुर्दशा पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बतायाकि उन्होंने पिछले कई सत्रों में लगातार राष्ट्रीय कूली मोर्चा की मांगों को संसद में उठाया है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई संतोषजनक उत्तरया समाधान सामने नहीं आया है। सदियों से बोझ उठाते, आज खुद बोझ बन गएसंजय सिंह ने कहा कि भारत में रेलवे कुलियों की सेवा कोई नई बात नहीं है। यह एक ऐसा वर्ग है जो सैंकड़ों वर्षों से रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों काबोझ ढोता आया है, लेकिन आज उनके दर्द को सुनने वाला कोई नहीं है। वे समाज के सबसे मेहनतकश और ईमानदार लोगों में शामिल हैं, लेकिनआज उनका काम निजी हाथों में सौंप दिया गया है। उन्हें न तो सरकारी नौकरी मिली, और न ही अब कूली का काम करने की अनुमति। लालू यादव के समय बनी थी नीतिसंजय सिंह ने कहा कि जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब उन्होंने कूलियों के हित में एक नीति बनाई थी, जिसके तहत कूलियों या उनके परिवारके किसी सदस्य को रेलवे में नौकरी देने का प्रावधान किया गया था। उस समय लगभग 22 हजार लोगों को नौकरी मिली थी। लेकिन आज भी करीब20 हजार ऐसे कूली हैं जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिला है। निजीकरण से और बढ़ी पीड़ाउन्होंने यह भी बताया कि अब कूलियों के काम को एप आधारित निजी कंपनियों को सौंप दिया गया है, जिससे उनके रोजगार पर संकट गहरा गया है।न निजी कंपनियों ने उन्हें शामिल किया, न सरकार ने कोई सहायता दी। इस कारण से कूली समाज के सामने दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल होगया है। आंदोलन में साथ देने का वादासंजय सिंह ने यह स्पष्ट किया कि वे इस बार भी संसद के आगामी सत्र में कुलियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदिकूली समाज की ओर से कोई आंदोलन किया जाता है, तो वे स्वयं उसमें शामिल होकर उनकी आवाज़ को और मजबूती देंगे। इस प्रेस वार्ता के माध्यम से संजय सिंह ने सरकार से स्पष्ट रूप से यह पूछा है कि आख़िर कूलियों के भविष्य को लेकर कोई ठोस नीति कब बनाईजाएगी। रेलवे का निजीकरण और कुलियों की उपेक्षा एक सामाजिक अन्याय है जिसे अब और अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।संजय सिंह की यह पहल एक भूले-बिसरे वर्ग को न्याय दिलाने की ईमानदार कोशिश है, जिसे हर नागरिक और नीति निर्माता को गंभीरता से लेनाचाहिए।

अंकुश नरंग ने उठाई दलित अधिकारों की आवाज़ — भाजपा का दलित विरोधी चेहरा फिर हुआ बेनक़ाब

आज दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) मुख्यालय, सिविक सेंटर स्थित अपने कार्यालय से आम आदमी पार्टी के नेता अंकुश नरंग ने एक अहम प्रेस वार्ताको संबोधित किया। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार दलित समाज के संवैधानिक अधिकारों कोकमजोर करने का प्रयास कर रही है। यह हमला सिर्फ किसी एक समिति या पार्षद पर नहीं है, बल्कि यह पूरे दलित समाज के आत्मसम्मान औरअधिकारों पर सीधा हमला है। अनुसूचित जाति समिति में 35 की जगह सिर्फ 21 सदस्य क्यों?अंकुश नरंग ने जानकारी दी कि एमसीडी में अनुसूचित जाति समाज के कल्याण और उनके अधिकारों को लागू करने के लिए एक तदर्थ समिति बनाईजाती है। नियमों के अनुसार इस समिति में 35 सदस्य होने चाहिए थे, लेकिन भाजपा ने इस नियम की अनदेखी करते हुए सिर्फ 21 सदस्यों के साथसमिति का गठन कर दिया। सबसे बड़ा अन्याय यह है कि इन 21 सदस्यों में से 14 दलित पार्षदों को जानबूझकर बाहर कर दिया गया। यह केवलएक संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह भाजपा की दलित विरोधी सोच का खुला प्रमाण है। इससे यह साफ़ होता है कि भाजपा को दलितों कीभागीदारी से डर लगता है और वह सत्ता में केवल अपने लोगों को बनाए रखना चाहती है। मेयर ने रोकी नामांकन प्रक्रिया, फिर बदली समिति की संरचनाअंकुश नरंग ने बताया कि एमसीडी में विशेष और तदर्थ समितियों के चुनाव के लिए जब नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई, तो सभी को उम्मीद थी कि यहप्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी। लेकिन जैसे ही नामांकन की अंतिम तिथि नज़दीक आई, मेयर राजा इकबाल सिंह ने बिना कोई कारण बताए इसप्रक्रिया को रोक दिया। इसके बाद भाजपा ने अपने मुताबिक समिति की संरचना को बदल दिया और अपने मनमाफिक लोगों को उसमें जगह दे दी। आम आदमी पार्टी के पार्षदों को डराकर तोड़ा गयाएमसीडी में अनुसूचित जाति के लिए कुल 42 सीटें आरक्षित हैं, जिनमें से 36 पार्षद आम आदमी पार्टी के थे। अंकुश नरंग ने आरोप लगाया किभाजपा ने डराने-धमकाने और लालच देने के जरिए आम आदमी पार्टी के कुछ दलित पार्षदों को तोड़ लिया। फिर भाजपा ने अनुसूचित जाति समितिमें 9 पार्षद अपने पक्ष के शामिल कर लिए। अब समिति में सिर्फ 7 आम आदमी पार्टी के, और 2 अन्य दलों (कांग्रेस व अन्य) के पार्षद हैं। इस तरहभाजपा ने दलितों की आवाज़ दबाने के लिए पूरी रणनीति बना ली – पहले पार्षदों को डराया, फिर समिति की संख्या कम की और फिर उसमें अपनेलोगों को बैठा दिया ताकि वे समिति के अध्यक्ष पद पर भी कब्ज़ा कर सकें। यह सिर्फ राजनीति नहीं, संविधान पर हमला हैअंकुश नरंग ने कहा कि यह पूरा मामला केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। यह संविधान में दिए गए अधिकारों पर सीधा हमला है। जब एकसमुदाय के 14 निर्वाचित प्रतिनिधियों को समिति से बाहर कर दिया जाता है, तो यह केवल सीटें कम करना नहीं, बल्कि पूरे समुदाय को पीछे धकेलनेकी कोशिश है। यह वही सोच है जो दलितों को बराबरी का दर्जा देने से कतराती है। भाजपा को सिर्फ सत्ता चाहिए, न कि सामाजिक न्यायअंकुश नरंग ने प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि भाजपा बार-बार दिखा रही है कि उसे सिर्फ सत्ता में बने रहना है। इसके लिए वह किसी भी हद तक जासकती है चाहे दलितों को बाहर करना पड़े, नियम तोड़ने पड़ें या लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कुचलना पड़े। भाजपा की सोच में सामाजिक न्याय, बराबरीऔर संवैधानिक मूल्यों की कोई जगह नहीं है। आम आदमी पार्टी लड़ाई जारी रखेगीअंकुश नरंग ने यह भी स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। वह दलित समाज के अधिकारों के लिए हर स्तर परसंघर्ष करेगी चाहे वह सड़क पर हो या अदालत में। उन्होंने कहा कि यह समय है जब पूरे देश को जागरूक होना चाहिए और समझना चाहिए कि अगरआज दलितों का हक़ छीना जा रहा है, तो कल किसी और का भी छीना जा सकता है।अंकुश नरंग की यह प्रेस वार्ता केवल एक राजनीतिक बयान नहीं था, बल्कि यह एक चेतावनी थी एक ऐसी चेतावनी जो सत्ता में बैठे लोगों को याददिलाती है कि संविधान किसी की निजी संपत्ति नहीं है। दलितों के अधिकारों की रक्षा करना सिर्फ एक दल का नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है।आज ज़रूरत है कि हम सभी मिलकर आवाज़ उठाएं, क्योंकि जब एक वर्ग के अधिकारों को छीना जाता है, तो वह पूरे लोकतंत्र को कमजोर करता है।दलितों को उनका हक़ मिले, यह सुनिश्चित करना हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है और इसी दिशा में अंकुश नरंग की यह आवाज़ एक सशक्त कदम है।

आशीष सूद ने बताया – खिलाड़ियों और छात्रों के लिए दिल्ली सरकार की दो बड़ी योजनाएं, नया भविष्य गढ़ने की ओर कदम

दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में खेल और शिक्षा के क्षेत्र में दो ऐतिहासिक योजनाओं की शुरुआत की है। इन योजनाओं काउद्देश्य है दिल्ली के छात्र-खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देना, उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और उनकी प्रतिभा को पहचान देकर उन्हें नई ऊँचाइयोंतक पहुँचाना। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता आशीष सूद ने इन योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह पहल केवल योजनाएं नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना – अब खिलाड़ियों को मिलेगा अधिक सम्मान और आर्थिक सहयोगमुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खिलाड़ियों को दी जाने वाली सहायता राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है। अब दिल्ली का प्रतिनिधित्वकरने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष ₹20 लाख तक की नगद सहायता मिलेगी। यह अब तक का सबसे बड़ा प्रोत्साहनहै, जो किसी भी राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए दिया गया है। इसके साथ ही कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्र-खिलाड़ियों के लिए भी राहतऔर समर्थन का बड़ा ऐलान किया गया है। जो छात्र राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें ₹5 लाख तक की वार्षिक सहायता दीजाएगी। यह मदद न केवल उनके खेल की दिशा में, बल्कि उनकी पढ़ाई और संपूर्ण विकास में सहायक सिद्ध होगी। इस योजना में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में विशेष प्राथमिकता दीजाएगी। सरकार ने इसके लिए एक व्यवस्थित नियमावली भी बनाई है, ताकि योग्य खिलाड़ियों को उनके भविष्य की सुरक्षा मिल सके। मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना – अब मेधावी छात्र भी होंगे तकनीकी रूप से सशक्तराष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत और डिजिटल भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए, दिल्ली सरकार ने एक और नई पहल की घोषणा की है-मुख्यमंत्रीडिजिटल शिक्षा योजना। इस योजना का उद्देश्य है कि कोई भी मेधावी छात्र केवल आर्थिक तंगी के कारण तकनीकी दुनिया से पीछे न रह जाए।योजना के अंतर्गत, कक्षा 10वीं के 1,200 प्रतिभावान छात्रों को उच्च क्षमता वाले i7 कॉन्फ़िगरेशन लैपटॉप बिल्कुल निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे। येलैपटॉप छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई, शोध कार्य, प्रोजेक्ट निर्माण और अन्य तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे। यह योजना ₹8 करोड़ की बजट राशि से चलाई जाएगी, जो यह दिखाता है कि सरकार किस हद तक छात्रों की डिजिटल ज़रूरतों को समझ रही है औरउन्हें तकनीकी संसाधनों से सशक्त बनाना चाहती है। यह योजना न केवल पढ़ाई को आसान बनाएगी, बल्कि छात्रों को प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिएतैयार भी करेगी। दो योजनाएं, एक उद्देश्य–उज्ज्वल भविष्यआशीष सूद ने इन दोनों योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार अब केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह अपने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी योजनाएं न केवल प्रेरणा देती हैं, बल्कि समाज को यहसंदेश भी देती हैं कि हर प्रतिभा की कद्र होनी चाहिए।मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना, दोनों मिलकर दिल्ली के बच्चों, छात्रों और युवाओं को वह मंच देंगे, जिसकीउन्हें ज़रूरत है। यह केवल सहायता नहीं, बल्कि विश्वास है कि हर बच्चा, हर खिलाड़ी और हर छात्र, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से आता हो, आगे बढ़सकता है।

शाहदरा में पुष्पवर्षा कर किया कांवड़ियों का स्वागत – वीरेंद्र सचदेवा, 17 स्वागत द्वारों की व्यवस्था सेवा को बताया जन आस्था और संस्कृतिका उत्सव

दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आज शाहदरा इलाके में कांवड़ यात्रा के लिए लगाए गए एक सेवा शिविर में पहुँचकर शिवभक्त कांवड़ियों का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। यह शिविर शिव कांवड़ सेवा समिति द्वारा दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर लगाया गया है। इस मौकेपर विधायक संजय गोयल, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक गाबा, निगम पार्षद पंकज लूथरा सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे।वीरेंद्र सचदेवा ने वहाँ सेवा कार्यों की निगरानी की और सभी सेवकों को यह संदेश दिया कि कांवड़ यात्रा में किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने सेवा कार्यों की सराहना की और कहा कि यह काम केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और समाज सेवाका प्रतीक है। कांवड़ यात्रा को मिली नई पहचानवीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि हर साल कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं और दिल्ली में रुकते हैं। दिल्ली सरकार को उनकी सेवा और सुरक्षा कापूरा ध्यान रखना होता है। उन्होंने कहा कि इस बार दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और हमने पहले से भी ज्यादा बेहतर प्रबंध किए हैं।भाजपा अध्यक्ष ने कहा, हमारे लिए कांवड़ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जन आस्था और संस्कृति का उत्सव है। इसलिए भाजपा पूरीश्रद्धा और समर्पण से इस यात्रा से जुड़े हर व्यक्ति की सेवा में लगी हुई है। पहली बार 17 स्वागत द्वार बनाए गएइस बार कांवड़ियों के स्वागत के लिए दिल्ली में पहली बार 17 भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं। इन स्वागत द्वारों पर भक्तों को जलपान, प्राथमिकउपचार, आराम करने की जगह और अन्य ज़रूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। यह सब इसलिए किया गया है ताकि दिल्ली में आने वाले किसी भी कांवड़ियेको कोई तकलीफ न हो और वह सुरक्षित तथा शांति से अपनी यात्रा पूरी कर सके। वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह स्वागत द्वार दिल्ली की सीमाओं परबनाए गए हैं ताकि हर आने वाला श्रद्धालु सम्मान और सेवा से स्वागत पाए। सेवा ही भाजपा की पहचानवीरेंद्र सचदेवा ने आगे कहा कि भाजपा हमेशा से ही लोगों की आस्था, परंपरा और धर्म का सम्मान करती रही है। कांवड़ यात्रा हो या कोई और धार्मिकआयोजन, भाजपा हमेशा सबसे आगे रहती है। उन्होंने कहा कि शिव भक्तों की सेवा हमारे लिए गर्व की बात है और इसे हम पूरी श्रद्धा और जिम्मेदारीसे निभा रहे हैं।शाहदरा में हुए इस भव्य कार्यक्रम ने यह दिखा दिया कि जब सरकार और समाज एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो धार्मिक यात्राएं और पर्वसुरक्षित, सुंदर और सुव्यवस्थित तरीके से मनाए जा सकते हैं। वीरेंद्र सचदेवा ने जिस तरह कांवड़ियों का स्वागत किया और सेवकों को प्रोत्साहितकिया, उससे साफ है कि भाजपा कांवड़ यात्रा को केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक महापर्व की तरह मानती है। इस आयोजन से यह संदेश भी गया किश्रद्धालुओं की सेवा करना कोई बोझ नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति को जोड़ने का सबसे सुंदर माध्यम है। भाजपा की यही सोच इसे जनता के करीबलाती है।

जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से दिया इस्तीफा

21 जुलाई 2025 भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक फैसला लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंनेअपने इस्तीफे में स्वास्थ्य संबंधी कारणों और डॉक्टरों की सलाह का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया। राष्ट्रपति को संबोधित अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देते हुए और डॉक्टरों की सलाह का पालन करते हुए वे भारत केसंविधान के अनुच्छेद 67(क) के अंतर्गत उपराष्ट्रपति पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सांसदों का किया धन्यवादअपने इस्तीफे में श्री धनखड़ ने राष्ट्रपति के साथ अपने अच्छे और सौहार्दपूर्ण संबंधों का ज़िक्र किया और उनका आभार जताया। उन्होंने लिखा मैंमहामहिम राष्ट्रपति जी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने मेरे पूरे कार्यकाल में मुझे समर्थन और मार्गदर्शन दिया। हमारे बीच जो मधुर औरप्रेरणादायक कार्य संबंध रहे, वे मेरे जीवन की पूंजी बन गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के सहयोग के लिए भी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और उनकेसमर्थन ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया। प्रधानमंत्री का सहयोग और समर्थन मेरे लिए बेहद मूल्यवान रहा है। मैंने उनसे नेतृत्व, अनुशासन और कार्य के प्रतिसमर्पण जैसे कई गुण सीखे हैं। श्री धनखड़ ने संसद के सभी सदस्यों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो सम्मान, प्रेम और विश्वास मिला, वह हमेशा उनके साथ रहेगा। कार्यकाल में मिली सीख और अनुभवअपने इस्तीफे पत्र में उपराष्ट्रपति ने लिखा कि इस पद पर रहते हुए उन्हें भारत के लोकतंत्र की गहराई को समझने का सुनहरा अवसर मिला। उन्होंने इसबात पर संतोष जताया कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने अभूतपूर्व आर्थिक और सामाजिक प्रगति की। इस कार्यकाल के दौरान भारत की जोजबरदस्त प्रगति हुई, उसका हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है। यह समय हमारे देश के इतिहास में परिवर्तनकारी रहा है और मुझे इस युग में सेवाकरने का सौभाग्य मिला। भारत के भविष्य में अटूट विश्वासअपने पत्र के अंतिम हिस्से में उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशा और विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत की उपलब्धियों पर गर्वहै और देश के निरंतर विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि को देखकर उन्हें अत्यंत खुशी हो रही है। भारत के वैश्विक स्तर पर जो योगदान औरउपलब्धियाँ बढ़ रही हैं, वह हमारे देश की शक्ति और संभावनाओं का प्रतीक है। मुझे गर्व है कि मैंने इस ऐतिहासिक समय में देश की सेवा की। जगदीप धनखड़ का यह इस्तीफा देश की राजनीति में एक भावनात्मक मोड़ लेकर आया है। उन्होंने जिस तरह से सम्मान, गरिमा और कृतज्ञता के साथपद छोड़ा है, वह आने वाले समय में एक उदाहरण के रूप में देखा जाएगा। अब देशभर में यह चर्चा शुरू हो गई है कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा, लेकिन साथ ही साथ देशवासी जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य के लिएशुभकामनाएँ भी दे रहे हैं और उनके द्वारा दिए गए योगदान को याद कर रहे हैं।

मानसून सत्र बना विजय उत्सव, पीएम मोदी ने बताया भारत का अंतरिक्ष से ऑपरेशन सिंदूर तक का पराक्रम

संसद के मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी ने कहा कि यह मानसून सत्र देश के लिए बेहद गौरवपूर्ण है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत केकदम रखने और ऑपरेशन सिंदूर में उसके पराक्रम का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि इस दशक में शांति और प्रगति देखी गई, लाल गलियारा अबहरित विकास क्षेत्र में बदल रहा है. 2014 से पहले मुद्रास्फीति दर दहाई अंक में हुआ करती थी. अब यह लगभग दो प्रतिशत है मुद्रास्फीति कम है औरविकास दर ऊंची है. प्रधानमंत्री मोदी ने बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल के सांसदों और उनकी पार्टियों के विदेश दौरे की सराहना की और कहा कि उन्होंनेसकारात्मक माहौल बनाया. एकता का संदेश देने अपीलप्रधानमंत्री मोदी ने सशस्त्र बलों के पराक्रम का बखान करते हुए सांसदों और विभिन्न राजनीतिक दलों से एकता का संदेश देने की अपील की. पीएममोदी के संबोधन की बड़ी बातें.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा’मानसून नवाचार और नव सृजन का प्रतीक है. अब तक मिली खबरों के अनुसार देश में यहमौसम बहुत अच्छा चल रहा है. कृषि के लिए लाभकारी मौसम की खबरें आ रही हैं. बारिश किसानों की अर्थव्यवस्था, देश की अर्थव्यवस्था, ग्रामीणअर्थव्यवस्था और हर परिवार की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम है. पिछले 10 वर्ष के मुकाबले इस बार का पानी भंडार तीन गुना बढ़ा है. उन्होंनेकहा ‘संसद का यह मानसून सत्र विजय उत्सव जैसा है. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत का झंडा फहराया जाना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव काक्षण है. सभी सांसद और देशवासी एक स्वर में इस उपलब्धि का गुणगान करेंगे। यह हमारे भविष्य के अभियानों के लिए प्रेरणादायी होगा।’प्रधानमंत्रीमोदी ने कहा’यह मानसून सत्र विजय उत्सव है पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति का पराक्रम देखा है. दुनिया का बढ़ा आकर्षणऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना द्वारा निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त किया गया. ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों के आकाओं के घरोंको 22 मिनट के भीतर जमींदोज कर दिया गया. दुनिया मेड इन इंडिया सैन्य शक्ति के इस नए रूप की ओर बहुत आकर्षित हुई है. इन दिनों जब भी मैंदुनिया के लोगों से मिला हूं. भारत की ओर से बनाए जा रहे मेड इन इंडिया हथियारों के प्रति दुनिया का आकर्षण बढ़ रहा है. ‘उन्होंने कहा, ‘आर्थिकक्षेत्र में जब आप सभी ने 2014 में हमें जिम्मेदारी दी थी. तब देश ‘नाजुक पांच’ के दौर से गुजर रहा था. 2014 से पहले हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में10वें नंबर पर थे. आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा, ‘आज हमारेसुरक्षा बल एक नए आत्मविश्वास और नक्सलवाद को समाप्त करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं. आज कई जिले नक्सलवाद से मुक्त हैं हमें गर्वहै कि भारतीय संविधान नक्सलवाद के विरुद्ध विजयी हो रहा है’लाल गलियारे’ ‘हरित विकास क्षेत्रों’ में बदल रहे हैं.

राज ठाकरे के बयान पर गुजरात में उबाल, कांग्रेस-आप-पाटीदार नेताओं ने की एफआईआर और राज्य में प्रतिबंध की मांग

गुजरात में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और पाटीदार नेताओं ने रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की कड़ी आलोचनाकी. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के बारे में गलत और अपमानजनक टिप्पणी की है. उन्होंने ठाकरे के गुजरात प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की. दरअसल मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवारको ठाणे जिले में एक रैली को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि जब गुजरात में बिहार से आए लोगों को मारा-पीटा गया. तब किसीने कुछ नहीं कहा लेकिन महाराष्ट्र में एक छोटी सी घटना राष्ट्रीय मुद्दा बन गई. उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल और मोरारजीदेसाई का रवैया मराठी लोगों के लिए ठीक नहीं था.बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से, मनसे कार्यकर्ता महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों से मराठी सीखने की मांग कर रहे हैं. मराठी में जवाब न देने पर उन्होंनेकुछ दुकानदारों पर हमला भी किया है. आखंड भारत का किया निर्माणराज ठाकरे के इस बयान को लेकर कांग्रेस-आप और पाटीदार नेता नाराज हैं। गुजरात कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि सरदारपटेल जैसे महान नेता के खिलाफ बयान देना सूरज के सामने धूल झोंकने जैसा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आप (ठाकरे) गुजरात की धरती परराजनीति करेंगे, तो आपको जवाब जरूर मिलेगा.वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि गुजरात के लोग राज ठाकरे की टिप्पणी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहाकि जब आपकी राजनीति काम नहीं कर रही है, तो आप ने केवल गुजराती लोगों का, बल्कि पूरे देश के नेता सरदार पटेल का भी अपमान कर रहे हैं. उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रदेश भाजपा अध्यश्र सीआर पाटिल से राज ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अपील की.आप प्रदेश अध्यक्ष गढ़वी ने यह भी कहा कि सरदार पटेल ने 565 रियासतों को एकजुट करके अखंड भारत का निर्माण किया. आने को लेकर रोक लगाने की मांगउन्होंने कहा कि जब सरदार पटेल का निधन हुआ, तब उनके खाते में सिर्फ 261 रुपये थे. फिर भी महाराष्ट्र के कुछ नेता ऐसे महान व्यक्तित्व के लिएअपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करके अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। पाटीदार नेता मनोज पनारा ने मोरबी शहर मेंपुलिस को एक अर्जी देकर राज ठाकरे पर देशद्रोह का केस चलाने और गुजरात में उनके आने पर रोक लगाने की मांग की. एक अन्य पाटीदार नेता, अल्पेश कथीरिया ने कहा कि राज ठाकरे को ऐसे राष्ट्रीय नेताओं का अपमान करने का कोई हक नहीं है. इसके अलावा, सरदार पटेल समूह के अध्यक्षलालजी पटेल और मनोज पनारा के नेतृत्व वाले पाटीदार युवा संघ ने भी राज ठाकरे के बयानों की निंदा की. पनारा ने कहा कि ठाकरे की सोच बहुतछोटी है और इसलिए उन्हें गुजरात में नहीं आने देना चाहिए. वहीं, लालजी पटेल ने आरोप लगाया कि ठाकरे हमेशा से गुजराती विरोधी रहे हैं.

गाज़ा में मदद मांग रही भीड़ पर इस्राइली गोलीबारी का आरोप, WFP और UN ने की कड़ी निंदा 80 की मौत

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने इस्राइल पर आरोप लगाया है कि उसने सोमवार को टैंक, स्नाइपर और अन्य हथियारों का उपयोग करके मदद मांगनेवाले सहायता मांगने वाले फलस्तीनियों की भीड़ पर गोलीबारी की. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे पिछले 21 महीनों के संघर्ष में सहायता मांगनेवालों के लिए सबसे खौफनाक दिनों में से एक बताया है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने रविवार को एक बयान में उत्तरी गाजा में हिंसा कीनिंदा की. फलस्तीनी लोग भोजन लाने वाले ट्रकों के काफिले तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस घटना में80 लोग मारे गए. वहीं इस्राइली सेना ने कहा कि उसने ‘तत्काल खतरे को हटाने’ के लिए चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं. सेना ने फलस्तीन कीओर से बताए गए मौत के आंकड़ों पर सवाल उठाए. डब्ल्यूएफपी आमतौर पर इस्राइल के साथ अच्छे संबंध रखती है. भीड़ पर की गोलीबारीहालांकि उसने आरोप लगाया कि इस्राइल ने भीड़ पर गोलीबारी की. यह आरोप चश्मदीदों और अन्य लोगों के उन बयानों पर आधारित है, जिसमेंउन्होंने कहा कि इस्राइल ने गोलीबारी की. भोजन और मदद पाने के दौरान हुई इस गोलीबारी से गाजा के लोगों की स्थित और भी जटिल हो गई. क्योंकि वे खाने और दूसरी सहायता के लिए बेचैन हैं. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. इस्राइल और हमास अभीभी युद्धविराम की बातचीत कर रहे हैं. लेकिन कोई बड़ा परिणाम नहीं निकला है और यह साफ नहीं है कि कोई समझौता युद्ध को हमेशा के लिए रोकपाएगा या नहीं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस युद्ध प्रभावित क्षेत्र में मारे गए फलस्तीनियों का आंकड़ा 58,800 से ज्यादा हो गया है. यह मंत्रालय हमास के लड़ाकों और आम नागरिकों में फर्क नहीं करता है. मंत्रालय का कहना है कि मारे गए लोगों में आधे से ज्यादा महिलाएं औरबच्चे हैं. हमास सरकार का हिस्सायह मंत्रालय हमास सरकार का हिस्सा है. लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इसे हताहतों के आंकड़ों का सबसे भरोसेमंद स्रोत मानते हैं. इस बीच, इस्राइल ने गाजा के उस इलाके के लोगों को भी जगह खाली करने का आदेश दिया है. जो अब तक युद्ध में ज्यादा प्रभावित नहीं था इससेसंकेत मिल रहे हैं कि यह इलाका युद्ध का नया मैदान बन सकता है और फलस्तीनियों को गाजा के छोटे-छोटे हिस्सों में सिमटना पड़ सकता है. डब्ल्यूएफपी ने खाद्य वितरण केंद्रों पर हुई हिंसा की कड़ी निंदा की है।गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय, चश्मदीदों और संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी नेबताया कि रविवार को उत्तरी गाजा में इस्राइली सैनिकों ने उस भीड़ पर गोली चलाई, जो 25 ट्रकों के काफिले से खाना लेने की कोशिश कर रही थी. ये ट्रक सबसे ज्यादा युद्ध प्रभावित इलाके में पहुंचे थे.

ढाका में वायुसेना का F-7 प्रशिक्षण विमान माइलस्टोन कॉलेज से टकराया, 19 की मौत 160 से अधिक घायल

बांग्लादेशी वायुसेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान सोमवार को कॉलेज परिसर में हादसे का शिकार हो गया. विमान कॉलेज की बिल्डिंग से जाटकराया स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 160 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. हादसे केवक्त माइलस्टोन कॉलेज में बच्चे मौजूद थे प्लेन क्रैश होने के बाद स्कूल-कॉलेज में अफरातफरी मच गई. मौके पर अग्निशमन और बचाव दलों नेपहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है. नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट के अधिकारी प्रोफेसर मोहम्मद सईदुर रहमान ने बताया कि वायुसेना का विमानमाइलस्टोन कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. जिसमें विमान के पायलट सहित कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई हजरत शाहजलालअंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी घटना की पुष्टि की है. सूचना मिलने पर बांग्लादेशी सेना के सदस्य, अग्निशमन सेवा और नागरिकसुरक्षा की आठ गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं. विमान टकराया स्कूल की इमारत सेबचाव अभियान शुरू किया. बांग्लादेश सेना के जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि वायुसेना का प्रशिक्षण विमान F-7 BGI ढाका के उत्तरा क्षेत्र केदियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज परिसर में गिर गया. अग्निशमन अधिकारी लीमा खान ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौतहो गई और चार अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण विमान ने दोपहर लगभग 1:06 बजे उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के तुरंतबाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे के बाद विमान में आग लग गई. आग बुझाने के लिए अग्निशमन दल की आठ दमकल मौके पर पहुंच गईं. माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के प्रवक्ता ने कहा कि विमान स्कूल के गेट के पास गिरा. स्कूल परिसर में जहां विमान हादसा हुआ, वहां कक्षा चल रहीथी. घायलों को एक-एक करके बाहर निकाला जा रहा है। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी सादमान रुहसिन ने बताया कि विमानस्कूल की इमारत से टकराया. अभिभावकों को पहुंचाया सुरक्षित स्थानों परसेना और अग्निशमन सेवा के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और छात्रों तथा अभिभावकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. सेना के जवान घायल छात्रों कोबाहों में बाहर लाते देखे गए. स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि जब विमान कॉलेज परिसर से टकराया, तब वह दस मंजिला कॉलेज भवन के पासखड़े थे. दोपहर एक बजे के कुछ ही देर बाद विमान बगल की तीन मंजिला स्कूल इमारत के सामने वाले हिस्से से टकरा गया. जिससे कई छात्र उसमेंफंस गए. कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी छात्रों को बचाने के लिए दौड़े. उन्होंने कहा कि मैंने एक घायल छात्र को बाहर निकाला और एक महिलाशिक्षक को जली हालत में देखा. बांग्लादेश वायुसेना का विमान F-7 BGI ढाका के उत्तरा क्षेत्र के दियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेजपरिसर में गिर गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है. जबकि करीब 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं घायलों मेंकई बच्चे बताए जा रहे हैं.