राहुल गांधी ने पटना ‘चक्का जाम’ में चुनाव आयोग पर साधा निशाना, कहा बिहार चुनाव की भी हो रही ‘चोरी’ की तैयारी”

Rahul Gandhi In Bihar: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमलाबोला है. पटना में इंडिया गठबंधन के चक्काजाम में प्रदर्शन करने पहुंचे राहुल गांधी ने अपना संबोधन दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनावको महाराष्ट्र के तरह ही चोरी करने की कोशिश की जा रही है गरीबों के हक को छीनने की साजिश रची जा रही है. लेकिन हमलोग ऐसा नहीं करने देंगे. हमलोग बिहार की जनता का भविष्य बर्बाद नहीं होने देंगे इंडिया गठबंधन बिहार की जनता के साथ खड़ा है.राहुल कहा कि लोकसभा चुनाव मेंमहाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन जीतकर आया. जबकि विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन बुरी तरह हार गया. उस समय हम लोगों ने कुछ नहीं कहालेकिन इस गंभीर विषय पर काम शुरू किया. हमने जांच की तो पता चला कि लोकसभा से ज्यादा वोटर विधानसभा चुनाव में मतदान किया. महाराष्ट्र का चुनाव किया गया था चोरीआश्चर्यजनक ढंग से एक करोड़ वोट बढ़ गए एक दिन में चार से पांच हजार वोट रजिस्टर हुए. गरीबों के वोट काटे गए जब हमने चुनाव आयोग से कहाकि आप हमें वोटर लिस्ट दीजिए, तब चुनाव आयोग ने एक शब्द नहीं कहा. हमने चुनाव आयोग से कहा कि कानून कहता है कि हमें वोटर लिस्ट दीजाए, लेकिन आज तक महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट हमें नहीं मिली. वे सच्चाई छिपाना चाहते हैं यही खेल वे बिहार में भी करना चाहते हैं. मैं बिहार कीजनता से कहता हूं कि जैसे महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया था. वैसे ही बिहार चुनाव भी चोरी करने की कोशिश की जा रही है यह गरीबों का वोटछीनने का तरीका है. उन्हें यह मालूम नहीं है कि यह बिहार है बिहार की जनता अपना हक छिनने नहीं देगी। बिहार की जनता डरने वाली नहीं है. राहुलगांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारी भाजपा और आरएसएस के एजेंट की तरह बात कर रहे हैं. वे अपनी जिम्मेदारी भूल गए हैंउनका काम संविधान की रक्षा करना है. आप यह मत भूलिए कि कानून आपके ऊपर लागू होगा. भारत के संविधान की रक्षा करना है कामकानून आपको नहीं छोड़ने वाला है आपका काम भारत के संविधान की रक्षा करना है. आपका काम बिहार की जनता के वोट की रक्षा करना है पहलेचुनाव आयुक्त को सभी पार्टियां और चीफ जस्टिस मिलकर चुनते थे लेकिन अब केवल भाजपा ही चुनाव आयुक्त को चुनती है. यही सच्चाई है बिहारकी जनता से मैं कहना चाहता हूं कि आपका वोट ही नहीं, भविष्य भी चोरी किया जा रहा है. लेकिन इंडिया गठबंधन आप सबके साथ खड़ा है। हमलोग वोट की चोरी नहीं होने देंगे. EC ने राजनीतिक आरोपों की तुलना झारखंड चुनावों से की और कहा कि अगर कोई शिकायत हो तो न्यायालय यासंवाद चैनल के जरिए समाधान करे विपक्ष नेताओं के आरोपों के बीच, चुनाव आयोग (ECI) ने उन तमाम सवालों का खंडन करते हुए कहा है किचुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और संवैधानिक हैराहुल गांधी और INDIA गठबंधन ने बिहार में लोकतांत्रिक निष्पक्षता पर यह बयान दिया है किवोटर लिस्ट के संशोधन के रास्ते से गरीब और असंगठित श्रेणियों के वोट को छीनने की कवायद चल रही है. इसके बाद जारी विरोध प्रदर्शन चक्काजाम बीच चुनावी कटुता और सार्वजनिक प्रतिक्रिया की तीव्रता को दर्शाता है.
कर्नाटक कांग्रेस में उठने लगे बगावत के सुर, सिद्धारमैया-शिवकुमार की दिल्ली यात्रा ने बढ़ाई सियासी हलचल

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की प्रस्तावित दिल्ली यात्रा और पार्टी के शीर्ष नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे औरराहुल गांधी से मुलाकात की खबरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. हालांकि दोनों नेताओं ने कहा है कि उनकी दिल्ली यात्रा आधिकारिककाम के सिलसिले में है, लेकिन इस समय पर पार्टी हाईकमान से मुलाकात को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. इसकी अहम वजह यहहै कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा और पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है.कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला इन दिनोंबंगलूरू में डेरा डाले हुए हैं और विधायकों एवं मंत्रियों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं. सुरजेवाला ने हालांकि नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा को खारिज करदिया है. लेकिन यह भी कहा कि ऐसा कोई फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र का कहना है कि कांग्रेसपार्टी नवंबर या दिसंबर तक नेतृत्व परिवर्तन की जमीन तैयार कर रही है. नाराजगी कर चुके है जाहिरहाल के दिनों में कांग्रेस के कई विधायक खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. कागवाड़ के विधायक राजू कागे ने अपने क्षेत्र में विकास न होनेकी शिकायत करते हुए इस्तीफे की धमकी दी. वहीं अलंद विधायक बीआर पाटिल ने गरीबों के लिए चलाई जा रही आवास योजना में भ्रष्टाचार केआरोप लगाए. बेलूर के विधायक गोपाल कृष्ण ने आवास मंत्री बी जमीर अहमद खान से इस्तीफे की मांग की. सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना नेसितंबर में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने की भविष्यवाणी की.मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि वे अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूराकरेंगे. इस पर उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के करीबी विधायक हुसैन ने कहा कि वे चाहते हैं कि उनके नेता शिवकुमार मुख्यमंत्री बनें. इसके जवाब मेंशिवकुमार ने न केवल खुद को पार्टी के फैसले के प्रति समर्पित बताया, बल्कि अपने ही समर्थक विधायक हुसैन को कारण बताओ नोटिस जारी करदिया. वहीं शिवकुमार और उनके भाई डीके सुरेश ने साफ किया है कि फिलहाल मुख्यमंत्री पद खाली नहीं है. शिवकुमार के बीच तीखा मुकाबला2023 के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच तीखा मुकाबला हुआ था. तब पार्टी ने समझौते केतहत सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया था. खबरें थीं कि राज्य में बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाने का फॉर्मूला तय हुआथा, जिसमें नवंबर 2025 में शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. हालांकि पार्टी ने इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। क्या कर्नाटककांग्रेस सरकार में सब ठीक है? ये सवाल फिर सामने आया है क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार दिल्ली दौरे परआ रहे हैं.सिद्धारमैया और शिवकुमार की दिल्ली यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पार्टी में अंदरूनी असंतोष और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेजहैं.दोनों नेता उनका कहना है कि यात्रा राज्य के परियोजना‑गत कार्यों (जैसे जल प्रबंधन, वित्त सहायता) से संबंधित है और इसमें कोई राजनीतिकएजेंडा नहीं है.सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार आज (9 जुलाई) रात दिल्ली जा रहे हैं जहां उनकी मुलाकात राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सेहोगी.बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष BY विजयेंद्र आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस नवंबर–दिसंबर तक नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी कर रही है और राज्य की आर्थिकस्थिति संकट में है.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण अभियान का किया शुभारंभ,37 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे एक साथ

UP Latest News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का सामना पूरी दुनिया को करना पड़ रहा है. अमेरिका जैसे देश भीइससे सुरक्षित नहीं है यह अनियोजित विकास का परिणाम है. ऐसे में हमें विकास के साथ पर्यावरण की रक्षा करनी ही होगी. पौधरोपण अभियानअपनी मां के नाम कृतज्ञता ज्ञापित करने का मौका देता है इसलिए इस अभियान को ”एक पेड़ मां के नाम” नाम दिया गया है. आज के दिन पौधरोपणकर इनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए काम करें. सीएम योगी बुधवार को सरयू किनारे रामपुर हलवारा में ”एक पेड़ मां के नाम” वृक्षारोपण महाअभियान के तहत सिटी फॉरेस्ट और किष्किंधा वन की सौगात देते हुए पौधरोपण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा किविकास के साथ पर्यावरण की रक्षा करने के लिए कई तरह की तकनीक विकसित हो चुकी है. 204 पौधे किए रोपितइससे पर्यावरण की रक्षा करते हुए विकास भी सुनिश्चित किया जा सकता है इन दोनों में संतुलन बनाना होगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों मेंउत्तर प्रदेश में 204 करोड़ पौधे रोपित किए गए हैं इनमें से 75 फ़ीसदी से ज्यादा पेड़ जीवित हैं पांच लाख एकड़ क्षेत्र में प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ा है. अबहम हीट वेव से ग्रीन वेव की ओर बढ़ रहे हैं इससे पहले सीएम योगी ने त्रिवेणी वाटिका में नीम, पीपल और बरगद के पौधे रोपित किए. पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पहले संकट मोचनहनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की. इसके बाद सीएम योगी ने श्रीरामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, आरतीकी और सीएम ने दर्शन-पूजन के उपरांत निकलते समय आमजन का अभिवादन भी स्वीकार किया. वहीं मंदिर परिसर की परिक्रमा कर राम मंदिरनिर्माण की प्रगति का जायजा लिया और राम दरबार में भी दर्शन पूजन किये. मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की. उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की. यहां से निकल कर मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के दर्शन किए. राम दरबार में किए दर्शनउन्होंने श्रीरामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की इसके साथ ही उन्होंने राम दरबार में भी दर्शन पूजन किये. इस अवसर पर उन्होंने मंदिरनिर्माण की प्रगति की जानकारी भी ली राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगतकराया।इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों नेउनका भव्य स्वागत किया. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी का जुलाई महीने में पहले अयोध्या दौरा है. इससे पहले वह 5 जून को राम दरबार के उद्घाटन केअवसर पर यहां आए थे.सूबेदारसीएम ने रामपुर हलवारा के सन्यू किनारे विकसित किष्किंधा सिटी फॉरेस्ट में नीम, पीपल, बरगद जैसे पौधे रोपे औरस्थानीय जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस अभियान में 204 करोड़ लगाए गए पौधों में 75% से अधिक जीवित हैं और यह दिखाता हैकि कैसे हीट वेव से ग्रीन वेव की ओर प्रदेश बढ़ रहा है.इस अभियान में राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री और सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में पौधा लगाएंगे. प्रत्येक जिले के वरिष्ठ अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में तैनात हैं.
AAP Slams BJP Over Gujarat Bridge Collapse, Cites “Three Decades of Corruption and Negligence”

In the wake of the tragic collapse of a bridge over the Mahisagar River in Gujarat, the Aam Aadmi Party (AAP) has launched a scathing attack on the BJP, holding its three-decade-long rule in the state responsible for the systemic corruption that continues to cost innocent lives. Expressing deep sorrow over the deaths, AAP National […]
डॉ. सैयद ज़फ़र इस्लाम का दावा-2014 में भारत को कहा गया था ‘कमज़ोर’, आज मोदी सरकार में भारत बना दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल

2014 से पहले भारत की आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर मानी जाती थी। दुनिया के बड़े अर्थशास्त्री और संगठन भारत को “कमज़ोर अर्थव्यवस्था” (फ़्रैजाइल इकॉनॉमी) कहते थे। लेकिन आज, 10 साल बाद भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ती और मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में गिना जारहा है।डॉ. सैयद ज़फ़र इस्लाम ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ शब्दों का नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाला बदलाव है। आज भारत को ‘शानदार चार’ (फैबुलस फोर) उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया है। यह हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। गरीबों को मिली असली ताक़त – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि देश का विकास सिर्फ अमीरों तक न पहुंचे, बल्किहर गरीब, हर पिछड़े वर्ग तक उसका लाभ पहुंचे।डॉ. सैयद ज़फ़र इस्लाम ने बताया – हमारी सरकार ने अब तक 27 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। ये लोग पहले ज़िंदगीकी बुनियादी ज़रूरतों के लिए भी संघर्ष करते थे, लेकिन आज उनका जीवन सम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है। विश्व बैंक ने भी मानी भारत की प्रगति – हाल ही में आई विश्व बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत आय समानता (इनकम इक्वलिटी) के मामलेमें अब दुनिया में चौथे स्थान पर है। इसका मतलब है कि भारत में अब अमीर और गरीब के बीच की खाई कम हो रही है — जो एक बहुत बड़ी बात है। जन-धन योजना ने खोले नए रास्ते – इससे पहले करोड़ों लोग ऐसे थे जिन्हें बैंक क्या होता है, ये भी नहीं पता था। आज वही लोग अपने बैंक खातों सेसरकारी योजनाओं का पैसा सीधे पा रहे हैं।55 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं। अब किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं, सरकार का पैसा सीधा खाते में आ रहा है।गरीबों को मिल रहा मुफ्त इलाज – आयुष्मान भारत योजना ने लाखों-करोड़ों गरीबों को मुफ्त इलाज का हक़ दिया है। अब कोई गरीब अस्पताल के खर्च से डरता नहीं, उसे पता है कि सरकार उसके साथ है।आत्मनिर्भर और आत्मसम्मान से भर रहा है भारत – आज भारत सिर्फ आर्थिक रूप से नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भी सम्मान पा रहा है। भारत की बात को अब दुनिया सुनती है, और मानती भी है।यह सब संभव हुआ है प्रधानमंत्री मोदी जी की मजबूत और दूरदर्शी सोच से।डॉ. सैयद ज़फ़र इस्लाम ने कहा कि,आज भारत सिर्फ तेज़ नहीं, न्यायपूर्ण और सबका साथ-सबका विकास की राह पर है। यह बदलाव आंकड़ों कानहीं, बल्कि आम जनता की ज़िंदगी में आया बदलाव है। आज भारत के पास न केवल तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, बल्कि गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को आगे ले जाने वाली सरकार है।यह नया भारत है-मजबूत, समान, और गर्व से भरा हुआ।
विदेशी कंपनी ने शेयर बाजार में की लूट, सरकार और सेबी देखती रही!सुप्रिया श्रीनेत का सवाल-क्या मोदी सरकार ने जनता के पैसे की रक्षा करने के बजाय चुप्पी साध ली ?

आज देश की कई सरकारी संस्थाएं कमजोर पड़ती जा रही हैं। उन्हीं में एक है सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड)। इसका काम है कि शेयरबाजार में गड़बड़ी न हो और आम लोगों का पैसा सुरक्षित रहे। लेकिन जेन स्ट्रीट नाम की एक अमेरिकी कंपनी ने भारत में आकर करोड़ों लोगों की गाढ़ीकमाई लूट ली-और सेबी हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। क्या किया जेन स्ट्रीट ने? – यह कंपनी भारत के डायरेक्ट इक्विटी और फ्यूचर एंड ऑप्शन बाज़ार में काम कर रही थी। यह अपनी मर्जी से बाज़ार कीदिशा तय कर रही थी — यानी किस शेयर का भाव कब कितना होगा, ये वही तय कर रहे थे। इस जानकारी का इस्तेमाल करके वह पीछे से मुनाफा कमाती थी। ऐसा करना भारत के नियमों के खिलाफ है, और इसके लिए सज़ा का प्रावधान है। सेबी की चुप्पी क्यों? फरवरी 2025 में सेबी ने केवल एक चेतावनी पत्र भेजा।मई तक कंपनी काम करती रही और फिर जाकर जुलाई 2025 में रोक लगी।तब तक कंपनी 44,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा चुकी थी।सेबी ने केवल 4,844 करोड़ रुपये जब्त किए — यानी कुल मुनाफे का दसवां हिस्सा भी नहीं। आम लोगों का नुकसान 54,000 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान आम निवेशकों को हुआ।17 जनवरी 2025 को कंपनी ने अकेले दिन में 735 करोड़ रुपये कमाए।93 प्रतिशत छोटे निवेशकों का फ्यूचर बाजार में नुकसान हुआ।राहुल गांधी और सुप्रिया श्रीनेत की चेतावनी – कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बार-बार सरकार को आगाह किया। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा – सरकार और सेबी ने आंखों पर पट्टी बांध रखी थी। जेन स्ट्रीट खुलेआम लूट मचा रही थी, और जनता के लाखों-करोड़ों रुपयेस्वाहा हो गए। अब जब सारा मुनाफा बाहर जा चुका है, तब सरकार कह रही है कि हमने कार्रवाई की! सुप्रिया श्रीनेत के सवाल जेन स्ट्रीट को भारत में घुसने की इजाजत किसने दी?उन्हें पैसा विदेश ले जाने की अनुमति किसने दी?सेबी को कार्रवाई करने में 4 साल क्यों लग गए?ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग क्या कर रहे थे?प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इस लूट की जानकारी क्यों नहीं थी?क्या जो पैसा बाहर गया है, उसे कभी वापस लाया जाएगा?सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह सिर्फ एक आर्थिक घोटाला नहीं है, यह सरकार की जवाबदेही पर बड़ा सवाल है। अगर आम लोगों का पैसा देश मेंसुरक्षित नहीं है, तो फिर सरकार और सेबी का होना ही व्यर्थ है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का अपमान-कांग्रेस की सोच पर देशभर में सवालगौरव भाटिया बोले -कांग्रेस को न दलितों की इज़्ज़त है, न आदिवासियों का सम्मान

राष्ट्रपति पद पर बैठीं देश की पहली आदिवासी महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा की गई आपत्तिजनकटिप्पणी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए कांग्रेस पार्टी कीसोच को दलित, आदिवासी और महिला विरोधी करार दिया। गौरव भाटिया ने कहा — खड़गे जी ने महामहिम राष्ट्रपति को ‘मुर्मा जी’ कहा और पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी को ‘कोविड’ कहा। क्या ये सिर्फ़बोलचूक है या कांग्रेस की गहरी नफरत का इज़हार? उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के नेताओं ने ऐसे शब्द कहे हों। अधीर रंजनचौधरी ने राष्ट्रपति को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर अपमानित किया। उदित राज ने राष्ट्रपति पर अमर्यादित टिप्पणी की। अब खड़गे जी ने राष्ट्रपति को “भू-माफिया” कह डाला — यह कहकर कि वे ज़मीन और जंगल छीनने के लिए राष्ट्रपति बनी हैं। भाटिया ने कहा कि यह सिलसिला केवल एक नेता तकसीमित नहीं है। यह कांग्रेस की पुरानी सोच है — जो यह मानती है कि अगर कोई ग़रीब, दलित या आदिवासी देश के सबसे बड़े पद पर पहुंचे, तो उसेअपमानित करना चाहिए। जब कोई महिला, वो भी आदिवासी समाज से, मेहनत करके राष्ट्रपति पद तक पहुंचती है — कांग्रेस के नेताओं को वह सहननहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व एक ही परिवार की चापलूसी में इतना लिप्त है कि उन्हें संविधान की गरिमा, महिलाओं कासम्मान और समाज के कमजोर वर्गों की प्रतिष्ठा की कोई परवाह नहीं. भाटिया ने कांग्रेस से सवाल किया-क्या मल्लिकार्जुन खड़गे देश से लिखित माफ़ी मांगेंगे? क्या राहुल गांधी इस पर चुप्पी तोड़ेंगे? या कांग्रेस अपनीआदत के अनुसार इस अपमान को भी छिपाने की कोशिश करेगी?पूरा देश कर रहा है निंदागौरव भाटिया ने कहा कि आज भारत का हर नागरिक, खासकर दलित, आदिवासी और महिलाएं, इस टिप्पणी से आहत हैं। देश के लोगों ने स्पष्ट रूपसे कांग्रेस की इस मानसिकता को नकार दिया है।जब कोई ग़रीब, आदिवासी महिला देश के सबसे ऊँचे पद तक पहुंचती है, तो वह भारत के लोकतंत्र की जीत होती है। लेकिन कांग्रेस जैसी पार्टियांउस जीत को अपमानित करके संविधान और समाज दोनों का अपमान कर रही हैं। अब समय आ गया है कि जनता ऐसे बयानों का जवाब लोकतांत्रिकतरीक़े से दे।
दुबे है कौन? मराठी विवाद में उद्धव-संजय राउत का बीजेपी पर तीखा वार, दुबे को कहा ‘लकड़बग्घा’

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता ही जा रहा है भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के हालिया बयान पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुखउद्धव ठाकरे के बाद सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उद्धव ठाकने ने विवादित टिप्पणी को लेकर निशिकांत को ‘लकड़बग्घा’ करार दिया. वहीं संजय राउत ने भी कहा, यह दुबे है कौन? मैं यहां के हिंदी भाषी नेताओं से अपील करता हूं कि वे दुबे के बयान की निंदा करें. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा पहले तो यह बताओ कि यह दुबे है कौन? मैं यहां के हिंदी भाषी नेताओं से अपील करता हूं कि वे दुबे के बयान की निंदाकरें. जब आप ऐसा करेंगे, तभी मैं मानूंगा कि आप महाराष्ट्र से हैं. संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनकी कैबिनेट की चुप्पी परसवाल उठाते हुए कहा जब एक बीजेपी सांसद मराठी लोगों के खिलाफ बयान दे रहा है, तब राज्य का मुख्यमंत्री और उसकी पूरी कैबिनेट चुप क्योंहै? यह कैसा मुख्यमंत्री है? नाम लेने का नहीं है कोई अधिकारजिसे छत्रपति शिवाजी महाराज और बालासाहेब ठाकरे का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है.शिवसेना (यूबीटी) नेता ने एकनाथ शिंदे पर तीखाहमला बोलते हुए कहा खुद को डुप्लीकेट शिवसेना का नेता मानने वाले एकनाथ शिंदे को अपनी दाढ़ी कटवा लेनी चाहिए. उन्हें इस्तीफा दे देनाचाहिए। उन्हें जाकर मोदी और शाह से पूछना चाहिए कि महाराष्ट्र में क्या हो रहा है. महाराष्ट्र में हिंदीभाषी लोगों पर कभी हमले नहीं हुए. दुबे को सहीकरना देवेंद्र फडणवीस एकनाथ शिंदे और अजीत पवार की जिम्मेदारी है.इससे पहले उद्धव ठाकरे ने निशिकांत दुबे पर टिप्पणी करते हुए कहा था किछोड़ो दुबे बिबे. ऐसे कई लकड़बग्घे हैं जो विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं हमारे यहां सब खुश हैं इनके पास ध्यान देने की जरूरत नहीं है हमारीमहाराष्ट्र की जनता सब जानती है. ठाकरे ने कहा कि ‘हम हिंदी भाषा के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन कुछ लोग मराठी लोगों की तुलना पहलगाम केआतंकवादियों से कर रहे हैं. असली मराठी विरोधी वही लोग हैं। ये लोग ना तो मराठियों का भला चाहते हैं और ना ही हिंदुओं को बचा सकते हैं येहमेशा उन लोगों के साथ खड़े रहते हैं जो मराठी समाज के साथ अन्याय करते हैं पहले जो असली भाजपा थी. गठबंधन की भाजपा हो गई है खत्मजिसने शिवसेना के साथ गठबंधन किया था अब वो भाजपा खत्म हो गई है. अब हम (विपक्षी दल) एक साथ आ गए हैं और तभी से ये लोग गुस्से मेंहैं. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी कहा यह दुबे है कौन? मैं यहां के हिंदी भाषी नेताओं से अपील करता हूं कि वे दुबे के बयान की निंदाकरें. इससे पहले उद्धव ठाकने ने विवादित टिप्पणी को लेकर निशिकांत को ‘लकड़बग्घा’ करार दिया था. उन लोगों पर निशाना साधा जो मराठीविरोधी बयान दे रहे हैं और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार की उस तुलना का विरोध किया जिसमें मराठी विरोधियों को “पहलगाम केआतंकियों” से जोड़ा गया इस बयान को उद्धव ठाकरे ने कड़ी लहजे में खारिज करते हुए दुबे को “लकड़बग्घा” और “मराठी विरोधी” कहा, साथ ही उनलोगों पर सवाल उठाया जिन्होंने “मराठी लोगों की तुलना पहलगाम के आतंकवादियों से” की.राज्य सरकार के मंत्री आशीष शेलार ने विधानसभा मेंकहा कि “मराठी व्यक्ति की काबिलियत पर सवाल न उठाएं दुबे की टिप्पणी से भाजपा दूरी बनाए.
तेजस्वी यादव का एआई वार मोदी-नीतीश को बताया “कुर्सी बचाने वाले”, बोले बिहार को सता रही है डबल इंजन सरकार

Bihar Poltics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है. अपने पिता लालूप्रसाद की तरह ही उन्होंने भी एआई इमेज का इस्तेमाल कर पीएम मोदी और सीएम नीतीश पर निशाना साधा. तेजस्वी ने इन दोनों नेताओं की तस्वीरशेयर की और लिखा कि प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी दोनों अपनी कुर्सी बचाने के लिए बिहार को बर्बाद कर रहे हैं.तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीशकुमार के हाथ में एक पंपलेट दिखाया. इसमें लिखा है कि लूट, हत्या, चोरी, डकैती और भष्ट्रचार. तेजस्वी यादव का कहना है कि नीतीश सरकार केराज में कानून व्यवस्था का हाल बेहाल है. इनके राज में खुलेआम बलात्कार, हत्या और डकैती हो रही है भ्रष्टाचार चरम पर है. बिहार को रहे है सताइतना ही नहीं तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के हाथ में एक पंपलेट दिखाया. इसमें लिखा है कि केंद्र की सत्ता बचा रहे हैं बिहार को सता रहे हैं. तेजस्वीयादव ने कहा कि केंद्र की सत्ता बचाने के लिए पीएम मोदी बिहार की जनता को सता रहे हैं. दो जुलाई राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद नेएक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला था. उन्होंने इस बार कृत्रिम मेधा (AI) का इस्तेमाल किया और पीएममोदी और सीएम नीतीश कुमार की तस्वीर बना दी। उन्होंने पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की डिलीवरी बॉय वाली तस्वीर के साथ लिखा किबिहार की गलियों में दो डिलीवरी बॉय देखे गए हैं। इनमें से एक के बैग में अच्छे दिन और दूसरे के बैग में विशेष राज्य का दर्जा है. उन्होंने तंज कसतेहुए लिखा कि 10 साल से डिलीवरी पेंडिंग है. लेकिन अब ऑर्डर कंफर्म होने की बात कह रहे हैं। लालू प्रसाद ने आगे कहा कि चुनाव के वक्त बिहारकी गलियों में झूठे वादों की फ्री डिलीवरी करने वाले जुमलेबाज अब खूब घूमेंगे. वहीं राजद ने तंज कसते हुए लिखा कि एनडीए सरकार में सड़क केबीचोंबीच पेड़ है. सड़क पर नदी बह रही है। जंक्शन के बाहर सब डूबा है. डबल इंजन की विकास है अजूबाडबल इंजन सरकार का विकास अजूबा है दो जुलाई को राजद सुप्रीमो ने लालू प्रसाद यादव ने कृत्रिम मेधा का प्रयोग कर पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला था. अब ऐसा ही उनके बेटे ने किया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दोनों दिग्गजों पर बड़ा आरोप लगाया है.लालू ने मज़ाक में कहा कि चुनाव के समय “झूठे वादों की फ्री डिलीवरी करने वाले जुमलेबाज़ खूब घूमेंगे और RJD ने डबल-इंजन(NDA) सरकार की नाकामी पर कटाक्ष किया. सड़क पर पेड़, पानी में नदी, जंक्शन डूबा” जैसी व्यंग्यात्मक टिप्पणियाँ करते हुए.उन्होंने लिखा कि“प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी दोनों अपनी कुर्सी बचाने के लिए बिहार को बर्बाद कर रहे हैं. और आरोप लगाया कि नीतीश-राज में “लूट, हत्या, चोरी, डकैती और भ्रष्टाचार” जैसा माहौल बन चुका है. जबकि मोदी पर कहा कि वे “केंद्र की सत्ता बचाने के लिए बिहार की जनता को सता रहे हैं” तेजस्वी यादव की नई चाल न केवल फोटो बल्कि वीडियो का भी इस्तेमाल डबल इंजन’ (PM […]
तेलुगु सिनेमा को बड़ा झटका गीतकार और लेखक शिव शक्ति दत्ता का 92 वर्ष की उम्र में निधन, ‘बाहुबली’ और ‘आर आर आर’ जैसे सुपरहिट गीतों के थे रचयिता

तेलुगु सिनेमा की दुनिया में एक दुखद खबर सामने आई है ऑस्कर विजेता संगीतकार एमएम कीरवानी के पिता और मशहूर गीतकार और लेखक शिवशक्ति दत्ता का सोमवार रात 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. उनकेनिधन से न सिर्फ कीरावनी का परिवार, बल्कि पूरी दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री शोक में डूब गई है. शिव शक्ति दत्ता न सिर्फ एक गीतकार थे. बल्किउन्होंने अपने अपने लेखन से तेलुगु सिनेमा को अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने ‘बाहुबली’, ‘आरआरआर’, ‘मगधीरा’, ‘राजन्ना’ और ‘श्रीरामदासु’ जैसीब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। दत्ता जी के लिखे गीतों में पौराणिकता की झलक और गहराई देखने को मिलती थी. दर्शकों की स्मृति में है बसे हुए‘साहोरे बाहुबली’, ‘रामम राघवम’, ‘ममता थल्ली’ और ‘अम्मा अवनी’ जैसे गीत आज भी दर्शकों की स्मृति में बसे हुए हैं. शिव शक्ति दत्ता का परिवारभी भारतीय सिनेमा के स्तंभों में गिना जाता है. उनके बेटे एमएम कीरावनी, भतीजे एसएस राजामौली और भाई वी विजयेंद्र प्रसाद- तीनों ही भारतीयफिल्म जगत में नामचीन हस्तियां हैं. यही नहीं उनके एक और बेटे कल्याणी मलिक भी संगीतकार हैं और भतीजी एमएम श्रीलेखा जानी-मानी गायिकाऔर संगीतकार हैं. दत्ता जी ने सिर्फ गीत लेखन ही नहीं किया बल्कि उन्होंने निर्देशन और पटकथा लेखन में भी अपनी प्रतिभा दिखाई. ‘चंद्रहास’ जैसीफिल्म का निर्देशन उन्होंने किया था. जबकि नागार्जुन की फिल्म ‘जानकी रामुडु’ की कहानी भी उन्होंने ही लिखी थी. उनके लेखन में भारतीय संस्कृति, परंपरा और भावनाओं का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है.तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीतिक गलियारों तक शोक की लहर दौड़ गई. अभिनेता और नेता पवन कल्याण ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देतेहुए लिखा, ‘श्री शिव शक्ति दत्ता जी के निधन की खबर से गहरा दुख हुआ. वे कला और साहित्य के सच्चे प्रेमी थे. उनके गीतों में संस्कृत और तेलुगुका अद्भुत समावेश देखने को मिलता है. मेरा दिल से संवेदना कीरवाणी गारू और उनके परिवार के साथ है. पवन कल्याण के अलावा भी कई सेलेब्सने उन्हें अलविदा कहा। उनके निधन पर दुख जताया. शक्ति दत्ता का हुआ निधनतेलुगु इंडस्ट्री के दिग्गज लेखक और गीतकार शिव शक्ति दत्ता का निधन हो गया है. 92 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. कोडुरी सुब्बाराव के नाम से जन्मे शिव शक्ति दत्ता का जन्म 8 अक्टूबर 1932 को आंध्रप्रदेश के कोव्वर में हुआ था. उन्होंने ‘कर्मलेश’ नाम से पेंटिंग भीकी और बाद में नाम बदलकर शिव शक्ति दत्ता रखा. ये जानकारी लोकप्रिय विकीऍप पेज पर भी उपलब्ध है आर्टस के प्रति रुझान के चलते उन्होंनेमुंबई की प्रसिद्ध सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स से डिप्लोमा किया और फिर तेलुगु सिनेमा में पंटे बिखेरे । संगीत–संस्कृति के प्रति उनके समर्पण को‘Mamathala Thalli’, ‘Raamam Raghavam’, ‘Nalla Nallani Kalla’ जैसे गीतों से जाना जाता है. कोडुरी सुब्बाराव के नाम से जन्मेशिव शक्ति दत्ता का जन्म 8 अक्टूबर 1932 को आंध्रप्रदेश के कोव्वर में हुआ था. उन्होंने ‘कर्मलेश’ नाम से पेंटिंग भी की और बाद में नाम बदलकरशिव शक्ति दत्ता रखा.