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कांवड़ यात्रा से पहले गरमाई सियासत, मांस-शराब पर बैन “नेताओं की बयानबाज़ी से बवाल”

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के मार्ग पर मांस-शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. प्रशासन के द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग परचलने वाली खाने-पीने की दुकानों के सामने दुकानदारों का नाम, दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों का नाम और दुकान का लाइसेंस लिखनाअनिवार्य कर दिया गया है. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और एआईएमआईएम नेताओं ने कांवड़ यात्रा पर विवादित टिप्पणी कर राजनीतिक माहौल गर्मकर दिया है. भाजपा ने कहा है कि विपक्ष के सभी दल एक-एक कर कांवड़ यात्रा पर आपत्तिजनक बयानबाजी कर हिंदुओं की भावनाओं का अपमानकर रहे हैं और ऐसा करके वे एक वर्ग को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी ने कहा है कि यदि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं में हिम्मत हैतो वे दूसरे धर्मों पर इसी तरह की टिप्पणी करके दिखाएं. दे दिया आतंकवाद करारभाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गुरुवार को कहा कि पहले समाजवादी पार्टी के सांसद ने कांवड़ यात्रियों को आतंकवादी बताया।इसके बाद समाजवादी पार्टी के ही नेता रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा को आतंकवादी करार दे दिया. औवैसी और दिग्विजय सिंह लगातार कांवड़ यात्रियोंके विरुद्ध बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा करके विपक्ष यही संदेश देना चाहता है कि उसे हिंदुओं की जनभावनाओं से कोई सरोकार नहीं है.विश्व हिंदूपरिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा है कि कांवड़ यात्रियों की धार्मिक भावनाओं का अपमान करने का अधिकार किसी को नहींदिया जा सकता. उन्होंने कहा कि नाम बदलकर धोखा देना किसी कीमत पर स्वीकार नहीं है. जिसे भी व्यवसाय करना है वह अपने असली नाम औरअसली पहचान से करे. नाम बदलना यह दिखाता है कि ऐसे लोग दूसरे लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना चाहते हैं. उत्तर प्रदेश औरउत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के मार्ग पर मांस-शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. प्रशासन के द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर चलने वाली खाने-पीने की दुकानों के सामने दुकानदारों का नाम, दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों का नाम और दुकान का लाइसेंस लिखना अनिवार्य कर दिया गयाहै. बिजली- पानी का कराई जा रही सुविधाएंइसके अलावा कांवड़ यात्रियों के लिए अलग लेन बनाकर उन्हें किसी दुर्घटना की चपेट में आने से रोकने की कोशिश की जा रही है. दिल्ली सरकार नेकांवड़ यात्रियों के लिए दस लाख रूपये तक की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. कांवड़ शिविरों में बिजली-पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जारही हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार कांवड़ यात्रियों की भावनाओं का पूरा खयाल रखेगी और उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी. इसवर्ष सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगा. सावन महीने की शुरुआत के साथ ही भगवान शिव की पूजा के लिए की जानेवाली कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी. इस बार कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू होकर सावन की शिवरात्रि 23 जुलाई तक चलेगी. लेकिन इसी केसाथ कुछ नेताओं की आपत्तिजनक बयानबाजी के कारण कांवड़ यात्रा के पहले ही विवाद शुरू हो गया है.

महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, अमित मालवीय का तीखा पलटवार जानें क्या है पूरा मामला

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में किसानों की दशा को लेकर केंद्र पर बेरुखी दिखाने का आरोप लगाया. जिसके बाद राहुल गांधी और अमित मालवीय में ठनगई है अमित मालवीय ने आईना दिखाते हुए राहुल गांधी से कहा कि उन्हें महाराष्ट्र में राकांपा-कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान किए गए पापों कोयाद करना चाहिए. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या को लेकर गुरुवार को मोदी सरकार पर हमला बोला. कांग्रेस नेता नेकहा कि किसान दिन-प्रतिदिन कर्ज में डूबते जा रहे हैं और सरकार किसानों की दुर्दशा के प्रति उदासीन बनी हुई है. उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट मेंसरकार पर किसानों की कर्ज माफी और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांगों की अनदेखी करने का आरोपलगाया. 767 किसानों ने कि आत्महत्याउन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र में तीन महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली है. लेकिनसरकार इस मुद्दे पर चुप है सरकार से सवाल करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है? अब ये 767 परिवार जो कभी नहीं संभलपाएंगे. एक मीडिया रिपोर्ट को साझा करते हुए उन्होंने यह भी लिखा कि किसान हर दिन कर्ज में और गहराई तक डूब रहा है. बीज महंगे हैं, खाद महंगीहै, डीजल महंगा है, लेकिन MSP की कोई गारंटी नहीं। जब वो कर्ज माफी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन जिनकेपास करोड़ों हैं? उनके लोन मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है. प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने उन पर वादे से मुकरने का भीआरोप लगाया. राहुल गांधी ने लिखा’मोदी जी ने कहा था. किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे लेकिन आज हाल ये है कि अन्नदाता की जिंदगी हीआधी हो रही है। ये सिस्टम किसानों को मार रहा है और मोदी जी अपने ही पीआर का तमाशा देख रहे हैं. राहुल गांधी पर किया पलटवारवहीं भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर पलटवार किया है. उन्होंने एक्स पर एक चार्ट साझा किया. जिसमें दावा कियागया कि एनसीपी-कांग्रेस सरकार के 15 साल के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में 55,928 किसानों ने आत्महत्या की. अमित मालवीय ने कहा किमृतकों की गिनती करने की राजनीति घृणित है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोगों को आईना दिखाना भी जरूरी है। राहुल गांधी पर पलटवार करते हुएअमित मालवीय ने कहा कि अपना मुंह खोलने से पहले राहुल गांधी को महाराष्ट्र में राकांपा-कांग्रेस सरकार द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान किए गएपापों को याद करना चाहिए. इससे पहले बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने किसानों की आत्महत्या और राज्य में सोयाबीन उत्पादकों को बकाया भुगतानन किए जाने के मुद्दों पर महाराष्ट्र विधानसभा से दो बार वॉकआउट किया था. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में दावा किया कि इस सालजनवरी से मार्च के बीच महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या की है. उन्होंने कहा कि 200 मामलों को सहायता के लिए अयोग्य घोषित किया गयाहै जबकि 194 मामलों में जांच लंबित है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल का लक्ष्य 2027 में 100% जीत, बूथ से शिखर तक मजबूत संगठन

भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की 100 फीसदीजीत सुनिश्चित करनी है.भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता है कि बूथ से लेकरप्रदेश स्तर तक पार्टी संगठन को अच्छी तरह से तैयार और अनुशासित किया जाएगा. हर कार्यकर्ता को यह एहसास दिलाना है कि वह परिवर्तन कावाहक हैय हमें 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की 100 फीसदी जीत सुनिश्चित करनी है. इसके लिए हर कार्यकर्ता की भूमिका तय होगी. उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत गौरव के लिए नहीं बल्कि पार्टी और हिमाचल के लोगों की सेवा करने के लिए आया हूं. भाजपा सुशासन, विकास औरपारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है. मैं यह सुनिश्चित करुंगा कि संगठन इन मूल्यों को बनाए रखने के लिए अथक प्रयास करे. बिंदल ने कहा कि भाजपा मेंधड़ेबाजी को जगह नहीं है. भाजपा संगठन करेंगा गंभीरता के साथ कामनेता विपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सहित सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं वकार्यकर्ताओं की शक्ति केंद्रित होकर एक दिशा में ही काम करेगी. समन्वय ही भारतीय जनता पार्टी का मूल शास्त्र है जब शक्ति केंद्रित होकर एक हीदिशा में लगती है. तो परिणाम स्पष्ट होते हैं भाजपा की सरकार बनती है और कांग्रेस हटती है. हम इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे. आने वाले नगरनिकाय चुनावों में भाजपा संगठन पूरी गंभीरता से कार्य करेगा. यह चुनाव केवल स्थानीय स्तर पर सीमित नहीं हैं बल्कि यह संगठनात्मक ताकत औररणनीति का परीक्षण भी हैं. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और नेतृत्व की संख्या और गुणवत्ता ही भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टीबनाती है यह पूंजी अब केवल गिनने की नहीं बल्कि एक दिशा में लगाने की है. ये चुनाव 2027 के विधानसभा चुनावों की राह में महत्वपूर्ण मील केपत्थर हैं. हम हर चुनाव-चाहे वह बड़ा हो या छोटा को समान गंभीरता और रणनीतिक योजना के साथ लेते हैं. भाजपा नेताओं के पास है गैलेक्सीउन्होंने कहा कि भाजपा के पास नेताओं का एक गैलेक्सी है हमारे पास अनुभवी नेता हैं ऊर्जावान कार्यकर्ता हैं और विचारधारा के प्रति निष्ठावान संगठनहै. यही कारण है कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है. भाजपा सिर्फ एक पार्टी नहीं है यह विचारधारा और प्रतिबद्धता से प्रेरितएक आंदोलन है. लाखों समर्पित कार्यकर्ता हमारे साथ जुड़े हैं. लोगों के साथ हमारा गहरा जुड़ाव है यह ताकत और जुड़ाव हमें अद्वितीय बनाता है. पार्टी में किसी भी कार्यकर्ता को उसके समर्पण के बल पर कभी भी कोई बड़ी जिम्मेवारी मिल सकती है. उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य 2027 है. इसकेलिए हमें आज से ही शक्ति संचय शुरू करना होगा हमें ऐसा संगठन तैयार करना है जो न केवल चुनाव जीते बल्कि राज्य में 2047 तक निरंतर भाजपाकी सरकार बनाए और विकसित हिमाचल बनाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़े. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का हिस्साहै। इसके लिए हर स्तर पर समन्वय, समर्पण और ऊर्जा की आवश्यकता होगी. हमें एक मजबूत, आत्मनिर्भर संगठन बनाने के लिए मिलकर काम करनाहै. हम दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

मुंबई पुलिस में 4 साल में 427 असामयिक मौतें, 25 आत्महत्याएं “देवेंद्र फडणवीस ने दिए चौंकाने वाले आंकड़े”

लंदन की मेट्रोपोलिटन पुलिस (स्कॉटलैंड यार्ड) के बाद मुंबई पुलिस को दुनिया में दूसरे नंबर की पुलिस माना जाता है. लेकिन देश की आर्थिकराजधानी में पिछले चार वर्षों में 427 पुलिसकर्मियों की असामयिक मौत होने का चौंकाने वाला सच सामने आया है. प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृह मंत्रीदेवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मुंबई में वर्ष 2022 से जून 2025 के बीच 427 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मौत हुई है. इनमें से 25 नेआत्महत्या की है. जबकि 75 पुलिसकर्मियों का हृदयाघात से निधन हुआ वहीं छह लोगों की कैंसर के कारण मौत हुई. सीएम ने विधान परिषद में दिएजवाब में कहा कि इन पुलिसकर्मियों की मौत के मामले में कोई जांच नहीं की गई. क्योंकि उनके रिश्तेदारों ने कोई संदेह नहीं जताया. सभी विभागों को दिए निर्देशउन्होंने कहा कि राज्य सरकार के 150 दिवसीय योजना कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों की अनुकंपा भर्ती से संबंधित सभी मामलों को मिशन मोड परहल किया जाएगा. इस संबंध में सभी विभागों को आदेश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में शिवसेना के सुनील शिंदे की जांच की मांग पर यहजवाब दिया है.मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में 8 घंटे की ड्यूटी का कॉन्सेप्ट लागू है. कभी-कभी त्योहारों या बंदोबस्त के दौरान पुलिसवालों को ज्यादा ड्यूटी करनीपड़ती है लेकिन पुलिस की 8 घंटे की ड्यूटी अब स्थिर हो गई है. साथ ही पुलिस को साप्ताहिक अवकाश देना शुरू कर दिया गया है. वहीं 40 वर्ष सेअधिक आयु के पुलिसकर्मियों के लिए साल में एक बार और 50 वर्ष से अधिक आयु के पुलिसकर्मियों के लिए साल में दो बार स्वास्थ्य जांचअनिवार्य किया गया है. 40 तरह की बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है इसके लिए राज्य के 270 अस्पतालों के साथ समझौता किया गयाहै. टाटा मेमोरियल और एके मेहता हॉस्पिटल के साथ कैंसर जांच शिविर आयोजित किए गए हैं. कठोर कानून बनाने पर कर रही है विचारमहाराष्ट्र सरकार ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कठोर कानून बनाने पर विचार कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मादक पदार्थ तस्करों पर महाराष्ट्रसंगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कठोर कार्रवाई करने के लिये मौजूदा कानूनों में संशोधन करेगी. यह संशोधन राज्यविधानमंडल के चल रहे मानसून सत्र में किया जाएगा. इनमें से 25 ने आत्महत्या की जबकि 75 की मौत दिल का दौरा पड़ने से और 6 की कैंसर सेहुई. विधान परिषद में शिवसेना नेता सुनील शिंदे की ओर से जांच की मांग पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी मामले में जांच नहीं कीगई क्योंकि मृतक के परिजनों ने संदेह नहीं जताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इन मामलों को गंभीरता से ले रही है और अनुकंपा नियुक्ति सेसंबंधित सभी मामलों को 150 दिवसीय योजना कार्यक्रम के तहत मिशन मोड में हल किया जाएगा.

न्यूयॉर्क के संभावित पहले दक्षिण एशियाई मेयर जोहरान ममदानी ट्रंप से भिड़े, ‘मुझे नागरिकता से नहीं’ आपके झूठ से है डर

International Rlations: न्यूयॉर्क के मेयर पद के प्रत्याशी और भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने ट्रंप की गिरफ्तारी वाली धमकी का जवाबदिया है. ममदानी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति विभाजन की आग को हवा दे रहे हैं ट्रंप उन्हें इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि वह अमेरिकियों काध्यान इस बात से हटाना चाहते हैं कि उनका प्रशासन किस तरह से कामकाजी लोगों के साथ विश्वासघात कर रहा है. सोशल मीडिया पर वायरलवीडियो में ममदानी कह रहे हैं कि वह अपना काम बंद नहीं करेंगे और रिपब्लिकन के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे. डेमोक्रेट नेता ममदानी ने न्यूयॉर्क मेंएक रैली में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे गिरफ्तार किया जाना चाहिए. मुझे निर्वासित किया जाना चाहिए मुझे नागरिकता से वंचित कियाजाना चाहिए. उन्होंने ये बातें एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जो पीढ़ियों के बाद इस शहर का पहला अप्रवासी मेयर बनने जा रहा है. दक्षिण एशियाई भी होगा मेयरएक ऐसा व्यक्ति जो इस शहर के इतिहास में पहला मुस्लिम और पहला दक्षिण एशियाई मेयर भी होगा. ऐसा इसलिए नहीं है कि मैं कौन हूं, मैं कहांसे आया हूं, मैं कैसा दिखता हूं या कैसे बोलता हूं, बल्कि इसलिए है कि वह उस बात से ध्यान भटकाना चाहते हैं जिसके लिए मैं लड़ता हूं. मैंकामकाजी लोगों के लिए लड़ता हूं. ममदानी ने कहा कि ट्रंप के लिए विभाजन की आग को हवा देना आसान है. बजाय इसके कि वे इस बात कोस्वीकार करें कि किस तरह से उन्होंने न केवल इस शहर में बल्कि पूरे देश में उन श्रमिक वर्ग के अमेरिकियों के साथ विश्वासघात किया है और किस तरहसे वे उनके साथ विश्वासघात करना जारी रखे हुए हैं. बिग ब्यूटीफुल बिल को लेकर ममदानी ने कहा कि ट्रंप कानून के बजाय उनके बारे में बात करनापसंद करेंगे. जो वास्तव में अमेरिकियों से स्वास्थ्य सेवा छीन लेगा यह कानून भूखों से भोजन छीन लेगा. यह ट्रंप प्रशासन में धन के सबसे बड़ेहस्तांतरणों में से एक को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा और इसे एक बार फिर उन्हीं अमेरिकियों के लिए करेगा जो इससे तंग आ चुके हैं. राष्ट्रपति ट्रंपने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ममदानी को बेवकूफ, वामपंथी जैसे शब्दों से संबोधित किया था और ममदानी की अमेरिकी नागरिकता पर भीसवाल उठाए थे. ममदानी जब सात साल के थे तब साल 1998 में वे अमेरिका आए थे। साल 2018 में ममदानी को अमेरिका की नागरिकता मिलीहै. वामपंथी बेवकूफ हैट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘ये आखिरकार हो ही गया, डेमोक्रेट्स ने सीमा पार कर दी है. जोहरान ममदानी एक सौ फीसदीवामपंथी बेवकूफ हैं. उन्होंने अभी डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव जीता है और वे न्यूयॉर्क के अगले मेयर बनने की राह पर हैं हमने पहले भी चरमपंथीवामपंथी देखे हैं. लेकिन ये बिल्कुल बेतुका है. ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अगर ममदानी ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ अप्रवासन विभाग कीकार्रवाई को न्यूयॉर्क में रोकने की कोशिश की तो वे ममदानी को गिरफ्तार कराएंगे. जोहरान ममदानी भारत में पैदा हुए यूगांडा के लेखक महमूदममदानी और भारतीय फिल्म निर्देशक मीरा नायर के बेटे हैं. जोहरान का जन्म यूगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ और जब वे सात साल के थे तोउनके माता-पिता उन्हें न्यूयॉर्क ले आए। साल 2018 में ममदानी को अमेरिकी नागरिकता मिली. ममदानी ने इसी साल सीरियाई मूल की महिला सेशादी की है. राजनीति में आने से पहले ममदानी ने बतौर काउंसलर काम किया। ममदानी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया कि वे शहर के एकप्रतिशत अमीरों पर टैक्स लगाएंगे. जो सालाना 10 लाख डॉलर से ज्यादा कमाते हैं और उस पैसे से मध्यम और निम्न वर्गीय लोगों को सस्ते घर औरसस्ता रहन-सहन उपलब्ध कराएंगे. न्यूयॉर्क दुनिया के सबसे महंगे शहरों में शुमार होता है.

जयशंकर की अमेरिका यात्रा सुरक्षा, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग पर बनी सहमति, वाशिंगटन डीसी में एफबीआई निदेशक काशपटेल से की मुलाकात

International Relations: विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं यहां उन्होंने वाशिंगटन डीसी में एफबीआई निदेशक काशपटेल से मुलाकात की. इस दौरान जयशंकर ने संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद का मुकाबला करने में भारत और अमेरिकाके बीच सहयोग की सराहना की. इस मुलाकात के बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर भी पोस्ट किया. एक्स पर पोस्ट में जयशंकर ने लिखाकि एफबीआई निदेशक काश से मिलकर खुशी हुई. संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद का मुकाबला करने में हमारे मजबूतसहयोग की सराहना करता हूं. तुलसी गबार्ज के साथ की बैठकइससे पहले जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के साथ भी बैठक की. इस दौरान दोनों के बीच वैश्विक स्थिति और द्विपक्षीयसहयोग पर चर्चा हुई. इसके अलावा विदेश मंत्री जयशंकर ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट से भी मुलाकात की. जहां दोनों केबीच, भारत में चल रहे ऊर्जा परिवर्तन और भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी के लिए अवसरों के बारे में बात की. बता दें कि एस जयशंकर अमेरिकीविदेश मंत्री मार्को रुबियो के निमंत्रण पर इन दिनों अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं. इस यात्रा के दौरान उन्होंने क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक(QFMM) में भाग लिया. जयशंकर ने वाशिंगटन में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक (क्यूएफएफएम) के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सेमुलाकात की और सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और गतिशीलता के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी पर चर्चाकी. ये बैठकें मंगलवार को ‘क्वाड’ समूह के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन से इतर थी. आवाजाही जैसे विषय है शामिलउन्होंने आगे बताया इस बातचीत में व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और लोगों की आवाजाही जैसे विषय शामिल थे. इनमें खासतौर पररक्षा और ऊर्जा ऐसे विषय हैं, जिन पर गहराई से चर्चा की जरूरत थी. इसलिए मेरी अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हगसेथ के साथ अलग से बैठक हुई. इसकेअलावा, मेरी ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया के साथ भी उपयोगी बातचीत हुई. हमने उन दौरों परचर्चा की जो निकट भविष्य में होने हैं और हमारे प्रधानमंत्रियों की आगामी बैठकों की तैयारी पर भी बात की. एस जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्कोरुबियो के निमंत्रण पर इन दिनों अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर है. इस यात्रा के दौरान उन्होंने क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक (QFMM) में भागलिया. जयशंकर ने वाशिंगटन में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर कई मंत्रियों से भी मुलाकात की.

दलाई लामा के उत्तराधिकारी चुनाव में चीन को फटकार, किरेन रिजिजू ने कहा निर्णय केवल दलाई लामा और स्थापित संस्था का अधिकार

दलाई लामा के उत्ताराधिकारी के चुनाव को लेकर विवाद के बीच अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने चीन को फटकार लगाई है. रिजिजू नेगुरुवार को साफ शब्दों में कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चुनने का निर्णय स्थापित संस्था और दलाई लामा ही लेंगे. इसमें किसी अन्य कीकोई भूमिका नहीं होगी. तिब्बत के सर्वोच्च धमर्गुरु 14वें दलाई लामा ने जब से अपने उत्तराधिकारी को चुनने का एलान किया है. तब से चीन इसचुनाव में हस्तक्षेप करना चाहता है चीन का कहना है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को बीजिंग सरकार से मंजूरी लेनी होगी. बुधवार को तिब्बतीआध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा कि दलाई लामा संस्था जारी रहेगी और केवल गादेन फोडरंग ट्रस्ट को ही उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने काअधिकार होगा. रिजिजू ने कहा कि दलाई लामा बौद्धों के लिए सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक संस्था हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनके अगले अवतार काचुनाव स्थापित परंपरा और दलाई लामा की इच्छा के अनुसार होना चाहिए. निर्णय लेने का अधिकार नहींउनके और मौजूदा परंपराओं के अलावा किसी और को इसका निर्णय लेने का अधिकार नहीं है. बौद्ध धर्म को मानने वाले रिजिजू और उनके साथीकेंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह 6 जुलाई को धर्मशाला में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. 14वेंदलाई लामा तिब्बतियों और बौद्ध धर्म की नालंदा परंपरा का पालन करने वाले सभी लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संस्था हैं.अल्पसंख्यक मामलों केमंत्री किरेन रिजिजू ने चीन को फटकार लगाते हुए कहा कि दलाई लामा के अगले उत्ताराधिकारी चुनने का अधिकार केवल स्थापित संस्था और दलाईलामा के पास ही होगा. उनके और मौजूदा परंपराओं के अलावा किसी और को इसका निर्णय लेने का अधिकार नहीं है. हालांकि बुधवार को दलाईलामा ने यह स्पष्ट किया कि दलाई लामा संस्था जारी रहेगी और केवल गादेन फोडरंग ट्रस्ट के पास उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का अधिकारहोगा. रिजिजू ने कहा, “दलाई लामा बौद्धों के लिए सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक संस्था हैं. उनके अगले अवतार का चुनाव परंपरा और उनकी इच्छाके अनुसार ही होना चाहिए. किसी और को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है. 6 जुलाई को धर्मशाला में दलाई लामा के 90वें जन्मदिनसमारोह में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और राजीव रंजन सिंह भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. दलाई लामा तिब्बतियों और नालंदा परंपरा केबौद्ध धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की तैयारी, जली हुई नोटों की बोरियों से उठा विवाद

केंद्र सरकार जल्द ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायधीश यशवंत वर्मा को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है. विपक्षी दलों ने भीसैद्धांतिक समर्थन दे दिया है वर्मा के सरकारी आवास में जली हुई नोटों की बोरियों के मिलने के बाद यह विवाद गहराया था. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कामसे अलग कर दिया है. देश की न्यायपालिका से जुड़ा बड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। केंद्र सरकार जल्द ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीशयशवंत वर्मा को हटाने के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू करने वाली है. इसके तहत संसद सदस्यों से हस्ताक्षर जुटाने का अभियान जल्द शुरू होगा. कानूनमंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को यह जानकारी दी. कानून मंत्री रिजिजू ने बताया कि फिलहाल सरकार ने यह तय नहीं किया है कि प्रस्ताव लोकसभा मेंलाया जाएगा या राज्यसभा में लोकसभा में प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं. न्यायमूर्ति को हटाने की प्रक्रियाजबकि राज्यसभा में यह संख्या 50 सांसदों की है प्रस्ताव पेश करने से पहले इसी के अनुसार हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे. संसद का मानसून सत्र 21 जुलाईसे 21 अगस्त तक चलेगा माना जा रहा है कि इसी दौरान न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. अगर प्रस्ताव पेश होता है औरउसे स्वीकार कर लिया जाता है. तो आगे की कार्रवाई न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत होगी. अधिनियम के मुताबिक प्रस्ताव स्वीकारहोने के बाद लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा सभापति एक तीन सदस्यीय समिति गठित करते हैं. इसमें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या कोईन्यायाधीश, किसी एक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता शामिल होता है. जांच करके देती है सिफारिशयह समिति जांच करके सिफारिश देती है. दरअसल मार्च में दिल्ली में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने की घटना हुई थी. इस दौरानउनके घर से जली हुई नोटों से भरी कई बोरियां बरामद हुईं हालांकि न्यायाधीश ने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की थी. इसके बावजूद सुप्रीम कोर्टद्वारा गठित समिति ने गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया. सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना नेजस्टिस वर्मा को इस्तीफा देने की सलाह दी थी. लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया इसके बाद उन्हें वापस उनके मूल न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजदिया गया. लेकिन वहां उन्हें कोई न्यायिक काम नहीं सौंपा गया. मुख्य न्यायाधीश खन्ना ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जस्टिस वर्मा कोहटाने की सिफारिश की थी. बता दें कि उच्च न्यायपालिका के सदस्यों को हटाने की यही संवैधानिक प्रक्रिया होती है. अब केंद्र सरकार ने विपक्षी दलोंसे भी समर्थन मांगा है ताकि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.

क्रिस वोक्स की DRS पर नाराज़गी कहा भारत के पक्ष में गए फैसले, खेल की दिशा सकते थे बदल

इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स ने स्वीकार किया कि दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अंपायरों के कुछ फैसले भारत के पक्ष में जाने के बाद वहनिराश हो गए थे. वोक्स अपनी शानदार लाइन और लेंथ के साथ मेजबान टीम के लिए सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए और उन्होंने पहले दिन 18 ओवर में 59 रन देकर दो विकेट लिए. उनकी गेंदबाजी पर इंग्लैंड ने दो रिव्यू लिए जिन पर तीसरे अंपायर का फैसला भारत के पक्ष में गया इस तेजगेंदबाज ने इसे निराशाजनक करार दिया. वोक्स ने बुधवार को पहले दिन खेल समाप्त होने के बाद कहा, ‘यह वास्तव में निराशाजनक था. जब आपटीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब होते हैं तो भावनाएं हावी हो जाती हैं अगर ये फैसले हमारे पक्ष में होते तो दिन पूरी तरह से अलग होतालेकिन यह टेस्ट क्रिकेट है और हम इन चीजों को आत्मसात करके आगे बढ़ते हैं.इनमें से पहला मामला सातवें ओवर में आया जब भारत का स्कोर बिनाकिसी नुकसान के 14 रन था और वोक्स ने यशस्वी जायसवाल के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील की थी. डीआरएस से चला पतादूसरा मामला 11वें ओवर में आया, जब भारत का स्कोर एक विकेट पर 21 रन था और करुण नायर भी इसी तरह के रिव्यू से बच गए। दोनों अवसरोंपर डीआरएस से पता चला कि गेंद स्टंप से टकराई थी. लेकिन यह बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला के नॉट आउट के फैसले को पलटने के लिए पर्याप्तनहीं था. वोक्स ने कहा, ‘अगर यह फैसले हमारे पक्ष में जाते तो हम उनका स्कोर तीन विकेट पर 30 रन कर सकते थे और तब स्थिति पूरी तरह से भिन्नहोती. यह फैसले हमारे पक्ष में भी जा सकते थे लेकिन हम इस खेल को इसी तरह से खेलते हैं. जायसवाल ने 87 और नायर ने 31 रन बनाए, जिसकेबाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 114 रन बनाकर पारी को संभाला और स्टंप तक अपनी टीम का स्कोर पांच विकेट पर 310 रन तकपहुंचाया. हालांकि वोक्स ने माना कि डीआरएस ने क्रिकेट में निर्णय लेने की प्रक्रिया में सामान्य सुधार किया है. लेकिन उन्होंने इसमें एक विशेषबदलाव की मांग की उन्होंने कहा, ‘निर्णय समीक्षा प्रणाली ने सामान्य तौर पर अच्छे फैसले दिए हैं लेकिन मैं केवल यही कहना चाहूंगा कि यदिबल्लेबाज गेंद को छोड़ने का निर्णय लेता है और गेंद तब भी स्टंप्स पर लग रही है. तो मुझे लगता है कि उसे आउट दिया जाना चाहिए.

भारतीय जनता पार्टी द्वारा नगर निगम कर्मचारियों के अधिकारों का हनन-आम आदमी पार्टी की सीधी माँग 12 हज़ार कर्मचारियों को तुरंत कियाजाए नियमित – अंकुश नारंग

दिल्ली नगर निगम में कार्यरत 12 हज़ार कर्मचारियों का भविष्य आज भी अधर में लटका हुआ है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन कर्मचारियों ने वर्षों तकदिल्ली की सेवा की, उन्हें आज भी पक्की नौकरी से वंचित रखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इस अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करते हुएभारतीय जनता पार्टी से माँग की है कि इन सभी 12 हज़ार कर्मचारियों को तत्काल नियमित (पक्का) किया जाए। सदन में प्रस्ताव पारित, फिर भी पक्का नहीं कर रही भाजपा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि फरवरी और मार्च महीने में ही आप की सरकार ने इन कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्तावसदन में पास कर दिया था। इतना ही नहीं, कर्मचारियों के वेतन के लिए आठ सौ करोड़ रुपये का बजट प्रावधान भी किया गया था। फिर भी भाजपाकी शासित नगर निगम ने जानबूझकर इन कर्मचारियों को पक्का नहीं किया है। यह दर्शाता है कि भाजपा की नीयत में खोट है। भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही भाजपा अंकुश नारंग ने स्पष्ट आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की कुछ दलालों से साँठगाँठ है। ये दलालकर्मचारियों से लाखों रुपये की माँग करते हैं और उन्हें पक्का करवाने का झाँसा देते हैं। ऐसे में कर्मचारी मजबूरीवश इन दलालों का शिकार बनते हैं।यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से ग्रस्त है और इसका सीधा समर्थन भाजपा के नेताओं द्वारा किया जा रहा है।पारदर्शिता के लिए सिंगल विंडो प्रणाली लागू हो – आप पार्टी की माँग है कि एमसीडी में पारदर्शिता लाने के लिए एकल खिड़की प्रणाली (सिंगलविंडो सिस्टम) लागू की जाए, जहाँ कर्मचारी सीधे आवेदन कर सकें और उन्हें किसी दलाल के पास जाने की आवश्यकता न हो। इससे भ्रष्टाचार परअंकुश लगेगा और कर्मचारियों का शोषण रुकेगा। अटेंडेंस की माँग, लेकिन रिकॉर्ड की ज़िम्मेदारी किसकी?  जब कोई कर्मचारी नियमित होने के लिए आवेदन करता है, तो अधिकारियों द्वारा उससे उपस्थिति (अटेंडेंस) की माँग की जाती है। जबकि उपस्थितिदर्ज करना और उसका रिकॉर्ड रखना नगर निगम की ज़िम्मेदारी है, न कि कर्मचारी की। कई कर्मचारी वर्षों से कार्य कर रहे हैं लेकिन उनकी उपस्थितिका रिकॉर्ड निगम के पास सुरक्षित नहीं है। यदि रिकॉर्ड रूम में आग लग जाए या दस्तावेज़ ग़ायब हो जाएँ, तो कर्मचारी कैसे प्रमाण देगा? क्या यहउसकी ग़लती है?सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नहीं मिल रहे हैं लाभ – अंकुश नारंग ने बताया कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए साठ कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें न तो कोई सेवानिवृत्ति लाभ मिला, न ही नक़द रहित चिकित्सा योजना (कैशलेस मेडिकल योजना)। उन्हें केवल एक खाली लिफाफा देकर विदाई दी गई। यहअमानवीय व्यवहार भाजपा के शासन में कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है।सुप्रीम न्यायालय की दिशा-निर्देशों की भी अवहेलना – सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि यदि कोई कर्मचारी एक वर्ष में दो सौ चालीस दिनकार्य करता है, तो उसे नियमित किया जाना चाहिए। परन्तु भाजपा शासित नगर निगम इस नियम की भी अनदेखी कर रहा है। यह सीधा कानून औरन्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। नगर निगम में अराजकता का माहौल, भाजपा का कोई ठोस योजना नहीं वर्ष 1998 से लेकर आज तक कई कर्मचारी अस्थायी रूप से कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग में 1995 से 2002 के बीच की वरिष्ठता सूची बनी, लेकिनकार्यान्वयन आज तक नहीं हुआ। विभिन्न विभागों में नियुक्त कर्मचारी यह तक नहीं जानते कि उनकी स्थायी नियुक्ति किस विभाग में मानी जा रही है— स्वास्थ्य विभाग या ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग। भ्रष्टाचार पर लगाम और कर्मचारियों को अधिकार मिले अंकुश नारंग ने माँग की कि भाजपा शासित नगर निगम एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करे जिसमें कर्मचारियों को बिना किसी बाधा के पक्का कियाजाए। नगर निगम में भ्रष्टाचार फैलाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और नेताओं की मिलीभगत बंद हो। मेयर चुप क्यों? कर्मचारियों की सुध क्यों नहीं ली?  राजा इकबाल सिंह को मेयर बने दो माह से अधिक हो चुके हैं लेकिन उन्होंने न तो कभी सफ़ाई व्यवस्था पर बात की, न कूड़े के पहाड़ों पर और न हीकच्चे कर्मचारियों की स्थिति पर। क्या भाजपा सत्ता का केवल आनंद लेना चाहती है? क्या उनकी नज़रों में कर्मचारी केवल एक संख्या भर हैं? भाजपा दे जवाब-12 हज़ार कर्मचारी कब होंगे पक्के?अब भाजपा को दिल्ली की जनता और इन 12 हज़ार कर्मचारियों को जवाब देना चाहिए कि उनकी नियमित नियुक्ति कब होगी। वेतन का बजट पासहो चुका है, सदन से प्रस्ताव भी पारित हो चुका है, फिर देरी किस बात की? यह कोई दया नहीं, कर्मचारियों का अधिकार है-जो उन्हें मिलना हीचाहिए।