भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज शुरू साई सुदर्शन का डेब्यू, तीन तेज गेंदबाजों और दो ऑलराउंडरों के साथ उतरी टीम इंडिया

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत हो चुकी है. दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच लीड्स के हेडिंग्ले में खेला जा रहा है. भारत की प्लेइंग-11 को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा चल रही थी और टीम इंडिया ने इस मैच में तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरने काफैसला किया है. इतना ही नहीं ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को भी प्लेइंग-11 में जगह दी गई है. इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहलेगेंदबाजी का फैसला किया है. इंग्लैंड ने प्लेइंग-11 की घोषणा पहले ही कर दी थी. वहीं भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी कहा कि वह टॉसजीतकर पहले गेंदबाजी करना चाहते थे. गिल ने कहा कि साई सुदर्शन डेब्यू कर रहे हैं जबकि अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर की वापसी हुई है औरतीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाज खेल रहे हैं. शार्दुल ऑलराउंडर की भूमिका निभाते दिखेंगे सुदर्शन तीसरे नंबर पर और करुण छठे नंबर पर बल्लेबाजी करतेदिख सकते हैं. राहुल और यशस्वी जायसवाल भी है उतरेइस मैच में ओपनिंग के लिए केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल उतरे हैं. इन दोनों ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भी कुछमैच में ओपनिंग की थी. रोहित शर्मा के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद यशस्वी की जगह केएल ने ली है। भारत इस मैच में यशस्वी, केएल, सुदर्शन, गिल, ऋषभ पंत और करुण नायर के रूप में छह विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ उतरा है. भारत इस मैच में दो ऑलराउंडरों के साथ उतरा है रवींद्र जडेजाऔर शार्दुल ऑलराउंडर के तौर पर प्लेइंग-11 में शामिल हैं. जडेजा एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर भी हैं जबकि कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को इसमैच में मौका नहीं मिला है तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा हैं. भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साईसुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), करुण नायर, रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा. इंग्लैंड: जैक क्राउली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), क्रिस वोक्स, ब्राइडन कार्स, जोशटंग, शोएब बशीर.
इंडिगो की मदुरै जाने वाली फ्लाइट में तकनीकी खराबी, चेन्नई लौटकर सुरक्षित लैंडिंग हाल के दिनों में कई उड़ानों में आईं दिक्कतें

मदुरै जाने वाली एक निजी एयरलाइन के विमान में शुक्रवार को बीच हवा में तकनीकी खराबी आ गई. इस वजह से उसे वापस चेन्नई लौटना पड़ा. हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि करीब आधे घंटे की उड़ान के बाद इंडिगो एयरलाइंस के विमान के पायलट ने खराबी का पता लगाया औरचेन्नई वापस आने और उतरने की अनुमति मांगी. इसके बाद करीब 68 यात्रियों को लेकर जा रहा विमान बाद में सुरक्षित रूप से यहां उतरा. सभीयात्रियों को विमान से उतार लिया गया मामले पर इंडिगो की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इससे पहले बीच बुधवार को एक अन्यघटना में दिल्ली से रायपुर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-6313 के यात्री तकनीकी खराबी के कारण विमान के अंदर लगभग 40 मिनट तक फंसेरहे थे. लैंडिग के समय नहीं खुल पाया था दरवाजादरअसल लैंडिंग के बाद विमान का दरवाजा नहीं खुल पाया था दोपहर 2:20 बजे रायपुर में लैंड करने वाली इस फ्लाइट में छत्तीसगढ़ के पूर्वमुख्यमंत्री भूपेश बघेल और रायपुर की मेयर मीनल चौबे सवार थीं. इससे पहले 17 जून को केरल के कोच्चि से दिल्ली आ रही इंडिगो के विमान 6E-2706 की नागपुर में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी थी विमान को बम की धमकी मिलने के बाद एहतियातन यह कदम उठाया गया था. कोच्चिइंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएएल) ने बताया था कि मंगलवार को मस्कट से यहां पहुंचे (6E-1272) और दिल्ली के लिए रवाना हुएइंडिगो के विमान (6E-2706) को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. इंडिगो के विमान के बारे में उसके आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी मिलीथी, जो 157 यात्रियों और छह चालक दल के सदस्यों के साथ सुबह 9.31 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुआ था. इसका दिल्ली में लैंड करने का समयदोपहर 12.35 बजे था इस बीच दो घंटे 43 मिनट हवा में रहने के बाद विमान को सुबह 11.54 बजे नागपुर में उतारा गया था. विमान को सुरक्षित रुप से कराया गया लैंडइससे पहले एयरलाइन ने मंगलवार को एक बयान में कहा था कि गोवा से लखनऊ जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में प्रतिकूल मौसम की वजह सेसोमवार को बीच हवा में टर्बुलेंस का अनुभव किया गया. लेकिन चालक दल ने विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराया. एयरलाइन ने आगे कोईविवरण दिए बिना कहा कि फ्लाइट 6E 6811 लखनऊ में सुरक्षित रूप से उतरी. एयरलाइन ने कहा, ’16 जून को उत्तरी गोवा से लखनऊ जाने वालीइंडिगो की फ्लाइट 6E 6811 में पश्चिमी भारत में सक्रिय मानसून मौसम की स्थिति के कारण कुछ समय के लिए टर्बुलेंस हुआ. ऐसी स्थितियों सेनिपटने के लिए प्रशिक्षित इसके पायलट और केबिन क्रू ने ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थापित प्रोटोकॉल का पालन किया.इससे पहलेपिछले महीने दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की फ्लाइट में तृणमूल कांग्रेस सांसदों के प्रतिनिधिमंडल सहित 227 यात्री सवार थे। भारी बारिश औरओलावृष्टि की वजह से फ्लाइट भारी टर्बुलेंस का शिकार हो गई थी. इसके बाद पायलट ने श्रीनगर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आपातकाल की सूचनादी. सभी यात्री सुरक्षित रूप से विमान से उतर गए थे लेकिन विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था.
नेतन्याहू की ‘बेटे की शादी टलने’ वाली टिप्पणी से भड़के इस्राइली, युद्ध पीड़ितों ने बताया आत्ममुग्ध और असंवेदनशील

International News: इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेटे की शादी में देरी को युद्ध की ‘व्यक्तिगत कीमत’ बताया, जिससे इस्राइलीलोग नाराज हो गए हैं और उन्होंने नेतन्याहू की कड़ी आलोचना की. लोगों ने कहा कि कई लोग ऐसे हैं, जिनके घर में युद्ध की वजह से कभी शादी हीनहीं हो पाएगी. कई लोगों ने तो प्रधानमंत्री नेतन्याहू की टिप्पणी को बेतुका और आत्मकेंद्रित बता दिया. नेतन्याहू ने बीरशेवा इलाके में सोरोकाअस्पताल का दौरा किया था यह अस्पताल ईरान के मिसाइल हमले में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है. अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुएनेतन्याहू ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय जिस तरह से जर्मनी ने ब्रिटेन पर कई महीनों तक बमबारी की थी. ब्रिटेन के लोगों का हौसला हो रहा था मजबूतलेकिन उसके बावजूद ब्रिटेन के लोगों का हौसला मजबूत रहा था. वैसे ही हम भी उस दौर से गुजर रहे हैं और हमें भी अपना हौसला मजबूत रखनाहोगा. प्रधानमंत्री ने अपने बेटे की शादी को फिर से टालने का जिक्र करते हुए कहा कि ‘युद्ध में लोग मारे जा रहे हैं और हर कोई युद्ध की व्यक्तिगतकीमत चुका रहा है और हमारा परिवार भी इससे अछूता नहीं है. शादी टलने से बेटे की मंगेतर और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू बेहद दुखी हैं. पीएम नेअपनी पत्नी की तारीफ करते हुए उन्हें नायक बताया. प्रधानमंत्री नेतन्याहू की ये टिप्पणी लोगों को नाराज कर गई सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या मेंलोगों ने नेतन्याहू की आलोचना की. लोगों ने नेतन्याहू पर जनता की परेशानी पर अपनी छवि को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया. ऐसी खबरें आईंथी कि नेतन्याहू बेटे की शादी के लिए छुट्टी लेने की योजना बना रहे हैं। शादी सोमवार को होनी थी. इससे लोगों में गुस्सा बढ़ गया था विरोध कोदेखते हुए शादी को दूसरी बार टाल दिया गया. बेटे की शादी होनी थी नवंबरपहले नेतन्याहू के बेटे की शादी बीते साल नवंबर में होनी थी लेकिन उस वक्त भी युद्ध के चलते यह टल गई थी. राजनीतिक गलियारों में भी नेतन्याहूकी इस टिप्पणी के लिए आलोचना हो रही है और राजनेता, नेतन्याहू को आत्ममुग्ध बता रहे हैं. इस्राइल के एक नेता गिलाद करिव ने कहा कि मैं ऐसेकई परिवारों को जानता हूं जिन्हें शादी स्थगित करने के लिए मजबूर नहीं किया गया था. लेकिन अब वे लोग कभी भी शादी का जश्न नहीं मना पाएंगेजो कभी होने वाली थीं. उन्होंने कहा कि रात में ड्यूटी के लिए निकलने वाले डॉक्टर नायक हैं इस मुश्किल समय में हमारे बच्चों को जूम कॉल परपढ़ाने वाले शिक्षक नायक हैं.
जामा मस्जिद सर्वे बवाल की साजिश में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और कमेटी सदर जफर अली मुख्य आरोपी, पुलिस चार्जशीट में खुलासा

जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल का मुख्य साजिशकर्ता तो पुलिस ने सांसद जियाउर्रहमान बर्क और जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अलीएडवोकेट को माना है. चार्जशीट में इसका उल्लेख भी किया गया है. इसके अलावा सांसद के व्यक्तिगत सहायक अब्दुल रहमान के पिता रिजवान कीभूमिका भीड़ को एकत्र करने में सामने आई है. सांसद के कहने पर रिजवान ने ही फोन कर जामा मस्जिद के आसपास इलाके के साथ सरायतरीन सेभीड़ को सर्वे रोकने के लिए बुलाया था. यह सभी खुलासे रिजवान की सीडीआर सामने आने के बाद हुए थे. पुलिस ने चार्जशीट में लिखा है किरिजवान जामा मस्जिद में इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम भी करता है. पुलिस ने आगे की छानबीन की तो भीड़ एकत्र करने की पुष्टि हुई। जिन लोगों सेफोन पर बातचीत हुई थी. बवाल की साजिश में गए थे पाएउनकी भूमिका की जांच करने पर वह भी बवाल की साजिश में शामिल पाए गए. इन सभी 23 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीटफाइल कर दी है. इसमें कुछ गिरफ्तार किए गए हैं जबकि कुछ को धारा 35 (3) का नोटिस दिया गया है.चार्जशीट के अनुसार 24 नवंबर की सुबहसर्वे होगा. इसकी जानकारी जब जामा मस्जिद कमेटी के सदर को हुई तो उन्होंने 23 नवंबर की देर रात में ही सबसे पहले यह सूचना सांसद को दी थी. सांसद ने कहा था कि सर्वे नहीं होने देना है. भीड़ को एकत्र किया जाए और इसके बाद रिजवान के फोन पर भी कई बार सांसद ने बातचीत की. जिसमेंभीड़ को एकत्र करने और सर्वे होने से रोकने का संदेश दिया गया. इसके चलते सर्वे को रोकने के लिए बड़ी तादाद में भीड़ एकत्र हुई और बवाल कियाजफर अली पर आरोप है कि उन्होंने पूरी साजिश को सांसद के साथ मिलकर रचा और बवाल के बाद प्रेसवार्ता कर झूठे बयान दिए. अपराध के संबंध में गंभीर आरोपजो गंभीर अपराध के संबंध में दिए गए थे. अलग-अलग दौर की पूछताछ में वह कोई साक्ष्य नहीं दे सके और उन्होंने कबूल किया कि सांसद ने ही भीड़एकत्र करने के लिए कहा था. इसके बाद ही भीड़ एकत्र हुई जामा मस्जिद कमेटी सदर 23 मार्च से जेल में बंद हैं.सांसद ने 22 नवंबर को जामा मस्जिदके बाहर खड़े होकर कहा था कि मस्जिद का सर्वे गलत किया जा रहा है. यह मस्जिद थी और मस्जिद ही रहेगी इसी तरह की बयानबाजी से सांसद कीमुसीबत बढ़ी है. पुलिस ने चार्जशीट में इस बयान का जिक्र भी किया है और बवाल की जड़ इसी बयान से पनपने की बात कही है. इस बयान के बादअतिसंवेदनशील स्थिति बनी और 24 नवंबर को बवाल हो गया पुलिस इस बयान को भी सबूत के तौर पर अहम मान रही है. जिसको कोर्ट में पेशकिया जाएगा.
सीएम उमर अब्दुल्ला का विपक्ष पर वार “सत्ता में चुप थे महबूबा और सज्जाद”, अब आरक्षण पर कर रहे राजनीति

राब्ता कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद सीएम अब्दुल्ला ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन की आलोचनाकी. सीएम ने कहा कि वे आरक्षण को लेकर राजनीति कर रहे हैं उन्होंने कहा कि जब उनके पास मौका था तब उन्होंने भर्ती में आरक्षण का मुद्दा नहींउठाया. अब्दुल्ला ने सवाल उठाया और कहा जब महबूबा मुफ्ती को वोटों की जरूरत थी. तो उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों को आरक्षण के बारे मेंबात करने से भी सख्ती से मना कर दिया था जब अनंतनाग से चुनाव लड़ रही थीं और राजोरी और पुंछ से वोटों की जरूरत थी तब उन्होंने आरक्षण केबारे में बात क्यों नहीं की? जब ये सब हो रहा था. तब सज्जाद लोन पांच साल तक सरकार के करीब थे. सुरक्षा कर दी गई कमहमें हमारे सरकारी घरों से बेदखल कर दिया गया और हमारी सुरक्षा कम कर दी गई. जबकि वे सरकारी घर में बैठे थे उन्होंने तब आरक्षण के बारे मेंबात क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने छह महीने के भीतर आरक्षण रिपोर्ट पेश कर दी थी और यह पहली बार है. जब इस तरह कीप्रगति हुई है, अगर मुझे समय बर्बाद करना होता तो मैं उप-समिति को छह महीने और दे देता, तब वे क्या करते? क्या उनके पास मुझे छह महीने मेंयह रिपोर्ट पूरी करने के लिए मजबूर करने का कोई तरीका था? कैबिनेट ने उप-समिति की रिपोर्ट स्वीकार कर ली है और इसे कानून विभाग को उनकीटिप्पणियों के लिए भेज दिया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरक्षण मुद्दे पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और पीपुल्स कांफ्रेंस नेता सज्जाद लोन परराजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब ये नेता सत्ता में थे तब चुप थे, अब विपक्ष में आकर मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं.
भुवनेश्वर में पीएम मोदी का रोड शो, नई रेल लाइन से लेकर इलेक्ट्रिक बसों तक कई परियोजनाओं का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा के दौरे पर है इस दौरान उन्होंने राजधानी भुवनेश्वर में रोड शो किया. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा सरकार केएक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे. वह 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कईविकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. इन परियोजनाओं में पेयजल, सिंचाई, कृषि अवसंरचना, स्वास्थ्य अवसंरचना, ग्रामीणसड़कें और पुल, राष्ट्रीय राजमार्गों के खंड और एक नई रेलवे लाइन शामिल हैं. राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क के साथ बौध के एकीकरण के ऐतिहासिक क्षण परपीएम मोदी पहली बार जिले में रेल संपर्क बढ़ाने वाली नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे. इसके साथ ही पीएम ओडिशा विजन दस्तावेज भीजारी करेंगे। यह 2036 के ऐतिहासिक वर्षों पर आधारित है जब ओडिशा भारत के प्रथम भाषाई राज्य के रूप में 100 वर्ष पूरे करेगा तथा 2047 जबदेश स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा. राज्य की सफल महिलाओं को किया गया सम्मानितदरअसल वह राज्य की सफल महिलाओं को सम्मानित करने सहित कई अन्य पहलों का हिस्सा भी बनेंगे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में आयोजित जनसभा में पहुंचे पर लोगों का अभिवादन किया. इस दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भीमौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा सरकार के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे. वह18,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भुवनेश्वर मेंआयोजित जनसभा में शामिल हुए. कुछ ही देर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओंका उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने भुवनेश्वर में राजधानी क्षेत्र शहरी परिवहन (सीआरयूटी) प्रणाली के अंतर्गत 100 इलेक्ट्रिक बसोंको हरी झंडी दिखाई.
ED Raids in Classroom Scam Case, BJPs Virendra Sachdeva Says , Law Has Finally Caught Up With Sisodia and Jain

New Delhi, June 18-The investigation into the alleged classroom construction scam in Delhi government schools has reached a critical stage. On Tuesday, the Enforcement Directorate (ED) conducted raids at 37 locations linked to contractors and officials associated with the case, intensifying the ongoing probe.BJP Alleges Attempt to Suppress the ScamDelhi BJP President Virendra Sachdeva, in […]
ओडिशा में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में, 1700 से ज्यादा गैंगरेप महिला कांग्रेस का बड़ा हमला

ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस पार्टी की महिला इकाई ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। आजऑल इंडिया महिला कांग्रेस (AIMC) की अध्यक्ष अलका लांबा, ओडिशा की विधायक सोफिया फिरदौस और ओडिशा महिला कांग्रेस अध्यक्षमीनाक्षी बहिनीपति ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षासुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।शुभद्रा का वादा, सुरक्षा का वादा — सब झूठा साबित हुआ सोफिया फिरदौस – ओडिशा में महिलाओं का दिल रो रहा है। राज्य में रज पर्व के दौरानतीन दिनों में गैंगरेप की तीन घटनाएं हुईं। एक मामले में 10 लोगों ने एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार किया। सवाल है – क्या पुलिस नहींथी? क्या महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है?” उन्होंने बताया किराज्य में 1700 से ज्यादा गैंगरेप हो चुके हैं।, हर दिन औसतन 15 अपराध महिलाओं के खिलाफ हो रहे हैं।, एक साल में नई सरकारबनी लेकिन अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।,रेपिस्ट खुलेआम घूम रहे हैं, लॉ एंड ऑर्डर खत्म हो चुका है।, अभी तक हाउस कमेटी का गठन नहीं हुआ है।, राज्य सरकार केवल फेक नैरेटिव चलाकर पर्व मनाने में व्यस्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगाई कि दिल्ली सेओडिशा की महिलाओं की पीड़ा को सुना जाए। 28000 महिलाएं अपराध का शिकार, 36000 लापता बेटियों का जवाब दो–अलका लांबाओडिशा में पिछले 11 महीनों में 28,000 महिलाएं और बच्चियां अपराध का शिकार हुई हैं। मगर भाजपा सरकार की अदालतें बलात्कारियों कोजमानत दे रही हैं और पीड़िताएं मारी जा रही हैं उन्होंने बताया किओडिशा के शैक्षणिक संस्थान भी असुरक्षित हो चुके हैं।, नाबालिग बच्चियों तक की सुरक्षा खतरे में है।राष्ट्रपति स्वयं ओडिशा के आदिवासी समाज से आती हैं, फिर भी एक आदिवासी बेटी के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई।लांबा ने तीखा सवाल उठाया: डबल इंजन सरकार अपने राज्य पर ध्यान क्यों नहीं दे रही? क्या यही है मोदी की गारंटी? उन्होंने यह भी दावा किया कि,36000 महिलाएं लापता हैं, जिनका कोई पता नहीं है।, प्रधानमंत्री जी को अपने चुनाव प्रचार से वक्त निकालकर, राजनीति से ऊपर उठकर, इन बेटियों की आवाज सुननी चाहिए।, हमारे नेताओं पर FIR हो रहे हैं और दूसरी ओर सरकारें जश्न मना रही हैं। इन्हें शर्मआनी चाहिए।महिला कांग्रेस की मांगेंओडिशा में हाउस कमेटी का गठन किया जाए जो महिलाओं के खिलाफ अपराधों की निगरानी करे।बलात्कारियों को तुरंत गिरफ्तारी और सजा दी जाए।लापता महिलाओं और बच्चियों का डेटा सार्वजनिक किया जाए और जांच कराई जाए।राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सीधे हस्तक्षेप करें और पीड़ित परिवारों से संवाद करें।AIMC और ओडिशा महिला कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे चुप बैठने वाली नहीं हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में गर्मासकता है, विशेषकर तब जब केंद्र सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
सैनिटरी पैड की भारी किल्लत पर महिला कांग्रेस का हमला, राहुल गांधी के जन्मदिन पर 25 हजार पैड बांटेगी महिला कांग्रेस

अलका लांबा ने कहा – मोदी सरकार प्रचार में व्यस्त, महिलाएं बीमारियों का शिकार महिला कांग्रेस ने देश में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन की अध्यक्ष अलका लांबा ने मंगलवार को कहा कि देश कीकरीब 60% महिलाएं आज भी सैनिटरी पैड जैसी बुनियादी जरूरत से वंचित हैं, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्रकी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार सिर्फ खोखले प्रचार में लगी है, जमीनी हकीकत से उसका कोई लेना-देना नहीं है। अलकालांबा ने बताया कि बिहार के स्कूलों में पटना हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें नहीं लगाई गईं। 40 हजार स्कूलों में मशीनेंलगनी थीं, लेकिन अब तक सिर्फ 350 में ही लग पाई हैं। लड़कियों को सालाना 300 रुपये दिए जाने थे, लेकिन वह राशि भी उन्हें नहीं मिल रही। राहुल गांधी के जन्मदिन पर बड़ा कदम- महिला कांग्रेस ने ऐलान किया है कि 19 जून को राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर बिहार की 25 हजारमहिलाओं को सैनिटरी पैड वितरित किए जाएंगे। यह काम “प्रियदर्शिनी उड़ान प्रोजेक्ट” के तहत किया जाएगा, जिसकी शुरुआत कांग्रेस ने की है।अलका लांबा ने बताया कि इस योजना के तहत बिहार के बेगूसराय, वैशाली और दिल्ली में सैनिटरी वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इससे 50 महिलाओंको रोजगार भी मिला है।राजस्थान और बिहार में घोटाले का आरोप- अलका लांबा ने कहा कि राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार ने “उड़ान योजना” के तहत 11 से 45 सालकी 1 करोड़ 23 लाख महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए थे, लेकिन अब भाजपा सरकार के राज में इस योजना में घोटाले हो रहे हैं। उन्होंने दावाकिया कि पैड सरकार को ही वापस बेच दिए गए। भरतपुर की आंगनवाड़ियों में पूरे 2024 में केवल 810 पैड ही भेजे गए। गंभीर आंकड़े और जमीनी सच्चाईमहिला कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए: ओडिशा के मलकानगिरी और कालाहांडी में 97% महिलाएं आज भीमासिक धर्म में कपड़े का इस्तेमाल करती हैं।दिल्ली की झुग्गियों में 59% महिलाएं आर्थिक रूप से पैड नहीं खरीद सकतीं।गुजरात और मध्यप्रदेश में 14 से 17 साल की उम्र की हजारों लड़कियों ने पीरियड्स की वजह से स्कूल छोड़ दिए।देश की 98% महिलाओं में मासिक धर्म को लेकर जागरूकता की भारी कमी हैGST और महंगाई पर भी हमला- अलका लांबा ने कहा कि मोदी सरकार ने एक समय सैनिटरी पैड पर 12% जीएसटी लगाया था, जिसे देशभर केविरोध के बाद हटाना पड़ा। लेकिन आज भी इनके कच्चे माल पर भारी टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं और गरीब महिलाओं कीपहुंच से बाहर हो जाती हैं। महिला कांग्रेस ने मासिक धर्म स्वच्छता जैसे गंभीर मुद्दे को उठाकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। 19 जूनको राहुल गांधी के जन्मदिन पर किए जाने वाले सैनिटरी पैड वितरण को इस दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया जा रहा है।
दीपंकर भट्टाचार्य का दावा बिहार में महागठबंधन की जीत तय, तेजस्वी यादव ही होंगे मुख्यमंत्री चेहरा

भाकपा लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि अगर बिहार में अगला विधानसभा चुनाव महागठबंधन जीतता है. तो तेजस्वी यादव हीमुख्यमंत्री बनेंगे उन्होंने यह बात एक इंटरव्यू में कही. दीपंकर भट्टाचार्य ने बताया कि तेजस्वी यादव महागठबंधन का चेहरा हैं और जनता उन्हें हीमुख्यमंत्री के रूप में देखती है उन्होंने यह भी कहा कि भाकपा (माले) इस बार 40 से 45 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है पिछले विधानसभाचुनाव में पार्टी को 19 सीटें मिली थीं. जिनमें से उसने 12 पर जीत दर्ज की थी. जब उनसे पूछा गया कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो उन्होंनेकहा कि पिछले चुनाव में अगर भाकपा (माले) को ज्यादा सीटें मिलतीं तो महागठबंधन सरकार बना सकता था. कांग्रेस को 70 सीटें मिली थीं. लेकिनवह सिर्फ 19 पर जीती. हमें 19 सीटें मिलीं और हमने 12 पर जीत हासिल की दीपंकर ने कहा कि जहां भाकपा (माले) मजबूत है. वहां आरजेडी औरकांग्रेस को भी फायदा मिलता है. 25 जिलों में रखती है मजबूत उपस्थितिउन्होंने दावा किया कि पार्टी अब 24 से 25 जिलों में मजबूत उपस्थिति रखती है और अगर इन जगहों से चुनाव लड़ती है तो परिणाम में बदलाव लासकती है. क्या भाकपा (माले) को कांग्रेस के बराबर सीटें मिलनी चाहिए? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कांग्रेस की जमीन परपकड़ बिहार में कमजोर है लेकिन वह राष्ट्रीय पार्टी है और विपक्ष की मुख्य ताकत भी वहीं भाकपा (माले) बिहार में जमीनी संगठन के लिए जानी जातीहै. हम चाहते हैं कि महागठबंधन के सभी घटक दलों की ताकत का सही इस्तेमाल है.तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करनेको लेकर उन्होंने कहा कि तेजस्वी का चेहरा जनता के लिए पहले ही घोषित है. अब घोषित और अघोषित में फर्क नहीं रह गया है महागठबंधन कीजीत हुई तो मुख्यमंत्री तेजस्वी ही होंगे. दीपंकर भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा फिर से नीतीश कुमार ही होंगे औरकहा कि बीजेपी के लिए नीतीश एक मजबूरी हैं। अगर वो मजबूरी में नहीं होते तो बीजेपी के हाथों लोकसभा चुनाव से पहले ‘हाईजैक’ नहीं होते।प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी जन सुराज पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह अब बीजेपी की ‘बी टीम’ की तरह काम कर रहे हैं और लोगों में अबउनके लिए पहले जैसा उत्साह नहीं बचा है. बीजेपी पहले थी जातिजनगणना के खिलाफजनगणना को लेकर केंद्र सरकार की घोषणा पर उन्होंने कहा कि बीजेपी पहले तो जातिगत जनगणना के खिलाफ थी. लेकिन अब बिहार चुनाव कोदेखते हुए यह ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि बीजेपी कहती कुछ है करती कुछ और है. उन्होंने यह भी कहा कि जातिगत जनगणनाके साथ-साथ आरक्षण की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए और निजी क्षेत्र में भी आरक्षण मिलना चाहिए. वाम दलों की एकता पर उन्होंने कहा कि इसकालक्ष्य अंतिम हो सकता है. लेकिन अभी जरूरत है कि सभी वाम दलों में बेहतर तालमेल हो.