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फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारी महमूद खलील की रिहाई का आदेश, ट्रंप प्रशासन को संघीय अदालत से झटका

संघीय अदालत से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को झटका लगा है. एक संघीय जज ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह फलस्तीन समर्थकप्रदर्शनकारी और कोलंबिया के पूर्व छात्र महमूद खलील को रिहा करे. हालांकि जज ने सरकार को अपील दायर करने के लिए शुक्रवार (स्थानीयसमयानुसार) तक का समय दिया है. गौरतलब है कि महमूद खलील फलस्तीन के समर्थन में हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुए थे. जिसके बाद ट्रंप प्रशासनने उन्हें हिरासत में ले लिया था. इस मामले में न्यू जर्सी में अमेरिकी जिला जज माइकल फायरबियार्ज ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को फैसलासुनाया. इस दौरान जज ने सरकार को उसे रिहा करने का निर्देश दिया. हालांकि खलील को अभी कम से कम शुक्रवार तक जेल में रहना होगा ताकिसरकार के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का समय मिल सके. खलील के वकील रामजी कासेम ने कहा कि अदालत का फैसला महमूद केअधिकारों को मान्यता देता है. लेकिन जब तक वह अपने परिवार के पास घर नहीं लौट जाते तब तक हमें राहत नहीं मिलेगी. अब्दुल्ला ने जताई उम्मीदवहीं खलील की पत्नी और अमेरिकी नागरिग डॉ. नूर अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई है कि खलील जल्द रिहा हो जाएं ताकि वे अपने बेटे दीन के साथन्यूयॉर्क में अपना पहला फादर्स-डे मना सकें. उनका बेटा तब पैदा हुआ जब खलील लुइसियाना के जेना में संघीय हिरासत केंद्र में बंद थे. दूसरी तरफहोमलैंड सुरक्षा विभाग ने जज के फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी शुरू कर दी है. एजेंसी की प्रवक्ता ट्रिसिया मैकलॉघलिन ने कहा कि आजका फैसला अनुच्छेद II के तहत राष्ट्रपति की सांविधानिक रूप से निहित शक्तियों को कमजोर करता है. उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि उच्च न्यायालयइस मामले में हमें दोषमुक्त करेगा. 8 मार्च को खलील को संघीय आव्रजन एजेंटों ने उनके विश्वविद्यालय के अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था. यहगिरफ्तारी उन छात्रों पर कार्रवाई की शुरुआत थी जो गाजा युद्ध के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. गिरफ्तारी के बाद खलील को लुइसियाना की जेल मेंभेज दिया गया. इसके बाद खलील के वकीलों ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंनेमहमूद की हिरासत को अदालत में चुनौती दी.

ट्रंप प्रशासन की योजना, फेमा को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर राज्यों पर डाली जाएगी आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी

International News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तूफानों और आपदाओं से निपटने वाली 46 साल पुरानी संघीय एजेंसी फेडरल इमरजेंसीमैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना बना रहे हैं. कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे खासतौर पर जलवायुसे जुड़ी आपदाओं से निपटने में राज्यों पर अधिक बोझ पड़ने की संभावना है. राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ओवल ऑफिस में प्रशासन के अधिकारियोंके साथ गर्मियों में जंगल में लगने वाली आग की तैयारियों के संबंध में बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम फेमा से छुटकारा पाना चाहते हैं औरइसकी जिम्मेदारी राज्यों को देनी चाहिए.ट्रंप ने आगे कहा कि वे आपदा के समय सीधा पैसा देना चाहते हैं और FEMA जैसी एजेंसियां बीच में न हों क्रिस्टी नोएम ने बार- बार दिया संकेतहालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि पैसा राष्ट्रपति कार्यालय या फिर होमलैंड सिक्योरिटी विभाग, किसके जरिये दिया जाएगा. ट्रंप और होमलैंडसिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने बार-बार संकेत दिया है कि वे 46 साल पुरानी संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी को पूरी तरह से खत्म नहीं तोपूरी तरह से बदलना चाहते हैं हालांकि एजेंसी में सुधार के लिए दोनों दलों ने समर्थन दिया है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे पूरी तरह से खत्मकरने से महत्वपूर्ण सेवाओं और फंडिंग में कमी आएगी. ओबामा और बाइडन प्रशासन के दौरान फेमा के चीफ ऑफ स्टाफ रहे माइकल कोएन ने कहाकि अगर संघीय सरकार पीछे हट जाती है. राज्यों के लिए आगे की योजना बनाना बहुत मुश्किल हो जाएगा. वहीं शोधकर्ता सारा मैकटार्नाघन नेबताया कि अगर FEMA कम मदद करता है. तो राज्यों को बहुत ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा। कई राज्यों के पास इतनी पूंजी ही नहीं है. विशेष रूप सेदक्षिण के तूफान-प्रभावित राज्य और कुछ मिडवेस्ट इलाके ज्यादा जोखिम में हैं. फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) बड़ी आपदाओं में राज्योंकी मदद करता है. इनमें घरों को दोबारा बनाने के लिए आर्थिक सहायता देना, स्कूल, पुल और अन्य सार्वजनिक ढांचों की मरम्मत के लिए पैसा देनाऔर अन्य संघीय एजेंसियों से तालमेल बनाना शामिल है हालांकि जमीन पर काम राज्य और स्थानीय प्रशासन ही करते हैं.

इंदौर हत्याकांड में नया मोड़-आरोपी राज कुशवाहा को फंसाने का दावा, चाचा और दादी बोले निर्दोष है हमारा बेटा

Indore Murder Case: इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल राज कुशवाहा के चाचा के बयान से नया मोड़आ गया है. चाचा भूपेंद्र ने बताया कि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है राज की नौकरी से ही परिवार का भरण पोषण होता है. सोनम के पिताकी फैक्टरी में राज नौकरी करता है इन हालातों में सोनम और राज के बीच प्रेम प्रसंग कैसे हो सकता है? राज को सोनम किसी हालत में पसंद नहीं करसकती उसका इस्तेमाल किया जा सकता है इसी वजह से उसे फंसाया गया है. वहीं राज की दादी रामलली का कहना है कि उसका पौत्र निर्दोष है. वहऐसा नहीं कर सकता है उसे फंसाया गया है स्थानीय पुलिस भी गांव में राज के बारे में पूछताछ करने पहुंची थी. गाजीपुर का रहने वाला है राज कुशवाहा दरअसल इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल राज कुशवाहा का परिवार मूलरूप से फतेहपुर जिले के गाजीपुरथाने के रामपुर गांव का रहने वाला है. परिवार की माली हालत ठीक नहीं है सोनम के कथित प्रेमी राज की दादी ने पौत्र को फंसाए जाने की बात कहीहै. रामपुर गांव में राज के बाबा सूरजभान किराने की दुकान चलाते हैं। उनके दिवंगत बड़े पुत्र रामनजर सिंह उर्फ बबुआ का पुत्र राज है. दो बेटे नारेंद्रउर्फ बउवा, मुन्ना उर्फ भूपेंद्र गांव में रहते हैं. राज के पिता की ब्रेन ट्यूमर की वजह से पांच साल पहले मौत हो गई थी राज का पिता करीब 25 सालपहले इंदौर गया था. वहां फल की आढ़त में नौकरी करता था राज का बचपन गांव में बीता. करीब 10 साल पहले राज उसकी मां रुपतिया व तीनबहनें इंदौर में रहने लगी थीं. कुछ समय बाद बड़ी बहन काजल गांव में आकर पढ़ाई करने लगी. राज के ननिहाल बांदा के राजापुर में शादी समारोहथा. उसमें शामिल होने के लिए राज की मां और बहनें 20 दिन पहले गांव आईं थीं। करीब 10 दिन राजापुर व इतने ही दिन गांव में रुकने के बादइंदौर चली गई थीं घटनाक्रम की शुरुआत 23 मई से हुई.

अयोध्या में शराब की दुकानों पर भड़के अजय राय-राम के नाम पर व्यापार और झूठ की सरकार

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय ने आज दिल्ली मे प्रेस को संबोधित करते हुए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहाकि सरकार “राम के नाम पर दुकानें चलाने” में जुटी है और अयोध्या को मंदिर नगरी से शराब नगरी में बदला जा रहा है। अजय राय ने मीडिया कोसंबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या की पवित्र भूमि पर, जहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ, वहां अब मंदिरों के पास शराब की दुकानें खोली जा रहीहैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा 1 मई 2025 को 13 किलोमीटर के धार्मिक क्षेत्र में शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने काप्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन सरकार ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। राम नगरी को मय नगरी बना दिया गया अजय राय ने कहा, “यह सरकार राम के नाम पर दिखावा करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि अयोध्या में मंदिरों के करीब शराब की दुकानों का जालबिछा दिया गया है। वहां सरयू घाट, राम की पौड़ी, हनुमानगढ़ी, कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के पास भी शराब बिक रही है।” उन्होंने दावा कियाकि अयोध्या की गलियों और गांवों तक शराब की दुकानें खोल दी गई हैं, और मंदिरों की आड़ में यह कारोबार हो रहा है। सरकार आंकड़े छुपा रही है प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अजय राय ने दो वीडियो दिखाए और दावा किया कि सरकार संवेदनशील मामलों में सच्चाई छिपा रही है। उन्होंने 29 जनवरीकी घटना का हवाला देते हुए कहा कि 82 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई, लेकिन सरकार ने केवल 37 मौतों को स्वीकारा उन्होंने आरोपलगाया कि सरकार ने 19 शवों को उनके परिवारों तक पहुंचाए बिना ही लावारिस घोषित कर बनारस में जला दिया। ये सभी लोग बीजेपी औरआरएसएस के नेता के भाई की मौत के बाद भड़की हिंसा में मारे गए थे। गाजीपुर और कुंभ दोनों जगह मौतें, लेकिन सरकार चुप”- अजय राय ने गाजीपुर की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह एक मासूम बच्चा भीड़ में मारागया और उसकी रिपोर्ट दबा दी गई। इसी के साथ उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान हुई मौतों के सही आंकड़े भीसरकार ने छुपाए। उन्होंने कहा, “हज़ारों की भीड़ थी, प्रशासन तैयार नहीं था। कुंभ में कई दर्जन मौतें हुईं, लेकिन आज तक कोई आधिकारिक रिपोर्टसामने नहीं आई। यह सरकार संवेदनशील मौतों को छिपाकर अपनी छवि चमकाने में लगी है।” जनता से झूठ बोल रही सरकारअजय राय ने स्पष्ट कहा, यह सरकार केवल राम का नाम लेकर भावनाओं से खेल रही है, न आंकड़े सही हैं, न नीयत। जनता से झूठ बोला जा रहा है, और अयोध्या की पवित्रता को दागदार किया जा रहा है।” उन्होंने अंत में दोहराया कि नगर निगम की समिति ने 1 मई को प्रस्ताव पारित किया था कि13 किमी के क्षेत्र में शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगे, लेकिन सरकार ने यह आदेश लागू नहीं किया। श्री अजय राय की यह प्रेस वार्ता उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार पर एक बड़ा राजनीतिक हमला मानी जा रही है, जिसमें धार्मिक स्थलों की गरिमा, प्रशासनिक लापरवाही, कुंभ और हिंसाकी मौतों पर चुप्पी, और जनसंवेदनशील मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

भूपेश बघेल का मोदी सरकार पर हमला-11 साल में देश को एक कुपढ़ प्रधानमंत्री मिला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। दिल्ली मेंआयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। प्रधानमंत्री की पढ़ाई पर सवालभूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी की शिक्षा को लेकर कहा अब साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री पढ़े-लिखे नहीं हैं। 11 साल में देश को एक कुपढ़प्रधानमंत्री मिला है।”उन्होंने प्रधानमंत्री के पुराने बयानों को लेकर तंज भी कसा — जैसे नाली से गैस बनाना या बादलों में रडार न चलने की बात।नक्सलवाद और NIA की कार्रवाई पर आरोप- बघेल ने छत्तीसगढ़ में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा “बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे इलाकों से हजारों युवा पलायन कर चुके हैं। NIA ने सैकड़ों केस बनाए हैं, जिनमें कई निर्दोष लोग फंसाए गए। उन्होंने यहभी आरोप लगाया कि फर्जी मुठभेड़ों की घटनाएं हो रही हैं और सरकार आंकड़े छिपा रही है।मनरेगा और रोजगार की हालत- ग्रामीण रोजगार की स्थिति पर बघेल ने कहा “मनरेगा को लगभग बंद कर दिया गया है। गांवों में लोगों को काम नहींमिल रहा, इसलिए भारी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं।” भूपेश बघेल ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मोदी सरकार के 11 साल के कामकाज पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि सरकार सिर्फ प्रचार कररही है, जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और ही है।

स्कूल फीस बिल पर सौरभ भारद्वाज का हमला- सरकार निजी स्कूलों के हाथों बिक चुकी है

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोपलगाया कि सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के हित में एक ऐसा कानून पास किया है जो न केवल पारदर्शिता के खिलाफ है, बल्कि सीधे तौर पर पेरेंट्स कीजेब पर चोट है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जबसे दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी है, तब से प्राइवेट स्कूलों में मनमाने ढंग से फीस बढ़ाई जा रही है।यूनिफॉर्म, किताबें और एक्स्ट्रा क्लासेज़ के नाम पर स्कूल अभिभावकों से भारी-भरकम फीस वसूल रहे हैं, और पेरेंट्स के पास कोई विकल्प नहीं है।उन्होंने बताया कि पहले ऐसा नियम था कि कोई भी स्कूल यदि फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे पहले सरकारी मंज़ूरी लेनी होती थी। लेकिन इस बारबिना किसी अप्रूवल के स्कूलों ने मनमाने ढंग से फीस बढ़ा दी, और सरकार ने चुपचाप इसे जायज़ बनाने के लिए एक नया कानून ऑर्डिनेंस के ज़रिएलागू कर दिया। भारद्वाज ने कहा, “सरकार ने न तो जनता से राय ली, न ही विपक्ष को चर्चा का मौका दिया। विधानसभा में लाने की बजाय इस कानूनको चोरी-छुपे ऑर्डिनेंस से पास किया गया।” उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार सच में अभिभावकों के हित में यह कानून ला रही थी, तो इसेसार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून पूरी तरह से प्राइवेट स्कूल मालिकों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है। स्कूल स्तर पर बनाई गई फीसरेगुलेशन कमेटी में ज़्यादातर सदस्य स्कूल संचालकों के ही होंगे, और उनके निर्णयों को चुनौती देना मुश्किल होगा। “लॉटरी से चुने गए अभिभावकों केनाम भी मनमर्जी से तय हो सकते हैं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं,” उन्होंने कहा। सौरभ भारद्वाज ने कानून में जुर्माने से जुड़ी व्यवस्था पर भीसवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार दिखावे के लिए कह रही है कि यदि कोई स्कूल अधिक फीस वसूलेगा तो उस पर ₹50,000 का जुर्मानालगाया जाएगा, लेकिन असल में ऐसा कभी होगा ही नहीं, क्योंकि पूरी प्रक्रिया ही सरकार ने इस तरह बनाई है कि कोई शिकायत दर्ज ही न हो पाए।आख़िर में उन्होंने सरकार पर सीधे आरोप लगाया कि, “यह सरकार अब पूरी तरह से प्राइवेट स्कूलों की लॉबी के आगे झुक चुकी है। यह ऑर्डिनेंसअभिभावकों की नहीं, बल्कि प्राइवेट स्कूल मालिकों की सुविधा के लिए बनाया गया है। सरकार चर्चा से भाग रही है, और उसकी नीयत में खोट है।” सौरभ भारद्वाज ने सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर खुले मंच पर बहस करे और अभिभावकों को राहत देने के लिए पारदर्शी और जनहितकारीनीति बनाए।

भाजपा सरकार नहीं चाहती आदिवासी, दलित, पिछड़े बच्चे पढ़ें- कांग्रेस नेताओं का तीखा हमला

देश की शिक्षा व्यवस्था, हॉस्टलों की बदतर स्थिति और स्कॉलरशिप की अनदेखी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेसनेता राजेन्द्र पाल गौतम, कन्हैया कुमार, डॉ. विक्रांत भूरिया और अन्य नेताओं ने मिलकर प्रेस वार्ता की और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि वहदलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को पढ़ने से वंचित करना चाहती है। “नेशनल फेलोशिप स्कॉलरशिप बंद करना शैक्षणिक अन्याय” -राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि 2023 में नेशनल फेलोशिप स्कीम को बंद कर दियागया, जिससे लाखों गरीब, आदिवासी और दलित छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो गए। यह संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ है ।”क्या यहनया छुआछूत नहीं है? हॉस्टलों की हालत खराब, स्कॉलरशिप बंद, और सिस्टम इतना कठिन कि बच्चे मानसिक रूप से टूट जाते हैं।” उन्होंने यह भीकहा कि SC-ST सब प्लान का पैसा मेट्रो, हाईवे और अन्य प्रोजेक्ट्स में डाइवर्ट किया जा रहा है, जबकि इसका उपयोग सीधे इन वर्गों के बच्चों कीशिक्षा और छात्रावास में होना चाहिए। डॉ. विक्रांत भूरिया बोले -“आदिवासी छात्रों को जानबूझकर हाशिये पर रखा जा रहा है” कांग्रेस के युवा नेता डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि आदिवासीछात्रों को सरकार ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पीने का पानी, स्वास्थ्य, पढ़ाई की मूलभूत सुविधाएं तकउपलब्ध नहीं हैं। “यह सरकार आदिवासी युवाओं को पढ़ता हुआ नहीं देखना चाहती। वो चाहती है कि वे अशिक्षित रहें ताकि उन्हें अधिकारों कीजानकारी ही न हो। डॉ. भूरिया ने यह भी कहा कि यदि देश का आदिवासी, दलित और पिछड़ा युवा शिक्षित नहीं होगा तो लोकतंत्र की नींव कमजोरहो जाएगी।“हर घंटे दो छात्रों की आत्महत्या – यह कैसा विकास?”- कन्हैया कुमार ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि भारत मेंहर घंटे दो छात्र आत्महत्या कर रहे हैं, और यह दर्शाता है कि सिस्टम छात्रों को कैसे तोड़ रहा है। “पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की प्रक्रिया इतनी जटिलकर दी गई है कि छात्र अप्लाई ही नहीं करना चाहते। स्कॉलरशिप मिलती नहीं, हॉस्टल की हालत खराब — यह शिक्षा नहीं, सज़ा बन गई है।” संविधान लीडरशिप प्रोग्राम: 100 दिन, 100 हॉस्टल ऑडिट- नेताओं ने घोषणा की कि एक विशेष अभियान “संविधान लीडरशिप प्रोग्राम” के तहत, अगले 100 दिनों में पूरे देश के हॉस्टलों का ऑडिट किया जाएगा। इस मुहिम को “व्हाइट टी-शर्ट मूवमेंट” के नाम से चलाया जाएगा। “यह सिर्फकांग्रेस का नहीं, देश के भविष्य का अभियान है। हम सबको मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रों को उनके अधिकार मिलें।” महंगाई बढ़ी, स्कॉलरशिप नहींराजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि जब देश में हर चीज़ महंगी हो गई है — मोबाइल रिचार्ज, दाल, गैस, पेट्रोल- तो स्कॉलरशिप की राशि क्यों नहीं बढ़ाईगई? “जब पीएम के लिए 8500 करोड़ का जहाज खरीदा जा सकता है, तो दलित छात्रों के लिए बेहतर हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा सकते?”मुख्य मांगेंनेशनल फेलोशिप स्कीम को बहाल किया जाए।पोस्ट मैट्रिक और अन्य स्कॉलरशिप समय पर जारी की जाए।स्कॉलरशिप राशि को महंगाई से जोड़कर बढ़ाया जाए।SC/ST सब प्लान का पैसा डायवर्ट न किया जाए।स्कॉलरशिप हेतु इनकम लिमिट को वर्तमान दरों पर अपडेट किया जाए।यूनिवर्सिटी से तय होती है देश की शान, न कि संसद भवन की चमक सेकन्हैया कुमार ने कहा-नालंदा और विक्रमशिला जैसी विश्वविख्यात यूनिवर्सिटियां भारत की असली शान थीं। अगर आज के छात्र पढ़ नहीं पाएंगे, तोभारत ‘विश्वगुरु’ कैसे बनेगा?कांग्रेस नेताओं ने देशवासियों से अपील की कि वे संविधान लीडरशिप प्रोग्राम से जुड़ें और अपने क्षेत्र के हॉस्टलों की स्थिति की जांच में हिस्सा लें। यहसिर्फ शिक्षा का मुद्दा नहीं, देश के भविष्य का सवाल है।

लॉस एंजिलिस में हिंसा चरम पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले शहर को अपराधियों से कराएंगे आज़ाद

International News: कैलिफोर्निया का लॉस एंजिलिस शहर इन दिनों हिंसा की चपेट में है. नेशनल गार्ड्स की तैनाती के बावजूद हिंसा काबू मेंनहीं आ रही है. मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति सेना की 250वें वर्षगांठ समारोह में शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप लॉस एंजिलिस केप्रदर्शनकारियों पर जमकर भड़के और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को जानवर और विदेशी दुश्मन तक कह दिया. साथ ही ट्रंप ने लॉस एंजिलिस में सेनातैनाती के अपने फैसले का बचाव किया और लॉस एंजिलिस को आजाद करने की बात कही.राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजिलिस को कचरे का ढेर कहाऔर कहा कि लॉस एंजिलिस पर अपराधियों का कब्जा है. उन्होंने कहा कि संघीय सरकार हिंसा को खत्म करने और कानून व्यवस्था कायम करने केलिए हर कदम उठाएगी. लॉस एंजिलिस को कराएंगे आजादट्रंप ने कहा कि ‘हम लॉस एंजिलिस को आजाद कराएंगे और इसे फिर से साफ और सुरक्षित बनाएंगे. अवैध अप्रवासियों के खिलाफ अप्रवासन विभागकी कार्रवाई के बाद लॉस एंजिलिस में हिंसा भड़क गई थी. प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया. लॉसएंजिलिस में हिंसा होते हुए कई दिन बीत चुके हैं और अभी भी हालात पूरी तरह से काबू में नहीं हैं. संघीय सरकार ने लॉस एंजिलिस में 4000 नेशनलगार्ड्स तैनात किए हैं और साथ ही 700 मरीन कमांडो भी तैनात किए गए हैं. हालांकि अभी मरीन कमांडो को प्रदर्शन वाले इलाकों में नहीं उतारा गयाहै. लॉस एंजिलिस हिंसा पर अब तक का सबसे उत्तेजक भाषण देते हुए ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों की निंदा की. साथ ही पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर भीतीखा हमला बोला ट्रंप सेना का इस्तेमाल घरेलू मोर्चे पर कर रहे हैं. चाहे वो अवैध अप्रवासियों को रोकने की बात हो या फिर लॉस एंजिलिस मेंनेशनल गार्ड्स की तैनाती कैलिफोर्निया के डेमोक्रेटिक गवर्नर गेविन न्यूसम ने नेशनल गार्ड्स की तैनाती का विरोध किया है और इसे लेकर ट्रंप औऱन्यूसम आमने-सामने हैं. न्यूसम का कहना है कि नेशनल गार्ड्स की तैनाती करने से ही लॉस एंजिलिस में हिंसा भड़की.

आईएसएस मिशन फिर टला, शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान फाल्कन-9 में ऑक्सीजन लीक के कारण हुआ स्थगित

ISS Missiona: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य लोगों को आईएसएस लेकर जाने वाले अंतरिक्ष यान- एग्जियोम-4 काप्रक्षेपण फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. स्पेसएक्स ने यह एलान किया स्पेसएक्स ने बताया कि पोस्ट स्टैटिक फायर बूस्टर के निरीक्षण के दौरानफाल्कन-9 रॉकेट में ऑक्सीजन लीक की समस्या पाई गई. जिसकी मरम्मत के लिए इंजीनियरों ने और समय मांगा है ऐसे में प्रक्षेपण को फिलहालटाल दिया गया है. स्पेसएक्स ने ट्वीट कर बताया कि अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होने वाले फाल्कन 9 के एक्स-4 प्रक्षेपण को स्थगित किया जारहा है. जिससे कि इंजीनियरों को पोस्ट स्टैटिक फायर बूस्टर के निरीक्षण के दौरान पहचाने गए एलओएक्स रिसाव की मरम्मत के लिए अतिरिक्तसमय मिल सके. स्पेसएक्स ने कहा कि अब मरम्म होने के बाद हम जल्द ही एक नई लॉन्च तिथि जारी करेंगे. बहुप्रतीक्षित मिशन गया टलगौरतलब है कि यह चौथी बार है जबकि यह बहुप्रतीक्षित मिशन टल गया है. सबसे पहले इसकी लॉन्चिंग की तारीख 29 मई तय की गई थी. फिरइसे बढ़ाकर आठ जून कर दिया गया इसके बाद फिर इसके प्रक्षेपण की तारीख में बदलाव करके 10 जून को 5.30 बजे कर दिया गया. फिर 10 जूनसे पहले ही नौ जून को भी मिशन को 11 जून तक टाल दिया गया था. तब इसरो ने इसका कारण खराब मौसम को बताया था इसरो के अध्यक्ष वीनारायणन ने सोमवार शाम जारी बयान में कहा था. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले यान- एग्जियोम-4 मिशन का प्रक्षेपण 10 के बदले 11 जून2025 तक स्थगित कर दिया गया है. अब चौथी बार फिर से एग्जियोम-4 का प्रक्षेपण स्थगित कर दिया गया है. इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहतभारत जल्द ही ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाला है. भारत के शुभांशु शुक्ल अब अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बनने वाले हैं। इतना हीनहीं वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में पहुंचने वाले पहले भारतीय होंगे. इस मिशन को अमेरिका के अंतरिक्ष अभियानों से जुड़ी कंपनीएग्जियोम स्पेस और नासा के सहयोग से अंजाम दिया जा रहा है. साथ ही एलन मस्क की स्पेसएक्स इस मिशन में अहम भूमिका निभाएगी.

हत्या के बाद इंदौर पहुंची थी सोनम, राज कुशवाहा से की थी मुलाकात नए खुलासों से फैली सनसनी

Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं मेघालय पुलिस की जांच में जो सबसे हैरान करनेवाली बात सामने आई है वह यह कि राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर आई थी और अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा से मुलाकात की थी. फिर वहवाराणसी गई और उसके बाद गाजीपुर के नंदगंज में पकड़ी गई. इस बीच शिलांग पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राजकुशवाहा के साथ ही अन्य आरोपियों विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को ट्रांजिट रिमांड पर शिलांग ले जा रही है.गाजीपुर मेंआत्मसमर्पण करने के बाद सोनम ने कहा था कि उसे नशीला पदार्थ खिलाकर मेघालय से यूपी लाया गया था. लेकिन मेघालय पुलिस की जांच मेंसामने आया है कि 23 मई को पति राजा रघुवंशी की हत्या के बाद सोनम गुवाहाटी चली गई थी. राज कुशवाह से हुई थी मुलाकातदरअसल वहां से ट्रेन से वह 25 मई को इंदौर पहुंची और राज कुशवाहा से मिली. दोनों किराए के एक कमरे में एक साथ रुके. अगले दिन राज ने एककार से सोनम को उत्तर प्रदेश भेज दिया. राज की योजना सोनम को फतेहपुर जिले में अपने पैतृक गांव में रुकवाने की थी. लेकिन सोनम वाराणसीसमेत कई जगह रुकी और जब इंदौर में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई तो 9 जून की रात वह गाजीपुर के नंदगंज पहुंची और पुलिस के सामने सरेंडरकर दिया हालांकि इंदौर पुलिस ने सोनम के यहां आने की पुष्टि नहीं की है. इस हत्याकांड की जांच में लगी मेघालय पुलिस की 120 पुलिसकर्मियोंऔर 20 स्पेशल अधिकारियों की टीम ने 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे पूरी वारदात की कड़ियां जुड़ती गईं. हत्या के बाद सोनमअपराध स्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर तीनों आरोपियों के साथ बातचीत करते हुए सीसीटीवी में कैद हुई थी. वारदात स्थल के पास एक जैकेटऔर रेनकोट मिले थे जो आरोपी आकाश राजपूत के थे सोनम ने ही आकाश को रेनकोट दिए थे.