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ग्वालियर में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति स्थापना पर कांग्रेस का विरोध

ग्वालियर, मध्यप्रदेश: कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापना के खिलाफ कड़ा विरोधजताया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी राय रखी, जिसमें श्री जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, हरीश चौधरी, फूल सिंह बारिया और अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।मुख्य बिंदुमूर्ति स्थापना का विरोध और संवैधानिक प्रक्रिया: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में बाबा साहेब की मूर्ति की स्थापनाबिना कानूनी प्रक्रिया के की जा रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने आंदोलन और जनजागरण का आह्वान करते हुए संवैधानिक लड़ाई लड़ने का संकल्पलिया। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक सही कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाएगा, तब तक वह इस मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से उठातेरहेंगे।आरएसएस पर आरोप: कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों के खिलाफ है और उनकीमूर्ति को सिर्फ एक विशेष वर्ग तक सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने यह दावा किया कि आरएसएस बाबा साहेब के विचारों कोविकृत करने और उनका वास्तविक योगदान कम करके दिखाने की कोशिश कर रहा है।राजनीतिक मुद्दा और कोर्ट की भूमिका: कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) पर आरोप लगाया कि वह बार-बार समाज को भावनात्मकमुद्दों में उलझाकर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करती है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से 15 दिन का संरक्षण मिलने की बात भी सामने आई, जिससे मूर्ति स्थापना पर फिलहाल रोक लग गई है। कांग्रेस ने कोर्ट की भूमिका का सम्मान करते हुए इसे कानूनी रास्ते से सुलझाने की आवश्यकताबताई है।कांग्रेस की स्थिति: कांग्रेस पार्टी ने अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों, उनके संविधान निर्माण में योगदान औरसामाजिक न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी ने यह भी कहा कि वह हर वर्ग, जाति और धर्म के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए सदैवतत्पर है। कांग्रेस संविधान की रक्षा को अपनी प्राथमिकता मानती है और समाज के हर वर्ग के साथ खड़ी है।यह मामला न सिर्फ कानूनी दृष्टिकोण से, बल्कि सामाजिक और संवैधानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने इसे एक संवेदनशील मुद्दा बतायाऔर इसे न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशिता से जोड़ते हुए राजनीतिक स्तर पर जोरदार तरीके से उठाया है। यह पूरी बहस इसबात की प्रतीक है कि कांग्रेस पार्टी अंबेडकर के विचारों की रक्षा करने के लिए हर स्तर पर खड़ी है।

झुग्गीवासियों की आवाज उठाने पर AAP नेता आतिशी गिरफ्तार, BJP पर तानाशाही के आरोप जानें क्या है पूरा मामला

Dellhi latest News: दिल्ली के झुग्गीवालों की आवाज उठाने पर आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष आतिशी को भाजपा सरकारने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उन्हें भूमिहीन कैंप से 43 किमी दूर बाबा हरिदास नगर थाने ले गई. वह मंगलवार को कालकाजी विधानसभा स्थितभूमिहीन कैंप में भाजपा सरकार के बुलडोजर के खिलाफ झुग्गीवालों के संघर्ष में साथ देने पहुंची थीं. भाजपा ने इन गरीबों की आवाज दबाने के लिएउनके पहुंचने से पहले ही बड़ी तादात में पुलिस बल तैनात कर रखा था. इस कार्रवाई के खिलाफ ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेतअन्य वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ग़रीबों की आवाज़ उठाने पर हमारे नेताओं की गिरफ़्तारीतानाशाही है. अरविंद केजरीवाल ने एक अन्य पोस्ट कर कहा कि मात्र तीन महीनों में भाजपा ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया भाजपा सरकार पूरी दिल्लीमें ग़रीबों के आशियाने उजाड़ रही है. लोगों को बेघर कर रही है। जब आम आदमी पार्टी ग़रीबों के साथ खड़ी होती है और उनकी आवाज़ उठाती है. तोहमारे नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया जाता है।आज नेता विपक्ष आतिशी को हिरासत में लिया गया ये तानाशाही है भाजपा चाहे हम सबको गिरफ़्तारकर ले. लेकिन हम दिल्ली की आम जनता के हक़ के लिए आवाज़ उठाते रहेंगे. झुग्गीवालों की उठा रही हूं आवाजवहीं भूमिहीन कैंप पहुंची आतिशी ने कहा कि भाजपा दिल्ली में सभी झुग्गियों को तोड़ने वाली है. आज मुझे जेल में ले जा रही है क्योंकि इनझुग्गीवालों की आवाज उठा रही हूं. सीएम रेखा गुप्ता को इन गरीबों की हाय लगेगी. भाजपा कभी दिल्ली में वापस नहीं आ पाएगी. उन्होंने कहा किदो दिन पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि एक भी झुग्गी को तोड़ा नहीं जाएगा. झुग्गियों को छुआ भी नहीं जाएगा इसके बावजूद आजभूमिहीन कैंप में भारी तादात में फोर्स खड़ी है. आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार बुधवार को भूमिहीन कैंप में बुल्डोजर चलाने वाली है. भूमिहीन कैंप में रहने वाले जिन लोगों के बुधवार को घर उजड़ने वाले हैं वह इसके विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. यहां रहने वाले लोग अपने कागजात लेकर खड़े थे और कह रहे थे कि हमारे घर मत उजाड़ो. उन लोगों को पूरी बर्बरता के […]

हमास युद्ध के बीच नेतन्याहू सरकार संकट में, अति-रूढ़िवादी सैन्य कानून पर गठबंधन में फूट

हमास के साथ युद्ध के बीच इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू सरकार संकट में फंस गई है अति-रूढ़िवादी सैन्य कानून लागू करने के चलते उनकेगठबंधन के सहयोगियों ने सरकार का साथ छोड़ने का एलान किया है. इस्राइल में बुधवार को संसद भंग करने के लिए मतदान हुआ. विपक्ष का कहनाहै कि अगर गठबंधन के साझेदार सरकार से नाता तोड़ लेंगे तो संसद भंग हो जाएगी. अभी यह साफ नहीं है कि कौन-कौन सहयोगी सरकार का साथदेंगे. इस्राइल में अब तक यहूदी पुरुषों को लगभग तीन साल की सैन्य सेवा करनी होती है. इसके बाद कई साल रिजर्व ड्यूटी करनी होती है. वहींयहूदी महिलाओं को दो वर्ष अनिवार्य सेवा करनी होती है। जबकि इस्राइल में राजनीतिक रूप से सशक्त अति-रूढ़िवादी समुदाय को इससे छूट थी. धार्मिक कार्य था संभालतायह समुदाय धार्मिक कार्य संभालता है और इसके युवाओं को 26 साल की उम्र तक सरकार वजीफा देती है. अब इस्राइल की सरकार ने अति-रूढ़िवादी सैन्य कानून के तहत इस समुदाय के लोगों को भी सेना में काम करना अनिवार्य कर दिया. इस्राइल की सुप्रीम कोर्ट ने भी 2017 में अतिरूढ़िवादी को सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट को अवैध करार दिया था. सैन्य सेवा में अति रूढ़िवादियों को शामिल करने का फैसला इसलिए लियागया है क्योंकि हमास के हमले के बाद से सैनिकों की बड़ी जरूरत महसूस हुई है. इस्राइल ने 360,000 रिजर्व सैनिकों को सक्रिय किया है. हालातयह हैं कि कई रिजर्व सैनिकों ने गाजा में सैकड़ों दिनों की कई बार ड्यूटी की है. कुछ रिजर्व सैनिक नए बुलावे को अस्वीकार कर रहे हैं रिजर्व ड्यूटी केलिए रिपोर्ट करने वाले इस्राइलियों की संख्या इतनी कम हो गई है कि सेना ने सेवा जारी रखने के लिए लोगों को भर्ती करने के लिए सोशल मीडियाका सहारा लिया है. नेतन्याहू सरकार के कानून लागू करने की तैयारीनेतन्याहू सरकार के कानून लागू करने की तैयारी और सरकार गिराने के लिए विपक्ष ने आह्वान किया है कि अगर सरकार में शामिल अति-रूढ़िवादीसाझेदार अपने समुदाय को सैन्य सेवा से छूट देने वाला कानून पारित करने में विफल रहते हैं तो उनके साथ नाता तोड़ लेंगे. नेतन्याहू के लिए हरेदीम याहिब्रू में दो पार्टियां बेहद जरूरी हैं. दोनों को सरकार को भंग करने के लिए मतदान करना होगा. इसमें नेतन्याहू की सबसे बड़ी समर्थक पार्टी शास भीशामिल है. शास के प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी वर्तमान में विघटन के पक्ष में मतदान करने की योजना बना रही है. जब तक कि वार्ता में कोई सफलतानहीं मिलती दूसरी पार्टी डेगेल हाटोरा भी पिछले सप्ताह से सरकार छोड़ने की धमकी दे रही है. धर्म और राज्य मामलों के विशेषज्ञ शुकी फ्राइडमैन नेकहा कि हाटोरा युद्ध और राज्य की आर्थिक स्थिति और किसी भी अन्य चीज की परवाह नहीं करते हैं. लेकिन उनके सांप्रदायिक हित हैं। इससांप्रदायिक हित का ध्यान सेना में सेवा करने से छूट प्राप्त करना है. हालांकि माना जा रहा है कि पीएम नेतन्याहू सरकार को बचाने के लिए कोईसमझौता कर सकते हैं.

लॉस एंजेलिस जल उठा अवैध अप्रवासी कार्रवाई के खिलाफ हिंसा, ट्रंप नेशनल गार्ड्स भेजने पर अड़े

International News: अमेरिका का लॉस एंजेलिस शहर इन दिनों हिंसा की चपेट में है प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबल आमने-सामने हैं और पूरे शहरमें अराजकता का माहौल है. राष्ट्रपति ट्रंप ने नेशनल गार्ड्स की तैनाती की है. लेकिन इसके बावजूद हालात काबू में नहीं आ पा रहे हैं संघीय आव्रजनविभाग के छापों से यह पूरा विवाद शुरू हुआ. जिसने जल्द ही हिंसा का रूप ले लिया और हालात ये हैं कि शहर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन औरआगजनी की घटनाएं हो रही हैं. पुलिस भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल कर रही है. अवैध अप्रवासियों को निर्वासित किया जा रहा निष्कासितराष्ट्रपति ट्रंप की नीति के तहत अमेरिका से अवैध अप्रवासियों को निर्वासित किया जा रहा है. इसी के तहत अप्रवासन विभाग देशभर में छापेमारीअभियान चला रहा है. अप्रवासन विभाग ने हाल ही में लॉस एंजेलिस में भी अवैध अप्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाया और अप्रवासन विभागऔर सीमा शुल्क विभाग ने लॉस एंजेलिस के दो होम डिपो, एक डोनट शॉप और एक कपड़ों को गोदाम से कथित तौर पर अवैध अप्रवासियों कोहिरासत में लिया. ये कार्रवाई लॉस एंजेलिस के फैशन डिस्ट्रिक्ट इलाके में की.लोगों ने इसका विरोध किया और सामाजिक संगठन भी हिरासत में लिएगए लोगों के समर्थन में आ गए. जिन डिटेंशन सेंटर्स में कथित अवैध अप्रवासियों को रखा गया था उनके बाहर भारी भीड़ जमा हो गई. पुलिस नेनिषेधाज्ञा लागू की और लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी इसके बावजूद लोग नहीं मान. अप्रवासन विभाग ने शुक्रवार को 44 लोगों को हिरासतमें लिया और एक हफ्ते में लॉस एंजेलिस में कुल 118 अप्रवासियों को गिरफ्तार किया गया. इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया और हिंसा शुरू हो गई. हिंसा ग्रस्त इलाकों में नेशनल गार्ड्स की तैनातीहालात बिगड़ते देख राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजेलिस में बिना कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम से पूछे हिंसा ग्रस्त इलाकों में नेशनल गार्ड्स की तैनातीकर दी. इस पर कैलिफोर्निया गवर्नर ने नाराजगी जताई और इसे राज्य की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया. न्यूसम ने नेशनल गार्ड्स की तैनातीवापस लेने की मांग की है. हालांकि ट्रंप भी अड़े हुए हैं और अब उन्होंने मरीन कमांडो की तैनाती करने का भी आदेश दे दिया है. नेशनल गार्ड्स कीतैनाती से हालात और बिगड़े और लोगों ने सुरक्षाबलों पर पथराव और आगजनी शुरू कर दी.लॉस एंजेलिस में जगह-जगह जलती हुई गाड़ियां दिखाईदे रही हैं. वहीं सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

पत्नी सोनम निकली राजा रघुवंशी की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेमी के साथ रची खौफनाक साजिश

Indore Murder Case: इंदौर के राजा रघुवंशी और सोनम के केस में कई बड़े खुलासे हुए हैं. राजा की हत्या की मास्टरमाइंड उसकी पत्नी सोनमही निकली है. पुलिस ने सोनम के साथ में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है इंदौर पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने जो कहानीबताई है वह बेहद खौफनाक है. इसमें पता चलता है कि सोनम ने कितनी साजिश के साथ राजा की हत्या की योजना बनाई थी. सोनम और राज केबीच पांच महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था. राज ने कबूल किया कि सोनम से अफेयर 4 से 5 माह का था. पिता के हार्ट पेशेंट होने से सोनम लव मैरिजनहीं कर पा रही थी. पिता समाज में शादी करना चाहते थे इसलिए उसने राजा से शादी को हां कर ली थी पहले से तय था मारनाउसने पहले ही तय कर लिया था कि शादी के बाद राजा को मारकर राज के साथ रहने लगेगी. सोनम ने राज से कहा था कि जब मैं विधवा हो जाऊंगीफिर तुम मुझसे शादी कर लेना। तब मेरे परिवार वाले भी हमारी शादी के लिए मान जाएंगे. इसके बाद राजा और सोनम की 11 मई को शादी हुई।दोनों के परिवार बहुत खुश थे. सोनम भी परिवार में घुल मिल गई और कभी अपनी साजिश का शक नहीं होने दिया। 16 मई को सुपर कॉरिडोर केकैफे में राजा की हत्या की साजिश रची गई। प्रेमी राज ने दोस्त विशाल चौहान आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को साथ में लिया। उसी रात छह घंटेतक फोन पर सोनम को हत्या की पूरी योजना समझाई गई. हत्या के पहले राज ने आरोपियों को 50 हजार, एक कीपैड, एक एंड्रॉइड मोबाइल औरनई सिम दिलाई. राज ने कराए आरोपियों के टिकटये सब चीजें आरोपियों ने सोनम को दे दी इसी नंबर और फोन से सोनम शिलांग जाने के बाद तीनों के संपर्क में रही थी. प्रेमी राज को जब सोनम ने 22 मई को शिलांग के लिए निकलने की बात कही तो राज ने आरोपियों के टिकट कराए लेकिन ऐनवक्त पर खुद ने जाने से मना कर दिया. राज इंदौर सेही तीनों को डायरेक्शन देता रहा. वह यहां पर राजा के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ ताकि किसी को कोई शक न हो. आरोपियों ने बताया कि वेराज के कहने पर ही शिलांग आए राजा को जिस ‘डाव’ (छोटी कुल्हाड़ी) से मारा, वह ऑनलाइन गुवाहाटी से खरीदा था। आरोपी उनके होम स्टे से एककिमी दूर ही ठहरे थे. सोनम आरोपियों को पल-पल की लोकेशन दे रही थी यहां पर किराये की बाइक ली और राजा सोनम के पीछे घूमने लगे.

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय, वायुसेना प्रमुख ने दी शुभकामनाएं

AXIOM-4 Mission: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला कल AXIOM-4 अंतरिक्ष मिशन पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. वायुसेना प्रमुख और भारतीयवायुसेना के सभी वायु योद्धाओं ने उन्हें और AXIOM-4 के पूरे दल को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएंदीं. भारतीय वायुसेना ने कहा कि यह भारतीय अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ेगा.भारतीय वायुसेना (IAF) की ओर से जारी आधिकारिकबयान में कहा गया कि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीतकी. शुभांशु एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन पर जाने वाले हैं. चीफ मार्शल ने ग्रुप कैप्टन को दी शुभकामनाएंएयर चीफ मार्शल ने ग्रुप कैप्टन को शुभकामनाएं दीं. जो 1984 के बाद से अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे.ग्रुप कैप्टन शुभांशुशुक्ला एक्सिओम स्पेस के चौथे निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन (एक्स-4) का हिस्सा हैं. जो नासा के साथ भारत के अंतरिक्ष सहयोग के लिए एकऐतिहासिक क्षण है एक्सिओम स्पेस की ओर से साझा किए गए एक वीडियो संदेश में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने मिशन की रवानगी से पहले एकसंदेश साझा किया.वीडियो संदेश में उन्होंने कहा ‘मैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हूं. पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा ने 1984 मेंअंतरिक्ष की यात्रा की थी. पढ़ता रहा हूं किताबों मेंमैं उनके बारे में किताबों में पढ़ता रहा हूं और अंतरिक्ष से उनकी कहानियां सुनता रहा हूं. मैं उनसे बहुत प्रभावित था. मैं जिस यात्रा पर हूं वह मेरे लिएबहुत लंबी रही है मुझे नहीं पता था कि यह वह रास्ता है जिस पर मैं आखिरकार चलने वाला हूं. मैं कहूंगा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे पहलेअपने पूरे जीवन में उड़ान भरने का अवसर मिला. जो मेरे लिए एक सपना था और फिर अंतरिक्ष यात्री पाठ्यक्रम में आवेदन करने का अवसर मिला. अबपरिणामस्वरूप मैं यहां हूं मेरे लिए यह जिस तरह से काम आया. वह यह था कि शायद एक्सिओम पहुंचने से एक सप्ताह पहले मुझे पता चला कि मैंजा रहा हूं. मैं यहां आकर बेहद उत्साहित था मैं बहुत खुश था क्योंकि मेरे लिए अंतरिक्ष में उड़ान भरना एक संभावना थी.

शुभमन गिल की अगुवाई में नई टीम इंडिया को इंग्लैंड में पूर्व क्रिकेटरों की सलाह, हालात से तालमेल और अनुशासन ही जीत की कुंजी

भारत और इंग्लैंड के चार पूर्व क्रिकेटरों ने सोमवार को शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम को इंग्लैंड में कामयाबी के लिए हालात के अनुकूलढलने की सलाह दी. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि पांच टेस्ट मैचों की यह सीरीज भारत के लिए कुछ खास की शुरूआत होसकती है. टीम इंडिया इस दौरे पर रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास) के बिना होगी. क्योंकि इन तीनों नेही सबसे लंबे प्रारूप को छोड़ दिया है इस वक्त भारतीय क्रिकेट बदलाव के दौर से गुजर रहा है. तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी इस दौरे के लिए नहींचुने गए हैं.भारत के दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा, ‘भारत को इंग्लैंड के हालात के अनुरूप तुरंत ढलना होगा. सहयोग होगा अहमइंग्लैंड के हालात और टीम संयोजन को समझने के कारण मैं कह सकता हूं कि अनुशासन संयम और एक दूसरे का सहयोग अहम होगा. उन्होंने कहा, ‘हर खिलाड़ी को योगदान देना होगा और चुनौती का सम्मान करना होगा. मुझे यकीन है कि हर खिलाड़ी के विकास और सफलता के लिए यह बड़ामौका होगा.पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने कहा इंग्लैंड दौरा हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन मजेदार भी रहता है. हालात के अनुकूल ढलना अहमहोगा और मुझे यकीन है कि खिलाड़ी ऐसा कर सकेंगे. गेंदबाजी में हमारे पास अनुभव और स्थिरता है. नई टीम के सामने इंग्लैंड की कठिन चुनौतीभारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने कहा भारत की नई टीम के सामने इंग्लैंड की कठिन चुनौती है. लेकिन एक हरफनमौला होने के नाते मैं कहसकता हूं कि हालात के अनुरूप ढलना अहम होगा. गिल की कप्तानी पंत की ऊर्जा और भारत के युवा खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करनाहोगा.इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वॉन ने कहा कि 25 वर्ष के गिल को टेस्ट कप्तान बनाना साहसिक फैसला है और यह निर्णायक साबित हो सकता है।उन्होंने कहा’शुभमन गिल भारतीय टेस्ट क्रिकेट का नया चेहरा है. इंग्लैंड सीरीज के लिए उन्हें कप्तान बनाने का फैसला साहसिक है। उन्हें बहुत कुछसाबित करना होगा. लेकिन उसने दिखा दिया है कि वह बड़े मैचों का खिलाड़ी है. ऋषभ पंत उपकप्तान हैं और यह टीम खुद को साबित करने के लिएबेताब हैं. इंग्लैंड का दौरा भारत की अगली पीढ़ी के लिए किसी खास का आगाज हो सकता है.

निकोलस पूरन ने कहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा, टी20 में वेस्टइंडीज के सबसे बड़े स्टार ने 29 की उम्र में लिया संन्यास

वेस्टइंडीज के स्टार क्रिकेटर निकोलस पूरन ने 29 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट केजरिये इसकी घोषणा की. पूरन वेस्टइंडीज के लिए सबसे ज्यादा टी20 खेलने वाले खिलाड़ी हैं. साथ ही इस प्रारूप में उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए सबसेज्यादा रन भी बनाए हैं. पूरन ने एक लंबा नोट लिखकर संन्यास की घोषणा की.पूरन ने लिखा- यह काफी मुश्किल था लेकिन मैंने इस पर काफी सोचविचार किया और इसके बारे में काफी गहनता से सोचा. आप सभी को मेरा प्यार। पूरन ने अपने नोट में लिखा ‘क्रिकेट की जनता के लिए- बहुत सोच-विचार और चिंतन के बाद मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है. यह खेल जिसे हम प्यार करते हैं. प्रतिनिधित्व करने का देते रहेगा मौकाउसने हमें बहुत खुशी दी है और आगे भी उद्देश्य अविस्मरणीय यादें और वेस्टइंडीज के लोगों का प्रतिनिधित्व करने का मौका देता रहेगा. महरून जर्सीपहनना, राष्ट्रगान के लिए खड़ा होना और हर बार मैदान पर कदम रखते ही अपना सबकुछ देना उन पलों को शब्दों में बयां करना मुश्किल है. यहबताना मुश्किल है कि मेरे लिए इसका क्या मतलब है कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व करना एक विशेषाधिकार है जिसे मैं हमेशा अपने दिल के करीबरखूंगा. पूरन ने लिखा ‘प्रशंसकों को आपके अटूट प्यार के लिए धन्यवाद. आपने मुश्किल समय में मेरा साथ दिया और अच्छे पलों में गजब के जुनून केसाथ जश्न मनाया. मेरे परिवार दोस्तों और टीम के साथियों को मेरे साथ इस सफर पर चलने के लिए धन्यवाद. समर्थन ने बढ़ाया आगेआपके आशीर्वाद और समर्थन ने मुझे इस सफर में आगे बढ़ाया. हालांकि मेरे करियर का यह अंतरराष्ट्रीय अध्याय बंद हो गया है लेकिन वेस्टइंडीजक्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी कम नहीं होगा. मैं टीम और क्षेत्र को आगे की राह के लिए सफलता और शक्ति के अलावा कुछ नहीं चाहता.’पूरन नेवेस्टइंडीज के लिए 61 वनडे और 106 टी20 मैच खेले. वनडे में उनके नाम 39.66 की औसत से 1983 रन और टी20 में 26.15 की औसत और136.40 के स्ट्राइक रेट से 2275 रन हैं। वनडे में पूरन ने तीन शतक और 11 अर्धशतक लगाए. वहीं टी20 में उन्होंने 13 अर्धशतक लगाए पूरन नेवेस्टइंडीज के लिए कभी टेस्ट मैच नहीं खेला। वनडे में पूरन ने छह विकेट भी लिए हैं. हालांकि वह एक विकेटकीपर बल्लेबाज हैं पूरन सबसे छोटेफॉर्मेट में वेस्टइंडीज के कप्तान भी रह चुके हैं. लेकिन बतौर कप्तान उनके खराब रिकॉर्ड के बाद वेस्टइंडीज क्रिकेट ने उन्हें कप्तानी से हटा दिया था.

अमेरिका दौरे पर बिलावल भुट्टो का बड़ा बयान कहा अफगानिस्तान में छोड़े अमेरिकी हथियारों से बढ़ा आतंकवाद, पाकिस्तान की सुरक्षा को खतरा

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं और वहां वे एक बयान से ब्लंडर कर गए हैं. जो पाकिस्तान कोभारी पड़ सकता है दरअसल बिलावल भुट्टो जरदारी ने अमेरिका पर ही आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा दिया है. बिलावल भुट्टो जरदारी नेकहा कि अमेरिका ने अफगानिस्तान से निकलते हुए अफगानिस्तान में जो हथियार छोड़े उनसे आतंकवाद को बढ़ावा मिला है और पाकिस्तान कीआंतरिक सुरक्षा की चुनौती बढ़ी है.बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि ‘हम आतंकवाद की बात करते हैं हम अफगानिस्तान की बात करते हैं और हमअन्य चीजों पर बात करते हैं। हमने बीते कई दशक इन्हीं मुद्दों पर बात करने में बिताए हैं. पाकिस्तान व अमेरिका के संबंधो को करते है लगातार प्रभावितउन्होंने कहा कि यही मुद्दे पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों को लगातार प्रभावित करते रहे हैं. गौरतलब है कि पाकिस्तान पूरे दक्षिण पूर्व एशिया मेंऔर साथ ही पूरी दुनिया में आतंकवाद का केंद्र है. हालांकि भुट्टो ने इस सब से बेखबर होने का नाटक करते हुए आतंकवाद के खिलाफ क्षेत्रीय सहयोगबढ़ाने की बात कही. भुट्टो ने कहा कि हमें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत है कि हमें अब क्या करना है और अफगानिस्तान सेअमेरिका के निकलने के बाद वहां जो हथियार रह गए हैं. जो आतंकियों के हाथ लग गए हैं उनका क्या करना है जहां तक हथियारों की बात है आप येजानकर हैरान होंगे कि जब हम इन आतंकी समूहों से पाकिस्तानी क्षेत्र में लड़ते हैं तो आतंकियों के पास जो हथियार होते हैं. हथियारों से कई गुना अधिकवे हमारे सुरक्षाबलों के हथियारों से भी कई गुना आधुनिक होते हैं ये हथियार अमेरिका ने अफगानिस्तान में छोड़े थे.बिलावल भुट्टो जरदारी का यहबयान अमेरिका के साथ ही अफगानिस्तान को भी नाराज कर सकता है जरदारी ने जहां परोक्ष रूप से अमेरिका पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोपलगाया है वहीं अफगानिस्तान पर भी आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगा दिया. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते पहले से ही सीमा विवादऔर आतंकवाद के मुद्दे पर तल्ख चल रहे हैं. हाल के दिनों में दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की कोशिशें हो रही हैं लेकिन जरदारी के ताजा बयान सेफिर से रिश्ते पटरी से उतर सकते हैं.

सुप्रिया सुले ने अजित पवार से गठजोड़ की अटकलों पर साधी चुप्पी, कहा पार्टी मामलों पर चर्चा का नहीं मिला समय जानें क्या है पूरा मामला

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट (एनसीपी-एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने मंगलवार को अजित पवार वाले धड़े के साथ गठजोड़की अटकलों पर चुप्पी साध ली है. उन्होंने प्रतिद्वंद्वी एनसीपी गुटों के एक साथ आने की अटकलों पर सीधा जवाब देने से परहेज किया. उन्होंने कहा किवह अन्य जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं और पार्टी के मामलों पर चर्चा करने के लिए उनके पास समय नहीं है यह पूछे जाने पर कि क्या वह मंगलवार कोराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 26वें स्थापना दिवस पर अपने चचेरे भाई और प्रतिद्वंद्वी एनसीपी प्रमुख अजीत पवार को याद कर रही हैं? लोकसभा सांसद नेसंवाददाताओं से कहा कि उनके छह भाई हैं और वह उन्हें हर दिन याद करती हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवारको पार्टी के स्थापना दिवस पर बधाई देने के लिए फोन करेंगी? सुले ने कहा, ‘मैं अपने सभी भाइयों से अलग-अलग अवसरों पर बात करती हूं. ऐसीअटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों गुट आपसी मतभेद भुलाकर फिर से एकजुट होने पर विचार कर रहे हैं. शरद गुट के कई नेताओं की भी यही भावनाशरद गुट के कई नेताओं की भी यही भावना होने और शरद पवार की ओर से यह कहने के बारे में पूछे जाने पर कि पार्टी से संबंधित सभी निर्णय वे हीलेंगी? सुले ने कहा, ‘पिछले 15 दिनों से मुझे पार्टी नेताओं से पार्टी मामलों पर चर्चा करने या अपने परिवार से मिलने का समय नहीं मिला है.’उन्होंनेकहा कि लोकतंत्र में सभी को अपने विचार और राय व्यक्त करने का अधिकार है. उन्होंने कहा, ‘एनसीपी शरद पवार की ओर से बनया गया एक संगठनहै यह 26 वर्षों से कार्यरत है सभी ने, चाहे वे हमारे साथ हों या नहीं, पार्टी के विकास में योगदान दिया है यह टीम वर्क था. मुझे आरआर पाटिल यादआ रहे हैं जो अब नहीं रहे’सुले ने हाल ही में एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के रुख को बताने केलिए कुछ विदेशी देशों की यात्रा की. उन्होंने यह भी कहा कि वह दोपहर में नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रापर गए बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मिलेंगे.