राहुल गांधी का नालंदा से प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला, “उन्हें सरेंडर करने की आदत है”

संविधान सुरक्षा सम्मेलन में OBC अधिकारों की जोरदार वकालत2025 में पांचवीं बार बिहार पहुंचे कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नालंदा में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन(ओबीसी सम्मेलन) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को“सरेंडर करने की आदत है” और वह “दबाव पड़ते ही दो मिनट में चिट्ठी लिखने लगते हैं”। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप के सामने भी आत्मसमर्पण कर दिया था। लोकसभा में जाति जनगणना पर हुई थी सीधी बातराहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में मोदी की आंखों में आंख डालकर कहा था कि जातिगत जनगणना कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि थोड़ी सी राजनीतिक दबाव में मोदी जी सरेंडर कर देंगे।” लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र सरकार सही तरीके से जातिगतजनगणना नहीं कराएगी, क्योंकि ऐसा होने पर उनकी राजनीति खतरे में पड़ जाएगी। 90 प्रतिशत आबादी के साथ हो रहा अन्यायराहुल गांधी ने देश की सामाजिक संरचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की 90 प्रतिशत आबादी को अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य औरनौकरशाही जैसे क्षेत्रों में हिस्सेदारी नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “देश की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग के लोगों का नप्रतिनिधित्व है, न वे मैनेजमेंट में हैं। इन वर्गों के लोग डॉक्टर नहीं बन पा रहे, न ही स्कूलों और विश्वविद्यालयों में प्रमुख पदों पर पहुंच रहे हैं।” असमानता की संरचना को बदलने की अपीलराहुल गांधी ने यह भी कहा कि गरीबों का कर्ज माफ नहीं किया जाता, जबकि बड़े उद्योगपतियों को सरकारी बजट में कानून बनाकर राहत दी जाती है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की 90 प्रतिशत आबादी रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य से वंचित है, तो असल नियंत्रण कुछ प्रतिशत लोगों के पासक्यों है? जाति आधारित जनगणना को बताया आंदोलन का लक्ष्यराहुल गांधी ने कहा कि “जातिगत जनगणना” देश में सामाजिक न्याय की दिशा में पहला बड़ा कदम है। उन्होंने सम्मेलन के जरिए जनता से अपील कीकि वे यह जानने के लिए संगठित हों कि “देश में किसकी कितनी भागीदारी है”, ताकि 90 प्रतिशत आबादी को उनका हक मिल सके।
क्या पाकिस्तान के आगे झुकी मोदी सरकार? – सुप्रिया श्रीनेत का बड़ा हमला

कांग्रेस पार्टी की तेजतर्रार प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आज एक जोरदार प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोपलगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चुप्पी अब सिर्फ चौंकाने वाली नहीं, बल्कि देश की विदेश नीति के लिएखतरनाक साबित हो रही है। सुप्रिया ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत औरपाकिस्तान के बीच सीजफायर उन्होंने करवाया था — और भारत ने इसके लिए सहमति दी थी। क्या ट्रंप सच बोल रहे हैं, या देश से कुछ छिपाया जा रहा है? :- सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अगर ट्रंप का दावा झूठा है तो भारत सरकार उसका खंडनक्यों नहीं करती? और अगर वह सच बोल रहे हैं, तो यह देश के साथ धोखा नहीं तो और क्या है? उन्होंने कहा, “11 बार ट्रंप ने दुनिया के सामने कहाकि उन्होंने भारत से बात करके पाकिस्तान के साथ सीजफायर कराया। क्या यह सच है? अगर नहीं, तो प्रधानमंत्री मोदी क्यों चुप हैं?” कश्मीर दौरे पर मोदी की ‘चुप्पी’ पर सवाल:- प्रधानमंत्री के हालिया कश्मीर दौरे को लेकर भी सुप्रिया ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री वहांजाकर सिर्फ इवेंट कर आए। न आतंकवाद पर कोई बयान, न पाकिस्तान पर कोई सख्त संदेश। क्या सिंधु जल समझौते पर बातचीत ट्रंप औरपाकिस्तान के साथ चुपचाप चल रही है? क्या देश को अंधेरे में रखा जा रहा है?” पाकिस्तान को मिल रही अंतरराष्ट्रीय बढ़त- प्रवक्ता ने चिंता जताई कि पाकिस्तान को जहां अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन और आर्थिक मदद मिल रहीहै, वहीं भारत बार-बार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा, “आज पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की समितियों में चेयर बन रहा है, चीन के साथ मिलकर हमारेखिलाफ साजिश रच रहा है और अमेरिका उसकी पीठ थपथपा रहा है। क्या यह मोदी सरकार की सफल विदेश नीति है? मोदी सरकार की विदेश नीति पर कटाक्ष:- सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार की विदेश नीति को ‘फोटो खिंचवाओ और चुप रहो नीति’ बताया। उन्होंनेकहा कि प्रधानमंत्री को मंच पर भाषण देना आता है, लेकिन जब देश संकट में होता है, तो वह जवाब देने के लिए सामने नहीं आते। उन्होंने तीखासवाल दागा- “क्या हमारी माताओं, बहनों और वीर जवानों की शहादत की कीमत पर सिंधु का सौदा हो गया?”संसद में जवाब मांगा गया:- प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस की ओर से मांग की गई कि मोदी सरकार को संसद में आकर स्पष्ट करना चाहिए कि-1. क्या भारत ने पाकिस्तान से सीजफायर के लिए सहमति दी?2. क्या ट्रंप का बयान झूठा है? यदि हां, तो आधिकारिक खंडन क्यों नहीं किया गया?3. क्या सिंधु जल संधि में कोई बदलाव हुआ है या उस पर गुप्त बातचीत चल रही है? देश को जानने का हक है:- सुप्रिया श्रीनेत का यह कहना बिलकुल स्पष्ट था — देश की जनता जानना चाहती है कि उसके नाम पर क्या-क्या सौदेकिए जा रहे हैं। क्या मोदी सरकार की चुप्पी पाकिस्तान और अमेरिका के साथ किसी गुप्त समझौते की ओर इशारा करती है?भारत की जनता को जवाब चाहिए और यह जवाब सिर्फ भाषणों से नहीं, संसद में खुलकर देना होगा।
Amarnath Yatra 2025, Duration Reduced, Multi-Tier Security Plan Implemented Post-Pahalgam Attack

Yatra to Commence on July 3, Will Last 38 DaysThe annual Amarnath Yatra is set to begin on July 3, 2025, and will continue for 38 days, significantly shorter than last year’s 52-day pilgrimage. Officials have clarified that the reduced duration was decided prior to the recent Pahalgam terror attack and is based on weather […]
बेंगलुरु भगदड़ पर भावुक हुए डीके शिवकुमार, बोले ‘मासूम बच्चों की मौत का ग़म शब्दों में बयां नहीं कर सकता

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बंगलूरू भगदड़ के बाद मीडिया को संबोधित करने के लिए बाहर आए तो भावुक हो गए. शिवकुमार घटनाको याद कर अपने आंसू नहीं रोक पाए और बिलख पड़े। उन्होंने कहा कि हादसे में बच्चों की भी जान गई है. इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकतीबीते दिन भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.शिवकुमार ने नम आंखों और रुंधे हुए गले के साथसंवाददाताओं से कहा कि एक मां ने मुझसे अनुरोध किया कि मैं अपने बेटे का शव पोस्टमॉर्टम कराए बिना दे दूं, लेकिन यह एक कानूनी प्रक्रिया थी. जीत का जश्न मनाने की किसने दी अनुमतिउन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जीत का जश्न मनाने की अनुमति किसने दी. क्योंकिजवाबदेही तय की जाएगी और पूरी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. हम इस अनहोनी पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे के खिलाफ हैं हम राजनीतिनहीं करना चाहते.इससे पहले बुधवार को घटना के तुरंत बाद शिवकुमार ने माफी मांगी और कहा कि 35,000 लोगों की क्षमता वाला स्टेडियम इतनीबड़ी भीड़ को संभाल नहीं सका. हालांकि कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के अनुसार भीड़ का आकार कल के अनुमान से कहीं अधिक था. राज्य केगृह मंत्री ने आज दोपहर कहा कि करीब आठ लाख लोग आए थे.कर्नाटक सरकार ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये कामुआवजा देने की घोषणा की है. मजिस्ट्रेट जांच की भी की घोषणामुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की मजिस्ट्रेट जांच की भी घोषणा की थी. मुख्यमंत्री ने कहा ‘मैं इस घटना काबचाव नहीं करना चाहता. हमारी सरकार इस पर राजनीति नहीं करेगी. मैंने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और 15 दिन का समय दिया है लोगों नेस्टेडियम के गेट भी तोड़ दिए भगदड़ मच गई किसी को भी इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी.भाजपा ने कर्नाटक सरकार की आलोचना की कि उसनेइतनी भीड़ का अनुमान नहीं लगाया. कांग्रेस के कई नेता इस बार आरसीबी की संभावित जीत के बारे में बात कर रहे थे. कार्यक्रम से पहले ही जश्नका माहौल था इससे यह संकेत मिल रहा था कि भारी भीड़ उमड़ेगी केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने शिवकुमार के इस्तीफे की मांग की और भगदड़ कीजांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित करने का आह्वान किया.
बेंगलुरु भगदड़ पर सियासत गरम, गृह मंत्री बोले सरकार ने नहीं किया इवेंट का आयोजन “पूरी होगी जांच”

बंगलूरू भगदड़ पर कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने बड़ा बयान दिया है. सरकार पर लगते लापरवाही के आरोपों के बीच उन्होंने इवेंट केआयोजन से पल्ला झाड़ लिया है उन्होंने कहा कि हमें किसी इवेंट का आयोजन नहीं किया न ही हमने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम को बंगलूरूबुलाया. वे खुद ही यहां आए.दरअसल भाजपा समेत तमाम राजनीतिक दलों ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनकाकहना है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जारी अनबन की वजह से जरूरी व्यवस्थाओं में चूक हुई और इतना बड़ाहादसा हो गया.इन सबके बीच उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा ‘मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. जांच की रिपोर्टसरकार को आने दीजिए और अगर कोई चूक हुई है तो जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हमने आरसीबी या केसीएसे अनुरोध नहीं किया उन्होंने इसका आयोजन (विजय उत्सव) किया। वे ही टीम को बंगलूरू लेकर आए थे. सरकार को लगा देनी चाहिए सुविधासरकार को भी लगा कि उन्हें सुविधा देनी चाहिए, क्योंकि यह बगलुरू की टीम थी. मुझे बहुत दुख है कि यह घटना हुई.इससे पहले कर्नाटक के मंत्रीप्रियांक खरगे ने कहा’हां, गलती हुई है. बेहतर योजना और समन्वय से इसे टाला जा सकता था। एक स्टेडियम (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम) जिसकीक्षमता 35,000 लोगों की है. लेकिन 2-3 लाख लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. हालांकि, हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की. लेकिन हम भीड़ कोनियंत्रित नहीं कर पाए सीएम ने जिम्मेदारी ली है और हम सुधारात्मक कदम उठाएंगे. भाजपा को हर चीज का राजनीतिकरण करना पसंद है. हर चीजका राजनीतिकरण करने की भाजपा की मंशा ठीक नहीं है.इससे पहले बंगलूरू में बीते दिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की 18 साल में पहली बारआईपीएल चैंपियनशिप जीत के जश्न का मौका था. खिताब जीतने के बाद टीम बुधवार को सम्मान समारोह के लिए बंगलूरू पहुंची. उनके लिए रेडकार्पेट बिछाया गया था क्रिकेट प्रेमी अपने नायकों की एक झलक पाने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम में लाखों की संख्या में पहुंचे थे. हालांकिआखिरी समय में किए गए बदलावों और क्रिकेट प्रशंसकों के कम आंकलन के कारण जश्न भयावह हो गया. जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत होगई. इसमें 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 15 नए पदों को मंजूरी

प्रदेश में समूह-ग भर्तियों को नई रफ्तार मिलेगी. कैबिनेट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 15 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है. आयोग में सचिवके अलावा उपसचिव भी होगा प्रदेश में विभिन्न विभागों के अन्तर्गत राज्य लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर के समूह-ग के पदों पर चयन के लिएवर्ष 2014 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अधिनियम 2014 की धारा 5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग का गठन कियागया था. इसके साथ ही इसका ढांचा स्वीकृत किया गया था जिसमें 64 अस्थायी पद सृजित थे इसमें दो पद डाइंग कैडर होने के चलते वर्तमान में 62 पद ही सृजित हैं. संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठनवर्तमान में विभिन्न विभागों में कार्मिकों के भर्तियों के अधियाचनों की अधिकता को देखते हुए आयोग के कार्यों के सुचारू संचालन के लिएसंरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया गया है. अतिरिक्त पदों के सृजन की आवश्यकता के मद्देनजर सरकार ने पूर्व सृजित 62 पदों के अलावा उपसचिव का एक नियमित पद और विधि अधिकारी एक पद, संविदा, आउटसोर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर के दो पद आउटसोर्स, कंप्यूटर प्रोग्रामर का एक पदआउटसोर्स, स्वागती का एक पद आउटसोर्स, वाहन चालक के तीन पद आउटसोर्स व सुरक्षा कार्य के लिए छह सुरक्षाकर्मियों को आउटसोर्स के माध्यमसे मिलाकर कुल 15 (एक नियमित व 14 आउटसोर्स) नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है.वर्तमान में विभिन्न विभागों में कार्मिकों के भर्तियोंके अधियाचनों की अधिकता को देखते हुए आयोग के कार्यों के सुचारू संचालन के लिए संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया गया है.
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने किया वृक्षारोपण, यूपी में दिखा खास उत्साह

कमलेश पासवान जो वर्तमान में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री हैं उन्होने विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया. इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में पीपल का पौधा लगाकर कीथी. प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाएं और उसकी तस्वीर #एक_पेड़_माँ_के_नाम या#Plant4Mother के साथ साझा करें.उत्तर प्रदेश में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या केरामकथा पार्क स्थित पुष्प वाटिका में हरिशंकरि का पौधा लगाया. इस अवसर पर पर्यावरण विभाग ने प्लास्टिक मुक्त भारत की शपथ दिलाने के लिएस्कूली बच्चों और युवाओं को प्रेरित किया. इस अभियान के तहत लगाए गए 26.5 करोड़ पौधेइस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश ने अब तक 26.5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं जो देशभर में लगाए गए कुल 80.84 करोड़ पौधों का महत्वपूर्णहिस्सा है. उत्तर प्रदेश में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के रामकथा पार्क स्थित पुष्पवाटिका में हरिशंकरि (पीपल, बेल और बरगद का संगम) का पौधा लगाया. मुख्यमंत्री ने इसे न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि संस्कृति और आस्था सेजुड़ा प्रयास बताया. पर्यावरण विभाग ने इस मौके पर स्कूली बच्चों और युवाओं को प्लास्टिक मुक्त भारत की शपथ दिलाई और उन्हें स्वच्छता औरहरियाली के लिए प्रेरित किया. ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल एक वृक्षारोपण पहल नहीं, बल्कि यह संवेदनाओं, संस्कृति और पर्यावरण चेतनाका संगम है. इससे समाज में प्रकृति के प्रति जुड़ाव और जिम्मेदारी की भावना और गहराई से विकसित हो रही है.
पैरेंट्स को अध्यादेश मंजूर नहीं, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर फीस रेगुलेशन बिल पास कराए भाजपा “बोली आतिशी मार्लेना”

Dellhi News: भाजपा की विपदा सरकार दिल्ली के निजी स्कूलों को बचाने के लिए हर हथकंडे अपना रही है अब भाजपा सरकार प्राइवेट स्कूलफीस रेगुलेशन बिल को अध्यादेश के जरिए लाने जा रही है. शिक्षा मंत्री आशीष सूद द्वारा बिल को विधानसभा में पेश नहीं करने की बात साफ करनेके बाद आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि पैरेंट्स को अध्यादेश मंजूर नहीं है हमारी मांग है कि भाजपासरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर बिल को सदन में पेश करे. इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए और कमेटी द्वारा पैरेंट्स के सुझाव शामिलकरने के बाद पास किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बिल को सार्वजनिक न करके साफ कर दिया कि यह बिल पैरेंट्स के हितों में नहीं है. बल्कि निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने के लिए लाया जा रहा है. बेलगाम बढ़ रही है फीसदिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर कहा कि जब से दिल्ली में भाजपा की सरकार आई है, निजी स्कूलों की बेलगाम फीस बढ़ रही है. स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, एसी चार्ज, एक्टिविटीज, स्वीमिंग के नाम ज्यादा पैसा लिया जा रहा है. इन फीस को देने में बच्चों के माता-पिता परेशान हैं। पैरेंट्स तीन महीने से सड़कों पर हैं. स्कूल, सीएम के घर और शिक्षानिदेशालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. पैरेंट्स के दबाव में आकर भाजपा सरकार को कैबिनेट में प्राइवेट स्कूल फीस रेगुलेशन बिल लाना पड़ा. लेकिनइस फीस रेगुलेशन बिल को भाजपा ने छिपा को रखा हुआ है इस बिल को माता-पिता, वकील, विधायक समेत दिल्ली में रहने वाला किसी व्यक्ति नेनहीं देखा है. आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा फीस रेगुलेशन बिल को क्यों छिपाया जा रहा है. अगर पैरेंट्स के हक में बिल लाया जा रहा हैतो पैरंट्स को दिखकर उनका फीडबैक लेना चाहिए और वेबसाइट पर डाला जाना चाहिए. दिल्ली के इतिहास में पहली बारदिल्ली के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि इतनी बड़ी पॉलिसी बिना जनता से रायशुमारी किए लाई जा रही है। बिल के ड्रॉफ्ट को इस तरहछिपाना यह दिखा रहा है कि दाल में कुछ काला है. यह फीस रेगुलेशन बिल फीस कम करके पैरेंट्स को राहत देने के लिए नहीं लाया जा रहा है. यहप्राइवेट स्कूलों पर लगाम कसने के लिए नहीं बल्कि प्राइवेट स्कूलों को बचाने के लिए लाया जा रहा है. आतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी औरबच्चों के पैरेंट्स बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि फीस रेगुलेशन बिल सार्वजनिक किया जाएगा. यह बिल दिल्ली विधानसभा में पेश होगा तोविधायकों, पैरेंट्स, वकीलों, एक्टिविस्ट के सामने आएगा. इसके बाद आम आदमी पार्टी विधानसभा पटल पर अपनी राय रखेंगे पैरेंट्स और वकीलअपना फीडबैक देंगे. लेकिन बुधवार को दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कांफ्रेंस करके घोषणा की है कि बिल विधानसभा में नहीं पेश होगा. भाजपा सरकार प्राइवेट स्कूल के फीस का कानून चोर दरवाजे से आर्डिनेंस के माध्यम से लाने जा रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बूथ स्तर पर प्रारम्भ किया “एक पेड़ मां के नाम”, भाजपा नेता वीरेन्द्र सचदेवा ने किया पौधारोपण आप सरकार पर साधा निशाना

New Dellhi: दिल्ली भाजपा ने आज विश्व पर्यावरण दिवस एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की 11 वर्ष की संकल्प से सिद्धि यात्रा पूरी होनेपर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा गत वर्ष आहूत “एक पेड़ मां के नाम” बूथ स्तर पर पुनः प्रारम्भ किया. प्रदेश पदाधिकारियों की उपस्थिती में दिल्लीभाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने दिल्ली भाजपा कार्यालय में एक नया पौधारोपण किया और वो पौधा भी दिखाया जिसे गत वर्ष लगाया था औरजो आप एक पेड़ का रूप ले रहा है. इस अवसर पर वीरेन्द्र सचदेवा के साथ प्रदेश महामंत्री श्री विष्णु मित्तल, उपाध्यक्ष श्री राजकुमार भाटिया एवं मतीयोगिता सिंह, कोषाध्यक्ष श्री सतीश गर्ग, मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर, मंत्री मती सारिका जैन और श्रीमती सोना कुमारी, कार्यालय मंत्रीबृजेश राय, सह प्रमुख अमित गुप्ता, प्रवक्ता यासिर जिलानी, विक्रम बिधूड़ी, राजकुमार फुलवारिया, नितिन त्यागी और डॉक्टर ममता त्यागी, नईदिल्ली जिलाध्यक्ष रविन्द्र चौधरी आदि ने भी “दिल्ली में होगी हरियाली तभी होगी खुशहाली” का संकल्प लिया. केजरीवाल सरकार ने पेड़ लगाने में भी किए घोटालेइस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवालसरकार ने अन्य घोटालों के साथ ही पेड़ लगाने मे हरियाली अभियान में भी घोटाला किया, जिस कारण 90% सड़क किनारे धूल मिट्टी उड़ती रहती हैऔर दिल्ली के हरित क्षेत्र में आपेक्षित बढ़ाव नही हुआ है. वायु प्रदूषण कम करने पर भी अरविंद केजरीवाल ने आपेक्षित काम नहीं किया खासकरसर्दियों के स्मॉग प्रदूषण का लैंडफिल साइट्स का समाधान भी नहीं किया.वाहन प्रदूषण घटाने पर तो अरविंद केजरीवाल ने कोई ठोस काम किया हीनहीं और टूटी सड़कों से वाहन प्रदूषण के साथ ही धूल प्रदूषण गम्भीर हुआ. वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार तयएजेंडे के साथ दिल्ली की सड़कें सुधार रही है हरित क्षेत्र बढ़ाने पर काम हो रहा है.लैंडफिल साइट्स पर उपराज्यपाल, दिल्ली की मुख्य मंत्री, पर्यावरणमंत्री एवं महापौर एक टीम की तरह काम कर रहे हैं और 2026 के अंत तक बड़ा बदलाव दिखेगा. वीरेन्द्र सचदेवा एक आव्हान करते हुए दिल्ली वालोंसे निवेदन किया कि पर्यावरण एवं वर्ल्ड क्लाइमेट के हित में आईये हम जब सम्भव हो घर आफिस यहां तक की वाहन कार में भी एयरकंडीशनर काप्रयोग कम करें. हमारा लक्ष्य बने — इस वर्ष एयरकंडीशनर का प्रयोग एक घंटा प्रतिदिन कम करके क्लाइमेट बदलाव को कंट्रोल करने के लिए कामकरना.
राहुल गांधी के बयान पर घमासान, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भाजपा-कांग्रेस में सियासी संग्राम तेज “जानें क्या है पूरा मामला”

भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जमकर सियासी वार-पलटवार भी हो रहा है. भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी नेलोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया सुधांशु ने कांग्रेस नेता के बयान को घटिया बताया और कहा कि उनमें अभी परिपक्वताका अभाव है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में पार्टी सम्मेलन के दौरान कहा कि भारत-पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष के समयअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इशारा किया और प्रधानमंत्री मोदी ने जी हुजूर करके सीजफायर कर दिया. जवाबदेही को लेकर जुबानी जंग जारीभाजपा और कांग्रेस के बीच सैनिकों की कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही को लेकर जुबानी जंग जारी है. ताजा घटनाक्रम में भाजपा के राज्यसभासांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी नेकहा”स्वघोषित, स्वयंभू, सर्वोच्च नेता, विपक्ष के नेता राहुल गांधी बेहद घटिया, निम्न-स्तरीय बयान देकर दुनिया को बता रहे हैं कि विपक्ष का नेताबनने के बाद भी उनमें गंभीरता और परिपक्वता की कमी है. जो इस पद के लिए जरूरी है. जिस तरह से राहुल गांधी ने हमारे सशस्त्र बलों की वीरताऔर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सेना अधिकारियों के ब्रीफिंग की तुलना आत्मसमर्पण से की उससे पता चलता है कि उनकी मानसिकता कितनीबीमार और खतरनाक हो गई है.भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी जी ये जान लीजिए कि आप आपकी पार्टी और आपका खानदानके कारनामे आजाद हिंदुस्तान के कैलेंडरों में सरेंडर से भरे पड़े हैं. सामने नहीं हो सकता सरेंडरसरेंडर कांग्रेस ने किया होगा मगर भारत किसी के सामने सरेंडर नहीं हो सकता. हम विश्व की एक मात्र ऐसी सभ्यता हैं जो हजारों सालों के आक्रमणों केबाद भी जीवंत है. जिसे आप मानने का तैयार नहीं है हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मां के शेर की तरह हैं अर्थात हमारे नरेंद्र भारत मां के मृगेंद्रहैं.सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान सरेंडर के कुछ वास्तविक उदाहरण साझा करना चाहता हूं. 15 जुलाई 2011 को राहुल गांधी नेकहा कि आतंकवाद को पूरी तरह से नियंत्रित करना असंभव है. यह आत्मसमर्पण था। 26/11 के मुंबई हमलों के बाद यूपीए सरकार ने कहा किपाकिस्तान के साथ वार्ता आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावित नहीं होगी. यह भी आत्मसमर्पण था। 1971 में एक निर्णायक सैन्य जीत और 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के बाद यूपीए नेतृत्व ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को क्यों आत्मसमर्पण कर दिया?