ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवादियों के जनाजे पर आंसू बहा रहा पाकिस्तान,आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारत-पाकिस्तान खुफिया सहयोग की दे रहा दुहाई

ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवादियों के जनाजे पर आंसू बहा रहा पाकिस्तान अब दक्षिण एशिया से आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारत-पाकिस्तान खुफिया सहयोग की दुहाई दे रहा है. अमेरिका दौरे पर गए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी का कहना है कि अगर दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां मिलकर काम करें तो आतंकवाद को काफी हद तक कम किया जा सकता है.डॉनअखबार की रिपोर्ट के मुताबिक बिलावल भुट्टो इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं. वह भारत के साथ हालिया संघर्ष के बाद समर्थन प्राप्त करने के लिएवैश्विक कूटनीतिक प्रयास के हिस्से के रूप में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. मंगलवार को उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्रमुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की.डॉन अखबार ने बुधवार को बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिलावल भुट्टो ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है किअगर आईएसआई और रॉ इन ताकतों से लड़ने के लिए एक साथ बैठकर काम करने के लिए तैयार हों. तो भारत और पाकिस्तान में आतंकवाद मेंउल्लेखनीय कमी आ सकती है. बिलावल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दक्षिण एशिया में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की. संघर्ष विराम हुआ संभवइस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि हाल ही में हुए संघर्ष विराम के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष का जोखिम कम नहीं हुआ है बल्कि बढ़ गयाहै.बिलावल भुट्टो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हस्तक्षेप और खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व विदेश मंत्री मार्को रुबियो की कोशिशों सेभारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम संभव हुआ है. उन्होंने कहा कि यह एक स्वागत योग्य है लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है और आगेबातचीत जरूरी है.बिलावल भुट्टो ने कहा कि शांति का रास्ता सिर्फ बातचीत और कूटनीति से ही निकलेगा. उन्होंने आंतकवाद से निपटने के लिए भारतके साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान की इच्छा को दोहराया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए पाकिस्तान अब भी भारत के साथ सहयोगकरना चाहेगा. हम एक बड़ी आबादी का भाग्य आतंकवादियों के हाथों में नहीं छोड़ सकते. उन्होंने कहा कि ये फैसला आतंकवादी नहीं कर सकते किभारत और पाकिस्तान कब लड़ेंगे.पीपीपी नेता भुट्टो ने यह भी कहा कि भारत में किसी भी आतंकी हमले के लिए सीधे पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहरानाअस्वीकार्य है। उन्होंने एक ऐसा मंच बनाने का प्रस्ताव रखा. जहां दोनों देश शिकायतें दर्ज करें. आतंकी घटनाओं की संयुक्त रूप से जांच करें औरजवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर सकें.
विराट की कप्तानी में RCB ने जीता पहला खिताब, अनुष्का संग भावुक पल कैमरे में हुए कैद

IPL 2025: आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को हराकर खिताब जीता. यह आरसीबी का पहला आईपीएल खिताब रहे. इस मैच को देखने के लिए कई सितारे स्टेडियम में मौजूद रहे विराट कोहली की पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा भी इस मैच को देखने केलिए स्टेडियम में मौजूद थीं. मैच खत्म होते ही दोनों ने एक साथ जश्न मनाया. कोहली अनुष्का को गले लगाकर रोए भी ये क्यूट पल कैमरे में भी कैदहो गई दोनों की शादी को एक लंबा वक्त हो चुका है. हम आपको यहां बता रहे हैं कि इनकी लव स्टोरी मैरीड लाइफ से जुड़ी कुछ खास बातों के बारेमें.विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की पहली मुलाकात बेहद ही दिलचस्प थी. यह दोनों साल 2013 में एक ऐड शूट के दौरान सेट पर मिले थे विराटकोहली ने इंटरव्यू में बताया था कि अनुष्का से पहली मुलाकात में वह काफी घबराए हुए थे और अपनी घबराहट को खत्म करने और अनुष्का सेबातचीत करने के लिए उन्होंने एक जोक मारा था. विराट की बातों से आया था अनुष्का को गुस्सादरअसल एड शूट के दौरान अनुष्का विराट से लंबी लग रही थीं तो क्रिकेटर ने कह दिया था. आपको नहीं लगता की आपने बहुत ऊंची हील्स पहनी हैं. विराट कोहली की यह बात सुनकर अनुष्का शर्मा को गुस्सा आ गया था और उन्होंने कहा था.’एक्सक्यूज मी अनुष्का के ऐसे रिएक्शन के बादअजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई थी. हालांकि बाद में दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी.साल 2014 में मेलबर्न में विराट ने शतक जड़ा था। इसमैच को देखने के लिए अनुष्का भी पहुंची थीं. अपनी सेंचुरी पूरी करने के बाद विराट ने स्टेडियम में मौजूद अनुष्का को फ्लाइंग किस दिया था. इससेफैंस ने कयास लगाना शुरू किया कि दोनों में नजदीकियां बढ़ने लगी हैं. डेटिंग के कयास भी लगने शुरू हुए कुछ साल डेट करने के बाद साल 2017 के दिसंबर माह में अनुष्का और विराट शादी के बंधन में बंध गए. अपनी इस शादी को रॉयल बनाने के लिए विराट-अनुष्का ने पानी की तरह पैसाबहाया गया था. जिस रिजॉर्ट में विरुष्का की शादी वो खास उनके लिए दिसंबर में खोला गया था. विराट की जिंदगी में आए बदलाववर्ना ये रिजॉर्ट हमेशा अप्रैल में खुलता है शादी के लिए 50 खास मेहमानों को ही न्योता दिया गया था. यहां एक व्यक्ति के एक हफ्ते रुकने का खर्च करीब एक करोड़ रुपए है. इस हिसाब से विराट और अनुष्का की शादी के लिए मेहमानों को ठहराने में ही 45-50 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे.विराट कोहली को जब अनुष्का शर्मा डेट कर रही थी तो उस दौरान […]
हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद भाजपा अब जुटी अगले मिशन में, भाजपा का लक्ष्य 2029 का अगला विधानसभा चुनाव

हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद भाजपा अब अपने अगले मिशन में जुट गई है. भाजपा का अगला लक्ष्य 2029 का विधानसभाचुनाव है करीब साढ़े चार साल बाद होने वाले चुनाव में पार्टी अभी से तैयारी में लग गई है. हाल ही में पार्टी ने पिछले छह चुनाव का विश्लेषण कियाहै जिसमें सामने आया है कि कुल गांवों में से 25 फीसदी गांवों में पार्टी कभी चुनाव नहीं जीत पाई. इन गांवों में चुनाव हारने के लिए कई कारण हैंजिनमें जातीय समीकरण स्थानीय गांव फैक्टर और कमजोर संगठन शामिल हैं.पार्टी ने इस रिपोर्ट को शीर्ष नेतृत्व को सौंप दिया है अब इन गांवों में नएसिरे से रणनीति तैयार करने की सिफारिश की गई है पार्टी का लक्ष्य विधानसभा चुनाव में अपने वोट प्रतिशत को 50 फीसदी करना है. पिछलेविधानसभा चुनाव में पार्टी को 39.94 फीसदी वोट मिले थे इसके तुरंत बाद भाजपा ने गांवों में चुनाव हारने के कारणों को तलाशने का काम शुरूकिया.67 फीसदी आबादी गांव व ढाणियों में है बसतीप्रदेश की कुल आबादी में से 67 फीसदी आबादी गांव व ढाणियों में बसती है.पार्टी ने गांवों में 2014 से 2024 तक हुए चुनावों का विश्लेषण कियाइन दस सालों में तीन लोकसभा और तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं. छह चुनाव के विश्लेषण में सामने आया है कि 67 फीसदी गांवों में 24 फीसदीगांवों में पार्टी चुनाव जीतती रही है. 18 फीसदी ऐसे गांव हैं जहां पार्टी इन छह चुनाव में एक बार जरूर जीती है. वहीं 25 फीसदी गांव ऐसे हैं. जहांपार्टी कभी चुनाव नहीं जीती है पार्टी ने इन गांवों का नाम तो नहीं बताया मगर उन्होंने जिलों का जरूर उल्लेख किया है. जैसे कि सिरसा एक ऐसाजिला है जहां पार्टी को पांचों सीटों पर करारी हार झेलनी पड़ी. इनमें सिरसा डबवाली, कालांवली, ऐलनाबाद और रानियां विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. सिरसा में तीन सीटें कांग्रेस और दो सीटें इनेलो ने जीतीं. इसके अलावा रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद के कुछ गांव शामिल हैं. चुनाव नहीं जीत पाईजिन गांवों में भाजपा अब तक कोई चुनाव नहीं जीत पाई है अब पार्टी ने उन गांवों की सूची तैयार कर ली है पार्टी ने इन गांवों की सूची प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को सौंप दी है. पार्टी का लक्ष्य इन गांवों में वोट बैंक को बढ़ाना है. पार्टी एक गांव को एक विधानसभा क्षेत्र मानकर कामकरेगी. सबसे पहले इन इलाकों में संगठन को मजबूत करने का काम किया जाएगा और उसके बाद इन गांवों की समस्याओं पर काम किया जाएगा. इसीलिए इन गांवों की रिपोर्ट सरकार को भी सौंपी गई है पार्टी का मानना है कि यदि इन गांवों में वोट बैंक बढ़ता है तो इसका असर कुल वोटों पर भीपड़ेगा. हमने पिछले छह चुनावों का आकलन किया है. जिन गांवों में पार्टी की स्थिति कमजोर थी उन्हें मजबूत करने की रणनीति तैयार की है इस परपार्टी ने काम शुरू कर दिया है.
गाजा में युद्ध विराम के प्रस्ताव को लेकर होना है चुनाव, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा संघ परिषद के युद्ध विराम पर अमेरिका लगा सकता है वीटो

International News: गाजा में युद्ध विराम प्रस्ताव पर बुधवार को मतदान होना है माना जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के युद्ध विरामप्रस्ताव पर अमेरिका वीटो लगा सकता है. प्रस्ताव में गाजा में तत्काल बिना शर्त और स्थायी युद्ध विराम की मांग की गई है. परिषद के 10 निर्वाचितसदस्यों द्वारा बनाए गए प्रस्ताव में दक्षिणी इस्राइल में सात अक्तूबर 2023 को हुए हमले के बाद हमास और अन्य समूहों द्वारा बंधक बनाए गए सभीलोगों की रिहाई की मांग की गई है. इसमें गाजा में मानवीय स्थिति को विनाशकारी बताते हुए मानवीय सहायता के प्रवेश पर सभी प्रतिबंधों कोतत्काल बिना शर्त हटाने पर जोर दिया गया है.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतदान इस्राइल और अमेरिकी समर्थित फाउंडेशन द्वारा गाजा के इस्राइलीसैन्य क्षेत्रों के अंदर सहायता वितरण केंद्रों की स्थापना के बाद हो रही गोलीबारी के बीच होगा. दरकिनार करने के लिए बनाई गई हमास प्रणालीफाउंडेशन का कहना है कि यह प्रणाली हमास को दरकिनार करने के लिए बनाई गई है.वहीं संयुक्त राष्ट्र ने नई प्रणाली को यह कहते हुए अस्वीकारकर दिया है कि यह गाजा में बढ़ते भूख संकट का समाधान नहीं करती. बल्कि इस्राइल को सहायता को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमतिदेती है साथ ही तटस्थता निष्पक्षता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों का अनुपालन नहीं करती. विभिन्न देशों के कई संयुक्त राष्ट्र राजनयिकों ने कहा कि हमेंउम्मीद है कि अमेरिका प्रस्ताव पर वीटो कर देगा संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी मिशन ने इसका कोई जवाब नहीं दिया.गाजा के लगभग 20 लाख लोगअंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर हैं यहां इस्राइल ने गाजा की लगभग सभी खाद्य उत्पादन क्षमताओं को नष्ट कर दिया है इस्राइल ने दो मार्च को गाजा मेंआपूर्ति पर नाकाबंदी लगा दी थी. काम करने की दी जानी चाहिए अनुमतिहालांकि सहयोगियों के दबाव के बाद पिछले महीने के अंत में सीमित सहायता फिर से आनी शुरू हुई.संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक नेमंगलवार को कहा कि गाजा में जरूरतें बहुत ज्यादा हैं और संयुक्त राष्ट्र से गाजा में जो कुछ पहुंच रहा है वह अभी भी बहुत कम है. उन्होंने कहा कि जबसे नाकाबंदी हटाई गई है तब से इस्राइल से केरेम शालोम क्रॉसिंग के फलस्तीनी हिस्से तक सिर्फ 620 ट्रक सामान ही पहुंच पाया है. सिर्फ 370 ट्रकसामान जरूरतमंद लोगों तक पहुंच पाया है जिनमें से कुछ को सशस्त्र गिरोहों ने लूट लिया है.दुजारिक ने कहा कि बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता कीनिर्बाध आपूर्ति तुरंत बहाल की जानी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र को मानवीय सिद्धांतों के पूर्ण सम्मान की शर्तों के तहत सुरक्षा और संरक्षा के साथ काम करनेकी अनुमति दी जानी चाहिए. संयुक्त सुरक्षा परिषद ने गाजा से संबंधित 14 प्रस्तावों पर मतदान किया है और चार को मंजूरी दी है.
संसद के मानसून सत्र की तारीखें हुई घोषित,केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू बोले 12 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र किया जाएगा आयोजित

संसद के मानसून सत्र की तारीखें घोषित हो गईं हैं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि 21 जुलाई से 12 अगस्त तक संसद कामानसून सत्र आयोजित किया जाएगा. विपक्ष की ओर से ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर लगातार की जा रही संसद के विशेषसत्र की मांग के बीच सरकार ने यह एलान किया है.संसद के मानसून सत्र में बीमा संशोधन विधेयक पेश किया जा सकता है. विधेयक में बीमा क्षेत्र मेंएफडीआई की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की तैयारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधेयक का मसौदा तैयार है और इसे जल्द ही मंजूरी केलिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग विधेयक को संसद में पेश करने कीप्रक्रिया शुरू करेगा. संसद का बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजितइससे पहले संसद का बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया गया था. पहला सत्र 31 जनवरी को शुरू हुआ और 13 फरवरी तक चला. संसद केबजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च को शुरू हुआ और चार अप्रैल को समाप्त हुआ था.बजट सत्र में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया थाकि सदन की अब तक की सबसे लंबी बैठक गुरुवार तीन अप्रैल को हुई थी. यह तीन अप्रैल को सुबह 11 बजे शुरू हुई और चार अप्रैल को सुबह4:02 बजे तक चली. ऊपरी सदन में रिकॉर्ड 49 निजी सदस्यों के विधेयक भी पेश किए गए. कुल मिलाकर सदन ने कुल 159 घंटे काम किया, जिसमें आधी रात के बाद 4 घंटे से अधिक समय शामिल है। इस सत्र की उत्पादकता 119 प्रतिशत रही.लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया थाकि संसद के निचले सदन में 26 बैठकें हो चुकी हैं. उन्होंने कहा था कि कुल उत्पादकता लगभग 118 प्रतिशत रही. उन्होंने बताया कि बजट सत्र केदौरान 10 सरकारी विधेयक पेश किए गए. वक्फ संशोधन विधेयक और मुस्लिम वक्फ (निरसन) विधेयक सहित 16 विधेयक पारित किए गए.
भाजपा द्धारा बेघर किए गए झुग्गीवासियों से आम आदमी पार्टी के नेताओं ने की बातचीत, न्याय दिलाने का दिलाया भरोसा

Dellhi News: आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बुधवार को वजीरपुर का दौरा कर भाजपा सरकार द्वारा बेघर किए गए झुग्गीवासियों से मुलाकात कीऔर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया. ‘‘आप’’ दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा गरीबों के साथ खड़ी है. भाजपा ने ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का वादा किया था लेकिन आज पूरी दिल्ली में झुग्गियां तोड़ी जा रही हैं. वज़ीरपुर में भी सैकड़ों परिवारों को बेघरकर दिया गया. उन्होंने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता रोज झूठ बोलती हैं कि उनकी सरकार एक भी झुग्गी टूटने नहीं देगी. चुनाव के वक्त भाजपा नेता रात्रिप्रवास के बहाने झुग्गियां देखने आते थे. ताकि सरकार में आते ही इन गरीबों को उजाड़ सकें इस दौरान बुराड़ी से विधायक संजीव झा और मॉडलटाउन से पूर्व विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी भी मौजूद रहे. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा से लेकर सांसद-विधायक तक दिल्ली चुनाव से पहले झुग्गियों में रात्रि प्रवास के लिए जाते थे. उस वक्त भी “आप” ने झुग्गीवालों को आगाह किया था कि भाजपा केनेता रात्रि प्रवास करने नहीं आ रहे हैं बल्कि झुग्गियां देखने आ रहे हैं अगर भाजपा चुनाव जीत गई. तो ये लोग झुग्गियों को तुड़वा देंगे. उन्होंने कहा किझुग्गीवासियों ने भाजपा के वादों पर भरोसा किया और सोचा कि शायद वे सच बोल रहे हैं कि “जहां झुग्गी, वहां मकान” बनाकर देंगे. रेखा गुप्ता बोलती है रोज झूठसौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रोज झूठ बोलती हैं और कहती हैं कि उनकी सरकार एक भी झुग्गी नहीं टूटने देगी, लेकिनहकीकत में रोज सैकड़ों झुग्गियां खुलेआम तोड़ी जा रही हैं। मुख्यमंत्री खुल्लम-खुल्ला रोज झूठ बोल रही हैं और गरीबों को ठगा जा रहा है? यह कैसा मजाक है। उन्होंने एक परिवार का जिक्र किया, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे हैं, एक दूसरी कक्षा में, एक चौथी में और एक छठी में पढ़ता है। अब ये बच्चे अब कहां और कैसे पढ़ेंगे?सौरभ भारद्वाज ने कहा कि झुग्गीवासियों की छोटी-छोटी आजीविका, […]
प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार भारत के राष्ट्रीय हितों को किया समर्पित, विपक्ष ने साधा निशाना बोले अपेक्षित चतुराई और विश्वगुरु का दर्जा दिखाने की थी आवश्यकता

नमस्ते नरेंद्र को लेकर राहुल गांधी की कल की टिप्पणी इस बात को स्पष्ट करती है कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार भारत के राष्ट्रीय हितों कोसमर्पित किया है उन परिस्थितियों में जब उन्हें अपेक्षित चतुराई और ‘विश्वगुरु’ का दर्जा दिखाने की आवश्यकता थी. कुछ स्पष्ट उदाहरण आम भारतीयोंकी नज़रों से बच नहीं सकते. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बार-बार दावे – 21 दिनों में 11 – कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के लिए हस्तक्षेप किया. यह दर्शाता है कि कैसे मोदी सरकार ने भारत के हितों को समर्पित किया. शिमला समझौते में भारत के लंबे समय सेचले आ रहे रुख की अवहेलना की. भारत और पाकिस्तान को एक साथ रखा यहाँ तक कि अमेरिका को ‘तटस्थ स्थल’ पर बातचीत करने की अनुमतिदी. 23 मई, 2025 को, संयुक्त राज्य अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड डब्ल्यू. न्यायालय में एक हलफनामा किया दायरलुटनिक ने संयुक्त राज्य अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में एक हलफनामा दायर किया जिसमें दावा किया गया कि यह युद्धविराम केवलराष्ट्रपति ट्रम्प के हस्तक्षेप के बाद ही प्राप्त हुआ और दोनों देशों को पूर्ण पैमाने पर युद्ध को टालने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार करनेकी पेशकश की. इस मामले में राष्ट्रपति की शक्ति को बाधित करने वाला एक प्रतिकूल निर्णय भारत और पाकिस्तान को राष्ट्रपति ट्रम्प की पेशकशकी वैधता पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है. जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और लाखों लोगों के जीवन को खतरा हो सकता है. स्टील परटैरिफ से लेकर टेस्ला द्वारा ‘मेक इन इंडिया’ में शामिल न होने तक एलन मस्क को लुभाने के बावजूद स्टारलिंक को प्राप्त करने से जो राष्ट्रीय सुरक्षाचिंताओं से जुड़ा है. पहले व्यापार सौदे पर बातचीत करने में सक्षम नहीं होने से और ट्रम्प के आश्वासन के बावजूद अमेरिका में कई उच्च-स्तरीयमंत्रिस्तरीय यात्राओं के बावजूद चीन को पहले मिल गया. मोदी सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा उल्लिखित लाइन पर चलती दिख रही है. रणनीतिक हितों को खतराजिससे भारत के रणनीतिक हितों को खतरा है हाल ही में अमेरिकी वाणिज्य सचिव द्वारा दिया गया बयान जिसमें उन्होंने रूस से हथियार खरीदने कीभारत की रणनीतिक स्वायत्तता और BRICS में हमारी मौजूदगी की आलोचना की है और बहुचर्चित व्यापार सौदे पर ‘बाजार खोलने, मास्को सेहथियारों की खरीद कम करने और BRICS के साथ अपने जुड़ाव को कम करने’ जैसी शर्तें रखी हैं. यह सोचने के लिए पर्याप्त है कि मोदी सरकार कीविनाशकारी विदेश नीति किस तरह आकार ले रही है. इस साल फरवरी में हमने देखा कि कैसे पीएम मोदी के प्रिय ‘नमस्ते ट्रंप’ ने पाकिस्तान को F-16 लड़ाकू विमानों के रखरखाव के लिए 357 मिलियन डॉलर देने का फैसला किया। भारतीय सेना ने रिकॉर्ड पर कहा है कि हमारे पास यह साबित करनेके लिए पर्याप्त सबूत हैं कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए अमेरिका निर्मित F-16 लड़ाकू विमानोंको तैनात किया था। एक तरफ अमेरिका पाकिस्तान के स्वामित्व वाले F-16 के रखरखाव के लिए पैसे दे रहा है. वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने भारत को F-35 बेचने का करारा झटका दिया है. सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि F-16, F-35 की तुलना में हवाई लड़ाई में बेहतर हैं। यहां तक कि एलनमस्क ने भी उन्हें ‘JUNK’ कहा था.
AAP Accuses BJP of Shielding Private School Mafia, Launches Public Consultation on Fee Bill

Senior AAP leader and Leader of Opposition in the Delhi Assembly, Atishi, has alleged that the BJP-led Delhi government is deliberately withholding the Private School Fee Regulation Bill to protect powerful private school interests. In response, she announced that AAP MLAs will immediately begin a citywide public consultation campaign to gather input directly from parents. […]
आप की तरफ से संजय सिंह की पीएम मोदी को चिट्ठी, ऑपरेशन सिंदूर सीजफायर के फैसले पर बुलाएं संसद का विशेष सत्र

Dellhi News: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर केअचानक लिए गए फैसले को लेकर गहरी चिंता जताई है. संजय सिंह ने मांग की है कि इन मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए ताकि देश कोपारदर्शिता के साथ जानकारी दी जा सके.संजय सिंह ने पत्र में पीएम मोदी से कहा है कि मैं एक चिंतित सांसद और भारत की जनता की आवाज केरूप में आपको यह पत्र लिख रहा हूं. जो राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर स्पष्टता नेतृत्व और पारदर्शिता चाहती है. पहलगाम की दुखद घटना के बाद भारतीयसेना ने त्वरित और सराहनीय कदम उठाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया .जिसके तहत सीमा पार आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनायागया. यह राष्ट्रीय एकता और सैन्य दृढ़ता का क्षण था. ऑपरेशन के बारे में राजनीतिक दलों को जानकारीसर्वदलीय बैठक में बार-बार अनुपस्थितिः सरकार ने ऑपरेशन के बारे में राजनीतिक दलों को जानकारी देने के लिए दो सर्वदलीय बैठक कीं. अफसोसकी बात है कि दोनों में प्रधानमंत्री मोदी मौजूद नहीं थे. उनकी अनुपस्थिति को सभी दलों और इससे भी ज्यादा देश की जनता इस महत्वपूर्ण समय मेंअपने नेता से मजबूत और एकजुट उपस्थिति की उम्मीद करती थी. बैठक में पीएम के उपस्थित नहीं रहने की वजह से सभी को निराशा हुई.दबाव मेंअचानक सीजफायर का एलान: जब ऑपरेशन सिंदूर तेजी से आगे बढ़ रहा था और भारतीय सेना को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) वापसलेने की मजबूत स्थिति में देखा जा रहा था. डोनाल्ड ट्रम्प के एक ट्वीट से सीजफायर की आई खबरतब अचानक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक ट्वीट से सीजफायर की खबर आई. ट्रंप ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान दोनों को व्यापारनहीं करने की धमकी दी. जिसके बाद सीजफायर हुआ.प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई जवाब नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति के सीजफायर को लेकर आए कईसार्वजनिक बयानों और ट्वीट्स के बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई खंडन या स्पष्टीकरण नहीं आया। इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए हैं औरभारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जनता का भरोसा खत्म हुआ है.सरकार ने पहलगाम घटना के दोषियों का अब तक पताक्यों नहीं लगाया और इसमें देरी की वजह क्या है.
मद्रासी कैम्प पर राजनीति तेज़, बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आप नेताओं पर झुग्गीवासियों को वोट बैंक बनाने का लगाया आरोप “जानें क्या पूरा मामला”

Dellhi News: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है की पटपड़गंज छोड़कर जंगपुरा से हार कर दिल्ली से भाग कर पंजाब में जा बसे पूर्वमंत्री मनीष सिसोदिया का आज दिल्ली के विषय में ब्यान देखकर दिल्ली वाले स्तब्ध हैं.आप” नेता बतायें की यदि लोगों ने नाले किनारे या नाले कोढक कर असुरक्षित झुग्गी घर बना लिए थे तो क्या किसी संवेदनशील सरकार को झुग्गी वालों को सुरक्षित एवं बेहतर घर देने चाहिए या पुनः नाले परघर बना कर देने चाहिए. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की बारापूला नाले पर बसे मद्रासी कैम्प के कारण नाले की सफाई का काम गत लगभगएक दशक से रूका हुआ था और इससे आसपास के क्षेत्र ही नही मीलों तक जलजमाव होता था. मद्रासी कैम्प शिफ्ट होने का था मसलागत लगभग एक वर्ष से तत्कालीन अरविंद केजरीवाल एवं सुश्री आतिशी मार्लेना सरकारों के संज्ञान में मद्रासी कैम्प शिफ्ट होने का मसला था पर तब”आप” नेता एक शब्द नही बोले ना ही डयूसिब के माध्यम से इनके पुनर्वास की कोई योजना बनाई और आज मगरमच्छी आंसू बहा रहे हैं.सचदेवा नेकहा है की भाजपा जहां झुग्गी वहीं मकान की घोषित योजना के प्रति कटिबद्ध है पर “आप” नेता बतायें की कुछ वर्ष पूर्व मजबूरी वश यदि लोगों नेनाले किनारे या नाले को ढक कर असुरक्षित झुग्गी घर बना लिए थे तो क्या किसी संवेदनशील सरकार को झुग्गी वालों को सुरक्षित एवं बेहतर घर देनेचाहिए या पुनः नाले पर घर बना कर देने चाहिए. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की खेदपूर्ण है की “आप” नेता हो कांग्रेस नेता इन्होने झुग्गी वालोंको कभी बेहतर जीवन देने के लिए काम नही किया हमेशा इनको वोट बैंक बना कर रखा और अमानवीय परिस्थितियों में जीने को मजबूर किया.