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वाराणसी में इंटरमीडिएट छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 6 आरोपी हिरासत में

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एक इंटरमीडिएट छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर लालपुरपांडेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 29 मार्च से लापता थी छात्रा, परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगीपीड़िता वाराणसी के हुकुलगंज इलाके की रहने वाली है और एक स्पोर्ट्स कोर्स में दाखिले की तैयारी कर रही थी। वह नियमित रूप से यूपी कॉलेजरनिंग के लिए जाती थी। परिजनों के अनुसार, वह 29 मार्च से लापता थी। 4 अप्रैल को परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी दर्ज की गई, जिसके बाद उसे पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। हुक्काबार में कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ, फिर होटलों में गैंगरेप का आरोपपीड़िता ने पुलिस को बताया कि 29 मार्च को एक परिचित युवक उसे पिशाच मोचन क्षेत्र के एक हुक्काबार ले गया था। वहां कुछ अन्य युवक भीमौजूद थे। उसे शक है कि कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश किया गया और फिर सिगरा क्षेत्र के कई होटलों में ले जाकर गैंगरेप कियागया। आरोपी निकले परिचित, इंस्टाग्राम दोस्त और क्लासमेटपीड़िता के अनुसार, आरोपियों में से कुछ उसके जानने वाले, कुछ इंस्टाग्राम फ्रेंड्स और कुछ पढ़ाई के साथी थे। पुलिस ने हुक्काबार में जाकरसीसीटीवी फुटेज की जांच की है और आरोपी युवकों की शिनाख्त की जा रही है। पुलिस ने दर्ज किया केस, एक आरोपी अब भी फरारवाराणसी के डीसीपी वरुणा, चंद्रकांत मीणा ने जानकारी दी कि मामला 29 मार्च से 4 अप्रैल के बीच का है। पहले दुष्कर्म की कोई शिकायत नहीं दीगई थी, लेकिन 6 अप्रैल को पीड़िता और उसके परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई। अभी तक 7 में से 6 आरोपी हिरासत में हैं, एक की तलाश जारी है। पीड़िता बालिग, नाबालिग होने की खबर गलतडीसीपी चंद्रकांत मीणा ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़िता नाबालिग नहीं, बल्कि बालिग है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और सभीके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

राहुल गांधी के दौरे के बीच कांग्रेस नेताओं में भिड़ंत, वीडियो वायरल

राहुल गांधी के बिहार दौरे के दौरान पटना में कांग्रेस पार्टी के अंदर विवाद का नजारा देखने को मिला। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरलहो रहा है, जिसमें पूर्व कांग्रेस विधायक एक पार्टी कार्यकर्ता को दौड़ाते और पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। सदाकत आश्रम में हुई घटना, वायरल हुआ सीसीटीवी वीडियोयह घटना सोमवार को पटना स्थित सदाकत आश्रम में हुई, जहां राहुल गांधी का कार्यक्रम चल रहा था। वीडियो में रीगा विधानसभा क्षेत्र के पूर्वकांग्रेस विधायक अमित कुमार टुन्ना को एक कार्यकर्ता का पीछा करते और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। उस समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता औरपूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह भी गेट के बाहर मौजूद थे।जेब काटने का आरोप, कार्यकर्ता को माराप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहुल गांधी का भाषण चल रहा था और विधायक टुन्ना गंभीरता से उसे सुन रहे थे। तभी कार्यकर्ता रविरंजन की हरकतों नेउनका ध्यान भटका दिया। टुन्ना के अनुसार, रविरंजन जेब में हाथ डालकर कुछ चुराने की कोशिश कर रहा था। जब टोका गया, तो दोनों के बीच बहसहो गई। भाषण खत्म होने के बाद रविरंजन तेजी से बाहर निकला, तो टुन्ना ने उसका पीछा कर उसे पकड़ने की कोशिश की। सार्वजनिक रूप से हुई मारपीट, कई लोगों ने की हाथ साफभागते-भागते दोनों जमीन पर गिर गए, पर टुन्ना ने रविरंजन पर हमला जारी रखा। इस दौरान वहां मौजूद कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने भी युवक को पीटा।गाली-गलौज और मारपीट के बीच युवक किसी तरह भाग निकला। रविरंजन का कहना है कि उसकी पिटाई इसलिए की गई क्योंकि वह डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह का समर्थक है। पार्टी की छवि पर सवाल, वीडियो ने खोली अंदरूनी कलह की परतेंइस घटना ने बिहार कांग्रेस की आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है। राहुल गांधी की मौजूदगी में ऐसा विवाद होना पार्टी की छवि पर असर डालसकता है। अभी तक इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बेंगलुरु में दो लड़कियों से छेड़छाड़, CCTV में कैद हुई घटना

बेंगलुरु के भारती लेआउट में 4 अप्रैल की देर रात दो युवतियों के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि एकयुवक सड़क पर चल रही दो लड़कियों के पास आता है, उनमें से एक को जबरन दीवार की ओर धकेलता है और फिर वहां से भाग निकलता है। CCTV फुटेज में दिखी पूरी वारदातरात करीब 1:52 बजे हुई यह घटना सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में देखा गया कि आरोपी व्यक्ति सुनसान सड़क पर खड़ीदोपहिया गाड़ियों के पास से गुजरते हुए लड़कियों के पीछे जाता है और एक के साथ अनुचित व्यवहार करता है। इस भयावह घटना के बाद लड़कियांडर के मारे रोती और चिल्लाती नजर आईं। मंत्री का बयान बना विवाद का कारणजब इस घटना पर पत्रकारों ने कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर से सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “इस तरह की घटनाएं बड़े शहरों में आम होती हैं।कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और बीट पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।” उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखीप्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि मंत्री का यह रवैया गंभीर अपराध को हल्के में लेने जैसा है। विपक्ष का सरकार पर हमलाभाजपा ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को घेरा है। विपक्ष ने कहा कि वायरल हुआ वीडियो यह दिखाता है कि बेंगलुरु की कानूनव्यवस्था चरमराई हुई है और यह शहर महिलाओं के लिए तेजी से असुरक्षित होता जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थितिबेंगलुरु पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। हालांकि, अभी तक पीड़ित युवतियों की ओर से कोईऔपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बेंगलुरु में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधसरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में बेंगलुरु में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहर में कुल 3,260 मामलों में से1,135 केस छेड़छाड़ से जुड़े थे, जो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय है।

पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपये की एक्साइज ड्यूटी बढ़ी, उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा असर: केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने 7 अप्रैल 2025 को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यहनई दरें 8 अप्रैल से लागू होंगी। राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब पेट्रोल पर कुल उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर और डीजलपर 10 रुपये प्रति लीटर हो गया है। क्या खुदरा कीमतों पर पड़ेगा असर?सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि उत्पाद शुल्क में हुई इस बढ़ोतरी का प्रभाव खुदरा उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। पेट्रोलियम औरप्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णयलिया है। मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयानकेंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उत्पाद शुल्क में की गई यह वृद्धि उपभोक्ताओं पर भार नहीं डालेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीयबाजार में कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट के कारण कंपनियों के पास सस्ती दर पर स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि तेल कंपनियांस्वतंत्र बाजार व्यवस्था के तहत खुदरा मूल्य को वैश्विक कीमतों के अनुरूप समायोजित करती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत की उम्मीदपुरी ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटकर 60 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियोंके पास अभी 75 डॉलर प्रति बैरल की दर पर खरीदा गया स्टॉक मौजूद है। इसलिए आने वाले समय में कीमतों में राहत की संभावनाएं हैं।

आम जनता को महंगाई का झटका, एलपीजी सिलेंडर 50 रुपये महंगा

सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला 8 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा और यह वृद्धि उज्ज्वलायोजना सहित सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगी। उज्ज्वला योजना लाभार्थियों पर भी असरअब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाला सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 503 रुपये की बजाय 553 रुपये में मिलेगा। पहलेजहां उज्ज्वला लाभार्थी गैस सिलेंडर के लिए कम भुगतान करते थे, अब उन्हें भी यह महंगाई झेलनी होगी। आम उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी 853 रुपयेसामान्य उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 803 रुपये से बढ़कर अब 853 रुपये हो गई है। यह निर्णय देशभर में सभी गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर लागू होगा। पेट्रोलियम मंत्री ने दी जानकारीकेंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि गैस की कीमतों में की गई यह बढ़ोतरी अस्थायी है और इसकी हर 2-3 सप्ताह में समीक्षा की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल-डीजल पर बढ़े उत्पाद शुल्क का असर आम जनता पर नहीं डाला जाएगा। वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमतों में राहतजहां एक ओर घरेलू सिलेंडर महंगा हुआ है, वहीं वाणिज्यिक उपयोग में आने वाले 19 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कटौती कीगई है। दिल्ली में अब यह सिलेंडर 1,762 रुपये में उपलब्ध है।पेट्रोल-डीजल पर भी बढ़ा उत्पाद शुल्कसरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर और डीजलपर 10 रुपये प्रति लीटर हो गया है। हालांकि, खुदरा कीमतों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है।

શાંતનુ સેવા મંડળ, વડોદરા

દ્રારા આયોજીત, પક્ષીઓના જલપાન માટે “જલ-કુંડી વિતરણ” કરવાના આવ્યું*વડોદરાના ડિલક્સ ચાર રસ્તા હનુમાનજી મંદિર પાસે શાંતનુ સેવા મંડળ દ્વારા પક્ષીઓને પાણી પીવડાવવા માટે જલ-કુંડી વિતરણકરવામાં આવ્યું.

उत्तराखण्ड के सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार ने लिया बड़ा फैसला,वरिष्ठ नौकरशाहों के प्रभारों में हो सकता है बदलाव

Uttrakhand Latest News: धामी सरकार में अब इसी माह प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है वरिष्ठ नौकरशाह आनंद बर्द्धन के मुख्य सचिवबनने के बाद उनके विभागों का आवंटन अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों को दिया जा सकता है. तीन प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई और आर मीनाक्षीसुंदरम शासन में तैनात हैं.प्रशासनिक व्यवस्था के नए मुखिया की तैनाती के बाद अब धामी सरकार में प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है. शासन मेंतैनात वरिष्ठ नौकरशाहों के प्रभारों में बदलाव हो सकता है. मुख्यमंत्री इसी महीने प्रशासनिक फेरबदल को अंजाम दे सकते हैं इस फेरबदल में कुछजिलाधिकारियों को भी इधर से उधर किया जा सकता है.नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही धामी सरकार अब प्रशासनिक फेरबदल को अंजामदेगी. वरिष्ठ नौकरशाह आनंद बर्द्धन के मुख्य सचिव बनने के बाद उनके विभागों का आवंटन अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों को दिया जा सकता है. तीन प्रमुखसचिव आरके सुधांशु, एल फैनई और आर मीनाक्षी सुंदरम शासन में तैनात हैं. दी जा सकती है नई जिम्मेदारीबर्धन के सीएस बनने से खाली हुए उनके प्रमुख प्रभारों का बंटवारा इन तीनों प्रमुख सचिवों के बीच हो सकता है. इनके अलावा शासन में तैनातसचिवों को भी नई जिम्मेदारी दी जा सकती है. अपर सचिव से सचिव पद पदोन्नत हुए उन नौकरशाहों को कुछ प्रमुख विभाग मिल सकते हैं. जो अभीएक या दो प्रभार देख रहे हैं.अपर सचिव स्तर पर भी कुछ अधिकारियों के प्रभार बदले जा सकते हैं. शासन के अलावा कुछ जिलों में जिलाधिकारियोंको बदले जाने की चर्चाएं गर्म हैं. माना जा रहा है कि गढ़वाल और कुमाऊं के दो-दो जिलों के जिलाधिकारियों को इधर से उधर किया जा सकता है. अगले महीने चूंकि पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है. इसलिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल पंचायत चुनाव से पहले इसी महीने होने की संभावनाहै.

इस्राइल और ब्रिटेन में बढ़ा तनाव, ब्रिटेन की दो सांसदों को इस्राइल ने एंट्री देने से किया इनकार

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि ‘यह बिल्कुल अस्वीकार्य और बेहद चिंताजनक है कि संसदीय प्रतिनिधिमंडलमें शामिल दो ब्रिटिश सांसदों को हिरासत में लिया गया. इस्राइली अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया.इस्राइल की सरकार ने ब्रिटेन की दोसांसदों को अपने देश में एंट्री देने से इनकार कर दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया. बाद में दोनों को निर्वासित कर दिया गया. ब्रिटेन के विदेश मंत्रीडेविड लैमी ने इसे अस्वीकार्य और बेहद चिंताजनक बताया है. इस घटना से दोनों देशों में तनाव पैदा हो गया है. हालांकि इस्राइल ने अभी तक सांसदोंको रोकने की वजह नहीं बताई है.इस्राइल ने जिन सांसदों को एंट्री देने से इनकार किया है उनमें युआन यांग और एब्तेसाम मोहम्मद का नाम शामिल है. दोनों सांसद सत्ताधारी लेबर पार्टी की सांसद हैं दोनों लंदन से इस्राइल पहुंचीं थीं लेकिन इस्राइल की सरकार ने उन्हें अपने देश में एंट्री नहीं दी औरदोनों को एयरपोर्ट से ही निर्वासित कर दिया गया. ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने जताई नाराजगीब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि ‘यह बिल्कुल अस्वीकार्य और बेहद चिंताजनक है कि संसदीय प्रतिनिधिमंडलमें शामिल दो ब्रिटिश सांसदों को हिरासत में लिया गया. इस्राइली अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया. मैंने अपने इस्राइली समकक्ष सेसाफ कह दिया है कि ब्रिटिश सांसदों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए. हम दोनों सांसदों के संपर्क में हैं और उनका समर्थन कररहे हैं ब्रिटेन सरकार का फोकस युद्ध विराम कराने रक्तपात रोकने और बंधकों को मुक्त कराने पर है.ब्रिटेन के एक सांसद को बच्चों के यौन शोषण केआरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि सांसद पर शक है कि उन्होंने एक बच्ची का यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म किया. आरोप है किसांसद ने साल 2000 में बच्ची का यौन शोषण किया. अब जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है आरोपी सांसद सत्ताधारी लेबर पार्टी के नेता हैंऔर गिरफ्तारी के बाद सांसद को पार्टी ने निलंबित कर दिया है. आरोपी सांसद डैन नोरिस ब्रिटेन के नॉर्थ ईस्ट सोमरसेट से सांसद हैं.

बिहार विधानसभा को बाकी है करीब सात महीने,लालू यादव को लेकर संशकित है कांग्रेस

बिहार विधानसभा चुनाव में अभी करीब सात महीने का समय है लेकिन राजनीतिक आयोजन शुरू हो गए हैं. देश के गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टीके पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बिहार आकर लौट चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने बिहार आ रहे हैं. लेकिन उससे पहले 7 मार्च कोलोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बिहार आने वाले हैं. कांग्रेस जिले-जिले तक राहुल गांधी के दौरे के लिए भीड़ जुटाने में जुटी हुई है. इस बीचशनिवार को बिहार कांग्रेस के नए प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने दिल्ली एम्स में जाकर राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से उनकाहालचाल लिया। वह भले भलमनसाहत लिए गए हों. लेकिन बिहार की राजनीति और लालू प्रसाद को ठीक से जानने वाले कांग्रेसी राजद अध्यक्ष कोलेकर बुरी तरह सशंकित हैं.राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में जनता दल यूनाईटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच ‘बड़ा भाई-छोटा भाई’ की लड़ाई कामजा लेने वाले महागठबंधन के दोनों प्रमुख दलों कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल को पता है कि यहां कौन बड़ा है. बीच में कांग्रेस ने तेवर दिखाने कीकोशिश की थी लेकिन फिर जगह पर आ गई। कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग तरह से बोलकर स्वीकार कर लिया कि बिहार में राजद ही बड़ा है. जनता दल युनाईटेड हुआ अलगखैर परेशानी यहां थी भी नहीं परेशानी यह है कि कांग्रेस के लिए तेजस्वी यादव छोटी परेशानी और लालू प्रसाद तो बाकायदा टेढ़ी खीर हैं. जब 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों का जुटान हुआ था. तब कांग्रेस को तत्कालीन महागठबंधन सरकार में दोऔर मंत्रीपद चाहिए था. तब महागठबंधन के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस को तेजस्वी यादव से डील करने के लिए छोड़ दिया. सरकार चली गईलेकिन कांग्रेस तेजस्वी यादव को मैनेज नहीं कर सकी. फिर लोकसभा चुनाव के पहले महागठबंधन से जनता दल यूनाईटेड अलग हो गया. लोकसभाचुनाव में नामांकन की तारीख आ गई.लेकिन कांग्रेस लालू प्रसाद यादव से डील नहीं कर सकी.कोर्ट में विचाराधीन कुछ मामलों में प्रगति के बीच लालूप्रसाद यादव को कंधे-हाथ पर जख्म, शुगर, बीपी आदि की परेशानी के साथ पटना से दिल्ली ले जाकर एम्स में भर्ती कराया गया है. बिहार के कांग्रसियों को याद आया चुनाववह अभी वहीं हैं क्रिटिकल केयर यूनिट में रहते हुए भी उनका सोशल मीडिया हैंडल एक्टिव रहा और वक्फ बिल को लेकर उनकी तीखी प्रतिक्रिया आईतो बिहार के कांग्रेसियों को लोकसभा चुनाव याद आ गया। यह ऐसा डर है. जिस पर अभी कोई खुलकर बात नहीं कर रहा. हालांकि दिल्ली में बिहारके 40 संगठन जिलो के अध्यक्ष-कार्यकारी अध्यक्ष की बैठक में राहुल गांधी के सामने यह डर इशारों जरूर सामने आया. कई जिलाध्यक्षों ने कहा किकांग्रेस जहां से चुनाव लड़ेगी उसकी जानकारी जल्दी दे दी जाए. दरअसल इस बात ने लोकसभा चुनाव की याद दिला दी जब कांग्रेस देखती रह गईऔर लालू ने अपने हिसाब से सीटों पर राजद प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए सिम्बल दे दिया था.

बीते दिन प्रधानमंत्री मोदी ने मछुआरों को लेकर उठाया था मुद्दा,श्री लंका ने 11 मछुआरों को किया रिहा

भारत ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है. पीएम मोदी के मछुआरों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से हल करने की वकालत करने के बाद श्रीलंकाने विवादित मसले का समाधान किया है. प्रधानमंत्री मोदी के भारत लौटने से पहले ही श्रीलंका ने जेल में बंद 11 भारतीय मछुआरों को रिहा करदिया.शनिवार को पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच बातचीत के दौरान मछुआरों का मुद्दा प्रमुखता से उठा था. इस मामले को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की. हम इस बात पर सहमत हुए कि हमें इसमामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए. हमने मछुआरों और उनकी नावों की तत्काल रिहाई पर भी जोर दिया.इसके बाद श्रीलंका ने 11 मछुआरोंको रिहा कर दिया. मछआरों के मुद्दों को लेकर रहा विवाददरअसल श्रीलंका-भारत के बीच मछुआरों के मुद्दे को लेकर हमेशा विवाद रहा है. पहले कई बार श्रीलंकाई नौसेना पाक जलडमरूमध्य में भारतीयमछुआरों के खिलाफ बल प्रयोग कर चुकी है.शनिवार को मीडिया ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि मछुआरों के मुद्दे पर दोनों पक्षोंके बीच काफी विस्तार से चर्चा हुई। इन मुद्दों पर सहयोग के लिए मानवीय और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. येऐसे मुद्दे हैं जो खाड़ी के दोनों किनारों पर मछुआरों की आजीविका को प्रभावित करते हैं.मिस्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यहमछुआरों के लिए एक दैनिक मुद्दा है और हाल के दिनों में की गई कुछ कार्रवाइयों पर पुनर्विचार किया जा सकता है. विदेश सचिव ने कहा था किदोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर चर्चाओं को तेज करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. दोनों पक्ष श्रीलंका और भारत के बीच मछुआरों के संघ की वार्ताका अगला दौर आयोजित करने पर विचार कर रहे हैं.