मल्लिकार्जुन खरगे के अलग बैठने को लेकर बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप, कहा कांग्रेस है दलित विरोधी

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली रामनवमी के अवसर पर अलवर की एक आवासीय सोसायटी के राम मंदिर दर्शन के लिए पहुंचेथे. इसके बाद भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा ने मंदिर में गंगा जल छिड़कर शुद्धिकरण किया था कांग्रेस नेता जूली और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्रीअशोक गहलोत समेत तमाम पार्टी नेताओं ने आहूजा के कृत्य को दलितों का अपमान बताया. इसे लेकर ही भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेहैं.भाजपा ने एक बार फिर कांग्रेस और उसके आलाकमान पर दलित विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया दरअसल, कांग्रेस कार्यसमिति कीबैठक अमहदाबाद में चल रही है. इससे जुड़ा एक वीडियो भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया. इसमेंदिखाया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए अलग से कुर्सी लगाई गई. जबकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी बीच में लगे सोफे परबैठे थे. अमित मालवीय ने लिखा पहले खरगे जी का सम्मान करना सीखो. वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस दलितविरोधी है.दरअसल अमित मालवीय का पोस्ट राहुल गांधी के वीडियो ट्वीट के जवाब में आया जिसमें राहुल ने भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकतारखने का आरोप लगाया था. राहुल गांधी ने वीडिया डालकर लिखाराहुल ने एक वीडियो डालकर लिखा था. भाजपा की दलित विरोधी और मनुवादी सोच का एक और उदाहरण भाजपा लगातार दलितों को अपमानितऔर संविधान पर आक्रमण करती आ रही है. इसलिए संविधान का सिर्फ सम्मान नहीं उसकी सुरक्षा भी जरूरी है. मोदी जी देश संविधान और उसकेआदर्शों से चलेगा. मनुस्मृति से नहीं जो बहुजनों को दूसरे दर्जे का नागरिक मानती है.मामला दो दिन पहले 7 अप्रैल को शुरु हुआ जब कांग्रेस ने अपनेआधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया और भाजपा पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने लिखा राजस्थान विधानसभामें नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली दलित समाज से आते हैं. वे रामनवमी के दिन राम मंदिर में दर्शन के लिए गए। इसके बाद भाजपा के पूर्व विधायकऔर नरेंद्र मोदी के चहेते ज्ञानदेव आहूजा ने राम मंदिर को गंगाजल से धोया. आहूजा का कहना है कि दलित अपवित्र होते हैं। अपवित्र लोग मंदिर मेंआ गए थे. इसलिए हमने राम मंदिर को गंगाजल से धो दिया.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम में लिया हिस्सा,लोगों को किया संबोधित

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विश्व नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यहां उन्होंने लोगों को संबोधित कियाउन्होंने कहा मुझे कहा जाता है. मैं उनको कहती हूं कि मैं हमेशा जाती रहूंगी अगर तुम गोली भी मार दो फिर भी मेरे मन से एकता नहीं निकालसकते.पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीते दिन हुई वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बीच मुख्यमंत्रीममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बुधवार को कहा कि राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम लागू नहीं होगा. कोलकाता में जैन समुदाय केएक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि वह अल्पसंख्यक लोगों और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए हम कदम उठाएंगी। उन्होंने कहा मैंजानती हूं कि वक्फ अधिनियम के लागू होने से आप दुखी हैं. भरोसा रखें, बंगाल में ऐसा कुछ नहीं होगा. जिससे कोई समाज में फूट डालकर राज करसके.ममता ने कहा बांग्लादेश की स्थिति देखिए. इसे अभी पारित नहीं किया जाना चाहिए था. आपको जियो और जीने दो का संदेश देना चाहिए.बंगाल में सुरक्षा देना हमारा कामबंगाल में रहने वालों को सुरक्षा देना हमारा काम है मैं आप सभी से अपील करती हूं कि अगर कोई आपको राजनीतिक रूप से एकत्र होने के लिएउकसाता है. तो कृपया ऐसा न करें कृपया याद रखें कि दीदी आपकी और आपकी संपत्ति की रक्षा करेंगी. अगर हम साथ रहेंगे. तो हम दुनिया जीतसकते हैं.ममता बनर्जी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा हम लोग हर परंपरा को मानते हैं. हमारे यहां जितने भी धर्महैं. सबके लिए हमने बचपन से प्रेम सीखा है मुझे कहा जाता है कि आप हर धर्म के कार्यक्रम में मैं उनको कहती हूं कि मैं हमेशा जाती रहूंगी. अगर तुमगोली भी मार दो फिर भी मेरे मन से एकता नहीं निकाल सकते हमारे यहां हर धर्म परंपरा के त्योहार हैं. सभी धर्म के लोग इंसानियत के लिए प्रार्थनाकरते हैं.वक्फ (संशोधन) विधेयक को बीते गुरुवार को लोकसभा ने पारित किया था. इसके बाद शुक्रवार की सुबह राज्यसभा ने भी इस पर मुहर लगादी थी संसद के दोनों सदनों में लंबी बहस के बाद इसे पारित किया गया था.राष्ट्रपति ने विधेयक को दी मंजूरीराष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने शनिवार को विधेयक को अपनी मंजूरी भी दे दी थी. केंद्र सरकार ने इसे लागू करने के लिए बीते दिन ही अधिसूचना जारी कीथी.इससे पहले बीते दिन मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी. सड़क जाम करने से रोकने पर प्रदर्शनकारियोंऔर पुलिस के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी थी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों कोशांत करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है इलाके में फिलहाल शांति है लेकिन इंटरनेट कोनिलंबित रखा गया है.
टैरिफ को लेकर नर्यात पर पड़ेगा बड़ा असर,आरबीआई गवर्नर ने जताई चिंता

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद दुनियाभर में चल रहे टैरिफ वॉर पर चिंता जताई है. उन्होंनेकहा है कि टैरिफ पर जारी घमासान से वैश्विक विकास दर प्रभावित होने और महंगाई से जुड़ी नई चुनौतियों पैदा होने का जोखिम बढ़ गया है. भारतीयरिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद बताया कि दुनियाभर में चल रहे टैरिफ वॉर के कारण विभिन्नक्षेत्रों का आर्थिक परिदृश्य धुंधला पड़ गया है। मल्होत्रा ने कहा कि इससे दुनिया में विकास दर और महंगाई से जुड़ी नई चुनौतियां पैदा होने काजोखिम बढ़ गया है. भारत पर अमेरिका के जवाबी टैरिफ के प्रभाव पर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि देश के निर्यात पर इसका नकारात्मक प्रभावपड़ेगा.चालू वित्त वर्ष के लिए पहली एमपीसी बैठक के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण वस्तुओं के निर्यात पर दबावदिख सकता है. वहीं सेवाओं के निर्यात में लचीलापन रहने की उम्मीद है. बाजार में गिरावट बढ़ाती रहेंगी जोखिमवैश्विक व्यापार से जुड़े व्यवधानों के कारण पैदा हुई चुनौतियां दुनियभर के बाजार में गिरावट का जोखिम बढ़ाती रहेंगी. वैश्विक अनिश्चितताओं कोदेखते हुए आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास अनुमान को भी 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है.उन्होंने कहा वैश्विकअर्थव्यवस्था में हाल के दिनों में अस्थिरता बढ़ने से अनिश्चितताएं उच्च स्तर पर बनी हुईं हैं. चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर के अनुमान को फरवरी के6.7 प्रतिशत के आकलन की तुलना में 20 आधार अंकों तक कम कर दिया गया है. उन्होंने कहा हालिया व्यापार शुल्क संबंधी घटनाक्रमों ने विभिन्नक्षेत्रों में आर्थिक परिदृश्य पर अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया है. इससे वैश्विक विकास और मुद्रास्फीति के लिए नई चुनौतियां पैदा हो गई हैं इसउथल-पुथल के बीच, अमेरिकी डॉलर में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है. ब्रांड प्रतिफल में कमीइससे बांड प्रतिफल में भी कमी आई है इक्विटी बाजारों में सुधार हो रहा है. और कच्चे तेल की कीमतें तीन वर्षों के निम्नतम स्तर पर आ गई हैं. उन्होंनेकहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए केंद्रीय बैंक सावधानी से कदम उठा रहे हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में नीतियों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं वेअपनी घरेलू प्राथमिकताओं के आधार पर अपनी नीतियां बना रहे हैं.आरबीआई गवर्नर ने कहा हालांकि कई ज्ञात अज्ञात बातें हैं. सापेक्ष टैरिफ काप्रभाव हमारे निर्यात और आयात मांग में लचीलापन और सरकार की ओर से अपनाए गए नीतिगत उपाय जिनमें अमेरिका के साथ प्रस्तावित विदेशीव्यापार समझौता भी शामिल है आदि इनसे टैरिफ के प्रतिकूल प्रतिकूल प्रभाव का स्पष्ट आकलन कठिन हो जाता है.
जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन ने दिया बड़ा सुझाव,अमेरिका भारत जैसे गुटनिरपेक्ष देशों के साथ

जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन ने कहा है कि अर्थव्यवस्था काफी उथल-पुथल का सामना कर रही है इस पर कर सुधार और विनियमन के संभावितसकारात्मक पहलू व टैरिफ व व्यापार युद्ध के संभावित नकारात्मक पहलू का असर पड़ रहा है. डिमॉन ने भारत और ब्राजील जैसे देशों के बारे में क्याकहा है.जेपी मॉर्गन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेमी डिमॉन ने चेताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से हाल ही में घोषित टैरिफउपायों से महंगाई बढ़ सकती है और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी आ सकती है. शेयरधारकों को लिखे अपने सालाना पत्र में उन्होंने यहभी सुझाव दिया है कि अमेरिका को भारत जैसे गुटनिरपेक्ष देशों के साथ घनिष्ठ व्यापारिक संबंध विकसित करने चाहिए बजाय इसके कि वह इन देशोंपर अपनी नीतियां थोपे.उन्होंने कहा हाल ही में लगाए गए टैरिफ से महंगाई बढ़ने की संभावना है और इससे कई लोग मंदी की आशंका जता रहे हैं. जेपी मॉर्गन के सीईओ ने आगाह किया कि बाजार का मूल्यांकन अपेक्षाकृत उच्च बना हुआ है. उन्होंने सोमवार को कहा ये महत्वपूर्ण है और कुछ हदतक अभूतपूर्व ताकतें हमें बहुत सतर्क रहने के लिए मजबूर करती हैं. डिमॉन ने कहा कि भले ही टैरिफ से मंदी न आए लेकिन इससे विकास धीमा होजाएगा.अर्थव्यवस्था काफी उथल-पुथलडिमॉन ने कहा अर्थव्यवस्था काफी उथल-पुथल का सामना कर रही है जिसपर कर सुधार और विनियमन के संभावित सकारात्मक पहलू व टैरिफ और”व्यापार युद्ध” के संभावित नकारात्मक पहलू का असर पड़ रहा है. इसके अलावा मुद्रास्फीति, अधिक राजकोषीय घाटा, परिसंपत्तियों का उच्चतममूल्य और बाजार की अस्थिरता भी अर्थव्यवस्था पर असर डाल रही है.डिमॉन के अनुसार टैरिफ के कारा कुछ महत्वपूर्ण अल्पकालिक प्रभाव पड़ सकतेहैं. उन्होंने कहा हाल फिलहाल में हमें महंगाई के परिणाम देखने को मिल सकते हैं. इसका असर न केवल आयातित वस्तुओं पर बल्कि घरेलू कीमतोंपर भी पड़ेगा. इससे इनपुट लागत में वृद्धि होगी और घरेलू उत्पादों की मांग बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि अमेरिका के अपने कुछ निकटतम सहयोगियों केसाथ व्यापार समझौते नहीं है. और वाशिंगटन मित्रतापूर्ण हाथ बढ़ाकर भारत जैसे गुटनिरपेक्ष देशों को करीब ला सकता है.डिमॉन ने कहा प्रमुखव्यापारिक साझेदारों के साथ उच्च-मानकों के आधार पर व्यापार करने से अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है. यह एक अच्छी जियो पॉलिटिक्स है हमेंभारत और ब्राजील जैसे कई गुटनिरपेक्ष देशों पर अपनी नीतियां थोपने की जरूरत नहीं है. लेकिन हम व्यापार और निवेश के जरिए मित्रतापूर्ण हाथबढ़ाकर उन्हें अपने करीब ला सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयात पर शुल्क बढ़ाकर 26% कर दिया है और ब्राजील सेआयातित उत्पादों पर 10% टैरिफ लगा दिया है.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वक्फ कानून को लेकर जमकर हंगामा, नेकां और पीपुल्स कांफ्रेंस विधायकों के बीत झड़प

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को दूसरे दिन भी वक्फ कानून पर हंगामा जारी है नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्ताव के पर भाजपा विधायकों ने विरोधकिया है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक वक्फ कानून पर चर्चा की मांग पर अड़े हैं.दूसरे दिन हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही शुरू हुई इस दौरान नेकांऔर पीपुल्स कांफ्रेंस के बीच नोकझोंक हुई. नेकां और पीडीपी विधायकों के बीच भी बहस हुई। नेकां के विधायक वक्फ कानून पर विधानसभा मेंबहस की मांग पर अड़ गए.आज सदन में हंगामे और विवाद के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही रोकनी पड़ी. पीडीपी विधायक वाहिद परा को स्पीकरके आदेश पर मार्शलों द्वारा बाहर निकाले जाने के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई.सदन में आम आदमी पार्टी के विधायक महाराज मलिकऔर भाजपा विधायक विक्रम रंधावा द्वारा मुफ्ती पर की गई टिप्पणी के बाद पीडीपी प्रवक्ता मोहित और आप विधायक महाराज मलिक के बीचतीखी बहस हुई। इस बहस ने सदन का माहौल गर्म कर दिया. बाद में स्पीकर ने सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया ताकि सब कुछ शांत होजाए. लेकिन इसके बावजूद प्रश्नकाल की कार्यवाही दूसरे दिन भी नहीं हुई. वक्फ कानून को लेकर हंगामाइस घटनाक्रम ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया.इससे पहले सोमवार को वक्फ कानून पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआसत्ता पक्ष के विधायकों ने इसे मुस्लिम विरोधी करार दिया. भाजपा ने इसका विरोध किया। इससे मामला गरमा गया। दोनों पक्षों में तीखी नोक-झोंकहुई। कांग्रेस विधायक इरफान अहमद लोन और भाजपा विधायक सतीश शर्मा के बीच धक्का-मुक्की हो गई विधेयक के विरोध में लिखे नारों केकागज फाड़ दिए गए. विधानसभा के बजट सत्र का 13 दिनों बाद शुरू हुआ दूसरे चरण का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया. सुबह प्रश्नकाल केशुरू होते ही सत्तापक्ष के तनवीर सादिक, कांग्रेस, पीडीपी व निर्दलीय विधायकों ने वक्फ कानून पर बहस के लिए स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की. इसे स्पीकर एडवोकेट अब्दुल रहीम राथर ने खारिज कर दिया. उन्होंने विधानसभा के नियम 58 के उप नियम सात का हवाला दिया कहा न्यायालय मेंविचाराधीन मामलों पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती. इसका सत्तापक्ष के विधायकों व सहयोगियों ने विरोध जताया वे वेल की तरफ आए औरनारेबाजी करने लगे.भाजपा विधायकों ने कानून के समर्थन में की नारेबाजीवहीं भाजपा विधायकों ने कानून के समर्थन में नारेबाजी की. कहा जिस कानून को देश के सदन ने पास किया है उस पर जम्मू-कश्मीर की विधानसभा मेंचर्चा नहीं हो सकती है.कहा सत्तापक्ष इस मामले में लोगों को गुमराह कर रहा है. तीखी नोक-झोंक के बीच नेकां विधायक सलाम सागर सज्जादशहीन, तनवीर सादिक सहित अन्य विधायक वेल की तरफ बढ़े और वक्फ कानून के विरोध में पर्चे लहराए. सलमान ने प्रश्नकाल के पर्चे फाड़े तोतनवीर सादिक ने अपनी काली बास्केट फाड़कर विरोध जताया. विधायकों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल आबादी वाला प्रदेश है. यहां वक्फपर चर्चा क्यों नहीं हो सकती है तमिलनाडु में इसके लिए प्रस्ताव पारित हुआ है. यह कानून मुस्लिमों पर थोपा गया है इस पर चर्चा करना सांविधानिकअधिकार है. नोक झोंक के बीच सुबह दस से 11 बजे तक का प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया. दिनभर कार्यवाही नहीं हो पाई दो बार सदन कीकार्यवाही स्थगित करने के बाद दोपहर 1:15 बजे स्पीकर ने फिर से कार्यवाही शुरू की. लेकिन विरोध को देखते हुए कार्यवाही को पूरे दिन के लिएस्थगित कर दिया गया.
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना जाहिर की निराशा, कहा बांग्लादेश को विकास के मॅाडल के तौर पर जाता था देखा

शेख हसीना ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि एक समय बांग्लादेश को विकास के मॉडल के तौर पर देखा जाता था. लेकिन आज वह देश आतंकीदेश में बदल चुका है. हमारे नेताओं को जिस तरह से मारा गया. उसे बताया भी नहीं जा सकता.बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने कहा है किअल्लाह ने उन्हें किसी वजह से ही अब तक जिंदा रखा है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अवामी लीग के सदस्यों की हत्या की है उन्हें न्याय के कटघरे मेंलाया जाएगा. शेख हसीना ने बांग्लादेश में हिंसा में मारे गए अवामी लीग के नेताओं के परिजनों से वर्चुअली बात करते हुए ये बात कही। शेख हसीनाको हिंसा के चलते बीते साल अगस्त में पीएम पद के साथ ही देश भी छोड़ना पड़ा था.शेख हसीना ने इस दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार केमुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर निशाना साधा और कहा कि ‘मोहम्मद यूनुस ऐसे व्यक्ति हैं.जिन्होंने कभी भी लोगों से प्यार नहीं किया. पूर्व पीएम ने खोया था अपना परिवारउन्होंने लोगों को ऊंची ब्याज दर पर लोगों को थोड़े-थोड़े पैसे ब्याज पर दिए और उस पैसे से विदेश में आलीशान जिंदगी गुजारी. हम भी उनके दोहरेचरित्र को समझ नहीं सके और हमारी सरकार ने भी उनकी मदद की. लेकिन लोगों को इससे फायदा नहीं हुआ. मोहम्मद यूनुस ने सत्ता की भूख कीवजह से ही अब बांग्लादेश जल रहा है.शेख हसीना ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि ‘एक समय बांग्लादेश को विकास के मॉडल के तौर पर देखाजाता था. लेकिन आज वह देश आतंकी देश में बदल चुका है हमारे नेताओं को जिस तरह से मारा गया. उसे बताया भी नहीं जा सकता अवामी लीगके नेता, पुलिस, वकील पत्रकार और कलाकार सभी को निशाना बनाया जा रहा है. पूर्व पीएम ने कहा कि ‘मैंने अपने पिता, माता, भाई और परिवार केसभी सदस्यों को एक दिन खो दिया था. शेख हसीना ने दी जानकारीउस वक्त भी मुझे देश लौटने नहीं दिया गया था मैं किसी अपने को खोने के दर्द को समझती हूं. अल्लाह ने मुझे बचाया और वह मुझसे कुछ अच्छाकाम कराना चाहता है जो लोग अपराध कर रहे हैं, उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा। ये मेरा वादा है.शेख हसीना ने कहा कि ‘अल्लाह ने उन्हें किसीवजह से ही जिंदा रखा है और मैं जल्द वापस लौटूंगी. शेख हसीना का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है जब बांग्लादेश की सरकार शेख हसीना केप्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है और जब हाल ही में बिम्सटेक सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की थाईलैंड में मुलाकात हुई थी. उसवक्त भी मोहम्मद यूनुस ने शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग उठाई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने भी मोहम्मद यूनुस के सामने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकहिंदुओं के खिलाफ हमलों की घटनाओं पर चिंता जाहिर की थी.
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को रखा बरकरार,अतिरिक्त शिक्षक पदों की CBI जांच नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था. जिसमें पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में25,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण नौकरियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बीतेदिन एक याचिका दायर कर आदेश में संशोधन की मांग की थी.सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल कैबिनेट की ओर से अतिरिक्त पदों के सृजन के फैसले कीसीबीआई जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के एक हिस्से को खारिज कर दिया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति के अन्य पहलुओं के संबंध में सीबीआई जांच जारी रहेगी.दरअसल कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के उसहिस्से को खारिज किया गया है. जिसमें राज्य सरकार की ओर से संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में अतिरिक्त पदों के सृजन के पश्चिम बंगालकैबिनेट के फैसले की सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था. सीबीआई जांच रहेगी जारीहालांकि शीर्ष कोर्ट ने साफ किया कि 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की सीबीआई जांच जारी रहेगी.अतिरिक्तपद से मतलब ऐसे अस्थायी पद से है जो किसी ऐसे कर्मचारी को समायोजित करने के लिए सृजित किया गया हो.जो किसी ऐसे नियमित पद काहकदार हो जिसका वर्तमान में कोई वजूद नहीं है.अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट के खिलाफसीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट का निर्देश अनावश्यक था. इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के उस हिस्से को रद्द कर दिया है. अब सीबीआई कैबिनेटके फैसले के लिए कैबिनेट सदस्यों के खिलाफ जांच नहीं कर सकती है. यह अन्य चीजों के लिए नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआईजांच के निर्देश को छोड़कर अन्य सभी अदालती आदेश लागू रहेंगे.इससे पहले मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने 3 अप्रैल को 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य करार देते हुए पूरी चयन प्रक्रिया को भ्रष्ट और दागदार करार दिया था.
આજરોજ રામનવમી ના ઉપલક્ષ મા સાંઈ સિધ્ધિ મંદિર

આજરોજ રામનવમી ના ઉપલક્ષ મા સાંઈ સિધ્ધિ મંદિર, ટી.પી ૧૩, ખાતે ઉજવણી ના ભાગ રૂપે સાંઈ સત્ચરિત્ર પારાયણ, અન્નકૂટ અનેપાલખીયાત્રા નુ ભવ્ય આયોજન કરવામા આવ્યુ જેમા સંખ્યાબંધ ભક્તો એ ભાગ લઈ કાર્યક્રમ ને ભવ્ય થી અતિભવ્ય બનાવ્યો.
आसाराम की अंतरिम ज़मानत 1 जुलाई तक बढ़ी, हाई कोर्ट का आदेश

जमानत की शर्तों पर नहीं होंगे प्रवचनराजस्थान हाई कोर्ट ने रेप के मामले में दोषी स्वयंभू संत आसाराम की अंतरिम ज़मानत की अवधि को बढ़ाकर अब 1 जुलाई 2025 तक कर दिया है।कोर्ट की यह मंजूरी उसी शर्त पर दी गई है, जो पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई थीं—जिनमें प्रवचन करने और अनुयायियों की भीड़ इकट्ठा करने परपाबंदी शामिल है। 31 मार्च को पूरी हुई थी पहले की जमानतआसाराम की पिछली अंतरिम ज़मानत 31 मार्च को समाप्त हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने 1 अप्रैल की रात को जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पणकिया था। इसके बाद उन्हें एक निजी आयुर्वेदिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोर्ट में वीडियो सबूत पेश, हलफनामा मांगा गया2 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के वकील पीसी सोलंकी ने आरोप लगाया कि आसाराम ने ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।उन्होंने दावा किया कि इंदौर स्थित आश्रम में प्रवचन आयोजित कर उन्होंने अनुचित गतिविधियों में भाग लिया। इस दावे को प्रमाणित करने के लिएअदालत में एक वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद अदालत ने आसाराम से हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने हलफनामा स्वीकार कियाआसाराम के वकील निशांत बोरा ने सोमवार को हलफनामा पेश किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने 1 जुलाई तक अंतरिमज़मानत बढ़ाने के अनुरोध को मंजूरी दी। गुजरात हाई कोर्ट से भी मिली थी जमानतगौरतलब है कि आसाराम को सूरत में दर्ज एक अन्य रेप केस में गुजरात हाई कोर्ट से भी 28 मार्च को तीन महीने की अंतरिम ज़मानत मिली थी।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में छह साल की बच्ची के साथ दरिंदगी, कार की डिग्गी में मिला शव

रामनवमी के दिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ओम नगर उरला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कन्या पूजन के लिए अपनी सहेलियोंके साथ घर से निकली छह साल की मासूम बच्ची का शव रात में एक कार की डिग्गी में संदिग्ध अवस्था में पाया गया। शव पर चोट के गहरे निशान, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोपमासूम के शव को जब बरामद किया गया, तो उसके दोनों हाथ अकड़े हुए थे। चेहरे पर खरोंच के निशान, नाक और होठों से खून बह रहा था। परिजनोंका आरोप है कि बच्ची को सिगरेट से दागा गया, लाइटर से जलाया गया और इलेक्ट्रिक शॉक देकर उसकी हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टिपुलिस के मुताबिक, बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ बलात्कार की पुष्टि हो चुकी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार परजांच आगे बढ़ाई जा रही है। मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। गुस्साई भीड़ ने आरोपी का घर जलायाघटना के बाद स्थानीय लोगों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों में से एक के घर में आग लगादी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। राजनीतिक बवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेराघटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने इसे कानून व्यवस्था की विफलता करार देते हुए दुर्ग एसपी और राज्य के गृह मंत्रीसे इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है। जांच जारी, परिजनों की मांग—दोषियों को मिले फांसीफिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है। इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़िता के परिजन और स्थानीय लोग आरोपियों को फांसी की सजादेने की मांग कर रहे हैं।