असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा ने मोहम्मद यूनुस को सुनाई खरीखोटी, ‘चिकन नेक’को लेकर मोदी सरकार को दिया बड़ा सुझाव

बांग्लादेश में आम चुनाव की आहट के बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का बड़बोलापन दिखाई देने लगा है उनके हालिया बयान सेउनका और मुल्क का असली चेहरा बेनकाब हो गया है. दरअसल यूनुस ने पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों के साथ-साथ नेपाल और भूटान से सटी सीमाओंका भी जिक्र किया. उन्होंने बांग्लादेश को महासागर का एकमात्र संरक्षक बताया था और चीन को बांग्लादेश में निवेश के लिए आमंत्रित कियाथा.असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अंतरिम बांग्लादेश सरकार के बेतुके बयान पर मंगलवार को जमकर पलटवार किया. मोहम्मद यूनुस नेढाका को क्षेत्र में समुद्र का एकमात्र संरक्षक कहा था. इस बयान को सीएम सरमा ने अपमानजनक और कड़ी निंदा योग्य बताया. दरअसल बांग्लादेशके मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने बीजिंग से मुल्क में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाने की अपील की थी. इस दौरान उन्होंने जिक्र किया था कि भारत केपूर्वोत्तर राज्यों का भूमि से घिरा होना एक अवसर साबित हो सकता है. यूनुस की हाल ही में चीन की चार दिवसीय यात्रा के दौरान की गई.CM सरमाने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया. बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस का बयान निंदनीय है. अंतरिम सरकार की तरफ से दिया गया बयानदरअसल अंतरिम सरकार की ओर से अपने बयान में उन्होंने पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों (सेवन सिस्टर्स) को जमीन से घिरा हुआ बताया और बांग्लादेशको उनके महासागर तक पहुंच के संरक्षक के रूप में पेश किया है. यह अपमानजनक और कड़ी निंदा के योग्य है. उन्होंने कहा मोहम्मद यूनुस के ऐसेभड़काऊ बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. वे गहन रणनीतिक विचारों और दीर्घकालिक एजेंडे को लेकर चलने वाले हैं. सरमा ने कहा कियह टिप्पणी भारत के रणनीतिक ‘चिकन नेक’ गलियारे की हलचल को दिखाती है. ऐतिहासिक रूप से भारत में आंतरिक तत्वों ने भी पूर्वोत्तर को अलगकरने के लिए इस महत्वपूर्ण मार्ग को काटने का खतरनाक सुझाव दिया है. इसलिए चिकन नेक गलियारे के नीचे और उसके आसपास और अधिकमजबूत रेलवे और सड़क नेटवर्क विकसित करना जरूरी है. वैकल्पिक सड़क मार्गों की तलाशसीएम सरमा ने पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ने वाले वैकल्पिक सड़क मार्गों की तलाश और विकास को प्राथमिकता देने का भी आह्वान किया. अब’चिकन नेक’ पर ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इससे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं. लेकिन इसे दृढ़ संकल्प औरनवाचार से हासिल किया जा सकता है.दरअसल बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यहां की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मदयूनुस ने ऐसी टिप्पणी की थी. जिससे बांग्लादेश का असली चेहरा बेनकाब हो गया था. चीन की चार दिवसीय यात्रा पर गए यूनुस ने एक कार्यक्रम मेंपूर्वोत्तर भारतीय राज्यों का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत के सात राज्य अभी भी भूमि से घिरे हुए हैं. उन्होंने इस इलाके में चीन को अपनी आर्थिकस्थिति का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया था.
ABVP की मैथिली मृणालिनी ने किया धमाल,पहली बार बनी पटना विश्नविघायल की छात्र संघ की अध्यक्ष

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की मैथिली मृणालिनी ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए 107 साल के इतिहास में पहली बार अध्यक्षपद पर जीत हासिल की है. सेंट्रल पैनल के 5 में से 3 पदों पर महिला उम्मीदवार ने कब्जा किया है. पहले स्थान पर रही मैथिली को 3524 वोट प्राप्तहुए दूसरे स्थान पर रहे एनएसयूआई उम्मीदवार मनोरंजन राजा को 2921 वोट मिले. जबकि तीसरे स्थान पर छात्र राजद उम्मीदवार प्रियंका कुमारी को1047 वोट मिले. मैथिली ने एनएसयूआई उम्मीदवार मनोरंजन राजा को 603 वोट से हराया है.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् समर्थित अध्यक्ष पदउम्मीदवार मैथिली मृणालिनी 3524 वोट लाकर 596 मतों से चुनाव जीती. उपाध्यक्ष पद के निर्दलीय उम्मीदवार धीरज कुमार 1789 वोट लाकर220 मतों से चुनाव जीते. एनएसयूआई समर्थित कोषाध्यक्ष पद उम्मीदवार सौम्य श्रीवास्तव 2707मत लाकर 901 मतों से चुनाव जीती. जनरलसेक्रेटरी पद की निर्दलीय उम्मीदवार से सलोनी राज 4274 मत लाकर 2375 मतों से चुनाव जीती. ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर एनएसयूआई समर्थितरोहन कुमार को 2273 मत मिले और वह 182 वोट से चुनाव जीते. 2273 वोट लाकर जीत की हासिलउन्होंने जनसुराज समर्थित अनु कुमारी को हराया है.वहीं संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई के रोहन सिंह ने 2273 वोट लाकर जीत हासिल की. दूसरे स्थान पर जन सुराज की अनु कुमारी रहीं. जिन्हें 2091 वोट मिले. इस तरह से रोहन सिंह ने 182 वोटों के अंतर से चुनाव जीता. इसके अलावाकोषाध्यक्ष के पद पर एनएसयूआई की सौम्या श्रीवास्तव ने 2707 वोट लाकर जीत हासिल की. दूसरे स्थान पर एबीवीपी के ओमजय रहे जिन्हें1806 वोट मिले इस तरह से सौम्या श्रीवास्तव ने 901 वोट के अंतर से चुनाव जीत लिया. एनएसयूआई ने सेंट्रल पैनल में पहली बार दो उम्मीदवारजीते हैं.इसके अलावा उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी धीरज कुमार को 1789 वोट मिले. जबकि दूसरे नंबर पर एनएसयूआई के प्रकाश कुमार रहे, जिन्हें 1569 मत मिले। धीरज कुमार ने 220 वोटों से जीत हांसिल की. वहीं महासचिव पद पर निर्दलीय सलोनी राज ने 4274 वोट लाकर जीतहासिल की. दूसरे स्थान पर एबीवीपी के अंकित राज रहे जिन्हें 1899 वोट मिले. इस तरह से सलोनी राज ने 2375 वोटों के अंतर से जीत हासिल की.
अभिनेता सनी देओल ने फिल्म को लेकर कहीं बड़ी बात,मैनें ‘जाट’में किसानों की बात कहने की है कोशिश

जाट मैत्री मूवी मेकर्स की पहली हिंदी फिल्म है. जिसे वे अन्य भारतीय भाषाओं में भी डब करके रिलीज करने की तैयारी में हैं.सनी देओल इस फिल्मको लेकर खासे उत्साहित हैं।सिनेमाघरों में करीब 10 हफ्तों तक टिकी रही सनी देओल की फिल्म ‘गदर 2’ को दक्षिण भारतीय भाषाओं में रिलीज नकरने को लेकर इसकी निर्माता कंपनियों के बीच चलती रही सियासत पर फिल्म के हीरो सनी देओल ने पहली बार टिप्पणी की है दरअसल इसकोलेकर सनी देओल ने साफ कहा कि इस फिल्म को दक्षिण भारतीय भाषाओं खासतौर से तेलुगु और तमिल में डब करके जरूर रिलीज किया जानाचाहिए था. लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया गया ये बात इसके निर्माता ही बता सकते हैं. उनकी नई फिल्म ‘जाट’ अगले हफ्ते रिलीज हो रही है.फिल्म‘गदर 2’ का निर्माण इसके निर्देशक अनिल शर्मा ने फिल्म निर्माण कंपनी जी स्टूडियोज के साथ मिलकर किया है. फिल्म ने सिनेमाघरों में 525.70 करोड़ रुपये कमाए और 60 साल से ऊपर उम्र के किसी हीरो की ये भारतीय सिनेमा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का रिकॉर्ड है. सनीदेओल की इसी महीने एक नई फिल्म ‘जाट’ रिलीज हो रही है. पुष्पा और पुष्पा 2 ने मचाया कमालइस फिल्म का निर्माण ‘पुष्पा’ और ‘पुष्पा 2’ जैसी फिल्में बनाने वाली कंपनी मैत्री मूवी मेकर्स ने पीपल मीडिया फैक्ट्री के साथ मिलकर किया है.जाट’ मैत्री मूवी मेकर्स की पहली हिंदी फिल्म है जिसे वे अन्य भारतीय भाषाओं में भी डब करके रिलीज करने की तैयारी में हैं. सनी देओल इस फिल्म कोलेकर खासे उत्साहित हैं सनी देओल इस बात से भी उत्साहित हैं कि फिल्म के ट्रेलर को लोगों का बहुत प्यार और सम्मान मिला है और सिर्फ उत्तरभारत ही नही बल्कि पूरे देश में इसे लोग चाव से देख रहे हैं. सनी देओल को अपनी अगली फिल्म में रणदीप हुड्डा के होने की भी काफी खुशी है.फिल्म‘जाट’ का जिक्र चलने पर वह कहते हैं. डबिंग के दौरान मैंने ये फिल्म पूरी देख ली है। फिल्म बहुत ही धमाकेदार बनी है. ये किसानों की कहानी कहतीएक फिल्म है फिल्म का नाम ‘जाट’ दरअसल किसानों की बात कहने के लिए ही रखा गया है. मेरा मानना है कि खेत में हल जोतने वाला किसानविपदा आने पर कुछ भी कर सकता है. पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद रहे सनी देओल की साउथ सिनेमा केनिर्माताओं के लिए की गई ये पहली फिल्म है. इसके बाद वह इसी साल आमिर खान प्रोडक्शन्स की फिल्म ‘लाहौर 1947’ में नजर आएंगे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा,तीसरे कार्यकाल के लिए किस डेमोक्रेट उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ना करेंगेंपसंद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर वह तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ते हैं तो वह बराक ओबामा के खिलाफ मुकाबला करनाचाहेंगे. उन्होंने 22वें संविधान संशोधन को दरकिनार करने की संभावना का भी जिक्र किया. जो किसी व्यक्ति को दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति बनने सेरोकता है.अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को खुलासा करते हुए कहा कि अगर वह तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने का प्रयास करतेहैं. तो वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहेंगे. ट्रंप टिकटों की ऊंची कीमतों पर बिक्री (स्कैल्पिंग) को रोकने के लिए एककार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रहे थे. इस दौरान उनसे तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने के इरादे को को लेकर कई सवाल पूछे गए थे.इससाप्ताहांत पर उन्होंने 22वें संविधान संशोधन को नजरअंदाज करने के तरीके पर गंभीरता से विचार करने की बात की थी. 22वां संविधान संशोधनकिसी भी व्यक्ति को दो से अधिक बार राष्ट्रपति बनने से रोकता है.कि पूर्व में दो बार राष्ट्रपति रह चुके बराक ओबामा उनके खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टीके उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं तो ट्रंप ने इसको लेकर कहा कि मुझे यह बहुत अच्छा लगेगा. यह एक बेहतरीन मुकाबला होगा. मुझे यहपसंद आएगा.तीसरे चुनाव को लड़ने के लिए कहा गयाउन्होंने आगे कहा मुझे पता है कि लोग मुझसे तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं और इस बारे में एक पूरी कहानी चल रही है. मुझ नहीं पता मैंने इस पर कभी गौर नहीं किया लोग कहते हैं कि इसके लिए कोई रास्ता हो सकता है. लेकिन मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता लेकिनमैंने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया.चुनाव लड़ने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और यह मजाक नहीं है. उन्होंने कहा ऐसे तरीके हैं जिसने आप यह करसकते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तीसरे कार्यकाल के बारे में बात करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी. क्योंकि उनके दूसरे कार्यकाल के शुरुआतके कुछ ही महीने हुए हैं.ट्रंप ने 22वें संविधान संशोधन में एक खामी के बारे में भी बात की. जिसके मुताबिक अगर वह उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के तौरपर चुनाव लड़ते हैं और उनके साथी उम्मीदवार इस्तीफा दे देते हैं.तो वह अपने आप राष्ट्रपति के उम्मीदवार बन सकते हैं. इससे पहले,जनवरी में ट्रंप नेहाउस रिपब्लिकन रिट्रीट के दौरान तीसरे कार्यकाल की संभावना का जिक्र किया था. जब उन्होंने पूछा था.
गाजा में इजराइल बलों ने किया 15 फलस्तीनी चिकित्सकों पर हमला, सामूहिक कब्र में दफनाने का भी मामला आया सामने

संयुक्त राष्ट्र ने इजराइल बलों पर 23 मार्च को राफा के अल-सुल्तान जिले में 15 फलस्तीनी चिकित्सकों को मारने का आरोप लगाया. संयुक्त राष्ट्रका कहना है कि आपातकालीन टीमें हमले में हताहत लोगों को बचाने के लिए गईं थीं. लेकिन इजराइल बलों ने उन पर कई घंटों तक गोलीबारी की. चिकिस्तकों के शव और क्षतिग्रस्त एंबुलेंस को सामूहिक कब्र में दफना दिया गया.संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने इस्राइली सैनिकों पर दक्षिणी गाजा में 15 फलस्तीनी चिकित्सकों को मारने का आरोप लगाया. यूएन ने दावा किया कि सभी चिकिस्तकों को मारने के बाद सामूहिक कब्र में दफना दिया गया. जहां क्षतिग्रस्त एंबुलेंस भी पाई गई आरोप है कि इजराइल सैन्य बुलडोजरों ने चिकिस्तकों के शव और एंबुलेंस को कुचला था. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि18 महीने पहले गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से इस्राइल ने 100 से अधिक नागरिक सुरक्षा कर्मचारियों और 1,000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियोंको मारा है.फलस्तीनियों की भारी भीड़ ने गाजा में नासिर अस्पताल के बाहर मारे गए चिकित्सकों और आपातकालीन कर्मियों का अंतिम संस्कारकिया. फलस्तीनी रेड क्रिसेंट ने लगाया आरोपफलस्तीनी रेड क्रिसेंट ने आरोप लगाया कि श्रमिकों और उनके वाहनों पर स्पष्ट रूप से चिकित्सा चिह्न था. इसके बावजूद इजराइल सैनिकों ने उन्हेंबेदर्दी से मार दिया. वहीं इजराइली सेना ने कहा कि उन्होंने बिना पहचान वाले ‘संदिग्ध’ वाहनों पर गोलीबारी की.मृतकों में रेड क्रिसेंट के आठ कर्मचारीगाजा की नागरिक सुरक्षा आपातकालीन इकाई के छह सदस्य और फलस्तीनियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UNRWA) का एक कर्मचारीशामिल था. इंटरनेशनल रेड क्रॉस/रेड क्रिसेंट ने कहा कि यह आठ वर्षों में उसके कर्मियों पर सबसे घातक हमला. था.इस्राइली बलों ने 23 मार्च कोराफा के तेल अल-सुल्तान जिले में आक्रमण शुरू किया. हमले में हताहतों को निकालने के लिए दोपहर के आसपास आपातकालीन टीमें पहुंची थींजिसके बाद से वह लापता हो गईं हालांकि इस्राइली सेना ने उस दिन पहले ही क्षेत्र को खाली करने की अपील की थी. सेना ने कहा था कि यहांहमास के आतंकवादी छिपे हैं वहीं नागरिक सुरक्षा ने अपने अलर्ट में कहा था कि क्षेत्र में विस्थापित फलस्तीनियों ने शरण ली है. जिन पर इजराइलीसेना ने हमला किया. इजराइली सैनिकों ने लिया था घेरदरअसल जब उन्हें बचाने के लिए आपातकालीन टीम वहां पहुंची तो इस्राइली सैनिकों ने उसे भी घेर लिया.संयुक्त राष्ट्र ने रविवार को कहा किइजराइली बलों ने 23 मार्च को ही पहली टीम को मार दिया था. जब पहली टीम को बचाने के लिए अन्य आपातकालीन टीमें वहां पहुंची तोइजराइली बलों ने कई घंटों तक उन पर हमला किया. वहीं इस्राइली बलों का कहना है कि उन्होंने उन वाहनों पर गोलीबारी की जो बिना किसीआपातकालीन संकेतों के उनकी ओर संदिग्ध रूप से बढ़ रहे थे. प्रारंभिक आकलन से पता चला है कि सैनिकों ने वहां हमास कार्यकर्ता मोहम्मद अमीनशोबाकी और आठ अन्य आतंकवादियों को मार गिराया.
ऋतुराज ने बताया हार का कारण,राहुल 23 रन बनाने के बाद भी रहे फेल “जानें क्या है पूरा मामला”

चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपनी टीम के प्रदर्शन से नाखुश हैं आईपीएल के 18वें संस्करण मेंरविवार को चेन्नई की टीम को लगातार दूसरी हार मिली.183 रनों का पीछा करते हुए सीएसके ने रचिन रवींद्र का विकेट शून्य पर खो दिया था. जबकि राहुल त्रिपाठी पावरप्ले के बाद आउट हो गए थे. राहुल 23 रन बना सके और लगातार तीसरे मैच में फेल रहे राजस्थान से पहले टीम रॉयलचैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ चेन्नई को अपने घर में हार का सामना करना पड़ा था. अब कप्तान ऋतुराज ने हार के लिए खराब शुरुआत और खराबफील्डिंग को जिम्मेदार ठहराया है.नीतीश राणा और वानिंदु हसारंगा की मदद से राजस्थान रॉयल्स ने रविवार को बारसापारा स्टेडियम में खेले गएमुकाबले में छह रन से जीत दर्ज की. 183 रनों का पीछा करते हुए सीएसके ने रचिन रवींद्र का विकेट शून्य पर खो दिया था जबकि राहुल त्रिपाठीपावरप्ले के बाद आउट हो गए थे.राहुल 23 रन बना सके और लगातार तीसरे मैच में फेल रहे.मैच के बाद ऋतुराज ने कहा ‘हमें अच्छी शुरुआत नहींमिल रही है. लेकिन एक बार जब हम ऐसा करेंगे. तो चीजें अलग होंगी हमने खराब फील्डिंग की वजह से आठ से 10 रन अतिरिक्त दिए और यह ऐसीचीज है जिसमें हमें सुधार करने की जरूरत है. गायकवाड़ की 63 रनों की साहसी पारी ने सीएसके के लिए उम्मीद जगाई थी लेकिन नियमित अंतरालपर विकेट गिरने के कारण टीम जीत हासिल नहीं कर सकी. चेन्नई के कप्तान ने बताया नियोजित रणनीतिनंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का कारण पूछे जाने पर चेन्नई के कप्तान ने बताया कि यह एक पूर्व नियोजित रणनीति थी. उन्होंने इसके लिए अजिंक्यरहाणे और अंबाती रायुडू का उदाहरण भी दिया.इसको लेकर ऋतुराज ने कहा पिछले कुछ साल अजिंक्य ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी की थी जबकिरायुडू ने बीच के ओवरों को संभाला था हमने सोचा कि अगर मैं बाद में बल्लेबाजी करूं तो बेहतर होगा.जबकि त्रिपाठी शुरुआत में आक्रमण कर सकतेहैं. यह नीलामी के दौरान ही तय किया गया था.एक समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर रहे महेंद्र सिंह धोनी टीम को जीत नहीं दिला सके. पिछलेमैच में नौवें नंबर पर उतरने के बाद इस मैच में वह सातवें नंबर पर क्रीज पर आए. तब चेन्नई को 12 गेंद में 39 रन की जरूरत थी. उन्होंने तुषार देशपांडेको चौका और छक्का लगाया. हालांकि आखिरी ओवर में जीत के लिए चाहिए 20 रन सीएसके की टीम नहीं बना सकी. धोनी आखिरी ओवर मेंसंदीप शर्मा की गेंद पर विकेट गंवा बैठे शिमरोन हेटमायेर ने बाउंड्री के पास आगे की ओर डाइव लगाकर उनका कैच लपका. उन्होंने 11 गेंद में 16 रनबनाए जडेजा 22 गेंद में 32 रन बनाकर नाबाद रहे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की बीच हुई तीखी बहस,कहा युक्रेन कभी नहीं बन सकता नाटो का सदस्य

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच बहस हो गई थी इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने गलती मानी और समझौते परबातचीत दोबारा करने की पेशकश की। माना जा रहा है यूक्रेन के नाटो सदस्यता के लिए एंसा किया है. हालांकि ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खनिज समझौते और नाटो सदस्यता को लेकर यूक्रेन के इरादे जाहिर किए. उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेनके राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की समझौते से पीछे हटने की कोशिश करते हैं तो उनको बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहाकि यूक्रेन कभी नाटो का सदस्य बनने वाला नहीं है.यूक्रेन के समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करने के पीछे नाटो सदस्यता पाने की मंशा को ट्रंप नेखारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि जेलेंस्की एक सौदा करना चाहते हैं लेकिन मैं देख रहा हूं कि वह खनिज समझौते से पीछे हटने की कोशिश कर रहेहैं. अगर वह ऐसा करते हैं तो कुछ बड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं हमने दुर्लभ खनिज समझौता किया है. जेलेंस्की ने फिर से बातचीत की पेशकश कीहै. नाटो के बनना चाहते है सदस्यवह नाटो का सदस्य बनना चाहते है वैसे वह कभी भी नाटो का सदस्य नहीं बनने वाले. वह इसे समझते हैं.वहीं पुतिन के साथ संबंधों को लेकर ट्रंप नेकहा कि हम हमेशा से अच्छे से साथ हैं. मुझे नहीं लगता कि वे अपनी बात से पीछे हटने वाले हैं। मैं उनको लंबे समय से जानता हूं. इससे पहलेअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन के साथ युद्धविराम समझौता नहीं हुआ तो वह रूस परद्वितीयक प्रतिबंध लगाएंगे। सभी प्रकार के तेल पर 25 से 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. उन्होंने कहा जो भी रूस से तेल खरीदेगा वह अमेरिका मेंकेवल तेल ही नहीं बल्कि अपना कोई भी उत्पाद नहीं बेच सकेगा. हालांकि उन्होंने इस बात को दोहराया कि उनके और पुतिन के संबंध बहुत अच्छेहैं.ट्रंप और पुतिन ने 18 मार्च को फोन पर बात की थी. अपने चुनाव अभियान के दौरान, ट्रंप ने यूक्रेन में युद्ध को हल करने की कसम खाई थी. इसेअपनी पहली विदेश नीति प्राथमिकता बताया था वहीं पिछले हफ्ते रूस और यूक्रेन युद्धविराम पर सहमत हुए थे जिससे काला सागर में सुरक्षित मार्गउपलब्ध हो सकेगा और एक दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोका जा सकेगा.
मोनालिसा को फिल्म ऑफर करने वाले निर्देशक सनोज मिश्रा को किया गया गिरफ्तार,लगाया गया गंभीर आरोप

महाकुंभ 2025’ में वायरल हुई मोनालिसा को अपनी फिल्म में भूमिका ऑफर करने वाले निर्देशक सनोज मिश्रा को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तारकिया गया है. दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद यह गिरफ्तारी हुई है. निर्देशक पर एक महिला ने आरोपलगाया है कि उन्होंने कई वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया.पिछले साल 30 मार्च को 45 वर्षीय सनोज मिश्रा को गाजियाबाद से दिल्लीपुलिस ने गिरफ्तार किया था. जिसके बाद नबी करीम पुलिस ने उन्हें हिरासत में रखा निर्देशक पर एक 28 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि उसकेसाथ चार साल तक सनोज ने रेप किया. फिल्म अभिनेत्री बनने की ख्वाहिश रखने वाली महिला ने दावा किया कि वह मिश्रा के साथ मुंबई में लिव-इनरिलेशनशिप में थी. महिला के अनुसार शोषण के दौरान निर्देशक ने उसे तीन बार गर्भपात कराने के लिए भी मजबूर किया.पीड़िता ने पुलिस को दिएबयान में कहा कि पहले तो सनोज मिश्रा ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. फिल्मों में लालच और दी गई धमकीइसके बाद उसे फिल्मों में काम करने का लालच और धमकी देकर चुप रहने को कहा. बाद में वह शादी के वादे से भी मुकर गए दिल्ली पुलिस केमुताबिक इस मामले में 6 मार्च 2024 को निर्देशक के खिलाफ बलात्कार, मारपीट, गर्भपात कराने और धमकी देने सहित कई धाराओं में एफआईआरदर्ज की गई.अब निर्देशक को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है वह 18 फरवरी 2025 को हुई। जब आरोपी कथित तौर पर पीड़िता को नबीकरीम के होटल शिवा में लेकर आया. निर्देशक सनोज मिश्रा पर आरोप है कि इस दौरान उन्होंने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए और फिर उसेछोड़ दिया. साथ ही उसे धमकी दी कि अगर उनसे शिकायत दर्ज कराई तो वह उसके अश्लील वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करदेंगे. इसके बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई पहले से इस मामले को देख रहे दिल्ली उच्च न्यायालय ने मिश्रा की जमानत याचिका को खारिज करदिया जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है.‘महाकुंभ 2025’ के दौरान वायरल हुई मोनालिसा को सनोज मिश्रा ने अपनी फिल्म ऑफर की. इस घोषणाके बाद से ही वह सुर्खियों में आ गए सोशल मीडिया पर निर्देशक के ऊपर लगे पहले से आरोपों को भी खूब उछाला गया और उनकी आलोचना कीगई.
औरंगजेब की कब्र को लेकर उठे विवाद को लेकर राज ठाकरे ने दी प्रतिक्रिया,कहा व्हाट्सएप पर इतिहास पढ़ना करें बंद

राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में औरंगजेब के नाम पर हो रहे विवाद के बीच प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा मुगल शासक औरंगजेब ने “शिवाजी की विचारधाराको खत्म करने की कोशिश की लेकिन वह इसमें विफल रहा और अंत में महाराष्ट्र में ही मारा गया.महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरेने रविवार को औरंगजेब की कब्र को लेकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के प्रयासों की निंदा की. उन्होंने कहा कि इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे सेनहीं देखना चाहिए. उन्होंने लोगों से व्हाट्सएप पर भेजे गए संदेशों के आधार पर इतिहास को समझने से बचने की सलाह दी और सही ऐतिहासिकतथ्यों को जानने के लिए किताबों को पढ़ने की अपील की. ठाकरे ने कहा कोई देश धर्म के आधार पर प्रगति नहीं कर सकता. उन्होंने तुर्किये काउदाहरण देकर कहा धर्म आपके घर की चारदीवारी के भीतर ही रहना चाहिए. जब मुसलमान सड़कों पर उतरते हैं या दंगे होते हैं तभी हिंदू अलग तरीकेसे पहचाने जाते हैं. ऐसा नहीं होने पर हिंदू जातियों के आधार पर विभाजित होते हैं.शिवाजी पार्क में अपनी वार्षिक गुढ़ी पड़वा रैली को संबोधित करतेहुए ठाकरे ने कहा कि मुगल शासक औरंगजेब ने “शिवाजी नामक विचारधारा” को खत्म करने की कोशिश की. राज ठाकरे का आया बयानलेकिन वह इसमें विफल रहा और अंत में महाराष्ट्र में ही मारा गया.उन्होंने कहा कि बीजापुर के सेनापति अफजल खान को प्रतापगढ़ किले के पासदफनाया गया था और यह छत्रपति शिवाजी महाराज की अनुमति के बिना संभव नहीं था.राज ठाकरे का यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिणपंथीसंगठनों द्वारा छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की जा रही है. इस मुद्दे को लेकर नागपुर में इस महीने कीशुरुआत में हिंसा भी भड़क उठी थी. उन्होंने कहा क्या हम दुनिया को यह नहीं बताना चाहते कि इन लोगों ने मराठों को खत्म करने की कोशिश की. लेकिन इसके बजाय वे खुद खत्म हो गए. व्हाट्सएप पर इतिहास पढ़ना बंद करें और इतिहास की किताबों को पढ़ें. लोगों से विचलित न होने काआग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी से पहले और शिवाजी के बाद के युगों में सामाजिक-राजनीतिक स्थितियां अलग थीं.राज ठाकरे ने कहा किहम अपनी मौजूदा समय की असली समस्याओं को भूल गए हैं। ठाकरे ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ का जिक्र करते हुए कहा कि वे हिंदू जोसिर्फ एक फिल्म देखकर जागरूक होते हैं. वे किसी काम के नहीं हैं. उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या आपको संभाजी महाराज का बलिदान विक्कीकौशल की फिल्म से पता चला और औरंगजेब के बारे में अक्षय खन्ना की वजह से मालूम पड़ा. उन्होंने कहा कि औरंगजेब का जन्म गुजरात के दाहोदमें हुआ था. उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी स्वार्थी राजनीतिक आकांक्षाओं के लिए लोगों को भड़काते हैं. उन्हें इतिहास से कोई सरोकार नहीं है.
पीएम मोदी को भेजा गया ज्ञापन, वक्फ बोर्ड को खत्म करने की गई मांग “दिल्ली में दक्षिणपंथी संगठनों की हुई महापंचायत”

दिल्ली में दक्षिणपंथी संगठनों ने महापंचायत कर वक्फ बोर्ड को खत्म करने और उसकी संपत्तियों के राष्ट्रीयकरण की मांग उठाई. इन संगठनों ने वक्फकानून को भेदभावपूर्ण बताया और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन भेजकर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के अधिग्रहण की मांग की. राष्ट्रीयराजधानी में रविवार को कई दक्षिणपंथी संगनों ने एक महापंचायत आयोजित कर वक्फ बोर्ड को पूरी तरह खत्म करने की मांग की. इन संगठनों नेवक्फ (संशोधन) विधेयक का आंशिक समर्थन किया, लेकिन वक्फ की पूर्ण समाप्ति और इसकी संपत्तियों के राष्ट्रीयकरण की मांग उठाई.जनसंख्यासमाधान फाउंडेशन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन संगठनों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोएक ज्ञापन भेजा और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के राष्ट्रीयकरण की मांग की। यह महापंचायत जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के आह्वान पर आयोजितकी गई थी. जिसमें राष्ट्रीय हिंदू मोर्चा सहित कई दक्षिणपंथी संगठन शामिल हुए. महापंचायत में देशभर से आए संगठनबयान के मुताबिक महापंचायत में देशभर से आए विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं और आम जनता ने एकमत होकर वक्फ बोर्ड को समाप्त करने कीमांग की. इसी को लेकर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया. महापंचायत को संबोधित करते हुए जनसंख्या समाधान फाउंडेशन केअध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि विभाजन के बाद 1954 में पाकिस्तान गए मुसलमानों की संपत्तियां उस समय की भारत सरकार ने यहां केअल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को दे दी थीं.चौधरी ने कहा कि 1955, 1995 और 2013 में वक्फ कानून में संशोधन के कारण वक्फ बोर्ड कोसंपत्तियों पर दावा करने के असीमित अधिकार मिल गए। इसके कारण देशभर में अन्य धर्मों के अनुयायियों की जमीनों पर वक्फ बोर्ड द्वारा अवैधकब्जों की बाढ़ आ गई.महापंचायत ने वक्फ अधिनियम को बताया भेदभावपूर्णबयान में कहा गया कि महापंचायत ने वक्फ अधिनियम को भेदभावपूर्ण पाया और इसे संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार का गंभीर उल्लंघनबताया। इसीलिए महापंचायत ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि वक्फ बोर्ड को समाप्त किया जाए और उसकी सभी संपत्तियों को भारत सरकारअपने कब्जे में ले. चौधरी ने कहा कि जहां तक मुसलमान समुदाय की तथाकथित ऐतिहासिक संपत्तियों के प्रबंधन की बात है तो ऐसी संपत्तियों केसंरक्षण और देखरेख के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) जैसी सरकारी संस्था पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा भारत में पहले से ही भारतीयसोसायटी अधिनियम और भारतीय ट्रस्ट अधिनियम लागू हैं. जिनके जरिये शिक्षा, स्वास्थ्य आदि जैसी सामाजिक सेवा गतिविधियों के लिए धन औरसंपत्ति का उपयोग किया जा सकता है.