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तीन वर्ष की तबादले की नीति पूरी तरह नहीं की जा रही लागू, टैक्स प्लानिंग हो सकती है पहले से आसान

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण आयकर संशोधन किए गए हैं. एक अप्रैल से नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद करदाताओं कोदिमागी कसरत से राहत मिलेगी और टैक्स प्लानिंग भी पहले से आसान हो जाएगी.संसद की एक समिति ने कहा कि किसी मंत्रालय में अधिकारियों केलंबे समय तक पद पर बने रहने से भ्रष्टाचार बढ़ता है. यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अधिकारी किसी भी मंत्रालय में निर्धारित समय सीमा सेअधिक समय तक तैनात न रहें. इसके लिए तुरंत कदम उठाया जाना चाहिए.समिति ने कहा कि पहले से तय नीति के अनुसार सभी तबादले किए जानेचाहिए. किसी भी अधिकारी को किसी भी मंत्रालय में निर्धारित समय सीमा से अधिक नहीं रखना चाहिए. कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्यायविभागों से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संबंधित अनुदान मांगों (2025-26) पर 27 मार्च कोसंसद में पेश 145वीं रिपोर्ट में कहा कि अधिकारियों के तबादले की एक रोटेशनल नीति है. केंद्रीय का मुख्य आधारलेकिन इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा रहा.समिति ने यह टिप्पणी केंद्रीय सचिवालय सेवाओं (सीएसएस) और केंद्रीय सचिवालय आशुलिपिकसेवाओं (सीएसएसएस) के कामकाज की समीक्षा के बाद की है. यह दोनों सेवाएं केंद्रीय सचिवालय के कामकाज का मुख्य आधार हैं.रिपोर्ट में कहागया है कई अधिकारी विशेष रूप से आर्थिक और संवेदनशील मंत्रालयों में 8-9 वर्षों से अधिक समय से तैनात हैं. संगठनों के प्रमुखों को चार-पांचबार बदले जाने के बावजूद ये अपने पद पर जमे हुए हैं. इसका आकलन किया जाना चाहिए ऐसे उदाहरण हैं. जहां अधिकारियों ने अपनी पोस्टिंग इसतरह से करवाई कि उनका पूरा कॅरिअर एक ही मंत्रालय में बना रहा.समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा हमारे संज्ञान में लाया गया है कि विशेष रूप सेसीएसएस और सीएसएसएस में सभी राजपत्रित अधिकारियों का संवेदनशील और गैर-संवेदनशील पोस्टिंग के आधार पर रोटेशन किया जाता है. संवेदनशील स्थानों पर तैनात अधिकारियों को 3 साल के कार्यकाल के बाद बदल दिया जाता है. इसी तरह मंत्रालयों को भी आर्थिक और गैर-आर्थिकके रूप में बांटा गया है.

राष्ट्रपति -उपराष्ट्रपति समेत कई दिग्गजों ने दी ईद की बधाईयाँ, कहा समाज में सद्भाव और भाईचारे के बंधन को और मजबूत करेगा ईदमुबारक

देशभर में ईद का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है अलग-अलग ईदगाहों में लोग नमाज पढ़ने जुटे. इस मौके पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति से लेकरप्रधानमंत्री तक सभी देशवासियों को ईद की बधाई दी.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथसिंह समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने देशवासियों को ईद का बधाई दी. सभी ने सोमवार को लोगों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं और कामनाकी कि यह त्योहार समाज में आशा, सद्भाव और दयालुता की भावना को बढ़ाए. ईद-उल-फितर रमजान के पाक महीने के समापन का प्रतीकहै.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने देशवासियों कोईद का बधाई दी. सभी ने सोमवार को लोगों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह त्योहार समाज में आशा, सद्भाव औरदयालुता की भावना को बढ़ाए. ईद-उल-फितर रमजान के पाक महीने के समापन का प्रतीक है.राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर लिखा ईद-उल-फितर केमुबारक मौके पर सभी देशवासियों विशेष रूप से मुस्लिम भाइयों और बहनों को बधाई. उपराष्ट्रपति समेत रक्षा मंत्री ने दी ईद की बधाइयाँयह त्योहार भाईचारे की भावना को मजबूत बनाता है तथा करुणा-भाव और दान की प्रवृत्ति को अपनाने का संदेश देता है. मैं कामना करती हूं कि यहपर्व सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां लेकर आए तथा सबके दिलों में नेकी के रास्ते पर आगे बढ़ने के जज्बे को मजबूत बनाए.उपराष्ट्रपतिने सोशल मीडिया पर लिखा ‘ईद-उल-फितर पर मैं देश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूं. ईद हमें अपनी सांस्कृतिक विविधता और हमेंएकजुट करने वाले साझा बंधनों से मिलने वाली शक्ति की याद दिलाती है. इस पवित्र दिन का सार केवल उत्सव मनाने से कहीं बढ़कर है. यह एकताकरुणा और आपसी सम्मान के संवैधानिक आदर्शों का प्रतीक है. जो हमारे विविध लोकतंत्र की आधारशिला हैं. ईद की भावना हमें उन मूल्यों के प्रतिखुद को फिर से प्रतिबद्ध करने के लिए प्रेरित करे. जो हमारे आगे के मार्ग को रोशन करते हैं और हमें एक उल्लेखनीय लचीले राष्ट्र के रूप में बांधतेहैं.माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा’ईद-उल-फितर की बधाई. यह त्योहार हमारे समाज में आशा सद्भाव और दयालुताकी भावना को बढ़ाए आपके सभी प्रयासों में खुशी और सफलता मिले ईद मुबारक.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ईद-उल-फितर की हार्दिकशुभकामनाएं. यह त्योहार सभी के लिए सुख,शांति और समृद्धि लेकर आए. आशा है कि यह दिन पूरे समाज में सद्भाव और भाईचारे के बंधन को औरमजबूत करेगा ईद मुबारक.

इंदौर से मिला सलमान खान को हिंदू धर्म अपनाने का निमंत्रण,जानें क्या है पूरा मामला

ये सारा विवाद सलमान खान के हाथ में बंधी घड़ी का है. इस घड़ी में अयोध्या राम मंदिर का चित्रण किया गया है जिस पर सोशल मीडिया परविभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इंदौर के महामंडलेश्वर राम गोपाल दास जी महाराज ने सलमान खान को हिंदू धर्म अपनाने का निमंत्रण दिया है. ईद केमौके पर फिल्म अभिनेता सलमान खान अपनी नई फिल्म ‘सिकंदर’को लेकर चर्चा में है. उनकी फिल्म एक बार फिर उनके प्रशंसकों के लिए उत्साहलेकर आई है. फिल्म रिलीज के साथ ही सलमान खान एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं. ऐसा तो हो नहीं सकता कि चर्चा शुरू हो औरविवाद न खड़ा हो. इस बार विवाद की वजह बनी है सलमान खान के हाथ में बंधी घड़ी. देशभर सलमान की घड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है. इतना हीनहीं भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी इस पर कड़ी टिप्पणी की है वहीं अब इस घड़ी की वजह से सलमान खान को हिंदू धर्म अपनाने कानिमंत्रण भी मिल गया है.दरअसल अभिनेता सलमान खान हर बार उनकी कोई फिल्म की रिलीज के दौरान किसी न किसी कारण से सुर्खियों में आजाते हैं. अयोध्या से जुड़ी घड़ी को लेकर है मामलादरअसल यह ताजा मामला उनके हाथ में बंधी अयोध्या से जुड़ी घड़ी को लेकर है. उनके हाथ पहनी गई घड़ी राम मंदिर का चित्रण करती है. इसकेबाद सोशल मीडिया पर लोग अपने अपने विचार लिख रहे हैं. इस बीच मध्य प्रदेश के इंदौर के महामंडलेश्वर श्री राम गोपाल दास जी महाराज नेसलमान को हिंदू धर्म अपनाने का निमंत्रण दिया है. महामंडलेश्वर ने कहा कि अगर वो हिंदू धर्म अपनाते हैं तो राजवाड़ा में उनके सम्मान में भव्यकार्यक्रम रखा जाएगा. बता दें कि सलमान खान का जन्म इंदौर में हुआ है उनका इंदौर से काफी गहरा नाता है.महामंडलेश्वर राम गोपाल दास ने कहाकि सलमान खान इंदौर के है. अगर वो हिंदू धर्म अपनाते हैं तो राजवाड़े पर श्री रामचंद्र जी के फोटो के सामने उनका स्वागत किया जाएगा. उनकीअगुवाई में एक बड़ा आयोजन भी किया जाएगा. आप आइए हिंदू धर्म स्वीकार कीजिए सनातनी बनिए. अभी तो हाथ में घड़ी पहनी है हम गले में भीराम नाम का दुपट्टा ओढ़ाएंगे.वहीं दूसरी ओर इस घड़ी की वजह से सलमान खान की ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने आलोचना की है. राम मंदिर कीतस्वीर वाली एक घड़ी पहनने पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सलमान को शरियत का गुनहगार बतायाहै. बता दें कि सलमान की ये घड़ी काफी महंगी है जिसकी कीमत लगभग 34 लाख है. इस घड़ी के दुनियाभर में सिर्फ 49 पीस हैं.

अगर आपका मोबाइल नंबर हो गया है बंद, तो बंद हो जाएंगी यूपीआई की सेवाएं “बदल रहे नियम”

नया वित्त वर्ष कल यानी एक अप्रैल से शुरू हो रहा है वित्त वर्ष के पहले दिन से कई बड़े बदलाव हो रहे हैं इनका सीधा असर लोगों की जेब परपड़ेगा.आजकल लगभग सभी लोग अपने रोजमर्रा के काम में यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं. कल से इससे जुड़े नियमों में भी बड़े बदलाव हो रहेहैं.नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए नियम जारी किए हैं. यह नियम एक अप्रैल से लागू हो रहे हैं. इसके मुताबिक अगर आप अपने मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करते हैं तो दूरसंचार कंपनीवह नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को दे सकती है.इसका मतलब है कि अगर आपने पुराने मोबाइल नंबर से यूपीआई लिंक किया है और वह नंबर बंद होगया है. तो आपकी यूपीआई आईडी भी काम नहीं करेगी. यानी आप यूपीआई सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.एक अप्रैल से बैंक और यूपीआईएप ग्राहकों के मोबाइल नंबर रिकॉर्ड को सप्ताह में कम-से-कम एक बार जांचेंगे और अपडेट करेंगे. ताकि बदले गए मोबाइल नंबरों के कारण गलतलेनदेन न हो.इसमें खासतौर पर इन नए नियमों के तहत अगर आप अपने मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करते हैं. तो टेलीकॉम कंपनीउस नंबर को किसी दूसरे व्यक्ति को दे सकती है.इसे मोबाइल नंबर रिसाइकलिंग भी कहते हैं. यूपीआई से नहीं किया लिंक तो नंबर हो जाएगा बंदयानी अगर आपने अपने पुराने नंबर को अभी भी यूपीआई से लिंक नहीं किया है और वो नंबर बंद हो गया है. या 90 दिनों से अधिक दिनों तक नंबर काइस्तेमाल नहीं किया है तो आपकी UPI ID भी काम नहीं करेगी. वहीं बैंक से लिंक नंबर अगर आपका बंद हो जाता है तो आपको बाद में यूपीआईसर्विस इस्तेमाल करने में परेशानी आ सकती है.नए नियमों में क्या-क्या जोड़ा गया है ये आप चेक कर सकते है.इसके अलावा मोबाइल नंबर रिवोकेशनलिस्ट को भी तैयार करना होगा. ये एक ऐसी लिस्ट होती है जिसमें उन मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड रखना होगा जिन्हें यूपीआई ट्रांजैक्शन से हटा दियागया है. यानी अगर कोई व्यक्ति अपने किसी मोबाईल नंबर से यूपीआई का इस्तेमाल नहीं करता है तो इस लिस्ट में उसे डाल दिया जाएगा.बैंक औरपेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को हर हफ्ते अपने डेटा को अपडेट करना होगा ताकि उनके पास लेटेस्ट जानकारी रहे और यूजर्स को पूरी ट्रांसजैक्शन सुरक्षा भीदी जा सके. इसके अलावा यूपीआई में पर्सनल लेन-देन के लिए कलेक्ट रिक्वेस्ट की लीमिट को भी 2000 रुपये कर दिया है. यूपीआई कलेक्टरिक्वेस्ट कोई भी यूपीआई यूजर एक अन्य यूपीआई यूजर को भेजकर पेमेंट के लिए रिक्वेस्ट कर सकता है.

यूपी के मुरादाबाद में नमाज को लेकर हुआ जमकर हंगामा,”पुलिस से हुई नोकझोंक”,लगाए गए धार्मिक नारे,संभल में बढ़ाई गई चौकसी

UP EID Festival: देश में आज ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है इस मौके पर लोग अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में ईद कीनमाज अदा करने का समय भी अलग-अलग है. वहीं यूपी में सड़क पर नमाज पढ़ने से रोक के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है. बता दें मुरादाबाद मेंईद की नमाज को लेकर अलर्ट मोड जारी किया है. पुलिस लोगों को सड़क पर ईद की नमाज न पढ़ने की सलाह दे रही है. इसके लिए माइक सेपुलिसकर्मी सड़क पर नमाज अदा न करने की अपील कर रहे हैं. वहीं ईदगाह में जगह फुल होने के बाद कई लोगों को रोका गया है. बता दें इस्लामिकसेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने सड़क पर नमाज न पढ़ने की अपील की है. मुरादाबाद में ईदगाह मैदान मेंनमाजियों को जाने से रोकने पर हंगामा हो गया. लोगों के विरोध जताने पर उनकी पुलिस से नोकझोंक हो गई पुलिस ने बताया कि ईदगाह के भर जानेके कारण सुरक्षा के लिहाज से लोगों को रोका गया. हंगामे को देखते हुए मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को समझा कर शांत करवाया.इसकेबाद दोबारा नजाम अदा करवाई गई एसएसपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले का जायजा लिया. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखनेकी अपील की है. उधर, ईद की नमाज के लिए ईदगाह पर सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. सड़क से लेकर छत तक किया गया पुलिस कर्मियों को तैनातसड़क से लेकर छत तक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है.संभल में ड्रोन से पूरे एरिया की निगरानी की जा रही है. पूरे इलाके में अतिरिक्तपुलिसकर्मियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं.ईद की नमाज के मद्देनजर शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करने के साथ ही यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जनप्लान तैयार किया है. सोमवार दोपहर बारह बजे तक शहर में रोडवेज बस समेत सभी तरह के भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. वहीं ईदगाह रोडऔर उसके आसपास की सड़कों पर सभी तरह के वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध रहेगा. एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि रूटडायवर्जन सोमवार सुबह छह बजे से लागू कर दिया गया है. वाहनों को रोकने के लिए शहर में जगह-जगह बैरियर लगाकर पुलिसकर्मियों की ड्यूटीलगाई गई है. संभल चौराहे से लोग पैदल ही ईदगाह की ओर जा सकेंगे। दोपहर 12 बजे के बाद यातायात सामान्य हो जाएगा.ईद की नमाज केमद्देनजर यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है. सोमवार दोपहर 12 बजे तक शहर में रोडवेज बसों और अन्य भारी वाहनों का प्रवेशप्रतिबंधित रहेगा. ईदगाह रोड और आसपास की सड़कों पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी. सुबह 6 बजे से जगह-जगह बैरिकेडिंगकर पुलिस बल की तैनाती की गई है। संभल चौराहे से लोग केवल पैदल ही ईदगाह जा सकेंगे.

गृहमंत्री अमित शाह करेंगें हरियाणा दौरा, “सीएम सैनी भी रहेंगें मौजूद”मेडिकल कॅालेज को देंगें हॅास्टल और आईसीयू की सौगात

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मेडिकल कॉलेज परिसर में 32 बेड के अत्याधुनिक सुविधाओं वाले आईसीयू का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही 20 फीटऊंची महाराजा अग्रसेन की 800 किलोग्राम वजनी प्रतिमा का अनवारण करेंगे. पीजी स्टूडेंटस के लिए बनने वाले 60 कमरों के छात्रावास भवन कीआधारशिला भी रखेंगे.अमित शाह सोमवार को अग्रोहा स्थित महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज को कई विकास कार्यों की सौगात देंगे. शाह सुबह 11 बजे मेडिकल कॉलेज में पीजी हॉस्टल का शिलान्यास, आईसीयू और महाराजा अग्रसेन की विशाल प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे. प्रतिमा का अनावरणरिमोट कंट्रोल से बटन दबाकर किया जाएगा. प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रविवार शाम तक समारोह संबंधी तैयारियों को अंतिम रूप देदिया.केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे की तैयारियों के मद्देनजर उपायुक्त अनीश यादव ने मेडिकल कॉलेज सभागार में बैठक रखी. उपायुक्त ने बताया किकेंद्रीय गृह मंत्री के आगमन से संबंधित तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं. पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षाके व्यापक प्रबंध किए हैं. ड्रोन समेत अन्य चीजें उड़ाने पर रहेंगी पाबंदीसुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक कार्यक्रम स्थल के 2 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य किसी तरह की वस्तु उड़ाने पर पाबंदी रहेगी. पुलिस कीपांच कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिसमें 2 कंपनी दूसरे जिलों से बुलाई गई हैं. मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम स्थल के 2 किलोमीटर के दायरे में धारा163 लागू की गई है. बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सी जयाश्रद्घा व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.इससे पूर्व उपायुक्त ने सभी अधिकारियोंके साथ कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया.मेडिकल कॉलेज परिसर में 32 बेड के अत्याधुनिक सुविधाओं वाले आईसीयू का उद्घाटनकरेंगे. इसके साथ ही 20 फीट ऊंची महाराजा अग्रसेन की 800 किलोग्राम वजनी प्रतिमा का अनवारण करेंगे. पीजी स्टूडेंटस के लिए बनने वाले 60 कमरों के छात्रावास भवन की आधारशिला भी रखेंगेका. कार्यक्रम का आयोजन ओपी जिंदल ऑडिटोरियम में होगा. बढ़ाई गई बेड़ो की संख्यामेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि पहले 8 बेड का आईसीयू था अब इसे बढ़ाकर 32 बेड कर दिया है. चार गुणा क्षमतावाले नए आईसीयू भवन में अत्याधुनिक सेवाएं मिलेंगी समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्यमंत्री रणबीर सिंह गंगवा, सांसद नवीन जिंदल, विधायक सावित्री जिंदल, पूर्व राज्यसभा सांसद डीपी वत्स सहित कई मंत्री व विधायक भी मौजूदरहेंगे.उपायुक्त अनीश यादव ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का दायित्व पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन को सौंपा गया, जबकि मुख्य मंचऔर आतिथ्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अतिरिक्त उपायुक्त सी जयाश्रद्घा और एसडीएम ज्योति को दी गई है। चिकित्सा सुविधाओं के लिए सिविलसर्जन डॉ. सपना गहलावत को एम्बुलेंस और चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिए हैं.

म्यांमार में 7.7 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप, 1700 से ज्यादा की मौत, आफ्टरशॉक्स का खतरा बरकरार

म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई। अब तक करीब 1,700 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारोंघायल हुए हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र मांडले शहर में था और यह 10 किलोमीटर की गहराई मेंआया था। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या 10,000 तक पहुंच सकती है। आफ्टरशॉक्स की चेतावनीभूवैज्ञानिक जेस फीनिक्स ने बताया कि इस भूकंप से इतनी ऊर्जा निकली है जितनी 334 परमाणु बमों के विस्फोट से निकलती है। उन्होंने चेतावनी दीकि इस क्षेत्र में लंबे समय तक आफ्टरशॉक्स आते रह सकते हैं। भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरोशियन प्लेट की टकराहट के कारण म्यांमार के इसक्षेत्र में महीनों तक झटके महसूस किए जा सकते हैं। राहत एवं बचाव कार्यभूकंप के तुरंत बाद, स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने राहत कार्य शुरू कर दिया। भारत ने ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत राहत अभियान तेजकर दिया है। भारत की सहायताभारत ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए दो C-17 विमानों के माध्यम से 118 सदस्यीय चिकित्सा दल और 60 टन राहत सामग्री भेजीहै। इसके अलावा, भारतीय नौसेना के जहाज INS सतपुरा और INS सवित्री 40 टन मानवीय सहायता लेकर यांगून पहुंचे हैं। भारत द्वारा भेजी गईसहायता सामग्री में कंबल, तिरपाल, हाइजीन किट, स्लीपिंग बैग, सोलर लैंप और खाने के पैकेट शामिल हैं। चीन भी राहत कार्य में शामिलभारत के अलावा चीन ने भी म्यांमार की सहायता के लिए 37 सदस्यीय टीम भेजी है। यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली और ड्रोन जैसी तकनीक केमाध्यम से राहत कार्यों में सहायता कर रही है। बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवसंरचनाभूकंप के कारण कई शहरों में सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक अवसंरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस तबाही को देखते हुए म्यांमार की सैन्य सरकार नेअब तक 1,644 से अधिक मौतों की पुष्टि की है और राहत प्रयासों को तेज कर दिया है। आगे की स्थितिभूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्य जारी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी हुई है, जिससे लोगों को सतर्क रहनेकी आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने म्यांमार को सहायता देने की पेशकश की है ताकि प्रभावित लोगों की जल्द से जल्द मदद की जासके।

कुल्लू में भूस्खलन से बड़ा हादसा, छह लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मणिकर्ण में रविवार शाम करीब पांच बजे एक बड़ा भूस्खलन हुआ। यह हादसा गुरुद्वारा के पास हुआ, जिसमें छहलोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के समय मृतक सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे बैठे थे, जब पहाड़ी सेखिसकते मलबे ने पेड़ को उखाड़ दिया और वह लोगों पर गिर गया। प्रभावित लोग और क्षति का आकलनइस हादसे में सड़क किनारे रेहड़ी चला रहे एक व्यक्ति की जान चली गई, वहीं एक सूमो कार में सवार दो लोग और तीन पर्यटक भी इस दुर्घटना काशिकार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कर दिया गया। मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाईकुल्लू के एडीएम अश्वनी कुमार ने इस दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है और राहत एवं बचाव कार्यतेजी से चल रहा है। प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं।सड़क अवरुद्ध, यातायात प्रभावितभूस्खलन के कारण एक विशाल चीड़ का पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। सड़क पर मलबा जमा होने केकारण कुल्लू-मणिकर्ण मार्ग बाधित हो गया है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। पुलिस ने ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ दियाहै। सर्च ऑपरेशन जारीस्थानीय लोगों की मदद से राहत बचाव कार्य किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, इसलिएसर्च ऑपरेशन जारी है। प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्र में न जाने की अपील कर रहा है।

कन्हैया कुमार ने बीच में रोकी ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा, विवाद के बाद दिल्ली रवाना

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने रविवार को बिहार में चल रही अपनी ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा को अचानक रोक दिया और दिल्ली के लिएरवाना हो गए। बताया जा रहा है कि यह फैसला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कन्हैया के सुरक्षाकर्मियों के बीच हुए विवाद के बाद लिया गया। यहघटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कररही है। अररिया में पदयात्रा के दौरान हुआ विवादजानकारी के मुताबिक, अररिया में पदयात्रा के दौरान कुछ लोग कन्हैया कुमार को माला पहनाने और उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे।इसी दौरान उनके सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को रोकने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की हो गई। इस विवाद में कुछ कार्यकर्ता गिर भी गए, जिसकेबाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके चलते कन्हैया कुमार ने अररिया के बस स्टैंड पर ही अपनी पदयात्रा रोक दी। दिल्ली से आया फोन, अचानक लिया फैसलाकांग्रेस के जिला नेताओं का कहना है कि कन्हैया कुमार को दिल्ली से कॉल आया था, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, पदयात्रा रोकनेके पीछे असली कारण क्या है, इस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बेरोजगारी और पलायन पर केंद्रित थी पदयात्राकन्हैया कुमार की यह पदयात्रा बिहार में बढ़ती बेरोजगारी और राज्य से हो रहे पलायन के मुद्दे को लेकर थी। इसकी शुरुआत चंपारण के भितिहरवा सेहुई थी, जहां से महात्मा गांधी ने अपने चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत की थी। कांग्रेस इस अभियान को बिहार में अपनी स्थिति मजबूत करने के एकप्रयास के रूप में देख रही थी। राजनीतिक हलचल और कांग्रेस की रणनीतिबिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस भी राज्य में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कररही है। हालांकि, इस विवाद के कारण कन्हैया कुमार की यात्रा को बीच में ही रोकना पड़ा, जिससे पार्टी की रणनीति पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, कांग्रेस की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के नेता स्थिति को संभालने की कोशिश कररहे हैं।

झारखंड के जमशेदपुर में एनकाउंटर, यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस ने मुख्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज कनौजिया को किया ढेर

झारखंड के जमशेदपुर में उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के शूटर अनुज कनौजिया को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। इस संयुक्तअभियान को यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस ने मिलकर अंजाम दिया। अनुज पर हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत 23 से अधिकआपराधिक मामले दर्ज थे। उसे गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस ने विशेष टीमें गठित की थीं। जमशेदपुर में मिली अंतिम लोकेशनपुलिस को सूचना मिली थी कि अनुज कनौजिया जमशेदपुर में छिपा हुआ है। जांच में उसकी अंतिम लोकेशन गोविंदपुर के जनता मार्केट के पासअमलता सिटी के भूमिहार सदन में मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई और उसे घेरने की रणनीति बनाई। पुलिस ने सरेंडर करने का दिया निर्देशशनिवार की शाम यूपी और झारखंड पुलिस ने मिलकर अनुज को घेर लिया। खुद को घिरा देख अनुज ने 9 एमएम पिस्टल से पुलिस टीम पर करीब20 राउंड फायरिंग की। इस दौरान यूपी एसटीएफ के डीएसपी धर्मेश कुमार शाही के कंधे के नीचे गोली लगी। पुलिस ने अनुज को बार-बार सरेंडरकरने के लिए चेतावनी दी, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने अनुज को मार गिराया। अनुज कनौजिया का आपराधिक इतिहासअनुज कनौजिया का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा था। वह मऊ का निवासी था और मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर माना जाता था। पहले उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसे बाद में बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया था। मऊ और गाजीपुर में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे। पुलिस की लंबी तलाश और सख्त कार्रवाईअनुज पिछले पांच सालों से फरार था और पुलिस से बचने के लिए लगातार जगह बदल रहा था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने कई प्रयास किए थे, यहां तक कि आजमगढ़ में स्थित उसके घर पर बुलडोजर तक चलाया गया था। उसके परिवार के सदस्यों पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुईथी। आखिरकार, यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। यहाँ मुख्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज कनौजिया के एनकाउंटर की पूरी जानकारी को नए रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें प्रमुख घटनाओं कोउपशीर्षकों के साथ स्पष्ट किया गया है। यदि कोई और जानकारी या सुधार चाहिए, तो बताएं!