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लोकसभा में बोलने से रोका गया: राहुल गांधी का आरोप, स्पीकर ने आचरण सुधारने की दी नसीहत

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद भवन के बाहर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी वह लोकसभा में बोलने केलिए खड़े होते हैं, तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब सदन की कार्यवाही उनके बोलने से पहले ही स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ने दी थी नियमों के पालन की नसीहतलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को सदन के नियमों और आचरण का पालन करने की सलाह दी थी। राहुल गांधी इस पर अपनीप्रतिक्रिया देना चाहते थे, लेकिन इससे पहले ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें अवसर नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने संसद से बाहर आकर मीडिया सेबातचीत में कहा कि उन्हें सदन में बोलने से रोका जा रहा है। सदन की गरिमा बनाए रखने की अपीललोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के सदस्यों से उच्च मानदंड बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ घटनाएं हुई हैं, जोसदन की मर्यादा और परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा, “सदन में पिता-पुत्री, मां-बेटी और पति-पत्नी सदस्य रहे हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष से यह अपेक्षा की जाती है कि वे लोकसभा के नियमों केतहत आचरण करें और सदन की प्रतिष्ठा बनाए रखें।” राहुल गांधी पर विशेष टिप्पणीलोकसभा अध्यक्ष ने विशेष रूप से राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष से मर्यादा और अनुशासन की उच्च अपेक्षा कीजाती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता को ऐसा आचरण करना चाहिए जो सदन की परंपरा के अनुरूप हो। ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी सदस्यों को संसदीय नियमों का पालन करना चाहिए औरशालीनता बनाए रखनी चाहिए।

कुणाल कामरा पर विवाद गहराया, पुलिस ने भेजा दूसरा समन

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर विवादित कविता सुनाने के बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मुंबईकी खार पुलिस ने कामरा को दूसरा समन जारी कर पूछताछ के लिए हाजिर होने का आदेश दिया है। इससे पहले पुलिस ने उन्हें मंगलवार सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन कामरा हाजिर नहीं हुए। उन्होंने एक हफ्ते की मोहलत मांगी, जिसे पुलिस ने ठुकरा दिया। स्टूडियो से जुड़े लोगों से भी पूछताछपुलिस फिलहाल The Habitat स्टूडियो के स्टाफ और वहां मौजूद लोगों के बयान दर्ज कर रही है। इसी स्टूडियो में कुणाल कामरा ने एकनाथ शिंदेपर विवादित कविता सुनाई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस वीडियो के बाद शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं नेस्टूडियो में तोड़फोड़ की, जिसके चलते कई लोगों पर मामला दर्ज किया गया। क्या है पूरा मामला?अपने स्टैंडअप कॉमेडी शो में कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहा था। उनके इस बयान पर शिवसेना कार्यकर्ताओंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ‘मैं माफी नहीं मांगूंगा’ – कुणाल कामराविवाद बढ़ने के बाद कुणाल कामरा ने एक बयान जारी कर कहा कि वे माफी नहीं मांगेंगे। इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा—“मैं इस भीड़ से नहीं डरता और न ही अपने बेड के नीचे छिपकर शांत होने का इंतजार करूंगा। मैंने वही कहा, जो अजीत पवार (फर्स्ट डिप्टी सीएम) नेएकनाथ शिंदे (दूसरे डिप्टी सीएम) के बारे में कहा था।” वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी साधा निशानाकामरा ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर व्यंग्य किया। उन्होंने एक गाने की पैरोडी बनाकरउनकी नीतियों पर सवाल उठाए। क्या कहा कामरा ने?आपका टैक्स का पैसा हो रहा है हवा हवाई,इन सड़कों की बर्बादी करने सरकार है आई।मेट्रो है इनके मन में खोद कर लें अंगड़ाई,ट्रैफिक बढ़ाने ये है आई, ब्रिजेस गिराने ये है आई।कहते हैं इसको तानाशाही। उन्होंने आगे गाया—“देश में इतनी महंगाई, सरकार के साथ है आई।लोगों की लूटने कमाई, साड़ी वाली दीदी आई।सैलरी चुराने ये है आई, मिडिल क्लास दबाने ये है आई।पॉपकॉर्न खिलाने ये है आई, कहते हैं इसको निर्मला ताई।” शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने किया हंगामाकामरा का वीडियो वायरल होने के बाद शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने The Habitat स्टूडियो में जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस घटनापर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या होगा आगे?कुणाल कामरा को अब पुलिस पूछताछ के लिए जल्द हाजिर होना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

सपा सांसद रामजीलाल सुमन के बयान पर बवाल, करणी सेना का हंगामा

सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के राणा सांगा पर दिए गए बयान को लेकर करणी सेना ने उनके घर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरानप्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो वे उग्र हो गए और तोड़फोड़ करने लगे।भगदड़ के बीच पथराव भी हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सांसद के घर के बाहर हिंसा, पुलिस पर हमलाकरणी सेना के कार्यकर्ता सांसद रामजीलाल सुमन के आवास का घेराव करने पहुंचे थे। पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिनप्रदर्शनकारी आवास के मुख्य द्वार तक पहुंच गए। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और पुलिस पर कुर्सियां और डंडे फेंके गए। हमले में एक इंस्पेक्टरसहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सुबह से चल रही थी तैयारी, बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताकरणी सेना के कार्यकर्ता सुबह से ही विरोध प्रदर्शन की तैयारी में थे। एत्मादपुर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए थे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने कीकोशिश की। इसके बावजूद, दोपहर में करणी सेना के सदस्य सपा सांसद के हरीपर्वत स्थित आवास तक पहुंच गए, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। दिल्ली हाईवे पर भी जाम, पुलिस ने किया बल प्रयोगघटना के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली हाईवे को भी जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति पर काबू पाया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। क्या कहा था रामजीलाल सुमन ने?राज्यसभा में अपने बयान में रामजीलाल सुमन ने कहा था, “अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो हिंदू गद्दार राणा सांगा के वंशजहोने चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि बाबर को भारत लाने में राणा सांगा की भूमिका थी, इसलिए अगर मुसलमानों को बाबर की संतान कहा जाताहै, तो हिंदुओं को भी यह स्वीकार करना चाहिए कि वे राणा सांगा के वंशज हैं। बयान पर तीखी प्रतिक्रिया, करणी सेना ने जताई आपत्तिरामजीलाल सुमन के इस बयान पर करणी सेना और कई अन्य हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। करणी सेना ने इसे राजपूतों के इतिहास काअपमान बताया और सांसद से माफी की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद सांसद ने सफाई देते हुए कहा कि वे सिर्फ ऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र कर रहेथे और उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। स्थिति पर पुलिस की नजर, अतिरिक्त बल तैनात बवाल के बाद पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। हिंसा फैलाने वाले कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, और हालातपर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की विवादित टिप्पणियों पर लगाई रोक, फैसले को बताया असंवेदनशील

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश की कुछ टिप्पणियों पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि अभियोजन के अनुसार पीड़िता काप्राइवेट पार्ट पकड़ना और पायजामे की डोरी खींचना बलात्कार या बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में नहीं आता। जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए इस पर सुनवाई की। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट की टिप्पणियों को “असंवेदनशील” और “अमानवीय दृष्टिकोण” करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई और तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट के फैसले पर स्वत: संज्ञानसुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने कानिर्देश दिया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 17 मार्च को दिए अपने फैसले में कहा था कि अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने लड़की के प्राइवेट पार्ट कोपकड़ा, उसके पायजामे की डोरी तोड़ दी और उसे घसीटने का प्रयास किया। हाई कोर्ट ने माना कि इन तथ्यों के आधार पर यह मामला आईपीसी की धारा 354-B (महिला को निर्वस्त्र करने की मंशा से हमला) और पॉक्सो एक्टकी धारा 9 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत आता है, लेकिन इसे बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के रूप में नहीं देखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को बताया असंवेदनशीलसुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले की कड़ी आलोचना की और कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न्यायिक सिद्धांतों के विपरीत हैं। सुप्रीम कोर्ट नेविशेष रूप से फैसले के पैराग्राफ 21, 24 और 26 को असंवेदनशील करार देते हुए कहा कि इस मामले में न्यायाधीश ने चार महीने विचार करने केबाद निर्णय दिया, फिर भी यह फैसला कानूनी सिद्धांतों से मेल नहीं खाता। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे “चौंकाने वाला” बताया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर ‘We the Women of India’ नामक एनजीओ द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता के माध्यम से भेजे गए पत्र के आधार पर कार्रवाई की। मामले का संक्षिप्त विवरणयह घटना 10 नवंबर 2021 की है, जब पीड़िता अपनी मां के साथ घर लौट रही थी। रास्ते में आरोपी मिले और लड़की को बाइक से घर छोड़ने काप्रस्ताव दिया। लड़की की मां के भरोसा करने पर वह उनके साथ चली गई। रास्ते में आरोपियों ने अपनी बाइक रोककर लड़की का प्राइवेट पार्ट पकड़ लिया, उसे घसीटने का प्रयास किया और उसके पायजामे की डोरी खींच दी।पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर दो लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें धमकाकर वहां से भागने का प्रयास किया। हाई कोर्ट ने बलात्कार के प्रयास को नहीं माना उचित आरोपमामला हाई कोर्ट पहुंचने पर कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के कृत्य से यह साबित नहीं होता कि वे बलात्कार के प्रयास के लिए पूरी तरह संकल्पित थे।हाई कोर्ट ने कहा कि बलात्कार के प्रयास का आरोप लगाने के लिए अभियोजन पक्ष को यह सिद्ध करना होता है कि आरोपी केवल तैयारी ही नहीं, बल्कि अपराध को अंजाम देने के लिए ठोस कदम उठा चुके थे। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि “तैयारी और वास्तविक प्रयास के बीच मुख्य अंतर यह होता है कि अपराध करने की मंशा कितनी स्पष्टऔर दृढ़ थी।” इसी आधार पर हाई कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ बलात्कार के प्रयास की धारा हटाते हुए आईपीसी की धारा 354-B और पॉक्सोअधिनियम की धारा 9/10 के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया।

ईद से पहले मक्का से आया बड़ा बयान,नेतन्याहू की उड़ जाएगी नींद ” गाजा में कत्लेआम मचा रहे इजराइल की खैर नहीं

गाजा हमले को लेकर एक खबर सामने आई है जिसमें लगभग दो महीने तक चले सीजफायर को तोड़कर इजराइल ने एक बार फिर से गाजा पर हमलाशुरू कर दिया है. इस हमले में अब तक 900 से भी ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और इसकी निंदा अब पूरी दुनिया कर रही है. इतना ही नहींइजराइल सरकार ने गाजा से फिलिस्तीनियों को बेदखल करने के लिए एक एजेंसी के स्थापना की घोषणा भी की है जिसके बाद अरब वर्ल्ड में गुस्सेकी लहर पैदा हो गई है.दरअसल इजराइल के इन हरकतो से तंग आकर मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने एक बयान जारी किया है. इस बयान में उन्होंनेगाजा से फिलिस्तीनियों को विस्थापित करने के इजरायल के मंशा का विरोध करते हुए इजराइली सरकार के ऐलान की कड़ी आलोचना की है. इसकेसाथ ही MWL ने वेस्ट बैंक में 13 अवैध बस्तियों को अलग करने के फैसले की भी निंदा की और इस तरह की हरकर तो अंतरराष्ट्रीय कानूनों काउल्लंघन बताया है.सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने एक बयान साझा किया है जिसमें लिखा गया है कि महामहिम शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा, MWL के महासचिव और मुस्लिम विद्वानों के संगठन के अध्यक्ष इन कामों की निंदा करते हैं और योअंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों का बर्बर उल्लंघन है. संभावनाओं को कर रहे कमजोरउसी पोस्ट में इस बार पर जोर दिया कि इस तरह के कदम जानबूझकर शांतिपूर्ण समाधान की सभी संभावनाओं को कमजोर कर रहे हैं और एकन्यायपूर्ण और स्थिर शांति पाने की कोशिशों में रुकावट डाल रहे हैं, जो जो क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करता है.अरब-इस्लामिक मंत्रिस्तरीय समिति ने इजराइल पर दबाव बनाने की योजना बनाई है. काहिरा में यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख काजा कलस के साथहुई बैठक के बाद, इस समिति ने गाजा पट्टी में युद्ध विराम टूटने पर चिंता जताई और इजराइली हमलों की आलोचना की.मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मुस्लिम देशों और समुदायों के बीच एकता और सहयोग बढ़ाने के लिए काम करता है. इसका मुख्य उद्देश्य इस्लामिकमूल्यों को फैलाना, मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करना और विभिन्न देशों में शांति और सामंजस्य बनाए रखना है. यह संगठन 1962 में सऊदी अरबके मक्का में स्थापित हुआ था और इसके सदस्य देशों में दुनियाभर के कई इस्लामिक देश शामिल हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गलती से पत्रकार को थमाया पूरा प्लान, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकारियों से भारी गलती होने की खबर सामने आई है. दरअसल ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने गलती से एकपत्रकार को यमन के हूथी विद्रोहियों पर अमेरिकी हमले की खुफिया जानकारी शेयर कर दी थी.एक ग्रुप चैट में कुछ सुरक्षा अधिकारी और अन्य प्रमुखसदस्य, जो यमन पर हमले की योजना बना रहे थे, गलती से ‘द अटलांटिक’ के एडिटर-इन-चीफ जेफरी गोल्डबर्ग को शामिल कर बैठे. यह चूक तबहुई, जब इन अधिकारियों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमलों के समन्वय के लिए एक ग्रुप चैट का इस्तेमाल किया था और गलती से गोल्डबर्गको भी उस चैट में जोड़ दिया, बिना उनकी जानकारी के.हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस लीक की पुष्टि या जिम्मेदारीलेने से इनकार किया है यह घटना एक बड़ी गलती मानी जा रही है क्योंकि इसमें संवेदनशील और गोपनीय जानकारी शामिल थी.वहीं मामला सामनेआने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अपने एक बयान में कहा है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि सिग्नल ग्रुप चैट में एक जर्नलिस्ट का नंबर कैसेजोड़ा गया.अटलांटिक के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग के अनुसार इस ग्रुप में कुल 18 मेंबर थे. इसमें रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के अलावा, उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रंप की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड भी शामिल थीं. पत्रकार का दावा है कि उन्हें इसग्रुप में जोड़ने के लिए ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज का आमंत्रण मिला था.लीक हुए मैसेजों से पता चलता है कि यमन पर हमले कीसमय सीमा को लेकर कुछ अधिकारियों के बीच चिंता थी. वांस के फैसले पर जताया जा रहा संदेहमिशिगन में एक इकोनॉमिक इवेंट में शामिल वांस ने इस फैसले पर संदेह जताया. टीम, मैं आज एक इकोनॉमिक इवेंट में हूं, लेकिन मुझे लगता है किहम एक गलती करने जा रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति यह समझ रहे हैं कि यह यूरोप पर उनके संदेश से कितना मेल नहीं खाता. इसके अलावा, हमें यह जोखिम है कि तेल की कीमतों में काफी वृद्धि हो सकती है.अटलांटिक के मुताबिक, ट्रंप के राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केंद्र के लिए नामितउम्मीदवार जो केंट ने भी जेडी वेंस का समर्थन किया और कहा कोई ऐसी जरूरी वजह नहीं है कि हमें यह हमला तुरंत करना पड़े. हम एक महीने बाद भीवही ऑप्शंस चुन सकते हैं.गोल्डबर्ग ने बताया कि उन्हें हमले के बारे में ‘घंटों पहले जानकारी मिल गई थी.’ वह कहते हैं, ‘मुझे बम गिरने से दो घंटेपहले पता था कि हमला हो सकता है. भेजी गई थी युद्ध योजनायह जानकारी मुझे इसलिये मिली क्योंकि पीट हेगसेथ ने 11:44 बजे मुझे युद्ध योजना भेजी थी, जिसमें हथियारों के पैकेज, लक्ष्यों और समय के बारेमें सटीक जानकारी थी.’ हमले लगभग 1:45 बजे ईस्टर्न टाइम के आसपास शुरू हुए और यमन की राजधानी सना में धमाकों की खबरें आईं. ऑपरेशनके बाद, अधिकारियों ने चैट में एक-दूसरे को बधाई दी.अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस पूरे मामले को फेक बतातें हुए पत्रकार को धोखेबाजबताया है. हालांकि अपने बयान में उन्होंने ये नहीं बताया कि इतनी खुफिया और संवेदनशील ऑपरेशन पर चर्चा करने के लिए सिग्नल ऐप काइस्तेमाल क्यों किया जा रहा था और पत्रकार उस ग्रुप में कैसे ऐड हो गये थे. हेगसेथ ने इस मामले पर दी गई अपनी टिप्पणी में कहा “कोई भी युद्ध कीयोजनाएं मैसेज में नहीं बता रहा था और मुझे इस बारे में बस इतना ही कहना है.

राहुल गांधी की नागरिकता पर मामले को लेकर केंद्र को जवाब देने के लिए मिला समय,इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी अगली सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता के मुद्दे पर जानकारी पेश करने के लिए केंद्रीयगृह मंत्रालय को चार हफ्ते का समय दिया है.आरोप है कि राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की नागरिकता है और यह सवाल कई वर्षों से चर्चा में हैं. इसीमुद्दे पर एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी न्यायमूर्ति ए आर मसूदी और न्यायमूर्तिअजय कुमार श्रीवास्तव-प्रथम की खंडपीठ ने यह आदेश कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता एस विगनेश शिशिर की याचिका पर दिया। याची ने राहुलगांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले में सीबीआई जांच की मांग भी की थी. इससे पहले कोर्ट ने केंद्र सरकार को राहुल गांधी की नागरिकतामामले में कार्रवाई का ब्योरा पेश करने के लिए 24 मार्च तक का समय दिया था पहले, कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन परक्या कार्रवाई की गई है.भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सैनिकों पर विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में आरोपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसदराहुल गांधी की ओर से कोर्ट में उनके वकील ने वकालतनामा लगाया। एमपी- एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम आलोक वर्मा ने मामले की अगलीसुनवाई के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की है.सीमा सड़क संगठन के सेवानिवृत्त निदेशक (भारतीय सेना में कर्नल के पद के समकक्ष) उदय शंकरश्रीवास्तव की ओर से वकील ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। उन्होंने बताया था कि 16 दिसंबर 2022 को राहुलगांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पदयात्रा कर रहे थे. भारतीय सेना और चीनी सेना की झड़प का किया जिक्रइस दौरान राहुल गांधी ने नौ दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई झड़प का जिक्र किया. कहा कि‘लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में लेकिन चीनी सैनिकों द्वारा हमारे सैनिकों की पिटाई के बारे में एक बार भी सवाल नहीं पूछेंगें. मामले में सुनवाई केबाद कोर्ट ने राहुल गांधी को बतौर आरोपी तलब किया था.याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि उन्होंने राहुल की दोहरी नागरिकता के बारे में सक्षमप्राधिकारी को दो बार शिकायत भेजी, लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद वर्तमान याचिका दायर की गई है. याचिका में यह भीकहा गया है कि राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम के तहत अपराध है इसलिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) को मामला दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया जाना चाहिए.इसके बाद केंद्र सरकार के वकील ने बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता केप्रतिवेदन पर कार्रवाई करते हुए संबंधित मंत्रालय ने ब्रिटेन सरकार को पत्र लिखकर राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के बारे में विस्तृतजानकारी मांगी है. उन्होंने कहा कि सरकार को गांधी के संसदीय चुनाव को रद्द करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता के प्रतिवेदन पर अंतिम निर्णयलेने के लिए समय चाहिए। वकील ने बताया कि इसलिए केंद्र सरकार ने बार-बार और समय मांगा है.

सुरक्षा परिषद में भारत की तरफ से दिया गया अहम बयान, शांति सैनिक अभियानों में खतरा “दोषियों को सजा मिलेगी सजा

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक अभियानों में खतरा है और शांति सैनिकों को अब नॉन स्टेटएक्टर्स, आतंकियों और सशस्त्र बलों से खतरा है. साथ ही उन्होंने कहा कि आज जब वैश्विक संघर्ष बढ़ गए हैं और शांति सैनिकों के खिलाफ हमले भीबढ़े हैं.ऐसे वक्त में शांति सैनिकों के खिलाफ अपराध करने वाले लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एकअहम बैठक में पी हरीश ने ये बात कही.संयुक्त राष्ट्र में शांति सैनिक अभियानों को आधुनिक बनाने के मुद्दे पर हुई बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधिपी हरीश ने कहा कि ‘संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिक अभियानों को अब कई खतरों का सामना करना पड़ता है.जिनमें सशस्त्र बलों की मौजूदगी, आतंकियों और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क का खतरा शामिल है. साथ ही तकनीक के विकास ने चुनौतियों को और बढ़ा दिया है. जिसमें घृणाअपराध, नए आधुनिक हथियार, ड्रोन्स, आईईडी आदि शामिल हैं. शांति सैनिकों को पढ़ेगा जूझनाशांति सैनिकों को अब इन सभी चीजों से जूझना पड़ता है. पी हरीश ने कहा कि ‘शांति सैनिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. इससमय जटिल संघर्षों के समय में हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे शांति सैनिकों को पर्याप्त सुरक्षा मिले और शांति सैनिकों के खिलाफअपराध करने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.उन्होंने कहा कि ‘भारत अपने संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना केंद्रों में आधुनिक चुनौतियों केअनुसार अपने पाठ्यक्रमों को तैयार करने का इच्छुक है. ये केंद्र दो दशकों से अधिक समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिकों को प्रशिक्षण दे रहेहैं. हरीश ने कहा कि शांति सैनिक अभियानों के लिए आधुनिक सर्विलांस, संचार और डेटा एनालिटिक टूल्स की जरूरत है.साथ ही त्वरित प्रतिक्रियाक्षमताओं को भी बेहतर करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि शांति सैनिक अभियानों को पर्याप्त फंडिंग भी मिलनी चाहिए और शांति अभियानों में सबसेज्यादा अपने सैनिकों को भेजने वाले वैश्विक दक्षिण के देश इसे लेकर बेहद चिंतित हैं. बता दें कि शांति सैनिक अभियानों में भारत के 5384 सैनिकतैनात हैं और भारत सबसे बड़े योगदानकर्ता देशों में शामिल है. अभियानों को बनाने के मुद्देसंयुक्त राष्ट्र में शांति सैनिक अभियानों को आधुनिक बनाने के मुद्दे पर हुई बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा कि ‘संयुक्त राष्ट्र केशांति सैनिक अभियानों को अब कई खतरों का सामना करना पड़ता है, जिनमें सशस्त्र बलों की मौजूदगी, आतंकियों और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्कका खतरा शामिल है. साथ ही तकनीक के विकास ने चुनौतियों को और बढ़ा दिया है. जिसमें घृणा अपराध, नए आधुनिक हथियार, ड्रोन्स, आईईडीआदि शामिल हैं. शांति सैनिकों को अब इन सभी चीजों से जूझना पड़ता है. पी हरीश ने कहा कि ‘शांति सैनिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताहोनी चाहिए. इस समय जटिल संघर्षों के समय में हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे शांति सैनिकों को पर्याप्त सुरक्षा मिले और शांति सैनिकोंके खिलाफ अपराध करने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट के लेकर किए बड़े ऐलान, बजट में क्या है खास जानें

Delhi Budget 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में 2025-2026 का एक लाख करोड़ रुपये का बजटपेश किया. बजट पेश करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि इस बार इन्फ्रास्ट्र्क्चर पर हमारा फोकस होगा. आज ऐतिहासिक दिन है दिल्ली की नईसरकार ऐतिहासिक जनादेश के साथ आई है.उन्होंने कहा कि यह बजट केवल सरकारी लेखा-जोखा नहीं है यह दस साल से बेहाल दिल्ली का बजट है. यह बजट पिछले साल की तुलना में 31.5 फीसदी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने दिल्ली को खोखला कर दिया था। जनता को सिर्फसपने दिखाए गए.बजट के दौरान सीएम रेखा ने कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं को रोका गया विज्ञापन सरकार ने सिर्फ पोस्टर लगाए. दिल्लीका एक बड़ा हिस्सा झुग्गियों में रहता है. हम मिलकर काम करने के इरादे से आए हैं अब आपदा सरकार के दिन चले गए हैं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखागुप्ता ने पूंजीगत व्यय के लिए 28,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है.उन्होंने कहा कि एक समय था जब दिल्ली के मालिक दिल्ली को लंदन बनानाचाहते थे दिल्ली वालों को सपना दिखाया. लेकिन उन्होंने दिल्ली को अराजक राजधानी बना दिया देशभर में विज्ञापन सरकार ने सिर्फ पोस्टर हीलगाए. ये बजट विकास का संकल्प पत्र है हम वो वादे करते हैं जो निभाते हैं बजट पेश के दौरान मोदी मोदी के नारे लगाए गए.दिल्ली विधानसभा मेंबजट पेश करने के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार ने पीएम आवास योजना का लाभ नहीं लेने दिया. हमारी सरकार में अब लाभमिलेगा. 20 करोड़ रुपये का आवंटिन किया है विधायक फंड पूरा मिलेगा कोई कटौती नहीं होगी भोजन कागजों पर था. लेकिन हम देंगे। दिल्ली में100 करोड़ रुपये से 100 जगहों पर अटल कैंटीन खोली जाएंगी. अटल बिहारी बाजपेयी की जन्म शताब्दी के मौके पर खोली जाएंगी कैंटीनअटल बिहारी बाजपेयी की जन्म शताब्दी के मौके पर कैंटीन दिल्ली में खोली जाएंगी. दिल्ली की महिलाओं के लिए अबकी बार बजट में महिलासमृद्धि योजना के लिए 5100 करोड़ आवंटित करने के लिए बोला गया है इसके अलावा करीब 500 करोड़ रुपये से सीवेज सिस्टम को सुधाराजाएगा. दिल्ली में करीब 100 जगहों पर अटल कैंटीन खुलेंगी इसके लिए करीब 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा दिल्ली केलोगों को अब 10 लाख का बीमा दिया जाएगा और दिल्ली की महिलाओं को प्रत्येक महिनें 2500 रु.दिए जाएगें दिल्ली सरकार ने इसके अलावामहिलाओं को 210 करोड़ रुपये गर्भवती महिलाओं के लिए आवंटित किए गए है देश की राजधानी दिल्ली में 50 हजार के अतिरिक्त कैमरों कीव्यवस्था की जाएगी.इसके अलावा जलापूर्ति स्वच्छता व्यवस्था के लिए 9000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है 20 करोड़ रुपये का फंडजलापूर्ति के लिए रखा गया है. दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर दिल्ली सरकार की तरफ से सफाई के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटितकिए गए है. करीब 150 करोड़ रुपये का आवंटन पानी की बर्बादी बंज करने के लिए किया गया है.इसके अलावा MCD को 6897 करोड़ दियाजाएगा. जरुरत पढ़ने पर सरकार की तरफ से ऐलान किया गया है कि आगे भी देंगें.फायर फाइटर और दमकल को बेहतर बनाने के लिए 100 जगहोंपर छोटी फायर फाइटर होगी. इसके लिए 110 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.दिल्ली मख्यालय के लिए अलग से काम किया जाएगा.इस बजट में खासतौर पर होम गार्डों की संख्या को बड़ाकर करीब 25 हजार कर दिया जाएगा.

दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता ने विधानसभा में पेश की DTC कैग रिपोर्ट, आप सरकार में हुआ था घाटा

Delhi News: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट सोमवार को दिल्लीविधानसभा में पेश की. रिपोर्ट में परिचालन संबंधी अक्षमताओं और वित्तीय घाटे के बारे में विस्तार से बताया गया जिससे पिछली आम आदमी पार्टीसरकार की आलोचना हुई.डीटीसी के प्रमुख परिचालन और वित्तीय पहलुओं का मूल्यांकन करती है अक्षमताओं और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रोंकी ओर इशारा करती है. यह प्रबंधन, राजस्व सृजन, परिचालन स्थिरता और सार्वजनिक परिवहन नीतियों के पालन की जांच करती है.सीएजी रिपोर्टपेश होने के बाद भाजपा विधायक हरीश खुराना ने पिछली आप सरकार की आलोचना की, उस पर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के कुप्रबंधन काआरोप लगाया, जिसके परिणास्वरूप वित्तीय घाटा हुआ और डीटीसी की बसों में कमी आई.सीएजी रिपोर्ट पेश होने के बाद भाजपा विधायक हरीशखुराना ने पिछली आप सरकार की आलोचना की. उस पर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के कुप्रबंधन का आरोप लगाया. जिसके परिणास्वरूप वित्तीयघाटा हुआ और डीटीसी की बसों में कमी आई.उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के अधीन डीटीसी लाभदायक थी. लेकिन आप के शासन में निगम का कुल घाटा बढ़कर 8498.33 करोड़ रुपये हो गया. जो आप के कार्यकाल में 5000 करोड़ रुपये बढ़ गया. राजस्व की गिरावट में डाला प्रकाशराजस्व में गिरावट पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि डीटीसी की परिचालन आय आप के सत्ता में आने के समय 914 करोड़ रुपये से घटकर 558 करोड़ रुपये रह गई. उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं का भी आरोप लगाया और सवाल किया किया कि आप सरकार ने 225 करोड़ रुपये किरायावसूले बिना डीटीसी की 3.18 लाख वर्ग मीटर जमीन निजी क्लस्टर बसों को क्यों आवंटित की.राजधानी में सोमवार को शुरू हुए दिल्ली विधानसभाके 5 दिवसीय बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं. भाषा के मुताबिक, भाजपा विधायकों ने कहा है कि वे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ‘आप’ को घेरेंगेऔर शहर में 10 साल के शासन के दौरान डीटीसी के कामकाज पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पर ‘आप’ से जवाबमांगेंगे.मुख्यमंत्री के साथ वित्त विभाग संभाल रहीं रेखा गुप्ता मंगलवार 25 मार्च को दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी सरकारका पहला बजट पेश करेंगी. इसमें सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और वर्ष के लिए विकास एजेंडे की रूपरेखा बताई जाएगी. 27 मार्च कोप्रस्तावित बजट पर चर्चा के साथ उसे विधानसभा में पारित किया जाएगा. बता दें कि भाजपा पिछले महीने विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को हराकर1998 के बाद दिल्ली की सत्ता में लौटी है. ‘आप’ ने एक बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटियों’ को पूरा न करके महिलाओं के साथ‘विश्वासघात’ करने और लोकतंत्र पर ‘ खुल्लमखुल्ला हमला’ करने को लेकर वह विधानसभा में भाजपा को घेरेगी.