मोहम्मद शमी के रोजा न रखने पर विवाद, कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने किया समर्थन

कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी का समर्थन किया है, जिन्हें रमजान में रोजा न रखने को लेकर आलोचना का सामना करनापड़ा। उन्होंने कहा कि इस्लाम में यात्रा के दौरान रोजा रखने की अनिवार्यता नहीं होती, और चूंकि शमी मैच खेलने के लिए यात्रा कर रहे हैं, इसलिएउन पर इस तरह का दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। शमा मोहम्मद ने क्या कहा?शमा मोहम्मद ने कहा, “इस्लाम एक वैज्ञानिक धर्म है, जो किसी पर कोई चीज थोपता नहीं। जब कोई यात्रा कर रहा होता है, तो उस पर रोजा रखनेकी अनिवार्यता नहीं होती। शमी दुबई में मैच खेल रहे थे, जहां खेल के दौरान बहुत प्यास लगती है। ऐसे में उन पर रोजा रखने का दबाव नहीं डालाजा सकता।” कैसे शुरू हुआ विवाद?दरअसल, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान दुबई में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए सेमीफाइनल मैच में मोहम्मद शमी की एक तस्वीर सामने आई, जिसमेंवह एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आए। इसके बाद एक मौलाना ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने रमजान के दौरान रोजा न रखकर गलती कीहै। मौलाना ने शमी पर क्या टिप्पणी की?ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शमी के खिलाफ बयान देते हुए कहा, “रोजा इस्लाम में फर्ज है। अगरकोई स्वस्थ व्यक्ति इसे नहीं रखता, तो वह शरीयत के अनुसार अपराधी है। लोग उन्हें देख रहे थे, फिर भी उन्होंने पानी पी लिया, जो गलत संदेश देताहै। उन्हें खुदा को इसका जवाब देना होगा।” शमी को समर्थन और विरोधइस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। जहां कुछ लोग शमी की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कई लोग—including शमा मोहम्मद—उनका समर्थन कर रहे हैं। इस पूरे मामले ने धार्मिक परंपराओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर चर्चा को जन्म दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर रोक लगाने से किया इनकार, निर्माण कार्य जारी रहेगा

सुप्रीम कोर्ट ने धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) के निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को भी बरकरार रखा, जिसमें सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉरपोरेशन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया गयाथा। CJI बेंच ने यथास्थिति बनाए रखने की मांग ठुकराईइस याचिका में महाराष्ट्र सरकार द्वारा धारावी पुनर्विकास परियोजना को अदाणी प्रॉपर्टीज लिमिटेड को सौंपे जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी।मामले की अगली सुनवाई मई 2025 में होगी। हालांकि, याचिकाकर्ता ने इस दौरान यथास्थिति बनाए रखने की मांग की, जिसे सुप्रीम कोर्ट के मुख्यन्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि परियोजना का काम पहले ही शुरू हो चुका है, और कुछ रेलवे क्वार्टर भी तोड़े जा चुके हैं। अदाणी ग्रुप का पक्षसुनवाई के दौरान, अदाणी ग्रुप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि परियोजना का कार्य काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंनेबताया कि करोड़ों की मशीनें और निर्माण सामग्री पहले ही लगाई जा चुकी हैं, और करीब 2000 लोग इसमें कार्यरत हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट पर रोकलगाना अपूरणीय क्षति का कारण बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को इस याचिका पर नोटिस जारी किया है। 53,000 घरों का सर्वेक्षण पूराएशिया के सबसे बड़े स्लम के रूप में पहचाने जाने वाले धारावी में पुनर्विकास कार्य तेजी से हो रहा है। अदाणी ग्रुप की इस परियोजना से धारावी केपूरे परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के तहत 53,000 से अधिक घरों का डोर-टू-डोर सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जोमुंबई स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सर्वेक्षण माना जा रहा है। परियोजना का असरधारावी पुनर्विकास परियोजना का मकसद इस क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना और वहां के निवासियों को बेहतर जीवन सुविधाएंप्रदान करना है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद, अब परियोजना के कार्य में तेजी आने की संभावना है, जिससे धारावी का कायाकल्प होने कीउम्मीद जताई जा रही है।
परिसीमन के खिलाफ एकजुटता की पहल, सीएम स्टालिन ने मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र, 22 मार्च को बैठक प्रस्तावित

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंनेएक “संयुक्त कार्रवाई समिति” (JAC) के गठन की अपील की है, ताकि इस मुद्दे पर समन्वित रणनीति बनाई जा सके। यह पत्र केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पंजाब सहित कई राज्यों को भेजा गया है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने बीजेपी शासित राज्यों केमुख्यमंत्रियों को भी इस चर्चा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। राज्यों की सहमति और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की नियुक्ति का अनुरोधअपने पत्र में स्टालिन ने दो प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया है—पहला, इन राज्यों से औपचारिक सहमति प्राप्त करना, और दूसरा, संबंधितराजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं को संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) में नियुक्त करने का अनुरोध। उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम सेतमिलनाडु की रणनीति को अन्य राज्यों के साथ समन्वय में आगे बढ़ाया जा सकता है। 22 मार्च को बैठक प्रस्तावितस्टालिन ने 22 मार्च को चेन्नई में एक बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें परिसीमन के मुद्दे पर गहन चर्चा की जाएगी। पत्र में उन्होंनेकहा, “यह समय नेतृत्व और सहयोग की मांग करता है। हमें राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक हितों की रक्षा के लिए एक साथ खड़ा होनाहोगा।” गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर आपत्तिस्टालिन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उपयोग किए गए “प्रो-राटा” शब्द पर भी सवाल उठाया है। शाह ने दावा किया था कि परिसीमन के बादतमिलनाडु की आठ लोकसभा सीटें कम हो सकती हैं। स्टालिन ने इस बयान को “खोखली बयानबाजी” बताते हुए इसे खारिज कर दिया। परिसीमन से विकासशील राज्यों को नुकसान का आरोपतमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने परिसीमन प्रक्रिया की आलोचना करते हुए इसे उन राज्यों के लिए अनुचित करार दिया, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण औरसुशासन को प्रभावी रूप से लागू किया है। उन्होंने इसे न केवल राज्यों के अधिकारों पर हमला बताया, बल्कि संसाधनों के उचित वितरण की क्षमताको भी प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा बताया। राजनीतिक दलों और राज्यों से एकजुट होने की अपीलस्टालिन ने विभिन्न राजनीतिक दलों और राज्यों के नेताओं से अपील की है कि वे इस प्रस्तावित परिसीमन के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। उन्होंनेCPI(M), कांग्रेस, AAP, TDP, YSRCP, BJD और अकाली दल सहित कई पार्टियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को भी इस अभियान में शामिल होनेके लिए आमंत्रित किया है। बीजेपी शासित राज्यों को भी न्योतादिलचस्प बात यह है कि स्टालिन ने बीजेपी शासित ओडिशा के मुख्यमंत्री को भी इस चर्चा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इसके अलावा, आंध्रप्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की सहयोगी पार्टी टीडीपी को भी इस संवाद में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
फुटबॅाल के कप्तान सुनील छेत्री ने रिटायरमेंट के बाद लिया यू टर्न, अब बजेगा फिर से फुटबॅाल में डंका

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान सुनील छेत्री ने रिटायरमेंट से यू टर्न ले लिया है भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान सुनील छेत्री रिटायरमेंट कोठेका दिखाते हुए अभी यू टर्न ले लिया है. भारत का यह दिग्गज एक बार फिर ब्लू जर्सी में खेलते नजर आएगा. टूर्नामेंट एएफसी एशिया कप 2027 क्वालीफायर्स टूर्नामेंट होगा. छेत्री ने पिछले वर्ष फीफा वर्ल्ड कप 2026 क्वालीफायर्स में कुवैत के खिलाफ O-O से ड्रा करने के बाद रिटायरमेंट काऐलान कर दिया था. भारतीय फुटबॉल टीम के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से यह जानकारी साझा की गई है. एक पोस्ट केमाध्यम से बताया गया कि छेत्री मार्च महीने में ही अपना अगला मैच खेलते दिखेंगे. एफसी एशियन कप 2027 क्वालीफायर्स टूर्नामेंट में भारत काअगला मैच 25 मार्च को बांग्लादेश के साथ होगा. यह एशिया कप क्वालीफायर्स में तीसरे राउंड का मैच होगा. तीसरे राउंड भारत, बांग्लादेश हॅान्ग-कॅान्ग और सिंगापुर को ग्रुप सी में रखा गया है. 25 मार्च को होगा भारत और बांग्लादेश के साथ मैच25 मार्च को भारत का मैच बांग्लादेश देश से होगा. जिसमें सुनील छेत्री वापसी करेंगे. सुनील छेत्री अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में भारत के लिए सबसे ज्यादागोल करने वाले खिलाड़ी हैं. उनके नाम अभी 94 गोल है. और विश्व में सबसे ज्यादा गोल करने की मामले में चौथे स्थान पर है. इस सूची में उनसे आगेक्रिस्टियानो, रोनाल्डो लियोनेल मेसी और अली देई है. पिछले वर्ष अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद छेत्री इंडियन सुपर लीग में बेंगलुरूएफसी के लिए शानदार प्रदर्शन करते देखे गए थे. इस सीजन में उन्होंने 12 गोल दाग दिए हैं. और अभी इस सीजन में सबसे ज्यादा गोल दागने वालेभारतीय खिलाड़ी हैं. पिछली वर्ष रिटायरमेंट लेते हुए सुनील छेत्री ने कहा कि मैं रिटायरमेंट का फैसला शारीरिक फिटनेश की वजह से नहीं लिया था. मैं अब दौड़ सकता हूं. डिफेंड भी कर सकता हूं. मैं मानसिक आधार पर संन्यास का निर्णय लिया था.
UAE में क्यों हुई है सबसे ज्यादा भारतीयों को फांसी की सजा, जानें क्या है इसके पीछे की बजह

UP News: उत्तर प्रदेश की शहजादी खान पर दुबई में एक बच्चे की हत्या का आरोप था. जिसके बाद संयुक्त अरब अमीरात की कोर्ट ने उन्हें मौतकी सजा सुनाई और 15 फरवरी को फांसी दे दी गई. हाल ही में केरल के दो युवकों को भी इसी देश में मृत्यु कांड मिला. जिससे गल्फ में फांसी पानेवाले भारतीयों पर बहस छिढ़ गई. दुबई में नौकरी करने पहुंची शहजादी को मौत की सजा मिली उस पर एक मासूम की हत्या का आरोप था. जिसकीवह देखभाल करती थी. यूएई में हाल ही में दो और भारतीय नागरिकों को मौत की सजा दे दी गई. दोनों ही केरल के रहने वाले हैं. ये मामले रेयर नहींहै. बहुत से भारतीय विदेशी जिलों में मौत की सजा का इंतजार कर रहे हैं. खुद सरकार ने माना कि यूएई और सऊदी अरब कुवैत कतर और यमन मेंकुल मिलाकर 54 भारतीय नागरिकों को सजा एवं मौत सुनाई जा चुकी. लेकिन क्या यह हाल केवल भारतीयों का है या खाड़ी मुल्क सबसे एक साथव्यवहार करते रहे. डेटा के मुताबिक 10,000 से ज्यादा भारतीय कैदसरकारी डेटा के मुताबिक फिलहाल दुनिया भर के जेलों में 10,000 से ज्यादा भारतीय कैद है. इसमें अपराधी साबित हो चुकी लोगों के साथ वह भीहैं जिनका ट्रायल चल रहा है. वैसे ही संख्या ज्यादा भी हो सकती है क्योंकि कई देश ऐसी भी है जो प्राइवेसी का हवाला देते हुए यह डाटा शेयर नहींकरते हैं. सऊदी में सबसे ज्यादा 2,633 कैदी है. इसके बाद 2,518 कैदियों के साथ यूएई आता है. इसके बाद सबसे ज्यादा भारतीय पड़ोसी देशों कीजेल में है. वेस्टर्न देशों में भारतीय कैदी है लेकिन संख्या काफी कम है. फिलहाल यूएई में 29 और सऊदी में 12 भारतीय डेथ रो में है. वही तीन कुवैतऔर एक-एक कतार और यमन में है. गल्फ में संयुक्त अरब अमीरात की ज्यादा इंडियन है. उनमें से ज्यादातर के साथ अपराध एक ऐसे है. लगभग सभीड्रग्स, अल्कोहल जैसी क्राइम से जुड़े पाए गए. बता दें कि मुस्लिम बहुल इन देशों में शराब और किसी भी तरह के नशे पर बना रहता है. इसके अलावाखाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय कई बार आर्थिक धोखाधड़ी में भी फस जाते हैं. गलती से कर जाते है सीमा पारदरअसल अधिकतम कम पढ़े-लिखे लोग होते हैं. जो अपने पक्ष में मजबूत सबूत नहीं रख पाते ऐसे में भी लंबे समय के लिए जेल में पड़े रहते हैं. पड़ोसी देश की बात करें तो अक्सर लोग गलती से सीमा पार कर जाते हैं. मसलन भारत या नेपाल यह भारत-पाकिस्तान के बीच का बॉर्डर तो लंबा है. लेकिन हर जगह पक्की फेसिंग नहीं है कई बार चरवाहे अपने पशुओं की खोज में यहां से वहां पहुंच जाते हैं. और सबूत की कमी के चलती गिरफ्तारहो जाते हैं. यही बात समुद्री सीमा के मामले में भी लागू होती है अक्सर खबर आती है कि दूसरे देश की सीमा पर पहुंचने की वजह से भारतीय मछुआरोंको बंदी बना लिया गया है. दूसरे देश इसकी जांच पड़ताल करते हैं कि वह कहीं जासूस तो नहीं. तसल्ली के बाद भी रिहाई होती है इसमें ही सालोंलग जाते हैं
अमेरिका के राष्ट्रपति ने किया बड़ा ऐलान भारत लेता है सबसे ज्यादा शुल्क,दुनिया के प्रत्येक देश ने लूटा अमेरिका “अब है अमेरिका की बारी”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहां कि भारत बहुत अधिक शुल्क वसूलने वाला देश है. ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क लगानेवाले देशों पर जवाबी शुल्क दो अप्रैल से लागू होंगे. उन्होंने कहा सबसे बड़ी बात तो 2 अप्रैल की होगी. जब जवाबी शुल्क लागू होंगे फिर चाहे वहभारत हो या चीन कोई भी देश भारत बहुत अधिक शुल्क लगाने वाला देश है. ट्रंप ने गुरुवार को ओवल ऑफिस में कुछ शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षरकरते हुए कहा मैं आपको बताता हूं कि उच्च शुल्क वाला देश कौन है. वह कनाडा है कनाडा हमसे हमारे दूध उत्पादन और अन्य उत्पादों पर 250 प्रतिशत शुल्क लेता है. और लकड़ी एवं ऐसी ही चीजों पर बहुत ज्यादा शुल्क लगता है. हमें उनकी लकड़ी की जरूरत नहीं है. हमारे पास उनकी तुलनामें बहुत ज्यादा लकड़ी हैं. हमें कनाडा की लकड़ी की जरूरत नहीं है. दुनिया के प्रत्येक देश ने मुझे लूटा- ट्र्ंपट्रंप ने यह भी कहा कि अभी शुल्क अस्थाई और कम है लेकिन जवाबी शुल्क 2 अप्रैल से शुरू होंगे और भी हमारे देश के लिए बड़े परिवर्तन लाने वालेहोंगे दुनिया के हर देश ने हमें लूटा है. वह हमसे 150- 200 प्रतिशत शुल्क वसूलते हैं. और उनसे कुछ भी नहीं लेते इसलिए भी हमसे जो शुल्कवसूलेंगे हम उनसे उतना ही शुल्क लेंगे और उससे कोई बच नहीं पाएगा. इसलिए हम 2 अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं मैं लंबे समय से उस तारीख काइंतजार कर रहा हूं. और यह बहुत बड़ी बात होगी यह दूसरी बार है. जब ट्रंप ने भारत के शुल्क के बारे में टिप्पणी की अमेरिकी राष्ट्रपति ने आधिकारिकआवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यालय के दौरान के पहले संयुक्त सत्र को मंगलवार को संबोधित करते हुए ट्रंप ने भारत और अन्यदेशों द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क की आलोचना की और उन्होंने बेहद अनुचित करार दिया.
पादरी बजिंदर सिंह केस में महिला आयोग ने दी चेतावनी, पीड़िता को सुरक्षा देने का किया ऐलान

पादरी बजिंदर सिंह मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत संज्ञान लिया है. आयोग ने तुरंत पीड़ित को सुरक्षा देने और पादरी की गिरफ्तारी की मांगकी है. एक महिला की शिकायत पर बजिंदर सिंह ने खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दरअसल 2018 में भी जीकरपुर की एक महिला ने बजिंदरसिंह के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था. पंजाब के प्रसिद्ध पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज होने के बादघटना का राष्ट्रीय आय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है. आयोग ने इस मामले में तुरंत एक्शन लेने का आग्रह किया है जानकारी के मुताबिक पंजाबकी कपूरथला के रहने वाली 22 वर्षीय एक युवती ने बजिंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की है. युवती ने पादरी पर गलत तरीके से छने और यौनउत्पीड़न का आरोप लगाया है. महिला आयोग ने पीड़िता को सुरक्षा देने और पादरी बजिंदर सिंह को तुरंत गिरफ्तार करने का मांग की है. महिलाआयोग ने एक्स पर लिखा. यौन उत्पीड़न के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायतअध्यक्ष विजया राहतकर के निर्देश पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने पंजाब की जालंधर में यौन उत्पीड़न के आरोप में पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ दर्जशिकायत से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का स्वत संज्ञान लिया है. आयोग ने भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है. जिसमें उनकी गिरफ्तारी और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करना शामिल है. एटीआर और एफआईआर की प्रति तीन दिनों के भीतर प्रस्तुति की जानी है. कपूरथला पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन कर दिया है. जालंधर के गांव ताजपुर में बजिंदर सिंह थे चर्च ऑफ़ ग्लोरी एंडविजडम के नाम से ही मसीहा सत्संग का आयोजन करते हैं. उनके वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल रहते हैं. महिला का आरोप है कि चैटिंगके दौरान पादरी बजिंदर ने अनुचित मैसेज भेजें और कई बार फोन किया साल 2022 में पादरी ने गंदे तरीके से छुआ और गले लगाने का प्रयास भीकिया कॉलेज जाते वक्त पीछा भी किया. शिकायत में महिला ने अभी कहा कि पादरी बजिंदर ने इस मामले में किसी को कुछ बताने पर पूरे परिवारको जान से मारने की धमकी दी.
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने MCD में दिया तख्तापलट का इशारा, दिल्ली को सिर्फ विकसित कर सकती है डबल इंजन सरकार

Delhi News: दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की वजह से जीत मिली है. इसमें किसी अकेले नेता काहाथ नहीं है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर हम दिल्ली का विकास करेंगे. उन्होंने अपनी सरकार की नीतियों और योजनाओं को बारे मेंखुलकर कहा.इसके साथ ही दिल्ली को लेकर अपने विजन के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ रेखा गुप्ता को कम नहीं बनाया बल्कियह देश की बेटियों का सम्मान है. रेखा गुप्ता ने कहा कि हमें ऐसे नेता मिले हैं जो छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं का की भी सराहना करते हैं. दिल्ली केविकास को लेकर रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली निगम में आम आदमी पार्टी के पार्षद खुद हमारे साथ आना चाहते हैं. और हमें किसी को तोड़ने कीजरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि दिल्ली को विकसित वनाने का काम अब डबल इंजन की सरकार का है. उन्होंने कहा कि बीच का जो समय गया हैउसमें दिल्ली वासियों को यह भी समझ आया है. दिल्ली को विकसित करेगी डबल इंजन सरकारदिल्ली को विकसित बनाने के लिए डबल इंजन सरकार ही एकमात्र रास्ता है. रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं अकेले सीएम नहीं बनी बल्कि पूरे लीडरशिपकी जिम्मेदारी मिली है. और सभी को मिलकर यह रास्ता तय करना है. पहले की सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर नहीं चलना चाहती थी. लेकिन अबहम मिलकर काम करेंगे शीशमहल में रहकर काम नहीं कर सकती और जनता के बीच रहकर काम करेंगे. क्योंकि जनता ने हमें इसी भरोसे के साथ सत्तामें बैठाया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोज हजारों लोग अलग-अलग राज्यों से नए सपने लेकर आते हैं. और सभी चाहते हैं कि हमें दिल्ली में अच्छामाहौल मेरे इसी वजह से हमारी कोशिश से कि हम उनके आशाओं को पूरा करें और दिल्ली की जनता को काम सरकार से चाहिए. उसे करना हमारीप्राथमिकता है. दिल्ली में हेल्थ सेक्टर से लेकर सड़के अस्पताल हर स्तर का काम होना है. दिल्ली में हमने समर एक्शन प्लान पर काम शुरू कर दियाहै. ताकि पानी की समस्या और जल भराव जैसी दिक्कतों से निपटा जा सके. बुनियादी सुविधाओं को पूरा करना हमारा मकसदरेखा गुप्ता ने कहा कि सभी बुनियादी सुविधाओं को पूरा करना हमारा मकसद है इस साल दिल्ली में गर्मी के मौसम में जल संकट नहीं होगा. औरबारिश में जल भराव से भी निजात मिलेगी. दिल्ली में कुछ भी करने से पहले बहुत कुछ सोचा जाता है. अगर पीएम मोदी ने मुझे जिम्मेदारी सौंपी है तोवक्त बताएगा कि यह फैसला कैसे ऐतिहासिक रचने जाएगा. पहले की सरकार में दिल्ली के सिस्टम को बिगाड़ दिया है. हमने काम शुरू करने से पहलेचुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं. दिल्ली में पॉल्यूशन को लेकर रेखा गुप्ता ने कहा किसी निजात देने के लिएहम समय बाद तरीके से कम कर रहे हैं. और इसके लिए एक्सपर्ट की राय ली जा रही है.प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए हर दिशा में काम करने की जरूरतहै एयर पॉल्यूशन से लेकर वॉटर पॉल्यूशन काम करने पर हमारा फोकस है. सबसे पहले हमने यमुना की सफाई का काम शुरू कर दिया था. और नदी मेंगिरने वाले नालों के भी सफाई जारी है. वहीं दूसरी ओर ए व्हीकल और पराली को खत्म करने के लिए रास्ते पर हम चल पड़े हैं इसके लिए हमें पड़ोसीराज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
मणिशंकर अय्यर के बयान पर सियासत गरमाई, अशोक गहलोत ने की कड़ी आलोचना

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। राजस्थान के पूर्वमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने अय्यर की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। गहलोत ने अय्यर को बताया ‘सिरफिरा’जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि मणिशंकर अय्यर से इस तरह के बयान की उम्मीद कोई भी नहीं कर सकता था।उन्होंने कहा, “राजीव गांधी के बारे में ऐसी टिप्पणी वही व्यक्ति कर सकता है, जो सिरफिरा हो।” गहलोत ने अय्यर के बयान को ‘निराधार’ और ‘हैरानकरने वाला’ बताया। मणिशंकर अय्यर के पुराने बयानों पर भी उठाए सवालअशोक गहलोत ने अय्यर के पूर्व में दिए गए बयानों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर पिछले कुछ वर्षों से विवादास्पदबयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अय्यर पर आरोप लगाते हुए कहा, “उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी कई बार विवादास्पद टिप्पणियां की हैं।इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान की नीति का समर्थन किया और पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के बारे में भी आपत्तिजनक बयान दिए।” अय्यर के बयान को बताया ‘हताशा की पराकाष्ठा’गहलोत ने अय्यर के बयान को उनकी हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “राजीव गांधी ने देश-विदेश में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया था।वे युवाओं को मताधिकार देने, महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने और संवैधानिक सुधार लाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में मणिशंकरअय्यर का यह बयान उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है।” कांग्रेस में अय्यर के भविष्य पर सवालगहलोत ने कहा कि अय्यर लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के समर्पित नेता रहे हैं, लेकिन अब उनके विचार और बयान समझ से परे हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्वसे अपील की कि ऐसे बयानों पर उचित कार्रवाई की जाए।
होली के दिन लखनऊ में जुमे की नमाज के समय में बदलाव, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

लखनऊ में इस बार होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के कारण प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं ने एहतियात के तौर पर एक बड़ा फैसलालिया है। जामा मस्जिद की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, 14 मार्च को होने वाली जुमे की नमाज के समय में बदलाव किया गया है। आमतौरपर जुमे की नमाज दोपहर 12:30 बजे अदा की जाती है, लेकिन इस बार इसे आगे बढ़ाकर दोपहर 2 बजे कर दिया गया है। समय बदलाव का कारणइस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह है कि होली का त्योहार और नमाज के समय का आपसी टकराव न हो। चूंकि होली के दौरान सड़कों पर काफी चहल-पहल होती है, रंगों की होली खेली जाती है और जुलूस भी निकलते हैं, इसलिए मस्जिद प्रशासन ने यह निर्णय लिया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रियस्थिति से बचा जा सके और दोनों समुदाय शांति व भाईचारे के साथ अपने-अपने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को मना सकें। धार्मिक नेताओं ने की सौहार्द बनाए रखने की अपीलऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने सभी से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की है।उन्होंने कहा कि भारत की खूबसूरती इसकी गंगा-जमुनी तहजीब में है, जहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर त्योहारों को मनाते हैं। उन्होंनेयह भी कहा कि इस तरह के फैसले समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करते हैं। प्रशासन भी अलर्टलखनऊ प्रशासन भी होली और जुमे की नमाज को लेकर पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकेंहो चुकी हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय घटना को रोका जा सके।साथ ही, ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। पहले भी हो चुके हैं ऐसे फैसलेयह पहली बार नहीं है जब होली या किसी अन्य त्योहार के मद्देनजर नमाज के समय में बदलाव किया गया हो। इससे पहले भी कई बार प्रशासन औरधार्मिक संगठनों की सहमति से ऐसे फैसले लिए गए हैं ताकि दोनों समुदाय अपने-अपने रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों को शांति औरसौहार्दपूर्वक मना सकें। सामाजिक सौहार्द के लिए सराहनीय कदमइस फैसले को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इसे सौहार्द को बनाए रखने के लिए एक अच्छा कदम बताया है।वहीं, हिंदू संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह हमारी साझा संस्कृति को मजबूत करता है।