समाजवादी पार्टी उर्दू शब्दों ने दिया, योगी आदित्यनाथ को महफिल में चार चाँद लगाने का मौका

UP News: उत्तर प्रदेश का सत्र शुरु होते ही समाजवादी पार्टी ऐसा फिजां बना देती है. कि इन बातों पर सरकार को घेर लेगी पर ये कुछ न कुछ ऐसीगलतियां कर देती है. कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हमला करने का मौका मिल जाता है. अगर बात करें पिछले सदन में संभल हिंसा पर जिसतरह से समाजवादी पार्टी विवादों में घिर गई थी. ठीक वैसा ही कुछ आज बजट सत्र में भी हो गया. मंगलवार की सुबह विधानसभा के बजट सत्र केपहले दिन सरकार को घेरने के लिए इनके पास बहुत कुछ था. कुंभ में हो रही परेशानियां, भगदड़ के बाद हुई मौतें, पर समाजवादी पार्टी के मुखियाऔर राज्य के पूर्व सीएम अखिलेश यादव सोशल मीडिया के प्रत्येक मंच पर मुद्गा बनाते है. पर जब बात आती है विधानसभा में बोलने की तो उनकीपार्टी ने उर्दू का मुद्दा उठा दिया. उर्दू को किया जाए शामिल- माता प्रसादसमाजवादी पार्टी के नेता और विधानसभा में प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने विधानसभा के फ्लोर लैंगवेज में उर्दू में जो भाषण दिया. उससे समाजवादीपार्टी फिर से चार कदम पीछे चली गई. सुबह की कार्यवाही के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर के वक्त शुरु की गई. इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष माताप्रसाद ने कहा कि फ्लोर लैग्वेज में अंग्रेजी की जगह की उर्दू को शामिल किया जाए. उर्दू हमारी दूसरी भाषा है. इस पर सीएम योगी ने जबाव देते हुएकहा कि विपक्ष आज से नहीं बल्कि पहले से ही अच्छे कामों पर विरोध करते हुए आया है. ये इनके लिए कोई नयी बात नहीं है. ये लोग तो भोजपुरीऔर अवधी भाषा का विरोध करने वाले लोग है. और उर्दू भाषा की वकालत करने को तैयार है. योगी आदित्यनाथ ने किया पलटवारयोगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि इस सदन में विशुद्ध साहित्यिक और व्याकरण के विद्धानों का नहीं है. इस सदन में अलग- अलगसमाज के सदस्य है. अंतिम पायदान के व्यक्ति को सदन में मुखरता मिले इस के लिए व्यवस्था की गई है. अगर सदन के अंदर मौजूद कोई हिंदी बोलनेमें असमर्थ है तो वह जिस भाषा में समर्थ हो वह व्यक्ति उस भाषा को बोल सकता है. और अपने विचारों को रख सकता है. इस को लेकर विरोध क्योंकिया जा रहा है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री होगें 20 फरवरी की शाम रामलीला मैदान में, समारोह को लेकर की गई खास तैयारियां

Delhi New CM: दिल्ली के नए सीएम की शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सारी तैयारियां हो चुकी है. लेकिन बीजेपी पार्टी की तरफ से अभी तकदिल्ली के नए सीएम को चेहरा सामने नहीं आया है. Delhi New CM: दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने भारी जीत हासिल कर ली है. पर अभी तक बीजेपी पार्टी की तरफ से दिल्ली के अगलेसीएम का चेहरा सामने नहीं आया है. 19 फरवरी की शाम को बैठक होगी जिसमें यमुना की सफाई और सौंदर्यीकरण, रुकी हुई बुनियादी ढांचागतपरियोजनाओं में तेजी, वन क्षेत्र और वायु गुणवत्ता में सुधार महिलाओं के लिए, 2500 रुपए मासिक भत्ता और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं कोमंजूरी होने की संभावना है. हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 70 में से 48 सीटों पर भारी बहुमत मिला है. रामलीलामैदान में गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद मंत्री परिषद की पहली बैठक होगी. अगले सीएम को होगा 20 फरवरी को शपथ ग्रहणसरकार राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड को दोबारा सक्रिय करने पर भी विचार कर रही है इसके सदस्यों में राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्लीके मुख्यमंत्री एवं उपराज्यपाल शामिल है. 8 फरवरी को बीजेपी मुख्यालय में प्रधानमंत्री ने संबोधन के दौरान कहा है कि अब एनसीआर के सभी राज्योंमें उनकी पार्टी की सरकारें है केंद्र के साथ मिलकर ये राज्य सरकारें अब दिल्ली- एनसीआर के बुनियादी ढांचे का विकास करेंगी और आवाजाही कोआसान बनाने में मदद करेंगी. बीजेपी पार्टी का कहना है कि दिल्ली के अगले सीएम और मंत्री 20 फरवरी की शाम को 4:30 बजे रामलीला मैदान मेंआयोजित होने वाले शानदार समारोह में शपथ लेंगें. शपथ ग्रहण से पहले बैठकशपथ ग्रहण से पहले बीजेपी की बैठक होगी. इस बैठक में भाग लेने के लिए सभी राज्यों के मुख्यंमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित कियागया है. ये शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगें. दिल्ली के अगले सीएम के नाम का खुलासा बीजेपी विधायक दल की बैठक में होने की संभावना है. शपथ ग्रहण को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में सारी तैयारियां हो चुकी है. अब दिल्ली की जनता को इंतजार है वो है दिल्ली के नए सीएम का.
अमेरिका से ही नहीं, अब और भी देशों से वापस भेजे जाएगें अप्रवासी अवैध, क्या है ट्रंप का अगला एक्शन प्लान

Costa Rica Deporation Drive: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वयान जारी करते हुए कहा है कि भारत के 200 अप्रवासी एकफ्लाइट से कोस्टा रिका पहुंचेगें.Costa Rica Deporation Drive: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया एक्शन प्लान लिया है जिस पर पनामा और ग्वालेमाला के रास्तेपर चलते हुए अब कोस्टारिका ने सोमवार यानी 17 फरवरी को इस पर सहमति दे दी है. इसको लेकर कोस्टा रिका ने घोषणा की है. कि वह संयुक्तराज्य अमेरिका से डिपोर्ट किए जा रहे है अवैध अप्रवासियों जो अमेरिका से डिपोर्ट किए जा रहे है.वो अवैध अप्रवासी विभिन्न देशों के रहने वालेहै.जिनको वह स्वीकार करने के लिए तैयार है. सेंट्रल अमेरिकन देश के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि 19 फरवरी कोसेंट्रल एशिया और भारत के 200 अप्रवासी एक फ्लाइट से कोस्टा रिका पहुंचेंगें. इसके बाद उन सभी प्रवासियों को उनके मूल देश भेज दिया जाएगा. कोस्टा रिका के दिया बयानकोस्टा रिका के राष्ट्रपति कार्यालय में अपने बयान में कहा है कि कोस्टा रिका की सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका केसाथ 200 अवैध अप्रवासियों को उनके देश वापस भेजने में सहयोग करने के लिए पूरी तरह से सहमत है. जितने भी अवैध अप्रवासी है. ये सेंट्रलएशिया और भारत के रहने वाले है.20 जनवरी को राजधानी वाँशिंगटन डीसी में अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बादअमेरिका से अप्रवासियों के वापसी में सहयोग करने वाला कोस्टा रिका तीसरा देश है. समझौते के बाद सहमतिइससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्कों रुबियो की हाल ही में लैटिन अमेरिकी यात्रा के दौरान पनामा और ग्वाटेमाला ने इसी प्रकार के समझौते परअपनी सहमति जताई थी. लैटिन अमेरिका ही संयुक्त राज्य अमेरिका के करीब 11 मिलियन बिना कागजात वाले अप्रवासियों के रहने का मूल ठिकानाहै जो एक बेहतर जीवन की तलाश में कई खतरनाक इलाकों की यात्राएं करते है.
जानिए कौन है भारत पर आए शेख तमीम बिन हमद अल- थानी, भारत पहुंचे पीएम मोदी ने किया स्वागत

Qatar Emir sheikh: कतर के अमीर दो दिन के दौरे पर भारत पहुंचे. दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचकर पीएम मोदी समेत विदेश मंत्री एस जयशंकर नेपहुंचकर स्नागत किया. Qatar Emir sheikh Tamin Bin Hamad: कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी 17 फरवरी से दो दिवसीय भारत के दौरे पर है. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार की शाम को दिल्ली एयरपोर्ट पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल- थानी का स्वागत किया. स्वागत के दौरानदोनों नेताओं को बातचीत करते और गर्मजोशी से गले मिले. मौके पर मौजूद एस जयशंकर ने भी उनका स्वागत किया. पीएम मोदी ने सोशल मीडियापर शेख अमीर के साथ फोटो भी शेयर किए है.आखिरकार कौन है शेख तमीम बिन हमद अल थानी.1980 में पूर्व अमीर हमद बिन खलीफा अलथानी के घर में जन्में थे शेख तमीम ने लंदन में अपनी पढ़ाई को पूरा किया. राँयल मिलिट्रि में एडमिशन लेने से पहले उन्होनें हैरो स्कूल में पढ़ाई की1998 में उन्होनें अपनी ग्रेजुएशन की और उसी साल वह कतर वापस आ गए. वापस आने के बाद में वह सेंकेंड लेफ्टनेंट के तौर पर सेना में शामिल होगए.शेख तमीम बिन हमद अल- थानी को साल 2003 में उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया. देश की सिक्योरिटी का संभाला था जिम्माइसके बाद ही उन्हें सशस्त्र सेनाओं का डिप्टी कमांडर- इन चीफ नियुक्त किया गया. उन्होनें बेहद ही जल्द देश की सिक्योरिटी का पूरा जिम्मा संभाला. अपनी लाइफस्टाइल के लिए फेमस शेख तमीम को दुनिया के आंठवें सबसे अमीर सम्राट के तौर पर जगह दी गई. अल थानी के परिवार की कुलसंपत्ति लगभग 335 बिलियन डालर है. उनकी निजी संपत्ति 2.4 बिलियन डालर के करीब है. कतर के अमीर का पूरा परिवार दोहा के एक राँयलपैलेस में रहता है. यह सोने से सजा एक आलीशान महल है. इस महल में 100 से ज्यादा कमरे है और इसमें करीब 500 गाड़ियों को पार्क किया जासकता है. कतर अमीरी नाम की खास प्राइवेटपरिवार के पास कतर अमीरी नाम की एक खास प्राइवेट एयरलाइन भी है. यह केवल शाही परिवार के लोगों को खास सेवाएं देती है. विदेश मंत्रालयके अनुसार शेख तमीम बिन हमद अल थानी भारत की दी दिवसीय यात्रा पर है. दरअसल ये दौरा उनका दूसरा दौरा है. इससे पहले भी अमीर साल2025 में भी भारत की यात्रा पर आए थे. अमीर राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगें. पीएम मोदी के बीच में द्दिपक्षीय वार्ता भी होगी. इसमें अलग- अलगसेक्टर पर फोकस करने की उम्मीद है.
ज्ञानेश कुमार के CEC बनने पर राहुल गांधी की नाराजगी, जानिए नाखुश होने की बजह

CES Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त पर राहुल गांधी ने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की नई नियक्ति प्रक्रिया कोचुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं हो जाता तब तक इस फैसले को स्थगित कर देना चाहिए. CES Gyanesh kumar: ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त बना दिया गया है. ज्ञानेश कुमार अब राजीव कुमार की जगह लेगें. कानूनमंत्रालय ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है. पीएम मोदी, अमित शाह और राहुलगांधी की त्रिकोणीय सदस्यीय कमेटी ने यह फैसला लिया है. हालांकि इस मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन 2:1 के बहुमत से हुआ है. हाल ही में राहुलगांधी ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए अपनी असहमति जताई और उन्होनें कहा कि नए कानून के तहत पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली कमेटी नेपहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन किया गया है.इससे पहले भी इसी कमेटी ने पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन किया था. उसकमेटी में एक ज्ञानेश कुमार थे तो दूसरी तरफ ए एस संधू. ज्ञानेश कुमार के नाम पर आपत्ति क्योंआखिरकार राहुल गांधी का ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने पर आपत्ति जताने के पीछे की बजह क्या है. बैठक के दौरान पीएम मोदी नेज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने पर हां बोला तो वहीं राहुल गांधी ने इस पर न बोला था. दरअसल राहुल गांधी चाहते थे. कि जब सुप्रीमकोर्ट ने नई नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक इस मुख्य चुनाव को स्थगित कर देना चाहिए.नएकानून के तहत अब मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्त पैनल में सीजेआई नहीं होंगें. पहले सीजेआई शामिल होते थे. मगर पहले साल केंद्र सरकार नेकानून का बदलाव किया था. इस बात पर कांग्रेस को आपत्ति थी. कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भीखटखटाया था.लेकिन मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. संविधान की भावनाओं के खिलाफ- कांग्रेसराहुल गांधी ने बस इसी को लेकर फैसल का इंतजार करने को कहा था. कांग्रेस के महासचिव और सांसद केसी वेनुगोपाल ने विस्तार से समझाया है. कांग्रेस ने इस फैसले को संविधान की भावना और सु्प्रीम कोर्ट के खिलाफ बताया है. इस पर उनका कहना है कि सरकार को 19 फरवरी का इंतजारनहीं हुआ. आधी रात को जल्दबाजी में सरकार के नए मुख्य चुनाव आयुक्त की अधिसूचना को जारी कर दिया गया. ये सब हमारे संविधान के खिलाफहै. सुप्रीम कोर्ट ने भी कई मामलों में इस बात को दोहराया है. कि चुनाव प्रक्रिया को दौरान पवित्रता के लिए,मुख्य चुनाव आयुक्त को एक निष्पक्षहितधारक होना चाहिए.
नई दिल्ली भगदड़: रेलवे स्टेशन पर किए गए 5 बड़े बदलाव, सुप्रीम कोर्ट में भी जनहित याचिका दाखिल

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ का मामला गरमाया हुआ है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल हुई है। याचिका में मांगकी गई है कि केंद्र और सभी राज्य मिलकर एक एक्सपर्ट कमेटी बनाएं, जो क्राउड मैनेजमेंट और भगदड़ रोकने के लिए गाइडलाइन तैयार करें। सुप्रीमकोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने ये जनहित याचिका दाखिल की है। जनहित याचिका में भारतीय रेलवे को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह रेलवे स्टेशनों और प्लेटफार्मों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए उपाय करे, जिसमें गलियारों को चौड़ा करना, बड़े ओवरब्रिज और प्लेटफार्मों का निर्माण करना, रैंप और एस्केलेटर के माध्यम से प्लेटफार्मों तक आसान पहुंचसुनिश्चित करना, व्यस्त समय के दौरान आगमन या प्रस्थान प्लेटफार्मों में किसी भी तरह के बदलाव से सख्ती से बचना शामिल है।नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर किए गए 5 बदलाव -प्लेटफार्म टिकट बंद कर दिया गया है।-टिकट चेक करने के बाद ही प्लेटफार्म पर एंट्री मिलेगी।-ट्रेन आने से पहले कतार की व्यवस्था होगी।– स्टेशन के बाहर वेटिंग एरिया बनाया जाएगा। (छठ पूजा की तरह)-प्लेटफार्म नंबर 16 और 15 पर एस्कलेटर बंद कर दिए गए हैं।
महाराजगंज: निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने की आत्महत्या, यूपी कांग्रेस ने की न्याय की मांग

जनपद महाराजगंज से निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने हाल ही में आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपने फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट लिखनेके बाद अपने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दी। इस पोस्ट में उन्होंने निषाद पार्टी के अध्यक्ष और भाजपा सरकार में मंत्री संजय निषाद, उनके दोनोंबेटों और पार्टी के कुछ अन्य पदाधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। इस दुखद घटना पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कुशासनके इस दौर में अब केवल विपक्ष के लोग ही नहीं, बल्कि पक्ष के लोग भी पीड़ित हो रहे हैं। राय ने धर्मात्मा निषाद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएंव्यक्त की और कहा कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। घटना की जानकारी मिलते ही अजय राय के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी के विधायक वीरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल स्व. धर्मात्मा निषाद केआवास पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने परिवारजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और घटना की पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद स्थानीय प्रशासन सेमिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की। अजय राय ने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए और परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरीप्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और न्याय की लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और सभी की निगाहें अब इस मामले की निष्पक्ष जांच पर टिकी हुई हैं।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का बयान: आतिशी मार्लेना को खुद की राजनीतिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए

नई दिल्ली, 17 फरवरी: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आज एक प्रेस वार्ता में कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना पर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि मुख्य मंत्री पद पर रहते हुए आतिशी मार्लेना ने बार-बार अपने पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई, और अब जब वह कार्यवाहक मुख्यमंत्रीहैं, तब भी उनका बयानबाज़ी का तरीका उतना ही निरंतर है। मुख्य मंत्री पद की गरिमा को लेकर उठाए सवालसचदेवा ने कहा कि जब आतिशी मार्लेना को मुख्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया, तो उन्होंने कुर्सी के साथ एक खाली कुर्सी रखी, और आमआदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने उन्हें अस्थाई मुख्य मंत्री के रूप में संबोधित किया। इससे मुख्य मंत्री पद की गरिमा को ठेसपहुंची। उन्होंने यह भी पूछा कि जब केजरीवाल जेल में थे और मुख्यमंत्री पद खाली था, तो आतिशी को इस बात की चिंता क्यों नहीं थी? आतिशी मार्लेना के नेतृत्व पर सवालसचदेवा ने कहा कि आतिशी मार्लेना जानती हैं कि वह एक बार फिर विधायक बन गई हैं, लेकिन उनके पास कोई मजबूत राजनीतिक जमीन नहीं हैऔर न ही वह एक विपक्षी नेता में जो संघर्ष शक्ति होनी चाहिए, वह रखती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आतिशी मार्लेना ने दिल्ली में बिजलीकटौती और भाजपा विधायकों के खिलाफ निराधार टिप्पणियां की हैं। आंतरिक कलह पर सवाल और विपक्षी नेता की भूमिका पर चुप्पीसचदेवा ने कहा कि इससे पहले कि आतिशी मार्लेना भाजपा पर आंतरिक कलह की बातें करें, उन्हें अपनी पार्टी में चल रहे सत्ता संघर्ष पर जवाब देनाचाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि 3-5 बार विधायक चुने गए नेताओं जैसे मतीन अहमद, गोपाल राय, संजीव झा, कुलदीपकुमार, जरनैल सिंह और अन्य किसी भी विधायक ने आतिशी मार्लेना को नेता प्रतिपक्ष के रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। सचदेवा का सुझाववीरेन्द्र सचदेवा ने अंत में यह भी कहा कि बेहतर होगा कि आतिशी मार्लेना भाजपा पर टिप्पणी करने से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति और जमीन कोसंभालें।
कांग्रेस ने सैम पित्रोदा के विवादास्पद बयान से किया किनारा, जयराम रमेश बोले- यह पार्टी के विचार नहीं हैं

भारतीय ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा द्वारा दिए गए एक और विवादित बयान ने राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा के हमलों केबाद, कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से खुद को पित्रोदा के बयान से अलग कर लिया है। कांग्रेस नेता और महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पित्रोदा का बयानपार्टी के विचारों के विपरीत है। इस संदर्भ में जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “सैम पित्रोदा द्वारा चीन के बारे मेंव्यक्त किए गए विचार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विचार नहीं हैं।” चीन पर मोदी सरकार के दृष्टिकोण को लेकर उठाए सवाल अपने पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, “चीन हमारे लिए सबसे बड़ी विदेश नीति, सुरक्षा औरआर्थिक चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस ने मोदी सरकार के चीन के प्रति दृष्टिकोण पर बार-बार सवाल उठाए हैं, जिसमें 19 जून, 2020 को प्रधानमंत्रीद्वारा चीन को सार्वजनिक रूप से क्लीन चिट देना भी शामिल है।” जयराम रमेश ने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस ने 28 जनवरी, 2025 को चीन परअपना हालिया बयान दिया था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह बहुत दुखद है कि संसद को इस पर चर्चा करने और इस चुनौती का सामनाकरने के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। सैम पित्रोदा का बयान सैम पित्रोदा ने चीन को लेकर अपने बयान में कहा था, “चीन से खतरे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, और भारतका दृष्टिकोण हमेशा टकरावपूर्ण रहा है। अब समय आ गया है कि देशों को एक-दूसरे से सहयोग करना चाहिए, न कि टकराव। हमें यह मानसिकताबदलने की आवश्यकता है और यह मानना बंद करना होगा कि चीन हमेशा से ही दुश्मन है।”
मध्य प्रदेश की नई आबकारी नीति में बदलाव, 1 अप्रैल से बीयर बार खुलेंगे, 19 शहरों में बंद होंगी शराब दुकानें

मध्य प्रदेश में एक अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस नीति के तहत पहली बार “लोअल्कोहलिक बेवरेज बार” खोले जाएंगे, जबकि 17 पवित्र शहरों समेत 19 स्थानों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इन नए बार मेंकेवल बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों की अनुमति होगी, जिनमें अधिकतम 10 प्रतिशत अल्कोहल होगा। सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन बारों में स्प्रिट (वोडका, रम, व्हिस्की) का सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 460 से470 शराब-सह-बीयर बार संचालित हैं, और नए आउटलेट्स के खुलने के बाद बार की कुल संख्या में काफी वृद्धि होगी। 47 शराब दुकानें बंद होंगीनई नीति के तहत 1 अप्रैल से 17 पवित्र शहरों समेत 19 स्थानों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगेगा, जिसके परिणामस्वरूप कुल 47 मिश्रितशराब दुकानों को बंद कर दिया जाएगा। इन दुकानों में भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और देशी शराब की बिक्री होती है। जिन पवित्र शहरोंमें शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगेगा, उनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, अमरकंटक और सलकनपुर शामिलहैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 23 जनवरी को इस नीति को मंजूरी दी थी, जिसके तहत राज्य सरकार को लगभग 450 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसानहोने का अनुमान है। दूसरे शहरों से शराब खरीद सकते हैं लोगजिन क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लागू होगा, वहां लोग बाहर से शराब खरीद कर व्यक्तिगत रूप से उसे पी सकते हैं। इस पर कोई जुर्मानानहीं लगेगा, क्योंकि राज्य में शराबबंदी कानून नहीं है। हालांकि, इन क्षेत्रों में शराब के सेवन पर रोक लगाने के लिए राज्य में बिहार निषेध अधिनियम, 2016 जैसा कानून बनाने की आवश्यकता है। फिलहाल, मध्य प्रदेश में केवल आबकारी अधिनियम लागू है, जो सार्वजनिक स्थानों पर शराब कीबिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाता है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से शराब रखने और पीने की अनुमति है। शराब दुकानों के नवीनीकरण शुल्क में 20% बढ़ोतरीनई आबकारी नीति के तहत अगले वित्त वर्ष के लिए शराब की दुकानों के नवीनीकरण शुल्क में 20 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। हालांकि, हेरिटेजशराब और वाइन उत्पादन नीति अपरिवर्तित रहेगी, और हेरिटेज शराब निर्माताओं को वैट से छूट जारी रहेगी। इसके साथ ही, राज्य की अंगूर प्रसंस्करणनीति के तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए फलों के प्रसंस्करण और बागवानी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत अंगूर और जामुन सहित अन्यस्थानीय फलों और शहद से वाइन उत्पादन की अनुमति दी जाएगी।वाइन उत्पादन इकाइयों को नई अनुमतिनई नीति के तहत वाइन उत्पादन इकाइयों को अपने परिसर में खुदरा दुकानों का संचालन करने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, वाइनरी परिसर मेंपर्यटकों के लिए वाइन चखने (वाइन टैवर्न) की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विदेशी शराब की बोतल बनाने वाली इकाइयों कोविशेष शराब बनाने, भंडारण, निर्यात, आयात और बिक्री की अनुमति दी जाएगी।