स्मृति मंधाना–पलाश मुच्छाल की शादी टली, पहले पिता और अब पलाश की तबीयत बिगड़ी

क्रिकेटर स्मृति मंधाना के पिता की तबीयत खराब होने के बाद उनके मंगेतर और म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छाल भी अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पलाश की तबीयत अचानक बिगड़ी है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार पलाश मुच्छाल एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ट्रीटमेंटके लिए गए। उन्हें वायरल इंफेक्शन और एसिडिटी की शिकायत हुई। रिपोर्ट के अनुसार स्थिति गंभीर नहीं है। ट्रीटमेंट के बाद अस्पताल से उन्हें छुट्टीमिल गई और वह अपने होटल वापस चले गए। रविवार को क्रिकेटर स्मृति मंधाना और म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छाल की शादी थी। लेकिन स्मृतिके पिता की तबीयत बिगड़ने के कारण शादी टल गई। अब खबर है कि पलाश की भी तबीयत बिगड़ गई है लेकिन रविवार को शादी टल गईशनिवार रात सांगली के समडोली रोड स्थित मंधाना फार्म हाउस में मेहंदी और संगीत समारोह का आयोजन किया गया था। रविवार दोपहर को शादीकी मुख्य रस्में शुरू होनी थीं, लेकिन उससे ठीक पहले स्मृति के पिता श्रीनिवास मंधाना की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत इलाज के लिएसांगली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में डॉक्टर्स ने उनकी हेल्थ को लेकर अपडेट दिया। स्मृति के पिता की हालत फिलहालस्थिर बताई जा रही है। स्मृति मंधाना और पलाश मुछाल की शादी टलने और पिता की खराब तबीयत के बारे में क्रिकेटर के मैनेजर ने रविवार कोजानकारी दी थी। बॉलीवुड के पॉपुलर म्यूजिक कंपोजर, डायरेक्टर पलाश मुच्छाल और क्रिकेटर स्मृति मंधाना लंबे वक्त तक रिलेशनशिप में रहे।साल 2019 से दोनों ने डेटिंग शुरू की। अक्सर ही स्मृति मंधाना और पलाश को फैमिली फंक्शन, आउटिंग पर साथ देखा जाता है। पिछले दिनोंइनकी शादी के फंक्शन चर्चा में रहे। लेकिन रविवार को शादी टल गई।
लाल किले धमाका ओवैसी का बड़ा बयान, ‘देश के दुश्मन हिंदू हों या मुस्लिम, सबकी निंदा होनी चाहिए “अमोनियम नाइट्रेट लेकर घूमने वालेराष्ट्र के खिलाफ”

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना परतीखी प्रतिक्रिया दी है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो लोग देश के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, वे हिंदू हों या मुस्लिम, वे राष्ट्र केदुश्मन हैं और ऐसे लोगों की बिना झिझक निंदा होनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि यह बेहद कठिन काम है कि एक संस्था बनाई जाए, लेकिन कुछलोग अमोनियम नाइट्रेट लेकर घूम रहे हैं, जो सीधे देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ता है। लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगेओवैसी ने कहा कि दिल्ली धमाके में 14 लोगों की मौत हो गई, जिनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मानसिकता बेहदखतरनाक है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मन, चाहे वे किसी भी समुदाय से हों, हमारेदुश्मन हैं। यदि ऐसी गतिविधियों पर खुलकर विरोध नहीं किया गया तो ऐसे लोगों को खुली छूट मिल जाएगी। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि अगरकोई सोचता है कि मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना दिया जाएगा, तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि दुनिया जितनी देर चलतीरहेगी, भारतीय मुसलमान उतनी देर तक सम्मानजनक भारतीय नागरिक के रूप में यहां जिंदा रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुसलमान लोकतांत्रिक ढांचे केभीतर अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आप एक मस्जिद को शहीद करेंगे, हम लाखों मस्जिदें बनाने की ताकत रखते हैं। मुसलमान देश से प्यार करते रहेंगेओवैसी ने कहा कि मुसलमानों पर जितने भी अत्याचार हुए, उन्होंने सब सहा, लेकिन देश से नफरत कभी नहीं की। उन्होंने कहा कि जो लोग मुसलमानोंका उत्पीड़न करते हैं, वही लोग भारत को कमजोर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप एक पूरे समुदाय को घृणा की नजर से देखेंगे, तो देश कैसेविकसित होगा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों से वफादारी का सर्टिफिकेट मांगने वालों को यह समझना चाहिए कि नफरत से देश मजबूत नहीं होसकता। ओवैसी ने कहा कि भारत तभी शांतिपूर्ण देश बन सकता है जब यहां रहने वाले 190 मिलियन मुसलमानों को बराबरी की नजर से देखा जाए।उन्होंने कहा कि समानता का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया मौलिक अधिकार है, लेकिन कुछ लोग इसे भूल जाते हैं। मस्जिद से जुड़े फैसले काजिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कोई मुसलमान कोर्ट जाकर जज पर जूता नहीं फेंकता। लेकिन जिस व्यक्ति ने जूता फेंका, उस पर चर्चा नहीं होतीक्योंकि वह बहुसंख्यक समुदाय से था। उन्होंने दोहराया कि मुसलमान देश से प्यार करते रहेंगे, चाहे सत्ता में कोई भी हो।
गरम धरम’ और ‘ही-मैन’ के मालिक धर्मेंद्र का निधन, लाखों फैंस हुए भावुक 300 से ज्यादा फिल्मों में किया योगदान

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र का निधन हो गया है। 89 साल के धर्मेंद्र लंबे समय से बीमार थे और अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।उनके जाने से पूरे देश में शोक की लहर है। फैंस को यकीन नहीं हो रहा कि उनका पसंदीदा सितारा अब उनके बीच नहीं है। धर्मेंद्र अभी भी एक्टिंग कीदुनिया में सक्रिय थे और उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ अगले महीने रिलीज होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र 450 करोड़ रुपयेकी संपत्ति के मालिक थे। उन्होंने अपने लंबे करियर में करीब 300 फिल्मों में काम किया और 450 करोड़ रुपये से अधिक का अंपायर खड़ा किया।इसके अलावा उन्होंने रेस्टोरेंट बिजनेस, हॉस्पिटल और अन्य क्षेत्रों में निवेश किया था। उनका मशहूर रेस्टोरेंट ‘गरम धरम’ और करनाल हाइवे पर स्थित‘हीमैन’ रेस्टोरेंट उनकी बिजनेस की समझ के उदाहरण हैं। धर्मेंद्र ने अपने करियर की शुरुआत 1960 में फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से की थी, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 51 रुपये मिले थे। लेकिन आने वाले दशकों में उन्होंने इंडस्ट्री पर राज किया और करोड़ों की संपत्ति बनाई।रेंज रोवर जैसी महंगी कारें शामिलधर्मेंद्र का फार्महाउस खंडाला के लोनावाला में 100 एकड़ में फैला हुआ है, इसकी कीमत करीब 120 करोड़ रुपये बताई जाती है। इस फार्महाउस मेंस्वीमिंग पूल, एक्वा थैरेपी जैसी लग्जरी सुविधाएं हैं। धर्मेंद्र यहां अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ रहते थे। उनके बेटे बॉबी देओल ने बतायाथा कि माता-पिता को फार्महाउस का शांत माहौल पसंद है। इसके अलावा महाराष्ट्र में 17 करोड़ रुपये की एक अन्य प्रॉपर्टी और ₹1.4 करोड़ कीकृषि व गैर-कृषि जमीन भी उनके पास थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे फार्महाउस के पास 30 कॉटेज वाला एक लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना पर भीकाम कर रहे थे। धर्मेंद्र को लग्जीरियस गाड़ियों का शौक था। उनके कलेक्शन में मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास, मर्सिडीज-बेंज SL500 और लैंड रोवर रेंजरोवर जैसी महंगी कारें शामिल थीं। हालांकि उनकी फेवरेट कार 65 साल पुरानी फिएट थी। धर्मेंद्र के कार कलेक्शन में कुछ कारों की कीमत लाखों मेंथी, तो कुछ की करोड़ों में। ‘ही-मैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोलाधर्मेंद्र ने फिल्मों के अलावा कलनरी से लेकर हेल्थकेयर सेक्टर तक में निवेश किया। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले धर्मेंद्र अक्सर अपनेफार्महाउस की झलक फैंस को दिखाते रहते थे। धर्मेंद्र ने फिल्म प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने ‘यमला पगला दीवाना’ जैसी फिल्मों कोप्रोड्यूस किया। इसके अलावा उन्होंने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कदम रखा और 2022 में ‘गरम धरम ढाबा’ लॉन्च किया। बाद में करनाल हाइवे पर ‘ही-मैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोला।
RJD का सख्त संदेश, बिना अनुमति पार्टी या नेताओं का नाम लेना महंगा पड़ेगा

बिहार विधान सभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार हुई। हालांकि इस अप्रत्याशित हार के बाद तेजस्वी यादव न तो प्रत्यक्ष में मीडिया के सामनेआए और न ही उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से इस हार की समीक्षा बैठक की। यह अलग बात है कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से उन्होंने थोड़ी बहुत सीख जरुर ली। उसी का नतीजा है कि अब राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार और अन्य राज्यों के 32 गायकों को लीगल नोटिस भेजा है और साथ में चेतावनी भी दी है। राजद ने बिहार और बिहार […]
मौलाना मदनी बोले- भारत में मुसलमान कुलपति नहीं बन सकते, BJP ने की आलोचना

जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के बयान पर राजनीति तेज हो गई है। राजनीतिक पार्टियां भी इस बयानबाजी में शामिल होगई हैं। कांग्रेस नेता उदित राज ने मौलाना अरशद मदनी के बयान का समर्थन किया है। वहीं भाजपा ने मौलाना मदनी के बयान की तीखी आलोचनाकी है। मौलाना अरशद मदनी ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता जताते हुएकहा था कि लंदन और न्यूयॉर्क में मुसलमान मेयर बन सकते हैं, लेकिन भारत में वही व्यक्ति किसी विश्वविद्यालय का कुलपति नहीं बन सकता। कांग्रेस नेता उदित राज ने मौलाना मदनी के बयान का समर्थन करते हुए कहा, ‘सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि दलितों और ओबीसी को भी नियुक्त नहींकिया जा रहा हैं। केंद्र सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ का दावा करती है, लेकिन सिर्फ एक खास जाति को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकारकी 48 यूनिवर्सिटी में से किसी में भी मुस्लिम, दलित या ओबीसी वाइस-चांसलर नहीं हैं। और वे भारत के 159 शीर्ष संस्थानों से भी गायब हैं। संघऔर भाजपा की विचारधारा को मानने वाले लोगों को ही संस्थानों में नियुक्त किया जा रहा है। अल फलाह यूनिवर्सिटी में आतंकवादी गतिविधियों मेंशामिल लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन पूरी यूनिवर्सिटी को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है? हाल ही में, लैटरल एंट्री आईएएस रिक्रूटमेंटमें कोई भी अधिकारी दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग से नहीं था। यह सरकार मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों को बाहर रखती है।’ आतंकवादियों को कवर फायर देने के लिए धर्म को ही एकमात्र बहानाभाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ‘यह बहुत बुरी बात है कि वोट बैंक की राजनीति के नाम पर तुष्टिकरण के भजन गाए जा रहे हैं।तुष्टिकरण की राजनीति के नाम पर आतंकवाद को कवर फायर देने में यकीन रखने वाले एक्टिव हो गए हैं। आतंक समर्थकों और हमदर्दों की यह जमातफिर से सामने आ रही है। भारत में तो एपीजे अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रपति भी मुस्लिम कम्युनिटी से थे। क्या अरशद मदनी यह भूल गए हैं? लेकिन जबसे दिल्ली धमाके में आतंकवादी पकड़े गए हैं, जो लोग कहते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, वे आतंकवादियों को कवर फायर देने के लिएधर्म को ही एकमात्र बहाना बना रहे हैं।’ शहजाद पूनावाला ने कहा कि ‘सोचिए कि सिर्फ अरशद मदनी ही नहीं, बल्कि चाहे वो चिदंबरम हों, महबूबामुफ्ती, इल्तजा मुफ्ती, अबू आजमी हों या हुसैन दलवई। वे सब सामने आकर कह रहे हैं कि ये तो नाइंसाफी हुई। ये लोग बेकसूर हैं, या फिर ये लोगकहते हैं कि हालात की वजह से ये लोग आतंकी बन रहे हैं। यह बदकिस्मती की बात है कि अरशद मदनी भी इसका हिस्सा हैं।’ पूर्व सांसद ने कहा कि’अल फलाह यूनिवर्सिटी में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन पूरी यूनिवर्सिटी को ही क्यों टारगेट कियाजा रहा है? हाल ही में, लैटरल एंट्री आईएएस रिक्रूटमेंट में कोई भी अधिकारी दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग से नहीं था।’
ट्रंप का बड़ा दावा, टैरिफ की धमकी से रोके 5 में से 8 युद्ध “जानें क्या है पूरा मामला”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर आठ में से पांच युद्ध रुकवाए हैं। ट्रंप ने ये भीदावा किया कि टैरिफ के चलते अमेरिका को दुनिया भर के देशों से खरबों डॉलर मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी टैरिफ नीति को कामयाबबताते हुए कहा कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है। ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने आठ में से पांचलड़ाइयों को सीधे टैरिफ के खतरे की वजह से रोका। ट्रंप ने लिखा कि ‘हम टैरिफ की वजह से विभिन्न देशों से टैरिफ और निवेश के रूप में खरबोंडॉलर्स ले रहे हैं। मैंने आठ में से पांच युद्ध को टैरिफ की धमकी से रोका, क्योंकि अगर वे लड़ना बंद नहीं करते हैं तो उन पर टैरिफ लगने का खतरा है।’ गौरतलब है कि ट्रंप ने इस साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को रोकने के लिए भी टैरिफ की धमकी देने का दावा किया था।हालांकि भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम में ट्रंप की भूमिका की कभी पुष्टि नहीं की है। संघर्ष विराम में ट्रंप की भूमिका की कभी पुष्टि नहींट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि अब अमेरिका में कोई महंगाई नहीं है जबकि जो बाइडन के समय में यह इतिहास में सबसे खराब थी। ट्रंप ने लिखा कि’स्टॉक मार्केट 9 महीनों में 48वीं बार ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि टैरिफ ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मदद कीहै और अमेरिका को लूटने वाले लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी, अमेरिका अब तक का सबसे अमीर, सबसे मजबूत और सबसेइज्जतदार स्थिति में है और इसके वजह उन्होंने खुद के राष्ट्रपति चुने जाने और टैरिफ को बताया। ट्रंप ने इस साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीचसैन्य टकराव को रोकने के लिए भी टैरिफ की धमकी देने का दावा किया था। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम में ट्रंप की भूमिका कीकभी पुष्टि नहीं की है।
ओडिशा उपचुनाव विवाद, बीजद ने लगाया ईवीएम में धांधली का आरोप, नवीन पटनायक की बैठक के बाद बीजद ने चुनाव आयोग से न्याय की मांग

ओडिशा में विपक्षी पार्टी बीजद ने आरोप लगाया है कि नुआपाड़ा उपचुनाव में बड़े पैमाने पर सरकार द्वारा प्रायोजित धांधली की गई। बीजद ने कहा हैकि न्याय की मांग के लिए पार्टी चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करेगी। शनिवार को बीजद की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने की। बैठक के बाद विपक्ष की चीफ व्हिप प्रमिला मलिक ने बताया कि हमनेउपचुनाव में धांधली की शिकायत मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसलिए राजनीतिक मामलों की सीमिति नेतय किया है कि चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की जाएगी। बीजद ने आरोप लगाया है कि सरकारी मशीनरी और पैसे के बल पर ईवीएम में हेरफेरकिया गया और बीजद का वोट डायवर्ट किया गया। बीजद नेता प्रमिला मलिक ने कहा, ‘कम से कम 63 पोलिंग बूथ पर धांधली। लोगों ने बीजद कोजो वोट दिए थे, वे किसी दूसरी पार्टी को दे दिए गए। ऐसा लगता है कि ईवीएम में भी गड़बड़ी हुई है।’ बीजद ने भाजपा पर ईवीएम से छेड़छाड़, पैसेकी ताकत और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने स्तर पर भी जांच करेंगे और ईवीएम में गड़बड़ी कापर्दाफाश करेंगे और लोगों को भाजपा की लोकतंत्र खत्म करने की कोशिशों के बारे में बताएंगे।’ सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगायागौरतलब है कि 11 नवंबर को हुए उपचुनाव में रिकॉर्ड 83.45 प्रतिशत वोटिंग हुई। जिसमें भाजपा के जय ढोलकिया 83,748 वोटों के अंतर सेचुनाव जीते, जबकि भाजपा उम्मीदवार स्नेहांगिनी छुरिया तीसरे नंबर पर रहीं। कांग्रेस उम्मीदवार घासीराम माझी दूसरे नंबर पर रहे। छुरिया ने दावाकिया कि 41 पोलिंग बूथ पर 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई, जिससे लोगों के मन में उलझन हुई। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया औरकहा कि लोगों का बीजद से भरोसा उठ गया है। बीजद ने भाजपा पर ईवीएम से छेड़छाड़, पैसे की ताकत और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग काआरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने स्तर पर भी जांच करेंगे और ईवीएम में गड़बड़ी का पर्दाफाश करेंगे।’
भारत-इस्राइल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, जल्दी लाभ के लिए पहले आसान क्षेत्रों पर ध्यान “मेट्रो प्रोजेक्ट और तकनीक सहयोग शामिल”

केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल इन दिनों इस्राइल के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने भारत और इस्राइल के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट(एफटीए) को दो चरणों में लागू करने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और इस्राइल अपने प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को दोचरणों में लागू करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय को जल्दी लाभ मिल सके। गोयल ने कहा कि दोनों देश पहले कमकठिनाई वाले क्षेत्रों यानी जल्दी लाभ देने वाले क्षेत्रों पर ध्यान देंगे और संवेदनशील मुद्दों को चर्चा में शामिल नहीं करेंगे। उनका उद्देश्य एफटीए कापहला चरण जल्दी पूरा कर व्यापारियों को जल्दी लाभ पहुंचाना है। बता दें कि गुरुवार को दोनों देशों ने बातचीत की रूपरेखा (ToR) पर हस्ताक्षर करएफटीए पर बातचीत की आधिकारिक शुरुआत की। ToR में माल पर शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को हटाना, निवेश को बढ़ावा देना, कस्टमप्रक्रियाओं को आसान बनाना, नवाचार और तकनीक हस्तांतरण में सहयोग बढ़ाना, और सेवा व्यापार को बढ़ावा देना शामिल है। सुविधाओं और लाभों का आदान-प्रदान होगाएफटीए को लेकर न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान गोयल ने बताया कि इस्राइल की कृषि में ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीक ने सीमितजमीन, पानी और संसाधनों के बावजूद शानदार सफलता हासिल की है। भारत इससे सीख सकता है। उन्होंने बताया कि दोनों देश R&D औरनवाचार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं। इसपर इस्राइल के वित्त मंत्री ने भी द्विपक्षीय निवेश संधि के लागू होने पर संतोष व्यक्तकिया। गोयल ने कहा कि यह व्यापार संबंधों के नए युग की शुरुआत है। दोनों देश मिलकर यह तय करेंगे कि एफटीए से कैसे लाभ मिलेगा और किनसुविधाओं और लाभों का आदान-प्रदान होगा। पेट्रोलियम उत्पाद और रक्षा उपकरण शामिलगोयल ने कहा कि भारत आज दुनिया का विश्वसनीय साझेदार और भरोसेमंद मित्र बन रहा है। कई देशों के साथ संबंध मजबूत हो रहे हैं और कईएफटीए फाइनल होने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने युवाओं की कुशलता और योग्यताओं की भी तारीफ की और कहा कि दोनों देश फिलहाल कम मेहनतमें ज्यादा लाभ वाले क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं। गोयल ने बताया कि तेल अवीव में 50 अरब डॉलर का 300 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्टशुरू होने वाला है। इस्राइल चाहता है कि भारत की कंपनियां इस प्रोजेक्ट में भाग लें। भारत में भी 23 शहरों में मेट्रो परियोजनाएं चल रही हैं औरभारतीय कंपनियों के पास इसका अनुभव है। गौरतलब है कि 2024-25 में भारत का इस्राइल को निर्यात 52% गिरकर 2.14 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 26.2% घटकर 1.48 अरब डॉलर रहा। कुल द्विपक्षीय व्यापार 3.62 अरब डॉलर रहा। भारत, इस्राइल का एशिया में दूसरा सबसेबड़ा व्यापारिक साथी है। मुख्य निर्यात में मोतियां और कीमती पत्थर, ऑटोमोबाइल डीजल, रसायन, मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, प्लास्टिक, वस्त्रऔर कृषि उत्पाद शामिल हैं। वहीं मुख्य आयात में मोतियां और रत्न, रसायन और उर्वरक, मशीनरी, पेट्रोलियम उत्पाद और रक्षा उपकरण शामिल हैं।
ट्रंप–ममदानी मुलाकात पर थरूर की टिप्पणी से सियासी घमासान, भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी की मुलाकात को लेकर किए गए पोस्ट को भाजपा नेहाथोंहाथ लिया है। भाजपा ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल दागा कि क्या लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ‘संदेशसमझ में आएगा’? शशि थरूर ने अमेरिका में राजनीतिक साझेदारी के प्रदर्शन की तारीफ की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस मेंन्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर और अपने कट्टर आलोचकों में से एक जोहरान ममदानी से मुलाकात वाली एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर नेमतदाताओं की इच्छा का सम्मान करने और राष्ट्र के बेहतर हित के लिए काम करने की बात कही थी. लोकतंत्र को इसी तरह काम करना चाहिएकांग्रेस नेता ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘लोकतंत्र को इसी तरह काम करना चाहिए। बयानबाजी पर बिना किसी रोक-टोक के चुनावों में अपने नजरिये केलिए जोश से लड़ें, लेकिन एक बार जब चुनाव खत्म हो जाए और लोग अपना जनादेश दे दें, तो उस देश के साझा हितों में एक-दूसरे के साथ सहयोगकरना सीखें जिसकी सेवा करने का आप दोनों ने संकल्प लिया है। मैं भारत में भी ऐसा ही देखना चाहूंगा – और मैं अपनी भूमिका निभाने की कोशिशकर रहा हूं।”कांग्रेस सांसद की इस टिप्पणी को चुनाव बाद आपसी सहयोग की बड़ी अपील के तौर पर देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला नेराहुल गांधी पर निशाना साधा। शहजाद पूनावाला ने थरूर की पोस्ट को टैग करते हुए कहा, ‘एक बार फिर शशि थरूर ने कांग्रेस को याद दिलाया हैकि परिवार को नहीं, बल्कि भारत को प्राथमिकता देनी चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से बर्ताव करना चाहिए, न कि हारे हुए लोगों की तरह। लेकिनक्या राहुल गांधी को संदेश मिलेगा? शशि थरूर के खिलाफ एक और फतवा?” भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधाऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब शशि थरूर के किसी बयान या टिप्पणी पर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा हो। हाल ही में एक कार्यक्रम मेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की तारीफ करने पर उनकी पार्टी के नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी। कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने थरूर कोपाखंडी बताते हुए सवाल पूछा था कि आप कांग्रेस में क्यों हैं? कांग्रेस कई मौकों पर विपक्षी नेताओं की तारीफ करने की वजह से तिरुवनंतपुरम केसांसद थरूर से दूरी बना कर चलती है। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि ये बयान उनके निजी हैसियत से दिए गए हैं और पार्टी का इससे लेना-देनानहीं है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब शशि थरूर के किसी बयान या टिप्पणी पर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा हो। हाल ही में एककार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की तारीफ करने पर उनकी पार्टी के नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी।
क्या कांग्रेस अब भारत-विरोधी ताक़तों के साथ खुलकर खड़ी हो रही है?-गौरव भाटिया ने उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस पार्टी के हालिया राजनीतिक रुख और उसके अंतरराष्ट्रीय सम्पर्कों ने देश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठप्रवक्ता गौरव भाटिया ने पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह ऐसे व्यक्तियों और संगठनों से हात मिला रही है, जो भारत की छवि, नीति और संवैधानिकमूल्यों पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थितियाँ केवल संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। अंतरराष्ट्रीय चेहरों से कांग्रेस की नजदीकी—एक उभरता पैटर्नगौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस की गतिविधियाँ पिछले कुछ वर्षों में एक निश्चित पैटर्न का संकेत देती हैं। पहले इल्हान उमर, फिर जॉर्ज सोरास औरअब मिचेल बेचेलेट ये सभी ऐसे नाम हैं जिन्होंने बार-बार भारत की नीतियों या उसकी संप्रभुता पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कांग्रेस पहले इनलोगों को परोक्ष समर्थन देती थी, लेकिन अब वह पूरी तरह खुले मंच पर उनके साथ खड़ी दिखाई दे रही है। यह न केवल कांग्रेस की सोच में बदलावदिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि वह किस दिशा में जा रही है। इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार पर विवाद भारत के मंच पर भारत–विरोधी आवाज़?इसी संदर्भ में इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार–2024 की समारोह भी चर्चा में रहा। कार्यक्रम भारत के नाम से आयोजित हुआ, मंच भारत का था, पुरस्कार भारत की पूर्व प्रधानमंत्री के नाम से था, लेकिन सम्मान चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिचेल बेचेलेट को दिया गया जो भारत कीआंतरिक नीतियों पर खुलकर सवाल उठा चुकी हैं। गौरव भाटिया ने कहा कि यह निर्णय देश की जनता को आहत करता है, क्योंकि एक विदेशी नेता, जिसने भारतीय संसद द्वारा पारित CAA पर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की, उसे भारत के नाम पर सम्मानित किया गया। उनका कहना है कियह कदम कांग्रेस की राजनीतिक मंशाओं को उजागर करता है। क्या मिचेल बेचेलेट की याचिका कांग्रेस के संकेत पर दायर हुई?इस पुरस्कार से एक और सवाल उभरा जिस व्यक्ति ने भारत के नागरिकता कानून को लेकर न्यायालय में चुनौती दी, क्या उसके पीछे कांग्रेस की कोईभूमिका थी? गौरव भाटिया ने कहा कि मिचेल बेचेलेट भारतीय नागरिक नहीं हैं, फिर भी उन्होंने भारत की नीति पर आपत्ति जताने के लिए अदालत कादरवाज़ा खटखटाया। यह स्वाभाविक है कि लोग यह पूछें कि क्या यह कदम सोनिया गांधी या राहुल गांधी के समर्थन या सुझाव से उठाया गया था। प्रधानमंत्री की टिप्पणी और कांग्रेस की वैचारिक दिशाप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस का DNA मुस्लिम माओवादी कांग्रेस बन चुका है। गौरव भाटिया ने इस टिप्पणी का उल्लेखकरते हुए कहा कि माओवादी सोच अराजकता और कानून-विरोध की प्रतीक रही है। यदि कांग्रेस अब उन व्यक्तियों को बढ़ावा दे रही है जिनकीविचारधारा भारत की संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती देती है, तो यह स्वाभाविक है कि देश में चिंता बढ़े। यह रुझान केवल वैचारिक विचलन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों के प्रति संवेदनहीनता भी दर्शाता है। कांग्रेस की राजनीति का केंद्र क्या अब केवल सत्ता है?गौरव भाटिया का कहना है कि कांग्रेस आज केवल सत्ता की लालसा में डूबी हुई दिखाई देती है। देशहित, नीति, लोकतांत्रिक संस्थाएँ इन सबकीउपेक्षा कांग्रेस की रणनीति से साफ दिखती है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी द्वारा मिचेल बेचेलेट को सम्मानित करना न केवल राजनीतिक रूप सेअसंवेदनशील था, बल्कि यह कदम प्रत्येक भारतीय की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है। भारत के मंच पर ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करना, जो बार-बारभारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता रहा है, कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है। कांग्रेस किस दिशा में बढ़ रही है?गौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक समय में भारत की मुख्यधारा की राजनीतिक शक्ति थी, लेकिन आज वह अपने वैचारिक मार्ग से पूरी तरहभटक चुकी है। उनके अनुसार कांग्रेस अब विदेशी विचारों और समूहों के सहारे भारत की राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, जोलोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है। उन्होंने कहा कांग्रेस के DNA में अब भारत-विरोध खुलकर दिखाई देने लगा है। यह स्थिति गंभीर भी है औरचिंताजनक भी। कांग्रेस के व्यवहार को देखते हुए जनता भी सवाल पूछ रही है क्या यह पार्टी अब भी भारत के हितों की राजनीति करती है, या फिर वहसिर्फ सत्ता के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है?