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ईडन टेस्ट हारा, विवाद जीता, उथप्पा ने गंभीर का बचाव करते हुए आलोचकों को लताड़

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच ने क्रिकेट जगत में बड़ी बहस छेड़ दी है। 124 रनों के छोटेसे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों का अचानक ढह जाना और तीन दिन में मैच का खत्म हो जाना कई सवाल छोड़ गया। इसी बीचपिच को लेकर विवाद गहराया, जहां कई विशेषज्ञों ने टीम मैनेजमेंट पर उंगली उठाई। भारत के कोच गौतम गंभीर ने बयान दिया कि टीम को वहीविकेट मिला जिसकी उन्होंने मांग की थी और पिच में ऐसा कुछ नहीं था जो ‘अनप्लेएबल’ कहा जाए। जहां पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने पिच चयन कोलेकर टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए, वहीं पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने गंभीर का मजबूती से पक्ष लिया। उथप्पा ने साफ कहा कि हार के लिए कोचको जिम्मेदार ठहराना सरासर गलत है। उन्होंने एक लाइव सेशन में कहा, ‘कोच थोड़ी जा कर खेल रहा है अंदर।’ उथप्पा ने यह भी कहा कि नतीजों सेसीधे कोच को दोष देना उचित नहीं है। रणजी ट्रॉफी में आप इस तरह के विकेटों को मना कर देतेउथप्पा ने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि जब राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ी को सवालों के घेरे में लाया जा सकता है, तो किसी भी कोचको ट्रोल करना अब आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि इतने हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन लोग फिर भी द्रविड़ जैसेदिग्गजों पर अंगुलियां उठाते हैं। उथप्पा ने कहा, ‘हम नतीजों को देख रहे हैं और कोच को दोष दे रहे हैं, लेकिन आपको समग्र परिदृश्य को देखनाहोगा। जब उन्होंने राहुल द्रविड़ की आलोचना की, तो मुझे यह बात समझ नहीं आई। 20-30 हज़ार अंतरराष्ट्रीय रन बनाना आसान नहीं है। इसलिए, अगर उन्हें ट्रोल किया जा सकता है, तो किसी को भी ट्रोल किया जा सकता है।’ उथप्पा ने एक और अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीयपिचों के बीच दोहरे मानदंड को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा, ‘हमने घरेलू टूर्नामेंट्स में तटस्थ क्यूरेटर बुलाए और नियंत्रित किया कि हम किस तरहके विकेट तैयार करने वाले हैं। क्योंकि अगर कोई मैच दो दिन में खत्म हो जाता था, तो ग्राउंड्समैन और एसोसिएशन को फटकार लगाई जाती थी।लेकिन यहां तो मैच ढाई दिन में खत्म हो रहे हैं। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में आप इस तरह के विकेटों को मना कर देते हैं।’ कोच को ट्रोल करना अब आम बात हो गईउथप्पा ने कहा, ‘रणजी में टर्निंग ट्रैक्स बनाने को हतोत्साहित किया जाता है। अगर आप लगातार टर्निंग पिच तैयार भी कर रहे हैं, जहां तीसरे और चौथेदिन काफी टर्न होगा, तो भी आप ऐसे बल्लेबाज तैयार कर सकते हैं जो स्पिन के खिलाफ अच्छा खेल सकें। पिछले 10 वर्षों में हमें ऐसा करने सेरोका गया है और आप खिलाड़ियों को स्पिन को अच्छी तरह से न खेलने के लिए फटकार लगा रहे हैं। अगर खिलाड़ी घरेलू स्तर पर स्पिन नहीं खेलेंगे, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे टिक पाएंगे?’ उथप्पा ने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि जब राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ी को सवालों के घेरे मेंलाया जा सकता है, तो किसी भी कोच को ट्रोल करना अब आम बात हो गई है।

भारत बनेगा ऑर्गेनिक फार्मिंग का ग्लोबल हब, कोयंबटूर में पीएम मोदी का बड़ा ऐलान “युवा बना रहे हैं खेती को आधुनिक और वैश्विक”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत जैविक खेती का वैश्विक केंद्र बनने की राह पर है और उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश की मूलऔर पारंपरिक संस्कृति है। बिहार में एनडीए की शानदार जीत के बाद मोदी ने अपने आगमन पर गमछा लहराते दर्शकों देखकर कहा कि ऐसा लग रहाथा जैसे बिहार की हवाएं उनसे पहले तमिलनाडु पहुंच गई हों। किसानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं यहां मंच पर आया, तोमैंने देखा कि कई किसान हवा में अपना गमछा लहरा रहे थे। मुझे ऐसा लगा जैसे बिहार की हवा मुझसे पहले ही यहां पहुंच गई हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी ने कहा, प्राकृतिक खेती मेरे दिल के बहुत करीब का विषय है। मैं तमिलनाडु के सभी किसानों को इस अद्भुत दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखरसम्मेलन के आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं प्रदर्शनी देख रहा था। मुझे कई किसानों से बात करने का अवसर मिला। किसी नेमैकेनिकल इंजीनियरिंग की है, पीएचडी की है और फिर खेती कर रहे हैं, कोई नासा छोड़कर खेती कर रहा है, वे कई युवाओं को तैयार कर रहे हैं औरप्रशिक्षित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने एक जनसभा को भी संबोधित कियापीएम ने आगे कहा कि मैं सार्वजनिक रूप से स्वीकार करता हूं कि अगर मैं इस कार्यक्रम में नहीं आया होता, तो मैं अपने जीवन में बहुत कुछ खो देता।आज यहां आकर, मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं तमिलनाडु के किसानों के साहस को सलाम करता हूं, परिवर्तन को स्वीकार करने की उनकी शक्ति कोसलाम करता हूं। मोदी ने कहा, आने वाले वर्षों में मैं भारत की कृषि में कई बड़े बदलाव होते देख सकता हूं। भारत प्राकृतिक खेती का वैश्विक केंद्रबनने की राह पर है। हमारी जैव विविधता एक नया आकार ले रही है, देश के युवा कृषि को एक आधुनिक, व्यापक अवसर के रूप में देख रहे हैं। इससेदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में पीएम-किसान सम्मान निधि की21वीं किस्त लाभार्थियों को हस्तांतरित की। सरकार ने नौ करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधेहस्तांतरित की गई। इस मौके पर पीएम मोदी ने एक जनसभा को भी संबोधित किया। दिशा में एक प्रमुख भूमिका निभाएगापीएम मोदी ने कहा, पिछले 11 वर्षों में देश के संपूर्ण कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आया है। हमारा कृषि निर्यात लगभग दोगुना हो गया है। कृषि कोआधुनिक बनाने के लिए सरकार ने किसानों के समर्थन के सभी रास्ते खोल दिए हैं। कुछ समय पहले हमने इसी मंच से पीएम-किसान सम्मान निधि कीअगली किस्त जारी की है। देश के कोने-कोने में किसानों को 18,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। तमिलनाडु के लाखों किसानों को भी पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत उनके खातों में राशि प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा, प्राकृतिक खेती हमें जलवायु परिवर्तन का सामना करने में मददकरती है। इससे हमारी मिट्टी स्वस्थ रह सकती है और इससे लोगों को हानिकारक रसायनों से बचाया जा सकता है। यह आयोजन इस दिशा में एकप्रमुख भूमिका निभाएगा।

सौरभ भारद्वाज ने BJP की चाची 420 सरकार के फर्जी दावों का बड़ा खुलासा

हाईकोर्ट के आदेश को अपना बताने पर AAP का तीखा विरोधआम आदमी पार्टी ने दिल्ली हाईकोर्ट के बुक्ड प्रॉपर्टीज को बिजली कनेक्शन देने वाले आदेश को भाजपा सरकार द्वारा अपना बताकर श्रेय लेने केप्रयास को गंभीर धोखा बताया है। AAP के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ताऔर उनके नेता हाईकोर्ट के फैसले को अपने आदेश की तरह पेश कर रहे हैं। यह सिर्फ राजनीतिक चाल नहीं, बल्कि अदालत के निर्णय को गलत ढंगसे प्रस्तुत करने का मामला है। सरकार जनता और अदालत दोनों से कर रही है फर्जीवाड़ासौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि 13 नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट की जज मिनी पुष्करना ने यह प्रमुख फैसला दिया था कि एमसीडी द्वारा बुक्ड घोषितकी गई प्रॉपर्टीज को सिर्फ बुक किए जाने के आधार पर बिजली कनेक्शन से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फैसले का पूरा श्रेयअदालत का है, लेकिन भाजपा के नेता इसे मुख्यमंत्री का निर्णय बताकर लगातार धन्यवाद दे रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार के आदेश मेंभी हाईकोर्ट के निर्णय का उल्लेख नहीं किया गया, जबकि उसी आदेश के आधार पर यह बदलाव हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नेजानबूझकर अदालत का नाम छिपाया, ताकि जनता को भ्रमित किया जा सके। भाजपा सरकार हर काम में फर्जी छवि बनाने में लगी हुई हैसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार की राजनीति अब वास्तविक काम पर नहीं, बल्कि झूठे श्रेय और फर्जी उपलब्धियों पर आधारित हो गई है।उन्होंने कहा कि चाहे प्रदूषण के आंकड़े हों, यमुना की सफाई हो या दिल्ली सरकार के पुराने प्रोजेक्ट, भाजपा हर जगह गलत दावे कर रही है। उन्होंनेकहा कि बसें खरीदने से लेकर मोहल्ला क्लीनिक तक, आम आदमी पार्टी के कामों को भाजपा ने अपने नाम पर दिखाने की कोशिश की है। यह प्रवृत्तिअब अदालत के फैसलों तक पहुँच चुकी है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंता का विषय है। मीडिया पर भी उठाए सवाल, कहा–सच जानकर ही खबरें प्रकाशित होंAAP ने यह भी कहा कि मीडिया को सीएम ऑफिस से भेजी गई प्रेस रिलीज को प्रकाशित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए थी।सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मीडिया को यह पता लगाना चाहिए था कि फैसला वास्तव में कब हुआ, किसने दिया और इसके पीछे अदालत का क्यातर्क था। उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा बिना जांच के खबरें प्रकाशित करना जनता को भ्रमित करने में मदद करता है, और भाजपा इसी भ्रम का फायदाउठा रही है। हाईकोर्ट का फैसला–बुक्ड प्रॉपर्टीज को मिलेगी बिजली की सुविधालेख में स्पष्ट किया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, एमसीडी सिर्फ प्रॉपर्टी को बुक करके बिजली कनेक्शन देने से मना नहीं कर सकती।अदालत ने कहा कि बिजली तभी काटी जा सकती है जब प्रॉपर्टी को ध्वस्त करने या सील करने की प्रक्रिया जारी हो। यह फैसला दिल्ली के उनहजारों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है, जो कई वर्षों से बिजली कनेक्शन न मिलने के कारण परेशान थे। सरकारी आदेश में कोर्ट का जिक्र न होना AAP ने बताया जानबूझकर किया गया कदमAAP ने बताया कि 17 नवंबर को बिजली विभाग द्वारा जारी आदेश में सिर्फ यह लिखा गया कि ‘सरकार ने नई समीक्षा के बाद निर्देश दिए हैं।लेकिन इसमें कहीं भी यह नहीं बताया गया कि यह समीक्षा वास्तव में हाईकोर्ट के फैसले के कारण हुई है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर सरकारईमानदार होती, तो आदेश में साफ लिखा जाता कि यह बदलाव अदालत के निर्देशों के चलते हुआ। लेकिन भाजपा सरकार ने यह उल्लेख इसलिएनहीं किया ताकि वह फैसले का पूरा श्रेय खुद ले सके। एमसीडी में बुक्ड प्रॉपर्टीज का खेल AAP नेताओं ने उजागर की भ्रष्टाचार की कहानीAAP विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि एमसीडी में कई वर्षों से बुक्ड प्रॉपर्टीज के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार चलता रहा है। उन्होंने कहा किगरीब व्यक्ति अगर बिना रिश्वत दिए अपना घर बनाता है, तो उसकी प्रॉपर्टी तुरंत बुक कर दी जाती है। दूसरी ओर, पैसे देने वाले या राजनीतिक संबंधरखने वाले लोगों की प्रॉपर्टीज पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला इस भ्रष्टाचार पर चोट है और इसीलिए भाजपा इसेअपना फैसला बताकर जनता का मूड अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। दिल्ली में चाची 420 सरकार, और ऊपर बैठे वाइस चांसलर मोदी जीआप नेता घनेंद्र भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में इस समय चाची 420 सरकार चल रही है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कर रही हैं और वाइसचांसलर मोदी जी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदूषण, यमुना सफाई और अन्य योजनाओं में लगातार धोखा दे रही है। उन्होंने कहाकि दिल्ली की जनता ने उम्मीदों के साथ भाजपा को चुना था, लेकिन अब नौ महीने बाद लोग निराश हैं और महसूस कर रहे हैं कि उन्हें सिर्फ प्रचारऔर फर्जी दावों से भर दिया गया है। उपचुनाव में जनता दे सकती है जवाब AAP की अपीलAAP ने कहा कि एमसीडी के 12 वार्डों में होने वाले उपचुनाव जनता के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के नागरिक इन उपचुनावों मेंआम आदमी पार्टी को जिताकर भाजपा की फर्जीवाड़ा सरकार को स्पष्ट संदेश दे सकते हैं। AAP ने दावा किया कि वह जनता की आवाज बनी रहेगीऔर सड़क से लेकर सदन तक हर जगह भ्रष्टाचार और झूठी राजनीति का पर्दाफाश करती रहेगी।

अध्यक्ष सत्या शर्मा की अगुवाई में दिल्ली की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को मिला नया दिशा–निर्देश

नगर निगम की बैठक में शहर सुधार पर विस्तृत मंथनदिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक अध्यक्ष सत्या शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर की जरूरतों, सार्वजनिक सुविधाओंऔर नागरिकों की बढ़ती समस्याओं पर गहन चर्चा की गई। स्वच्छता व्यवस्था, पार्कों की देखरेख, सफाई कर्मचारियों की उपलब्धता, आवारा पशुओंकी समस्या और बढ़ते प्रदूषण जैसे मुद्दों को विशेष प्राथमिकता दी गई। अध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों कासमाधान समयबद्ध और प्रभावी तरीके से होना चाहिए, ताकि नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके। वायु प्रदूषण पर सख्त कदम और नियमित निगरानीबैठक में वायु एवं धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े उपाय लागू किए गए। अध्यक्ष सत्या शर्मा ने सभी जोनल डीसी को आदेश दिया किमैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें अपनी तय शिफ्टों में नियमित रूप से चलें। हर मशीन की दैनिक रिपोर्ट, फोटो-लॉग और किलोमीटर रिकॉर्ड सीधेस्थायी समिति को भेजा जाएगा। किसी मशीन के खराब होने पर उसकी मरम्मत 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी। इसके अलावा, सड़कों पर जमा ढीली मिट्टी, निर्माण सामग्री और डेब्रिस को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया, ताकि धूल प्रदूषण को तुरंत कम किया जासके। कूड़ा और पत्तों को जलाने पर सख्त प्रतिबंधबैठक में यह साफ कहा गया कि कचरा या पत्तों को जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए निगम ने सुबह और रात में विशेष पेट्रोलिंग टीमेंतैनात कर दी हैं। अगर किसी वार्ड में कूड़ा जलाने की घटना पाई जाती है, तो संबंधित टीम तुरंत कार्रवाई करेगी। धूल रोकने के लिए टुटी सड़कों कीमरम्मत, पैचवर्क और सड़क की सतह मजबूत करने जैसे कार्यों को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सड़क सुधार कार्य में नई रफ्तारअध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष दिल्ली नगर निगम सफाई और प्रदूषण नियंत्रण पर पहले से अधिक संसाधन लगा रहा है। मुख्य सड़कों पर रोज़ानापानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे धूल काफी कम हुई है। अब तक शहर की 3000 से अधिक सड़कों के गड्ढे भर दिए गए हैं, जिससेआवागमन आसान हुआ है और धूल कम होने से प्रदूषण में भी कमी आई है। बेहतर सड़कें ट्रैफिक को सुचारू बनाती हैं और शहर की व्यवस्था कोमजबूत करती हैं। नई मशीनों से सफाई अभियान को मिलेगी मजबूतीबैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यह प्रस्ताव पारित किया गया कि नगर निगम 14 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदेगा। ये आधुनिकमशीनें सड़कों की गहरी सफाई और धूल को प्रभावी ढंग से सोखने में सक्षम होंगी। इसके साथ ही, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सफाईअभियान चलाए जाएँगे, ताकि वहाँ कूड़ा जमा न होने पाए और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिले। जोनल अधिकारियों से साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट अनिवार्यबैठक के अंतिम चरण में अध्यक्ष सत्या शर्मा ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट स्थायी समितिको भेजें। इससे कार्यों की लगातार समीक्षा होती रहेगी और किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।पार्षदों ने बैठक को रचनात्मक बताया और कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन पर समिति ने सहमति जताई। दिल्ली को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ बनाने का संकल्पअध्यक्ष सत्या शर्मा ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली नगर निगम शहर को स्वच्छ बनाने और प्रदूषण कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसाजताया कि इन नए निर्णयों और कड़े उपायों से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और नागरिकों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहरमिलेगा।

Congress Leaders, Including Rahul Gandhi and *Mallikarjun Kharge Raise Alarm Over SIR Process, Accuse BJP of Attempting Vote Manipulation

We held a comprehensive strategy review with AICC General Secretaries, AICC In-Charges, PCCs, CLPs, and AICC Secretaries from the states/UTs where the Special Intensive Revision (SIR) process is underway. The Congress Party is unequivocally committed to safeguarding the integrity of the electoral rolls. Allegiance to the people of IndiaAt a time when public confidence in […]

नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलों के बीच अध्यक्ष ने साफ की तस्वीर, तेजस्वी को नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी कैसे मिलेगी?

शुक्रवार 14 नवंबर की रात तक यह साफ हो गया कि बिहार में प्रचंड बहुमत वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार बन रही है। रविवार को जबमुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलने गए तो कहा गया कि वह इस्तीफा देने गए हैं। नहीं दिया इस्तीफा तो कहा गया कि किसी डर के कारणनहीं दिया। इतना ही नहीं, सवाल सामने की कुर्सी पर भी उठ रहा है कि महागठबंधन के 35 विधायकों में राष्ट्रीय जनता दल के पास 25 विधायक हीहैं। बाकी 10 महागठबंधन के दूसरे दलों के पास हैं और छह अन्य के पास। तो क्या तेजस्वी यादव के पास नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी रह जाएगी? जितनी बातें चल रहीं, हर सवाल पर ‘अमर उजाला’ ने मौजूदा विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव से जवाब पूछा। जवाब- मुख्यमंत्री ने 19 नवंबर को विधानसभा भंग करने की सिफारिश की है। अगले दिन 20 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण है। अगर रविवारको इस्तीफा दे देते तो स्वीकार होने के साथ ही वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री रह जाते। अब 19 नवंबर तक वह मुख्यमंत्री हैं और 20 नवंबर से वह नईसरकार के मुख्यमंत्री होंगे, कार्यवाहक की जरूरत नहीं पड़ेगी। विधानसभा भंग होते ही वह कार्यवाहक रह जाएंगे, लेकिन तारीखों में वह पुराने और नएसीएम होंगे। जवाब- 243 सदस्यों की बिहार विधानसभा है। इसमें विपक्षी दलों में से जिसके बाद न्यूनतम 10 प्रतिशत विधायक रहेंगे, वह नेताप्रतिपक्ष का दावेदार होता है। मौजूदा परिणाम में राजद के पास 25 विधायक हैं, इसलिए वह बाकी विपक्षी दलों की मदद के बगैर भी नेता प्रतिपक्षचुन सकता है। बाकी विपक्षी दलों को मिलाकर अलग से 24 या उससे ज्यादा विधायक होते तो भी सबसे बड़े दल के पास अधिकार होता। और, अगर दो दलों के पास अलग-अलग इतनी संख्या होती तो बातचीत के आधार पर रास्ता निकालने का प्रयास किया जाता। वह भी नहीं हो तो एकमतलिया जाता। फिलहाल, जिसे राजद सदन में आकर अपने विधायक दल का नेता घोषित करेगा, उसे ही नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी मिलेगी। जवाब- जहां के विधायक इस्तीफा देंगे, वहां उप चुनाव होगा। विपक्ष की संख्या 10 प्रतिशत से नीचे आते ही नेता प्रतिपक्ष का पद स्वतः खाली होजाएगा और रिक्त सीटों पर उपचुनाव अनिवार्य हो जाएगा। नीतीश कुमार की हर आहट पर सभी की नजर है। वह इस्तीफा दे चुके, यह चर्चा चलनिकली थी। सवाल यह भी उठ रहा कि तेजस्वी यादव के पास नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी रहेगी या नहीं? विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने हरपहलू को समझाया।

बांग्लादेश में कड़ी सेंसरशिप, शेख हसीना के बयान प्रसारित करने पर अंतरिम सरकार की रोक

बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने प्रेस सेंसरशिप लागू करने की दिशा में कदम उठा लिया है। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना कोविशेष ट्रिब्यूनल की ओर से मौत की सजा सुनाए जाने के बाद यूनुस सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिया संस्थानों को चेतावनी दी हैकि वे अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के किसी भी बयान का प्रकाशन या प्रसारण न करें। इसके पीछे तर्क देते हुए अंतरिम सरकार ने कहा है कि ऐसेबयानों से राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है। बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, नेशनल साइबरसिक्योरिटी एजेंसी (एनसीएसए) ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि हसीना के कथित बयानों में ऐसे निर्देश या अपील हो सकती हैं, जोहिंसा, अव्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों को भड़का सकती हैं और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं। नफरत फैलाने वाले भाषणइस निर्देश में कहा गया, “हम मीडिया से राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में जिम्मेदारी से कार्य करने का आग्रह करते हैं।” एजेंसी ने चिंता जताते हुए कहा किकुछ मीडिया संस्थान दोषी और भगोड़ी करार दी जा चुकीं शेख हसीना के कथित बयान प्रसारित या प्रकाशित कर रहे हैं। एनसीएसए ने कहा कि ऐसेव्यक्तियों के बयान प्रकाशित करना साइबर सिक्योरिटी ऑर्डिनेंस का उल्लंघन है। एजेंसी ने चेतावनी दी कि अधिकारी राष्ट्रीय अखंडता, सुरक्षा यासार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाली, जातीय या धार्मिक नफरत फैलाने वाली, या सीधे हिंसा को उकसाने वाली सामग्री को हटाने याप्रतिबंधित करने के लिए अधिकृत हैं। एजेंसी के मुताबिक, फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर या अवैध रूप से किसी सिस्टम तक पहुंचकर नफरत फैलानेवाले भाषण, जातीय उकसावे या हिंसा के लिए नफरत फैलाना दंडनीय अपराध है, जिसकी सजा दो साल तक की जेल और अधिकतम 10 लाखटका जुर्माने (या इनमें से कोई एक) तक हो सकती है। शक्ति से ऊपर नहींविज्ञप्ति में कहा गया कि एजेंसी प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करती है, लेकिन मीडिया संस्थानों से अपील है कि वे किसी भी हिंसक, भड़काऊ या आपराधिक रूप से उकसाने वाले बयान को प्रकाशित करने से बचें और अपनी कानूनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहें। गौरतलब है किबांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने सोमवार को 78 वर्षीय अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई।उनकी सरकार पर पिछले वर्ष छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर क्रूर दमन के मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद आईसीटी ने उन्हें मानवता के खिलाफअपराध का दोषी ठहराते हुए अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई। पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी इसी मामले में मृत्युदंड दिया गया।बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह सिद्धांत स्थापित करता है कि कानून के सामनेकोई भी शक्ति से ऊपर नहीं है।

शशि थरूर ने रामनाथ गोयनका लेक्चर में पीएम मोदी की तारीफ की, आर्थिक दृष्टि और सांस्कृतिक मिशन का संयुक्त संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रामनाथ गोयनका लेक्चर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने एक बार पीएम मोदी कीदिल खोलकर तारीफ की है। थरूर ने कहा कि पीएम का पूरा संबोधन देश के लिए एक साथ आर्थिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक मिशन दोनों की तरहसामने आया। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री ने ऐसे समय में यह संदेश दिया, जब भारत को तेज विकास, नई सोच और अपनी विरासत पर गर्व की संयुक्तदिशा की जरूरत है। थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की “रचनात्मक अधीरता” पर जोर दिया और पिछली औपनिवेशिकमानसिकता को पीछे छोड़ने की बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पीएम मोदी ने भारत की विरासत, भाषाओं और ज्ञान-परंपराओंपर गर्व बहाल करने के लिए 10 साल के राष्ट्रीय मिशन का आह्वान किया। थरूर के मुताबिक इस समय देश विकास की तेज रफ्तार के साथसांस्कृतिक आत्मविश्वास की ओर भी बढ़ रहा है। खत्म करने पर केंद्रित रहाथरूर ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि भारत अब ‘इमर्जिंग मार्केट’ नहीं, बल्कि दुनिया के लिए ‘इमर्जिंग मॉडल’ बन चुका है। उन्होंनेदेश की आर्थिक मजबूती का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का हर कदम लोगों की समस्याओं का समाधान करने की भावनात्मक प्रतिबद्धता सेजुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन पर हमेशा चुनाव मोड में रहने का आरोप लगता है, लेकिन वह दरअसल ‘इमोशनल मोड’ में रहते हैं।अपनी टिप्पणी में थरूर ने कहा कि पीएम मोदी का भाषण मैकाले की 200 साल पुरानी “दास मानसिकता” को खत्म करने पर केंद्रित रहा। उन्होंनेबताया कि प्रधानमंत्री ने भारतीय शिक्षा, भाषाओं और ज्ञान परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए दीर्घकालिक राष्ट्रीय प्रयास का आह्वान किया।हालांकि, थरूर ने यह भी कहा कि काश प्रधानमंत्री यह भी बताते कि कैसे रामनाथ गोयनका ने अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल भारतीय राष्ट्रवाद की आवाजउठाने के लिए किया। महत्वपूर्ण दृष्टि प्रस्तुत करताथरूर ने यह भी कहा कि वह तेज बुखार और खांसी के बावजूद कार्यक्रम में शामिल हुए क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विमर्श था। उन्होंने कहा किपीएम का संबोधन भारत की आर्थिक दिशा और सांस्कृतिक पहचान दोनों पर एक महत्वपूर्ण दृष्टि प्रस्तुत करता है। थरूर के अनुसार, अलग-अलगविचारों के बावजूद राष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद और बहस लोकतंत्र की ताकत है, और इसी भावना से वह कार्यक्रम में मौजूद रहे। शशि थरूर ने प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के रामनाथ गोयनका लेक्चर को आर्थिक दृष्टि और सांस्कृतिक मिशन का संयुक्त संदेश बताया। उन्होंने कहा कि पीएम ने भारत कीरचनात्मक अधीरता, विरासत, भाषाओं व ज्ञान प्रणालियों को पुनर्जीवित करने के लिए 10 साल के राष्ट्रीय मिशन की अपील की।

भारत जल्द अमेरिका को पीछे छोड़ देगा, मेट्रो नेटवर्क में दुनिया के शीर्ष देशों के करीब पहुंचेगा “बोले केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रीमनोहर लाल खट्टर”

भारत तेजी से मेट्रो नेटवर्क विस्तार की ओर बढ़ रहा है और अब देश दुनिया की सबसे लंबी मेट्रो लाइनों वाले देशों में शामिल होने की तैयारी कर रहाहै। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को कहा कि भारत अगले दो से तीन साल में अमेरिका को मेट्रो नेटवर्क की कुललंबाई में पीछे छोड़ देगा। देश में शहरीकरण बढ़ने के साथ मेट्रो कनेक्टिविटी को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं लगातार तेज हुई हैं और इसी कापरिणाम है कि भारत अब वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। हैदराबाद में साउथ-वेस्ट राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक मेंमनोहर लाल ने बताया कि भारत का मेट्रो नेटवर्क 1,100 किलोमीटर तक पहुंच चुका है, जबकि अमेरिका 1,400 किलोमीटर पर है। उन्होंने कहा किमेट्रो विस्तार की गति को देखते हुए भारत बहुत जल्द अमेरिका को पीछे छोड़ देगा। 2004-05 में केवल पांच शहरों में मेट्रो चलती थी, लेकिन आज24 शहरों में मेट्रो नेटवर्क सक्रिय है। मंत्री ने कहा कि अमेरिका और चीन ने भारत से काफी पहले मेट्रो पर काम शुरू किया था, लेकिन भारत ने कमसमय में बेहद तेज रफ्तार से नेटवर्क का विस्तार किया है। राज्य के बीच सहयोग को अहम बताया गयामनोहर लाल ने कहा कि देश में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और अनुमान है कि 2050 तक शहर और कस्बे देश के कुल जीडीपी में 80 प्रतिशतयोगदान देंगे। ऐसे में मेट्रो रेल जैसी आधुनिक और तेज परिवहन व्यवस्था बेहद जरूरी हो गई है। मंत्री ने बताया कि शहरों में आर्थिक गतिविधियों, नौकरी, शिक्षा और आवागमन की बढ़ती जरूरतों के साथ मेट्रो अब आधुनिक शहरी ढांचे का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी है और सरकार इस दिशा मेंबड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तेलंगाना में शहरी विकास परियोजनाओं को पूरा समर्थन देगी। इसमेंहैदराबाद मेट्रो विस्तार, मूसी नदी पुनर्विकास और अन्य शहरी सुधार परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार कीप्राथमिकताओं के अनुसार केंद्र आवश्यक सहयोग देगा। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद को तेजी से विस्तार और निवेश वाली सिटी के रूप मेंविकसित करने के लिए केंद्र और राज्य के बीच सहयोग को अहम बताया गया। नेटवर्क वाले देशों की सूची में शीर्ष स्थान के करीब होगाइससे पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बैठक में कहा कि राज्य की कई प्रमुख परियोजनाएं केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। उन्होंनेफेज-2 मेट्रो विस्तार, मूसी पुनर्विकास, गोदावरी नदी डायवर्जन और रीजनल रिंग रोड जैसी परियोजनाओं पर त्वरित अनुमति मांगी। रेड्डी ने कहा किराज्य सरकार हैदराबाद को दुनिया का सबसे ‘हैपनिंग ग्लोबल सिटी’ बनाने की दिशा में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शुरू कर रही है और इसमें केंद्र कासहयोग जरूरी है। भारत ने 1,100 किलोमीटर से अधिक मेट्रो नेटवर्क तैयार कर लिया है और जिस तेजी से देश में नए मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं, उससे सरकार का दावा काफी हद तक व्यावहारिक माना जा रहा है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि कम समय में भारत का शहरी परिवहन ढांचा दुनिया मेंतेजी से उभरता मॉडल बना है। मंत्री के अनुसार, अगले दो-तीन वर्षों में जब भारत अमेरिका को पीछे छोड़ देगा, तब देश दुनिया के सबसे बड़े मेट्रोनेटवर्क वाले देशों की सूची में शीर्ष स्थान के करीब होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने नशामुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष पूरे होने पर युवाओं से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की, प्रतियोगिताओं में भी सम्मानित हुए विजेता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं सेअपील की कि वो स्वयं भी नशे को पूरी मजबूती के साथ ना कहें, साथ ही अपने साथियों को भी नशे के लिए ना कहने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री नेनशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने की बधाई देत हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कर्मवीरों के सहयोगसे आज समाज नशे की भयावह समस्या से मुकाबला करने में सक्षम हो रहा है। उन्होनें कहा कि नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि समाज कोभीतर से खोखला करने वाली एक भयावह चुनौती है। ये घातक प्रवृत्ति व्यक्ति की चेतना, विवेक और निर्णय लेने की क्षमता को नष्ट कर उसके पूरेभविष्य को विनाश की ओर ले जाती है। भयावह समस्या से मुकाबला करने में सक्षम हो रहाआज नशे का प्रसार वैश्विक स्तर पर एक ‘साइलेंट वॉर’ की तरह हो रहा है, जिसका सबसे बड़ा निशाना हमारी युवा शक्ति है। हमारी युवा पीढ़ी ही नएभारत की ऊर्जा, नवाचार, सामर्थ्य और प्रगति का वास्तविक आधार है। यदि यही ऊर्जा किसी नकारात्मक प्रभाव में फंस जाएगी, तो राष्ट्र के विकासकी गति भी अवरुद्ध हो जाएगी। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआतकर पूरे देश से इस सामाजिक बुराई के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया और इसे एक व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। मुख्यमंत्रीधामी ने उपस्थित युवाओं को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ भी दिलाई। साथ ही स्कूल कॉलेजों में राज्य स्तर पर आयोजित भाषण एवं निंबधप्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने की बधाई देत हुए कहा कि नशे केखिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कर्मवीरों के सहयोग से आज समाज नशे की भयावह समस्या से मुकाबला करने में सक्षम हो रहा है।