जनकपुरी में छठ महापर्व का भव्य आयोजन-शिक्षामंत्री आशीष सूद ने श्रद्धालुओं से की मुलाकात, दी शुभकामनाएँ

दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में इस बार छठ महापर्व का आयोजन बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री और जनकपुरी केविधायक आशीष सूद ने अपने क्षेत्र के कई छठ घाटों का दौरा किया। उन्होंने वहां व्रतधारी माताओं और श्रद्धालुओं से बातचीत की, उनकी कुशलक्षेमजानी और सभी को छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। छठ पूजा केवल सूर्य उपासना नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारा रिश्ता हैछठ पूजा के अवसर पर आशीष सूद ने कहा कि यह पर्व सिर्फ सूर्य देव की उपासना का नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के पवित्र रिश्ते को मजबूत करनेका प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व अनुशासन, आस्था, स्वच्छता और सामूहिक एकता का प्रतीक है। इस पर्व से समाज में प्रेम, सहयोग औरएकजुटता का भाव पैदा होता है। 27 वर्षों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर छठ पूजाआशीष सूद ने बताया कि इस बार जनकपुरी क्षेत्र में 31 से अधिक छठ घाटों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 27 वर्षों में इतनेव्यापक स्तर पर छठ पूजा का आयोजन कभी नहीं हुआ था। सरकार ने इन सभी घाटों पर सफाई, सुरक्षा, प्रकाश, पेयजल, टेंट, चिकित्सा सुविधा औरआपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष टीमों को तैनात किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं से भावनात्मक अपीलछठ घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्री सूद ने भावुक होकर कहा बिहार के पटना, बक्सर, दीघा, भागलपुर, बेगूसराय, मोकामा, गया, सिवान जहाँ-जहाँ हमारे परिवारजन रहते हैं, वहाँ तक जनकपुरी से छठी मइया के जयकारों की गूंज सुनाई देनी चाहिए।तभी यह संदेश जाएगा कि इस बार दिल्ली के जनकपुरी में छठ पर्व आस्था, उल्लास और एकता के अभूतपूर्व भाव के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को धन्यवादआशीष सूद ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 12 वर्षों बाद यमुना के तटों पर छठ पूजामनाने की अनुमति देकर लाखों प्रवासी परिवारों की भावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है आने वाले वर्षों में दिल्ली मेंछठ पर्व को और भी भव्य और ऐतिहासिक रूप दिया जाएगा। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य, कल उगते सूर्य की पूजासूद ने बताया कि आज छठ महापर्व का तीसरा दिन है। इस दिन सभी व्रतधारी माताएँ और श्रद्धालु अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर अपने परिवारकी सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। कल प्रातः सभी व्रतधारी उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपनी साधना पूर्ण करेंगे। उन्होंने कहा कि यह परंपरा जीवन मेंऊर्जा, सकारात्मकता और नवचेतना का संचार करती है। दिल्ली में छठ अब राजधानी की सांस्कृतिक पहचानसूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार हर धर्म और समुदाय के पर्वों को समान सम्मान और सहयोग के साथ मना रही है।उन्होंने कहा कि छठ पूजा जो पहले सिर्फ बिहार और पूर्वांचल की परंपरा मानी जाती थी, आज दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। यह पर्वअब दिल्ली के हर वर्ग और समुदाय को जोड़ने का काम कर रहा है। छठ पूजा जीवन में प्रकाश और सकारात्मकता का संदेश देती है आशीष सूद ने कहा कि जब हम सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं, तो यह सिर्फ प्रकृति के प्रति आभार नहीं, बल्कि अपने भीतर की चेतना को जगाने का प्रतीकभी है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व हमें सिखाता है कि प्रकृति का सम्मान करें, स्वच्छता बनाए रखें और सामूहिकता के साथ आगे बढ़ें।
चुनाव आयोग की SIR घोषणा पर कांग्रेस का सवाल मंशा पर उठे संदेह, पारदर्शिता पर सवाल – पवन खेड़ा

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आज चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग ने 12 राज्यों में SIR (Special Intensive Revision) की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी तक बिहार में हुए SIR से जुड़े कई सवालों के जवाब नहीं दिए गए हैं।पवन खेड़ा ने कहा कि बिहार में SIR के दौरान जो गड़बड़ियाँ हुईं, उसने चुनाव आयोग और भाजपा—दोनों की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या है SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन)?पवन खेड़ा ने कहा कि SIR एक ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें चुनाव आयोग के कर्मचारी घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की जांच करते हैं। इस प्रक्रिया मेंनए वोटरों को जोड़ा जाता है और जिनके नाम हटाने होते हैं, उन्हें डिलीट किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके सेहोनी चाहिए, लेकिन अब इसका दुरुपयोग हो रहा है। बिहार के SIR में हुई गड़बड़ियों पर बोली कांग्रेसकांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में हुए SIR ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के SIR को ठीक करने के लिए सुप्रीम कोर्ट कोदखल देना पड़ा, यह बताता है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि बिहार में कई ऐसे मामलों में मतदाताओं के नामगलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जिससे मताधिकार प्रभावित हुआ। SIR में चुनाव आयोग और भाजपा की नीयत संदिग्ध दिख रही हैपवन खेड़ा ने कहा कि बिहार में जो कुछ हुआ, उसने यह साफ कर दिया कि चुनाव आयोग और भाजपा की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने कहा, जब भीSIR होता है, तो आयोग के कर्मचारी हर घर जाकर सत्यापन करते हैं। लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि इस प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण तरीके सेचलाया गया। उनके मुताबिक, कुछ इलाकों में विपक्षी समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए जबकि भाजपा समर्थकों के नाम जोड़े गए। राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ मामले का भी जिक्रपवन खेड़ा ने अपने बयान में राहुल गांधी के आलंद विधानसभा क्षेत्र का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां वोटर लिस्ट से नाम गायब होने कीशिकायतें आईं थीं। बाद में जांच में यह सामने आया कि यह कोई छोटी गलती नहीं थी, बल्कि एक सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन था, जिसके ज़रिएसुनियोजित तरीके से वोटर लिस्ट में हेराफेरी की जा रही थी। उन्होंने कहा, SIT की जांच में सामने आया है कि वोटर लिस्ट से नाम काटने का एक बड़ानेटवर्क चलाया जा रहा था। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठे सवालकांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जब ऐसी घटनाओं के बाद भी चुनाव आयोग बिना स्पष्टीकरण दिए नए राज्यों में SIR की घोषणा करता है, तो लोगों केमन में संदेह पैदा होता है। उन्होंने कहा कि आयोग को पहले यह बताना चाहिए था कि बिहार में जो गड़बड़ियां हुईं, उन पर क्या कार्रवाई की गई।पवन खेड़ा ने कहा, देश के लोगों को चुनाव आयोग से भरोसा था, लेकिन अब भरोसा कमजोर हो रहा है। आयोग को पारदर्शी और निष्पक्ष रहनाचाहिए, न कि सरकार के दबाव में। SIR की मंशा ठीक नहीं लगतीपवन खेड़ा ने कहा कि बिहार के अनुभवों के बाद अब जब चुनाव आयोग ने 12 नए राज्यों में SIR की घोषणा की है, तो उसकी मंशा पर सवाल उठनास्वाभाविक है। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि यह प्रक्रिया ईमानदारी से नहीं, बल्कि किसी खास राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है। कांग्रेसप्रवक्ता ने कहा कि जब विपक्ष और आम मतदाता दोनों ही संतुष्ट नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि कुछ तो गड़बड़ है।लोकतंत्र में वोट चोरी सबसे बड़ा अपराध हैपवन खेड़ा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र मतदाता की भागीदारी पर टिका हुआ है।अगर वोटर लिस्ट से किसी का नाम जानबूझकर हटाया जाता है यागलत तरीके से जोड़ा जाता है, तो यह सीधे लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा, लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता है। अगर मतदाता ही प्रभावितहोगा, तो चुनावों की साख खत्म हो जाएगी। कांग्रेस ने मांगा पारदर्शी जवाबकांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि चुनाव आयोग सार्वजनिक रूप से बताए कि 12 राज्यों में SIR करवाने की जरूरत क्यों पड़ी और इसमें क्या प्रक्रियाअपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर आयोग वास्तव में निष्पक्ष है, तो उसे यह बताना चाहिए कि बिहार जैसी गलतियां दोबारा न हों, इसके लिएक्या कदम उठाए गए हैं। जनता का भरोसा टूटना सबसे बड़ा खतरा हैपवन खेड़ा ने कहा कि आज देश के लोग चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर जनता को यह महसूस हो जाए किचुनाव निष्पक्ष नहीं हैं, तो लोकतंत्र की नींव हिल जाएगी। आयोग को इस भरोसे को बचाना चाहिए, लेकिन अफसोस है कि वह ऐसा नहीं कर पा रहा।
भाजपा सरकार ने छठ जैसे पवित्र पर्व पर शराब की दुकानें खोलकर की आस्था का अपमान — सौरभ भारद्वाज

दिल्ली में छठ महापर्व के दिन शराब की दुकानें खुली देखकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। आम आदमी पार्टी केवरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने पूरे पूर्वांचल समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।उन्होंने कहाकि छठ पूजा जैसे पवित्र दिन पर जब लोग व्रत रखते हैं, नदी और घाटों पर स्नान करते हैं, तब दिल्ली सरकार की शराब की दुकानें खुली रहना बहुतशर्मनाक बात है। छठ महापर्व का मतलब आस्था, पवित्रता और स्वच्छतासौरभ भारद्वाज ने कहा कि छठ महापर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और पवित्रता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल के लोग इस पर्वकी तैयारी कई दिन पहले से करते हैं। घर की सफाई होती है, मिट्टी से नया चूल्हा बनाया जाता है, और पूजा के लिए ठेकुआ, चावल की खीर, औरफल प्रसाद के रूप में तैयार किए जाते हैं। हर चीज़ में शुद्धता और पवित्रता का ध्यान रखा जाता है।उन्होंने कहा, ऐसे दिन पर शराब की दुकानें खुलवाना सीधा-सीधा अपमान है। यह न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है बल्कि समाज मेंगलत संदेश भी देता है। भाजपा सरकार ने छठ पर सारे शराब के ठेके खोल दिएसौरभ भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने खुद कई शराब की दुकानों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की डीटीटीडीसी (दिल्ली पर्यटन निगम) औरडीएसआईआईडीसी (दिल्ली औद्योगिक विकास निगम) की दुकानों पर शराब की बिक्री हो रही थी। उन्होंने कहा, जब मैं दुकानों पर गया, तो देखा किदुकानें खुली हैं, लेकिन वहां कोई ग्राहक नहीं है। लोग खुद शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार में छठके दिन शराब की दुकानें बंद रहती थीं। केजरीवाल सरकार में छठ पर पूरा दिल्ली ड्राई डे घोषित होता थासौरभ भारद्वाज ने बताया कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब छठ पर्व के दिन दिल्ली में पूरी तरह शराब की बिक्री बंद कर दी जाती थी।अरविंद केजरीवाल सरकार इस दिन को ड्राई डे घोषित करती थी ताकि आस्था और पवित्रता बनी रहे। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने हमेशा धर्म औरआस्था का सम्मान किया। लेकिन भाजपा की सरकार आते ही उन्होंने छठ पर शराब की दुकानें खुलवा दीं। यह आस्था के साथ खिलवाड़ है। पूर्वांचलियों की भावनाओं को ठेस पहुंचीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि छठ पूजा बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल के कई हिस्सों में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। दिल्ली में भीलाखों पूर्वांचली परिवार रहते हैं, जो यमुना किनारे और तालाबों पर छठ का पर्व मनाते हैं। उन्होंने कहा, इन परिवारों के लिए यह सबसे बड़ा पर्व है।ऐसे दिन पर शराब की दुकानें खोलना उनके विश्वास का अपमान है। भाजपा सरकार को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। भाजपा नकली सनातनी है, धर्म के नाम पर राजनीति करती हैसौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ धर्म की बातें करती है, लेकिन असल में धर्म का पालन नहीं करती। उन्होंनेकहा, भाजपा के नेता खुद को सनातनी कहते हैं, लेकिन छठ जैसे पवित्र पर्व पर शराब बेचने की अनुमति देकर उन्होंने साबित कर दिया कि उनकासनातन सिर्फ दिखावा है। उन्होंने आगे कहा, ये नकली सनातनी हैं, जिन्होंने आस्था को राजनीति का साधन बना दिया है। भाजपा के मुंह से अब‘आस्था’ और ‘पवित्रता’ जैसे शब्द भी झूठे लगते हैं। सरकार के आदेश पर खुली दुकानें, जनता को हो रही शर्मिंदगीआम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि शराब की ये दुकानें बिना सरकारी आदेश के नहीं खुल सकतीं। उन्होंने कहा, डीटीटीडीसी औरडीएसआईआईडीसी दोनों दिल्ली सरकार के अधीन हैं। इसका मतलब साफ है कि सरकार ने खुद आदेश दिया था कि छठ के दिन दुकानें खुलें। यहबहुत शर्मनाक है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जब वह दुकानों पर पहुंचे तो वहां कर्मचारी थे, दुकानें खुली थीं, लेकिन एक भी ग्राहक नहीं था। उन्होंनेकहा, लोग जानते हैं कि यह गलत है। लोग खुद नहीं जा रहे, क्योंकि उन्हें सरकार से ज्यादा शर्म आ रही है। छठ के दिन शराब पीकर झगड़े और दंगे हो सकते हैंसौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि छठ के मौके पर भीड़भाड़ वाले इलाकों में शराब बेचना खतरनाक हो सकता है।उन्होंने कहा कि अगर लोग शराबपीकर घाटों के पास पहुंचते हैं, तो वहां महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा, शराब पीकर लोग अक्सर झगड़े करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। छठ के दिन तो ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यह पर्व स्वच्छता और शांति का प्रतीक है। भाजपा सरकार धर्म और आस्था का मज़ाक बना रही हैसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार का यह फैसला बताता है कि उन्हें लोगों की भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा, जो लोग दिन-रात सनातन धर्म की बातें करते हैं, वही लोग आज छठ जैसे पवित्र पर्व पर शराब बेच रहे हैं। यह धर्म नहीं, अधर्म है। उन्होंने भाजपा को नकली सनातनसरकार बताते हुए कहा कि अब भाजपा सरकार के मुंह से ‘धर्म’, ‘आस्था’ और ‘पवित्रता’ जैसे शब्द सुनकर लोगों को हंसी आती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जवाब दें शराब की दुकानें क्यों खुलीं?सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधा सवाल पूछा। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री बताएं कि छठ जैसे दिन पर शराब की दुकानें किसकेकहने पर खोली गईं? क्या ये आदेश आपने दिया था? अगर नहीं दिया, तो किसने दिया? जनता को जवाब चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारको इस मामले में तुरंत जांच करानी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। छठ मैया का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा देशसौरभ भारद्वाज ने कहा कि छठ मैया की पूजा पूरे देश में की जाती है। यह पर्व सूर्य देव और प्रकृति की पूजा का प्रतीक है।उन्होंने कहा, यह सिर्फपूर्वांचलियों का नहीं, पूरे भारत का पर्व है। भाजपा सरकार ने इस पर्व पर शराब की दुकानें खोलकर पूरे देश की आस्था को चोट पहुंचाई है। हिंदुस्तानइसे कभी माफ नहीं करेगा। भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया हैसौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब दिल्ली के लोग सब समझ चुके हैं। भाजपा धर्म की बातें सिर्फ चुनाव के समय करती है, लेकिन उसके कर्म धर्म केबिल्कुल खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, भाजपा को अब लोगों की आस्था से खिलवाड़ बंद करना चाहिए। जनता बहुत समझदार है, और अब ऐसे फैसलोंको भूलने वाली नहीं है।
तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान, महागठबंधन की सरकार बनी तो वक्फ़ कानून को पूरी तरह रद्द करेंगे “जानें क्या है पूरा मामला”

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच विपक्षी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार कोकटिहार में वक्फ़ कानून को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर राज्य में महागठबंधन की सरकारबनी, तो केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरे पिता लालू प्रसादयादव ने कभी भी सांप्रदायिक ताकतों से समझौता नहीं किया। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा ऐसी ताकतों के साथ खड़े रहे हैं। आजआरएसएस और उसके सहयोगी बिहार में भी नफरत फैला रहे हैं। भाजपा का असली नाम ‘भारत जलाओ पार्टी’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगरमहागठबंधन की सरकार बनती है, तो वक्फ़ एक्ट को खत्म कर दिया जाएगा। 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दियातेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बिहार की जनता 20 साल पुराने नीतीश कुमार शासन से थक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अब होशमें नहीं हैं। राज्य के हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला है और कानून-व्यवस्था की हालत बदतर हो चुकी है। तेजस्वी ने सीमांचल क्षेत्र के विकास का भी वादाकिया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने सीमांचल क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया। अगर हमारी सरकार बनी, तो सीमांचल विकासप्राधिकरण का गठन किया जाएगा।सीमांचल में पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिले आते हैं, जहां मुस्लिम आबादी बड़ी संख्या में है।तेजस्वी ने दावा किया कि एनडीए उनकी चुनावी घोषणाओं की नकल कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने का वादा किया था।अब नीतीश कुमार सरकार ने इसे 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया। मैं वादा करता हूं कि हमारी सरकार बनने पर पेंशन दो हजार रुपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। सियासी घमासान मच गयाइससे पहले शनिवार को राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने कहा था कि अगर तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बने तो सभी बिल, जिसमें वक्फ़ बिल भीशामिल है, फाड़ दिए जाएंगे।इस बयान के बाद सियासी घमासान मच गया था। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि कोई मुख्यमंत्री केंद्र के कानून कोकैसे रद्द कर सकता है। गौरतलब है कि वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम अप्रैल में संसद से पारित हुआ था। केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकारका दावा है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय, खासकर पिछड़े वर्गों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पारदर्शिता लाने वाला है। लेकिन विपक्षका कहना है कि यह अधिनियम मुस्लिमों के अधिकारों का उल्लंघन करता है। बिहार चुनाव से पहले मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए तेजस्वीयादव ने बड़ा एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो हम लोग वक्फ कानून को फाड़ देंगे। तेजस्वी के इसबयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है।
झारखंड के चाईबासा अस्पताल में थैलेसीमिया बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त देने पर CM हेमंत सोरेन का कड़ा रुख, अधिकारियों को किया निलंबित

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सरकारी अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित बल्ड चढ़ाने के मामले मेंमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चाईबासा सदर अस्पताल के सिविल सर्जन और उनके साथ अन्य पदाधिकारियों को निलंबित करने कानिर्देश दिया है। साथ ही पीड़ित बच्चों के इलाज राज्य सरकार अपने खर्चे पर कराने का फैसला लिया है। परिजनों को 2-2 लाख रूपये की सहायताराशि राज्य सरकार की ओर से देने की बात कही है। यही नहीं लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर भी कड़ा निर्देश दिया है किबदतर स्वास्थ्य व्यवस्था बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का संक्रमित होना बहुत ही पीड़ादायक बतायाहै। गौरतलब है कि बीते 13 सितंबर को सात थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित बल्ड चढ़ाया गया था। 18 अक्तूबर को जांच रिपोर्टपॉजिटिव आई थी। इसपर पीड़ित बच्चों के परिजनों ने तकनीकी अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत कीथी। इसके बस शनिवार को पांच सदस्यों की टीम ने जब जांच की तो 6 और थैलीसीमिया बच्चों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। आपूर्ति रक्त अधिकोष से हुईवहीं रविवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के क्रममें एक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे में एचआईवी संक्रमण की प्राथमिक पुष्टि हुई है। इस गंभीर मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चाईबासा के सिविलसर्जन, एचआईवी यूनिट के प्रभारी चिकित्सक तथा संबंधित टेक्नीशियन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंनेएक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है और उसे एक सप्ताह के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह स्पष्ट रूप सेकहा है कि जांच में यह सुनिश्चित किया जाए कि रक्त आपूर्ति रक्त अधिकोष से हुई थी या बाहर से। लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगीयह भी ध्यान देने योग्य है कि एचआईवी संक्रमण की पूरी पुष्टि में लगभग चार सप्ताह का समय लगता है। विंडो पीरियड के दौरान यदि संक्रमितव्यक्ति का रक्त ट्रांसफ्यूज हो जाए, तो संक्रमण की ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस पूरे प्रकरण कीजानकारी दे दी गई है। उन्होंने स्वयं इस पर संज्ञान लेते हुए सख्त और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हम सबके लिए बच्चे सबसे प्रिय हैं। उनकेस्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 3 सितंबर को सात थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों कोएचआईवी संक्रमित बल्ड चढ़ाया गया था। 18 अक्तूबर को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसपर पीड़ित बच्चों के परिजनों ने तकनीकीअधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश, ने याद दिलाई मलयेशियाई पीएम की श्रद्धांजलि, डॉ. मनमोहन सिंह थे सच्चे मित्र और आर्थिक सुधारों के वास्तुकार”पीएम मोदी पर कसा तंज”

आसियान शिखर सम्मेलन से ठीक पहले कांग्रेस ने रविवार को मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को दीगई श्रद्धांजलि को याद किया। कांग्रेस ने कहा कि यह संदेश ‘ऐसी सच्ची दोस्ती को दर्शाता है जो कभी प्रचारित या दिखावा नहीं की गई।’ कांग्रेस केसंचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर मलयेशियाई प्रधानमंत्री का वह पोस्ट साझा किया, जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में मनमोहन सिंहके निधन के बाद लिखा था। अनवर इब्राहिम ने अपने पोस्ट में कहा था, ‘मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर सुनकर मेरे ऊपर गम का बोझ आ गया।उनके बारे में कई श्रद्धांजलियां, लेख और किताबें लिखी जाएंगी- उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों के वास्तुकार के रूप में याद किया जाएगा।’ कुआलालंपुर में चल रहाउन्होंने लिखा, ‘प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह भारत के आर्थिक उदय के सूत्रधार थे। 1990 के दशक में जब हम दोनों अपने-अपने देशों केवित्त मंत्री थे, तब मैंने उनके सुधारों की शुरुआती झलक देखी थी। हम दोनों भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए एकजुट थे- यहां तक कि एक बड़ेभ्रष्टाचार मामले को उजागर करने में साथ काम किया था।’ इब्राहिम ने आगे कहा, ‘मनमोहन सिंह एक ऐसे नेता थे जो राजनीति में भले थोड़े असहजलगते थे, लेकिन राज्यकर्ता के रूप में बेहद ईमानदार, दृढ़ और सिद्धांतवादी थे। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।’ उन्होंनेमनमोहन सिंह के साथ अपने निजी रिश्ते का भी जिक्र किया, ‘मेरी कैद के दौरान उन्होंने मेरे परिवार के प्रति ऐसी दया दिखाई जो न राजनीतिक रूप सेफायदेमंद थी और न ही मलयेशियाई सरकार को पसंद आई। उन्होंने मेरे बच्चों, खासकर मेरे बेटे एहसान के लिए छात्रवृत्ति की पेशकश की थी। मैंनेवह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनका यह कदम उनके असाधारण मानवता और उदारता का प्रमाण था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उन अंधेरे दिनों मेंजब मैं जेल में था, मनमोहन मेरे सच्चे मित्र की तरह मेरे साथ खड़े रहे। ऐसे शांत लेकिन महान कार्य उनके जीवन की पहचान थे। अलविदा मेरे मित्र, मेरे भाई, मनमोहन।’ इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलयेशिया नहीं गए हैं और वे आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे। यह सम्मेलन26 से 28 अक्तू बर तक कुआलालंपुर में चल रहा है। कभी प्रचारित या दिखावा नहीं की गईआसियान-भारत संवाद संबंध 1992 में शुरू हुए थे, जो 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और 2002 में शिखर स्तर की साझेदारी में तब्दील हुए।2012 में इन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। आसियान के 10 सदस्य देश हैं- इंडोनेशिया, मलयेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया। पिछले कुछ वर्षों में भारत और आसियान के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षासहयोग के क्षेत्र में रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से पीएम मोदी पर आसियान शिखर सम्मेलन से पहले अप्रत्यक्ष रूप से निशानासाधा गया है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर मलयेशियाई पीएम का पुराना पोस्ट साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि यहसंदेश ‘ऐसी सच्ची दोस्ती को दर्शाता है जो कभी प्रचारित या दिखावा नहीं की गई।’
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी में छठ पूजा की तैयारियों का किया निरीक्षण

छठ महापर्व के शुभ अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री और जनकपुरी विधायक आशीष सूद ने आज अपने क्षेत्र में छठ पूजा की तैयारियों का विस्तृतनिरीक्षण किया। उन्होंने जनकपुरी विधानसभा के 31 स्थानों पर तैयार किए जा रहे छठ घाटों की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और अधिकारियों कोआवश्यक निर्देश दिए। जनकपुरी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजनआशीष सूद ने बताया कि इस बार जनकपुरी क्षेत्र में 31 छठ पूजा समितियाँ इस पवित्र पर्व का आयोजन कर रही हैं। ये समितियाँ सरकार के विभिन्नविभागों के साथ मिलकर घाटों की सफाई, रोशनी, पेयजल, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहो। उन्होंने कहा कि जनकपुरी में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। घाटों पर सफाई, बिजली, पानी औरसुरक्षा की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। छठ पूजा हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीकनिरीक्षण के दौरान श्री सूद ने कहा, “छठ पूजा हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, स्वच्छता और अनुशासनका संदेश देता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की कोशिश है कि राजधानी में हर श्रद्धालु को छठ पूजा के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरणमिले। दिल्ली में एक हजार से अधिक स्थानों पर होगा छठ पर्व का आयोजनआशीष सूद ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इस वर्ष दिल्ली में लगभग एक हजार से अधिक स्थानों पर छठ पर्व का भव्य आयोजनकिया जा रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि कई वर्षों बाद यमुना घाटों पर छठ पूजा का विशेष आयोजन किया जारहा है, जिससे श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है। लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशेष इंतज़ामसूद ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष पूर्वांचल की लोक संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। दिल्ली के 200 से अधिक स्थानों पर लोक कलाकारों को गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देने के लिए आमंत्रित किया गया है। घाटों पर भव्य स्वागत द्वार, छठीमइया और सूर्य भगवान की प्रतिमाएँ लगाई जाएँगी और आकर्षक विद्युत सजावट की जाएगी ताकि पूरा वातावरण श्रद्धा और उत्सव से भरा रहे। कईस्थानों पर ‘मॉडल छठ घाट’ भी बनाए जा रहे हैं जो सजावट और सुविधाओं के दृष्टिकोण से उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। सरकार ने दी बड़ी राहत, आसान हुई अनुमति प्रक्रियासूद ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष छठ पूजा समितियों के लिए अनुमति और एनओसी की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। जैसे पहलेकांवड़ यात्रा, गणेशोत्सव, दुर्गा पूजा और रामलीला के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम लागू किया गया था, वैसे ही अब छठ पूजा समितियों केलिए भी यह सुविधा उपलब्ध है। इससे नई समितियाँ आसानी से अनुमति प्राप्त कर सकेंगी और अधिक स्थानों पर छठ पूजा आयोजित की जासकेगी। स्वच्छता और भाईचारे के साथ मनाएँ छठआशीष सूद ने जनकपुरी के सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस पर्व को स्वच्छता, शांति और सामाजिक समरसता के साथ मनाएँ। उन्होंने कहाकि स्वच्छ और अनुशासित पूजा ही सच्ची श्रद्धा का परिचायक है। विभागों को मिलकर काम करने के निर्देशशिक्षा मंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, फायर विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे एकजुट होकर श्रद्धालुओं कीसुविधा के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की पूरी टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि जनता को वर्षों बाद इतने सुंदर, सुरक्षित औरसुविधायुक्त छठ घाट मिल सकें। जनकपुरी की जनता इन तैयारियों से बेहद खुश और उत्साहित है।
महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने किया गीता कॉलोनी का निरीक्षण, छठ व्रतियों को दी शुभकामनाएँ

छठ महापर्व के पावन अवसर पर दिल्ली नगर निगम के महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने आज गीता कॉलोनी क्षेत्र के ठोकर नंबर 15, 16 और17 का निरीक्षण किया। महापौर ने कहा कि नगर निगम की पूरी टीम छठ पर्व को लेकर पूरी तरह तैयार है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह कीपरेशानी न हो। छठ घाटों पर की गई तैयारियों का जायज़ामहापौर ने बताया कि छठ पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए दिल्ली नगर निगम की ओर से खास इंतज़ाम किए गए हैं। इन्हीं तैयारियोंकी समीक्षा के लिए उन्होंने गीता कॉलोनी के कई घाटों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम की पर्यावरण प्रबंधन सेवाएँ समिति के अध्यक्षसंदीप कपूर और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्वच्छता, रोशनी और सुरक्षा पर दिए निर्देशमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने अधिकारियों को साफ-सफाई, रोशनी, जल निकासी और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंनेकहा कि सभी श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल में पूजा-अर्चना करने का अवसर मिलना चाहिए। छठ पर्व आस्था और पर्यावरण का प्रतीकमहापौर ने कहा कि छठ महापर्व आस्था, पवित्रता और पर्यावरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि दिल्ली नगर निगम पूरी तत्परता केसाथ कार्य कर रहा है ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से छठ पूजा कर सकें। खरना पर दी शुभकामनाएँमहापौर ने छठ व्रत के दूसरे दिन के अनुष्ठान ‘खरना’ के अवसर पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा मेरी प्रार्थना है कि छठीमइया और भगवान भास्कर की कृपा सभी के जीवन में बनी रहे। सबके घरों में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि का वास हो। श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने की अपीलमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे छठ पूजा के दौरान घाटों की स्वच्छता बनाए रखें और पूरे अनुशासन व भाईचारेके साथ इस पावन पर्व को मनाएँ। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरा वातावरण ही सच्ची श्रद्धा का प्रतीक है।
भाजपा पर लगाया बड़ा आरोप मोदी जी के लिए बनाई गई नकली यमुना – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के लिए दिल्ली में वासुदेव घाट पर मिनरल वाटर से भरी नकली यमुना बनाई है, ताकि जनता को यह दिखाया जा सके कि यमुना नदी साफ होचुकी है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह पूरा ड्रामा बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए रचा गया है और भाजपा पूर्वांचल के लोगों को धोखा दे रही है। भाजपा का झूठ साफ यमुना का दिखावासौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा बार-बार झूठ बोलकर जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा की दिल्ली सरकार ने दावा किया किउन्होंने यमुना को साफ कर दिया है, जबकि सच यह है कि यमुना का पानी अब भी जहरीला और खतरनाक है। भारद्वाज ने कहा कि भाजपा केवलअपनी सरकार की झूठी तारीफ करवाने के लिए यह दावा कर रही है, ताकि चुनाव के समय बिहार की जनता को भ्रमित किया जा सके। केमिकल से झाग हटाने का झूठा नाटकआप नेता ने कहा कि भाजपा की सरकार यमुना से झाग हटाने के लिए उसी केमिकल का छिड़काव कर रही है, जिसे पहले भाजपा के नेता जहरकहकर बदनाम करते थे। उन्होंने बताया कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तो भाजपा नेता प्रवेश वर्मा यमुना घाट जाकर उसकेमिकल को खतरनाक बताते थे और अधिकारियों से बदसलूकी करते थे। अब वही भाजपा नेता उसी केमिकल का उपयोग कर रहे हैं ताकि झागखत्म होता हुआ दिखे और जनता को यह लगे कि यमुना साफ हो गई है। कर्मचारियों से कराया जा रहा खतरनाक कामसौरभ भारद्वाज ने बताया कि भाजपा सरकार ने गरीब कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वे सुबह 5 बजे ठंड में जाकर यमुना में केमिकल डालें, ताकिझाग खत्म दिखे। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है, क्योंकि अगले ही दिन झाग फिर से बन जाता है। इससे साफ है कि यह केवलदिखावे का काम है, सफाई का नहीं। पूर्वांचलियों को बेवकूफ बनाने की कोशिशआप नेता ने कहा कि भाजपा को पता है कि छठ पूजा के दौरान लाखों पूर्वांचली यमुना में डुबकी लगाते हैं, इसलिए उन्होंने हरियाणा के हथिनी कुंडबैराज से यूपी के किसानों का पानी रोककर यमुना में छोड़ा, ताकि गंदा पानी थोड़ा साफ दिखाई दे।उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि भाजपा ने किसानों और श्रद्धालुओं दोनों के साथ धोखा किया है। मोदी जी के लिए बनाई गई फिल्टर वाटर यमुनासौरभ भारद्वाज ने सबसे बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक कृत्रिम नदी बनाई है, जिसमें वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंटप्लांट से फिल्टर किया गया पानी भरा गया है। उन्होंने कहा कि यह सब केवल प्रधानमंत्री को डुबकी लगाते दिखाने और यमुना को साफ दिखाने केलिए किया गया है। सौरभ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी को अपनी सेहत की बहुत चिंता रहती है, इसलिए उन्हें नकली यमुना में डुबकी लगाई जाएगी, जबकि छठव्रती दूषित पानी में पूजा करेंगे। मोदी जी को कभी बीमारी नहीं होती, जनता बीमार पड़ती हैसौरभ भारद्वाज ने कहा कि क्या कभी किसी ने सुना है कि प्रधानमंत्री जी को फ्लू या टाइफाइड हुआ हो? उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोग गंदे पानी सेबीमार पड़ जाते हैं, लेकिन मोदी जी को कभी कुछ नहीं होता, क्योंकि वे हमेशा फिल्टर वाटर का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनीसेहत का ख्याल रखते हैं, लेकिन गरीब और श्रद्धालुओं की जान उनके लिए मायने नहीं रखती। मीडिया को नहीं मिलेगा असली सच दिखाने का मौकासौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह भी खबर है कि वासुदेव घाट के कार्यक्रम में मीडिया को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल सरकारी चैनलके कैमरे वहां रहेंगे और वही तस्वीरें जनता को दिखाई जाएंगी, ताकि नकली यमुना का सच देश के सामने न आ सके। छठव्रतियों की जान से खिलवाड़उन्होंने कहा कि छठ पर्व पर श्रद्धालु दो-दो घंटे तक यमुना में खड़े रहते हैं, अर्घ्य देते हैं और व्रत पूरा करते हैं। लेकिन भाजपा को इससे कोई फर्क नहींपड़ता कि दूषित पानी से लोग बीमार पड़ जाएं या उनकी जान चली जाए। भाजपा का मकसद केवल बिहार में वोट पाना है, भले ही दिल्ली मेंपूर्वांचल समाज की जिंदगी खतरे में क्यों न पड़ जाए।जो लोग सूर्य भगवान को धोखा दे सकते हैं, वे किसी के सगे नहींसौरभ भारद्वाज ने कहा कि जो लोग छठी मइया और सूर्य भगवान को धोखा दे सकते हैं, वे किसी के सगे नहीं हो सकते।उन्होंने कहा कि भाजपा का यहषड्यंत्र न केवल दिल्ली की जनता के साथ धोखा है, बल्कि आस्था का भी अपमान है। दिल्ली सरकार के बोर्ड ने भी मानी सच्चाईसौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली सरकार के पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि यमुना का पानी खतरनाक है, और इससे गंभीरबीमारियां हो सकती हैं। इसके बावजूद भाजपा जनता को गुमराह कर रही है और बिहार में सत्ता पाने के लिए पूर्वांचलियों की जान खतरे में डाल रहीहै।
गुजरात में किसानों पर भाजपा का दमन अब और नहीं चलेगा, 31 अक्टूबर को होगी ऐतिहासिक किसान महापंचायत – गोपाल राय

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने गुजरात की भाजपा सरकार पर किसानों के साथ दमनात्मक रवैया अपनानेका आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आम आदमी पार्टी गुजरात केसुरेंद्रनगर जिले के सुदामड़ा गांव (लिमडी विधानसभा क्षेत्र) में एक किसान महापंचायत आयोजित करेगी। इस महापंचायत में आम आदमी पार्टी केराष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों की आवाज बुलंद करेंगे और आंदोलन की नई रणनीति बनाएंगे।किसानों पर अत्याचार के खिलाफ होगी महापंचायतगोपाल राय ने कहा कि गुजरात में भाजपा सरकार किसानों की मांगें मानने के बजाय लाठीचार्ज, आंसू गैस, और फर्जी केस के ज़रिए उनकी आवाजदबा रही है। उन्होंने बताया कि करदा प्रथा जैसी शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ किसान 10 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकीबात सुनने की बजाय उन्हें जेल में डाल रही है। उन्होंने कहा, गुजरात के किसानों ने ठान लिया है कि जब तक करदा प्रथा खत्म नहीं होगी औरएमएसपी पर फसलों की गारंटी खरीद नहीं दी जाएगी, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। भाजपा सरकार कर रही है किसानों का शोषणगोपाल राय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों की मेहनत का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि करदा प्रथा के कारण किसानों को अपनीउपज का सही दाम नहीं मिल रहा और मंडियों में बिचौलिए उनका हक छीन रहे हैं। सरकार ने मंत्रीमंडल में बदलाव कर लोगों की आंखों में धूलझोंकने की कोशिश की है, लेकिन गुजरात की जनता अब सब समझ चुकी है बोटाद जिले से शुरू हुआ किसानों का संघर्षगोपाल राय ने बताया कि 10 अक्टूबर को बोटाद जिले में किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से करदा प्रथा खत्म करने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने रात3 बजे किसानों और आप नेता राजूभाई करपड़ा समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया और मंडी बंद कर दी। 12 अक्टूबर को बोटाद मंडी में पंचायतका ऐलान किया गया था, लेकिन सरकार ने वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और आप के कई नेताओं को गिरफ्तार या हाउस अरेस्ट कर लियागया। उन्होंने कहा कि जब किसानों ने हड़धड़ गांव में बैठक बुलाई, तो वहां भी पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और पत्थरबाजी कर किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों पर अत्याचार किया। कुल 69 किसानों को जेल में डाल दिया गया, जिनकी दिवाली भी जेल में बीती। आप ने संभाली किसानों की कानूनी लड़ाईगोपाल राय ने बताया कि आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को विधायक हेमंत खवा, सागर रबारीऔर राजू सोलंकी के नेतृत्व में आप ने वकीलों की टीम भेजकर जेल में बंद किसानों के परिवारों से मुलाकात की और उनकी कानूनी लड़ाई लड़ने काजिम्मा लिया। 16 अक्टूबर को राजूभाई करपड़ा और प्रवीण राम ने अहमदाबाद में आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन उन्हें भी रास्तेमें ही गिरफ्तार कर लिया गया। तालुका पंचायत कारोबारी समिति के अध्यक्ष सुमित पवार ने इस दमन के विरोध में इस्तीफा दे दिया। गुजरात के परिवारों ने जलाया संघर्ष का दीयागोपाल राय ने कहा कि 20 अक्टूबर को गुजरात के कई परिवारों ने जेल में बंद किसानों के समर्थन में अपने घरों में दीया जलाया, जो इस आंदोलन कीएकजुटता का प्रतीक था। उन्होंने बताया कि यह संघर्ष अब केवल किसानों का नहीं, बल्कि गुजरात के स्वाभिमान का आंदोलन बन चुका है। 31 अक्टूबर की महापंचायत बनेगी निर्णायक मोड़गोपाल राय ने कहा कि आगामी 31 अक्टूबर को होने वाली किसान महापंचायत गुजरात के आंदोलन को नया रास्ता दिखाएगी। महापंचायत में 400 से अधिक मंडियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।इस दौरान अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान जेल में बंद किसानों के परिवारों से मिलेंगे और आंदोलनकी आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा, आज गुजरात में दो रास्ते हैं एक भाजपा का, जो किसानों की आवाज कुचलना चाहती है, और दूसराआम आदमी पार्टी का, जो किसानों के अधिकारों के लिए लड़ रही है। भाजपा ने दमनकारी मंत्री को दिया पदोन्नतिगोपाल राय ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर्ष सिंघवी, जिन्होंने किसानों पर लाठियां बरसाईं और आदिवासियों पर अत्याचार किए, उन्हें भाजपा ने उपमुख्यमंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार दमन को बढ़ावा दे रही है, न कि उसे रोकने की कोशिश। आम आदमी पार्टी आखिरी सांस तक लड़ेगी किसानों के हक के लिएगोपाल राय ने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी भी कीमत पर किसानों, पशुपालकों और आदिवासियों पर अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहाकि आप के नेता चैतर वसावा को केवल इसलिए तीन महीने जेल में रखा गया क्योंकि उन्होंने आदिवासियों की आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि हमआखिरी सांस तक किसानों के अधिकारों और न्याय के लिए लड़ते रहेंगे। खेड़ा सत्याग्रह की भावना से प्रेरित आंदोलनगोपाल राय ने कहा कि 31 अक्टूबर को होने वाली महापंचायत सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर खेड़ा सत्याग्रह की भावना को आगेबढ़ाएगी।उन्होंने कहा कि जैसे सरदार पटेल ने किसानों के अधिकारों के लिए आंदोलन किया था, वैसे ही आज आम आदमी पार्टी भी किसानों के साथखड़ी है। यह महापंचायत गुजरात के किसान आंदोलन को निर्णायक मोड़ देगी।