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दिग्गज निर्माता और सिनेमैटोग्राफर प्रेम सागर का निधन, भारतीय सिनेमा को दी अमिट विरासत

फिल्म निर्माता रामानंद सागर के बेटे और निर्माता शिव सागर के पिता प्रेम सागर का आज सुबह 10 बजे निधन हो गया. वह 84 वर्ष के थे. खबरों केमुताबिक वह कुछ समय से अस्वस्थ थे और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रविवार को डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने कीसलाह दी. इसके बाद उनका निधन हो गया. प्रेम सागर निर्माता और मशहूर सिनेमैटोग्राफर थे उन्होंने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में सागर परिवारकी विरासत को आगे बढ़ाया. वह भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे के 1968 बैच के पूर्व छात्र थे. कई परियोजनाओं को आकार देने में निभाई थी अहम भूमिकाउन्होंने अपने पिता के द्वारा स्थापित प्रोडक्शन हाउस, सागर आर्ट्स, के तहत कई परियोजनाओं को आकार देने में अहम भूमिका निभाई. रामानंद सागरको मशहूर टीवी सीरियल ‘रामायण’ के निर्माण के लिए सबसे अधिक याद किया जाता है. टीवी शोज ‘विक्रम और बेताल’, ‘रामायण’ और ‘श्री कृष्ण’ की अगुआई करने के अलावा उन्होंने कई फिल्मों में बतौर सिनेमैटोग्राफर काम किया. वह फिल्म ‘ललकार’, ‘आंखें’ और ‘चरस’ के साथ जुड़े रहे. प्रेम नेजितेंद्र और हेमा मालिनी की अदाकारी वाली फिल्म ‘हम तेरे आशिक हैं’ का निर्देशन और प्रोडक्शन किया. प्रेम सागर के निधन की खबर ने फिल्मउद्योग के कई लोगों को दुखी कर दिया है. उनकी विरासत उन परियोजनाओं के माध्यम से जारी रहेगी जिन्हें उन्होंने साकार करने में मदद की.

अमित शाह ने अहमदाबाद में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान और शहरी स्वास्थ्य केंद्र का किया उद्घाटन

अहमदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. पहले उन्होंने और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने अहमदाबाद केघाटलोडिया वार्ड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया. यह कार्यक्रम अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) कीतरफ से आयुष्मान वन में आयोजित किया गया था. इस पहल का मकसद है कि पर्यावरण की सुरक्षा और हरियाली दोनों को बढ़ावा मिल सके. इसदौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह अभियान न केवल पर्यावरण को बचाने का काम करेगा बल्कि लोगों के दिलों को अपनी मां सेजोड़ते हुए एक भावनात्मक संदेश भी देगा. अमित शाह ने आगे कहा कि यह पहल समाज को प्रकृति और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने वाली है. कैंसर इत्यादि की सुविधा भी मौजूदइसी दिन गृह मंत्री अमित शाह ने गोता वार्ड में बने शहरी स्वास्थ्य केंद्र का भी उद्घाटन किया. लगभग 3.84 करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र मेंलोगों को सभी बुनियादी और विशेष स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। अहमदाबाद नगर निगम के अनुसार, इस तरह यह स्वास्थ्य केंद्र गरीब और मध्यमवर्गीयपरिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा. खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अब अपने इलाके में ही विशेषज्ञ डॉक्टर और जरूरी इलाजआसानी से मिल सकेगा. इसमें आयुष्मान भारत योजना (पीएमजेएवाई) कार्ड, अभा कार्ड जैसी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदनायोजना और जननी सुरक्षा योजना जैसी मातृ कल्याण योजनाओं का लाभ, महिलाओं की बीमारियों का इलाज व परामर्श, गर्भवती और स्तनपान करानेवाली महिलाओं के लिए विशेष सुविधा शामिल हैं. इसके साथ ही नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए जांच, इलाज और टीकाकरण के साथ-साथगंभीर बीमारियों की जांच व पहचान- जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर इत्यादि की सुविधा मौजूद है. शहरी स्वास्थ्य केंद्र का भी किया उद्घाटननगर निगम के अनुसार, यहां संक्रामक बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज, ममता दिवस कार्यक्रम के तहत महिलाओं और बच्चों के पोषण वस्वास्थ्य पर ध्यान, प्रयोगशाला जांच, दवाइयों की सुविधा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परामर्श सेवाएं पर उपलब्ध हैं. इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्रीअमित शाह ने आज अहमदाबाद में श्री भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना भी की है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्रअहमदाबाद में पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़ी दो अहम योजनाओं की शुरुआत की पहले उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ मिलकर एक पेड़ मां केनाम अभियान के तहत वृक्षारोपण किया. फिर गोता वार्ड में बने शहरी स्वास्थ्य केंद्र का भी उद्घाटन किया.

एमसीडी का बड़ा कदम, दिल्ली में लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम और नसबंदी अभियान की शुरुआत

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर एमसीडी ने राजधानी में लावारिस कुत्तों से लोगों को राहत दिलाने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी मेंस्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कुत्तों के नसबंदी अभियान और शेल्टर होम निर्माण की कमान अपने हाथों में ले ली है. वे शनिवार कोएमसीडी के पांच नसबंदी केंद्रों का निरीक्षण करेंगी और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगी. साथ ही, खतरनाक कुत्तों के लिए शेल्टर होम कीस्थापना के लिए विभिन्न इलाकों में जमीन का सर्वे करेंगी. कुत्तों की घटनाओं ने बढ़ा दी चिंताएमसीडी के पास फिलहाल 20 नसबंदी केंद्र हैं लेकिन इनमें से केवल 13 ही वर्तमान में सक्रिय हैं. इन केंद्रों की कार्यक्षमता और उनकी वास्तविकस्थिति का आकलन करने के लिए स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने स्वयं दौरा करने का निर्णय लिया है. दरअसल, सीमित संसाधनों और क्षमता केकारण नसबंदी का काम गति से नहीं हो पा रहा है जिससे कुत्तों की आबादी लगातार बढ़ रही है. दिल्लीवासियों की शिकायतें भी बढ़ रही हैं बच्चों औरबुजुर्गों पर हमले से लेकर कॉलोनियों में झुंड बनाकर घूमने वाले लावारिस कुत्तों की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है. नागरिकों को मिलेगी बड़ी राहतएमसीडी के पास लावारिस और खतरनाक कुत्तों को रखने के लिए कोई स्थायी शेल्टर होम नहीं है ऐसे में कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार एमसीडीशेल्टर होम बनाने जा रही है. फिलहाल, पकड़े गए कुत्तों को अस्थायी व्यवस्थाओं में रखा जाता है लेकिन वहां देखभाल और नियंत्रण दोनों ही स्तर परदिक्कतें आती रही हैं कोर्ट के आदेश के तहत बनने वाले शेल्टर होम न केवल खतरनाक कुत्तों को सुरक्षित रखने का स्थान होंगे बल्कि वहां उनके लिएबेहतर देखभाल, इलाज और पुनर्वास की भी व्यवस्था की जाएगी. इससे एक ओर नागरिकों को राहत मिलेगी.

महुआ मोइत्रा का विवादित बयान, अमित शाह पर तंज और सियासी उथल-पुथल

“पश्चिम बंगाल की (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा का एक बयान इन दिनों चर्चा में है. महुआ ने गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए जो कहा, वह न केवल विवाद का कारण बना है, बल्कि सियासी गलियारों में भी खलबली मचा दी है महुआ के इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएंतेज हो गई हैं. इस बयान के बारे में और क्या है इसके पीछे का विवाद “दरअसल, महुआ मोइत्रा ने एक बयान में कहा था कि यदि गृह मंत्री अमितशाह बांग्लादेशी घुसपैठ रोकने में नाकाम रहते हैं, तो उनका सिर काटकर प्रधानमंत्री की टेबल पर रख देना चाहिए. यह बयान तब आया जब बीजेपीबंगाल में वोटर लिस्ट के रिवीजन और घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की मांग कर रही थी. बयान हिंसा का बढ़ावामहुआ मोइत्रा का कहना था कि घुसपैठियों का मुद्दा अगर कोई उठाता है, तो इसका जवाब गृह मंत्री को ही देना चाहिए क्योंकि सीमा की सुरक्षा कीजिम्मेदारी सीधे गृह मंत्रालय की है.””महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘अगर गृह मंत्रालय और गृह मंत्री अपने दायित्वों में नाकाम रहते हैं और देश की सीमाओं कीरक्षा नहीं कर सकते, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी औरउनकी ताली बजाना इस बात का संकेत है कि यह गंभीर मसला उनके लिए महत्त्वपूर्ण नहीं है. “महुआ के इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई है. बीजेपी नेताओं ने इसे सख्त शब्दों में नकारते हुए कहा कि यह बयान हिंसा को बढ़ावा देने वाला है. सियासत में मची उथल- पुथलबीजेपी के नेता राहुल सिन्हा ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि महुआ मोइत्रा को एक सांसद होने के नाते ऐसा बयान नहीं देना चाहिए. उनकाकहना था कि घुसपैठ के लिए तृणमूल कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि उन्होंने बॉर्डर पर फेंसिग के लिए ज़मीन नहीं दी और घुसपैठियों कोआधार और वोटर कार्ड भी दिलवाए हैं. “महुआ मोइत्रा के बयान ने पश्चिम बंगाल की सियासत में उथल-पुथल मचाई है. अब देखना यह है कि इसबयान का असर आने वाले चुनावों पर किस तरह पड़ता है और क्या इस विवाद के बाद राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच संबंध और भी तनावपूर्णहो जाते हैं फिलहाल, महुआ मोइत्रा पर कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है. “यह बयान केवल एक पार्टी के अंदर नहीं, बल्कि पूरे राज्य और राष्ट्रीयराजनीति पर असर डाल सकता है. अब सभी की नजरें इस पर हैं कि इस विवाद का समाधान किस तरह निकलता है. हम आपको इस मामले पर औरअपडेट्स देते रहेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक चीन यात्रा, शी जिनपिंग से मुलाकात और एससीओ शिखर सम्मेलन में भागीदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल से ज्यादा के अंतराल के बाद शनिवार को चीन पहुंचे. इस यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर है. दुनिया बेहद उत्सुकता सेपीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात का इंतजार कर रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों की वजह से भारत-अमेरिका संबंधों में अचानक आई गिरावट को देखते हुए यह यात्रा और भी महत्वपूर्ण हो गई है. पीएम मोदी मोदी मुख्य रूप से 31 अगस्त और 1 सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन आए हैं. शिखर सम्मेलन में लेंगें भागहालांकि, रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी निर्धारित बैठक वाशिंगटन के टैरिफ विवाद के मद्देनजर और भी महत्वपूर्ण हो गई है, जिसका असर दुनिया भर की लगभग सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है इस वार्ता में पीएम मोदी और शी भारत-चीन आर्थिक संबंधों का जायजालेने और पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के बाद गंभीर तनाव में आए संबंधों को और सामान्य बनाने के लिए कदमों पर विचार-विमर्श करेंगे प्रधानमंत्रीअपनी दो-राष्ट्र यात्रा के दूसरे और अंतिम चरण में जापान से इस चीनी शहर पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो-राष्ट्र की यात्रा के दूसरे और अंतिमचरण में जापान से चीनी शहर तियानजिन पहुंचे हैं यहां पीएम मोदी मोदी मुख्य रूप से 31 अगस्त और 1 सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन(एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी का नोएडा दौरा, ड्रोन निर्माण इकाई का उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नोएडा स्थित राफे एमफिब्र कंपनी पहुंचे. जहां पर मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया. वेयहां रक्षा उपकरण और ड्रोन निर्माण इकाई के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए हैं कंपनी की तरफ से बनाये गए ड्रोन उड़ाकर दिखाए जा रहे हैं रक्षा मंत्रीऔर मुख्यमंत्री अवलोकन कर रहे हैं. अपनी क्षमता का भी किया प्रदर्शनकार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि मैं पीएम और रक्षा मंत्री का आभारी हूं, जिन्होंने देश की वर्तमान चुनौती को ध्यान में रखते हुएदेश के दो उभरते रक्षा विनिर्माण केंद्रों में से एक उत्तर प्रदेश को दिया है. आगे कहा कि मैं रक्षा मंत्री को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने उत्तर प्रदेश कीराजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल केंद्र बनाया है लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी जब तक वहां से मिसाइल की आवाज दुश्मन के कानोंतक नहीं पहुंचे. अब इसे और भी बेहतर तरीके से देखा जा सकता है अभी ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन भी किया है. शहर में किया गया तैनातवहीं दूसरी तरफ नोएडा पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं को नजरबंद कर लिया है. पुलिस के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णयलिया गया है समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष आश्रय गुप्ता अपने कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे थे तभी नोएडा पुलिस ने उन्हेंसेक्टर-51 के पास रोक लिया और करीब 30 से अधिक कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया गया. इसी तरह कार्यक्रम स्थल से करीब डेढ़ किलोमीटरदूर भारतीय किसान यूनियन क्रांति के प्रदेश अध्यक्ष परविंदर यादव को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया इसी तरह सेक्टर-142 में सपा नेता सुभाषभाटी को रात से ही पुलिस ने नजरबंद कर दिया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर उनकी सुरक्षा व्यवस्थामें नोएडा पुलिस के ढाई हजार से अधिक कर्मचारी तैनात हैं इसके अलावा पीएसी समेत पुलिस व सेना की अन्य कंपनियों को भी शहर में तैनात कियागया है.

भूपेन्द्र सिंह चौधरी और धर्मपाल सिंह की एमएलसी चुनाव की रणनीति, मतदाता संकलन और संगठनात्मक शक्ति पर जोर

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने शनिवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय मेंशिक्षक/स्नातक विधान परिषद सदस्य निर्वाचन की तैयारी बैठक में विजय की रणनीति के साथ चर्चा की। बैठक में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनावसंचालन टोली के प्रदेश संयोजक, प्रदेश महामंत्री अमर पाल मौर्य के साथ प्रदेश महामंत्री संजय राय, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सत्यपाल सैनी,त्रयम्बकत्रिपाठी, प्रदेश मंत्री शंकर गिरि तथा बसंत त्यागी सहसंयोजक के रूप में उपस्थित रहे. इसके साथ ही एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय संयोजकव सहसंयोजक, विधानसभा संयोजक तथा शिक्षक व स्नातक एमएलसी उपस्थित रहे.प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि शिक्षक व स्नातक क्षेत्र एमएलसी चुनाव में सभी सीटों पर भाजपा को निश्चित विजय की रणनीतिबनाकर काम करना है. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अनुशासित, शिक्षित और परिश्रमी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी संख्या है. प्रत्येक व्यक्ति को उसकीयोग्यता और क्षमता के अनुसार चुनाव में जिम्मेदारी सौंपने की जरूरत है. सभी से चर्चा कर व्यापक रूप से लोगों को इस अभियान में जोड़ना है औरविशेषकर विचार परिवार के लोगों को साथ लेकर अभियान को आगे बढ़ाना है. भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि भाजपा का चुनाव प्रबंधन अन्यराजनैतिक दलों की अपेक्षा सबसे मजबूत चुनाव प्रबंधन माना जाता है और यह चुनाव पूरी तरह से प्रबंधन का ही है. हम लोगों से मिले तथा बड़ीसंख्या में लोगों को मतदाता बनाने में सहयोग करें. संगठन के समग्र परिश्रम से निश्चित ही भाजपा सभी सीटों पर चुनाव जीतेगी. धर्मपाल सिंह ने कहाकि शिक्षक-स्नातक विधान परिषद सदस्य निर्वाचन में सबसे महत्वपूर्ण और परिश्रम का कार्य वोट बनाने का है. हम बड़ी संख्या में लोगों से जुड़कर उनको मतदाता बनवाने का काम करना है. उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव के लिए सभी क्षेत्रों में एक संयोजक वसहसंयोजक सहित विधानसभा स्तर तक संगठन की संरचना तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश टीम के साथ क्षेत्र, जिला एवं विधानसभा स्तर पर टीम कीसक्रियता एवं समन्वय से ही विजय का परिणाम आएगा. जिसको जो जिम्मेदारी दी गई है, उसमें तत्परता के साथ जुटना होगा.धर्मपाल सिंह ने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों के साथ ही घर-घर सम्पर्क की रणनीति बनाकर मतदाता बनाने का काम करना होगा उन्होंने कहाकि सम्पर्क, संवाद, समन्वय तथा समीक्षा की रणनीति अपनाकर अभियान को आगे बढ़ाना है निश्चित विजय के लिए पूर्व तैयारी और पूर्ण तैयारी केफॉर्मूलें पर काम करना है.

दिल्ली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नोटिफिकेशन पर बवाल, वकीलों की हड़ताल जारी “अमित शाह करेंगे बार प्रतिनिधियों से चर्चा”

दिल्ली के पुलिस थानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने की अनुमति देने के उपराज्यपाल के नोटिफिकेशन के खिलाफ दिल्ली में वकीलोंकी हड़ताल जारी है. इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हड़ताल कर रहे वकीलों से बातचीत करेंगे. दिल्ली पुलिस कीओर से जानकारी देकर बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री बार के प्रतिनिधियों से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे. सभी हितधारकों की बात सुनने केबाद ही अधिसूचना को जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा. जानकारी के लिए बता दें कि आज गुरुवार को दिल्ली में वकीलों की हड़ताल का छठा दिन है. वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए गवाही देने की अनुमति देने के उपराज्यपाल के नोटिफिकेशन के खिलाफ वकीलों ने अपना गुस्सा सड़कों पर निकाला. वहीं, बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में वकीलों ने एलजी का पुतला फूंका और नारे लगाए. रेड लाइट पर लगा दिया जामनिचली अदालतों के वकीलों के पक्ष में दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन जताते हुए बुधवार को काम के दौरान वकीलों कोकाली पट्टी पहनने का आह्वान किया. वहीं, बुधवार को हुई कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में हड़ताल को बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी जारी रखनेका निर्णय लिया गया. नई दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव तरुण राणा ने कहा कि शुक्रवार दोपहर 12 बजे उपराज्यपाल भवन के बाहर सभी बारएसोसिएशनों के वकील प्रदर्शन करेंगे. बुधवार को तीस हजारी, रोहिणी, कड़कड़डूमा, द्वारका, साकेत, राउज एवेन्यू और पटियाला हाउस जिलाअदालतों में कोई सुनवाई नहीं हुई. जमानत याचिकाएं, गवाही और क्रॉस-एग्जामिनेशन (जिरह) समेत कई महत्वपूर्ण मामले स्थगित कर दिए गए. फरियादी और उनके परिवार वाले अदालत परिसरों के बाहर भटकते नजर आए. वकीलों की अनुपस्थिति के चलते उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी. अदालत परिसरों के बाहर वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किए. वकीलों ने बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर सड़कों पर प्रदर्शन किया. कड़कड़डूमाकोर्ट के वकीलों ने कृष्णा नगर रेड लाइट पर जाम लगा दिया था. अलग- अलग तरीके से किया विरोध प्रदर्शनलगभग दिल्ली की सभी निचली अदालतों में वकीलों ने न्यायिक बहिष्कार के तहत अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. वकीलों ने कोर्टपरिसर में पुलिस और सरकारी वकीलों समेत ईडी, सीबीआई और नायब कोर्ट को प्रवेश नहीं करने दिया. कड़कड़डूमा कोर्ट के वकील प्रदीप चौहान नेबताया कि यह नोटिफिकेशन जनता के खिलाफ है. हड़ताल के चलते पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स, ईडी और सीबीआई के अधिकारी भी कोर्ट में नहीं पहुंचे. कई हिरासत संबंधी जरूरी मामले ही सुने गए, लेकिन अधिकांश ट्रायल स्थगित हो गए हैं. उन्होंने बताया, नोटिफिकेशन न्यायिक स्वतंत्रता और निष्पक्षसुनवाई के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि यह नोटिफिकेशन 15 जुलाई 2024 के केंद्रीय गृह मंत्रालय के सर्कुलर का उल्लंघन करता है. थाने कोडेजिग्नेटेड प्लेस बनाना पुलिस को अतिरिक्त शक्ति देगा, जहां क्रॉस-एग्जामिनेशन प्रभावी नहीं हो सकेगा हमारी हड़ताल फरियादियों के हित में है.

PM मोदी का जापान के साथ बड़ा एलान, रणनीतिक सहयोग से लेकर अंतरिक्ष मिशन तक अगले 10 वर्षों में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. आतंकवाद और साइबर सुरक्षा को लेकर हमारी चिंताएं समान हैं. हमारे आपसी हित रक्षा और समुद्री सुरक्षा से जुड़े हैं। हमने तय किया है कि रक्षाउद्योग और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत किया जाएगा. मानव संसाधन आदान-प्रदान की कार्ययोजना के तहत अगले पांच वर्षों मेंविभिन्न क्षेत्रों में पांच लाख लोगों का आदान-प्रदान किया जाएगा.उन्होंने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी आपसी विश्वास पर आधारित है। यह हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को दर्शाती है और हमारे साझामूल्यों और विश्वासों से आकार लेती है. हम सब मिलकर अपने लोगों और दुनिया के लिए शांति, प्रगति और समृद्धि का एक साझा सपना लेकर चलतेहैं. अगले भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मैं आपको भारत आमंत्रित करता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा मानना है कि जापानी तकनीक और भारतीय प्रतिभा एक विजयी जोड़ी है। जहां हम हाई-स्पीड रेल पर काम कर रहे हैं. वहीं अगली पीढ़ी की मोबिलिटी साझेदारी के तहत हम बंदरगाहों, विमानन और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी तेज़ी से प्रगति करेंगे. चंद्रयान 5 मिशनमें सहयोग के लिए हम इसरो और जाक्सा के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हैं. हमारा सक्रिय सहयोग पृथ्वी की सीमाओं को पार करेगा औरअंतरिक्ष में मानवता की प्रगति का प्रतीक बनेगा. पीएम मोदी ने कहा कि ऊर्जा के लिए हमारा संयुक्त ऋण तंत्र एक बड़ी जीत है. यह दर्शाता है किहमारी हरित साझेदारी हमारी आर्थिक साझेदारी जितनी ही मजबूत है. रणनीतिक क्षेत्रों में बढ़ेंगे आगेइस दिशा में हम टिकाऊ ईंधन पहल और बैटरी आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी की भी शुरुआत कर रहे हैं. हम आर्थिक सुरक्षा सहयोग पहल शुरू कर रहे हैं. हम व्यापक दृष्टिकोण के साथ महत्वपूर्ण और रणनीतिक क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग हम दोनों के लिएप्राथमिकता है. इस संबंध में डिजिटल साझेदारी 2.0 और एआई सहयोग पहल पर काम किया जा रहा है. सेमीकंडक्टर और दुर्लभ मृदा खनिज हमारेएजेंडे में सबसे ऊपर होंगे. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन के निवेश का लक्ष्य रखा है भारतऔर जापान के लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स को जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा. भारत-जापान व्यापार मंच में भी मैंने जापानी कंपनियोंसे कहा था कि भारत में बनाओ, दुनिया के लिए बनाओ.

सुदर्शन रेड्डी पर बंटी न्यायपालिका, 56 पूर्व जजों के पत्र के बाद बढ़ा सियासी घमासान “जानें क्या है पूरा मामला”

विपक्षी गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी.सुदर्शन रेड्डी के मुद्दे पर भारतीय न्यायपालिका दो धड़ों में बंटती दिखाई दे रही है. दरअसलसुदर्शन रेड्डी को लेकर अमित शाह ने जो बयान दिया था उस पर कुछ रिटायर्ड जजों ने आपत्ति जताई थी. अब उन जजों के जवाब में 56 अन्य पूर्वजजों ने खुला पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया है कि राजनीतिक बयानों से न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान हो रहा है. 23वें लॉ कमीशन केसदस्य हितेश जैन ने भी सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करने वाले पूर्व जजों के प्रति नाराजगी जाहिर की है और सोशल मीडिया पर एक लंबा चौड़ा पोस्टलिखा है. इस पोस्ट में हितेश जैन ने लिखा कि ‘हाल ही में जस्टिस अभय ओका के कुछ इंटरव्यू पढ़े और मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई कि उन्होंने भीजस्टिस सुदर्शन रेड्डी के समर्थन में लिखे पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. लाखों लोगों के भाग्य को होता है फैसलाहितेश जैन ने लिखा कि ‘ऐसा ट्रेंड चल रहा है कि ज्यादा से ज्यादा रिटायर्ड जज खुलकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं और येबात मुझे परेशान करती है. हितेश जैन ने कई पूर्व जजों के नाम लेकर दावा किया कि न्यायिक आजादी के सैद्धांतिक रुख के बजाय, ये जज पक्षपातीहो रहे हैं. जैन ने लिखा न्यायिक आजादी, प्रेस कॉन्फ्रेंस करने, इंटरव्यू देने या पक्षपाती पत्रों के जरिए सुरक्षित नहीं रहती, बल्कि इसके लिए जिलाअदालतों और मजिस्ट्रेट अदालतों की हर दिन की कार्यवाही देखी जाती हैं, जहां लाखों लोगों के भाग्य का फैसला होता है. संरक्षक होने का करती है दावाहितेश जैन ने कुछ रिटायर्ड जजों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘ये वही न्यायाधीश हैं, जो अब लोकतंत्र के संरक्षक होने का दावा करते हैं. लेकिनअसल मुद्दों जैसे निचली अदालतों की स्थिति, नियुक्तियों में देरी और आम नागरिकों को न्याय मिलने की स्थिति पर चुप रहे. लॉ कमीशन के सदस्यजैन ने आरोप लगाया कि जो रिटायर्ड जज बार-बार न्यायिक पदोन्नति और सर्वोच्च न्यायालय में लंबित कुछ मामलों पर सवाल उठाते हैं वे निचलीअदालतों में लंबित मुकदमों, सुनवाई में कैसे तेजी लाई जाए और न्याय को कैसे सुलभ बनाया जाए, इस पर कभी बात नहीं करते.