PM की मां पर टिप्पणी से बौखलाई BJP, बोली राहुल गांधी ने मणिशंकर अय्यर की भाषा अपना जानें क्या है पूरा मामला

भाजपा ने आरोप लगाया है कि दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के लिए जिस अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है उसकी शुरुआत स्वयंराहुल गांधी ने की थी पार्टी ने कहा है कि संसद के मानसून सत्र से लेकर बिहार में वोट अधिकार के दौरान कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिएअपशब्दों का उपयोग किया गया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि ऐसा करने में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने ही अगुवाई की पार्टी ने कहा कि बिहार कीजनता कांग्रेस-राजद को इसका जवाब देगी. भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी ने मणिशंकर अय्यर का खाली स्थान भरनेकी कोशिश की है. अपमानित करने का करते है कामपहले अय्यर ने इसी तरह अभद्र भाषा का उपयोग कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को अपमानित करने का काम किया था, अब कांग्रेस के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी स्वयं उसी भाषा का उपयोग कर रहे हैं उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज महात्मा गांधी वाली पार्टी नहीं है वह अभद्र शब्दों का उपयोग कर अपने राजनीतिक विरोध को निम्नतम स्तर पर ले जा रही है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने भारत की राजनीति को निचले स्तरपर ले जाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिसे ‘मोहब्बत की दुकान’ बताया था, उसमें ‘नफरत’ बेची जा रही है उन्होंने कहा कि बिहार मेंयह ‘मोहब्बत की दुकान’ बंद होगी. भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी ने मणिशंकर अय्यर का खाली स्थान भरने कीकोशिश की है पहले अय्यर ने इसी तरह अभद्र भाषा का उपयोग कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को अपमानित करने का काम किया था, अब कांग्रेस के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी स्वयं उसी भाषा का उपयोग कर रहे हैं.
न्याय में दखल बर्दाश्त नहीं, तीस हजारी कोर्ट में वकीलों की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन “तीस हजारी में पहुंचे कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव”

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आज तीस हजारी कोर्ट में हड़ताल कर रहे वकीलों से मिले और कहा कि दिल्ली के वकीलों कीहड़ताल एक मजबूत मुद्दे को लेकर है जिसके हम साथ खड़े है. उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों की कोर्ट में बिना मौजूदगी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग केद्वारा पुलिस थानों से गवाही की इजाजत देना कहीं न कहीं न्याय प्रक्रिया में दखलअंदाजी और दोषियों को बचाने की कार्यवाही का अंदेशा हो सकताहै क्योंकि पुलिस के रवैये और कार्यशैली पर हमेशा प्रश्नचिन्ह लगते आए हैं. देवेन्द्र यादव का तीस हजारी कोर्ट में हड़ताल पर बैठे वकीलों से मिलनेके कार्यक्रम आयोजन दिल्ली कांग्रेस के लीगल और ह्यूमन राइट के चेयरमैन एडवोकेट सुनील कुमार ने अपनी टीम के साथ किया था। इस मौके परकम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक श्री अनिल भारद्वाज और आर्ब्जवर त्रिलोक चौधरी, एडवोकेटों में पूर्व सचिव अतुल शर्मा, श्री विरेन्द्रकसाना, ए.वी. शुक्ला, प्रद्यूमन सिंह पेडी, मौ0 रहीस फारुखी, शेख इमरान आलम, दीपक शर्मा, रमित सेहरावत, क्षितिज शर्मा, विक्रम दुआ, लोकेन्द्रचौधरी, सतीश सौलंकी, राजेश टांक, मेघा सेहरा, हिमांशु खारी, आनन्द चौधरी, भी मौजूद थे. आदेश को करवाया जाए तुरंत वापिसदेवेंद्र यादव ने 25-08-2025 को दिल्ली के उपराज्यपाल को चिठ्ठी लिखकर मांग कि की दिल्ली सरकार 13-08-2025 के काले क़ानून रूपीआदेश को तुरंत वापिस करवाया जाए. उन्होंने कहा कि दिल्ली में ज़िला अदालतों के वकील पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं क्योंकि दिल्ली सरकारने 13-08-2025 के आदेश के द्वारा पुलिस अधिकारीयों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये थानों से करने की इजाज़त दे दी जो कि न्यायप्रक्रिया में दखलअंदाज़ी है. देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार वकीलों के साथ दोहरी नीति अपना रही है जबकि वकील सबके हित और सेवा केलिए काम करते है लेकिन अगर उनके अधिकार या कानूनी प्रक्रिया से छेड़छाड़ की बात आती है तो सरकार को वकीलों के सामने झुक कर उनके हकमें निर्णय लेना पड़ता है क्योंकि वकील अपनी एकता के लिए देश भर में जाने जाती है. देवेंद्र यादव ने वकीलों को भरोसा दिया के कांग्रेस पार्टी बिनाशर्त वकीलों की मांगों का समर्थन करती है और वकीलों की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी हैं.
राहुल गांधी का आरोप BJP करती है वोट की चोरी, देशभर में उठे ‘वोट चोर’ के नारे “अब संविधान खतरे में”

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा वोट की चोरी करती है, इसलिए गृह मंत्री अमित शाह भाजपा की सरकार 40-50 साल तकचलने की बात कहते हैं उन्होंने कहा कि यह चोरी गुजरात से शुरू हुई और 2014 से देशभर में होने लगी. वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार कोवोटर अधिकार यात्रा के दौरान बिहार के मधुबनी में ‘सामाजिक संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उनके साथ राजद नेता तेजस्वीयादव, सीपीआई (एमएल) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, वीआईपी संस्थापक मुकेश सहनी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, ओबीसी विभाग केराष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद समेत इंडिया गठबंधन के कई नेता मौजूद थे. इससे पहले दिनभर यात्रा में भारी भीड़ देखी गई. इस दौरान राहुल गांधीके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मौजूद थे. यात्रा में शामिल नेताओं की अगवानी के लिए हजारों लोगअपने घरों से निकलकर सड़कों पर उमड़ पड़े. यात्रा के समर्थन में सड़कें बैनर, होर्डिंग्स, कटआउट्स से भरी हुईं थीं. भाजपा जीती चुनावअपने चिर-परिचित अंदाज में राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहाकि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन भारी बहुमत से जीता था. लेकिन केवल चार महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में लगभग एककरोड़ नए वोटरों के नाम जोड़ दिए गए, जिससे भाजपा चुनाव जीत गई. राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची और मतदान कीवीडियोग्राफी उपलब्ध कराने से भी मना कर दिया. राहुल गांधी ने बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र की महादेवपुरा विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुएबताया कि वहां कांग्रेस ने एक लाख फर्जी वोटरों का पता लगाया, जिनकी वजह से भाजपा ने यह सीट जीती उन्होंने वोट चोरी को लेकर किए गए उनके इस खुलासे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चोर पकड़ा जाता है तो वह बिल्कुल चुप हो जाता है. भारी भीड़ से गदगद वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग में नियुक्ति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां विपक्ष केनेता की बात नहीं सुनी जाती, अब प्रधानमंत्री ही तय करते हैं कि कौन चुनाव आयुक्त होगा. उन्होंने 2023 में बने नए कानून का भी जिक्र किया, जिसके तहत चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती. नया खाका किया तैयारराहुल गांधी ने भाजपा-आरएसएस पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और गरीबों केअधिकारों को दबाना चाहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान में हर नागरिक को एक वोट का अधिकार मिला है. अगर वोट का अधिकार खत्म होगया तो संविधान में कोई शक्ति नहीं बचेगी. उन्होंने आगे कहा कि वोट का अधिकार खत्म होने के बाद राशन, घर, जमीन सब चला जाएगा. वरिष्ठकांग्रेस नेता ने वोटर अधिकार यात्रा को मिल रहे भारी जनसमर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार ने क्रांति की शुरुआत कर दी है। बिहार ने ‘वोटचोर’ का नारा दिया, जो अब पूरे देश में गूंज रहा है. राहुल गांधी ने जाति जनगणना कराने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इसे विकास काआधार बताते हुए कहा कि यह दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की 90 प्रतिशत आबादी को उनका हक दिलाएगा. उन्होंने तेलंगाना मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कांग्रेस सरकार ने विकास का एक नया खाका तैयार किया है.
PM की डिग्री दिखाओ, ‘आप’ नेताओं को डराओ मत संजीव झा का भाजपा और ईडी पर तीखा हमला

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधायक संजीव झा ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपनी डिग्री दिखाने की चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि मोदी जी, ‘‘आप’’ नेताओं की जांच कराते रहें, लेकिन अपनी डिग्री भी दिखाएं. क्योंकि देश के लोग उनकी डिग्री न दिखाने को लेकर सवाल पूछ रहे हैं कि या तोउनके पास डिग्री है या फिर नहीं है. उन्होंने कहा कि सत्ता का अहंकार भाजपा और मोदी जी के सिर पर चढ़ कर बोल रहा है। इसलिए ईडी काराजनीतिक विंग की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. भाजपा सरकार ने दिल्ली में झंडा खरीदने भ्रष्टाचार किया और नालों की डिसिल्टिंग में करोड़ों काघोटाला किया, लेकिन कोई एजेंसी जांच नहीं कर रही है. हमें ईडी-सीबीआई से डर नहीं लगता है. हम जनहित के मुद्दे और सवाल उठाते रहे हैं औरउठाते रहेंगे. “आप” के वरिष्ठ नेता व विधायक संजीव झा ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर कहा कि सोमवार को हाईकोर्ट के एकआदेश के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी को प्रधानमंत्री की डिग्री दिखाने की बाध्यता नहीं है. अब पूरे देश में सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रधानमंत्री अपनीडिग्री क्यों नहीं दिखा रहे हैं? डिग्री दिखाने में आपत्ति क्या है? या तो डिग्री है या नहीं है. अगर नहीं है, तो मान भी लो। लेकिन जब यह बात बाहरआती है कि भारत के प्रधानमंत्री की डिग्री नहीं दिखाई जा रही, तो भारतीय होने के नाते यह अपमानजनक लगता है. देश के हर नुक्कड़, चौराहे पर लोगपूछ रहे हैं कि ऐसा क्या है कि प्रधानमंत्री डिग्री नहीं दिखा रहे या दिखाना नहीं चाहते. यह है फर्जी जांचलोग डिग्री ही तो मांग रहे हैं, कोई किडनी की बात तो नहीं हो रही. संजीव झा ने कहा कि जब पूरे देश में यह सवाल उठ रहा था, तो ध्यान भटकाने केलिए मंगलवार को ईडी ने “आप” के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के घर पर रेड की. यह रेड दर्शाती है कि केंद्र सरकार फर्जी केस में फर्जी जांच कर रही है. जिस केस में जांच हो रही है, वह तब का है जब सौरभ भारद्वाज मंत्री भी नहीं थे. कहा जा रहा है कि उन्होंने मंत्री रहते गड़बड़ियां कीं, लेकिन सौरभ ने खुद वीडियो बनाकर बताया कि जिस बिल्डिंग के बनने की बात हो रही है, वह […]
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने सौरभ भारद्वाज के प्रेस कॉन्फ्रेंस को बताया नौटंकी, कहा जांच एजेंसियों पर शक छोड़कर न्यायालय का दरवाजा खोलें

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आज आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज द्वारा की गए प्रेसवार्ता को एक नौटंकीबताया है और कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं की यह पुरानी नीति है कि जब भी जांच एजेंसियां आम आदमी पार्टी द्वारा किए गएभ्रष्टाचार पर पूछताछ करती है तो वह मीडिया में बने रहने और अखबार में छपने के लिए सिर्फ नौटंकी करते हैं. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जांचएजेंसी द्वारा पूछताछ के बाद आख़िरकार बेरोजगार सौरभ भारद्वाज को काम मिल ही गया। चुनाव हारने के बाद सौरभ भारद्वाज ख़ुद को बेरोजगारबताते थे लेकिन इनकी छुपी योग्यता का आज पता चला है. मीडिया ट्रायल करने का है शौकउन्होंने कहा कि जिस तरह से सौरभ भारद्वाज ने प्रेसवार्ता की है ऐसा प्रतीत होता है कि वह एक अच्छे स्क्रिप्ट राइटर हैं वह बेकार राजनीति में अपनासमय व्यर्थ रहे हैं, बेहतर हो मुम्बई जा कर स्क्रिप्ट लेखक बन जायें। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आम आदमी और इनके नेता के व्यवहार में है – अराजकता, कुशासन और भ्रष्टाचार. जाँच एजेंसी पूछताछ कर रही है और अगर आपको जाँच एजेंसी पर भरोसा नहीं है तो आप क़ानून की मदद लेसकते हैं न्यायालय का दरवाजा खुला हुआ है लेकिन आम आदमी पार्टी के नेताओं को नौटंकी और ड्रामा के साथ मीडिया ट्रायल करने का शौक है. सचदेवा ने कहा कि मुझे लगता है अस्पताल निर्माण घोटाला सहित कई गंभीर आरोप आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लगे हैं और उन्हीं आरोपों सेध्यान भटकाने के लिए सौरभ भारद्वाज यह सब नाटक कर रहे हैं जांच एजेंसी अपना काम कर रही है. एक बार और भी सबूत मिल जाए फिर उसके बादऔर भी चीजे देखने की मिलेगी. “आप” नेता तो भविष्यवक्ता हैं और आज उसी लिस्ट में सौरभ भारद्वाज भी शामिल हो गए हैं। क्योंकि आज प्रेसवार्तामें उनकी कही गई बातें उनके नेताओं के बयानों से मिली-जुले बयान है जो उनके नेता भी जांच एजेंसी की पूछताछ के दौरान बोला करते थे लेकिन वेजेल गए यह पूरी दिल्ली देख चुकी है.
मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल, कमलनाथ-दिग्विजय सिंह के बीच संघर्ष पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तोड़ी चुप्पी “जानें क्या कुछ कहा”

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक फिर पांच साल पुराना जिन्न बाहर निकल आया है जब महज 15 महीने में कमलनाथ सरकार गिर गई थी. कांग्रेस केदो दिग्गज नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से सरकार गिराए जाने की अलग-अलग वजह बताकर राजनीतिकहलचल मचा दी है. दिग्विजय सिंह ने एक पॉडकास्ट में 5 साल पहले वाली बंद कमरे की बात को सार्वजनिक कर दिया है. उन्होंने कहा कि, उनकीवजह से नहीं बल्कि कमलनाथ की वजह से सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए और सरकार गिर गई. इसके बाद कमलनाथ ने भी दिग्विजयसिंह पर खुलकर वार किया है। दोनों नेताओं के बीच चल रहे वार पलटवार के बीच पहली बार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी प्रतिक्रियादी है. मंगलवार को राजधानी दिल्ली में एक अनौपचारिक बातचीत में अमर उजाला ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से दिग्विजय-कमलनाथ की इस आपसीरस्साकशी पर राय पूछी. उन्होंने कहा कि ‘मैं अतीत में नहीं जाना चाहूंगा. मीडिया से चर्चा में सिंधिया ने कहा कि इस मुद्दे पर मुझे कुछ भी कहने कीआवश्यकता नहीं है. काम करवाने का किया दावादोनों नेताओं के बयान ही स्पष्ट कर रहे हैं कि उनके बीच क्या चल रहा था? और अभी क्या चल रहा है? उन्होंने बताया, ‘जहां तक दिग्विजय सिंह जीऔर कमलनाथ जी से मेरे संबंधों की बात है तो वह वर्षों पुराने पारिवारिक संबंध हैं। मैं आज भी दोनों नेताओं को उतना ही सम्मान देता हूं जैसा मैंपहले देता था.सिंधिया ने कहा, “मध्यप्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी. तब मैंने अपने समर्थक मंत्रियों से साफ कहा था कि, सरकार से जुड़ा कोई भी काम कोलेकर मेरे पास मत आया करो सरकार के मुखिया कमलनाथ जी हैं. आप लोग सीधे उन्हीं से बात किया करो. मैं आपके मंत्रालयों से जुड़े मामलों मेंकोई हस्तक्षेप नहीं करुंगा. ज्योतिरादित्य सिंधिया से जब बगावत की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा, “मैं 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरानग्वालियर चंबल संभाग के अलावा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में प्रचार के लिए गया था। इस दौरान मैंने कांग्रेस के उम्मीदवारों से वादा किया था. राज्य मेंकांग्रेस सरकार बनेगी तो आपके क्षेत्रों के विकास के काम प्राथमिकता के साथ कराए जाएंगे. जब कमलनाथ जी मुख्यमंत्री बने तो मैं केवल उनसे इन्हींबातों को लेकर मिलने जाता था मैंने उन्हें भी बताया था, जहां मैं प्रचार के लिए गया था. मैंने उन सभी लोगों से विकास के काम करवाने का वादाकिया है. लेना पड़ेगा एक्शनअब इन क्षेत्रों के विकास के काम प्राथमिकता के साथ पूरे होने चाहिए. कमलनाथ सरकार गिराने और कांग्रेस छोड़ने की बात पर केंद्रीय मंत्री सिंधियाकहते है कि दोनों नेताओं से मेरे परिवार के वर्षों पुराने संबंध हैं। जब कभी दिग्विजय सिंह जी मेरे पिता जी से मिलने घर आते थे तब पिताजी किसीअन्य काम में व्यस्त होते थे तो दिग्विजय सिंह जी के साथ बैठने और बातचीत करने की जिम्मेदारी मेरी होती थी कमलनाथ जी भी मेरे पिताजी केसमकक्ष हैं मैं बचपन से उन्हें कमल अंकल कहकर बुलाता आया हूं. सिंधिया ने कहा, “जब बात सम्मान और स्वाभिमान की होती है तो सोचना पड़ताहै. बंद कमरे में मेरे और मेरे परिवार के लिए कई बार बहुत सी बातें बोली गईं लेकिन मैंने उन पर ध्यान नहीं दिया. लेकिन सार्वजनिक तौर जब मेरे औरपरिवार के खिलाफ कुछ बातें बोली गईं तो मुझे एक्शन लेना पड़ा.
ऑपरेशन महादेव ने दिया आतंक को करारा जवाब, अमित शाह ने जवानों को किया सम्मानित

दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन महादेव में शामिल जवानों को सम्मानित किया. संयुक्त ऑपरेशन महादेव में भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को मार गिराया था. इस दौरान शाह ने कहा किऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंकी सरगनाओं को भारतीय नागरिकों की जान से खेलने के दुष्परिणामों का स्पष्ट संदेश दिया. हमारेसैनिकों ने दुनिया को दिखा दिया कि आतंकवादी चाहे कोई भी रणनीति अपनाएं, वे अब भारत को नुकसान पहुंचाकर बच नहीं सकते. ऑपरेशन सिंदूरसे लोगों में संतुष्टि आई, जिसे ऑपरेशन महादेव ने आत्मविश्वास में बदल दिया. शाह ने यह बात भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफके जवानों को सम्मानित करते हुए कही, जिन्होंने ऑपरेशन महादेव को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों कोमार गिराया. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी. निभा रही है अग्रणी भूमिकाइसके जवाब में सशस्त्र बलों ने मई में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों औरसैन्य प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई की गई थी. ऐसे ही ऑपरेशन महादेव के जरिए सुरक्षा बलों ने जुलाई में पहलगाम नरसंहार में शामिलआतंकवादियों का सफाया कर दिया था. शाह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंक के आकाओं को भारतीय नागरिकों की जान सेखेलने के परिणामों के बारे में एक स्पष्ट संदेश दिया है. गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने दुनिया को दिखा दिया है कि आतंकवादी चाहे कितनी भीरणनीति अपनाएं, वे अब भारत को नुकसान पहुंचाकर बच नहीं सकते. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कश्मीर में पर्यटन अपने चरम पर था, पहलगाम हमला ‘कश्मीर मिशन’ को पटरी से उतारने का एक असफल प्रयास था। शाह ने यह भी कहा कि सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथजम्मू-कश्मीर पुलिस अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रही है. सुरक्षा बलों को दी बधाईगृह मंत्री ने कहा, ‘चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी ने ऑपरेशन सिंदूर और महादेव को लेकर खुशी और उत्साह महसूस किया और सुरक्षा बलों केप्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में यही विश्वास भारत की हर क्षेत्र में दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने की आकांक्षा काआधार है.शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की फॉरेंसिक लैब ने साबित कर दिया है कि ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए आतंकवादी वही थेजिन्होंने पहलगाम में नरसंहार को अंजाम दिया था. गृह मंत्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरे देश की ओर से मैं भारतीय नागरिकों के दिलों मेंसुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं.
AAP नेता सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर ED का छापा, अस्पताल घोटाले की जांच हुई तेज़

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा है. यह कार्रवाईअस्पताल निर्माण में हुए घोटाले को लेकर की गई है. ईडी अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम ने अस्पतालनिर्माण में अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के आवास पर छापेमारी की है. जानकारी के लिएबता दें कि ईडी की दिल्ली और आस पास के 13 ठिकानों पर छापेमारी चल रही है. आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सौरभ भारद्वाज केघर हुई छापेमारी पर कहा कि मोदी सरकार जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है. आप को निशाना बनाया जा रहा है आप को निशानाइसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि पार्टी ने मोदी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ सबसे ज्यादा आवाज उठाई है. ईडी ने की कार्रवाईसौरभ भारद्वाज के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी की ओर से बयान सामने आया है। आप ने इस कार्रवाई को ध्यान भटकाने कीरणनीति बताया है. साथ ही दावा किया है कि उनके खिलाफ मामला झूठा है. आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने ईडी की कार्रवाई पर कहा किछापेमारी ध्यान भटकाने की रणनीति है। यह मामला उस समय का है जब भारद्वाज किसी मंत्री पद पर नहीं थे. यह मामला झूठा है.वहीं आप सांसद संजय सिंह ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके के खिलाफ दर्ज मामला झूठा और निराधार है. क्योंकि जिससमय ईडी ने मामला दर्ज किया था, उस समय वह मंत्री भी नहीं थे. आप नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करना और उन्हें जेल में डालना मोदीसरकार की नीति है. भाजपा सरकार सभी आप नेताओं को एक-एक करके परेशान कर रही है और उन्हें जेल में डाल रही है. पीएम मोदी की फर्जी डिग्रीसे ध्यान हटाने के लिए छापेमारी की जा रही है. पीएम मोदी की फर्जी डिग्री पर चर्चा न हो, इसके लिए ईडी ने कार्रवाई की है. सौरभ भारद्धाज के घर छापेमारीपंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि आज सौरभ भारद्वाज के घर पर छापा मारा गया है. क्योंकि कल से पूरे देश में पीएम मोदी की डिग्री को लेकरचर्चा की जो डिग्री फर्जी है. ये रेड उस से ध्यान भटकाने के लिए की गई है. सत्येंद्र जैन को भी तीन साल जेल में रखा लेकिन बाद में सीबीआई औरईडी ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट फाइल की. इस से साफ है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं पर किए गए सारे केस फर्जी और झूठे हैं।सौरभ भारद्वाज पर ईडी की कार्रवाई पर पूर्व सीएम आतिशी ने कहा कि आज सौरभ जी के यहां रेड क्यों हुई? क्योंकि पूरे देश में मोदी जी की डिग्री परसवाल उठ रहा है. क्या मोदी जी की डिग्री फर्जी है?, इस चर्चा से ध्यान हटाने के लिए ही रेड डाली गई है. जिस समय का केस बताया जा रहा है उससमय सौरभ मंत्री भी नहीं थे यानी पूरा केस ही झूठा है. बीती 24 जून को आप सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन और सौरभ भारद्वाज के खिलाफहजारों करोड़ से अधिक के कथित अस्पताल घोटाले की जांच को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी थी. जांच के लिए भाजपा नेता विजेंद्रगुप्ता ने 22 अगस्त 2024 को शिकायत की थी. इसमें तत्कालीन मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन पर मिलीभगत कर स्वास्थ्य विभाग में व्याप्तभ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। आम आदमी पार्टी (आप) ने इन आरोपों से इनकार किया था.
अमेरिका का भारत पर नया टैरिफ वार 27 अगस्त से लागू होंगे अतिरिक्त शुल्क, रूस से मिली धमकी का हवाला

अमेरिका ने मंगलवार को भारत को एक नोटिस जारी किया है जिसमें बताया गया है कि 27 अगस्त से अतिरिक्त टैरिफ लागू किए जाएंगे. यह नोटिसअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने जारी किया है इसमें कहा गया है कि ये टैरिफ रूस सरकार से अमेरिका को मिली धमकियों के जवाब में लगाएजा रहे हैं और भारत को इस नीति के तहत नए टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. नोटिस में कहा गया है कि 27 अगस्त 2025 को 12:01 बजे के बादजो भारतीय उत्पाद अमेरिका में इस्तेमाल के लिए लाया जाएगा या गोदाम से बाहर निकाला जाएगा, उस पर यह नया टैरिफ लगेगा. नोटिस में यह भीबताया गया है कि अमेरिका ने अपनी सुरक्षा और विदेश नीति को ध्यान में रखते हुए रूस से आने वाले कुछ सामान, जैसे कच्चा तेल और पेट्रोलियम सेबने उत्पादों के आयात पर पहले ही रोक लगा दी है. इसमें आगे कहा गया है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति को असामान्य और गंभीरखतरे से निपटने के लिए कार्यकारी आदेश 14066 के तहत रूस के कुछ उत्पादों के अमेरिका में आयात पर रोक लगाई गई है. नए टैरिफ होगें लागूइनमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम और अन्य ईंधन, तेल और उनसे बने उत्पाद शामिल हैं नोटिस में भारतीय उत्पादों की एक लंबी सूची भी दी गई है. इसमेंकहा गया है कि तय समयसीमा के बाद जो भी सामान अमेरिका में उपयोग के लिए आएगा या गोदाम से निकाला जाएगा, उस पर नए टैरिफ लागूहोंगे.इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटे उद्यमियों और किसानों के समर्थन में अमेरिका को एक सख्त संदेश दिया. अहमदाबाद में एकजनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, भारत आर्थिक दबाव का सामना करेगा और अपनी मजबूती बढ़ाता रहेगा. उन्होंने कहा, चाहे कितनाभी दबाव आए, हम उसे सहने की ताकत बढ़ाते रहेंगे. प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि उनकी सरकार कभी भी छोटे उद्यमियों, किसानों और पशुपालकों कोनुकसान नहीं होने देगी. टैरिफ पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा, आज दुनिया में आर्थिक स्वार्थ वाली राजनीति है, सब अपने-अपने फायदेमें लगे हैं. हम इसे अच्छी तरह देख रहे हैं. बढ़ाते रहेगें अपनी ताकतउन्होंने आगे कहा अहमदाबाद की धरती से मैं आपसे कहना चाहता हूं, गांधी की धरती से आपको वादा करता हूं कि छोटे उद्यमी, दुकानदार, किसानऔर पशुपालकों के हित मोदी के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं. चाहे कितना भी दबाव आए, हम सहने की अपनी ताकत बढ़ाते रहेंगे. अमेरिका ने भारत पर27 अगस्त से नए टैरिफ लगाने का नोटिस दिया है और कहा है कि यह रूस से मिली धमकियों के जवाब में है. ये टैरिफ उन भारतीय उत्पादों पर लागूहोंगे जो तय समयसीमा के बाद अमेरिका में आएंगे या गोदाम से निकाले जाएंगे.
ज्योतिरादित्य सिंधिया की विशलिस्ट नहीं मानी, इसी से गिरी थी सरकार “दिग्विजय के खुलासे से MP कांग्रेस में फिर गरमाई सियासत”

मध्य प्रदेश में बीते 22 साल में अगर 15 महीनों को निकाल दिया जाए तो राज्य में भाजपा का वर्चस्व कभी कम होता नहीं दिखा. आलम यह रहा कि2018 में जब कांग्रेस ने लंबे समय बाद मध्य प्रदेश की सत्ता में वापसी की तो उसके और भाजपा के बीच सीटों का अंतर सिर्फ इतना ही था कि किसीएक बड़े नेता का पार्टी से अलग होना पूरी सरकार के गिरने का कारण बन जाता. हुआ भी कुछ ऐसा ही और 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जैसे हीकांग्रेस में बगावत का बिगुल फूंका, कांग्रेस की सरकार महज एक साल से कुछ ज्यादा समय बिताकर सत्ता से फारिग हो गई. मजेदार बात यह है किइस घटना को अब लगभग पांच साल हो चुके हैं. लेकिन कांग्रेस के अंदरखानों में तब की सरकार जाने का दर्द अब भी बाकी है.हाल ही में यह दर्दउभरकर तब सार्वजनिक तौर पर बाहर आ गया. स्थिति हो सकती है गंभीरजब एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने कह दिया कि सिंधिया कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में इसलिए शामिल होगए. क्योंकि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनकी दी हुई ‘विशलिस्ट’ पर काम नहीं किया. इससे पहले कि कांग्रेस इन खुलासों को लेकर कुछ कह पाती, कमलनाथ ने कहा कि पुरानी बातें उखाड़ने का कोई फायदा नहीं है. हालांकि, उन्होंने अपनी इस टिप्पणी में एक तंज भी कस दिया. दिग्विजय सिंह नेइंटरव्यू के दौरान कहा कि 2020 की शुरुआत में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कुछ मतभेद पैदा हो गए थे. यह मतभेद विचारधारा केस्तर पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत थे. ऐसे में उन्होंने इसे सुलझाने के लिए एक प्रमुख उद्योगपति के घर पर बैठक तय की, ताकि कांग्रेस सरकार पर खतरापैदा न हो. दिग्विजय ने दावा किया कि उन्होंने और सिंधिया ने बैठक में कमलनाथ को एक साझा विशलिस्ट दी थी. जिसमें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र केकुछ अटके हुए कामों का जिक्र था और इस पर जल्द सरकार की तरफ से काम होने की उम्मीद थी. दिग्विजय ने आरोप लगाने के अंदाज में कहा किइस लिस्ट पर उन्होंने दस्तखत भी किए थे। इसके बावजूद विश लिस्ट में दिए गए मुद्दों को नहीं सुलझाया गया. उन्होंने कहा कि अगर ग्वालियर-चंबलसे जुड़ी मांगें मानी जातीं तो शायद सरकार गिरने की नौबत नहीं आती. दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रचारित किया गया कि उनकी और सिंधिया कीलड़ाई से सरकार गिरी, जबकि हकीकत यह नहीं है। उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि स्थिति गंभीर हो सकती है. सुलक्षा लिया जाता तो न गिरती सरकारउन्होंने कहा कि यह मेरा दुर्भाग्य है कि मुझ पर हमेशा वही आरोप लगाए जाते हैं, जिनका मैं दोषी नहीं होता हूं. दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं हैकि मैंने यह कहा था कि इससे कोई खतरा नहीं होगा. मैंने चेतावनी दी थी कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार गिर सकती है. उन्होंने कहा कि अगरसिंधिया के मुद्दों को सुलझा लिया जाता तो शाद सरकार न गिरती. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सिंधिया कांग्रेस कोछोड़कर भाजपा में चले जाएंगे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी बताया कि 2018 में कांग्रेस की छोटे अंतर से जीत के बाद तब पार्टी के अधिकतरविधायक (230 सदस्यों वाली विधानसभा में से 114) ने मुख्यमंत्री पद के लिए कमलनाथ का समर्थन किया था. लेकिन सिंधिया की अपने करीबियोंके लिए कुछ अहम मंत्री पदों की मांग को कांग्रेस नेताओं ने स्वीकार कर लिया, ताकि कमलनाथ सरकार पहले साल बेहतर ढंग से काम कर सके. इसपूरे वाकये पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा “मध्य प्रदेश में 2020 में मेरे नेतृत्व वालीकांग्रेस सरकार गिरने को लेकर हाल ही में कुछ बयानबाजी की गई है. मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फायदा नहीं. लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं. इसीनाराजगी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिराई.