राहुल गांधी और कांग्रेस – हार के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने की परंपरा

भारतीय राजनीति में हार और जीत दोनों ही एक स्वाभाविक प्रक्रिया हैं। किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव में सभी पार्टियों के पास बराबर का मौकाहोता है, लेकिन हर बार जीतना किसी के लिए भी संभव नहीं है। ऐसे में आमतौर पर हारने वाले दल अपनी कमियों पर विचार करते हैं और अगली बारबेहतर तैयारी के साथ मैदान में उतरते हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के इतिहास को देखें तो यहां एक अलग ही पैटर्न दिखाई देता है। गांधी परिवार का पुराना रवैयाकांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार का एक लंबा इतिहास है, जिसमें चुनाव हारने के बाद वे बार-बार चुनाव आयोग, मतदाताओं या चुनाव प्रणाली परसवाल उठाते रहे हैं। इंदिरा गांधी का विवादित बयानपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एक बार कहा था कि मतदाता मूर्खों का समूह हैं। यह बयान उस समय काफी विवाद में आया और कई लोगों ने इसेमतदाताओं का अपमान माना। राजीव गांधी का आरोपजब राजीव गांधी चुनाव हार गए, तो उन्होंने बैलेट पेपर को दोषी ठहराया। उनका मानना था कि बैलेट पेपर में गड़बड़ी की गई है। वोटिंग सिस्टम पर उलझनदिलचस्प बात यह है कि राजीव गांधी के समय जब वोटिंग मशीन (EVM) का विचार आया, तो उन्होंने कहा था कि चुनाव मशीन से कराए जाएंताकि गड़बड़ी कम हो। लेकिन आज उनके बेटे राहुल गांधी कहते हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं, क्योंकि उन्हें मशीन पर भरोसा नहीं है। राहुल गांधी के आरोप और व्यवहारराहुल गांधी कई बार चुनाव आयोग और EVM पर सवाल उठाते हैं। उनका कहना है कि मशीनों में गड़बड़ी होती है और इसका फायदा भाजपा कोमिलता है। लेकिन अब तक उन्होंने इसके कोई ठोस सबूत चुनाव आयोग या अदालत में पेश नहीं किए। न तो वे इस मामले में शपथपत्र देते हैं और नही औपचारिक शिकायत दर्ज करवाते हैं। शपथपत्र और सबूत की कमीअगर राहुल गांधी के पास सच में ऐसे सबूत हैं, जो यह साबित कर सकें कि चुनाव में धांधली हुई है, तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए। ऐसा नकरने से उनके आरोप केवल बयानबाजी लगते हैं, जिन्हें जनता भी गंभीरता से नहीं लेती। किस बात का डर?यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि आखिर राहुल गांधी सबूत पेश करने से बचते क्यों हैं। क्या उन्हें डर है कि उनके पास ठोस प्रमाण नहींहैं? या फिर यह डर है कि मामला कानूनी रूप से कमजोर पड़ जाएगा और उनकी राजनीतिक साख को नुकसान होगा? कुछ लोग कहते हैं कि कांग्रेसपार्टी इस तरह के आरोप लगाकर अपनी हार का दोष खुद पर नहीं आने देना चाहती, ताकि अपने समर्थकों के बीच यह संदेश जाए कि हार सिस्टम कीवजह से हुई, न कि उनकी गलतियों से। लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना गलत नहीं है, लेकिन यह तभी सार्थक है जब आरोपों के साथपुख्ता सबूत हों। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को चाहिए कि अगर वे EVM या चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं, तो उसके लिए ठोस प्रमाण भीपेश करें। बिना सबूत के बार-बार सिस्टम पर आरोप लगाने से न केवल जनता का भरोसा चुनाव प्रणाली पर कम होता है, बल्कि यह भी लगता है कियह सिर्फ राजनीतिक खेल है। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब नेता हार और जीत दोनों को ईमानदारी से स्वीकार करेंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय का नया नियम छात्र संघ चुनाव लड़ने के लिए 1 लाख रुपये का बॉन्ड – एसैप का विरोध, कुलदीप बिधुड़ी बोले ये तुगलकी फरमान है

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) प्रशासन ने एक नया और हैरान करने वाला नियम बनाया है। अब अगर कोई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ(DUSU) का चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे 1 लाख रुपये का बॉन्ड जमा करना होगा। इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के छात्र संगठनएसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एसैप) ने इस नियम का जोरदार विरोध किया है। उनका कहना है कि यह फैसला गरीब औरमध्यम वर्ग के छात्रों को चुनाव से दूर करने के लिए लिया गया है।मिडिल क्लास को चुनाव से दूर करने की कोशिश – कुलदीप बिधुड़ीएसैप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप बिधुड़ी ने कहा कि यह नियम 8 अगस्त को जारी किया गया है। इसके मुताबिक चुनाव में खड़े होने वाले छात्रको 1 लाख रुपये का बॉन्ड देना होगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई छात्र चारों पदों के लिए चुनाव लड़ेगा, तो उसे 4 लाख रुपये देने होंगे। यह साफ हैकि डीयू प्रशासन चाहता है कि सिर्फ अमीर छात्र ही चुनाव लड़ें। मिडिल क्लास और गरीब छात्रों को इस तरह बाहर कर दिया जाएगा। छात्र संघ चुनाव सेवा का मंच है, पैसों का खेल नहीं – प्रवीण चौधरीएसैप के नेता प्रवीण चौधरी ने कहा कि हर छात्र के लिए 1 लाख रुपये जुटाना आसान नहीं है। छात्र संघ का चुनाव सेवा करने का मौका होता है, लेकिन डीयू प्रशासन ने इसे पैसे का खेल बना दिया है। मिडिल क्लास का छात्र यह रकम कहां से लाएगा? छात्रों के मुद्दों पर हमेशा साथ – पाश शेरवानीएसैप के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष पाश शेरवानी ने कहा कि संगठन हमेशा छात्रों के हक के लिए आवाज उठाता रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसेउन्होंने लाइब्रेरी शुल्क बढ़ने, मेट्रो किराया महंगा होने और छात्र सेवा केंद्र (SSC) जैसी समस्याओं पर आंदोलन किए। हमने पहले भी छात्रों कीपरेशानी को दूर करवाया है। अगर यह बॉन्ड वाला नियम वापस नहीं लिया गया, तो हम फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे। क्या यूनिवर्सिटी सीटों का ठेका दे रही है? – शैलेश यादवजाकिर हुसैन कॉलेज यूनिट के अध्यक्ष शैलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या डीयू प्रशासन चुनावी सीटों का ऑक्शन कर रहा है? 1 लाख रुपये देकरही चुनाव लड़ने की अनुमति मिल रही है। यह छात्रों की यूनिवर्सिटी है, यहां ठेकेदारी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि डीयू प्रशासन पहले ही फीस बढ़ाचुका है, लाइब्रेरी शुल्क ज्यादा कर दिया है, हॉस्टल की सुविधा कम है, और अब यह बॉन्ड सिस्टम लगाकर छात्रों के अधिकारों पर हमला किया जारहा है। एसैप की चेतावनीएसैप ने साफ कहा है कि अगर डीयू प्रशासन यह नियम वापस नहीं लेता, तो वे छात्रों के साथ मिलकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे और आंदोलन को तबतक जारी रखेंगे, जब तक यह आदेश रद्द न हो जाए।
दिल्ली भाजपा की तिरंगा यात्रा से पूरी दिल्ली हुई तिरंगामय – वीरेन्द्र सचदेवा ने भारत मंडपम से नेशनल स्टेडियम तक तिरंगा यात्रा में लिया हिस्सा

भाजपा ने स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे जोश और उत्साह के साथ तीन दिनों तक राजधानी दिल्ली में तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा ने पूरे शहर कोतिरंगों से रंग दिया और लोगों में देशभक्ति की भावना को जागृत किया। तीसरे दिन भी दिल्ली भाजपा ने कई जगहों पर तिरंगा यात्रा निकाली, जिससेदिल्ली का हर कोना तिरंगामय हो गया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने खुद आज भारत मंडपम से नेशनल स्टेडियम तक निकाली गईतिरंगा यात्रा में भाग लिया और लोगों को देशभक्ति के महत्व का संदेश दिया। दिल्ली के सभी जिलों में निकली तिरंगा यात्रादिल्ली के कुल 14 जिलों में 57 मंडलों ने तिरंगा यात्रा निकाली। इनमें केशवपुरम, चांदनी चौक, उत्तर पूर्व, शाहदरा, मयूर विहार, करोल बाग, नईदिल्ली, उत्तर पश्चिम, बाहरी दिल्ली, पश्चिम दिल्ली, नजफगढ़, महरौली और दक्षिणी दिल्ली के कई मंडल शामिल थे। हर मंडल में हजारों लोगशामिल होकर तिरंगे को लेकर मार्च करते हुए देशभक्ति का जज्बा दिखा रहे थे। छोटे-बड़े सभी लोग, बच्चे, जवान, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या मेंशामिल हुए। युवाओं का बढ़ता उत्साहवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि इस तिरंगा यात्रा में खासकर युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई। युवा उत्साह से भरपूर थे और वे अपने हाथों मेंतिरंगा लेकर जोर-शोर से देशभक्ति के गीत गा रहे थे। उनका कहना था कि इस तरह के कार्यक्रमों से नई पीढ़ी में देश के प्रति प्यार और सम्मान बढ़ताहै। युवा स्वतंत्रता दिवस को और भी गर्व से मनाना चाहते हैं। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य और महत्वयह तिरंगा यात्रा हमारे देश के सशस्त्र बलों के सम्मान में निकाली जा रही है। वे सैनिक जो दिन-रात हमारी सुरक्षा करते हैं और दुश्मनों को करारा जवाबदेते हैं, उनकी बहादुरी और साहस को याद करने का यह एक तरीका है। तिरंगा यात्रा के जरिये हम अपने जवानों को सम्मान देते हैं और देशभक्ति कीभावना को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का आह्वानदिल्ली में निकाली जा रही यह तिरंगा यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश के कई हिस्सों में हो रही है। पूरे देश में लाखों लोग अपने-अपनेइलाकों में तिरंगा यात्रा निकाल कर देशभक्ति का जश्न मना रहे हैं। दिल्ली में कुल 256 मंडलों में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा स्वतंत्रतादिवस से पहले का एक बड़ा और विशेष आयोजन है। आखिरी दिन भी रहेगा धूमधाम से आयोजनवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि यह तिरंगा यात्रा अगले दिन यानि 13 अगस्त को आखिरी दिन के रूप में मनाई जाएगी। उन्होंने दिल्ली वासियों से आग्रहकिया है कि वे इस अंतिम दिन भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करें। दिल्ली भाजपा की यह तिरंगा यात्रा राजधानीमें एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूती से स्थापित कर रही है। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली के लोग अपने तिरंगे से गहरा लगाव रखते हैंऔर इस तरह के आयोजन उन्हें अपने देश के प्रति गर्व महसूस कराते हैं। इस प्रकार, तिरंगा यात्रा न केवल एक परंपरा है बल्कि यह हमें हमारे इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और देश के वीर सपूतों की याद दिलाती है।
विपक्षी दल चुनाव आयोग और सरकार पर झूठे आरोप लगाकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं – वीरेन्द्र सचदेवा

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने विपक्षी दलों पर चुनाव आयोग और सरकार पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर लोकतंत्र की जड़ें कमजोर करने कागंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में विपक्ष का काम सरकार की गलतियों पर सवाल उठाना और जनता के मुद्दों को उठाना होनाचाहिए, लेकिन जो विपक्षी दल हैं, वे केवल आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति कर रहे हैं, जिससे लोकतंत्र की दशा खराब हो रही है। चुनावों में हार को स्वीकार करना लोकतंत्र की पहली शर्त हैवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि फरवरी 2025 में जब आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली की सरकार चुनाव में हारी थी, तब मुख्यमंत्री अरविंदकेजरीवाल ने इस हार को जनता का फैसला मानकर स्वीकार किया था। यह लोकतंत्र की मजबूती दिखाने वाला कदम था। लेकिन अब स्थिति बदलगई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही महाराष्ट्र में कांग्रेस और बिहार में राजद ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाने शुरू किए, वैसे ही आम आदमी पार्टी ने भीचुनाव परिणामों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। आप नेता खुद विरोधाभास में फंसे हुए हैंदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि आम आदमी पार्टी के नेता खुद ही अपनी बातों में उलझे हुए हैं। 8 फरवरी को जब दिल्ली में चुनाव हुए थे, तबअरविंद केजरीवाल ने हार को जनता का फैसला माना। पर आज 12 अगस्त को आप के नेता संजय सिंह चुनाव में बेईमानी की बात कर रहे हैं। यहराजनीतिक हास्य जैसा मामला है कि कोई दल अपने ही कहे को भूलकर जनता को भ्रमित करता रहे। विपक्षी दलों की राजनीति और जनता से दूरीवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि विपक्षी दल आज जनता के मुद्दों से दूर हैं और केवल चुनाव आयोग और सरकार पर आरोप लगाकर अपनी राजनीतिकजमीन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को चाहिए कि वे जनता के वास्तविक सवालों पर ध्यान दें और उनकी समस्याओंका समाधान करें। आम आदमी पार्टी की स्थिति पर कड़ी टिप्पणीसचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी, जो सत्ता का सुख भोग चुकी है, उसे समझना चाहिए कि उसकी हार उसकी अपनी गलतियों जैसे भ्रष्टाचार, अकर्मण्यता और सरकार चलाने में असफलता के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद है कि आप अब विपक्ष में आकर भी जनता के मुद्दों सेकटे हुए हैं और केवल विपक्ष की राजनीति में लगे हुए हैं। लोकतंत्र में हार–जीत सामान्य हैदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावों में हार और जीत होती रहती है। इसे स्वीकार करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।आरोप-प्रत्यारोप और झूठे मामले उठाने से लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे जनता की सेवा में जुटें और देश कीप्रगति में योगदान दें। वीरेन्द्र सचदेवा के अनुसार, विपक्षी दलों को राजनीति में नकारात्मकता छोड़कर देश और जनता की भलाई के लिए काम करनाचाहिए। चुनाव आयोग और सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना सही नहीं है। वह चाहते हैं कि सभीराजनीतिक दल लोकतंत्र की मर्यादा का सम्मान करें और चुनावी परिणामों को स्वीकार करते हुए देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
दिल्ली में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अभियान – स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने इंटरनेशनल यूथ डे पर शुरू किया विशेष अभियान

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया। यह अभियानएचआईवी और एड्स के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए बनाया गया है। इसे गहन आईईसी कैंपेन कहा जाता है। इस अभियान का मुख्यमकसद है लोगों को एचआईवी/एड्स बीमारी के बारे में सही जानकारी देना, समय पर जांच करवाने के लिए प्रेरित करना, बीमारी से बचाव के तरीकेबताना और समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करना। एचआईवी और एड्स क्या है?एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस एक ऐसा वायरस है जो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देता है। अगर समय रहतेइसका इलाज न किया जाए तो यह एड्स नाम की गंभीर बीमारी में बदल सकता है। एड्स एक तरह की ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति बहुत कम हो जाती है और व्यक्ति आसानी से बीमार पड़ जाता है। दिल्ली सरकार की मदद और मुफ्त सुविधाएंपंकज कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार एचआईवी संक्रमण के इलाज के लिए जरूरी दवाइयों का संयोजन, जिसे एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी(ART) कहा जाता है, मुफ्त उपलब्ध करवा रही है। इससे संक्रमित व्यक्ति भी पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकता है। दिल्ली के सभीसरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआईवी जांच की सुविधा भी बिलकुल मुफ्त है। जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जाएंगे कई कार्यक्रमइस अभियान के तहत दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावास्कूल और कॉलेजों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम होंगे। इससे सभी लोगों तक एचआईवी/एड्स के बारे में सही जानकारी पहुंचेगी और वे बीमारीसे बचाव कर सकेंगे। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना जरूरी हैपंकज कुमार सिंह ने बताया कि अभी भी समाज में एचआईवी/एड्स को लेकर कई गलतफहमियां हैं। कई लोग संक्रमितों से डरते हैं और उनसे भेदभावकरते हैं, जो बिलकुल गलत है। उन्होंने कहा कि हम सभी को संक्रमित व्यक्ति के साथ सम्मान और समान व्यवहार करना चाहिए। इससे समाज मेंसकारात्मक बदलाव आएगा। युवाओं से विशेष अपीलस्वास्थ्य मंत्री ने युवाओं से खास अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया, स्कूल-कॉलेज और अपने आस-पास के लोगों में इस बीमारी के बारे में सहीजानकारी फैलाएं। युवाओं को सुरक्षित जीवनशैली अपनानी चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि एचआईवी/एड्स से बचाजा सके। सरकार की सेवा और प्रतिबद्धतासिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार लोगों को अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में कामकरने वाले डॉक्टर और कर्मचारी 24 घंटे लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। सभी जरूरी दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध हैं और सरकार दवाओं की निरंतरआपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। यह अभियान दिल्ली में एचआईवी/एड्स के खिलाफ एक बड़ा कदम है। इससे न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि बीमारी से बचाव और इलाज में भी मदद मिलेगी।दिल्ली सरकार, खासकर स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में यह अभियान सभी वर्गों तक सही संदेश पहुंचाने का काम करेगा।
दिल्ली को कूड़े से आज़ादी: रोहिणी में प्लॉगिंग रन – सांसद योगेन्द्र चांदोलिया बोले सफाई सबकी जिम्मेदारी

रोहिणी में हुआ बड़ा स्वच्छता कार्यक्रमदिल्ली नगर निगम ने दिल्ली को कूड़े से आज़ादी अभियान के तहत रोहिणी में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम प्लॉगिंग रन था, जिसमें लोग दौड़ते हुए रास्ते में पड़ा कचरा उठाते हैं। दौड़ रोहिणी के विश्राम चौक से शुरू होकर अवंतिका चौक तक हुई। इस कार्यक्रम का मकसदथा कि लोग एक साथ दौड़ भी लगाएं, व्यायाम भी करें और सफाई भी करें। इससे स्वास्थ्य और स्वच्छता – दोनों का संदेश एक साथ लोगों तकपहुंचा। नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगीकार्यक्रम में उत्तर पश्चिम दिल्ली के सांसद योगेन्द्र चांदोलिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके साथ दिल्ली के उप महापौर जयभगवान यादव, स्थानीयपार्षद धर्मबीर शर्मा, कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीत चुके बॉक्सर मनोज कुमार, उत्तर पश्चिम दिल्ली की जिलाधिकारी सौम्या सौरभ, रोहिणी केउपायुक्त प्रेम कुमार मंडल, दिल्ली नगर निगम के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। सांसद योगेन्द्र चांदोलिया की अपीलसांसद योगेन्द्र चांदोलिया ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अगस्त माह को पूरी तरह स्वच्छता को समर्पित किया है, जो यह दिखाता हैकि सरकार सफाई व्यवस्था के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिससे साफ है कि सभीदिल्ली को साफ-सुथरा रखने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने कहा दिल्ली को साफ रखने की जिम्मेदारी सिर्फ सफाई कर्मचारियों की नहीं, बल्किहर नागरिक की है। अगर सभी लोग सहयोग करें तो हम दिल्ली को इंदौर की तरह साफ और सुंदर बना सकते हैं।सांसद ने लोगों से अपील की कि कचरा हमेशा कूड़ेदान में डालें और सफाई से जुड़ी किसी भी परेशानी की जानकारी दिल्ली नगर निगम को दें।स्वच्छ भारत मिशन का जिक्रयोगेन्द्र चांदोलिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2014 को शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान को याद किया और कहा हम मोदी जी केइस सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 31 अगस्त तक सभी सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह साफ करना हमारी जिम्मेदारी है। सफाई एक दिन कानहीं, बल्कि रोज का काम है सांसद ने सफाई कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उप महापौर जयभगवान यादव के विचारउप महापौर जयभगवान यादव ने कहा कि सफाई कर्मचारी बहुत मेहनत कर रहे हैं। हाल ही में 343 सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया गया है।उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से 31 अगस्त तक सफाई अभियान चल रहा है और इसी के तहत प्लॉगिंग रन का आयोजन हुआ है। उन्होंने कहा साफ-सफाई को हमें आदत बनानी होगी। यह अभियान सिर्फ अगस्त तक नहीं, बल्कि हमेशा जारी रहना चाहिए। हर गली–मोहल्ले तक अभियानजयभगवान यादव ने कहा कि सफाई अभियान के तहत हर गली, मोहल्ले, JJ कॉलोनी, अनधिकृत कॉलोनी और बाजार तक पहुंचना लक्ष्य है। उन्होंनेजनता से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। रोहिणी में हुआ यह कार्यक्रम सिर्फ दौड़ नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश था – अगर हमसभी सफाई की जिम्मेदारी खुद लें, तो दिल्ली को कूड़े से आज़ादी दिलाई जा सकती है।
रूस से सस्ते तेल पर आम आदमी पार्टी का बड़ा आरोप – मोदी सरकार ने जनता का हक छीना

संजय सिंह का पीएम मोदी पर सीधा हमलाआम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेसवार्ता कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।उनका कहना है कि रूस से सस्ते दाम पर कच्चा तेल खरीदने के बावजूद, आम जनता को पेट्रोल और डीजल महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। उन्होंनेआरोप लगाया कि यह सस्ता तेल जनता के बजाय प्रधानमंत्री के करीबी उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया गया। सस्ता तेल, लेकिन जनता के लिए महंगा पेट्रोल–डीजलसंजय सिंह ने बताया कि रूस से भारत बहुत ही कम दाम पर कच्चा तेल खरीद रहा है, लेकिन देश के अंदर पेट्रोल की कीमत 95 से 104 रुपये प्रतिलीटर और डीजल की कीमत भी इसी के आसपास बनी हुई है। उनके अनुसार, अगर यह सस्ता तेल सीधे जनता के लिए इस्तेमाल होता, तो किसानों, मजदूरों और आम लोगों को बड़ी राहत मिल सकती थी। अंबानी को हुआ भारी मुनाफासंजय सिंह ने दावा किया कि रिलायंस ग्रुप, जो प्रधानमंत्री मोदी के करीबी उद्योगपति मुकेश अंबानी का है, ने पिछले छह महीनों में रूस से 77 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदा। इस तेल को विदेशों में बेचकर रिलायंस को करीब 50 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। उन्होंने कहा कि यहतेल भारत में इस्तेमाल होने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें बहुत कम हो सकती थीं, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। कितनी बचत हुई, जनता को कितना मिला – सवाल उठेसंजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने से देश को कितने हजार करोड़ रुपये की बचत हुई और उसमें सेआम जनता को कितना फायदा मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फायदा पूरी तरह से कुछ बड़े उद्योगपतियों की जेब में चला गया, जबकि जनतामहंगाई की मार झेल रही है। अडानी केस और सीजफायर का दावासंजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका में अडानी ग्रुप के खिलाफ मामला चल रहा है और गिरफ्तारी की संभावना है। उनके अनुसार, इसीदबाव में आकर प्रधानमंत्री मोदी ने सीजफायर करवाया। उनका कहना था कि मोदी सरकार व्यापार और कूटनीति के फैसले भी अपने पूंजीपति दोस्तोंके हित में ले रही है, न कि देश के लिए। आंकड़ों से साबित किया बड़ा घोटालासंजय सिंह ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले छह महीनों में भारत ने रूस से 231 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदा, जिसमें से एक तिहाई सेज्यादा केवल अंबानी की कंपनी ने लिया। उनके अनुसार, यह तेल देश के अंदर सस्ते दाम पर बेचा जा सकता था, लेकिन इसे विदेशों में महंगे दाम परबेचकर उद्योगपतियों ने भारी मुनाफा कमाया। प्रधानमंत्री से जवाब और जांच की मांगसंजय सिंह ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वह सामने आकर बताएं कि रूस से सस्ता तेल खरीदने से देश को कितना फायदा हुआ और उसमें से जनता कोक्या मिला। उन्होंने इसे लाखों करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार बताते हुए इसकी गंभीर जांच की मांग की। मोदी सरकार देश के नहीं, दोस्तों के लिए काम कर रहीअंत में संजय सिंह ने कहा, अब देश समझ चुका है कि प्रधानमंत्री मोदी देश के लिए नहीं, अपने पूंजीपति दोस्तों के लिए काम करते हैं। यह सिर्फआर्थिक धोखा नहीं, बल्कि देश के साथ किया गया बड़ा अन्याय है।
केशवपुरम में भव्य तिरंगा यात्रा – देशभक्ति और एकता का अद्वितीय संगम

आज केशवपुरम मेट्रो स्टेशन से शुरू हुई भव्य तिरंगा यात्रा ने पूरे इलाके को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल केनेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में सेवानिवृत्त सेना अधिकारी, व्यापारी, कामगार, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी के चेहरों पर तिरंगेके प्रति गर्व और देश के प्रति प्रेम साफ़ झलक रहा था। ढोल-नगाड़ों और नारों से गूंजा माहौलयात्रा की शुरुआत केशवपुरम मेट्रो स्टेशन से हुई और मुख्य मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी। पूरे रास्ते ढोल-नगाड़ों, शहनाई और बैंड की धुनों के बीचतिरंगे लहराते रहे। सड़कों के दोनों ओर और इमारतों की छतों से लोग हाथ में तिरंगा लिए इस ऐतिहासिक दृश्य का हिस्सा बने। रास्ते में जगह-जगहस्थानीय व्यापारिक संगठनों, आरडब्ल्यूए और नागरिक समूहों ने फूलों की वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। हर दिल में तिरंगा – हर घर तिरंगा, तिरंगाशान भारत की और भारतीय सामान – हमारा स्वाभिमान जैसे नारे पूरे माहौल में जोश भरते रहे। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की बड़ी भागीदारीइस यात्रा में भाजपा केशवपुरम जिला अध्यक्ष अजय खटाना, विधायक तिलकराम गुप्ता, पूनम शर्मा भारद्वाज, निगम पार्षद मीनू गोयल, रवि हंस, किशन बेबाड़, शिखा भारद्वाज सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। भीड़ में बुजुर्ग, युवा और बच्चे – सभी तिरंगे के साथ चल रहेथे। आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी उत्पादों का संदेशइस अवसर पर सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह यात्रा केवल राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का प्रतीक नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मेंचलाए जा रहे भारतीय सामान – हमारा स्वाभिमान अभियान को गति देने का संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ आर्थिक पहल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है जिसमें व्यापारी वर्ग अग्रणी भूमिका निभा रहा है। खंडेलवाल ने बताया किदेशभर के व्यापारी स्वदेशी उत्पादों के प्रचार, स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने और देश की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने के लिए एकजुट होकरकार्य कर रहे हैं। नागरिक भी अब भारत में बनी वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं, और यह यात्रा इसी संकल्प की मिसाल है कि हर घर और हर दुकानपर भारतीय उत्पादों का वर्चस्व स्थापित होगा। एकता और गर्व का ज्वलंत संदेशयह तिरंगा यात्रा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की एकता, गर्व और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक बनी। इसने यह स्पष्ट संदेश दिया किदेशभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं, बल्कि यह हर भारतीय के दिल, कर्म और जीवन का हिस्सा है।यह वही भावना है जो हर भारतीय को अपने देश, अपनी संस्कृति और अपने उत्पादों पर गर्व करना सिखाती है, और आने वाली पीढ़ियों को स्वाभिमानऔर स्वदेशी की मशाल आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है।
प्रधान महेन्द्र यादव जी की 9वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने अपने पिता, समाजसेवी और पूर्व निगम पार्षद प्रधान महेन्द्र यादव जी की 9वीं पुण्यतिथि केअवसर पर मेन चौक, समयपुर में एक श्रद्धांजलि सभा और हवन पूजन का आयोजन किया। सुबह से ही इलाके के लोग, कांग्रेस कार्यकर्ता, परिवार केसदस्य और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इस मौके पर शामिल होने पहुंचे। मूर्ति पर पुष्पांजलि और धार्मिक अनुष्ठानकार्यक्रम की शुरुआत प्रधान महेन्द्र यादव जी की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर और नमन करके हुई। देवेन्द्र यादव ने अपने पिता के साथ-साथ अपनेदादा स्व. न्योदर यादव और माता स्व. गंगा देवी जी की मूर्ति पर भी श्रद्धा के फूल चढ़ाए। इसके बाद हवन पूजन हुआ और सभी श्रद्धालुओं के लिएभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। परिवार और नेताओं की बड़ी मौजूदगीश्रद्धांजलि सभा में देवेन्द्र यादव के भाई गजेन्द्र यादव सहित पूरा परिवार मौजूद रहा। कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन विशेष रूप से समयपुर चौकपहुंचे और प्रधान महेन्द्र यादव जी की मूर्ति पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा कार्यक्रम में जय प्रकाश अग्रवाल, चौ. अनिल कुमार, जगदीश टाईटलर, कृष्णा तीरथ, रमेश कुमार, सुखविन्दर सिंह डैनी, हारुन यूसूफ, डा. नरेन्द्र नाथ, पुनरदीप सिंह साहनी, संजीव झा सहित कईविधायक, पूर्व विधायक, निगम पार्षद और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रधान महेन्द्र यादव जी का जीवन और योगदानकार्यक्रम में बोलते हुए देवेन्द्र यादव ने कहा कि उनके पिता एक सच्चे समाजसेवी थे, जिन्होंने गरीबों, दलितों और वंचितों के लिए हमेशा काम किया।उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और सेवा भाव को अपनी प्राथमिकता बनाया।समाजसेवा के इसी कारण उन्हें लोगों का इतना प्यार औरसम्मान मिला कि वे निगम पार्षद बने और अपने कार्यकाल में जरूरतमंदों के लिए निरंतर कार्य करते रहे। सेवाभाव की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्पदेवेन्द्र यादव ने कहा कि वे अपने पिता के बताए रास्ते पर चलेंगे और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद हमेशा करते रहेंगे। प्रधान महेन्द्र यादव जीद्वारा शुरू किए गए गरीब और पिछड़े वर्ग, विशेषकर एस.सी. छात्रों को वजीफा और पढ़ाई में सहायता देने के काम को आगे भी जारी रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि सेवाभाव की यह परंपरा कभी खत्म नहीं होगी और आने वाली पीढ़ियां भी इससे प्रेरणा लेंगी। भावनाओं और सम्मान का माहौलपूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं का माहौल रहा। लोगों ने न केवल उन्हें श्रद्धांजलि दी, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपनाने कासंकल्प भी लिया। भंडारे में शामिल होकर सभी ने यह महसूस किया कि प्रधान महेन्द्र यादव जी का जीवन सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्किसेवा और सहयोग की एक मिसाल है, जो समाज में हमेशा जीवित रहेगी।
दिल्ली को कूड़े से आज़ादी – महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने पश्चिम विहार में किया पौधारोपण और सफाई अभियान

दिल्ली को कूड़े से आज़ादी अभियान के तहत आज दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने पश्चिम विहार स्थित कृष्ण लाल शर्मा पार्क मेंपौधारोपण किया और स्थानीय लोगों के साथ सफाई अभियान में हिस्सा लिया। इस अवसर पर निगम पार्षद शिखा भारद्वाज और नगर निगम दिल्ली(एमसीडी) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम राजधानी को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। पर्यावरण और सफाई के लिए महापौर की अपीलमहापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कार्यक्रम के दौरान लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और अपने आसपास सफाई बनाए रखने की अपीलकी। उन्होंने कहा, हरियाली न केवल हमारे शहर को सुंदर बनाती है, बल्कि यह हवा को शुद्ध करने, तापमान को नियंत्रित रखने और प्रदूषण को कमकरने में भी मदद करती है। अगर हम सब मिलकर छोटे-छोटे कदम उठाएँ, तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और स्वस्थ वातावरण बनासकते हैं। सामुदायिक भागीदारी पर ज़ोरमहापौर ने कहा कि दिल्ली को कूड़े से आज़ादी जैसे अभियानों की सफलता लोगों की भागीदारी पर निर्भर है। उन्होंने नागरिकों को सफाई के साथ-साथ कचरे के सही निस्तारण, रीसाइक्लिंग और प्लास्टिक के कम इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि यह सिर्फ नगर निगम का कामनहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने आस-पास को साफ रखे। एमसीडी की पहल और जागरूकता अभियानमहापौर ने बताया कि एमसीडी केवल सफाई और पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों, बाजारों और आवासीय इलाकों में जन-जागरूकताकार्यक्रम भी चला रहा है। इन कार्यक्रमों में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन के महत्व के बारे में बताया जा रहा है।जब हर वर्ग के लोग इस अभियान से जुड़ेंगे, तभी यह एक सशक्त जन-आंदोलन बनेगा हरी-भरी और स्वच्छ दिल्ली का सपनामहापौर ने भरोसा दिलाया कि एमसीडी आने वाले समय में भी सफाई और वृक्षारोपण अभियान को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवलकचरे को खत्म करना नहीं, बल्कि दिल्ली को देश की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का आदर्श शहर बनाना है। इस कार्यक्रम ने साफ संदेश दियाकि यदि सरकार, प्रशासन और आम जनता एकजुट होकर काम करें, तो दिल्ली को न केवल कूड़े से आज़ादी दिलाई जा सकती है, बल्कि इसे एकहरा-भरा और स्वच्छ शहर भी बनाया जा सकता है।