नीतीश कुमार का युवाओं को स्वतंत्रता दिवस पर तोहफा, प्रतियोगी परीक्षा का शुल्क ₹100,मेंस की फीस माफ

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के युवाओं को डबल गिफ्ट दिया है. उन्होंने राज्य में आयोजित सभी प्रकार कीप्रतियोगी परीक्षाओं का आवेदन शुल्क घटाकर मात्र 100 रुपये कर दिया है, साथ ही मेन्स एग्जाम का शुल्क भी माफ कर दिया गया है. यह जानकारीमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा कीउन्होंने अपने एक्स पर कहा, राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार के अधिक अवसरप्रदान करने तथा उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए सरकार ने यह ठोस कदम उठाए हैं. बड़ी छूट देने का लिया निर्णयइसी दिशा में अब प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क में बड़ी राहत देने का एक और निर्णय लिया गया है।राज्यस्तरीय सरकारी नौकरी हेतु सभी आयोगों यानी, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC), बिहार तकनीकीसेवा आयोग (BTSC), बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC), केन्द्रीय सिपाही चयन परिषद (CCSB) आदि द्वारा आयोजित प्रारंभिक(PT) प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क में एकरूपता लाकर अभ्यर्थियों को बड़ी छूट देने का निर्णय लिया गया है. परीक्षा शुल्क केवल 100 रुपयेअब प्रारंभिक (PT) प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए मात्र 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं प्रारंभिक परीक्षापास कर मुख्य परीक्षा (Mains) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा. इस कदम से लाखों युवाओं को लाभ मिलेगा औरराज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी तथा रोजगार मिलने में मदद मिलेगी. बिहार सरकार ने युवाओं के लिए बड़ी राहत की घोषणाकी है. अब राज्यस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा का शुल्क केवल 100 रुपये रहेगा.
पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन लाल किले से पहली बार RSS के शताब्दी वर्ष का उल्लेख, राष्ट्रनिर्माण में योगदान को बतायाप्रेरणास्त्रोत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आज लाल किले से अपने 103 मिनट लंबे भाषण में संघ केयोगदानों को रेखांकित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 100 साल की अवधि में संघ ने राष्ट्रनिर्माण के काम में योगदान दिया है. इस बात काउल्लेख इसलिए अहम है क्योंकि लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने पहली बार आरएसएस का जिक्र किया है. पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह 2025 में लगातार 12वें साल ध्वजारोहण किया. उन्होंने संघ को दुनिया का सबसे बड़ा NGO बताया औरकहा कि यह संगठन देश के अलग-अलग हिस्सों में योगदान दे रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा, समर्पण संगठन और अप्रतिम अनुशासनआरएसएस की पहचान रही है. 100 साल की यात्रा में योगदानउन्होंने कहा आज लाल किले की प्राचीर से वे उन स्वयंसेवकों को पूरे आदर के साथ याद करना चाहते हैं, जिन्होंने 100 साल की यात्रा में योगदानदिया है. पीएम मोदी ने कहा, देश गर्व करता है कि आरएसएस की यह भव्य और समर्पित यात्रा हमें प्रेरित करती रहेगी. पीएम मोदी ने कहा, आज मैंगर्व के साथ एक बात का जिक्र करना चाहता हूं. आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। संघ के लोग 100 साल से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संघ केलोगों ने मातृभूमि के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. ऐसा आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। बीते 100 साल के दौरानदेश की यात्रा में संघ का अहम योगदान है. आम तौर पर स्वतंत्रता दिवस भाषणों में प्रधानमंत्री मोदी विकास योजनाओं को गिनाने के अलावा नीतिगतघोषणाएं भी करते हैं. 2024 के भाषण में उन्होंने समान नागरिक संहिता का जोरदार समर्थन किया था। उन्होंने कानून के वर्तमान ढांचे को ‘सांप्रदायिकऔर भेदभावपूर्ण’ बताकर देश में एक साथ चुनाव (One Nation One Election) कराने की वकालत भी की थी. लक्ष्य पूरा जाना था कियाप्रधानमंत्री मोदी ने जब 79वें स्वतंत्रता दिवस पर अपना भाषण शुरू किया तब उन्होंने उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल जैसे राज्यों में प्राकृतिकआपदा की मार झेल रहे लोगों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं. इसके अलावा उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति, आत्मनिर्भर भारत, तकनीक केमोर्चे पर देश की समृद्धि, ऊर्जा के विषय में देश के संकल्प और विकसित भारत बनाने के मिशन का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि 2030 तक जो लक्ष्य पूरा किया जाना था. उसे हमने पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है। लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करने सेपहले पीएम मोदी ने बलिदानी सपूतों को राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर नमन किया. पीएम मोदी ने अपने शुरुआती संबोधन में भारतीय सेना के ऑपरेशनसिंदूर का भी उल्लेख किया. उन्होंने भाषण के सातवें मिनट में ही पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाले भारत के वीर सपूतों के पराक्रमका जिक्र कर पूरी दुनिया को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को भी रेखांकित किया.
केंद्र पर भेदभाव का आरोप, कर्नाटक विकास मॉडल की वैश्विक सराहना सीएम सिद्धारमैया का स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा बयान

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संसाधनों के वितरण में कर्नाटक के साथ भेदभावकिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और अन्य सांविधानिक निकाय संविधान में निहित लोकतंत्र औरसहकारी संघवाद के सच्चे मूल्यों को बनाए रखने के लिए काम नहीं कर रहे हैं. प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को इस संबंध में आवाज उठानी चाहिए. स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि हमारी सरकार ने अपना स्वयं का विकास मॉडल बनाया है. इसे व्यापक रूप से कर्नाटकविकास मॉडल के रूप में जाना जाता है और इसकी गारंटी योजनाओं को वैश्विक मान्यता मिली है. 12वीं शताब्दी के बसवादी शरणों का दृढ़ विश्वासथा कि व्यक्ति को अपने वचन पर चलना चाहिए. इसी सिद्धांत से प्रेरित होकर हमारी सरकार ने अपना विकास मॉडल तैयार किया है. जिसे अबकर्नाटक विकास मॉडल के रूप में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है. उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष फिलेमोनयांग ने भी कर्नाटक का दौरा किया और हमारी गारंटी योजनाओं की खुले दिल से प्रशंसा की, जिससे उन्हें वैश्विक मान्यता मिली. मील का पत्थर है स्थापितसिद्धारमैया ने कहा कि प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के सर्वेक्षणों से यह कटु सत्य उजागर हुआ है कि हमारी आबादी के सबसे धनी 10 प्रतिशत लोगों केपास देश की 80 प्रतिशत संपत्ति है. फिर भी वे एकत्रित जीएसटी में केवल 3 प्रतिशत का योगदान करते हैं. जबकि शेष 90 प्रतिशत आम लोग, जोभोजन और कपड़े के लिए रोजाना काम करते हैं, लगभग 97 प्रतिशत जीएसटी भुगतान का वहन करते हैं. ऐसी परिस्थितियों में कोई भी अर्थव्यवस्थाकैसे टिक सकती है? हम अपने संविधान की भावना को कैसे पूरा कर सकते हैं? हम इस बढ़ती असमानता को कैसे कम कर सकते हैं? ये प्रश्न हमेंबहुत परेशान करते हैं. इन्हीं प्रश्नों के उत्तर खोजने के उद्देश्य से हमने गारंटी योजनाएं और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किए हैं. सीएम ने कहा किमई 2023 में पदभार संभालने के तुरंत बाद हमने अन्न भाग्य, शक्ति, गृह लक्ष्मी, गृह ज्योति और युवा निधि के रूप में योजनाओं को लागू करना शुरूकर दिया. अब तक हमने इनके क्रियान्वयन के लिए 96,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए हैं। हाल ही में हमने शक्ति योजना में एक मीलका पत्थर स्थापित किया है. जिसमें महिलाओं ने सरकारी बसों का उपयोग करके 500 करोड़ मुफ्त यात्राएं की हैं. नई बसें भी है शामिलउन्होंने कहा कि बिचौलियों के शोषण से मुक्त और सीधे लोगों तक पहुंचाई गई इन योजनाओं ने न केवल प्रति व्यक्ति आय बढ़ाई है। कार्यबल मेंमहिलाओं की भागीदारी में 23 प्रतिशत बढ़ी है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शक्ति योजना के कार्यान्वयन के साथ-साथ परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न मॉडलों की 5,049 नई बसें शामिल की गई हैं. साथ ही 8,473 कार्मिकों की भर्ती की गई है, जिससे राज्य भर मेंसेवा क्षमता और पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक अब प्रति व्यक्ति आय में देश में पहले स्थान पर है. पिछले एकदशक में राज्य ने इसमें 101 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है. जो 2013-14 में स्थिर मूल्यों पर 1,01,858 रुपये से बढ़कर 2024-25 में2,04,605 रुपये हो गई है. हमारी सरकार गारंटी योजनाओं, सब्सिडी, प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य सामाजिक कार्यक्रमोंसहित कल्याणकारी उपायों पर 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है.
सीएम रेखा गुप्ता का पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण यमुना पुनर्जीवन, अटल कैंटीन और गिग वर्कर्स कल्याण बोर्ड की घोषणा

भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. देशभर में आजादी का यह पर्व उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर परदिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सीएम रेखा गुप्ता ने ध्वजारोहण किया. साथ ही उन्होंने ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी. छत्रसालस्टेडियम में भारी बारिश के बीच आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सबसे पहले गिग वर्कर्स के लिए एक महत्वपूर्ण कदम कीघोषणा की. उन्होंने कहा, “उनकी सरकार गिग वर्कर्स के लिए कल्याण बोर्ड का गठन करेगी, जो उनकी भलाई सुनिश्चित करेगा. खोलने जा रहे है अटल कैंटीनमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने प्रथम स्वतंत्रता दिवस भाषण में यमुना को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया. सीएम ने कहा कि उनकी सरकार पहले दिनसे ही यमुना को साफ करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली में देश में सर्वोत्तम बुनियादी ढांचा तैयार करेगी. दिल्लीसरकार शहर के प्रत्येक झुग्गी निवासी को पक्का मकान उपलब्ध कराएगी. हम दिल्ली में जरूरतमंदों के लिए पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराने केलिए अटल कैंटीन खोलने जा रहे हैं. उपलब्ध कराने के लिए है प्रतिबद्धउन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार जलभराव की समस्या के समाधान और बेहतर सड़कों के लिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं यमुना केकायाकल्प का संकल्प लेती हूं. हमारी सरकार पहले दिन से ही इसे साफ करने के लिए काम कर रही है. यमुना को साफ करने के कई वादे किए गएथे, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ. यमुना इस हद तक साफ हो जाएगी कि हम इसके पानी में सूर्य का प्रतिबिंब देख पाएंगे और हम इसके तट पर पूजाकर पाएंगे. लोगों को आश्वस्त करते हुए कि दिल्ली जल्द ही सपनों का शहर बन जाएगी. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार दिल्ली को देशमें सर्वोत्तम बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटे भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर होंगे शामिल पीएम मोदी से करेंगें मुलाकात

केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि अंतरिक्ष में कदम रखने वाले भारत के दूसरे और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) परजाने वाले देश के पहले अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के इस सप्ताहांत भारत आने की संभावना है. सिंह ने बताया कि शुक्ला अपने दिल्लीप्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं. इसके बाद वह अपने परिवार से मिलने लखनऊ जाएंगे. शुक्ला 23 अगस्त को राष्ट्रीयअंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली लौटेंगे. शुक्ला एक्सिओम-4 निजी अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा थे, जो 25 जून को फ्लोरिडा सेरवाना हुआ और 26 जून को आईएसएस से जुड़ा. उन्होंने अमेरिका की पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज उजनांस्की-विस्निवस्की और हंगरी के टिबोरकापु के साथ 18 दिन के मिशन के दौरान 60 से अधिक प्रयोग और 20 जनसंपर्क सत्र किए.एक्सिओम-4 मिशन का चालक दल को लेकर जा रहा ड्रैगन अंतरिक्ष यान 15 जुलाई को सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में उतरा जिससेमिशन का सफल समापन हुआ. भागीदार के रुप में है शामिलयह भारत के गगनयान के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. अंतरिक्ष से वापसी के बाद शुभांशु शुक्ला ने कहा, ‘दशकों से अंतरिक्ष एकवैश्विक साझेदारी का क्षेत्र रहा है. लेकिन इस मिशन का सबसे खास पल वह था जब मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की, और मेरे पीछे भारत कातिरंगा अंतरिक्ष में लहरा रहा था. उन्होंने कहा कि यह दृश्य भारत के लिए प्रतीक था कि हम अब अंतरिक्ष की वैश्विक बातचीत में केवल दर्शक नहीं, बल्कि समान भागीदार के रूप में शामिल हैं. अपनी वापसी के बाद शुभांशु शुक्ला ने हंसते हुए कहा ‘यह मेरी अंतरिक्ष से लौटने के बाद पहली बातचीतहै और अब मुझे खुद को स्थिर करने की जरूरत नहीं है कि मैं तैर न जाऊं. यह बात उन्होंने शून्य गुरुत्वाकर्षण से धरती के सामान्य गुरुत्वाकर्षण मेंलौटने के अनुभव को दर्शाने के लिए कही. समारोह में भाग लेने के लिए लौटे दिल्लीशुभांशु शुक्ला ने बताया कि उन्होंने अंतरिक्ष में स्टेम सेल्स पर प्रयोग किए और बबल एक्सपेरिमेंट भी किया जो काफी चर्चित रहा. ‘अंतरिक्ष में विज्ञानकरना मजेदार होता है. लेकिन असली मकसद यह था कि हम भारत के युवाओं को प्रेरित कर सकें. उन्होंने कहा कि इस मिशन का सबसे बड़ा हासिलयह है कि भारत के बच्चे अब खुद को एक अंतरिक्ष यात्री के रूप में देखने का सपना देख सकते हैं और अब वह सपना असंभव नहीं रहा. केंद्रीय मंत्रीजितेन्द्र सिंह ने बताया कि शुभांशु शुक्ला अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं. इसके बाद वह अपने परिवारसे मिलने लखनऊ जाएंगे. शुक्ला 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली लौटेंगे.
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति पुतिन ने दी शुभकामनाएं, भारत को बताया वैश्विक मंच पर खास स्थान वाला देश, रणनीतिक साझेदारी को बताया अहम

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि वैश्विक मामलों में भारत की एक खास जगहहै और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के समाधान में भारत की सक्रिय भूमिका की तारीफ की. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रतादिवस पर भेजे अपने संदेशों में, राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के बीच ‘विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को मजबूत करने की बात भी कही. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा’भारत की आज वैश्विक मंच पर खास जगह है और वह अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान में सक्रिय रूप सेभाग लेता है. पुतिन ने कहा, ‘हम भारत के साथ अपने विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी संबंधों को महत्व देते हैं. रूसी राष्ट्रपति ने विश्वासव्यक्त किया कि दोनों देश संयुक्त प्रयासों से द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाते रहेंगे. रूसी राष्ट्रपति ने भारत को ऐसे समय पर विशेषाधिकार प्राप्तरणनीतिक साझेदार बताया है. जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. इससे भारत औरअमेरिका के संबंधों में थोड़ी खटास भी महसूस की गई है। वहीं भारत और रूस के संबंधों में गर्माहट महसूस की जा रही है. हाल ही में एनएसए, मॉस्को का दौरा करके लौटे हैं और जल्द ही भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी रूस दौरे पर जाने वाले हैं. भारत स्थित रूसीराजदूत डेनिस अलीपोव ने भी भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बधाई दी. और सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में हिंदी में लिखा, ‘प्रिय भारतीय मित्रों, 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आपको हार्दिक बधाइयां वैश्विक इतिहास के इस संग-ए-मील की वर्षगांठ पर मैं कामनाकरता हूं कि विकास और जनकल्याण के मार्ग पर अग्रसर भारतीय राष्ट्र की सभी महत्वाकांक्षाएं पूर्ण हों. जय हिंद जय रूस पुतिन ने कहा, ‘हम भारत केसाथ अपने विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी संबंधों को महत्व देते हैं. रूसी राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देश संयुक्त प्रयासों सेद्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाते रहेंगे.
अंकुश नारंग ने भाजपा पर साधा निशाना – सिविल लाइन जोन का दौरा कर सफाई अभियान की पोल खोली

दिल्ली नगर निगम (MCD) में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने सिविल लाइन जोन का दौरा किया और वहां की गंदगी देखकरभाजपा की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि मेयर राजा इकबाल सिंह अपने ही इलाके की सफाई नहीं कर पा रहे हैं, तो पूरीदिल्ली को कैसे साफ करेंगे? मेयर के इलाके में गंदगी का अंबारअंकुश नारंग तिमारपुर विधानसभा के वार्ड 11 पहुंचे। यह इलाका मेयर राजा इकबाल सिंह का अपना वार्ड है और यहीं मेयर का सरकारी निवास भीहै। यहां उन्होंने कूड़े के बड़े-बड़े ढेर, जगह-जगह जमा पानी और चारों तरफ फैली गंदगी देखी।नारंग ने कहा जब मेयर अपना घर और वार्ड साफ नहीं रख पा रहे हैं, तो उनसे उम्मीद कैसे की जाए कि वे पूरी दिल्ली को साफ कर देंगे? बीमारियों का बढ़ता खतराअंकुश नारंग ने कहा कि इस समय बरसात का मौसम है और पानी जमा होने से मच्छर तेजी से पनपते हैं। इससे डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसीबीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा यह समय तो सफाई पर ज्यादा ध्यान देने का है, लेकिन यहां तो हालात और खराब हो रहे हैं।सफाई अभियान सिर्फ दिखावाभाजपा ने 1 अगस्त से 31 अगस्त तक सफाई अभियान चलाने की घोषणा की थी। इसकी शुरुआत एमसीडी की सीएम रेखा गुप्ता ने की थी औरमेयर राजा इकबाल सिंह ने बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन अंकुश नारंग का कहना है कि सफाई अभियान सिर्फ कागजों और फोटो खिंचवाने तकसीमित है। उन्होंने कहा मेयर और भाजपा नेता गाड़ी से उतरकर फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन असली सफाई का काम जमीन पर कहीं नजर नहीं आता। चार महीने में बढ़ी गंदगीअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा को एमसीडी की सत्ता में आए चार महीने हो चुके हैं, लेकिन इस दौरान गंदगी और ज्यादा फैल गई है। बुराड़ी, मजलिस पार्क और कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं में सफाई की समस्या को हल करने की इच्छा नहींहै। समाधान पर चर्चा से बच रही भाजपानारंग ने कहा कि भाजपा विपक्ष के साथ बैठकर समाधान पर बात नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कूड़ा हटाना कोई मुश्किल काम नहीं है। अगरभाजपा चाहे तो एक हफ्ते में साफ-सफाई हो सकती है, लेकिन इनके पास न तो योजना है और न ही दिलचस्पी। चार इंजन वाली सरकार, फिर भी नाकामीअंकुश नारंग ने तंज कसते हुए कहा दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार है केंद्र में भाजपा, एमसीडी में भाजपा, एलजी भाजपा के नजदीकीऔर मेयर भी भाजपा के। इसके बावजूद दिल्ली की सफाई बद से बदतर होती जा रही है। भाजपा को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगाअंत में अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा को फोटोशूट और कागजी वादों से बाहर निकलकर असली गवर्नेंस करनी होगी। उन्होंने मेयर को चुनौती दी किपहले अपने घर और वार्ड को साफ करें, फिर पूरी दिल्ली को कूड़ा मुक्त बनाने की बात करें।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समर्थन में विजय गोयल की “धन्यवाद यात्रा”

दिल्ली में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों से परेशान लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले में कहा गया हैकि सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें सुरक्षित शेल्टर होम में रखा जाए। इस ऐतिहासिक निर्णय के समर्थन में पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल नेआज दिल्ली की विभिन्न रेज़िडेंट वेलफेयर असोसिएशनों (RWA) के साथ मिलकर “धन्यवाद यात्रा” निकाली। फैसले का स्वागतमंडी हाउस चौक पर सैकड़ों RWA प्रतिनिधियों ने एकत्र होकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को न केवल इंसानों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया, बल्किइसे आवारा कुत्तों के लिए भी फायदेमंद बताया। उनका कहना था कि सड़कों पर बिना देखभाल के घूम रहे कुत्ते अब शेल्टर होम में सुरक्षित रहेंगे औरउनकी उचित देखभाल होगी। विजय गोयल का ‘कुत्ता प्रेमियों’ पर सवालसभा को संबोधित करते हुए विजय गोयल ने तथाकथित “कुत्ता प्रेमियों” पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, अगर ये लोग सच में इन कुत्तों से इतना प्यारकरते हैं, तो इन्हें गोद क्यों नहीं लेते? आज तक किसी एक कुत्ता प्रेमी ने एक भी आवारा कुत्ता गोद नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा कि केवल सड़कोंपर खाना खिलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। अगर सच्चा प्रेम है, तो उन्हें शेल्टर होम में जाकर भी देखभाल करनी चाहिए। समस्या कितनी बड़ी है?गोयल ने एक अहम तथ्य बताते हुए कहा कि दिल्ली में इस समय 8 लाख से अधिक आवारा कुत्ते हैं। अगर आज से ही स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशनशुरू भी कर दिया जाए, तब भी लंबे समय तक काटने की घटनाएं जारी रहेंगी। इसलिए, पहला कदम होना चाहिए कि सभी कुत्तों को सड़कों से हटाकरशेल्टर होम में रखा जाए। सरकार से तेज कार्रवाई की मांगगोयल ने कहा कि जैसे कोविड महामारी के समय सरकार ने कुछ ही हफ्तों में अस्पताल, ऑक्सीजन प्लांट और जरूरी इंतजाम कर दिए थे, वैसे हीइच्छा शक्ति दिखाकर 8 हफ्तों में शेल्टर होम बनाए जा सकते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर अच्छे नतीजे आए, तो सुप्रीम कोर्ट आगे भी समयबढ़ा सकता है। RWAs का एकजुट समर्थनगोयल ने दावा किया कि दिल्ली की सभी RWAs इस फैसले के पक्ष में हैं और उन्होंने चुनौती दी कि कोई एक भी RWA यह कहकर सामने आए किसड़कों से कुत्ते नहीं हटाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही RWA की महासभा बुलाई जाएगी, ताकि आगे की रणनीति तय कीजा सके। विजय गोयल के दमदार बयानयह फैसला इंसान और जानवर – दोनों के लिए फायदेमंद है; सड़कों से कुत्ते हटेंगे और शेल्टर में देखभाल मिलेगी।, कुत्ता प्रेमी अगर सच्चे हैं, तो गोदलें, केवल सड़क पर खाना खिलाकर दिखावा न करें।, सरकार चाहे तो 8 हफ्तों में शेल्टर होम तैयार कर सकती है, जैसे कोविड में अस्पताल बनाए थे। कुत्ता प्रेमियों’ से गोयल के सीधे सवालपहले आपने स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन में रुकावट क्यों डाली?, आपका प्रेम सिर्फ कुत्तों के लिए ही क्यों है?, आपने अब तक कितने कुत्ते गोदलिए हैं?, जो लोग सड़कों पर खाना खिलाते हैं, क्या शेल्टर होम में जाकर भी खिलाएंगे?
दिल्ली में रामलीला मंचन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, मिलेगी सभी सुविधाएं – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नवरात्र के अवसर पर राजधानी में रामलीला के मंचन को लेकर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब रामलीला आयोजकों को मंचन के लिएसभी अनुमतियां एक ही जगह से मिलेंगी। इसके लिए जिला स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इसव्यवस्था से रामलीला आयोजकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और मंचन बिना किसी परेशानी के हो सकेगा। राजनिवास में हुई बैठक में बड़ा निर्णयराजनिवास में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली रामलीला महासंघ के पदाधिकारीऔर संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि रामलीला मंचन की सभी औपचारिकताएं जिलों में डीएम कार्यालय परपूरी होंगी। इसके अलावा समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष समिति भी बनाई जाएगी। 600 रामलीलाओं का भव्य आयोजनमुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार राजधानी में 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक रामलीलाओं का आयोजन होगा। दिल्ली में लगभग 600 रामलीलाओं कामंचन होता है, जिनमें से 100 रामलीलाएं बड़े और भव्य स्तर पर आयोजित की जाती हैं। दिल्ली के लोग वर्षों से रामलीला देखने में गहरी रुचि रखतेहैं और यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। आयोजकों की समस्याओं का समाधानपिछले कुछ वर्षों से रामलीला आयोजकों को जमीन मिलने में देरी, एनओसी प्राप्त करने में कठिनाई और अन्य विभागीय अड़चनों का सामना करना पड़रहा था। अब सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सभी एनओसी एक ही स्थान से जारी होंगे। भूमि की सिक्योरिटी राशि को 20 रुपये प्रति वर्गमीटर सेघटाकर 15 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। मनोरंजन स्थल का क्षेत्रफल बढ़ारामलीला स्थल पर लगने वाले झूले और खाने-पीने के स्टॉल जैसे मनोरंजन साधनों के लिए मिलने वाले क्षेत्रफल को बढ़ाकर कुल भूमि का 40% करदिया गया है, जो पहले 25% था। इन स्थलों से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए डीडीए के उपनिदेशक और दिल्ली रामलीला महासंघ के दोपदाधिकारियों की समिति बनाई गई है। आपात सुविधाओं का प्रबंधआयोजकों ने सुझाव दिया था कि रामलीला स्थलों पर एक-एक एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस बार रामलीलामंचन के दौरान आपात स्थिति में मदद के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सांस्कृतिक विरासत का संरक्षणमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। रामलीला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारीसांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखती है। यह कदम परंपरा को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी बढ़ाएगा।
अडानी को बचा रही है भाजपा सरकार – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपति गौतम अडानी को अमेरिका में चल रहे भ्रष्टाचार केकेस से बचाने में लगी है। अमेरिका में केस और समनभारद्वाज ने बताया कि नवंबर 2024 में अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस और यूएस सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन ने गौतम अडानी और उनकेभतीजे सागर अडानी पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया। 21 सितंबर 2024 को अमेरिका के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अडानी को समन भेजा और 21 दिन मेंजवाब देने को कहा। यह समन भारत के लॉ एंड जस्टिस डिपार्टमेंट के जरिए अडानी को देना था, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी यह नहीं दियागया। 2,200 करोड़ की रिश्वत का आरोपसौरभ भारद्वाज ने कहा कि अडानी पर आरोप है कि उन्होंने भारत सरकार के कुछ अधिकारियों को 2,200 करोड़ रुपये रिश्वत देने की योजना बनाई, जिसमें कुछ पैसा दे दिया गया और कुछ बाकी था। चूंकि इसमें अमेरिकी निवेशकों का पैसा भी लगा था, इसलिए यह मामला अमेरिकी कानून फॉरेनकरप्ट प्रैक्टिसेज एक्ट के तहत आता है, जिसमें रिश्वत देना अपराध है। भाजपा का दोहरा रवैयाभारद्वाज ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी के नेताओं पर आरोप लगते हैं, तो भाजपा कहती है कि कोर्ट और जांच एजेंसी के सामने पेश हो। लेकिनअब जब अडानी पर केस है, भाजपा उन्हें बचा रही है। मोदी के दौरे और अडानी के प्रोजेक्टउन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरे के बाद अडानी को वहां बड़े प्रोजेक्ट मिलते हैं। कीनिया में मोदी के मिलने केबाद अडानी को 1.85 बिलियन डॉलर का एयरपोर्ट और 736 मिलियन डॉलर का पावर प्रोजेक्ट मिला, जिसे विरोध के बाद रद्द करना पड़ा। श्रीलंकाऔर बांग्लादेश में भी मोदी के दौरे के बाद अडानी को बड़े प्रोजेक्ट मिले। भारत की छवि को नुकसानसौरभ भारद्वाज ने कहा कि 6 महीने बाद भी समन न सौंपना यह साबित करता है कि सरकार अडानी को बचा रही है। इससे दुनिया में भारत की छविखराब हो रही है और देश की साख पर बुरा असर पड़ रहा है।