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योगराज सिंह का दावा रोहित शर्मा 45 साल तक सकते है खेल, देश को अभी है उनकी जरूरत “IPL और वनडे में खेलते रहें रोहित”

भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह का मानना है कि रोहित शर्मा उस स्तर के खिलाड़ी हैं जो 45 साल की उम्र तक भीखेल सकते हैं. रोहित ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट प्रारूप को अलविदा कह दिया है, लेकिन वह अभी वनडे में खेलते हैं. इस पर चर्चा जोरों पर है किक्या रोहित 2027 वनडे विश्व कप तक खेलना जारी रखेंगे? रोहित ने भारत के लिए आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लिया था और उनकीकप्तानी में टीम ने खिताब अपने नाम किया था. रोहित ने न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 76 रन बनाए थे. रोहित को उनकी पारी के लिए प्लेयरऑफ द मैच चुना गया था. रोहित के खेलने या नहीं खेलने पर क्रिकेट विशेषज्ञों की अलग राय है क्योंकि उनकी फिटनेस बड़ा मुद्दा रही है. सुबह दौड़े 10 किमी तकरोहित के भविष्य पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन योगराज ने रोहित के अगले पांच साल और खेलने का समर्थन किया है. मालूम होकि रोहित वनडे के अलावा आईपीएल में खेलते हैं. योगराज ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए कहा, रोहित शर्मा ऐसे खिलाड़ी हैं जिसके बारे मेंकई लोग बकवास करते हैं। वह जिस तरह बल्लेबाजी करते हैं, उसे देखिए एक तरह उनकी बल्लेबाजी और दूसरी तरफ शेष टीम की बल्लेबाजी. एकतरफ उनकी पारी और दूसरी तरफ दुनिया में किसी अन्य बल्लेबाज की पारी। यह रोहित का क्लास है. आपको कहना चाहिए कि रोहिच आपकी हमेंपांच साल और जरूरत है यार, इसलिए आप देश के लिए और भी योगदान दें. अपनी फिटनेस और सबकुछ पर मेहनत करें चार आदमी उनके साथलगाएं और सुबह 10 किमी तक दौड़ें. वनडे के अलावा खेल सकते है आईपीएलउनका स्तर ऐसा है कि अगर वह चाहें तो 45 साल की उम्र तक खेल सकते हैं. योगराज ने रोहित से खुद को फिट रखने के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलनेकी सलाह दी है. योगराज ने कहा, मेरा मानना है कि रोहित को घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए. वह जितना खेलेंगे, उतने ही फिट रहेंगे. फाइनल में कौनप्लेयर ऑफ द मैच रहा था? रोहित शर्मा, इसलिए आपको सिर्फ उसी बारे में बात करनी चाहिए जिसे आप जानते हैं. अगर आपको उनके खेल औरफिटनेस के बारे में बात करनी है, तो तभी करें जब आप किसी स्तर पर खेले हों. क्या आपको इस तरह बात करने में शर्म आती है? रोहित के भविष्य परअभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन योगराज ने रोहित के अगले पांच साल और खेलने का समर्थन किया है। मालूम हो कि रोहित वनडे केअलावा आईपीएल में खेलते हैं.

ईडी की छापेमारी पर डीएमके का भाजपा पर हमला, कनिमोझी बोलीं केंद्रीय एजेंसियों को बनाया चुनावी हथियार

तमिलनाडु के मंत्री आई पेरियासामी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी पर डीएमके नेता कनिमोझी ने भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा किभाजपा ने आयकर और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियों को विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए हथियार बना लिया है. मंत्री आईपेरियासामी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी से डीएमके डरने वाली नहीं है. ईडी ने मनी लॉड्रिंग मामले में तमिलनाडु के मंत्री और वरिष्ठडीएमके नेता आई पेरियासामी और उनके विधायक पुत्र आईपी सेंथिलकुमार से जुड़े परिसरों की तलाशी ली. कनिमोझी ने आरोप लगाया कि एकओर भाजपा चुनाव जीतने के लिए हताश प्रयास में एसआईआर (बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण) का उपयोग करके लोकतंत्र के खिलाफ हमले करनेके लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है. चुनावी उपकरण के रुप में कर रही है इस्तेमालइसके साथ ही, आयकर, प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई जैसी एजेंसियां, जिनका इस्तेमाल वे नियमित रूप से विपक्ष के खिलाफ हथियार के रूप मेंकरते हैं. उनका इस्तेमाल डीएमके के वरिष्ठ मंत्रियों के खिलाफ भी किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों को हथियार बनाकर विपक्ष केखिलाफ औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसी ही एक छापेमारी आज हो रही है डीएमके इसका सामना करेगी। मंत्री ने कई चुनौतियों कासामना किया है और डीएमके के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं. किसी भी तरह की धमकी हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को डरा नहीं पाएगी. तमिलनाडुमें डीएमके नेता एवं मंत्री आई पेरियासामी के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी पर पार्टी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. डीएमके केसंगठन सचिव आरएस भारती ने कहा कि यह वोट चोरी शब्द से ध्यान हटाने का प्रयास है.पार्टी न तो ईडी से और न ही मोदी से डरेगी. भारती ने आरोप लगाया कि भाजपा सशक्त और स्वायत्त निकायों को अपने चुनावी उपकरण के रूप मेंइस्तेमाल कर रही है. भाजपा हुई बेनकाबचुनाव आयोग का इस्तेमाल करके चुनावी धोखाधड़ी में लिप्त होने के मामले में भाजपा बेनकाब हो गई है. देश इससे स्तब्ध है अवैध वोट चोरी सेध्यान हटाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय पेरियासामी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी कर रहा है. इससे पहले अप्रैल में मद्रास हाईकोर्ट ने डिंडीगुल जिले कीएक विशेष अदालत को 2.1 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में डीएमके नेता और तमिलनाडु के मंत्री आई पेरियासामी और उनकेपरिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया था. जस्टिस पी वेलमुरुगन ने सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर यह निर्देश दिया था. याचिका में पेरियासामी और उनके परिवार के सदस्यों को मामले से मुक्त करनेके विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी. इस मामले में ईडी की छापेमारी हो रही है.ईडी ने शनिवार को मनी लॉड्रिंग मामले में तमिलनाडु के मंत्री और वरिष्ठ डीएमके नेता आई पेरियासामी और उनके विधायक पुत्र आईपी सेंथिलकुमारसे जुड़े परिसरों की तलाशी ली. इसे लेकर डीएमके नेता कनिमोझी ने भाजपा को घेरा.

कांग्रेस ने मांगा जीएसटी 2.0 पर डिबेट, पीएम की दरों में कटौती की घोषणा के बाद रखी बड़ी मांग जानें क्या है पूरा मामला

कांग्रेस ने शनिवार को जीएसटी 2.0 पर व्यापक बहस के लिए जल्द ही एक आधिकारिक डिस्कशन पेपर जारी करने की मांग की. मुख्य विपक्षी दलसे सरकार से कहा है कि जीएसटी की मूल भावना गुड्स एंड सिंपल टैक्स होनी चाहिए न कि ग्रोथ स्प्रेसिंग टैक्स जो यह फिलहाल बना हुआ है. मुख्यविपक्षी पार्टी का यह बयान जीएसटी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से किए गए एक एलान के बाद आया है. 15 अगस्त के मौके पर पीएममोदी ने घोषणा की है कि इस साल दिवाली तक जीएसटी की दरें कम कर दी जाएंगी. इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं की कीमतें भी कम होजाएंगी. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार मुकदमेबाजी और कर चोरी से ग्रस्त आठ साल पुरानी व्यवस्था में सुधार करना चाहती है. विवाद हुआ समाप्तकांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कम से कम डेढ़ साल से उनकी पार्टी मौलिक बदलावों के साथ जीएसटी 2.0 की मांगकर रही है. 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के घोषणापत्र में जीएसटी 2.0 के जिक्र के बारे में बताते हुए कांग्रेस नेता रमेश ने शुक्रवार कोकहा कि ऐसा लगता है. प्रधानमंत्री को आखिरकार यह बात समझ आ गई है कि जब तक यह परिवर्तन नहीं होगा और निजी उपभोग और निजी निवेशमें वृद्धि नहीं होगी. आर्थिक विकास में तेजी नहीं आएगी. उन्होंने एक बयान में कहा, “पिछले सात वर्षों में, दरों की बढ़ती संख्या और अनेक छूटों केकारण जीएसटी की भावना दूषित हुई है ऐसा प्रतीत होता है कि इस ढांचे ने कर चोरी को भी बढ़ावा दिया है. दरों की संख्या में भारी कमी होनीचाहिए. कांग्रेस नेता ने कहा कि दर संरचना का सरलीकरण आवश्यक है लेकिन यह इस तरह से किया जाना चाहिए कि राज्यों के लिए राजस्वअनिश्चितता कम से कम हो और वर्गीकरण विवाद भी समाप्त हो जो बहुत आम हो गए हैं. किया जाना चाहिए समाधानउन्होंने कहा, “जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहा है. दर संरचना में इस बदलाव के कारण उत्पन्न किसी भी राजस्वअनिश्चितता को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर बदलाव जरूरी हैं. रमेश ने कहा कि अर्थव्यवस्था में प्रमुख रूप से रोजगार पैदा करने वाले एमएसएमईकी व्यापक चिंताओं का सार्थक ढंग से समाधान होइसके अलावा, कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्यों को बिजली, शराब, पेट्रोलियम और रियल एस्टेट कोभी जीएसटी के तहत कवर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.ना चाहिए उन्होंने कहा कि जीएसटी में बड़े प्रक्रियागत बदलावों के अलावा, अंतरराज्यीय आपूर्ति पर लागू होने वाली सीमा को बढ़ाना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि कपड़ा, पर्यटन, निर्यात, हस्तशिल्प और कृषि इनपुट जुड़ी चुनौतियां सामने आईं हैं इनका समाधान किया जाना चाहिए.

राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- ‘चोरी-चोरी चुपके-चुपके अब और नहीं’, लापता वोट पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर एक बार फिर चुनाव आयोग को घेरा है. राहुल गांधी ने लापता वोट लिखकर एक बॉलीवुड फिल्म कावीडियो साझा किया. उन्होंने लिखा कि चोरी चोरी, चुपके चुपके अब और नहीं, जनता जाग गई है. कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी करते हुए एक्स परलिखा कि आपके वोट की चोरी, अधिकारों की चोरी है. आइये हम सब मिलकर वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने अधिकारों को बचाएं. राहुल गांधी की ओर से जारी किए गए वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस थाने में यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि उसका वोट चुरा लिया गया है. लापता है वोटवह अधिकारियों से कहता है कि लाखों वोट चुराए जा रहे हैं इससे पुलिसकर्मी यह सोच में पड़ जाते हैं कि क्या उनका वोट भी चुराया गया है एकमिनट लंबे वीडियो का शीर्षक ‘लापता वोट’ है. इसे हाल ही में आई एक फिल्म के शीर्षक से लिया गया है. कांग्रेस ने बुधवार को भी एक वीडियोजारी किया। इसमें दिखाया गया कि कैसे फर्ज़ी वोट डाले जा रहे हैं. वीडियो में एक परिवार को मतदान केंद्र में प्रवेश करते हुए दिखाया गया है. जिसमेंदो व्यक्ति उन्हें बता रहे हैं कि उनके वोट पहले ही डाले जा चुके हैं और अंत में दोनों व्यक्ति फर्जी वोट डालते हैं, तथा मेज पर बैठे एक अधिकारी कोअंगूठा दिखाते हैं. जिसकी मेज पर चुनाव चोरी आयोग की डिस्प्ले प्लेट लगी है. रोडमैप की घोषणाकांग्रेस ने दावा किया है कि वोट चोरी उसके लिए करो या मरो का मुद्दा है और उसने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने आरोपों को लोगों तक लेजाने के लिए एक रोडमैप की घोषणा की है. कांग्रेस ने लोगों के लिए एक वेब पोर्टल भी शुरू किया है, जिसमें वे पंजीकरण करा सकते हैं और वोटचोरी के खिलाफ चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर सकते हैं. साथ ही डिजिटल मतदाता सूची की मांग के प्रति समर्थन व्यक्त कर सकते हैं. कांग्रेस और राहुल गांधी वोट चोरी का दावा करते हुए लगातार चुनाव आयोग को घेर रहे हैं. अब राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी करते हुए एक बारफिर आयोग को घेरा है.

अब निजी स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे मनमानी फीस, दिल्ली सरकार ने लागू किया नया शुल्क नियंत्रण कानून, अभिभावकों को मिली वीटो पावर

दिल्ली सरकार ने शहर के सभी 1,700 निजी स्कूलों को एक नए शुल्क नियंत्रण कानून के तहत शामिल किया है. इस कानून के अनुसार, अबअभिभावकों की भागीदारी होगी और उन्हें शुल्क बढ़ाने पर रोक लगाने का अधिकार (वीटो पावर) भी मिलेगा. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार कोजनकपुरी में आयोजित “अभिभावकों के टाउन हॉल” में बताया कि विधानसभा के मानसून सत्र में पारित दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण औरविनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 का उद्देश्य मनमानी फीस बढ़ोतरी को रोकना और फीस तय करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है. इससंवाद में लगभग 200 अभिभावकों ने भाग लिया, जहां मंत्री ने कानून के प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताया, जिसमें अनुपालन न करने पर दंड काप्रावधान भी शामिल था. 10 लाख का लगाया जाएगा जुर्मानाएक आधिकारिक बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि बिना सरकारी मंजूरी के फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर 1 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तकका जुर्माना लगाया जाएगा. और अगर अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया जाता है तो दोगुना जुर्माना भी लगाया जाएगा. इसमें कहा गया है कि यहअधिनियम शिक्षा निदेशक को उल्लंघनों के विरुद्ध एक समान कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के समान शक्तियां भी प्रदानकरता है. फीस विनियमन के दायरे में है आतेइसमें कहा गया है कि अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और सरकारी प्रतिनिधियों वाली समितियां स्कूल की फीस तय करने में शामिल होंगी. सूदने कहा कि नया कानून 1973 के नियमों की एक खामी को दूर करता है. जिसके तहत केवल 300 स्कूल ही फीस विनियमन के दायरे में आते थे. उन्होंने कहा, “अब, दिल्ली के सभी निजी स्कूल फीस विनियमन के दायरे में आएंगे. मंत्री ने निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण के लिए पारदर्शी व्यवस्थास्थापित करने में विफल रहने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना की.

सीमा विवाद पर भारत-चीन फिर आमने-सामने, 18 अगस्त को वांग यी आएंगे भारत, डोभाल संग होगी 24वें दौर की होगी वार्ता

भारत सरकार ने सीमा विवाद के मुद्दे पर चर्चा के लिए चीनी विदेश मंत्री के भारत दौरे की पुष्टि कर दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिकबयान में कहा कि ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्रीवांग यी 18-19 अगस्त 2025 को भारत दौरे पर आएंगे. विदेश मंत्री एस जयशंकर भी वांग यी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. वांग यी के भारतदौरे पर भारत-चीन सीमा के सवाल पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की बैठक होगी. इस बैठक में चीन की तरफ से विशेषप्रतिनिधि वांग यी और भारत की तरफ से एनएसए अजीत डोभाल शामिल होंगे. ट्रंप प्रशासन ने की आलोचनाचीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर वांग यी के भारत दौरे की जानकारी दी. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘सीपीसी केंद्रीय समिति केराजनीतिक ब्यूरो के सदस्य, विदेश मंत्री और चीन-भारत सीमा विवाद पर चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी 18 से 20 अगस्त तक भारत का दौराकरेंगे. भारतीय पक्ष के निमंत्रण पर सीमा विवाद पर चीन और भारत के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की बैठक होगी. वांग यी का यह दौराऐसे समय में हो रहा है, जब रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. भारत ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले कीआलोचना की और भारी-भरकम टैरिफ को अन्यायपूर्ण बताया. अमेरिका के टैरिफ के एलान के तुरंत बाद भारतीय एनएसए अजीत डोभाल ने रूस कादौरा किया. इसके बाद डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी को सीमा विवाद पर बातचीत के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे वांग यी नेस्वीकार कर लिया. 2019 में किया था भारत का दौराइसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए चीन दौरे पर जाएंगे. चीन 31 अगस्तसे 1 सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. प्रधानमंत्री मोदी पिछली बार जून 2018 में चीन दौरे पर गए थे इसकेबाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अक्टूबर 2019 में भारत का दौरा किया था. हालांकि, पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध के कारण दोनों देशों केबीच संबंधों तल्खी आ गई थी. हालांकि कई दौर की बातचीत के बाद सीमा पर तनाव कम हुआ. सीमा पर तनाव कम होने के बाद अक्टूबर, 2024 मेंरूस के कजान शहर में प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच बैठक हुई. इस बैठक में दोनों देशों के बीच के विभिन्न मुद्दों पर सहमति केलिए बातचीत को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक बैठक में भाग लेनेके लिए चीन दौरे पर जाएंगे. चीन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.

डूसू चुनाव 2025 में नई चुनौती एसैप मैदान में, एबीवीपी- एनएसयूआई को सीधी टक्कर “एसैप ने ठोकी ताल”

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2025 का शंखनाद हो गया है. इस साल चुनाव 18 सितंबर को होंगे. इन चुनावों में अभी तक भाजपाछात्र संगठन एबीवीपी और कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई के बीच टक्कर होती रही है. अब डीयू के चुनाव में आम आदमी पार्टी के छात्र संगठनएसैप की एंट्री हो गई है.आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन एसैप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एबीवीपी और एनएसयूआई ने कैंपस को वर्षों तक एक निजी ठेकेकी तरह चलाया. जहां पर सेटिंग करके बारी-बारी से डूसू छात्रसंघ पर कब्जा जमाए बैठे रहे अब यह चक्र टूटेगा. क्योंकि इस बार आम आदमी पार्टीका छात्र संगठन एसैप डूसू छात्र संघ चुनाव लड़ेगा, और सिर्फ लड़ेगा ही नहीं, बल्कि एबीवीपी और एनएसयूआई की गुंडागर्दी वाली राजनीति कोसीधी चुनौती देगा. बेहतर चाहता है बनानासैप का कहना है कि छात्र राजनीति कोई भाजपा और कांग्रेस नेताओं की जागीर नहीं हो सकती. नेतृत्व उस छात्र के हाथ में होना चाहिए, जो पढ़ाई मेंअच्छा है, मेहनती है. ईमानदार है और अपने कॉलेज व विश्वविद्यालय को बेहतर बनाना चाहता है. आप के छात्र संगठन का कहना है कि एसैप ने टिकटप्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक बना दिया है. हर छात्र को मौका मिलेगा, चाहे वो किसी भी भाषा, धर्म, जाति या आर्थिक पृष्ठभूमि सेआता हो. जो भी छात्र डूसू या कॉलेज यूनियन का चुनाव लड़ना चाहता है, उसे सिर्फ तीन आसान स्टेप पूरे करने होंगे, पहला- एक पंजीकरण फॉर्मभरना होगा. छात्र संगठन चुनावी मैदान मेंजिसकी आखिरी तारीख 25 अगस्त है. दूसरा- एक मिनट का वीडियो या ऑडियो जिसमें वह अपने मुद्दों को साफ़-साफ़ रखे, और तीसरा- 200-500 शब्दों में अपना एजेंडा बताए. कॉलेज यूनियन के लिए कम से कम 5 अलग-अलग सेक्शन से 10 छात्रों का समर्थन जुटाना होगा और डूसू के लिए 5 कॉलेजों से 50 छात्रों का, जिनके नाम, स्टूडेंट ID और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं. उम्मीदवार के पास पूरी कक्षा उपस्थिति होनी चाहिए कोई बैकलॉगनहीं, और न ही कोई अनुशासनात्मक या आपराधिक रिकॉर्ड हो. आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन एसैप दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव2025 के चुनावों में हिस्सा लेने जा रहा है। पहली बार पार्टी का छात्र संगठन चुनावी मैदान में है.

ईडी, CBI का दुरुपयोग कर रहा है केंद्र, सुप्रीम कोर्ट तक को दखल देना पड़ा मल्लिकार्जुन खरगे ने साधा जमकर सरकार पर निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए भाजपाकिसी भी हद तक अनैतिक कदम उठा सकती है. खरगे ने दावा किया कि देशभर में चुनाव से जुड़े बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं. उन्होंनेबिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानि एसआईआर प्रक्रिया को उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें विपक्ष के वोट खुलेआम काटे जा रहेहैं और जो लोग जीवित हैं उन्हें मृत घोषित किया जा रहा है. खरगे ने कहा कि सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा को 65 लाख लोगों के वोटकाटने पर कोई आपत्ति नहीं है. जीतने की नहीं है लड़ाईइससे साफ है कि इस प्रक्रिया से किसे फायदा हुआ उन्होंने कहा कि यह केवल चुनाव जीतने की लड़ाई नहीं है बल्कि भारत के लोकतंत्र और संविधानको बचाने की जंग है. उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग यह बताने को तैयार नहीं है कि किनके वोट काटेजा रहे हैं और किस आधार परकांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा किइन एजेंसियों का विपक्ष के खिलाफ इतने खुले तौर पर इस्तेमाल किया गया है कि देश के सर्वोच्च न्यायालय को भी इन्हें आईना दिखाना पड़ा। खरगेने कहा कि सत्ता पक्ष का यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा है. खरगे ने कहा कि भारत ने ‘गुटनिरपेक्ष नीति’ की वजह से जो विशेष स्थानहासिल किया था, वह अब खो चुका है. भविष्य के लिए चिंता का विषयउन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस सपने के साथ इस देश को आजाद कराया था वह सपना आज हमसे दूर जा रहा है यह स्थिति देश केलोकतंत्र और भविष्य दोनों के लिए चिंता का विषय है. अपने संबोधन में खरगे ने देशवासियों से अपील की कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा केलिए एकजुट हों. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक संघर्ष नहीं है, बल्कि देश की आत्मा को बचाने की लड़ाई है. खरगे ने जोर देकर कहा किसत्ता के लालच में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा परसत्ता में बने रहने के लिए अनैतिक कदम उठाने का आरोप लगाया. उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में विपक्षी वोट काटे जानेऔर जीवित लोगों को मृत घोषित करने की बात कही.

मोदी के डेमोग्राफी मिशन पर TMC का सवाल, क्या ये सिर्फ डर फैलाने की राजनीति?” वादे ज़्यादा, उपलब्धियां कम

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कई मुद्दों पर बात की. प्रधानमंत्री के संबोधन पर तृणमूल कांग्रेस ने हमला बोला है. टीएमसी ने कहा कि पीएम मोदी ने वादे ज्यादा किए, लेकिन उपलब्धियां कम बताईं. पार्टी ने आरोप लगाया कि पीएम ने घुसपैठियों को नया दुश्मनबताया. तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने भी एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनेस्वतंत्रता दिवस के भाषण में एक नए दुश्मन को निशाना बनाया. आंदोलनजीवियों आदि के बाद अब घुसपैठिए नए निशाने पर हैं. एक बार फिरपिछली सरकारों को निशाना बनाते हुए नए मिशन की घोषणा की गई है. उन्होंने सवाल किया कि मोदी 15 अगस्त को सच्चाई से भाषण कब देंगे. वादे थे बहुत ज्यादाजिसमें वे अपने 11 वर्षों के रिकॉर्ड के बारे में बताएंगे भाषण में उनके वादे तो बहुत ज्यादा थे, लेकिन उपलब्धि कम रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतमें घुसपैठ की समस्या को लेकर कहा कि देशवासियों के कल्याण के लिए सरकार ने हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का फैसला लिया है. पीएम मोदी ने कहा कि घुसपैठिए देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं. जब सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफी में बदलाव होता है तब देश की सुरक्षापर संकट होता है. पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज देश के सामने एक चिंता और चुनौती के संबंध में आगाह करना चाहता हूं. टीएमसी ने उठाए सवालषडयंत्र के तहत, सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है. एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं. ये घुसपैठिए मेरे देशके नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं. ये घुसपैठिये मेरे देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं. ये घुसपैठिए आदिवासियों के घरों में घुसकरउनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं ये देश सहन नहीं करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घुसपैठ को बड़ी समस्या बताया. उन्होंनेकहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सरकार सख्ती दिखाएगी. इसे लेकर टीएमसी ने सवाल उठाया.

दुनिया भारत की तरक्की से हुई है घबराई, RSS नेताओं की स्वतंत्रता दिवस पर चेतावनी भागवत ने दिए त्याग और मार्गदर्शन के मंत्र

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ओडिशा में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीयों कोआजादी के प्रति लापरवाह नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आजादी को जिंदा रखने के लिए हमें कड़ी मेहनत और त्याग करने की जरूरत है. संघप्रमुख ने साथ ही कहा कि विश्व की समृद्धि और शांति में भी हमें योगदान देना होगा. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भुवनेश्वर स्थित आरएसएसकार्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ‘एक स्वतंत्र भारत का पूरे विश्व के प्रति भी कर्तव्य है. दुनिया2,000 वर्षों से असंख्य समस्याओं का सामना कर रही है और उनसे पार पाने में असमर्थ है. उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्वजों ने सर्वोच्च बलिदान देकर भारतकी आजादी सुनिश्चित की. त्याग करने की है जरुरतहमें भी उनकी तरह मेहनती होने की जरूरत है और इसे जिंदा रखने, देश को आत्मविश्वासी बनाने और विवादों में उलझे विश्व का मार्गदर्शन कर विश्व गुरुबनने के लिए वैसा ही त्याग करने की जरूरत है.भागवत ने कहा’हमें आजादी इसलिए मिली ताकि सुनिश्चित कर सकें कि हमारे देश में हर कोई सुख, साहस, सुरक्षा, शांति और सम्मान से रह सके. हालांकि, दुनिया मुश्किल समय से गुजर रही है और ये हमारा कर्तव्य है कि हम विश्व को समाधान दें और धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित अपनेदृष्टिकोण से सुख और शांति से भरी एक नई दुनिया का निर्माण करें. भागवत ने कहा, ‘हमें आजादी इसलिए मिली ताकि यह सुनिश्चित हो सके किहमारे देश में हर कोई सुख, साहस, सुरक्षा, शांति और सम्मान से रह सके। हालांकि, दुनिया मुश्किल समय से गुजर रही है. यह हमारा कर्तव्य है कि हमविश्व को समाधान दें और धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित अपने दृष्टिकोण से सुख और शांति से भरी एक नई दुनिया का निर्माण करें. मुद्दे और संघर्ष रहे थे चलभागवत ने कहा कि दुनिया भर में पर्यावरण संबंधी मुद्दे और संघर्ष चल रहे हैं. ऐसे में हमें दुनिया का मार्गदर्शन करना चाहिए. 79वें स्वतंत्रता दिवस केअवसर पर, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने कहा, ‘दुनिया में हर कोई भारत को मजबूत नहीं देखना चाहता. हमें दोस्ती अर्जित करनी होगी, लेकिन आज कई शक्तियां भारत की तरक्की से खुश नहीं हैं. कुछ लोग इसलिए खुश हैं क्योंकि उनका मानना है कि अगर भारत आगे बढ़ता है, तोइससे उन्हें फायदा होगा. लेकिन कुछ शक्तियां भारत को दबाने और कुचलने की कोशिश करती हैं. हमें इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए. हमेंचुनौती स्वीकार करनी चाहिए और अपनी शक्ति और क्षमता का पूर्ण विकास करके एक आदर्श राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए. भागवत ने कहा, ‘हमेंआजादी इसलिए मिली ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे देश में हर कोई सुख, साहस, सुरक्षा, शांति और सम्मान से रह सके. हालांकि दुनियामुश्किल समय से गुजर रही है. यह हमारा कर्तव्य है कि हम विश्व को समाधान दें.