बिहार कैबिनेट की बड़ी सौगात प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस ₹100, रोजगार देने वाले उद्योगों को मुफ्त जमीन

आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहारवासियों के बड़ी सौगात दी है. सीएम नीतीश की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें वह प्रतियोगी परीक्षामें फीस और अधिक रोजगार देने वाले उद्योग को मुफ्त में जमीन देने समेत 16 महत्वपूर्व प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है. सीएम नीतीश कुमार ने स्वतंत्रतादिवस के अवसर पर बिहार की प्रतियोगी परीक्षाओं का शुल्क घटाकर 100 रुपये करने की घोषणा की थी. आज कैबिनेट से इसे पास कर दिया है. यानी बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, तकनीकी सेवा अयोग, पुलिस अवर सेवा आयोग, केंद्रीय सिपाही चयन पर्षद की ओरसे ली जाने वाली पीटी परीक्षा का शुल्क मात्र 100 रुपये ही लिया जाएगा वहीं मुख्य परीक्षा में कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा. प्रस्तावों पर लगाई मुहरसीएम नीतीश कुमार ने पथ निर्माण विभाग, वित्त, कृषि, सामान्य प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, गन्ना उद्योग, राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रस्तावों पर मुहर लगा दी. खास बात यह है कि मुख्यमंत्री ने राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वालेशिक्षकों की प्रावधानित राशि को बढ़ा दिया है. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025 से 2026 में शिक्षकों को 15 हजार की बदले 30 हजार रुपये देने काएलान किया है. इससे पहले 13 अगस्त की शाम सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई थी. इसमें सीएम ने 30 महत्वपूर्णप्रस्तावों पर स्वीकृति दी थी. अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया था कि रोजगार को बढ़ावा देने के लिए पटना के बख्तियारपुर, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा समेत कुछ जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के लिए सरकार जमीन का अधिग्रहण करेगी. जमीन का करेंगें अधिग्रहणवही गया एयरपोर्ट के विस्तारीकरण योजना के तहत कैट लाइट लगाने के लिए सरकार 18.2242 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगी. कैट 1 कीसुविधा मिलने के बाद इस हवाई अड्डा को ऑल वेदर एयरपोर्ट में शामिल किया जायेगा. वहीं जेपी आंदोलन के दौरान मीसा या डीआईआर के अधीनरहे एक माह से छह माह एवं छह माह से अधिक अवधि तक जेल में बंद रहे व्यक्तियों के सम्मान में पेंशन की राशि बढ़ा दी गई थी. अब इन्हें सातहजार की जगह 15 हजार की राशि पेंशन के तहत मिलेगी. वही 15 हजार के जगह 30 हजार की राशि मिलेगी. स्वतंत्रता दिवस के चार दिन बादसीएम नीतीश कुमार अपने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ कैबिनेट की बैठक की. उन्होंने जो घोषणाएं स्वतंत्रता दिवस पर की थी, उसे आजकैबिनेट में स्वीकृति दे दी है.
संसद में विपक्ष का हंगामा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दी कड़ी चेतावनी ‘सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर होगी निर्णायक कार्रवाई’

संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों ही सदनों लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. संसद के निचले सदन में विपक्ष का बर्तावआक्रामक होने की वजह से उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फटकार लगाई. उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष के ऐसे बर्ताव की वजह से उन्हेंनिर्णायक कार्रवाई करनी पड़ सकती है. दरअसल, सदन में विपक्ष प्रश्नकाल के दौरान हंगामा कर रहा था विपक्ष के नेता वेल तक पहुंच गए औरनारेबाजी करने लगे. वे एसआईआर और अन्य मुद्दों पर विरोध दर्ज करा रहे थे. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘यदि आप उसी ताकत से सवालपूछते हैं जिसके साथ आप नारे लगा रहे हैं तो यह देश के लोगों के लिए फायदेमंद होगा. सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शनलोगों ने आपको सरकारी संपत्ति को तोड़ने के लिए नहीं भेजा है और मैं आपसे अनुरोध करता हूं और आपको चेतावनी देता हूं कि किसी भी सदस्य कोसरकारी संपत्ति को तोड़ने का विशेषाधिकार नहीं है. यदि आप सरकारी संपत्ति को तोड़ने की कोशिश करते हैं. तो मुझे कुछ निर्णायक फैसले लेने होंगेऔर देश के लोग आपको देखेंगे. कई विधानसभाओं में ऐसी घटनाओं के लिए सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. मैं आपको फिर से चेतावनीदेता हूं. सरकारी संपत्ति को नष्ट करने की कोशिश न करें यह मेरा आपसे अनुरोध है.इससे पहले बिहार में चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ सोमवार को संसद भवन परिसर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया. ओम बिरला ने लगाई फटकारराज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने ‘वोट चोर, गड्डी छोड़’ और’वोट चोरी बंद करो’ के नारे लगाए. उन्होंने ‘वोट चोरी’ लिखा एक बड़ा बैनर और ‘SIR को रोको’ की मांग वाले पोस्टर भी लिए हुए थे. बिहार में चुनावआयोग की ओर से मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ सोमवार को संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं नेलोकसभा में भी जमकर नारेबाजी और हंगामा किया. इसे लेकर स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें फटकार भी लगाई.
उपराष्ट्रपति पद पर CP राधाकृष्णन की उम्मीदवारी पर बोले अखिलेश यादव, निर्णय INDIA ब्लॉक की बैठक के होगा बाद , चुनाव आयोग पर लगाया पक्षपात का आरोप

महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव नेप्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा उपराष्ट्रपति का पद खाली है. पहले जो उपराष्ट्रपति थे, वो अब कहां हैं? एक नया उपराष्ट्रपति चुना जाएगा. यह एक अच्छीबात है हम क्या फैसला लेंगे, यह अलग बात है। हम बैठकर तय करेंगे. उन्होंने कहा राजनाथ सिंह एक वरिष्ठ नेता हैं. वह उत्तर प्रदेश से हैं। वह रक्षामंत्री हैं. अगर वह बात करेंगे, हम बात करेंगे और अगर बातचीत की जरूरत होगी, तो हम बात करेंगे. लेकिन हमारी राजनीतिक लाइन स्पष्ट है अबइंडिया ब्लॉक को फैसला करना है. चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, वह जानबूझकर पिछड़ी जातियों के वोट काटता है और मीडियाके जरिए यह दिखाया जाता है कि उन्हें पिछड़ों का समर्थन मिल रहा है. जबकि सच्चाई यह है कि उनके वोट ही काटे जा रहे हैं. 2024 में नहीं हटाया एक भी अधिकारीहमारी सिर्फ इतनी मांग है कि अगर किसी जिलाधिकारी (डीएम) को सस्पेंड कर दिया जाए, तो पूरे देश में एक भी वोट नहीं कटेगा. उन्होंने आगे कहा, 2017 के चुनाव में चुनाव आयोग ने कई अधिकारियों को हटाया था. लेकिन 2019, 2022 और 2024 में एक भी अधिकारी नहीं हटाया गया. समाजवादी पार्टी की सरकार में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह सचिव तक बदले गए थे लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद यूपी में एक भीअफसर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. एक भी शिकायत पर कोई अधिकारी नहीं हटाया गया। क्यों? इसका मतलब है कि चुनाव आयोग भाजपा कीज्यादा सुनता है. अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया, छिबरामऊ के एक भाजपा विधायक ने अपने बूथ पर 400 फर्जी वोट डलवाए थे. हमनेउनमें से 200 से ज्यादा फर्जी वोट हटवाए. कन्नोज को लेकर कहा था कुछदिल्ली में सपा मुखिया ने कहा, मैं रिकॉर्ड पर कह रहा हूं कि जब ममता दीदी (बनर्जी) विधानसभा चुनाव हारी थीं, तब चुनाव आयोग सीधे थानाप्रभारी (एसओ) और पुलिस अधिकारियों से बात कर रहा था. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, अनुराग ठाकुर ने भी कन्नौज को लेकर कुछ कहाथा. लेकिन अगर ठाकुर पहले जोड़ दिया जाए, तो उसका मतलब ही बदल जाता है. हमारी बस इतनी सी मांग है कि बूथ स्तर के अधिकारी(बीएलओ) की नियुक्ति जाति के आधार पर न हो. पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति भी जाति के आधार पर न की जाए। उन्होंने दोहराया, मैं रिकॉर्डपर कह रहा हूं कि जब ममता दीदी विधानसभा चुनाव हारी थीं, तब चुनाव आयोग सीधे एसओ और पुलिस अधिकारियों से बात कर रहा था. एनडीएकी ओर से सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह अच्छी बात है, लेकिनफैसला इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद लिया जाएगा. अखिलेश ने चुनाव आयोग पर पिछड़ी जातियों के वोट जानबूझकर काटने और भाजपा कीज्यादा सुनने का भी आरोप लगाया. उन्होंने निष्पक्ष अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की.
उपराष्ट्रपति पद के लिए भाजपा का बड़ा दांव सौम्य और संघनिष्ठ CP राधाकृष्णन NDA के उम्मीदवार घोषित, धनखड़ की आक्रामक शैली से रणनीतिक बदलाव

भाजपा ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. रविवार को हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में सीपीराधाकृष्णन के नाम पर मुहर लग गई. सीपी राधाकृष्णन के नाम के एलान के साथ ही तय हो गया है कि भाजपा ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलावकिया है और जगदीप धनखड़ जैसे मुखर राजनेता की जगह अब सौम्य और समावेशी सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी देने काफैसला किया है. साल 2022 में जगदीप धनखड़ को जब एनडीए का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया था, तो उस वक्त जाटों द्वारा विरोधप्रदर्शन किया जा रहा था. ऐसे में हो सकता है कि सरकार ने जाटों को सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से जगदीप धनखड़ का चुनाव किया. विचारधारा के है मजबूत समर्थकजगदीप धनखड़ भाजपा के लिए बाहरी थे क्योंकि उनका संघ से जुड़ाव नहीं था और वे लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी में भी रहे. वहीं सीपी राधाकृष्णनका ताल्लुक तमिलनाडु से है और वे ओबीसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं. यह भाजपा की ओबीसी सोशल इंजीनियरिंग को भी मदद करता है. कर्नाटक कोछोड़कर भाजपा अभी तक दक्षिण भारत के राज्यों में अपने पैर नहीं जमा पाई है. तमिलनाडु में करीब डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। सीपीराधाकृष्णन के नाम का विरोध भी कई विपक्षी पार्टियां नहीं कर पाएंगी. सीपी राधाकृष्णन किशोरावस्था से ही संघ से जुड़े रहे हैं और भाजपा और संघकी विचारधारा के मजबूत समर्थक हैं. सरकार के साथ हुआ टकरावधनखड़ की पहचान एक उग्र वकील और मुखर राजनेता की है और उनकी राजनीतिक शैली टकराव वाली रही है. बंगाल में राज्यपाल रहने के दौरान भीकई बार उनका ममता बनर्जी सरकार के साथ टकराव हुआ. शायद इस टकराव का ही फायदा धनखड़ को मिला, जिसके चलते वे केंद्र सरकार कीनजर में आए और उन्हें पदोन्नति देकर उपराष्ट्रपति बनाया गया. सीपी राधाकृष्णन सौम्य और शांत स्वभाव के नेता माने जाते हैं, जिसके चलते वेसंवैधानिक भूमिका को ज्यादा बेहतर तरीके से निभा सकते हैं. धनखड़ पर विपक्षी नेता निष्पक्ष न होने का आरोप लगा चुके हैं. ऐसे में भाजपा कोजरूरत थी ऐसे नेता की जो उच्च सदन में संतुलन लेकर आए सीपी राधाकृष्णन इस लिहाज से भी मुफीद हैं. भाजपा ने सीपी राधाकृष्णन कोउपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जहां मुखर और आक्रामक शैली के नेता हैं वहीं सीपी राधाकृष्णन को लाकरभाजपा ने लगता है अपनी रणनीति में 180 डिग्री का बदलाव किया है.
ट्रंप का बड़ा बयान “यूक्रेन नाटो में शामिल नहीं होगा, क्रीमिया भी नहीं लौटेगा जेलेंस्की पर युद्ध खत्म करने का दारोमदार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगा दिया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन नाटो में शामिलनहीं होगा और न ही क्रीमिया (रूस के कब्जे वाला इलाका) उसे वापस मिलेगा. अभी पूरा फोकस यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर है. ट्रंप नेकहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अगर चाहें तो रूस के साथ जंग तुरंत समाप्त कर सकते हैं. ट्रंप ने आगे कहा कि कीव को नाटो कीसदस्यता नहीं लेनी चाहिए. इसके अलावा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासनकाल में रूसी कब्जे में लिया गया क्रीमिया भी वापस नहींकिया जाएगा. ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा, ‘यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की अगर चाहें तो रूस के साथ युद्ध तुरंत समाप्त कर सकते हैं या फिर वे लड़ाईजारी रख सकते हैं याद कीजिए कि यह कैसे शुरू हुआ था. यूरोपीय नेता नहीं मिले एक साथओबामा की ओर से दिया गया क्रीमिया वापस नहीं मिलेगा (12 साल पहले बिना एक भी गोली चलाए) और यूक्रेन का नाटो में शामिल होना भीसंभव नहीं है कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं. ट्रंप ने आगे कहा कि वह व्हाइट हाउस में कई यूरोपीय नेताओं के साथ एक खास दिन की तैयारी कर रहे हैंउन्होंने लिखा, ‘इतने सारे यूरोपीय नेता एक साथ कभी नहीं मिले. उनकी मेजबानी करना मेरे लिए सम्मान की बात है.’ एक अन्य पोस्ट में उन्होंने आगेकहा, ‘फर्जी खबरें यह कहेंगी कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए हमारे खूबसूरत व्हाइट हाउस में इतने सारे महान यूरोपीय नेताओं की मेजबानी करना एक बड़ीक्षति है. दरअसल, यह अमेरिका के लिए बहुत सम्मान की बात है. यह टिप्पणी सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को जेलेंस्की के साथ एक महत्वपूर्णबैठक से पहले आई है. नाटो भी बैठक में होंगें शामिलयूक्रेनी राष्ट्रपति के साथ शीर्ष यूरोपीय नेता और नाटो भी बैठक में शामिल होंगे. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, इतालवीप्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और नाटो महासचिव मार्क रूट ने भी अपनी उपस्थिति कीघोषणा की है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया, ‘सोमवार व्हाइटहाउस में एक बड़ा दिन है. इतने सारे यूरोपीय नेता एक साथ कभी नहीं आए. उनकी मेजबानी करना मेरे लिए सम्मान की बात है. उन्होंने यह भी लिखाकि यूक्रेन नाटो में शामिल नहीं होगा. कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं.
सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनने पर नायडू और पवन कल्याण ने जताया समर्थन, बताया ‘ईमानदार और प्रेरणादायक नेता’

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवारबनाए जाने का स्वागत किया. नायडू ने कहा कि राधाकृष्णन एक वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने हमेशा ईमानदारी और जनसेवा के मूल्यों को बनाए रखा है. उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन का लंबा राजनीतिक जीवन देश के लिए एक प्रेरणा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नायडू ने लिखा, राधाकृष्णनको राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने पर बधाई. वह एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, जिन्होंने देशकी लंबे समय तक सेवा की है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) उनके नामांकन का गर्मजोशी से स्वागत करती है और उन्हें पूरासमर्थन देती है. मजबूत दिशा में बताया अहम कदमइसी तरह उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी राधाकृष्णन को एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुने जाने पर बधाई दी. कल्याण नेकहा कि राधाकृष्णन का सफर- कोयंबटूर से दो बार सांसद रहना, झारखंड के राज्यपाल के रूप में सेवा देना और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल केरूप में कार्य करना- उनकी नेतृत्व क्षमता, समर्पण और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. कल्याण ने एक्स परलिखा, भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार के रूप में राधाकृष्णन के नामांकन पर हार्दिक बधाई. उपमुख्यमंत्री ने कहा किराधाकृष्णन का बड़ा अनुभव और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण उन्हें हमारे महान देश के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रेरणादायी विकल्पबनाता है. जनसेना पार्टी के संस्थापक कल्याण ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा का भी आभार जताया. उन्होंने इसेभारत के लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया. शेखर ने जाहिर की खुशीवहीं, एनडीए की ओर से राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर उनके कोयंबटूर के करीबी मित्र एसआर शेखर ने खुशीजाहिर की. उन्होंने कहा इस बात से मैं दो तरह से बहुत खुश हूं. पहली बात, केंद्र सरकार तमिलनाडु को एक और अवसर दे रही है, जबकि तमिलनाडु, पार्टी को बदले में कुछ भी नहीं दे रहा है. दूसरी बात, वह मेरे बहुत करीबी मित्र और सहयोगी हैं. हम 1997 से साथ काम कर रहे हैं. शेखर ने आगेकहा, एक दोस्त के रूप में वह बहुत अच्छे इंसान हैं और एक सांसद के रूप में भी वह बहुत अच्छे इंसान हैं. कोई भी व्यक्ति कभी भी उनसे मिल सकताहै मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने उन्हें चुना. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सीपीराधाकृष्णन को एनडीए का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर बधाई दी और समर्थन जताया दोनों नेताओं ने राधाकृष्णन की ईमानदारी, जनसेवा, और लंबे राजनीतिक अनुभव को सराहा. वहीं राधाकृष्णन के मित्र एसआर शेखर ने भी उनके नामांकन पर खुशी जताई.
PM मोदी ने किया 11,000 करोड़ की हाईवे परियोजनाओं का लोकार्पण, कहा दिल्ली बनेगा विकास का मॉडल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं काकिया. इन परियोजनाओं में दिल्ली खंड का द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) शामिल हैं. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिनगडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे. इस दौरान पीएम ने मुंडका में रोड शो किया, जिसमें उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. इस दौरान लोगों में भारी उत्साह नजर आया. पीएम मोदी ने कहा, ‘थोड़ी देर पहले दिल्ली कोद्वारका एक्सप्रेस वे और अर्बन एक्सटेंशन रोड की कनेक्टिविटी मिली है. इससे दिल्ली के, गुरुग्राम के और पूरे NCR के लोगों की सुविधा बढ़ेगी. दफ्तर आना-जाना, फैक्ट्री आना-जाना और आसान होगा, सभी का समय बचेगा. दुनिया कर रही है अनुभवहमारे व्यापारी, कारोबारी और किसानों को विशेष लाभ होने वाला है. नए एक्सप्रेसवे का सभी को लाभ मिलेगा. पूरे एनसीआर के लोगों को फायदाहोगा. दिल्ली विकास की क्रांति की साक्षी बनी. आज का भारत क्या सोच रहा है. उसके सपने और संकल्प क्या हैं? ये सबकुछ आज पूरी दुनियाअनुभव कर रही है दुनिया, जब भारत को देखती है, परखती है तो उसकी पहली नजर हमारी राजधानी दिल्ली पर पड़ती है दिल्ली को हमें विकास काऐसा मॉडल बनाना है. जहां सभी को महसूस हो कि हां, ये विकसित होते भारत की राजधानी है. पीएम ने कहा “अर्बन एक्सटेंशन रोड की एक औरविशेषता है ये दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने में मदद कर रही है. अर्बन एक्सटेंशन रोड को बनाने में लाखों टन कचरा काम में लाया गया है. यानी कूड़े के पहाड़ को कम करके उनके वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल सड़क बनाने में किया गया है. मुझे खुशी है कि रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्लीकी भाजपा सरकार यमुना जी की सफाई में भी लगातार जुटी हुई है। मुझे बताया गया है कि यमुना से इतने समय में 16 लाख मीट्रिक टन शिल्ट हटाईजा चुकी है. इतना ही नहीं, बहुत कम समय में ही दिल्ली में 650 DEVI इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं. भविष्य में ये इलेक्ट्रिक बसें करीब 2 हजारका आंकड़ा पार कर जाएंगी. सुरक्षित कर रहे है महसूसये ‘ग्रीन दिल्ली – क्लीन दिल्ली’ के मंत्र को और मजबूत करता है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, दिल्ली की मुख्यमंत्री होने के नाते मैंआपके(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) नेतृत्व में बिताए गए 5 महीने के गहरे प्रशासनिक अनुभव के आधार पर ये कह सकती हूं कि आप देश के वो दूरदर्शी नेताहै जिनकी सोच में भारत का हर नागरिक शामिल है. जिनकी नीति में भारत का हर प्रदेश बराबरी का हिस्सेदार है जिनके संकल्प में भारत का हर नागरिकअपने आप को सुरक्षित महसूस करता है. आप वह शक्ति हैं जिसने राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र हित को सर्वोपरि रखा. पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘हमदेखते हैं कि पिछली सरकारों ने दिल्ली को किस तरह बर्बाद किया, दिल्ली को एक तरह से गड्ढे में गिरा दिया था. मैं जानता हूं कि भाजपा की नईसरकार के लिए लंबे अरसे से बढ़ रही मुसीबतों से दिल्ली को बाहर निकालना कितना कठिन है। लेकिन, मुझे भरोसा है कि दिल्ली में जिस टीम कोआपने चुना है, वो मेहनत करके पिछले कई दशकों की समस्याओं से दिल्ली को बाहर निकाल कर रहेंगे.
लोकसभा में पेश होगा जन विश्वास संशोधन विधेयक 2025, छोटे अपराध होंगे अपराध मुक्त, कारोबार होगा आसान

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025 पेश करेंगे. यह विधेयक जीवन और व्यापारको सुगम बनाने के लिए कुछ छोटे अपराधों को अपराधमुक्त करेगा. लोकसभा की वेबसाइट पर प्रकाशित लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार, ‘मंत्रीजन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 पेश करेंगे, जिसका उद्देश्य जीवन और व्यापार को सुगम बनाने के लिए, विश्वास-आधारित शासनको और बेहतर बनाने के लिए अपराधों को अपराधमुक्त बनाने के लिए कुछ अधिनियमों में संशोधन करना है. इस विधेयक के माध्यम से 350 सेअधिक प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है. एक अधिकारी के अनुसार, इस कदम से देश में अधिक व्यवसाय और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने मेंमदद मिलेगी. यह विधेयक देश के व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने के सरकार के प्रयास का हिस्सा है। इससे पहले 2023 में, जन विश्वास(प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम पारित किया गया था. जिसके तहत 19 मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रशासित 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों को अपराधमुक्त कर दिया गया था. अप्रचलित कानूनों को भी किया गया रद्दइस अधिनियम के तहत सरकार ने कुछ प्रावधानों में कारावास और जुर्माने को हटा दिया है. कुछ नियमों में कारावास को हटा दिया गया और जुर्माने कोबरकरार रखा गया. जबकि कुछ मामलों में कारावास और जुर्माने को दंड में बदल दिया गया. 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने भी कहा ‘हमारे देश में ऐसे कानून हैं. जो सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगें, लेकिन इनमें मामूली बातों पर कारावास का प्रावधान हैं, औरकिसी ने कभी उन पर ध्यान नहीं दिया. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने यह सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया है कि ऐसे अनावश्यक कानून, जो भारतीयनागरिकों को सलाखों के पीछे डालते हैं, समाप्त किए जाएं. हमने पहले संसद में एक विधेयक पेश किया था. हम इसे इस बार फिर से लाए हैं सरकारने पहले 40,000 से ज्यादा गैरजरूरी अनुपालनों को समाप्त किया. साथ ही 1,500 से ज़्यादा अप्रचलित कानूनों को भी रद्द किया गया. चर्चा का रखा गया प्रस्तावसरकार ने भारतीय अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला की भारत वापसी के उपलक्ष्य में सोमवार को लोकसभा में ‘अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत केपहले अंतरिक्ष यात्री – 2047 तक विकसित भारत के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका’ विषय पर विशेष चर्चा का प्रस्ताव भी रखा है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने यह सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया है कि ऐसे अनावश्यक कानून, जो भारतीय नागरिकों को सलाखों के पीछे डालते हैं समाप्तकिए जाएं. हमने पहले संसद में एक विधेयक पेश किया था हम इसे इस बार फिर से लाए हैं.
जिस सरकार को गिराया, उसी नेता ने बनाया मुख्यमंत्री शरद पवार ने सुनाया सियासी किस्सा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि उन्होंने 1978 में वसंतदादा पाटिल के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार कोगिराने की पहल की थी. इसके बावजूद उन्होंने एक दशक बाद मुख्यमंत्री पद के लिए उनका नाम आगे बढ़ाया. शरद पवार ने शनिवार को पुणे में एककार्यक्रम में कहा कि उस समय कांग्रेस के पास इस तरह का उदार हृदय वाला नेतृत्व था. शरद पवार ने 1999 में कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था औरराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) बनाई. जुलाई 2023 में शरद पवार के भतीजे अजित पवार के तत्कालीन शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार मेंशामिल होने के बाद एनसीपी दोफाड़ हो गई.84 साल के राज्यसभा सांसद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी रहे. उन्होंने याद किया कि आपातकाल के बाद यह भव्य पुरानी पार्टी कांग्रेस (इंदिरा) और स्वर्णसिंह कांग्रेस में विभाजित हो गई. उस समय वह अपने गुरु यशवंतराव चव्हाण के साथ स्वर्ण सिंह कांग्रेस में ही रहे. कई नामों पर हुई चर्चालेकिन बाद में हुए चुनावों में किसी भी पक्ष को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा आखिरकार हम एकजुट हुए और वसंतदादा कोमुख्यमंत्री बनाया. हालांकि हममें से कई युवा कार्यकर्ताओं में कांग्रेस (आई) के प्रति नाराजगी थी, क्योंकि हम चव्हाण साहब के साथ जुड़े हुए थेइसलिए एक दूरी थी. दादा ने इसे पाटने की कोशिश की, लेकिन हमने इसका विरोध किया. उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘मैं प्रमुख विरोधियों में से एकथा. इस वजह से हमने सरकार गिराने का फैसला किया और हमने ऐसा किया. मैं मुख्यमंत्री बना. शरद पवार ने कहा, ‘मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं? क्योंकि10 साल बाद हम सब फिर से एकजुट हो गए थे. उन्होंने आगे कहा कि जब अगले मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लेने के लिए बैठक बुलाई गई तो कईनामों पर चर्चा हुई. पार्टी का करना है पुननिर्माणरामराव आदिक, शिवाजीराव निलंगेकर. पवार ने कहा, ‘लेकिन दादा ने कहा कि अब और चर्चा नहीं. हमें पार्टी का पुनर्निर्माण करना है शरद इसकानेतृत्व करेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कल्पना कीजिए कि जिस नेता की सरकार मैंने गिराई, उसने सब कुछ दरकिनार कर दिया और विचारधारा के लिएएकता को चुना. कांग्रेस में ऐसा ही उदार नेतृत्व था. शरद पवार ने कहा, ‘जब मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लेने के लिए बैठक बुलाई गई तो कई नामोंपर चर्चा हुई, लेकिन दादा ने कहा कि अब और चर्चा नहीं. हमें पार्टी का पुनर्निर्माण करना है शरद इसका नेतृत्व करेंगे.
दक्षिण कोरिया ने पहलगाम हमले की निंदा , भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ दिखाई एकजुटता चो ह्यून का बड़ा बयान

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने पहलगाम आतंकी हमले और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ एकजुटता जाहिर की. उन्होंनेकहा कि उनका देश भारत सरकार और भारत के लोगों के साथ खड़ा है. एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में चो ह्यून ने कहा कि दक्षिण कोरियाआतंकवाद के सख्त खिलाफ है. उन्होंने कहा’हम इस मुद्दे पर बहुत सख्त और दृढ़ हैं हम किसी भी आतंकवादी हमले के सख्त खिलाफ हैं हम भारतसरकार और भारत के लोगों के साथ खड़े हैं. भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था. 22 अप्रैल को पहलगामहमले में आतंकियों ने 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी. जवाब में भारत 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसमें सैकड़ों आतंकियों कोढेर कर दिया गया था. भारत ने पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए. भारत ने पाकिस्तान के हर दुस्साहस का जवाब दिया. हुए है और भी अच्छे बदलावउसके हर हमले को नाकाम किया और उसके हवाई ठिकानों पर बमबारी की. इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चो ह्यून के साथ द्विपक्षीय बैठककी. उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की दक्षिण कोरिया की ओर से निंदा के लिए आभार व्यक्त किया. साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि बाद मेंसियोल गए भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल की बहुत अच्छी बैठकें हुईं. जयशंकर ने कहा, ‘मैं 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले कीदक्षिण कोरिया की ओर से निंदा के लिए आभार व्यक्त करना चाहता हूं. इस तथ्य के लिए भी कि जब हमारा संसदीय प्रतिनिधिमंडल सियोल गया, तोमुझे लगता है कि उनकी बहुत अच्छी बैठकें हुईं, आपने स्वयं उनसे मिलने का प्रयास किया, यह ऐसी बात है जिसकी हम सराहना करते हैं.चो ह्यून ने कहा कि शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी अच्छी बैठक हुई. उन्होंने 2015 से 2017 तक दिल्ली में राजदूत के रूप मेंअपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। पिछले 10 वर्षों में और भी अच्छेबदलाव हुए हैं. दिल्ली आकर लग रहा है अच्छाचो ह्यून ने कहा कि दिल्ली वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है. जब वह लगभग 10 साल पहले इस शहर में आए थे, तो भारत की संस्कृति कीगहराई देखकर अभिभूत हो गए थे. मुझे भारत में कोरियाई राजदूत के रूप में सेवा करने पर बहुत गर्व है. इस दौरान मैंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व मेंभारत में हुए महत्वपूर्ण बदलावों को देखा. अब मैं पिछले 10 वर्षों में हुए और भी अच्छे बदलावों को देख रहा हूं. इसलिए मुझे यहां वापस आकर औरअपने दोस्तों से मिलकर बहुत खुशी हो रही है. चो ह्यून ने याद किया कि जब उन्होंने राजदूत के रूप में कार्य किया था, तब उनकी मुलाकात एसजयशंकर से हुई थी, जो 2015-18 तक विदेश सचिव के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और द्विपक्षीय संबंधोंको बढ़ाने के तरीकों की खोज की. उन्होंने कहा, ‘यह एक अच्छी बैठक थी। जब मैं यहां था और वह विदेश सचिव थे, तब मैं उनसे मिलता था. चो ह्यूनने कहा, ‘आज हमने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और अपने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया. साथ ही हमारे देशों केसामने मौजूद भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक चुनौतियों के समाधान पर भी चर्चा की.