विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा – विभाजन सिर्फ इतिहास नहीं, पीढ़ियों का दर्द है

कांस्टीट्यूशन क्लब में हुआ भावुक कर देने वाला कार्यक्रम14 अगस्त को पूरे देश में मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस से पहले, दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक भावुक कर देने वालाकार्यक्रम हुआ इस कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, भाजपा विधायक राजकुमार भाटिया, भाजपा विधायक शिखा राय, राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य दयानंद जी, प्रोफेसर सुनील बाबुराव कुलकर्णी, विजय इसरानी, जितिन राजपूत सहित सिंधी समाज केकई सम्मानित लोग मौजूद थे। यह आयोजन प्रगतिशील सिंधी समाज समिति द्वारा किया गया था, जिसमें विभाजन का दर्द झेल चुके बुजुर्गों कोसम्मानित किया गया। कई बुजुर्ग ऐसे थे, जिन्होंने अपने जीवन के सुनहरे साल अपने घर और जमीन छोड़कर शरणार्थी के रूप में बिताए। वीरेंद्र सचदेवा का संबोधन – विभाजन मानव इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाअपने संबोधन में वीरेंद्र सचदेवा ने कहा साल 1947 का विभाजन भारत के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी थी। लाखों निर्दोष लोगों ने अपनी जानगंवाई, करोड़ों लोगों को अपने घर-बार, खेत-खलिहान, दुकान, स्कूल, मंदिर और मस्जिद छोड़ने पड़े। उन्होंने कहा कि विभाजन कोई अचानक हुईघटना नहीं थी, बल्कि यह उस समय की गंदी राजनीति और सुनियोजित साजिश का नतीजा था। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के नेताओं ने अपने स्वार्थके लिए देश को दो टुकड़ों में बांट दिया। प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय की सराहनावीरेंद्र सचदेवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने उन लाखों परिवारों की वेदना को याद रखने के लिए हर सालविभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा उस समय की कांग्रेस सरकार ने इस दर्दनाक घटना को भुला देने की कोशिशकी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसे याद रखने और इससे सीख लेने का संकल्प दिलाया है। अखंड भारत का सपनावीरेंद्र सचदेवा ने कहा आज भी कुछ लोग जेहादी मानसिकता के साथ देश में रहते हैं, लेकिन अगर हम सब एकजुट रहें, तो अखंड भारत का सपनाजरूर पूरा होगा। यह सपना या तो हम देखेंगे या हमारी आने वाली पीढ़ियां देखेंगी, लेकिन यह सच जरूर होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वेअपने दिलों में एकता और देशभक्ति की भावना को हमेशा जीवित रखें। कार्यक्रम में मौन और श्रद्धांजलिकार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन में मारे गए निर्दोष लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभी ने संकल्पलिया कि वे समाज में भाईचारा, एकता और आपसी विश्वास को बढ़ावा देंगे, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। राजकुमार भाटिया – राजनीति ने तोड़ा लाखों परिवारों का दिलभाजपा विधायक राजकुमार भाटिया ने कहा देश की आजादी के बाद जब नक्शे पर लकीरें खींची जा रही थीं, तब नेताओं ने अपने राजनीतिक स्वार्थ केलिए मौन साध लिया था। जिन्ना और नेहरू की गंदी राजनीति के कारण लाखों परिवार एक-दूसरे से अलग हो गए। अपने ही देश में लोग शरणार्थीबनने पर मजबूर हो गए। आज भी उस दर्द को सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। शिखा राय – सिंधी समाज का संघर्ष और सफलताभाजपा विधायक शिखा राय ने कहा,यह दिन किसी उत्सव का नहीं, बल्कि उन दर्दनाक घटनाओं को याद करने का दिन है, जब एक ही परिवार केलोग सरहद के दोनों ओर बंट गए थे। उन्होंने सिंधी समाज की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने विभाजन की पीड़ा सहकर भी हार नहीं मानी, अपनेबच्चों को पढ़ाया-लिखाया और आज देश के हर बड़े पद पर सम्मान के साथ खड़े हैं। सिंधी समाज के योगदान का सम्मानकार्यक्रम में मौजूद कई बुजुर्गों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ ने बताया कि कैसे वे सिर्फ कपड़ों में लिपटे हुए अपने गांव-शहर से भागे थे, कैसेपरिवार बिछड़ गए और कैसे भूख-प्यास से लड़ते हुए उन्होंने नए सिरे से जीवन शुरू किया।प्रगतिशील सिंधी समाज समिति ने सभी को सम्मानित करते हुए उनके संघर्ष और योगदान को याद किया। इस आयोजन का संदेशयह कार्यक्रम केवल अतीत की घटनाओं को याद करने के लिए नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को यह बताना था कि हमें इतिहासकी गलतियों से सबक लेना चाहिए। इस दिन का मकसद यह है कि हम अपने दिलों में भाईचारा, एकता और अखंड भारत का सपना हमेशा ज़िंदा रखें, ताकि आने वाले समय में देश और मजबूत हो सके।
राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी का बड़ा आरोप

दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुलगांधी, जिन्हें वह भारतीय राजनीति का हमेशा जवान नेता बताते हैं, लगातार बेबुनियाद और अनर्गल बयान देते हैं, जिससे विपक्ष के नेता के पद कीगरिमा कम हो रही है। सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार देश की संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं। अब वे सत्ता खोने की हताशा में चुनावआयोग पर झूठे, बिना वजह और निराधार आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी का यह व्यवहार देश में भ्रम फैलाने और संस्थाओंकी छवि खराब करने वाला है। बेंगलुरु सेंट्रल सीट का उदाहरण देते हुए त्रिवेदी ने सवाल किया कि अगर यह आंकड़े चुनाव आयोग के नहीं हैं, तो राहुल गांधी को यह जानकारी कहांसे मिली कि वहां एक लाख फर्जी मतदाता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सिर्फ उन विधानसभा क्षेत्रों का ज़िक्र कर रहे हैं, जहां बीजेपीआगे थी, जबकि चामराजपेट और शिवाजीनगर जैसे क्षेत्रों में, जहां कांग्रेस को 60 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, वहां की बात उन्होंने बिल्कुल नहीं की। त्रिवेदी ने आगे कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी का यह रवैया केवल राजनीतिक लाभ लेने और जनता को गुमराह करने के लिए है, न कि सच्चाई सामने लाने के लिए।
सौरभ भारद्वाज का बीजेपी और दिल्ली सरकार पर हमला – जलभराव, डिसिल्टिंग घोटाले और लापरवाही के आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता कर राजधानी दिल्ली में बारिश के बाद की स्थिति, जलभराव, मौतोंऔर डिसिल्टिंग घोटाले को लेकर बीजेपी और दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में थोड़ा अंधेरा दिख रहाहोगा, जो पिछले 10–11 साल में शायद ही हुआ हो, क्योंकि लुटियंस दिल्ली में आम आदमी पार्टी के दफ्तर में आज बिजली नहीं है। बारिश से दिल्ली में तबाहीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। कल रक्षाबंधन के दिन बहनोंको कई-कई घंटे तक सड़कों पर फंसे रहना पड़ा। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे, 3 महिलाएंऔर 1 पुरुष शामिल थे। उन्होंने सबसे दर्दनाक हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि एक ढाई साल का बच्चा अपने घर से बाहर निकला औरसीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दिया कि वह सीवर में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। भारद्वाज ने कहा कि यह घटना सरकार की लापरवाहीका नतीजा है। डिसिल्टिंग पर करोड़ों खर्च, लेकिन काम अधूराभारद्वाज ने कहा कि बीजेपी जिस डिसिल्टिंग का प्रचार कर रही है, उस पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। पिछलेसाल उन्होंने एलजी (LG) और तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार को बार-बार पत्र लिखकर डिसिल्टिंग कार्य का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की मांगकी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह शिकायत उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला।पिछले महीने उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी पत्र लिखा, मगर वहां से भी जवाब नहीं आया। RTI में चौंकाने वाला जवाबभारद्वाज ने बताया कि जब उन्होंने RTI डाली कि उनके द्वारा डिसिल्टिंग ऑडिट के निर्देश पर क्या कार्रवाई हुई, तो मुख्य सचिव के दफ्तर से जवाबआया कि उनके पास इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। यहां तक कि यह भी कहा गया कि ऐसा कोई पत्र पुराने मुख्य सचिव नरेश कुमार को मिलाही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दिखाता है कि सरकार भ्रष्टाचार और सबूतों को मिटाने की कोशिश कर रही है। सरकारी रिकॉर्ड से पत्र गायबकरना गंभीर अपराध है और यह बताता है कि इस पूरे मामले में कुछ बड़ा गड़बड़ चल रहा है। बीजेपी नेताओं पर व्यंग्यसौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा के जलभराव निरीक्षण पर तंज कसा। उन्होंने कहा प्रवेश वर्मा को एक घड़ी दे दो, ताकि उन्हें पता चले किवे किस टाइम जोन में जी रहे हैं। जलभराव कल हुआ, बच्चे कल मरे और ये आज जाकर देखने निकले हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर आज पानी नहींमिलेगा, निरीक्षण तब होना चाहिए जब बारिश हो रही हो। बारिश के समय छतरी लेकर जाना चाहिए, न कि पानी सूखने के बाद। उन्होंने कहा किपिछली बार भी यही हुआ था, बारिश के बाद रेखा गुप्ता निरीक्षण करने गईं, जो जनता के साथ मजाक है। जनता के पैसे और जान से खिलवाड़सौरभ भारद्वाज ने कहा कि डिसिल्टिंग ऑडिट न कराना और उसके दस्तावेज गायब करना जनता के पैसों और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने रेखागुप्ता सरकार से पूछा कि आखिर दिल्ली में ऐसा कौन सा घोटाला चल रहा है, जिसके कारण इस मामले की सच्चाई छुपाई जा रही है।
दिल्ली में रेलवे लाइनों पर चला बड़ा सफाई अभियान – 200 टन कूड़ा हटाया गया

दिल्ली नगर निगम ने राजधानी को साफ-सुथरा बनाने के लिए एक खास सफाई अभियान चलाया। यह अभियान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दिल्ली कोकूड़े से आज़ादी मिशन का हिस्सा है। यह मिशन 1 अगस्त 2025 से शुरू हुआ है और इसका लक्ष्य है कि दिल्ली को पूरी तरह कचरा-मुक्त और साफबनाया जाए। पाँच बड़े इलाकों में सफाई8 अगस्त को इस मिशन के तहत निगम ने दिल्ली के पाँच क्षेत्रों – मध्य, करोल बाग, सिविल लाइंस, नरेला और केशवपुरम – में रेलवे लाइनों के पाससफाई की। इस दौरान करीब 200 टन कूड़ा हटाया गया। यह कचरा कई महीनों से जमा था, जिससे न सिर्फ गंदगी फैल रही थी बल्कि बीमारी फैलनेका खतरा भी बढ़ गया था। रेलवे और निगम की साझेदारीयह सफाई अभियान दिल्ली नगर निगम और भारतीय रेलवे ने मिलकर चलाया। रेलवे ट्रैक पर सफाई करना आसान काम नहीं होता, क्योंकि यहां ट्रेनेंभी चलती हैं और सुरक्षा का भी ध्यान रखना पड़ता है। फिर भी टीम ने मिलकर बड़े पैमाने पर कचरा हटाया। नरेला के स्वतंत्र नगर, केशवपुरम के जे.जे. कॉलोनी चौकी नंबर 4, अशोक विहार का लाल बाग, आजादपुर, मीत नगर और सबोली जैसे इलाकों में रेलवे ट्रैक के पास जमा कचरे को पूरी तरहसाफ किया गया। लोगों को जागरूक किया गयानिगम की टीम ने सिर्फ सफाई ही नहीं की, बल्कि रेलवे लाइनों के पास रहने वाले लोगों को समझाया भी। लोगों को बताया गया कि ट्रैक पर कचराडालना खतरनाक है। इससे गंदगी बढ़ती है, बदबू आती है और कई बार हादसे भी हो सकते हैं।लोगों से अपील की गई कि वे कचरा निगम की गाड़ियों (ऑटो टिपर) या नज़दीकी ढलाव घरों में डालें। साथ ही यह भी कहा गया कि सफाई बनाएरखना सिर्फ निगम की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। नेताओं और जनता की भागीदारीइस अभियान में दिल्ली नगर निगम के जनप्रतिनिधि, स्थानीय मोहल्ला समितियां, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। सभीने मिलकर सफाई की और दिल्ली को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया। जनप्रतिनिधियों ने खुद सफाई में हिस्सा लेकर लोगों को प्रेरित किया। इसदौरान कई जगह बच्चों और महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। सफाई से होंगे कई फायदेइस सफाई अभियान से न केवल इलाके सुंदर और साफ दिखेंगे, बल्कि मच्छर, मक्खी और बदबू की समस्या भी कम होगी। रेलवे ट्रैक के पास गंदगीहटने से यात्रियों को भी साफ-सुथरा माहौल मिलेगा और बीमारियों का खतरा घटेगा। साफ और सुंदर दिल्ली की दिशा में कदमदिल्ली को कूड़े से आज़ादी अभियान का मकसद है कि राजधानी हमेशा साफ और सुंदर रहे। निगम का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भीचलते रहेंगे, ताकि गंदगी दोबारा जमा न हो और लोगों की आदतों में भी बदलाव आए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि यह मिशन सिर्फ सफाईका नहीं, बल्कि लोगों की सोच बदलने का अभियान है। अगर सभी लोग मिलकर अपना कचरा सही जगह डालें और सफाई का ध्यान रखें, तो दिल्लीको हमेशा के लिए कचरा-मुक्त बनाया जा सकता है।
भाजपा मृतक शिक्षकों और कर्मचारियों के नाम पर कर रही है दिखावा – अंकुश नारंग

आम आदमी पार्टी के एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा और मेयर राजा इकबाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा किभाजपा के मेयर 11 अगस्त को ढोल-नगाड़ों के साथ एक कार्यक्रम करने जा रहे हैं, जिसमें मृतक शिक्षकों के परिवारों को शिक्षक कल्याण कोष सेपैसा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, पहले से नौकरी कर रहे करुणा आधारित कर्मचारियों को भी दोबारा नियुक्ति पत्र देकर प्रचार किया जाएगा।भाजपा को सरकार चलाना नहीं आताअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा को न तो सरकार चलाना आता है और न नया काम करना। वे सिर्फ दूसरे के किए गए कामों को अपने नाम से दिखातेहैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा सच में कुछ करके दिखाना चाहती है, तो ‘आप’ सरकार में 12 हजार कर्मचारियों को स्थायी करने केलिए पास प्रस्ताव को तुरंत लागू करे। जलभराव और सफाई में भी लापरवाहीअंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार है, फिर भी इस बार दिल्ली में जगह-जगह जलभराव हुआ। इसका कारण यहहै कि भाजपा ने नालों, नालियों और जालियों की सफाई के बजाय सिर्फ फोटो खिंचवाने और दिखावा करने में समय बिताया। उन्होंने कहा कि यहीरवैया अब एमसीडी के कार्यक्रमों में भी दिखाई दे रहा है। पुराने मामलों पर दिखावाउन्होंने बताया कि 11 अगस्त को होने वाला कार्यक्रम दरअसल 2016, 2018 और 2020 के पुराने मामलों से जुड़ा है। उस समय एमसीडी में भाजपाकी ही सरकार थी। तब दक्षिण एमसीडी में हर शिक्षक की तनख्वाह से 1,000 रुपये सालाना काटे जाते थे और मृत्यु होने पर परिवार को 7 लाखरुपये मिलते थे। वहीं, पूर्वी और उत्तरी एमसीडी में 500 रुपये काटे जाते थे और मृत्यु पर 5 लाख रुपये मिलते थे, क्योंकि वहां तनख्वाह देने में भीदिक्कत होती थी। 2022 में ‘आप’ सरकार के आने के बाद पूरे एमसीडी में यह नियम एक जैसा कर दिया गया। अब सभी शिक्षकों से 1,000 रुपयेकाटे जाते हैं और मृत्यु पर परिवार को 7 लाख रुपये मिलते हैं। 2016 से 2024 तक जिन परिवारों को यह राशि देनी है, अब भाजपा उसी राशि कोदेने का कार्यक्रम कर रही है और इसे भी दिखावे का मंच बना रही है। करुणा आधारित कर्मचारियों को भी बना रहे प्रचार का साधनअंकुश नारंग ने कहा कि इस कार्यक्रम में 29-30 करुणा आधारित (कम्पैशनेट ग्राउंड) कर्मचारियों को भी बुलाया गया है। ये वे लोग हैं जिनके परिवारमें किसी की मृत्यु के बाद ‘आप’ सरकार में पहले ही नौकरी मिल चुकी है। फिर भी इन्हें दोबारा बुलाकर नियुक्ति पत्र देना सिर्फ ड्रामेबाजी है, ताकिमीडिया कवरेज मिल सके। जनता की उम्मीदों पर खरी उतरे भाजपाअंकुश नारंग ने कहा कि अगर भाजपा सच में एमसीडी में काम करना चाहती है, तो सभी कर्मचारियों को स्थायी करे और नई भर्तियां खोले। उन्होंने कहाकि मृत्यु और दुख जैसे मामलों में प्रचार करना बेहद शर्मनाक है। भाजपा और मेयर को ऐसे कार्यक्रम करने की बजाय असली काम करना चाहिए, ताकि दिल्ली की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके।
भूपेंद्र यादव का आरोप – राहुल गांधी के झूठ और बयान देश के लिए खतरनाक

कांग्रेस के झूठ पर भूपेंद्र यादव का प्रहारकेंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर कांग्रेस ने जो झूठ फैलानेकी कोशिश की, वह पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। देश की जनता ने चुनाव में कांग्रेस के इन झूठों को नकारा है और आने वाले वर्षों में भी नकारतीरहेगी। राहुल गांधी का फेक नैरेटिव हुआ ध्वस्तभूपेंद्र यादव ने कहा कि राहुल गांधी ने ‘इलेक्टोरल फ्रॉड’ यानी चुनावी गड़बड़ी का एक झूठा माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन उनके अपने हीआंकड़े इस झूठ को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का झूठ अगर सिर्फ मजाक होता, तो बात अलग थी, लेकिन यह भारतीय लोकतंत्र केलिए खतरनाक है, क्योंकि यह देश की चुनावी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा तोड़ने की कोशिश है। चुनाव आयोग के कर्मचारियों को धमकीभूपेंद्र यादव ने राहुल गांधी के एक हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा राहुल गांधी ने कहा कि जब वे सत्ता में आएंगे, तो चुनाव आयोग के बड़ेऔर छोटे अधिकारियों को इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विपक्ष के नेता द्वाराऐसी धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करना उनके पद के अनुरूप है? उन्होंने कहा कि यह बात साफ दिखाती है कि राहुल गांधी देश की संवैधानिकसंस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोपभूपेंद्र यादव ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश की संवैधानिक संस्थाओं – चाहे वह चुनाव आयोग हो, सुप्रीम कोर्ट हो या सेना – पर सवाल उठातेरहते हैं। यह तरीका भारत को कमजोर करने की साज़िश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा रखनाचाहिए, न कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए झूठ और डर का माहौल बनाना चाहिए। सेना और सुप्रीम कोर्ट पर भी निशाना साधने का आरोपभूपेंद्र यादव ने कहा कि अगर कोई हमारी सेना के साहस और शौर्य पर हमला करता है, तो वह राहुल गांधी हैं। वे सेना के बलिदान पर सवाल उठाने सेपीछे नहीं हटते। इसके अलावा, वे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों की भी आलोचना करने से कभी नहीं चूकते, जो देश की न्याय व्यवस्था के लिए सहीनहीं है।जनता का भरोसा लोकतंत्र की ताकतभूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता के भरोसे और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती पर टिका है। अगर कोई बार-बार इन संस्थाओं कोबदनाम करने की कोशिश करेगा, तो यह सीधे तौर पर देश की जड़ों को कमजोर करने जैसा होगा। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दलों कोलोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए, न कि झूठ और अफवाह फैलाकर लोगों का भरोसा तोड़ना चाहिए।
दिल्ली में खेल क्रांति की शुरुआत,बच्चों और खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा तोहफ़ा- आशीष सूद

मुख्यमंत्री से मिले बच्चों और युवा खिलाड़ीदिल्ली विधानसभा में एक बहुत ही खास कार्यक्रम हुआ। दिल्ली के अलग-अलग सरकारी स्कूलों, खेल अकादमियों और ओलंपिक संघ से जुड़े कईबच्चे और युवा खिलाड़ी मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता से मिलने आए। बच्चों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहा और उनकी नई घोषणाओं का बहुतस्वागत किया। इन बच्चों की आँखों में सपने थे और दिल में उम्मीद थी। उन्होंने महसूस किया कि अब दिल्ली सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें आगे बढ़ने का पूरामौका दे रही है। दिल्ली में बनेगा ‘खेल और युवा मामलों‘ का अलग विभागमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ी और नई घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार अब खेल और युवा मामलों के लिए एक अलग विभाग बनाएगी।इसका मतलब यह है कि अब खिलाड़ियों और युवाओं की ज़रूरतों पर खास ध्यान दिया जाएगा। जो भी खिलाड़ी या छात्र खेल में आगे बढ़ना चाहताहै, उसे अब समय पर मदद, सुविधा और मार्गदर्शन मिलेगा। देश की सबसे बड़ी इनामी राशि दिल्ली देगीमुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार अब ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को देश की सबसे बड़ी इनामी राशि देगी। अब तक इतनी बड़ीइनामी राशि किसी राज्य ने नहीं दी है।स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतने पर 7 करोड़ रुपयेरजत पदक (Silver Medal) जीतने पर 5 करोड़ रुपयेकांस्य पदक (Bronze Medal) जीतने पर 3 करोड़ रुपये इतना ही नहीं, इन विजेता खिलाड़ियों को दिल्ली सरकार सरकारी नौकरी भी देगी, जिससेउनका भविष्य सुरक्षित हो सके। हर क्षेत्र में खुलेंगे खेल प्रशिक्षण केंद्र (कोचिंग सेंटर)मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे दिल्ली में हर इलाके में खेल कोचिंग सेंटर खोले जाएंगे। इन सेंटरों में खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण, अच्छे कोच, और ज़रूरीखेल उपकरण दिए जाएंगे। इससे अब कोई भी बच्चा सिर्फ इसलिए पीछे नहीं रहेगा क्योंकि उसके पास पैसे नहीं हैं या सुविधा नहीं है। पुराने स्टेडियम होंगे नए और आधुनिकदिल्ली में कई स्टेडियम बहुत पुराने और खराब हालत में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी स्टेडियमों को अब पुनर्निर्मित (फिर से बनाया) कियाजाएगा। हर स्टेडियम में आधुनिक खेल उपकरण लगाए जाएंगे और साफ़-सुथरे माहौल में खिलाड़ी अपना अभ्यास कर सकेंगे। बच्चों से मुख्यमंत्री का संवाद मेहनत करो, नाम रोशन करोमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बच्चों से बड़ी ही प्यार भरी बात कही। उन्होंने कहा अब सरकार ने इनाम तय कर दिए हैं, लेकिन असली इनाम तब मिलेगा जबआप मेहनत करके देश और दिल्ली का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से वादा लिया कि वे खूब पढ़ाई करेंगे, खूब मेहनत करेंगे, और ओलंपिकजैसे बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतेंगे। आशीष सूद का संदेशआशीष सूद भी इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी की ये नई घोषणाएं एक खेल क्रांति की शुरुआत हैं। अब दिल्ली का हर बच्चाचाहे किसी भी परिवार से हो, उसे बराबरी का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ प्रतिभा (टैलेंट) चाहिए, बाकी सब जिम्मेदारी सरकारउठाएगी। अब हर बच्चे को मिलेगा आगे बढ़ने का पूरा मौका मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की यह पहल एक नई सोच की शुरुआत है। अब दिल्ली के बच्चेऔर युवा खिलाड़ी सिर्फ सपना नहीं देखेंगे, बल्कि उन्हें पूरा करने का रास्ता भी मिलेगा। सरकार का यह कदम यह दिखाता है कि अगर इरादा मजबूतहो, तो हर बच्चा चमक सकता है।
संबित पात्रा का राहुल गांधी पर तीखा हमला – देश, सेना और संस्थाओं का अपमान स्वीकार नहीं

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया प्रेस वार्ता पर गंभीर आपत्ति जताते हुएकई तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयान सिर्फ राजनैतिक नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, शहीदों के सम्मान और लोकतांत्रिकसंस्थाओं पर सीधा हमला हैं। राहुल गांधी ने पुलवामा और ऑपरेशन सिंदूर को ‘बहाना‘ कहापात्रा ने सबसे पहले राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलवामा और ऑपरेशन सिंदूर एक बहाना था। इस परप्रतिक्रिया देते हुए डॉ. पात्रा ने कहा क्या हमारे शहीद जवानों की कुर्बानी को राहुल गांधी सिर्फ बहाना मानते हैं? क्या ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें हमारेजांबाज़ सैनिकों ने आतंकवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता हासिल की, वह भी एक बहाना था? उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि देश के प्रति संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने पूछा कि क्या यह बयान पाकिस्तान को खुश करने के लिए दिया गया है? क्या राहुल गांधी पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे हैं?भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान को निर्दोष साबित करने जैसा है। उन्होंने कहा हम सभी जानते हैं किपुलवामा हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ था। लेकिन राहुल गांधी ने अपने बयान से उस सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिशकी है। पात्रा ने यह भी याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गांधी से एक बार सवाल किया था — क्या आप सच्चे भारतीय हैं? और आज उनकेबयान ने उसी सवाल को फिर से जगा दिया है।राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को दी धमकी?संबित पात्रा ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर दिए गए बयान पर भी गहरी आपत्ति जताई। राहुल गांधी ने कहा था अगर मेरी प्रेस वार्ता पर जवाबनहीं आया, तो घातक परिणाम होंगे। इस पर डॉ. पात्रा ने कहा यह भाषा एक जिम्मेदार नेता की नहीं हो सकती। यह सीधा-सीधा धमकी है, जोसंवैधानिक संस्थाओं को डराने का प्रयास है। उन्होंने पूछा राहुल गांधी यह स्पष्ट करें कि उनके अनुसार ‘घातक परिणाम’ का क्या मतलब है? क्या अबकोई भी नेता चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संस्था को खुलेआम धमकाएगा? जहाँ जीत मिलती है, वहाँ चुप क्यों रहते हैं?पात्रा ने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ उन्हीं राज्यों में चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवालउठाती है, जहाँ उन्हें हार मिलती है। उन्होंने कहा जिन राज्यों में कांग्रेस जीतती है, वहाँ कभी प्रेस कॉन्फ़्रेंस नहीं होती, ना ही ईवीएम या वोटर लिस्ट परसवाल उठते हैं। लेकिन हार मिलते ही सारी संस्थाएँ गलत नजर आने लगती हैं। उन्होंने इसे मीठा-मीठा गप-गप, और कड़वा-कड़वा थू-थू कीमानसिकता बताया और कहा कि जनता इस ‘चुनिंदा विरोध’ को अच्छी तरह समझती है। वोटर लिस्ट पर दोहरी नीति का आरोपराहुल गांधी ने अपने बयान में वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए, जिस पर डॉ. पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा अगर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की बात करतेहैं, तो बिहार में तेजस्वी यादव के दो वोटर कार्डों पर क्यों नहीं बोलते? क्या वे सच्चाई से जनता को दूर रखना चाहते हैं? उन्होंने आगे कहा राहुल गांधीको चाहिए था कि वे आज की प्रेस वार्ता में तेजस्वी यादव के दोनों वोटर कार्ड दिखाते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इससे साफ है कि कांग्रेस सिर्फचुनिंदा मुद्दों को उठाकर जनता को गुमराह करना चाहती है।देश की जनता सब देख रही हैसंबित पात्रा ने अंत में कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी अब देश के लिए खतरे बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा हमने वर्षों विपक्ष में रहते हुए भी कभीसंवैधानिक संस्थाओं का अपमान नहीं किया, लेकिन राहुल गांधी बार-बार वही कर रहे हैं उन्होंने अपील की कि जनता इन बातों को गंभीरता से ले औरयह समझे कि देश की सुरक्षा, लोकतंत्र और संस्थाओं की गरिमा को चोट पहुँचाना कितना खतरनाक हो सकता है।
राहुल गांधी का आरोप – चुनाव में वोट चोरी हुई है

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बड़ा आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट चोरी की है। उनका कहना है किइस चुनाव में कम से कम 25 लोकसभा सीटों पर गड़बड़ी हुई, जिससे भाजपा को जीत मिली और नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बने। 25 सीटें, 33 हज़ार से कम वोटों का अंतरराहुल गांधी ने बताया कि भाजपा ने जिन 25 सीटों पर जीत दर्ज की, वहां पर उनका जीत का अंतर 33,000 वोटों से भी कम था। यह वही सीटें थींजो सरकार बनाने के लिए ज़रूरी थीं। राहुल गांधी बोले, प्रधानमंत्री बनने के लिए उन्हें 25 सीटों की जरूरत थी, और उन्होंने वहीं से चुनाव जीता जहांगड़बड़ी हुई। चुनाव आयोग पर गंभीर आरोपराहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात और सच्चाई छुपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमने कई बार डिजिटल वोटर लिस्ट मांगी, लेकिननहीं दी गई।, हमने सीसीटीवी फुटेज मांगी, लेकिन वो भी नहीं दी गई। आयोग ने जो जानकारी दी, वो बहुत कठिन भाषा और कागजों में दी, ताकिकोई जांच न कर सके। राहुल गांधी बोले कि अगर चुनाव आयोग ईमानदार है तो उसे सब कुछ सार्वजनिक करना चाहिए। बेंगलुरु सेंट्रल सीट – वोट चोरी का उदाहरणकांग्रेस ने कर्नाटक की बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट की जांच की। यहां चुनाव में भाजपा को 6,58,915 वोट मिले और कांग्रेस को 6,26,208 वोट।भाजपा ने यह सीट 32,707 वोटों से जीती।लेकिन जब उन्होंने महादेवापुरा विधानसभा क्षेत्र (जो इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है) की जांच की, तो वोट चोरी के बड़े सबूत मिले। 1 लाख से ज़्यादा फर्जी वोट पाए गएमहादेवापुरा विधानसभा में कांग्रेस को 1,15,586 और भाजपा को 2,29,632 वोट मिले। यानी सिर्फ इस एक विधानसभा सीट पर भाजपा को1,14,046 वोटों की बढ़त मिली। यहीं से पूरे लोकसभा का नतीजा पलट गया। जांच में पाया गया कि 1,00,250 वोट फर्जी थे, जो इस प्रकार थेगड़बड़ी का प्रकार संख्या,डुप्लीकेट वोटर 11,965,फर्जी/गलत पते 40,009,एक पते पर कई वोटर 10,452,गलत फोटो वाले वोटर 4,132,फॉर्म-6 का गलत इस्तेमाल 33,692 क्यों नहीं दी जाती इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट?राहुल गांधी ने बताया कि अगर चुनाव आयोग हमें डिजिटल (सॉफ्ट) वोटर लिस्ट दे देता, तो सिर्फ 30 सेकंड में पूरी जांच हो जाती। लेकिन उन्होंने 7 फीट लंबे कागजों में लिस्ट दी, जिन्हें पढ़ना और मिलान करना 6 महीने का काम बन गया। इस काम में 30-40 लोगों की टीम ने नाम, पते और फोटोको मिलाकर देखा और गड़बड़ी पकड़ी। महाराष्ट्र, हरियाणा में भी गड़बड़ी का शकराहुल गांधी ने बताया कि महाराष्ट्र और हरियाणा में भी चुनाव नतीजे और वोटिंग पैटर्न में अजीब बातों को देखा गया। 5:30 बजे के बाद भारी वोटिंगका दावा, जबकि पोलिंग एजेंट्स ने कहा कि कोई भीड़ नहीं थी। एक करोड़ नए वोटर अचानक जुड़ गए, जो पहले नहीं थे। लोकसभा में जीत मिली, लेकिन विधानसभा में हार, यह भी संदेह पैदा करता है। अब हमारे पास पूरे सबूत हैंराहुल गांधी बोले पहले हमारे पास सिर्फ शक था, लेकिन अब हमारे पास पूरा डेटा है, पूरे सबूत हैं। अब चुनाव आयोग को बहाने नहीं बनाने चाहिए।उन्होंने साफ कहा कि अगर चुनाव आयोग और उसके अफसरों ने लोकतंत्र के साथ धोखा किया है, तो जब सत्ता बदलेगी तब सबको जवाब देना होगा, चाहे वो कितने बड़े पद पर क्यों न हों। ये सिर्फ मेरी नहीं, देश की लड़ाई हैराहुल गांधी ने जनता से कहा कि यह मुद्दा सिर्फ कांग्रेस या विपक्ष का नहीं है, बल्कि हर नागरिक के भविष्य और लोकतंत्र की रक्षा का है। उन्होंने कहाआज वोट की चोरी हो रही है, कल आपकी आज़ादी और अधिकार छीने जा सकते हैं।हम सबको मिलकर लोकतंत्र को बचाना है। आगे क्या होगा?राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता अब इस मुद्दे को लेकर बेंगलुरु में एक मार्च निकालेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जागरूकता फैलाई जाएगी, ताकि लोग जानें कि कैसे उनका वोट चुराया जा रहा है।
विधायकों की आवाज को अनसुना कर रही है सरकार? – संजीव झा का आरोप

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने एक गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोपलगाया कि सरकार के नए आदेश के कारण जिलाधिकारी (डीएम) और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जैसे अधिकारी अब विधायकों के फोन नहीं उठारहे हैं। मुख्यमंत्री के आदेश बने अफसरों के लिए बहानासंजीव झा ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार अब विधायक या मंत्री अगर किसीडीएम या एसडीएम को बैठक में बुलाना चाहें, तो पहले उन्हें मुख्य सचिव से अनुमति लेनी होगी। इस आदेश का हवाला देते हुए कई अफसर अबजनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठा रहे हैं। संजीव झा ने कहा, मैं खुद कई बार डीएम को कॉल कर चुका हूं, लेकिन उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया। अबउन्हें सीएम के आदेश का बहाना मिल गया है। सदन की अवमानना है यह आदेशसंजीव झा ने इस आदेश को न केवल विधायकों का अपमान बताया, बल्कि इसे विधानसभा की गरिमा के खिलाफ भी कहा। उन्होंने इसे सदन कीअवमानना करार दिया और विधानसभा अध्यक्ष से अपील की कि वे सरकार को यह आदेश तुरंत वापस लेने का निर्देश दें। उन्होंने कहा, यह आदेशसिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि हर विधायक और मंत्री के अधिकारों का हनन करता है। अगर कार्यपालिका (ब्यूरोक्रेसी) ऐसे ही चुने हुए जनप्रतिनिधियों कोनजरअंदाज करती रही, तो लोकतंत्र की पूरी व्यवस्था ही कमजोर हो जाएगी। ब्यूरोक्रेसी जनता के प्रतिनिधियों को रोकने का रास्ता खोज रही हैसंजीव झा ने अफसरशाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्यूरोक्रेसी हमेशा ऐसे मौके की तलाश में रहती है, जिससे वह जनप्रतिनिधियों के कामों कोटाल सके या रोक सके। उन्होंने कहा, जनता ने हमें चुनकर सदन में भेजा है। अगर हम अफसरों से बात तक नहीं कर सकते, तो फिर जनता की सेवाकैसे करेंगे? विधानसभा अध्यक्ष से संजीव झा की अपीलविधायक संजीव झा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ही इस स्थिति में हस्तक्षेप कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अध्यक्ष उनके द्वारा दिए गएविशेषाधिकार हनन के नोटिस को स्वीकार करेंगे और सीएम के आदेश को रद्द करवाएंगे। उन्होंने कहा, यह सिर्फ मेरी लड़ाई नहीं, पूरे सदन औरलोकतंत्र की लड़ाई है। हर विधायक की बात सुनी जानी चाहिए, चाहे वह सत्ता पक्ष में हो या विपक्ष में। लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च हैअपने भाषण के अंत में संजीव झा ने कहा कि जनता ही लोकतंत्र की असली मालिक है और उसी जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करनासीधे संविधान का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि, क्या अफसरशाही चुने हुए नेताओं से ऊपर है? अगर सीएम का यह आदेश जारी रहा, तोअफसर आगे भी विधायकों की बातों को नजरअंदाज करते रहेंगे। संजीव झा ने दिल्ली सरकार के इस आदेश को लोकतंत्र और विधायकों की भूमिकाके खिलाफ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर चुने हुए जनप्रतिनिधियों को ही अफसर नजरअंदाज करेंगे, तो जनता की समस्याएं कौन सुनेगा? उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि वह इस आदेश को तुरंत वापस लेने के निर्देश दें ताकि विधायकों और अफसरों के बीच संवाद बना रहे औरजनसेवा की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।