मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन का त्योहार

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सेवा सदन में छोटे बच्चों के साथ त्योहार मनाया। यह नज़ारा बहुत हीप्यारा और दिल को छू लेने वाला था।बच्चों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वादइस खास मौके पर दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और दिल्ली नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों के छात्र-छात्राएं मुख्यमंत्री सेवा सदन पहुंचे। बच्चों नेमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को राखी बांधी और उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों को सुंदर उपहार दिए और उनके साथ मिलकर त्योहारकी खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री का पहला रक्षाबंधन बच्चों के साथरेखा गुप्ता ने कहा कि यह उनका बतौर मुख्यमंत्री पहला रक्षाबंधन है और इसे बच्चों के साथ मनाकर वे बहुत ही खुश हैं। उन्होंने कहा रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और विश्वास का त्योहार है। यह हमें अपने समाज, परिवार और मूल्यों की रक्षा करने की प्रेरणा देता है।दिल्ली को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने का संकल्पमुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के मौके पर कहा कि अब हम सबको मिलकर दिल्ली को एक साफ़, सुरक्षित और हरा-भरा शहर बनाना है। उन्होंने कहा कि यहसिर्फ सरकार की नहीं, हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है कि वह दिल्ली को सुंदर बनाए। हर बहन को सम्मान, हर भाई को जिम्मेदारीमुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सपना है कि एक ऐसा समाज बने जहाँ हर बहन को पूरी इज्जत और सुरक्षा मिले और हर भाई को अपने कर्तव्यों का बोधहो। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का मतलब केवल राखी बांधना नहीं है, बल्कि एक-दूसरे की रक्षा का वादा करना है। दिल्लीवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएंमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी दिल्लीवासियों को रक्षाबंधन की बधाई दी। उन्होंने कहा मैं सभी बहनों की खुशियों और आत्मबल की कामना करती हूंऔर भाइयों को मेहनत से आगे बढ़ने व देश को मजबूत बनाने की शुभकामनाएं देती हूं। प्यारा और प्रेरणादायक माहौलमुख्यमंत्री सेवा सदन में बच्चों की मुस्कान, राखियों की मिठास और प्रेमभरे संवादों से माहौल बहुत ही भावनात्मक और प्रेरणादायक हो गया था। बच्चोंने गीत भी गाए और त्योहार को रंग-बिरंगे अंदाज़ में मनाया। त्योहारों से जुड़ता है समाजमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह दिखा दिया कि त्योहार केवल औपचारिकता नहीं होते, बल्कि ये समाज और भावनाओं को जोड़ने का माध्यम होते हैं।उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर न सिर्फ रक्षाबंधन मनाया, बल्कि सभी को यह संदेश भी दिया कि दिल्ली को साफ, सुरक्षित और सुंदर बनाने के लिएहम सबको मिलकर काम करना होगा।
दिल्ली में झामुमो का चुनावी चमत्कार शिबू सोरेन ने MCD में रचाया इतिहास, तीन बार जीते पार्षद

झारखंड की क्षेत्रीय पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का न तो दिल्ली में कोई संगठित ढांचा है और न ही बड़ा जनाधार. इसके बावजूद पार्टीप्रमुख शिबू सोरेन एमसीडी चुनाव में इतिहास रच चुके हैं. झामुमो ने लगातार वर्ष 1997, 2002 और 2007 के चुनाव में विष्णु गार्डन विधानसभाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ख्याला और गुरु हरिकिशन नगर वार्ड से पार्षदों को विजयी बनाकर सभी को चौंका दिया था.शिबू सोरेन ने वर्ष 1997 और 2002 में दिग्गज नेता दयानंद चंदेला और उनकी पत्नी धनवंती चंदेला को टिकट दिया था। पति-पत्नी ने झामुमो केटिकट पर चुनाव लड़ते हुए जीत दर्ज की थी. दिल्ली के स्थानीय सामाजिक समीकरणों और मजबूत ग्रामीण जनसमर्थन के दम पर सोरेन ने साबितकिया कि राष्ट्रीय पार्टियों के बिना भी क्षेत्रीय संगठन, यदि स्थानीय मुद्दों और जनभावनाओं से जुड़ा हो. तो वह चुनावी सफलता प्राप्त कर सकता है. उधर, वर्ष 2007 के एमसीडी चुनाव में चंदेला परिवार की अगली पीढ़ी ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया. भाजपा सरकार के खिलाफ खोला था मोर्चाइस चुनाव में दयानंद चंदेला के बेटे मेघराज चंदेला और पुत्रवधू मीनाक्षी चंदेला ने झामुमो के ही टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसकेबाद चंदेला परिवार कांग्रेस में चला गया और सोरेन ने भी दिल्ली में अन्य किसी नेता पर दांव नहीं लगाया. दिलचस्प बात यह रही कि दिल्ली कीराजनीति में शिबू सोरेन की पार्टी की यह सफलता सिर्फ चुनावों तक सीमित नहीं रही. वर्ष 1998 में जब भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री साहिब सिंहवर्मा को हटाया तो इसके विरोध में दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में बड़े स्तर पर आंदोलन खड़ा हुआ था. उस समय झामुमो भी इस जन आंदोलन मेंखुलकर शामिल हुआ था. वर्ष 1998 में विधानसभा चुनाव से पहले साहिब सिंह वर्मा के पैतृक गांव मुंडका के पास घेवरा मोड़ स्थित वर्तमान में उनकीसमाधि स्थल पर सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत का आयोजन हुआ था. जिसमें झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन स्वयं पहुंचे थे. उन्होंने ग्रामीणों केआंदोलन को समर्थन देते हुए दिल्ली की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था. अपनी पकड़ की स्थापितइस मौके पर उन्होंने दिल्ली के ग्रामीण समाज को आश्वासन दिया था कि उनकी पार्टी हमेशा उनके हक और अधिकार की लड़ाई में साथ खड़ी रहेगी. इस तरह, एक क्षेत्रीय पार्टी होते हुए भी झामुमो ने दिल्ली के शहरी-ग्रामीण सीमा पर बसे इलाकों में अपनी पकड़ स्थापित की थी. शिबू सोरेनएमसीडी चुनाव में इतिहास रच चुके हैं. झामुमो ने लगातार वर्ष 1997, 2002 और 2007 के चुनाव में विष्णु गार्डन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले ख्याला और गुरु हरिकिशन नगर वार्ड से पार्षदों को विजयी बनाकर सभी को चौंका दिया था.
इंग्लैंड में गूंजी सिराज की गेंदबाज़ी, 23 विकेट लेकर लौटे स्वदेश एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी रही बराबरी पर

इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सफल सीरीज के बाद भारतीय खिलाड़ी अब स्वदेश पहुंच रहे हैं. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज बुधवार को लंदन सेमुंबई पहुंचे जहां से उन्होंने हैदराबाद की उड़ान भरी. सिराज का प्रदर्शन इंग्लैंड दौरे पर शानदार रहा और उन्होंने कुल 23 विकेट झटके. वह इस सीरीजमें सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे जिसकी मदद से भारत यह सीरीज बराबर करने में सफल रहा था.भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 की बराबरी पर छूटी. भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की अगुआई में गई थी. रोहितशर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के बिना भी टीम ने इस दौरे पर दमदार प्रदर्शन किया. सिराज ने विशेष रूप से चमक बिखेरी. उन्होंनेइंग्लैंड दौरे पर सभी पांच टेस्ट मैच खेले और कुल 185.3 ओवर तक गेंदबाजी की. जमकर की थी प्रशंसाउन्होंने इस दौरान 23 विकेट चटकाए जिसमें से नौ विकेट पांचवें टेस्ट मैच में लिए यह सिराज का किसी टेस्ट द्विपक्षीय सीरीज में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. सिराज ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे जहां कुछ प्रशंसकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. स्वदेश पहुंचने पर फैंसने सिराज से सेल्फी और ऑटोग्राफ देने की मांग की, लेकिन सिराज आगे बढ़े क्योंकि उन्हें हैदराबाद के लिए उड़ान भरनी थी. सिराज फिर अपने गृहनगर हैदराबाद एयरपोर्ट पर नजर आए. वहां भी वह फैंस से घिरे दिखे. इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय खिलाड़ी समूहों में स्वदेश के लिए रवाना हुए हैं. सिराज से पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर मंगलवार को स्वदेश पहुंचे और दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्होंने मीडिया से बात भी की थी. गंभीरने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई थी और कप्तान गिल तथा सिराज की जमकर प्रशंसा की थी. शानदार किया प्रदर्शनगंभीर ने कहा था, मैं खुश हूं और मुझे लगता है कि खिलाड़ी इसके हकदार थे मोहम्मद सिराज ने शानदार प्रदर्शन किया. हालांकि, सिर्फ सिराज हीनहीं, बल्कि पूरी टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। मेरे लिए कोई एक नाम लेना कठिन है, लेकिन चाहे शुभमन हो या सिराज या कोई और, मेरे ख्याल सेपिछले दो महीनों में सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज बुधवार को लंदन से मुंबई पहुंचे जहां से उन्होंने हैदराबाद की उड़ान भरीभारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 की बराबरी पर छूटी.
कर्तव्य भवन आधुनिक भारत की नई प्रशासकीय बनेंगी पहचान, मंत्रालयों को मिलेगा स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल परिसर जानें क्या होगा शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन का उद्घाटन किया . विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक साथ लाकरकर्तव्य भवन में शिफ्ट किया जाएगा जिससे दक्षता, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा. इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकासमंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय/विभाग और प्रधान वैज्ञानिकसलाहकार (पीएसए) के कार्यालय होंगे. सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए ऐसे कुल 10 भवनों का निर्माण होना है. इनमें से कर्तव्य भवन-3 बनकर तैयार हो गया है, इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. साथ ही वह शाम छह बजे कर्तव्य पथ पर एकसार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे. परियोजना पूरी होने के बाद किराये के तौर पर खर्च होने वाले 1500 करोड़ रुपये की बचत होगी. लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस अत्याधुनिक कार्यालय परिसर में दो बेसमेंट और सात मंजिलें (भूतल+6 मंजिल) हैं. वर्तमान में, कईप्रमुख मंत्रालय 1950 और 1970 के दशक के बीच निर्मित शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतों से कामकरते हैं जो 1950-70 के दशक में बनाई गई थीं. भवन में सुरक्षित और आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कमांडसेंटर, सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं हैं. यह पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को भी बढ़ावा देता है. जिसमेंअपशिष्ट जल का पुन: उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं. इमारत को ठंडा रखने और बाहरी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए इसमेंकांच की विशेष खिड़कियां लगाई गई हैं. कर्तव्य भवन को 30 प्रतिशत कम ऊर्जा खपत के लिए तैयार किया गया है. ऊर्जा की बचत करने वालीएलईडी लाइटें, जरूरत न होने पर लाइटें बंद करने वाले सेंसर, बिजली बचाने वाली स्मार्ट लिफ्ट्स और बिजली के उपयोग को प्रबंधित करने की एकउन्नत प्रणाली लगाई गई है. नई लाइन बनाने का प्रस्तावशहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 के सभागार में पत्रकारों से चर्चा में बताया कि अगले महीने तक कर्तव्यभवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी बनकर तैयार जाएंगे. दोनों का काम लगभग अंतिम चरण में है। प्रस्तावित अन्य सात भवन भी अप्रैल 2027 तकबनकर तैयार हो जाएंगे. इस परियोजना पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे. मंत्रालयों के लिए बनाए जा रहे इन भवनों में तकनीक, सुरक्षा वपर्यावरण अनुकूलता का पूरा ख्याल रखा गया है. पूरे भवन की निगरानी के लिए एक कमांड सीसीटीवी सेंटर भी बनाया गया है,जहां से परिसर व अंदरके गलियारों पर पैनी नजर रखी जाएगी. खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए नवनिर्मित इन नए भवनों को पहले कामन सेंट्रलसेक्रेटेरिएट (सीसीएस) नाम दिया गया था. इन कर्तव्य भवनों को मेट्रो लाइन से जोड़ने के लिए इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से एक नई लाइन बनाने का प्रस्तावकिया गया है. भवन आदि है शामिलमंत्री खट्टर ने एक सवाल के जवाब में बताया कि मंत्रालयों के नए और अत्याधुनिक भवनों को बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि जो मौजूदा भवनहैं वह 1950 से 1970 के बीच बनाए गए थे. ये सभी पुराने हो गए है. इनका सालाना रखरखाव काफी महंगा हो गया था गौरतलब है कि मौजूदासमय में केंद्र सरकार के पास करीब 55 मंत्रालय और 93 विभाग मौजूद है. ये अभी नार्थ और साउथ ब्लाक के साथ कृषि भवन, शास्त्री भवन, उद्योगव निर्माण भवन आदि शामिल है.
दिल्ली भाजपा कार्यालय में रक्षाबंधन का उत्सव – वीरेंद्र सचदेवा को महिला मोर्चा और छात्राओं ने बाँधी राखी

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदेश कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें भावनाओं, अपनत्वऔर भाईचारे से भरा वातावरण देखने को मिला। इस कार्यक्रम में महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और दिल्ली के विभिन्न स्कूलों की छात्राओं नेभाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस आयोजन का नेतृत्व दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षऋचा पांडे मिश्रा ने किया। उनके साथ महिला मोर्चा की प्रभारी श्यामबाला, मोर्चा महामंत्री प्रियल भारद्वाज, सरिता तोमर और सुश्री वैशाली पोद्दारसहित कई अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थीं। सभी बहनों ने वीरेंद्र सचदेवा को राखी बांधी और मिठाइयों, गीत-संगीत और शुभकामनाओं के साथरक्षाबंधन का त्योहार मनाया। छात्राओं ने बाँधी ‘बीजों की राखी’इस अवसर को और भी खास बनाने के लिए विभिन्न स्कूलों से आई छात्राओं ने पर्यावरण का संदेश देती हुई बीजों की राखी वीरेंद्र सचदेवा को बाँधी।इन राखियों में छोटे-छोटे बीज लगे थे, जिन्हें मिट्टी में बोया जा सकता है। यह पहल पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सुंदर औरप्रेरणादायक तरीका था। वीरेंद्र सचदेवा ने जताया भावुक धन्यवादराखी बंधवाने के बाद श्री वीरेंद्र सचदेवा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा रक्षाबंधन सिर्फ एक त्यौहार नहीं है, यह हमारे सामाजिक औरसांस्कृतिक मूल्यों की जीवंत झलक है। महिला मोर्चा की बहनों ने जो स्नेह और अपनापन दिया, वह मेरे लिए अमूल्य है। उन्होंने आगे कहा,यहराखियाँ सिर्फ कलाई पर नहीं, दिल पर बंधती हैं। इनमें सेवा, समर्पण और अपनत्व का अद्भुत संदेश छिपा है। रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम औरसुरक्षा के बंधन का प्रतीक है। यह पर्व हमें आपसी भरोसे और सामाजिक सौहार्द की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। 256 सेवा बस्तियों में रक्षाबंधन मनाएगा महिला मोर्चामहिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ऋचा पांडे मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष महिला मोर्चा रक्षाबंधन को पूरे दिल्ली में 256 सेवा बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ियों में मनाएगा। उन्होंने कहा हमारी बहनें भाजपा के झुग्गी विस्तारकों और पालकों के साथ मिलकर मिठाई बाँटेंगी, राखी बाँधेंगी और अपनत्वका संदेश पहुँचाएंगी। यह कार्यक्रम न सिर्फ रक्षाबंधन का पर्व है, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि यह पहलभाजपा के सेवा भाव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने की सोच को दर्शाती है। दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा का यह रक्षाबंधन कार्यक्रम सिर्फ एक पारंपरिक आयोजन नहीं था, बल्कि इसमें सामाजिक सेवा, पर्यावरण जागरूकताऔर आपसी प्रेम का सुंदर संगम देखने को मिला।प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को महिला मोर्चा की बहनों और स्कूल की बच्चियों द्वारा राखी बाँधना इस बात का प्रतीक था कि भारतीय संस्कृति मेंरिश्तों की मिठास को केवल घरों तक नहीं, समाज के हर कोने तक पहुँचाया जा सकता है। इस कार्यक्रम ने दिखाया कि कैसे एक पारंपरिक पर्व को सेवा, समर्पण और समाज जोड़ने के कार्य से जोड़ा जा सकता है। यह आयोजन न केवलसफल रहा बल्कि एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
दिल्ली विधानसभा में हुआ ऐतिहासिक बदलाव, जनता के हित में लाया गया नया शिक्षा कानून – वीरेन्द्र सचदेवा

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आज से शुरू हुआ दिल्ली विधानसभा का सत्र एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने बताया कि इस बारविधानसभा में कई ऐसे काम हुए हैं जो पहले कभी नहीं हुए। विधानसभा को सौर ऊर्जा से चलने वाली और कागज़ के बिना काम करने वाली यानीडिजिटल बना दिया गया है। अब विधानसभा चलेगी सूरज की रोशनी सेवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि अब दिल्ली विधानसभा सूरज की रोशनी से पैदा हुई बिजली से चलेगी। इससे बिजली की बचत होगी और प्रदूषण भीकम होगा। यह काम सिर्फ 5 महीनों में पूरा हुआ है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है।उन्होंने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने और सोच के कारण हो सका है। उनकी सोच है कि देश में हर जगह बदलाव औरपारदर्शिता लाई जाए। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता ने इस बदलाव को बहुत जल्दी और पूरीमेहनत से किया है। अब विधानसभा में नहीं होगा कागज़ का इस्तेमालउन्होंने बताया कि अब दिल्ली विधानसभा में सारा काम कंप्यूटर और टैबलेट से होगा। इससे न केवल पेड़ों की कटाई रुकेगी बल्कि काम में भी तेज़ीऔर पारदर्शिता आएगी। यह देश की पहली विधानसभा है जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलेगी और पूरी तरह कागज़ रहित होगी। नया शिक्षा कानून मध्यम वर्ग के लिए राहतवीरेन्द्र सचदेवा ने बताया कि आज सदन में एक बहुत ज़रूरी शिक्षा विधेयक (कानून) लाया गया है। इस कानून के ज़रिए निजी स्कूलों की मनमानीफीस पर रोक लगेगी। इससे मध्यम और गरीब परिवारों को राहत मिलेगी। अब निजी स्कूल अपनी मर्जी से ज़्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। पिछली सरकारों ने 27 साल तक कुछ नहीं कियावीरेन्द्र सचदेवा ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन दोनों पार्टियों की सरकारें दिल्ली में 27 साल तक रहीं, लेकिन इन्होंने कभी स्कूल फीस को लेकर कोई कानून नहीं बनाया। अब जब भाजपा सरकार ने कानून लाया है तो ये लोग सवाल उठा रहे हैं। रिपोर्ट से खुली केजरीवाल सरकार की सच्चाईउन्होंने यह भी बताया कि आज विधानसभा में महालेखा परीक्षक (सी.ए.जी.) की दो रिपोर्टें रखी गईं। इन रिपोर्टों से साफ हो गया कि केजरीवालसरकार ने जनता के पैसों का गलत इस्तेमाल किया और भ्रष्टाचार किया। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्टें दिखाती हैं कि पिछली सरकार ने दिल्ली को बहुतनुकसान पहुँचाया। प्रधानमंत्री का सपना हो रहा है पूरावीरेन्द्र सचदेवा ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि देश में हर जगह ईमानदारी, पारदर्शिता और विकास हो। दिल्ली मेंभाजपा सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में दिल्ली में और भी अच्छे बदलाव होंगे और जनता कोइसका सीधा लाभ मिलेगा।
गौरव भाटिया बोले – राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना का अपमान, देश की संप्रभुता पर चोट

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहाकि उनका बयान न केवल भारतीय सेना के शौर्य का अपमान है, बल्कि यह देश की संप्रभुता और अखंडता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। राहुल गांधी ने सेना के बलिदान पर उठाए सवालगौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में यह दावा किया कि चीन की सेना ने दो हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय भूभाग पर कब्जा कर लियाहै और अरुणाचल प्रदेश में हमारे सैनिकों को पीटा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने बीस भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी है। भाटिया ने तीव्रप्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब हमारी सेना ने साहस दिखाया, अपनी जान की परवाह किए बिना चीनी सेना को पीछे धकेला, तब राहुल गांधी जैसेनेता ऐसे बयान देकर सेना का मनोबल तोड़ते हैं। उन्होंने पूछा – क्या राहुल गांधी उस समय वहाँ मौजूद थे? उन्हें कैसे पता चला कि इतनी ज़मीन परकब्ज़ा हुआ? क्या वह चीन की भाषा बोल रहे हैं? सर्वोच्च न्यायालय ने भी टिप्पणी कीगौरव भाटिया ने बताया कि राहुल गांधी के इस बयान पर सर्वोच्च न्यायालय की दो न्यायाधीशों की पीठ ने भी नाराज़गी जाहिर की और कहा – अगरआप सच्चे भारतीय होते, तो ऐसा बयान नहीं देते। यह टिप्पणी अपने आप में गंभीर है और एक जनप्रतिनिधि की सोच पर सवाल उठाती है। उन्होंनेकहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी को यह जानकारी कैसे प्राप्त हुई? क्या वह स्वयं उस क्षेत्र में मौजूद थे? देश के विरोध में खड़ी होती दिख रही कांग्रेसगौरव भाटिया ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने भारत विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। हर बार जब देश की सुरक्षाऔर सेना का विषय आता है, राहुल गांधी विदेशी ताक़तों की भाषा बोलते नज़र आते हैं। उन्होंने कहा कि यह बयान उस समय आया है जब पूरा देशएकजुट होकर सीमा की रक्षा कर रहे जवानों के साथ खड़ा है। ऐसे समय में विपक्ष के नेता द्वारा इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करनादुर्भाग्यपूर्ण है। देश की संप्रभुता को कमजोर कर रहे हैं राहुल गांधीगौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी देश के उस पद पर बैठे हैं जहाँ से उन्हें संविधान की शपथ लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा करनीचाहिए, लेकिन उनके बयान उसी शपथ के विपरीत प्रतीत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब एक सांसद देश की सेना और सीमाओं को लेकर गलत औरअपमानजनक बात कहता है, तो यह केवल राजनीति नहीं रह जाती, यह राष्ट्रहित का प्रश्न बन जाता है। भारतीय जनता पार्टी का सीधा सवालगौरव भाटिया ने अंत में कहा क्या राहुल गांधी की बातों में राष्ट्र का हित है या राष्ट्रविरोधी ताक़तों का समर्थन?, क्या यह बयान केवल चीन कीरणनीति को मजबूत करने के लिए दिया गया है? उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी इस प्रकार के हर राष्ट्रविरोधी बयान का विरोध करेगी औरजनता के सामने इसकी सच्चाई रखेगी।
संजीव झा बोले – यह विधेयक निजी स्कूल मालिकों की मदद के लिए लाया गया है, न कि जनता के लिए

आम आदमी पार्टी के विधायक और विधायक दल के मुख्य सचेतक श्री संजीव झा ने भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे स्कूल फीस बिल पर गंभीरसवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सीधे तौर पर निजी स्कूलों को संरक्षण देने के लिए लाया गया है, न कि बच्चों और उनके माता-पिता केहित में। आम आदमी पार्टी के शासन में फीस नहीं बढ़ी, अब धड़ल्ले से बढ़ रही हैसंजीव झा ने कहा कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब पूरे 10 वर्षों तक किसी भी निजी स्कूल को मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने कीअनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन जैसे ही दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी, सभी निजी स्कूलों ने अपनी फीस में भारी वृद्धि कर दी। अब यह बिललाकर उस ग़ैरकानूनी फीस वृद्धि को वैधता दी जा रही है। फीस निर्धारण समिति में पक्षपात की संभावनाउन्होंने कहा कि जो समिति फीस तय करेगी, उसमें पाँच सदस्य स्कूल प्रबंधन से होंगे और पाँच सदस्य अभिभावकों से। इसके अतिरिक्त एक सरकारीपर्यवेक्षक होगा। अब यदि अभिभावकों और प्रबंधन के सदस्य 5-5 की बराबरी में हों और मतभेद हो जाए, तो निर्णय अंतिम रूप से सरकारी अधिकारीलेगा। इसका सीधा अर्थ है कि सरकार अधिकारी तंत्र के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों को बढ़ी हुई फीस को मंजूरी दिलाएगी। सरकार की मंशा पर सवालसंजीव झा ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में जनता के हित में काम कर रही होती तो फीस बढ़ाने से पहले जनता की राय लेती, स्कूलों के खातों कीजाँच का प्रावधान रखती, और पारदर्शिता सुनिश्चित करती। लेकिन इस विधेयक में न तो पारदर्शिता है और न ही जनहित। जनता का संघर्ष व्यर्थ किया जा रहाउन्होंने यह भी कहा कि जिन निजी स्कूलों के खिलाफ पिछले महीनों में सैकड़ों माता-पिता 40 डिग्री की गर्मी में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे थे, उन्हीं स्कूलों को अब यह सरकार कानूनी संरक्षण देने जा रही है। यह संघर्षशील अभिभावकों और उनके बच्चों के साथ विश्वासघात है। आम आदमी पार्टी पूरी ताक़त से विरोध करेगीसंजीव झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी और सदन से लेकर सड़कों तक संघर्ष करेगी। यदि आवश्यकता हुई तोकानूनी रास्ता भी अपनाया जाएगा।
आतिशी ने बताया – स्कूल फीस बिल एक सोचा-समझा छलावा, केवल निजी स्कूल मालिकों को लाभ

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री आतिशी ने भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे स्कूल फीस नियंत्रणविधेयक को जनता के साथ किया गया एक बहुत बड़ा धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक बच्चों, माता-पिता और अभिभावकों के हित मेंनहीं बल्कि केवल और केवल निजी स्कूल मालिकों को लाभ पहुँचाने के लिए तैयार किया गया है। सरकार ने जानबूझकर बिल में देर कीआतिशी ने कहा कि यह विधेयक अप्रैल में ही मंत्रिमंडल में पारित हो गया था, लेकिन उसे विधानसभा में प्रस्तुत करने में चार महीने की जानबूझकरदेरी की गई। अप्रैल से जुलाई तक सरकार इस बहाने में लगी रही कि विशेष सत्र बुलाया जाएगा, अध्यादेश लाया जाएगा, केंद्र को भेजा जाएगा, लेकिन वास्तव में प्राइवेट स्कूलों को खुली छूट दी गई कि वे इस दौरान मनमाने ढंग से फीस बढ़ा लें। विधेयक में अभिभावकों के पक्ष में कोई ठोस व्यवस्था नहींउन्होंने बताया कि इस विधेयक में न तो बढ़ी हुई फीस को वापस लेने का कोई प्रावधान है और न ही निजी स्कूलों के खातों की जांच का कोईप्रावधान है। यहाँ तक कि जो फीस निर्धारण समिति बनेगी, उसकी अध्यक्षता भी खुद स्कूल प्रबंधन करेगा। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जो प्रबंधनपहले ही फीस बढ़ाकर जनता को परेशान कर चुका है, क्या वही ईमानदारी से फैसला करेगा? मांग विधेयक को सेलेक्ट समिति को भेजा जाए,आतिशी ने दो महत्वपूर्ण मांगें रखींविधेयक को चयन समिति के पास भेजा जाए – यह समिति माता-पिता, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूलों की राय लेकर अंतिम रूप सेविधेयक तैयार करे।, जब तक विधेयक पारित न हो, तब तक फीस बढ़ाने पर रोक लगाई जाए – यानि सभी निजी स्कूलों को 2024-25 सत्र केबराबर ही फीस लेने का निर्देश दिया जाए। सड़कों से लेकर सदन तक विरोध करेगी आम आदमी पार्टीआतिशी ने स्पष्ट कहा कि यदि भाजपा सरकार इस विधेयक को बिना रायशुमारी और पारदर्शिता के पारित करना चाहती है तो आम आदमी पार्टीविधानसभा के भीतर भी इसका विरोध करेगी और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी करेगी। यहाँ तक कि अदालत का दरवाज़ा भीखटखटाया जाएगा।
महेंद्र वेल्फेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित आठवां मेधावी छात्र सम्मान समारोह – रोहित जैन ने दी बच्चों को प्रेरणा

बच्चों को मिला सम्मान, सीख और प्रेरणा–शिक्षा और संस्कार का सुंदर संगमबच्चों को आगे बढ़ाने और उन्हें प्रेरित करने के लिए महेंद्र वेल्फेयर फाउंडेशन ने एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आठवां मेधावीछात्र सम्मान समारोह दिल्ली के गोरख पार्क स्थित भारतीय संस्कार विद्यालय में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य था पढ़ाई मेंअच्छे अंक लाने वाले बच्चों को सम्मानित करना और उन्हें समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देना। राष्ट्रगान और बाबाजी को श्रद्धांजलिकार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद बच्चों और उपस्थित जनों ने बड़े बाबाजी स्वर्गीय महेंद्र कुमार जैन जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यहक्षण भावनाओं और सम्मान से भरपूर था। सम्मान समारोह में बच्चों की भागीदारीइस आयोजन में बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। सभी मेधावी विद्यार्थियों को तिलक, मेडल, सर्टिफिकेट, अंग वस्त्र और माला देकर मंच परसम्मानित किया गया। यह सम्मान बच्चों के आत्मविश्वास को और मज़बूत करने वाला था। अध्यक्ष श्री रोहित जैन का प्रेरणादायक संदेशमहेंद्र वेल्फेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष रोहित जैन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा सिर्फ अच्छे नंबर लाना ही काफी नहीं है, एक अच्छा इंसान बननाउससे भी ज़्यादा ज़रूरी है। हमें अपने ज्ञान का उपयोग समाज की सेवा के लिए करना चाहिए। जरूरतमंदों की मदद करना ही सच्ची पढ़ाई की पहचानहै। रोहित जैन जी का यह संदेश बच्चों और उनके माता-पिता के लिए बहुत ही प्रेरणादायक रहा। विशिष्ट अतिथियों का योगदानकार्यक्रम में रिपोर्टर सरिता साहनी जी और इमरान सर विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएंदीं और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।सरिता जी ने कहा, आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं। पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार भी ज़रूरी हैं। संरक्षक राजीव कुमार जैन जी की बातेंसंस्था के संरक्षक राजीव कुमार जैन ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आपकी मेहनत ही आपको जीवन में आगे ले जाएगी। कभी भी सच्चाई, ईमानदारी और परिश्रम से पीछे मत हटिए। कार्यक्रम संचालन और सहयोगकार्यक्रम का संचालन संस्था के सदस्य विजय गुप्ता जी, पूनम अग्रवाल जी और रेखा गोयल जी ने मिलकर किया। उन्होंने बच्चों की मेहनत कीसराहना की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समाज की सकारात्मक प्रतिक्रियाकार्यक्रम के अंत में बच्चों और उनके अभिभावकों ने महेंद्र वेल्फेयर फाउंडेशन के इस प्रयास की भरपूर सराहना की लोगों का मानना है कि श्री रोहितजैन जैसे युवा और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता समाज के लिए एक प्रेरणा हैं।