हर्रावाला कैंसर अस्पताल के संचालन पर कैबिनेट में फैसला जल्द, PPP मोड में राजीव गांधी संस्थान को दी जा सकती है जिम्मेदारी

सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल हर्रावाला के संचालन पर कैबिनेट में फैसला होगा. पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर अस्पताल कासंचालन राजीव गांधी कैंसर संस्थान नई दिल्ली को देने की तैयारी चल रही है. कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के लिए देहरादून केहर्रावाला में 106 करोड़ की लागत से 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल बन कर तैयार है. प्रदेश सरकार कैंसर अस्पताल को पीपीपीमोड पर संचालित करने का फैसला ले चुकी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल के संचालन के लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधानकेंद्र के साथ वार्ता हो चुकी है। इस पर फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा. बता दें कि वर्ष 2020 में सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल का शिलान्यासकिया गया था. इस अस्पताल का निर्माण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत केंद्र व प्रदेश सरकार के वित्तीय सहयोग से किया गया. इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे राज्यों मेंअस्पताल के शुरू होने से कैंसर मरीज को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा. उन्हें कैंसर से संबंधित सभी जांच, परामर्श, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी व अन्य उच्च स्तरीय सर्जरी की सुविधा अस्पताल में मिलेगी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना है कि कैंसर अस्पताल को पीपीपीमोड पर चलाने के लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान से बात चल रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल हर्रावाला केसंचालन के लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र के साथ वार्ता हो चुकी है इस पर फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा. PPP मॉडल मेंअस्पताल निर्माण की लागत राज्य-केन्द्र साझेदारी से उठाई गई थी और अब संचालन की जिम्मेदारी निजी (या गोव-पार्टनर NGO) संस्था को दीजाएगी. जिससे गुणवत्ता और दक्षता में सुधार की उम्मीद है. संचालित करने का प्रस्ताव किया तैयारराज्य सरकार ने अस्पताल को PPP मोड पर लीज़ (lease) देकर संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसके लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान, नई दिल्ली के साथ वार्ता चल रही है, जिसे अंतिम मंज़ूरी के लिए कैबिनेट में विचारार्थ रखा जाएगा. पहले से कई बार टेंडर निकाले जा चुके हैं लेकिनज्यादातर में कोई आगे नहीं आया. अब राजीव गांधी कैंसर संस्थान को प्राथमिकता दी जा रही है यह अस्पताल राज्य में कैंसर उपचार की पहली ऐसीसुव्यवस्थित सुविधा है. जिससे मरीजों को राज्य से बाहर इलाज कराना नहीं पड़ेगा, समय और आर्थिक बचत होगी. PPP मोड से अनुमान है किप्रचालन बेहतर गुणवत्ता, दक्ष मानव संसाधन और निरंतर सेवाएं सुनिश्चित होंगी.यह अस्पताल राज्य में कैंसर उपचार की पहली ऐसी सुव्यवस्थितसुविधा है. जिससे मरीजों को राज्य से बाहर इलाज कराना नहीं पड़ेगा समय और आर्थिक बचत होगी.पहले से कई बार टेंडर निकाले जा चुके हैं लेकिनज्यादातर में कोई आगे नहीं आया अब राजीव गांधी कैंसर संस्थान को प्राथमिकता दी जा रही है.
मंत्री ओम प्रकाश राजभर को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी, सुभासपा ने दर्ज कराई शिकायत

सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर को सोशल मीडिया पर गोली मारने की धमकी देने कामामला सामने आया है. विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष अंशु राजभर के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रसड़ा कोतवाली को शिकायत देकर करणी सेना केजिलाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की. पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है. मंत्री ओम प्रकाश राजभर के पुत्र और सुभासपा के राष्ट्रीयप्रवक्ता अरुण राजभर ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर को सोशलमीडिया के जरिये गोली मारने की धमकी दी जा रही है. अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाईकरणी सेना बलिया के नाम की फेसबुक आईडी से सुभासपा प्रमुख एवं मंत्री को धमकी दी गई है. तत्काल ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कीजानी चाहिए. वहीं, दूसरी तरफ करणी सेना के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने कहा कि मंत्री को फर्जी आईडी से धमकी दी गई है. उनके पुत्र मुझपरआरोप लगा रहे हैं. इसके खिलाफ मानहानि का दावा करूंगा. उनका मकसद जेड प्लस की सुरक्षा लेनी है. इस बाबत पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह नेकहा कि शिकायत मिली है इसकी जांच साइबर सेल को सौंपी गई है जांच रिपोर्ट आने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ओम प्रकाशराजभर को जान से मारने की धमकी दी गई. मामले में रसड़ा कोतवाली में करणी सेना के जिलाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है. जान से मारने की दी जा रही है धमकीमंत्री के पुत्र और सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उनकेपिता को जान से मारने की धमकी दी जा रही है. उन्होंने लिखा पिता एवं पंचायती राज मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर को करणी सेना बलिया के नाम सेबनाई गई एक फेसबुक आईडी से गोली मारने की धमकी मिली है। यह गंभीर मामला है और तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. आरोपों के जवाब में करणीसेना बलिया के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि “यह धमकी किसी फर्जी आईडी से दी गई है. सुभासपा नेता मुझ पर झूठा आरोपलगा रहे हैं. मैं इसके खिलाफ मानहानि का दावा करूंगा. उनका मकसद सिर्फ सुरक्षा कवर बढ़वाना है।”यह मामला सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से नेताओं को निशाना बनाने के बढ़ते मामलों की तरफ भी संकेत करता है. साइबर अपराधों की जाँच में पारदर्शिताऔर त्वरित कार्रवाई अब अनिवार्य हो गई है.
दिल्ली को मेडिकल हब बनाया जाएगा सीएम रेखा गुप्ता, सात अधूरे अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी आईसीयू में बदलने की योजना

Dellhi Latest Update: दिल्ली को मेडिकल हब की तौर पर विकसित किया जाएगा. यह दावा है दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया है. सोमवार को मॉडल टाउन में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान सीएम ने कहा कि दिल्ली में निजी और सरकारी अस्पताल मिलकर बेहतरसुविधाएं उपलब्ध कराएंगे. हमारी कोशिश रहेगी एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे विदेश से लोग भी दिल्ली में इलाज कराने के लिएआए. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार सात अधूरी अस्पताल परियोजनाओं को सुपर स्पेशलिटी आईसीयू केंद्रों में बदल रही है. इनअस्पतालों में विभिन्न गंभीर बीमारियों के लिए विशेष इलाज की सुविधा होगी. उन्होंने कहा कि मॉडल टाउन में शुरू हुआ नया निजी अस्पतालआयुष्मान भारत योजना के तहत भी सेवाएं देगा. इससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं निशुल्क मिलसकेंगी. बीमारी के इलाज के लिए समर्पितवहीं अस्पताल के निदेशक यथार्थ त्यागी ने स्वास्थ्य सेवा कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि हर व्यक्ति का मूल अधिकार है. अस्पताल सरकार के साथमिलकर लोगों को और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा देने का प्रयास करेगा. इस मौके पर सांसद प्रवीण खंडेलवाल, विधायक अशोक गोयल देवरा, राजकुमार सीएम ने कहा कि सरकार सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार ही नहीं कर रही, बल्कि उसे सुलभ, पारदर्शी और जन-संवेदनशील भी बना रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों को बेहतर बनाकर हर अस्पताल को अलग बीमारी के इलाज के लिए समर्पित किया जाएगा. इसमें कैंसर, ट्रांसप्लांट, डिलीवरी के जटिल मामले सहित अन्य सुविधा शामिल होंगी. इसके अलावा आईसीयू बेड्स की कमी को भी दूर किया जाएगा. मुख्यमंत्रीने कहा कि पूर्व सरकारों के भ्रष्टाचार व विजन की कमी के चलते दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा अभी भी अनेक गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है. उन्होंने कहाकि कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों में बिस्तरों की भारी कमी थी और कई लोगों को इलाज न मिलने के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी. उससमय प्रति 1,000 नागरिकों पर केवल 0.42 अस्पताल बेड उपलब्ध थे. महानगर के लिए बेहद चिंता38 सरकारी अस्पतालों में केवल छह एमआरआई और 12 सीटी स्कैन मशीनें थीं, जो किसी भी महानगर के लिए बेहद चिंता की बात है. डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, दवाओं और आधुनिक उपकरणों की भारी कमी थी. ब इस कमी को दूर करने और अस्पतालों को अति आधुनिक बनाने के गंभीरप्रयास चल रहे हैं. दिल्ली के लोगों को चिकित्सा के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने दावा किया है कि अबराजधानी को मेडिकल हब बनाया जाएगा. इसके लिए निजी और सरकारी अस्पताल मिलकर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे.मुख्यमंत्री ने जानकारीदी कि सरकार दिल्ली की सात अधूरी अस्पताल परियोजनाओं को अब सुपर स्पेशियलिटी आईसीयू केंद्रों में बदलने की दिशा में कार्य कर रही है इनअस्पतालों को विशेष रूप से कैंसर, ट्रांसप्लांट, जटिल डिलीवरी और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए समर्पित किया जाएगा. साथ ही, आईसीयू बेड्स की संख्या में भी पर्याप्त वृद्धि की जाएगी.
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला ग्रीन कैटेगरी इंडस्ट्रीज को अब सिर्फ 20 दिन में मिलेगा CTO लाइसेंस, व्यापारियों को राहत

Dellhi latest Update: दिल्ली सरकार ने ग्रीन कैटेगरी इंडस्ट्रीज के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया में सुधार कर व्यापार को आसान बनाने की दिशा मेंबड़ा कदम उठाया है. अब कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी. अगर तय समय में फैसला नहीं हुआ, तोआवेदन अपने आप मंजूर माना जाएगा. इससे लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी. इससे छोटे-मझोले उद्यमियों को लाइसेंस की उलझनों सेराहत मिलेगी. पर्यावरण और उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को इसकी घोषणा की कि अब सीटीओ (यानि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सेमिलने वाला अनुमति पत्र) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी. यह सुधार अगले महीने अगस्त से लागू होगा. डबल इंजन सरकार का कमालमंत्री ने कहा कि यह दिल्ली के व्यापारियों की पुरानी मांग थी इसलिए पुराने लाइसेंस सिस्टम की जटिलताओं को खत्म किया गया. यह डबल इंजनसरकार का कमाल है. उन्होंने इसके लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का भी आभार जताया है. यह सुधार 65 से ज्यादा ग्रीनइंडस्ट्रीज, जैसे रेडीमेड कपड़े, आयुर्वेदिक दवाइयां, फर्नीचर, पैकेजिंग, ऑप्टिकल गुड्स, खिलौने और कोल्ड स्टोरेज को फायदा देगा। ये सेक्टर कमप्रदूषण वाले हैं और अब इन्हें तेज मंजूरी मिलेगी. सिरसा ने बताया कि ज्यादातर लघु और मध्यम उद्योग हैं, जो अब बिना देरी के काम शुरू करसकेंगे।. दिल्ली सरकार सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर रही है, जिससे अप्रूवल प्रक्रिया आसान, पेपरलेस और पारदर्शी होगी. सिरसा ने कहा कि यहदिल्ली के उद्यमियों के लिए साफ संदेश है कि हम जिम्मेदार और तेज व्यापार के लिए तैयार हैं. यह सुधार दिल्ली के एमएसएमई सेक्टर को गति देगाऔर पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित करेगा. उद्यमियों को अब न बेवजह दस्तावेज जमा करने होंगे, न ही देरी होगी. पर्यावरण और उद्योग मंत्रीमनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को इसकी घोषणा की कि अब सीटीओ (यानि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिलने वाला अनुमति पत्र) की मंजूरी 120 दिन के बजाय सिर्फ 20 दिन में मिलेगी. अप्रूवल सिस्टम लागू कर रही हैयह सुधार अगले महीने अगस्त से लागू होगा.सरकार सिंगल विंडो अप्रूवल सिस्टम भी लागू कर रही है. जिससे उद्यमियों को बार-बार कार्यालयों केचक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे अब लाइसेंसिंग प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस और ट्रैक-एबल होगी. “अब व्यापारियों को न तो अनावश्यक दस्तावेज देने होंगेऔर न ही किसी कार्यालय में लाइन लगानी पड़ेगी. यह एक भरोसेमंद और सक्षम शासन की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है. इस कदम से दिल्लीके MSME सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के मानकों के साथ व्यापारिक गति को भी बढ़ावा मिलेगा. यह पहल दिल्ली को एकप्रगतिशील, उद्योग-अनुकूल और जिम्मेदार प्रशासन की दिशा में अग्रसर करेगी.यह दिल्ली के व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांग थी अब लाइसेंसिंगप्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाया गया है. अगर 20 दिन में निर्णय नहीं होता तो आवेदन स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा.
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के सात लोकसभा क्षेत्रों में नियुक्त किए उपाध्यक्ष, संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम

आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में अपनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने के लिए सात लोकसभा क्षेत्रों के लिए राज्य उपाध्यक्षों कीनियुक्ति की है. यह निर्णय पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ाने और आगामी चुनावों की तैयारी के लिए लिया गया है. पार्टी ने प्रत्येकलोकसभा क्षेत्र के लिए एक उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. ताकि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और जनता तक पहुंच को बेहतर कियाजा सके. इन नियुक्तियों को दिल्ली में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने और हाल के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद संगठन को पुनर्जननकरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. जनता तक पहुंच बेहतरपार्टी ने प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के लिए एक उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. ताकि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और जनता तक पहुंच कोबेहतर किया जा सके. इन नियुक्तियों को दिल्ली में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने और हाल के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद संगठन कोपुनर्जनन करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.विधायक कुलदीप कुमार को पूर्व का, जरनैल सिंह को पश्चिम का, संजीव झा को उत्तर-पूर्व का, पूर्व विधायक राजेश गुप्ता को उत्तर पश्चिम का, रितु राज झा को नई दिल्ली का, ब्रह्म सिंह तंवर को दक्षिणी दिल्ली का और जितेंद्र सिंह तोमर कोचांदनी चौक का उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसे लेकर आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आदेश जारी किया है. आम आदमी पार्टी नेदिल्ली के सात लोकसभा क्षेत्रों में उपाध्यक्ष नियुक्त कर संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई. यह कदम स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं केसमन्वय और जनता तक पहुंच बढ़ाने के लिए उठाया गया है. “यह नियुक्तियाँ सिर्फ नाम मात्र की नहीं, बल्कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती देनेवाली हैं. यह कदम देता है संकेतहर उपाध्यक्ष को अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर पार्टी कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आम आदमी पार्टी का यह कदम स्पष्ट संकेत देता हैकि दिल्ली में राजनीतिक पुनर्संरचना और लंबी रणनीति पर काम शुरू हो चुका है. उपाध्यक्षों की नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और जनतासे संपर्क मजबूत होगा. यह कदम दिल्ली में पार्टी की भविष्य की राजनीतिक दिशा को तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. इस निर्णय कीघोषणा आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज द्वारा की गई, जिन्होंने सातों नियुक्तियों के आदेश जारी किए.आम आदमी पार्टी को हाल ही मेंदिल्ली विधानसभा चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से सशक्त होने की आवश्यकता महसूसहुई.यह निर्णय एक तरफ़ जहाँ कार्यकर्ताओं के मनोबल को पुनर्जीवित करने के लिए लिया गया है वहीं दूसरी ओर लोकसभा चुनाव 2029 की मूलभूततैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है.
अंतरिक्ष से वापसी पर बधाइयों की जगह विवादों में घिरे शुभांशु शुक्ला, कांग्रेस नेता उदित राज के बयान से सियासत गरम

एक्सिओम-4 मिशन को पूरा करके अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापस लौट रहे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर कांग्रेस नेता उदितराज ने बेतुका बयान किया. कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि पहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे तब एससी-एसटी और ओबीबी इतने पढ़े लिखेनहीं थे. अब किसी दलित,ओबीसी को भी शुभांशु शुक्ला की जगह भेजा जा सकता था. कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि मैं उनको शुभकामनाएं देताहूं कि वे सुरक्षित लौटें। उन्होंने वहां जो ज्ञान अर्जित किया है. उसे यहां बिखेरें लोग उससे लाभान्वित हों.दलित को भेजने की थी बारीयह मानवता के लिए लाभकारी है. कांग्रेस नेता बोले कि पहले जो राकेश शर्मा भेजे गए थे, उस समय एससी-एसटी, ओबीसी इतने पढ़े-लिखे नहीं थे. इस बार मुझे लगता है कि दलित को भेजने की बारी थी. ऐसा नहीं है कि नासा ने कोई परीक्षा ली और फिर चयन हो गया. किसी दलित,ओबीसी कोभी शुभांशु शुक्ला की जगह भेजा जा सकता था. शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत 25 जून को तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथअंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए. अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पहुंचने वाले शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय हैं. शुभांशु नेआईएसएस पर 18 दिन बिताए और इस दौरान वहां कई रिसर्च कार्य किए। शुभांशु शुक्ला की मंगलवार को धरती पर वापसी हुई. ग्रुप कैप्टन शुभांशुशुक्ला ने 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए। इस दौरान उन्होंने 60 प्रयोगों को अंजाम दिया. जिनमें से सात प्रयोग इसरो के थे शुभांशुअपने साथ 263 किलो वैज्ञानिक सामान लेकर धरती पर लौट रहे हैं. कार्यक्रमों को मिल सकती है बड़ी मददजिससे भविष्य में अंतरिक्ष कार्यक्रमों को बड़ी मदद मिल सकती है. साल 2027 में इसरो अपना पहला मानव मिशन गगनयान लॉन्च करेगा. ऐसे मेंशुभांशु शुक्ला का यह मिशन इसरो के लिए बेहद अहम है. शुभांशु शुक्ला को एक्सिओम-4 मिशन पर भेजने के लिए भारत ने 550 करोड़ रुपये खर्चकिए हैं. शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर गए थे। उनकी वापसी पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा किपहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे. तब एससी-एसटी और ओबीबी इतने पढ़े लिखे नहीं थे. अब किसी दलित,ओबीसी को भी शुभांशु शुक्ला कीजगह भेजा जा सकता था. उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के मिशनों में योग्यता से अधिक चयन प्रक्रिया और प्रतिनिधित्व का सवाल भी अहम है।उनका दावा है कि दलितों और पिछड़े वर्गों को समान अवसर दिए जाने चाहिए। “मैं शुभांशु शुक्ला को शुभकामनाएं देता हूं. लेकिन यह भी कहनाचाहूंगा कि इस बार किसी दलित या ओबीसी को अंतरिक्ष में भेजा जाना चाहिए था. पहले राकेश शर्मा जब गए थे तब SC-ST और OBC इतने पढ़ेलिखे नहीं थे. लेकिन अब हैं। नासा ने कोई परीक्षा ली हो ऐसा भी नहीं हुआ.
नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान, बिहार में अगले 5 साल में एक करोड़ नौकरियां और रोजगार देने का लक्ष्य

Bihar latest News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो चुकी है बैठक में 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी. सीएम नीतीश कुमार आज फिर से बिहार वासियों को बड़ी सौगात दी है इसमें आगामी पांच साल ने एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखागया है. मंगलवार को अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि राज्य सरकार अगले पांच साल में रोजगार सृजन करने का लक्ष्यनिर्धारित किया गया है. नई नौकरी रोजगार सृजन के लिए सभी संभावनाओं एवं विकल्प पर विचार करते हुए राज्य सरकार को परामर्श देने के लिएविकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी. इसमें 12 सदस्य होंगे। नौकरी या रोजगार से राज्य के युवाओं कोआर्थिक संबल प्राप्त होंगे. सीएम नीतीश कुमार ने बिहार चुनाव से पहले फिर से बड़ी सौगात दी है. 30 प्रस्तावों पर लगी मुहरकैबिनेट की बैठक पर आज 30 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव नौकरी और रोजगार को लेकर है. एसीएस एस सिद्धार्थ नेबताया कि पटना मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत प्रायोरिटी कॉरिडोर के दो वर्ष आठ महीने की अवधि में रखरखाव कार्य के लिए सेवा कर रहित कुलअनुमानित व्यय 179.37 करोड़ नामांकन के आधार पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को देने तथा प्रायोरिटी कार्यान्वयन के लिए तीन कारसिंगल ट्रेनसेट को किराए पर लेने के लिए तीन वर्ष की अवधि के लिए 21.1544 646 करोड़ अनुमोदन प्रदान की गई है. वहीं बिहार राज्य के निवासीएवं राज्य में निबंध नॉन कॉर्पोरेट करदाताओं की दुर्घटना मृत्यु होने पर अनुदान के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया. बिहार व्यवसायी दुर्घटना मृत्यु अनुदान योजना को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है. पांच लाख के अनुदान की दी जाएगी राशिइसके तहत करदाताओं की दुर्घटना मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को पांच लाख के अनुदान राशि दी जाएगी. एसीएस एस सिद्धार्थ ने बताया कि बमनिरोधक दस्ता के कर्मियों को मूल वेतन का 30% प्रतिशत जोखिम भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम 25000 रुपये जाएंगे. वहीं बिहारन्यायिक सेवा के पदाधिकारी को एक-एक 2016 से राज्य कर्मियों के अनुरूप वार्षिक वेतन वृद्धि को मिली स्वीकृति.वहीं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरतचार चिकित्सा पदाधिकारी पर कार्रवाई की गई है. इन चारों को बर्खास्त कर दिया गया है एसीएस एस सिद्धार्थ ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सापदाधिकारी डॉ. चंदना कुमार, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कृतिका सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ निमिषा रानी और सामान्य चिकित्सापदाधिकारी को अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.
धीरज कुमार का 79 साल की उम्र में निधन, अभिनय से लेकर निर्देशन तक छोड़ी अमिट छाप

बॉलीवुड और टेलिविजन की दुनिया के नामी एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर धीरज कुमार का निधन हो गया. उन्हें 3 दिन पहले मुंबई के अंधेरी स्थितकोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया था. 79 साल के धीरज कुमार एक्यूट निमोनिया से पीड़ित थे वेटरन एक्टर-प्रोड्यूसर का पार्थिव शरीर कल सुबह यानी 16 जुलाई को 6 बजे से 10 बजे तक घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा उसके बाद उनका अंतिमसंस्कार किया जाएगा. फिलहाल परिवार रिश्तेदारों के आने का इंतजार कर रहा है. धीरज कुमार बीती रात से ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। धीरज कुमारके एक करीबी ने बताया, ‘वो बीते शनिवार (12 जुलाई) को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराए गए थे पहले उन्हें सामान्य ICU में रखागया था. लेकिन हालत बिगड़ने पर रविवार को वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया.करीबी की मानें तो उनका शरीर रेस्पॉन्ड नहीं कर रहा था ऑक्सीजन बहुत कम हो गया था सोमवार सुबह डॉक्टरों ने कहा कि सिर्फ 10% चांस है. दोपहर 12:30 बजे डॉक्टर दोबारा देखने आने वाले थे. लेकिन सुबह 11.40 बजे उनका निधन हुआ बता दें धीरज कुमार मुंबई के लोखंडवाला इलाकेमें रहते थे. उनके परिवार में पत्नी जूबी कोचर और एक बेटा आशुतोष हैं. निर्देशन व निर्माण आता है वर्षो तक कामजो लगभग 18 साल के हैं बेटा इंडस्ट्री से नहीं जुड़ा है और पढ़ाई कर रहा है करीबी के मुताबिक उनकी पत्नी जूबी कोचर की तबीयत पिछले कुछसमय से ठीक नहीं रही है. इस कारण वो अस्पताल नहीं जा पाईं. धीरज कुमार के अंतिम समय में उनके बेटे आशुतोष और पत्नी की देखभाल करनेवाली नर्स नेहा अस्पताल में मौजूद थीं. दिग्गज एक्टर-प्रोड्यूसर के निधन से इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है. उनके निधन के बाद अब कई कलाकारोंकी तरफ से संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं. हालांकि अभी तक उनके परिवार की तरफ से इस मामले पर कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है. ना हीपरिवार की तरफ से इस पर कुछ भी कहा गया है. फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने धीरज कुमार के निधन पर शोक जताते हुए उनकी एक तस्वीर शेयरकी है. इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा- ‘बहुत दुख हुआ ये जानकर कि जाने-माने एक्टर-प्रोड्यूसर धीरज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे. ओम शांति. धीरज कुमार एक ऐसे दिग्गज कलाकार थे जिन्होंने अभिनय, निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में वर्षों तक काम किया है. कुछ पंजाबी फिल्मो का भी किया था निर्माणउन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत अभिनेता के रूप में की थी और 1970 के दशक में ‘दीदार’, ‘रातों का राजा’, ‘बहारों फूल बरसाओ’, ‘शराफतछोड़ दी मैंने’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘सर्गम’, ‘क्रांति’, ‘मान भरों सजना’ जैसी अनेक लोकप्रिय फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं. उन्होंने लगभग21 पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया है जिनमें हाल की फिल्मों ‘सज्जन सिंह रंगरूट’, ‘इक संधू हुंदा सी’, ‘वॉर्निंग 2’ और ‘माझैल’ में उनके काम कोकाफी पसंंद किया गया था. निर्देशक के तौर पर भी धीरज कुमार ने बेहतरीन काम किया उन्होंने बच्चों के लिए बनी जादू-तिलिस्म पर आधारितफिल्म ‘आबरा का डाबरा’ और रहस्य-रोमांच से भरी फिल्म ‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’ का निर्देशन किया. इसके अलावा ‘ओम नमः शिवाय’, ‘श्रीगणेश’, ‘अदालत’, ‘संस्कार’, ‘धूप-छांव’, ‘जोड़ियां कमाल की’ और ‘सिंहासन बत्तीसी’ जैसे फेमस धारावाहिकों का निर्देशन भी उन्होंने किया है, जोदूरदर्शन और दूसरे चैनलों पर लोकप्रिय रहे। निर्माता के रूप में धीरज कुमार ने ‘क्रिएटिव आई लिमिटेड’ नाम की कंपनी की स्थापना की और इसकेअंतर्गत उन्होंने धार्मिक, सामाजिक तथा पारिवारिक विषयों पर आधारित 30 से ज्यादा धारावाहिकों का निर्माण किया। उनके द्वारा निर्मित प्रमुखकार्यक्रमों में ‘घर की लक्ष्मी बेटियां’, ‘श्री गणेश’, ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘इश्क सुभान अल्लाह’ और ‘संस्कार’ जैसे धारावाहिक शामिल हैं. उन्होंने ‘काशी: इन सर्च ऑफ गंगा’ और कुछ पंजाबी फिल्मों का भी निर्माण किया था.
ISS मिशन पूरा कर लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, परिवार ने कहा यह हमारे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण “सकुशल लैंडिंग पर भावुक हुआ पूरा देश”

Shubhanshu Shukla Latest News: भारतीय सेना के ग्रुप कैप्टन लखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से अपना मिशनपूरा कर वापस लौट आए हैं. मंगलवार को अपराह्न तीन बजे उनका यान कैलीफोर्निया के तट पर उतरा. अंतरिक्ष यान के सकुशल लैंड करते ही उनकेमाता-पिता भावुक हो गए। उन्होंने इस दौरान लैंडिंग का सजीव प्रसारण देखा. लखनऊ के सीएमएस स्कूल में पहले से ही इसके लिए इंतजाम किएगए थे। शुभांशु की मां आशा देवी और पिता शंभू दयाल शुक्ला भावुक हो गए। मां बोलीं ये हमारे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है. बहन शुचिमिश्रा ने कहा “वो वापस आ गए हैं यह पूरे देश के लिए बहुत गौरव का क्षण है. हम बहुत उत्साहित हैं. सुरक्षित हुए लैंडशुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा, “मैं इस चीज को शब्दों में बयान नहीं कर सकती हूं. जब लैंड हो रहा था तब बस थोड़ा डर लगा थालेकिन सब अच्छे से हो गया है ईश्वर साथ में हैं उन्होंने उसे वहां पहुंचाया था और उन्होंने ही उसे सुरक्षित लैंड कराया है. उन्होंने कहा कि यह हमारे जीवनका सबसे गौरवपूर्ण क्षण है.लखनऊ निवासी अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के यान की कैलीफोर्निया के तट पर सुरक्षित लैंडिंग देख उनके माता-पिताभावुक हो गए. माता-पिता ने कहा कि यह हमारे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है. लखनऊ के City Montessori School (CMS), कानपुर रोडके World Unity Convention Centre में स्प्लैशडाउन का लाइव प्रसारण सेटअप किया गया था. मिशन के सुरक्षित समापन के पहले सोमवारको शुभ मूड के साथ ‘श्रावण महीने की पहली सोमवार को घर पर रुद्राभिषेक भी किया गया. जिसके बाद सभी ने पूजा-अर्चना की. शुक्ला परिवार कीयह उपलब्धि सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है. भारत का बढ़ेगा आत्मविश्वासयह सुनिश्चित करता है कि भविष्य में गगनयान मिशन (2027) जैसे कार्यक्रमों में भारत का आत्मविश्वास और क्षमता बढ़ेगी. मिशन की शुरुआत सेलेकर लैंडिंग तक लखनऊ-स्कूल और परिवार की सहज व्यवस्था भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रति सम्मान दर्शाती है। शुभांशुके परिवार ने सावन के पहले सोमवार को शिव मंदिर में रुद्राभिषेक किया. शुभांशु के पिता शम्भू दयाल शुक्ला ने बताया, ‘जब अंतरिक्ष यान अलग होरहा था. तो हम प्रार्थना कर रहे थे। हम चुपचाप प्रार्थना करते रहे और उम्मीद करते रहे कि सब ठीक हो जाएगा। जैसे ही हमने सुना कि सब ठीक है, हमने राहत की सांस ली. हमें गर्व है कि उन्होंने यह मिशन सुरक्षित रूप से पूरा किया. अब, हम उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं तभी हमें शांतिमिलेगी शुभांशु की बहन सुची शुक्ला ने कहा, यह एक तनावपूर्ण क्षण था. और हम अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उनके वापस आने पर हमसभी उन्हें लेने जाएंगे. हमें अभी तक यह नहीं पता कि वह भारत कब लौटेंगे, लेकिन हमें विश्वास है कि हम उन्हें जल्द ही देखेंगे. स्कूल के दोस्तों औरपड़ोसियों से लेकर सभी उत्साहित हैं. हम सब मिलकर प्रार्थना कर रहे हैं और तब तक करते रहेंगे जब तक कि वह सुरक्षित रूप से धरती पर वापस नहींआ जाते.
ई-रिक्शा हादसे को सांप्रदायिक रंग देकर नफरत फैलाने की कोशिश पर बोले सौरभ भारद्वाज – क्या कपिल मिश्रा और उपराज्यपाल जवाब देंगे?

दिल्ली में 10 तारीख को एक आम सी सड़क दुर्घटना हुई। एक ई-रिक्शा जिसमें कांच (शीशा) ले जाया जा रहा था, उसे पीछे से किसी वाहन नेटक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह शीशा टूट गया और सड़क पर बिखर गया। यह एक सामान्य हादसा था, जिसमें कोई सांप्रदायिक या धार्मिक बातनहीं थी। दिल्ली पुलिस ने इस पूरी घटना की जानकारी साफ़-साफ़ लोगों को दे दी और कहा कि इसमें कोई दंगा या जानबूझकर की गई घटना नहींहै। लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने बिना सोचे-समझे, बिना किसी पुष्टि के इस हादसे को सांप्रदायिक रंग देनेकी कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसे शब्द लिखे जिससे समाज में नफरत फैल सकती थी। जब पुलिस ने सच्चाई बताई थी, तो क्या उन्हेंजनता से माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए थी? क्या एक और ट्वीट करके सही जानकारी नहीं देनी चाहिए थी? यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले साल2020 में भी कपिल मिश्रा ने ऐसे ही भड़काऊ बयान दिए थे, जिससे दिल्ली में दंगे हुए थे। उस समय उच्च न्यायालय के एक जज ने उनके खिलाफमुकदमा दर्ज करने का आदेश भी दिया था, लेकिन उसी दिन उस जज का तबादला कर दिया गया। यह एक बेहद गंभीर बात है जो यह दिखाती है किकिस तरह कुछ नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए समाज को बांटने की कोशिश करते हैं। जहाँ एक ओर कपिल मिश्रा जैसे लोग नफरत फैलाने मेंलगे हैं, वहीं दूसरी ओर चौधरी मतीन साहब जैसे नेता हैं जो पूरे देश को भाईचारे का संदेश दे रहे हैं। मतीन साहब पिछले 31 वर्षों से लगातार पाँचकांवड़ शिविर चला रहे हैं। वह और उनके साथी हर साल कांवड़ यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं। वे उन्हें पानी पिलाते हैं, खानाखिलाते हैं और विश्राम की व्यवस्था करते हैं। चौधरी मतीन साहब जैसे लोग भारत की असली तस्वीर दिखाते हैं — जहां धर्म का मतलब सेवा, सद्भाव और एक-दूसरे की मदद करना होता है। वहबिना किसी भेदभाव के सेवा करते हैं, न कि धर्म देखकर। यही तो असली हिंदू-मुस्लिम एकता है, यही है वह भारत जिसकी कल्पना हमारे संविधान नेकी थी। दिल्ली की जनता अब समझ चुकी है कि कौन लोग सच्चाई और सेवा की राजनीति करते हैं और कौन केवल नफरत फैलाकर वोट लेना चाहते हैं।जनता देख रही है कि नेताओं का असली चेहरा क्या है. कोई लोगों की सेवा कर रहा है और कोई अफवाहें फैलाकर समाज में ज़हर घोल रहा है। अब यह जनता का कर्तव्य है कि वह ऐसे नेताओं को नकारेजो समाज को तोड़ना चाहते हैं और ऐसे लोगों का साथ दे जो समाज को जोड़ते हैं। नफरत फैलाने वालों को जवाब देना होगा। कपिल मिश्रा औरउपराज्यपाल साहब से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपनी गलती माने और जनता से माफ़ी मांगें। क्योंकि जब आप सरकार में होते हैं, तो आपके हरशब्द की कीमत होती है और उसका असर समाज पर पड़ता है। दिल्ली को आज ज़रूरत है- शांति, भाईचारा, विकास और रोजगार की। नफरत और झूठ से दिल्ली का कोई भला नहीं होने वाला। इसलिए हरनागरिक को जागरूक रहना होगा, अफवाहों से बचना होगा और सच्चाई का साथ देना होगा। कपिल मिश्रा जैसे नेताओं को यह समझना होगा कि राजनीति सेवा का माध्यम है, समाज में आग लगाने का नहीं। और चौधरी मतीन साहब जैसे लोगहमें सिखाते हैं कि अगर इरादा नेक हो, तो धर्म, जाति या मज़हब की दीवारें भी एकता को नहीं रोक सकतीं।