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रेखा गुप्ता और मनोहर लाल ने किया ‘आपातकाल प्रदर्शनी’ का उद्घाटन,भाजपा कर रही है “देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन”

Dellhi Latest News: देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा था जिसके 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर मेंसंविधान हत्या दिवस का आयोजन कर रही है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सेंट्रल पार्क में 1975 आपातकाल परएक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर भाजपा संविधान हत्या दिवस मना रही है. इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीयअध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी कांग्रेस पर तंज कसा है. नड्डा ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिकअशांति का बहाना बनाकर भारत पर आपातकाल थोपा और देश के संविधान की हत्या कर दी थी. नीयत आज भी तानाशाही वाली50 वर्ष बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है. उसकी नीयत आज भी तानाशाही वाली है. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस कामानना है कि देश पर शासन करने का अधिकार केवल एक परिवार को है. कांग्रेस अभी भी नरेंद्र मोदी जैसे साधारण पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति कोप्रधानमंत्री बनाने के विचार को स्वीकार नहीं कर पा रही है.जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्षी पार्टी ने अभी तक आपातकाल के लिए माफी नहीं मांगी है. आपातकाल जून 1975 से मार्च 1977 के बीच का 21 महीने का काल था. जिसके दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपक्षी नेताओं कोजेल में डाल दिया था प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी थी और नागरिक स्वतंत्रता को निलंबित कर दिया था. आज से ठीक 50 साल पहले 25 जून 1975 की रात को देश में आपातकाल लगाया गया था.इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने आज देशभर में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में कार्यक्रमआयोजित किए.दिल्ली के सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन किया मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता औरकेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने.

लीड्स में भारत को 5 विकेट से हार, शुभमन गिल ने बताई टीम की कमजोरियाँ

भारत को लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड से पांच विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी. 371 रन के लक्ष्य को इंग्लिश टीम बेन डकेट के शतक औरजैक क्राउली और जो रूट के अर्धशतक के दम पर पांच विकेट गंवाकर हासिल कर लिया.मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार का ठीकराअपने खिलाड़ियों पर फोड़ा. पहले तो गिल ने अपने खिलाड़ियों की तारीफ की लेकिन जैसे-जैसे आगे उनसे सवाल पूछे गए, वह गलतियां गिनाते गए. भारतीय कप्तान ने ऋषभ पंत समेत कैच छोड़ने वाले खिलाड़ियों को लपेटे में लिया. हालांकि उन्होंने अपने गेंदबाजों की तारीफ की उन्होंने रवींद्र जडेजाकी सबसे ज्यादा तारीफ की. भारत के निचले क्रम में बल्लेबाजीमैच के बाद प्रजेंटेशन सेरेमनी में गिल ने कहा मुझे लगता है कि यह शानदार टेस्ट मैच था. हमारे पास मौके थे हमने कैच छोड़े और हमारे निचले क्रम नेपर्याप्त योगदान नहीं दिया. लेकिन टीम पर गर्व है और कुल मिलाकर एक अच्छा प्रयास है. चौथे दिन हम सोच रहे थे कि हम लगभग 430 प्राप्त करनेजा रहे हैं और पारी की घोषणा करेंगे. दुर्भाग्य से हमारे आखिरी छह विकेट केवल 20-25 रन के आसपास गिर गए जो कभी भी अच्छा संकेत नहीं है. इंग्लैंड को जब दूसरी पारी में अच्छी ओपनिंग मिली. तब भी मुझे लगा कि हमारे पास मौका है लेकिन इस मैच का नतीजा हमारे पक्ष में नहीं गया. भारत के निचले क्रम के बल्लेबाज इस मैच की दोनों पारियों में फेल रहे। इस पर गिल ने कहा’यह कुछ ऐसा था जिसके बारे में हमने बात की थी. लेकिन जब आप मैच के बीच में होते हैं तो यह बहुत जल्दी होता है और सोचना या बात करने का समय नहीं मिलता. आगामी मैचों में करना होगा सुधारमुझे लगता है कि यह उन चीजों में से एक होगी जिन्हें हमें आगामी मैचों में सुधारना होगा. हां निश्चित तौर पर मौके आसानी से नहीं मिलते विशेषकरइस तरह के विकेटों पर और हमने कुछ कैच छोड़े लेकिन मुझे लगता है कि हमारी टीम युवा है और हमें अब भी सीखने वाली टीम मिली है और उम्मीदहै कि अगले मैचों में हम इन पहलुओं में सुधार करने में सफल रहेंगे.यह पूछे जाने पर कि क्या वे कुछ अलग कर सकते थे? गिल ने कहा, ‘मुझे नहींलगता है. मुझे लगता है कि पहले सत्र में हमने जो गेंदबाजी की थी हम काफी सही थे हमने बहुत अच्छी गेंदबाजी की इतने रन नहीं दिए. लेकिन आपजानते हैं कि एक बार गेंद पुरानी हो जाने के बाद रन को रोकना बहुत मुश्किल होता है और आपको खेल में बने रहने के लिए विकेट लेते रहना होता है. दुर्भाग्य से जिन गेंदों ने बल्ले का किनारा लिया या तो वो फील्डर तक नहीं पहुंच सके, या फिर छूट गए और हमारे पक्ष में नहीं गए. लेकिन मुझे लगताहै कि गेंद पुरानी होने के बाद इंग्लैंड ने सच में अच्छी बल्लेबाजी की. उन्होंने अपने मौके लिए और उनकी शुरुआती साझेदारी ने खेल को हमसे दूर करदिया.

संविधान हत्या दिवस पर सियासी संग्राम, कांग्रेस बोली नफरत, डर और दमन का दौर जारी “जानें क्या है पूरा मामला”

कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों से देश में अघोषित आपातकाल लागू है. भारतीयलोकतंत्र पर व्यवस्थागत और खतरनाक तरीके से पांच गुना ज्यादा हमला किया जा रहा है. जिसे अघोषित आपातकाल कहना सही होगा कांग्रेस नेदावा किया कि देश में बेलगाम नफरती भाषण दिए जा रहे हैं और नागरिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश नेएक बयान जारी कर कहा कि ‘सरकार के आलोचकों को बदनाम किया जा रहा है। सत्ता में बैठे लोगों द्वारा नफरत और कट्टरता फैलाई जा रही है. प्रदर्शन करने वाले किसानों को खालिस्तानी करार दिया जा रहा है और जाति जनगणना की मांग करने वालों को शहरी नक्सली बताया जा रहा है. जयराम रमेश ने कहा कि ‘महात्मा गांधी के हत्यारों का महिमामंडन किया जा रहा है. हाशिए पर पड़े वर्गों पर साधा जा रहा है निशानाअल्पसंख्यक डर में जी रहे हैं दलित और अन्य हाशिए पर पड़े वर्गों पर निशाना साधा जा रहा है मंत्री नफरती भाषण दे रहे हैं और उसके बदले उन्हेंपुरस्कृत किया जा रहा है.कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है. जब केंद्र सरकार ‘संविधान हत्या दिवस’ मना रही है आज देश में आपातकाल लागूहुए पूरे 50 साल बीत गए हैं. इंदिरा गांधी ने साल 1975 में देश में आपातकाल लगाया था भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, ‘कांग्रेसपार्टी ने देश में आपातकाल लगाने के लिए आधिकारिक तौर पर माफी नहीं मांगी है. अगर तानाशाह गांधी-वाड्रा परिवार में जरा भी लोकतांत्रिक मूल्यबचा है तो उन्हें 50 साल पहले आपातकाल लगाने के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. गांधी-वाड्रा परिवार ने इस देश के संविधान कीहत्या की लोकतंत्र को खत्म किया और बुनियादी अधिकारों को छीना. यह सब अपनी सत्ता को बचाने के लिए किया गया. शिवसेना (यूबीटी) सांसदसंजय राउत ने कहा कि ‘संविधान का पूरा सम्मान करते हुए इंदिरा गांधी ने उस समय आपातकाल लगाया था. आपातकाल को है संवैधानिक मान्यता प्राप्तलोकतंत्र में आपातकाल को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है इसलिए आप इसे संविधान हत्या दिवस नहीं मान सकते। इंदिरा गांधी जोड़-तोड़ करके, पैसेका इस्तेमाल करके चुनाव जीत सकती थीं. लेकिन इंदिरा गांधी ने ऐसा नहीं किया इंदिरा जी लोकतंत्र की चौकीदार थीं पिछले 11 साल से देश मेंअघोषित आपातकाल है.सपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘जब आपातकाल लगाया गया और उसके बाद संघर्ष हुआ, तो यह दूसरास्वतंत्रता संग्राम बन गया. मैं भी एक राजनीतिक कार्यकर्ता हूं और उस संघर्ष में सक्रिय था मैंने इसे देखा। देश की स्थिति भयावह थी. कोई बोल यालिख नहीं सकता था प्रेस पर पूरी तरह से सेंसरशिप थी. वर्तमान स्थिति उस पिछली स्थिति से काफी मिलती-जुलती है आज अघोषित आपातकाल हैअभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण नहीं है सरकार के खिलाफ बोलने वाले किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जाता है. मनगढ़ंत मुकदमे चलाए जाते हैंऔर उसे गिरफ्तार किया जाता है आज भी सच्ची राजनीतिक स्वतंत्रता का अभाव है. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्थापित मूल्यों और भारत कीस्वतंत्रता के उद्देश्य की अवहेलना की जाती है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव का ऐलान मध्यप्रदेश बनेगा देश की डेयरी कैपिटल, गौ-पालन को मिलेगा नया विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को देश की डेयरी केपिटल बनाएंगे. पशुपालन एवं डेयरी विभाग का नाम पशुपालन, डेयरी औरगौपालन विभाग होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में राज्य स्तरीय गौशाला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. सम्मेलन में प्रदेश भर से आए गौ-पालकों और गौ-शाला संचालकों ने उत्साह से भागीदारी की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शालाओं को 90 करोड़ रुपए की अनुदान राशि अंतरित सिंगल क्लिक से की। इस अवसर पर भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तीन हितग्राहियों को प्रतीकस्वरूप ऋण स्वीकृति आदेश भी दिए गए.मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश की दुग्ध राजधानी बनाना है. राज्य शासन द्वारा इसके लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं.मध्यप्रदेशनदियों का मायका है. पूरा प्रदेश वनों से आच्छादित है वर्ष 2002-03 तक पशुपालन विभाग का बजट सिर्फ 300 करोड़ था. दूध है सम्पूर्ण आहारजो बढ़कर अब 2600 करोड़ हो गया है. किसी समय प्रदेश में फैट मात्रा के अनुसार दूध खरीदने की व्यवस्था लागू की गई थी राज्य सरकार ने अमृतसमान गौ-माता का दूध खरीदने का निर्णय लिया है ताकि गौ-पालकों तक लाभ पहुंचे.मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाय का दूध सम्पूर्ण आहार है. राज्य में हाईटैक गौशालाएं संचालित हो रही हैं। सरकार का अर्थ ही यह है कि गरीबों के जीवन से कष्टों का नाश हो और सुख का मार्ग प्रशस्त हो. राज्य सरकार ने गौशाला संचालन के लिए अनुदान राशि 20 रुपए से बढ़कर 40 रुपए प्रति गाय प्रतिदिन की गई है. राज्य सरकार ने राष्ट्रीय डेयरीविकास बोर्ड से अनुबंध किया है प्रदेश का दूध उत्पादन पांच गुना करने का लक्ष्य है। वर्तमान में प्रदेश में साढ़े पांच करोड़ लीटर दूध उत्पादित होता हैऔर इसमें से लगभग आधा घरेलू उपयोग और शेष मार्केट तक पहुंचता है. फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर प्रदेश में दुग्ध से समृद्धि के लिए नईयोजनाएं बना रहे हैं. दुग्ध उत्पादन और संकलन के कार्य को व्यवस्थित बनाने के लिए समितियों की संख्या भी 9 हजार से बढ़कर 26 हजार करने कासंकल्प है.मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशुपालन विभाग का नाम बदल कर अब इसे पशुपालन के साथ गोपालन विभाग भी कहा जाएगा. कल्याणकारी योजनाएं की जाएगी संचालिगौ- माता को सम्मान देते हुए इस विभाग के माध्यम से कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाएंगी. डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में गायके पालन के लिए अनुदान दिया जा रहा है। गाय के गोबर से किसान खाद बनाएं, सरकार प्राकृतिक खाद से उत्पादित अनाज का ज्यादा भाव देगी. वर्तमान में इंदौर, देवास, रीवा एवं कुछ अन्य जिलों में गौ-शालाओं के माध्यम से सीएनजी गैस का उत्पादन किया जा रहा है. किसानों को रसायन मुक्तप्राकृतिक और जैविक खाद उपलब्ध हो रही है बड़ी गौशाला खोलने के लिए राज्य सरकार 125 एकड़ जमीन प्रदान करेगी. वर्तमान बजट में इसकेलिए प्रावधान भी किया गया है अगले तीन साल में गौ-पालन के क्षेत्र में प्रदेश का परिदृश्य बदलेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 7 गौ-शालाएं पुरस्कृत हुई हैं और गौ सेवी भी सम्मानित हुए हैं. यह भोपाल, दमोह, अनूपपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा, हरदा और विदिशा जिलों के हैं। कार्यक्रम में73 गौशालाओं को पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए.

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला व्यापारियों के लिए बनेगा ‘दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड’, 10 करोड़ का फंड मंजूर

Dellhi Latest News: दिल्ली सरकार ने आज व्यापारियों के लिए बड़ी घोषणा की है दिल्ली के व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए दिल्लीव्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. इसके लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये काफंड भी आवंटित किया है 15 सदस्यीय समिति इस बोर्ड में शामिल होगी. सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठनकरने जा रही है. इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है यह बोर्ड दिल्ली के व्यापारियों के कल्याण के लिए बनाया जा रहा है ये बोर्ड दिल्ली केव्यापारियों की हर तरह से चिंता करेगा इस बोर्ड के माध्यम से व्यापारियों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. विकास को दिया बढ़ावादिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि व्यापारी देश के विकास में बढ़ावा देते हैं. ऐसे में सरकार और समाज की जिम्मेदारी है कि वे इस वर्ग कोआवश्यक सम्मान और सुविधाएं दें. दिल्ली सरकार ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन करने जा रही है इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इसकेलिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया है 15 सदस्यीय समिति इस बोर्ड में शामिल होगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि बोर्ड के गठन केलिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है और इसमें 15 सदस्यीय समिति शामिल होगी. जो व्यापारियों से जुड़े सभी मुद्दों पर कामकरेगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. सरकार की यह ज़िम्मेदारी बनती है कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा औरआवश्यक सहायता प्रदान की जाए. यह बोर्ड उनके हितों की रक्षा करेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायक बनेगा.

गुजरात-पंजाब उपचुनाव में AAP की जीत, केजरीवाल बोले देश को भाजपा से मुक्ति दिलाएगी आम आदमी पार्टी

गुजरात और पंजाब के विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल एक बारफिर से राष्ट्रीय राजनीति में वापस आ गए हैं. वहीं अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि देश को भाजपा से मुक्ति केवल आम आदमी पार्टी ही दिलासकती है.उन्होंने बताया कि पंजाब की जनता ने बताया कि आप सरकार के काम से खुश हैं वहीं गुजरात की जनता बदलाव चाहती है. दोनों जगह भाजपा-कांग्रेस ने मिलकर आप को हराना चाहा लेकिन जनता ने इन दोनों पार्टियों को ही हरा दिया. सोमवार को पार्टी मुख्यालय में केजरीवाल ने लुधियाना पश्चिम से जीते संजीव अरोड़ा और विसावदर से जीते गोपाल इटालिया को बधाई दी.उन्होंने कहा कि गुजरात में आप एक विकल्प के तौर पर उभर रही है. 2022 के चुनाव में गुजरात में कांग्रेस को 17 सीट मिली थी और आम आदमी पार्टी को 5 सीट मिली थी. 3 विधायत हुए भाजपा में शामिलपिछले 3 साल में गुजरात के पांच विधायक छोड़कर भाजपा में चले गए, जबकि आप का 5 में से एक विधायक भाजपा में गया. कांग्रेस को छोड़करभाजपा में गए विधायकों की सीटों पर पिछले साल उपचुनाव हुए थे और कांग्रेस पांचों सीट हार गई. सारी सीट भाजपा के पास चली गई। भाजपा नेविसावदर से आप विधायक की चोरी की थी. आज हम उस सीट को भाजपा से वापस छीन कर ले आए हैं.अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा जाने कीसारी अटकलों को खारिज कर दिया उन्होंने कहा कि राज्यसभा से कौन जाएगा, यह पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी तय करेगी, लेकिन मैंराज्यसभा नहीं जा रहा हूं.आप के वरिष्ठ नेता व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि गुजरात की विसावदर सीट पर आप ने भाजपा कोहराकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है.आप के वरिष्ठ नेता व पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस जीत से पंजाब के कार्यकर्ताओं कामनोबल बढ़ा है. इस काम से पंजाब के लोग खुश हैं. आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सेमीफाइनल जीत लिया है अब फाइनल की बारी है. वहीं गुजरातकी जीत इस बात संकेत है कि लोगों ने अरविंद केजरीवाल की काम की राजनीति पर भरोसा जताया है.

इस्राइल-ईरान टकराव पर विराम अमेरिका ने टाला बड़ा युद्ध, तीनों देशों ने दिखाया अपनी-अपनी जीत का दावा

International News: इस्राइल के लिए यह ईरान के परमाणु ठिकाने तबाह करने की सफलता है तो ईरान भी दुश्मन को कड़ा जवाब देने का दमभर सकता है, इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान निदेशक अली वेज के मुताबिक इस्राइल की मदद के लिए सीधे तौर पर जंग में कूदकर दुनियाभर मेंसनसनी मचा देने वाला अमेरिका आखिरी मौके पर दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम कराकर एक बड़ा संघर्ष टालने का श्रेय ले सकता है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्पष्ट घोषणा के फिलहाल इस्राइल-ईरान के बीच जंग थम गई है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुकाम परयुद्ध रुकना इस्राइल, ईरान और अमेरिका तीनों के लिए अपनी-अपनी जीत का दावा करने का मौका साबित हो सकता है. संघर्ष टालने का ले सकता श्रेयविशेषज्ञों की मानें तो इस्राइल के लिए यह ईरान के परमाणु ठिकाने तबाह करने की सफलता है तो ईरान भी दुश्मन को कड़ा जवाब देने का दम भरसकता है. इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान निदेशक अली वेज के मुताबिक इस्राइल की मदद के लिए सीधे तौर पर जंग में कूदकर दुनियाभर मेंसनसनी मचा देने वाला अमेरिका आखिरी मौके पर दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम कराकर एक बड़ा संघर्ष टालने का श्रेय ले सकता है. सबसे बड़ासवाल है कि तीनों देश अपने-अपने चेहरे कैसे बचाएंगे तो जंग के बीच के घटनाक्रम पर गौर करें तो इसके सिरे इसी में छिपे मिल जाएंगे. ईरान कीसुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने सोमवार को एक आपात बैठक की जिसमें अमेरिकी हमले का जवाब देने की रणनीति बनी क्योंकि ईरान कोअपना चेहरा बचाना था. अमेरिका के साथ मोर्चा लेने की नौबतयुद्ध की रणनीति बनाने से जुड़े चार अधिकारियों के मुताबिक, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई ने एक बंकर के अंदर से इसका निर्देश जारी किया. लेकिन साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि यह बेहद सीमित होना चाहिए ताकि सीधे तौर पर अमेरिका के साथ मोर्चा लेने की नौबत न आए. विशेषज्ञ मानरहे हैं कि पर्दे के पीछे जारी घटनाक्रम में ईरानी नेताओं को उम्मीद थी कि सीमित हमले और अग्रिम चेतावनी जारी किए जाने से राष्ट्रपति ट्रंप के रुख मेंनरमी आएगी और ईरान को पीछे हटने का रास्ता मिल सकेगा. और इससे वाशिंगटन की तरफ से इस्राइल पर हवाई हमले रोकने का दबाव भी डालाजा सकता है.ईरान की रणनीति कारगर भी साबित हुई ट्रंप ने बाद में कहा भी कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर दागी गई 14 में से 13 ईरानी मिसाइलेंपहले ही मार गिराई गईं और इसके कारण न्यूनतम नुकसान हुआ है. यही नहीं, ट्रंप ने पूर्व चेतावनी देने के लिए ईरानी नेतृत्व का आभार भी जताया. यही नहीं इस हमले के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम कराने की घोषणा भी कर दी.

गृह मंत्री अमित शाह का हमला “आपातकाल तानाशाही मानसिकता की उपज, 25 जून को मनाया संविधान हत्या दिवस

गृह मंत्री ने कहा कि आपातकाल परिस्थिति और मजबूरी की नहीं बल्कि तानाशाही मानसिकता और सत्ता की भूख की उपज होता है. शाह ने यह भीकहा कि 25 जून सभी को याद दिलाता है कि कांग्रेस सत्ता के लिए किस हद तक जा सकती है. देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा थाजिसके 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी. विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के जरियेलोगों को आपातकाल के काले दौर की याद दिलाई जाएगी. जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मीसा बंदियों का सम्मान किया जाएगा. आपातकाल की 50वीं बरसी की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में श्यामा प्रसाद मुखर्जी न्यास की ओर से आयोजित आपातकाल के 50 साल कार्यक्रम मेंशाह ने कहा कि जब 11 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय किया कि हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाया जाएगा. देश में आपातकाल लगा था 25 जूनतब यह सवाल उठे कि 50 साल पहले हुई किसी घटना पर बात करके आज क्या हासिल होगा? उन्होंने कहा कि जब किसी अच्छी या बुरी राष्ट्रीयघटना के 50 साल पूरे होते हैं. तो सामाजिक जीवन में इसकी याद्दाश्त धुंधली हो जाती है और अगर आपातकाल जैसी लोकतंत्र की नींव हिलाने वालीघटना को लेकर समाज की याददाश्त धुंधली होती है तो यह किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए बहुत बड़ा खतरा होता है.उन्होंने कहा कि मन के भावदरअसल मानव प्रकृति के भाव हैं, जो कभी न कभी दोबारा उभर कर देश और समाज के सामने चुनौती बनकर आ सकते हैं शाह ने कहा कि भारतलोकतंत्र की जननी है यहां तानाशाही को स्वीकार नहीं किया जा सकता. देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा था. जिसके 50 वर्ष पूरे होने केमौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए किस हद तक जासकती है इसका सबसे बड़ा उदाहरण आपातकाल है इस दिन की याद दिलाना आवश्यक है ताकि युवा पीढ़ी को लोकतंत्र के महत्व और उसकी रक्षाकी जिम्मेदारी का एहसास कराया जा सके.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ऐतिहासिक फैसला: अब कांवड़ सेवा होगी पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और तकनीक से संचालित

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सावन महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर एक ऐतिहासिक और पारदर्शी नीति की घोषणा की है। मुख्यमंत्रीने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब कांवड़ सेवा को भ्रष्टाचार से मुक्त करते हुए आधुनिक और पारदर्शी प्रणाली के तहत संचालित किया जाएगा, जिससेहजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ सेवा समितियों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा पिछली सरकारों में यह पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार काअड्डा बन गया था। केवल एक-दो लोगों को ठेके मिलते थे और असली कांवड़ समितियां वंचित रह जाती थीं। अब सरकार ने तय किया है कि किसीभी टेंडर की जरूरत नहीं होगी। केवल रजिस्टर्ड समितियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि दी जाएगी। सिंगल विंडो सिस्टम – सिर्फ 72 घंटे में मंजूरी – दिल्ली के सभी 11 जिलों के डीएम ऑफिसों में सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए आवेदन की प्रक्रियाशुरू की जाएगी। आवेदन करने के 72 घंटे के भीतर अनुमति और सहायता प्रदान की जाएगी। पहले जहां वर्षों तक बिलों का भुगतान नहीं होता था, अब सिर्फ तीन महीने में अकाउंट्स क्लियर कर दिए जाएंगे। चार कैटेगरी में आर्थिक सहायतानई नीति के तहत सरकार चार श्रेणियों में सहायता देगी,जिसमें 50,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की राशि समितियों को दी जाएगी।50% राशि पहले, और 50% कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद दी जाएगी।बिजली और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था – कांवड़ समितियों की सबसे बड़ी मांग, बिजली को भी सरकार ने पूरा किया है। अब हर समिति को 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी। इसके साथ हीसिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को सेवा कार्यों में लगाया जाएगा।, ट्रैफिक और सुरक्षा की विस्तृत योजना तैयार की गई है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी आसानरजिस्टर्ड समितियों को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन जो समितियां रजिस्टर्ड नहीं हैं, वे भी आवेदन कर सकेंगी। फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व के आधार परसभी आवेदनों पर कार्रवाई होगी।धार्मिक समिति की निगरानी- इस पूरी योजना की निगरानी मुख्यमंत्री धार्मिक समिति के माध्यम से की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता कपिल मिश्राकरेंगे। इस समिति में चार विधायक भी मौजूद रहेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा हमें खुशी है कि अब कांवड़सेवा सही हाथों में पहुंचेगी। सेवा में लगे लोगों का सम्मान होगा, और दिल्ली एक नई धार्मिक-सेवा नीति की मिसाल बनेगी। यह नई नीति न केवलकांवड़ सेवा समितियों के लिए राहत है, बल्कि एक उदाहरण है कि धार्मिक आयोजनों को भी पारदर्शिता, जवाबदेही और आधुनिक प्रणाली के जरिएबेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह कदम दिल्ली में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा और साहसी निर्णयमाना जा रहा है।

Howdy Modi से Travel Advisory तक – सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी की विदेश नीति पर उठाए तीखे सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 11 वर्षों की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि मोदी सरकार ने एकदशक से अधिक समय तक विदेश यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय छवि निर्माण में ऊर्जा झोंकी, लेकिन जब आज भारत को विश्व समुदाय के सहयोग औरसमर्थन की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब वह समर्थन नज़र नहीं आ रहा है। सुप्रिया श्रीनेत ने अपने वक्तव्य में कहा – 11 साल से नरेंद्र मोदी जी इस देश के प्रधानमंत्री हैं। इस दौरान उन्होंने विदेशी दौरे, ग्लोबल इवेंट्स और मित्रराष्ट्रों के साथ रिश्ते बनाने पर विशेष जोर दिया। लेकिन आज जब देश संकट की घड़ी में है, तब वही राष्ट्र हमारा साथ देने की बजाय भारत से दूरी बनारहे हैं। अमेरिका की यात्रा चेतावनी बनी बहस का केंद्र – सुप्रिया श्रीनेत ने अमेरिका द्वारा भारत के लिए जारी की गई लेवल-2 ट्रैवल एडवाइजरी को लेकर भीगंभीर चिंता जताई। इस एडवाइजरी में अमेरिका ने कहा है कि-महिलाएं अकेले भारत यात्रा पर न जाएं।, अमेरिकी सरकारी कर्मचारी बिना अनुमतिभारत नहीं आ सकते।, भारत में रेप और यौन हमलों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो टूरिस्ट स्थलों तक में हो सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आईहै जब भारत सरकार दावा करती है कि भारत अब विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। लेकिन अमेरिका का यह कदम न केवल भारत की अंतरराष्ट्रीय छविको नुकसान पहुंचाता है, बल्कि देश में महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।पाकिस्तान को लाल कालीन, भारत को चेतावनी? – सुप्रिया श्रीनेत ने अमेरिका के दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आज जबअमेरिका भारत को महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चेतावनी दे रहा है, उसी समय वह पाकिस्तान के जनरलों का स्वागत कर रहा है, उनके लिए लालकालीन बिछा रहा है। क्या यही है मोदी जी की 11 साल की विदेश नीति की उपलब्धि? ‘Howdy Modi’, ‘नमस्ते ट्रम्प’ और खोखली उम्मीदें- सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार के भव्य विदेशी इवेंट्स का भी जिक्र करते हुए कहा-‘Howdy Modi’, ‘नमस्ते ट्रम्प’, और ‘अबकी बार, ट्रम्प सरकार’ जैसे इवेंट्स पर करोड़ों खर्च किए गए। लेकिन सवाल यह है कि आज उस खर्च और दिखावे सेहमें क्या मिला? उन्होंने पूछा कि क्या ये सारे आयोजन केवल प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत ब्रांडिंग के लिए थे या भारत के सामरिक हितों के लिए?सुप्रिया श्रीनेत का बयान सिर्फ विदेश नीति की आलोचना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि अगर हमारी प्राथमिकताएं केवल इवेंट और छवि निर्माणतक सीमित रहीं, तो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की विश्वसनीयता और साख को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। भारत को केवल इमेज नहीं, बल्किइम्पैक्ट की जरूरत है — और वह तब आएगा जब विदेश नीति जनहित और राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर संचालित होगी, न कि निजी ब्रांडिंग के इवेंट्ससे।