Skip to main content

NEWS अब तक

भाजपा अध्यक्ष को लेकर अटकलों के बीच संघ की वार्षिक बैठक, शताब्दी वर्ष की तैयारियों पर भी मंथन

भाजपा को नया अध्यक्ष कब मिलेगा इस पर अटकलों का बाजार गर्म है इन अटकलों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की एक बड़ी बैठकदिल्ली में बुलाई गई है. यह बैठक 4-6 जुलाई के बीच देश की राजधानी दिल्ली में होगी. इस बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी उपस्थितहोंगे वे इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए 28 जून को दिल्ली पहुंचेंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनीलअंबेकर ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह प्रतिवर्ष होने वाली एक बैठक है जिसमें अगले वर्ष संघ के कार्यों की एक रूपरेखा बनाई जाती है. संघशिक्षा वर्ग की समाप्ति के बाद होने वाली इस बैठक में संघ प्रमुख के अगले वर्ष की यात्राओं पर भी विचार किया जाता है. प्रचारक और क्षेत्र प्रचारक होंगें उपस्थितसंघ के दिल्ली मुख्यालय में होने वाली इस बैठक में सभी प्रान्त प्रचारक और क्षेत्र प्रचारक उपस्थित होंगे. संघ इस वर्ष अपना जन्मशताब्दी वर्ष भी मनारहा है इसके हेतु भी पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रमों की एक रूपरेखा बनाई गई है. इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमोंपर भी विचार किया जाएगा. संघ शताब्दी वर्ष ( 2025-26) के कार्यक्रम आगामी विजयादशमी दो अक्तूबर 2025 से प्रारंभ होकर अगले वर्षविजयादशमी 2026 तक चलेंगे. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के अलावा, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल, सीआर मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त, आलोक कुमार, अतुल लिमये सहित सभी अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख, सह प्रमुख एवं कार्यकारिणी केसदस्य बैठक में भाग लेने वाले हैं.

आंगनबाड़ी में फेस रिकॉग्निशन अनिवार्य करने पर कांग्रेस का विरोध, जयराम रमेश बोले “डिजिटल इंडिया को कमजोर बना रही सरकार”

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आंगनबाड़ी लाभार्थियों के फेस रिकॉग्निशन (चेहरा पहचान प्रमाणीकरण) के फैसले पर कांग्रेस ने केंद्र सरकारको घेरा है. कांग्रेस ने कहा कि एक ओर सरकार समावेश का भाषण देती है तो दूसरी ओर बहिष्कार का सपना देख रही है कांग्रेस ने आरोप लगाया किसरकार समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सामाजिक कल्याण के अधिकारों से वंचित करने के लिए तकनीक का उपयोग कर रही है. महिला एवं बालविकास मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण और बच्चों कीउपस्थिति की निगरानी के लिए अनिवार्य चेहरा पहचान प्रणाली लागू करें. नहीं महिलाओं को करना पड़ रहा नई बाधाओं का सामनाइस पर कांग्रेस ने कहा कि डिजिटल इंडिया को सक्षम बनाना चाहिए न कि शक्तिहीन बनाना चाहिए.कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश नेएक्स पर पोस्ट में आरोप लगाया कि सबसे पहले आधार को हथियार बनाकर करोड़ों श्रमिकों को मनरेगा से वंचित किया गया. एसिड अटैक सर्वाइवर्सको आधार में नामांकन के लिए अदालत में लड़ाई लड़नी पड़ी देश भर में आदिवासी अभी भी तकनीकी गड़बड़ियों के कारण राशन खो रहे हैं.उन्होंनेकहा कि अब गर्भवती महिलाओं को एक नई बाधा का सामना करना पड़ रहा है. एनएफएसए के तहत बुनियादी और कानूनी अधिकारों के लिए चेहरेकी पहचान तकनीक लाई जा रही है. पूरी दुनिया में इस बात के प्रमाण सामने आए हैं कि एफआरटी वर्ग और त्वचा के रंग के आधार पर भेदभाव करताहै. लाभार्थियों की संख्या में आई भारी गिरावटकांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि जब आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस), राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) एप जैसीअन्य तकनीकी या तो अपवाद साबित हुई हैं या विफल हो गई हैं. तब ऐसा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेलसंबंधी संसद की स्थायी समिति ने अपनी 365वीं रिपोर्ट में कहा था कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में एबीपीएस की शुरूआत से पात्र लाभार्थियोंकी योजना का लाभ उठाने की क्षमता प्रभावित हुई है. लाभार्थियों की संख्या में भारी गिरावट आई है जो वित्त वर्ष 19-20 में 96 लाख महिलाओं सेघटकर वित्त वर्ष 23-24 में 27 लाख रह गई. जयराम रमेश ने कहा कि फिर भी मोदी सरकार एक और भेदभावपूर्ण तकनीक लेकर आई है. डिजिटलइंडिया को सक्षम बनाना चाहिए, न कि कमजोर करना चाहिए. यह केवल भाषण समावेश का व्यवहार बहिष्कार का नहीं होना चाहिए.

असम में हिंदू विरोधी गतिविधियों पर सख्त एक्शन, अब तक 97 देशविरोधी गिरफ्तार बोले हिमन्त बिश्व शर्मा

असम के मुख्यमंत्री हिमन्त बिश्व शर्मा ने बताया कि राज्य में अलग-अलग जगहों से दो हिंदू विरोधियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ राज्य मेंपहलगाम आतंकी हमले के बाद राज्य में गिरफ्तार किए गए देश विरोधियों का आंकड़ा 97 हो गया है. गिरफ्तार आरोपियों में से एक तिनसुकिया औरदूसरा नागांव जिले से पकड़ा गया है. सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने लिखा कि ‘हिंदू विरोधियों के खिलाफकार्रवाई जारी है. 97 देश विरोधी और हिंदू विरोधी अब तक जेल के सलाखों के पीछे जा चुके हैं. सीएम ने बताया कि तिनसुकिया से गिरफ्तारआरोपी ने सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. की थी अपमानजनक टिप्पणीवहीं नागांव से गिरफ्तार आरोपी ने भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. इससे पहले एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम कोदेशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था. एआईयूडीएफ विधायक पर आरोप है कि उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान का बचावकिया था. अमीनुल इस्लाम को इस मामले में जमानत मिल गई थी लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद उन्हें फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहतगिरफ्तार कर लिया गया. बीती 2 मई को सीएम ने धमकी दी थी कि जो भी असम में पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाएगा. उसकी टांगें तोड़ दीजाएंगी. सीएम ने लोगों से की थी अपीलहाल ही में पंचायत चुनाव के लिए प्रचार के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने लोगों से अपील की थी कि लोग प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी और भारतीय सेना के लिए दुआएं करें ताकि पाकिस्तानी आतंकवाद की टांग तोड़ी जा सके. बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम मेंआतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी. इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावबढ़ गया था और भारत ने मई की शुरुआत में कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था. भारत की कार्रवाई से बौखलाएपाकिस्तान ने भारत के शहरों पर हमले की नाकाम कोशिश की थी हालांकि भारत के आगे उसकी एक न चली. आखिरकार 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का एलान हो गया.

विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का जनसंपर्क अभियान तेज, गांव-गांव जाकर बढ़ा रही जनाधार

डेढ़ साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी गांव-गांव जाकर अपना जनाधार बढ़ा रही है. पार्टी की करीब 1600 टीमेंगांवों में पोलिंग बूथ और सेक्टर कमेटियां बनाकर लोगों को जोड़ रही हैं. पार्टी का कहना है कि पदाधिकारी भी नामित किए जा रहे हैं. जो लोगों कोबसपा की नीतियों और विपक्ष की साजिशों से अवगत करा रहे हैं. बता दें कि पार्टी अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर भाईचारा कमेटी और ओबीसीकमेटी लगातार काम कर रही हैं. पार्टी नेताओं का मानना है कि जिस तरह वर्ष 2007 में भाईचारा कमेटियों के जरिये समाज के सभी वर्गों के लोगों कागठबंधन स्थापित करते हुए सरकार बनाई गई थी. विधानसभा चुनाव की करनी है तैयारीउसी फॉर्मूले पर अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी करनी है. इसके तहत गांव-गांव जाकर कमेटियों का गठन करना पहली प्राथमिकता है जिसकेलिए हर विधानसभा क्षेत्र में चार टीमें बनाई जा चुकी हैं पार्टी का मानना है कि बसपा नेताओं की नहीं कार्यकर्ताओं की पार्टी है चार बार रही बसपासरकार में गुमनाम चेहरों को भी इसी तरह पार्टी ने सियासी पहचान दी थी. इसी वजह से पूरा फोकस विधानसभा स्तर पर बूथ कमेटियों भाईचाराकमेटी और ओबीसी समाज को जोड़ने पर है. फिलहाल पार्टी तराई और अवध के इलाकों में फोकस कर तेजी से संगठन का विस्तार कर रही है. वहींदूसरी ओर पार्टी के चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद बिहार चुनाव के बाद यूपी में भी सक्रिय हो सकते हैं. बिहार चुनाव की तैयारियों में जुटे आकाश आनंददरअसल सूत्रों का कहना है फिलहाल बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर आकाश आनंद बिहार चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं. जिसके बाद उन्हें यूपी में भीसक्रिय किया जा सकता है फिलहाल यूपी और उत्तराखंड के संगठन की समीक्षा और उससे जुड़े फैसले बसपा सुप्रीमो खुद ले रही हैं. बसपा नेताओं कीनहीं कार्यकर्ताओं की पार्टी है समाज के सभी वर्गों के आपसी भाईचारे की बदौलत हमने सरकार भी बनाई है. बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर गांव-गांवजाकर कार्यकर्ताओं के जरिये संगठन को मजबूत किया जा रहा है. बसपा ऐसी नर्सरी है जो नेता बनाती है. पहले बड़ा मुकाम हासिल करने वाले नेताअपने बेटे-बेटियों के चक्कर में दूसरे दलों में चले गए थे.

ईरान-अमेरिका तनाव से बाजारों में हलचल, तेल उछला, नैस्डैक और डॉव वायदा फिसले

ईरान में परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले का वैश्विक बाजार पर व्यापक असर पड़ा. हमलों के बाद तेल की कीमतों में सोमवार को शुरुआतीकारोबार के दौरान 2% से अधिक का उछाल आया. लेकिन फिर मामूली नरमी दिखी. इस दौरान अमेरिकी स्टॉक वायदा और एशियाई शेयरों में भीगिरावट देखी गई.बाजार के जानकारों के अनुसार निवेशक अमेरिकी हमले के बाद ईरान की प्रतिक्रिया देखने के लिए उत्सुक हैं. अमेरिकी सेना की ओर से ईरान के तीनस्थलों पर किए गए हमले ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर सवालिया निशान लगा दिया है. एट्रिस एडवाइजरी जापान के प्रबंध निदेशक नील न्यूमैनने कहा, “मेरा मानना है कि यह एक छोटा संघर्ष होगा. युद्ध को बना दिया है तनावपूर्णअमेरिकियों की ओर से किया गया एक बड़ा प्रहार प्रभावी होगा और फिर हम सामान्य रूप से काम पर लग जाएंगे ऐसे में तत्काल घबराहट वालीप्रतिक्रिया की कोई आवश्यकता नहीं है. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2% बढ़कर 78.52 डॉलर प्रति बैरल हो गई. अमेरिकीकच्चे तेल की कीमत भी उछली जो सोमवार दोपहर तक एशिया में 2% बढ़कर 75.34 डॉलर प्रति बैरल हो गई. शनिवार को हुए हमलों ने इस्राइलऔर ईरान के बीच युद्ध को और तनावपूर्ण बना दिया है. इसके असर से एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के वायदे 0.3% गिर गएजबकि नैस्डैक वायदा 0.5% गिर गया. ट्रेजरी यील्ड में भी मामूली बदलाव दिखा यह संघर्ष 13 जून को ईरान पर इस्राइल के हमले के साथ शुरूहुआ. होर्मुज की संकरी जलडमरूमध्य पर है स्थितजिससे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया और अन्य बाजारों में भी उथल-पुथल दिखा. ईरान तेल का एक प्रमुख उत्पादक देश है और यह होर्मुजकी संकरी जलडमरूमध्य पर स्थित है. जिसके माध्यम से दुनिया का अधिकांश कच्चा तेल गुजरता है जलमार्ग को बंद करना तकनीकी रूप से कठिनहोगा. लेकिन ऐसा होने ने वैश्विक व्यपार गंभीर रूप से बाधित हो सकता है इससे बीमा दरें बढ़ सकती हैं और शिपर्स को अमेरिकी नौसेना के एस्कॉर्ट केबिना आगे बढ़ने में परेशानी हो सकती है. उत्तरी कैरोलिना के चार्लोट में एलपीएल फाइनेंशियल में मैक्रो रणनीति के प्रमुख क्रिस्टियन केर ने एकटिप्पणी में कहा “स्थिति अब भी बहुत अस्थिर बनी हुई है. और बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि तेहरान संयमित प्रतिक्रिया का विकल्प चुनताहै या अधिक आक्रामक कार्रवाई का.

इंदिरा गांधी पर निशाना, राहुल गांधी को ‘अंग्रेज़ी प्रेम’ पर घेरा निशिकांत दुबे का डबल अटैक जानें क्या है पूरा मामला

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी ने अमेरिका के दबाव मेंभारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. उन्होंने एक्स पर राज्यसभा में हुई चर्चा का एक दस्तावेज भी साझा कियानिशिकांत दुबे के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार भी किया. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सवाल दागा कि लौह महिला ने भारत शासित 5000 वर्गमील क्षेत्र पाकिस्तान को क्यों दिया? 93 हज़ार सैनिक लौटाने के बदले अपने 56 सैनिकों को पाकिस्तान के जेल में क्यों मरवा दिया? निशिकांत दुबेने कहा कि पूर्व रक्षा मंत्री महावीर त्यागी ने ये सवाल उठाए थे. लेकिन पूर्व भारतीय पीएम इंदिरा गांधी ने इनका कोई जवाब नहीं दिया था।भाजपा सांसद के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया-कहें शिमला समझौते को बंद करने के लिएकांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि मीडिया एक ढोंगी पर समय क्यों बर्बाद कर रहा है? ये व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं बल्कि व्हाट्सएप नर्सरीके छात्र हैं. इनसे कहिए कि पीएमओ जाएं और उनसे शिमला समझौते को बंद करने के लिए कहें. वे समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं? इससे पहले रविवारको निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी अंग्रेजी भाषा को गुलामी की तरह क्यों समर्थन दे रहे हैं? येवही विचार हैं जो 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल थे, जो उनके पिता राजीव गांधी ने पेश की थी। 1986 की नीति में हिंदी को बढ़ावा देने, संस्कृत सिखाने और अंग्रेजी को क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद कराने की बात कही गई थी. यही मूलभूत नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2020 की शिक्षानीति में भी आगे बढ़ाई गई है. उन्होंने सवाल किया कि जब रूस, चीन, फ्रांस, जापान और कोरिया जैसे देश अपनी भाषाओं पर गर्व करते हैं, तो हमक्यों नहीं? ‘आप गुलामों की तरह अंग्रेज़ी पर क्यों गर्व करते हैं?’ राहुल गांधी ने कहा था कि अंग्रेजी गरीबों के लिए एक मौका है और यह कोई जंजीरनहीं बल्कि एक पुल है.

अभय सिंह, राकेश प्रताप और मनोज पांडेय समाजवादी पार्टी से निष्कासित, सांप्रदायिकता और जनविरोधी रुख का आरोप

समाजवादी पार्टी (सपा) ने तीन विधायकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. सपा ने तीन विधायकों को पार्टी से निकाल दिया है पार्टी ने विधायकराकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और मनोज कुमार पांडेय पर कार्रवाई की है. सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी ने जानकारी दीहै कि विधायक अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और मनोज कुमार पांडेय को “उनकी सांप्रदायिक विभाजनकारी नकारात्मकता और किसान विरोधी, महिला विरोधी, युवा विरोधी, कारोबारी विरोधी , नौकरीपेशा विरोधी और ‘पीडीए विरोधी’ विचारधारा का समर्थन करने के कारण” निष्कासित करदिया।गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह, गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह और ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज कुमार पाण्डेय पर समाजवादीपार्टी ने एक्शन लिया है. लोगों के ह्रदय परिवर्तन के लिए लिखा गया पत्रदरअसल पोस्ट में लिखा है कि इन लोगों को हृदय परिवर्तन के लिए दी गई ‘अनुग्रह-अवधि’ की समय-सीमा अब पूरी हुई, शेष की समय-सीमा अच्छेव्यवहार के कारण शेष है भविष्य में भी ‘जन-विरोधी’ लोगों के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं होगा और पार्टी के मूल विचार की विरोधी गतिविधियांसदैव अक्षम्य मानी जाएंगी. जहां रहें, विश्वसनीय रहें.गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह, गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह और ऊंचाहारसीट से विधायक मनोज कुमार पाण्डेय पर समाजवादी पार्टी ने एक्शन लिया है. पोस्ट में लिखा है कि इन लोगों को हृदय परिवर्तन के लिए दी गई‘अनुग्रह-अवधि’ की समय-सीमा अब पूरी हुई, शेष की समय-सीमा अच्छे व्यवहार के कारण शेष है. भविष्य में भी ‘जन-विरोधी’ लोगों के लिए पार्टी मेंकोई स्थान नहीं होगा और पार्टी के मूल विचार की विरोधी गतिविधियां सदैव अक्षम्य मानी जाएंगी। जहां रहें, विश्वसनीय रहें.समाजवादी पार्टी नेगोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह, गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह और ऊंचाहार से विधायक मनोज कुमार पांडेय को निकाल दिया है। इनविधायकों पर सांप्रदायिक और विभाजनकारी सियासत को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसान विरोधी, महिला विरोधी, युवा विरोधी और व्यापारविरोधी नीतियों का समर्थन करने का आरोप है.

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, उड़ान से पहले इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खामी

चंडीगढ़ स्थित शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को उस समय बड़ा हादसा होने से बच गया जब लखनऊ जाने वाली इंडिगोएयरलाइन की फ्लाइट 6ई146 में उड़ान भरने से ठीक पहले विमान में तकनीकी खामी पकड़ी गई. पायलट की सतर्कता से विमान समय रहते रोकदिया गया इसमें सवार 177 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. बोर्डिंग के बाद फ्लाइट रद्द किए जाने से यात्रियों में भारी नाराजगी देखने कोमिली. करीब एक घंटे तक किसी ने उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी. इससे यात्री जमीन पर बैठकर इंतजार करते रहे. बताया गया कि यह फ्लाइटसुबह 7:10 बजे रवाना होने वाली थी सभी यात्री बोर्डिंग पूरी कर विमान में सवार हो चुके थे. विमान धीरे-धीरे पार्किंग एरिया से रनवे की ओर जा रहाथा. तभी पायलट को तकनीकी गड़बड़ी का आभास हुआ. यात्रियों को उतारा गया सुरक्षितसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने तत्काल निर्णय लिया और विमान को वापस पार्किंग क्षेत्र में लाकर सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार दिया. बोर्डिंग के बाद फ्लाइट रद्द किए जाने से यात्रियों में भारी नाराजगी देखने को मिली. इस फ्लाइट के अचानक रद्द होने और करीब एक घंटे तक यात्रियोंको किसी तरह की स्पष्ट जानकारी न मिलने से एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. छोटे बच्चों, बुजुर्ग और महिलाएं परेशान होती नजर आईंकुछ यात्री जमीन पर बैठकर इंतजार करते रहे. परेशान यात्रियों ने एयरलाइन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए. एक यात्री ने सोशल मीडिया परअपनी व्यथा साझा करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से भी मदद की गुहार लगाई। यात्रियों का कहना था कि बोर्डिंग के बाद फ्लाइट रद्दहोना न केवल असुविधाजनक है. बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ाता है. फ्लाइट कर दी गई रद्दएक यात्री ने नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि बोर्डिंग के बाद फ्लाइट रद्द कर दी गई. कोई सीनियर अधिकारी सामने नहीं आ रहा हैएक घंटे से ज्यादा हो गया है लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है. फ्लाइट रद्द होने के बाद इंडिगो एयरलाइन की ओर से यात्रियों को वैकल्पिकविकल्प देने की बात कही गई. एयरलाइन ने कहा कि जो यात्री यात्रा रद्द करना चाहें उन्हें पूरा किराया रिफंड किया जाएगा. वहीं जो यात्री सफर जारीरखना चाहते थे उन्हें दिल्ली होते हुए लखनऊ जाने के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा दी गई. कुछ को एयरलाइन्स की तरफ से ठहराने कीव्यवस्था भी की गई. वहीं दूसरी तरफ राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से दिल्ली आने व जाने वाली एअर इंडिया की दो उड़ानें 25 दिनों के लिए रद्द की गई हैं. ये उड़ानें 21 जून से 15 जुलाई तक निरस्त रहेंगी.

फजलुर रहमान से लेकर पीटीआई तक नाराज़, ट्रंप की नोबेल सिफारिश पर पाक में विरोध तेज

इस्लामाबाद की सियासत में इन दिनों एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है शहबाज शरीफ सरकार द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए आगे बढ़ाने पर पाकिस्तान में सियासी घमासान मच गया है. खास बात यह है कि ट्रंप की इस सिफारिश के कुछ घंटोंबाद ही अमेरिका ने ईरान के तीन अहम परमाणु ठिकानों पर हमला बोल दिया. जिसके बाद पाकिस्तान में सरकार की कड़ी आलोचना शुरू हो गई. पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को अचानक घोषणा की थी कि भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव कम करने में डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका कोदेखते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया जाएगा. फैसले पर उठने लगे है सवालइसके लिए उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने नॉर्वे में नोबेल कमेटी को सिफारिश पत्र भी भेज दिया. लेकिन ईरान पर अमेरिकी हमले केबाद इस फैसले पर सवाल उठने लगे हैं. जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने सरकार से इस सिफारिश को तुरंतवापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने ईरान, फिलिस्तीन, सीरिया और लेबनान पर हमलों का समर्थन किया है. उसे शांति पुरस्कारकैसे दिया जा सकता है? फजल ने यह भी आरोप लगाया कि सेना प्रमुख असीम मुनीर से ट्रंप की मुलाकात के बाद पाक हुक्मरानों ने यह सिफारिशकी. शांति दूत नहीं बन गए है युद्द का समर्थकपूर्व सांसद मुशाहिद हुसैन ने ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ट्रंप अब कोई ‘शांति दूत’ नहीं, बल्कि ‘युद्ध का समर्थक’ बन चुके हैं. उन्होंनेपाकिस्तान सरकार से नोबेल की सिफारिश को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि ट्रंप ने खुद को इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और युद्ध लॉबी केचंगुल में फंसा लिया है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता अली मोहम्मद खान ने भी इस सिफारिश पर सवाल उठाते हुए ‘पुनर्विचार’ की बात कही. वहीं पार्टी के थिंक-टैंक प्रमुख रऊफ हसन ने इसे पाकिस्तान के लिए शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर हमलाअंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करना पाकिस्तान की साख पर धब्बा है.

हादसे और खराब मौसम के बीच केदारनाथ हेली सेवा स्थगित, 8.65 करोड़ का नुकसान

केदारनाथ धाम के लिए हेलिकॉप्टर सेवा संचालित करने वाली सभी छह हेली कंपनियां रविवार को अपने सात हेलिकॉप्टरों के साथ केदारघाटी सेवापस लौट गई हैं. अब यह सेवा यात्रा के तीसरे चरण में, यानी सितंबर में, मानसून खत्म होने के बाद फिर से शुरू होगी. 17 से 21 जून तक उड़ानें रद्दहोने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस वर्ष 2 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आठ हेली कंपनियों के नौ हेलिकॉप्टरों को उड़ान की अनुमति दी थी. झेलना पड़ा करोडों का नुकसानहालांकि यात्रा का पहला चरण हेली कंपनियों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा कपाट खुलने से लेकर 21 जून तक, कुल 13,304 टिकट रद्द हुए, जिससे कंपनियों को 8.65 करोड़ से अधिक का भारी नुकसान झेलना पड़ा. शुरुआत में, 2 से 16 मई तक मौसम और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ेतनाव के कारण 1,638 टिकट रद्द हुए थे. 7 जून को, बडासू हेलिपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरते समय क्रिस्टल कंपनी के हेलिकॉप्टर कोरुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी. इस घटना के बाद, डीजीसीए ने सभी हेली कंपनियों के कार्यालयों का निरीक्षण कियाऔर उड़ानों के लिए शटल निर्धारित कीं जिससे उड़ानें नियंत्रित हुईं और कंपनियों को प्रतिदिन सैकड़ों टिकट रद्द करने पड़े.15 जून को केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरते समय आर्यन हेली कंपनी का हेलिकॉप्टर गौरी माई खर्क में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पायलट समेत हुई सात लोगों की मौतइस हादसे में पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे का कारण खराब मौसम बताया गया था इसी दौरान ट्रांस भारत के दोहेलिकॉप्टरों ने भी अलग-अलग हेलिपैड से उड़ान भरी और वापस लौटे थे. इन्हीं पायलटों ने आर्यन हेलिकॉप्टर के गुप्तकाशी न पहुंचने की सूचना दीथी. दुर्घटना के तुरंत बाद डीजीसीए ने दो दिनों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा बंद कर दी थी बाद में डीजीसीए ने खराब मौसम में जबरन उड़ान भरने के लिएट्रांस भारत के दोनों पायलटों के लाइसेंस छह महीने के लिए रद्द कर दिए. इसके साथ ही आर्यन कंपनी प्रबंधन से भी लंबी पूछताछ की गई औरराजस्व विभाग ने कंपनी प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. वहीं 17 से 21 जून तक खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाएजिससे यात्री खासे परेशान हुए.