पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का सोमवार को राजकोट के रामनाथपारा श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कियागया। उनके बेटे ऋषभ रूपाणी ने उन्हें मुखाग्नि दी। भारी बारिश के बीच हजारों की संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। विजयरूपाणी का निधन 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे में हुआ था। अमित शाह और वरिष्ठ नेताओं ने दी श्रद्धांजलिअंतिम संस्कार से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई गणमान्य नेताओं ने उन्हेंश्रद्धांजलि अर्पित की। श्मशान घाट पर राजकीय सलामी भी दी गई। रूपाणी को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में आमजन भी उमड़े। डीएनए मिलान के बाद हुई पहचानहादसे में उनका शव बुरी तरह जल गया था, जिससे पहचान संभव नहीं हो पाई थी। रविवार को डीएनए नमूनों के मिलान के बाद ही रूपाणी के पार्थिवशरीर की पुष्टि हो सकी। सोमवार सुबह मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में उनके पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ परिजनों को सौंपा गयाऔर फिर राजकोट लाया गया। घर पहुंचने पर लोगों ने दी अंतिम विदाईजब उनका शव राजकोट स्थित निवास पर पहुंचा, तो सड़क के दोनों ओर लोग कतार में खड़े होकर अंतिम विदाई देने लगे। समर्थकों ने फूल बरसाएऔर ‘विजयभाई तुम अमर रहो’ के नारे लगाए। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री औरगुजरात भाजपा अध्यक्ष सी.आर. पाटिल, राज्यपाल देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी। शाम को निकली अंतिम यात्राशाम 5 बजे रूपाणी के घर से अंतिम यात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रामनाथपारा श्मशान घाट पहुंची। पूरे मार्ग में लोगों कीभीड़ उमड़ पड़ी थी। अंतिम यात्रा के दौरान भी भावुक माहौल देखने को मिला। श्मशान घाट पर नेताओं और जनता ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाईदी।
बिजली-पानी का संकट, मंत्री नदारद – दिल्ली बेहाल” सौरव भारद्वाज का BJP सरकार पर हमला

दिल्ली में हाल ही में हुई बारिश और उससे हुए जलजमाव ने राजधानी की तैयारियों की पोल खोल दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेशअध्यक्ष सौरव भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजधानी में बिजली और पानीकी हालत बेहद खराब हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार मंत्री गायब हैं।जहां देखो वहां पानी, बिजली नहीं सौरव भारद्वाज ने कहा कि बीते कुछ दिनों मेंबारिश ने दिल्ली की हालत बिगाड़ दी है। दिल्ली की सड़कों पर जलजमाव है, कॉलोनियों में पानी घुस गया है, लेकिन PWD मंत्री का कोई अता-पता नहीं। उन्होंने बताया कि उनके साथ एक व्यक्ति ग्रेटर कैलाश से थे, जिन्होंने कहा कि वे पिछले 25 साल से वहीं रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने इतनीखराब स्थिति कभी नहीं देखी। बिजली संकट – राजधानी अंधेरे में AAP अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में लगातार 12 से 14 घंटे के बिजली कट हो रहेहैं। यह हाल तब है जब राजधानी में भीषण गर्मी पड़ रही है और लोगों को राहत की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि LG दफ्तर के एककर्मचारी ने भी हाल ही में ट्वीट कर बताया कि उनके घर पर भी बिजली नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, जब LG साहब के दफ्तर के लोग बिजलीसंकट झेल रहे हैं, तो बाकी दिल्ली का क्या हाल होगा? मंत्री लापता, मुख्यमंत्री प्रचार में व्यस्त- सौरव भारद्वाज ने कहा कि जो मंत्री अपने-अपनेविभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, वे नजर नहीं आ रहे। और मुख्यमंत्री खुद प्रचार में व्यस्त हैं। दिल्ली की जनता ने वोट आपके काम के लिए दिया था, न कि प्रचार के लिए। उन्होंने अपील की कि सरकार को दिल्ली की ज़मीनी समस्याओं परध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वे सिर्फ प्रचार और दिखावे में उलझे रहें। आम आदमी पार्टी ने BJP पर आरोप लगाया कि दिल्ली की जनता कोजिस मूलभूत सुविधाओं की सबसे ज़रूरत है – जैसे बिजली और पानी – वही बुरी तरह चरमराई हुई हैं। सौरव भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जबराजधानी में हालात इतने खराब हैं, तब सरकार और उनके मंत्री आखिर हैं कहां? जनता जवाब मांग रही है। दिल्ली काम चाहती है, बहाने नहीं।”
एक साल की BJP सरकार पर कांग्रेस का वार- वादे अधूरे, भ्रष्टाचार चरम पर, फिर कैसा उत्सव?

ओडिशा में बीजेपी सरकार के एक साल पूरे होने पर जबरदस्त जश्न का माहौल है, लेकिन कांग्रेस ने इस उत्सव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेसनेताओं ने कहा कि सरकार का एक साल जनता के लिए तकलीफों से भरा रहा है, और ऐसे समय में जश्न मनाना शर्मनाक है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा: -देश और राज्य में लगातार कठिन परिस्थितियाँ हैं। जनता परेशान है – महंगाई, बेरोजगारी, प्राकृतिक आपदाएं और खराब प्रशासन ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। ऐसे समय में केंद्र और राज्य सरकारों को जनता के साथखड़ा होना चाहिए, लेकिन वे उत्सव में डूबी हैं।“Zero Tolerance” का दावा झठा निकला? -दास ने कहा कि चुनाव से पहले BJP ने “Zero Tolerance for Corruption” का वादा किया था, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है। हाल ही में एक चीफ इंजीनियर के पास करोड़ों कीसंपत्ति मिली। एक ED अधिकारी को CBI ने गिरफ्तार किया।, एक IAS अधिकारी के पास लाखों रुपये कैश मिले। उन्होंने कहा, अगर ये भ्रष्टाचारनहीं है, तो फिर क्या है? सरकार को जवाब देना होगा। विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने कहा:- BJP ने चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन एक साल में एक भी वादापूरा नहीं हुआ।” पेसा एक्ट के नाम पर आदिवासियों को लुभाया गया, लेकिन अब उनके घर तोड़े जा रहे हैं और उनकी जमीनें छीनी जा रही हैं। आशावर्करों को स्थायी करने और ₹12,000 मानदेय देने का वादा अधूरा है। छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटर देने की योजना शुरू ही नहीं हुई। उन्होंने कहा, “जनता को सपना दिखाकर ठगा गया है। स्वास्थ्य सेवाएं जर्जर, योजनाएं फेलकांग्रेस सांसद सप्तगिरी उल्का ने ओडिशा की स्वास्थ्य सेवाओं की हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा राज्य के ज़्यादातर जिलों में डॉक्टरों की भारीकमी है – 12,000 की आबादी पर एक डॉक्टर भी नहीं है। कई सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड अस्वीकार किए जा रहे हैं।मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार देने के लिए लाई गई‘उद्यम क्रांति योजना’ भी पूरी तरह फेल हो चुकी है। “लाखों युवा सब्सिडी और ब्याज मुक्त लोन के इंतजार में हैं, लेकिन सरकार के पास कोई जवाबनहीं। देश दुख में, ओडिशा सरकार मस्ती में -उल्का ने कहा कि सरकार 12 से 20 जून तक “एक साल का उत्सव” मना रही है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदीभी शामिल होंगे। जब देश में दुखद घटनाएं हो रही हैं, लोगों को राहत की जरूरत है, तब सरकार जश्न मना रही है। ये संवेदनहीनता की हद है।ओडिशा कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के एक साल को “विफलताओं का साल” बताया है। नेताओं का कहना है कि जमीनी हकीकत बहुत खराब है, औरसरकार को जश्न नहीं, जवाब देना चाहिए। जनता ने वोट भरोसे पर दिया था, अब सरकार वादों से पीछे हट रही है। एक साल बीत गया, लेकिनबदलाव नजर नहीं आ रहा।”
अमिताभ कांत ने G20 शेरपा पद से दिया इस्तीफा, 45 वर्षों की सेवा के बाद नई यात्रा की घोषणा

अमिताभ कांत ने जी20 शेरपा के पद से इस्तीफा दे दिया है केरल कैडर के 1980 बैच के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारीअमिताभ कांत को भारत के जी20 शेरपा के रूप में जुलाई 2022 में नियुक्त किया गया था. नियुक्ति भारत की ओर से जी20 की अध्यक्षता संभालनेसे कुछ महीने पहले की गई थी. उन्होंने अपनी सरकारी सेवा में 45 वर्षों के दौरान विविध कार्यभार संभाले.अमिताभ कांत लिंक्डइन पर ‘माय न्यू जर्नी’ शीर्षक से एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा, ’45 साल की समर्पित सरकारी सेवा के बाद मैंने नएअवसरों को अपनाने और जीवन में आगे बढ़ने का फैसला किया है. मैं जी20 शेरपा के रूप में मेरा इस्तीफा स्वीकार करने और मुझे कई विकासात्मकपहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री का आभारी हूं. प्रधानमंत्री का करता हूं आभार व्यक्तमैं भारत की वृद्धि विकास और प्रगति में योगदान करने का अवसर देने के लिए भी भारत के प्रधानमंत्री का आभारी व्यक्त करता हूं.उन्होंने आगे लिखा2023 में भारत की G20 अध्यक्षता का नेतृत्व करना मेरे करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था. जटिल वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हमनेनेताओं के घोषणापत्र पर सर्वसम्मति हासिल की और प्रमुख विकासात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया. भारत की G20 अध्यक्षता जन-केंद्रित औरसमावेशी थी. जिसकी बैठकें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित की गईं। इसने सहकारी संघवाद को मजबूत किया, स्थानीय संस्कृतिका जश्न मनाया और देशभर में बुनियादी ढांचे को उन्नत किया. हमने G20 में अफ्रीकी संघ को शामिल करने में भी सफलता सुनिश्चित की जिससेवैश्विक समानता और वैश्विक दक्षिण की आवाज के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पूरी हुई.नागरिकों के जीवन को दिया बदलउन्होंने लिखा’नीति आयोग के सीईओ के रूप में मुझे आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसे पथ-प्रदर्शक कार्यक्रमों का नेतृत्व करने का सौभाग्य मिला. जिसनेभारत के 115 सबसे अविकसित जिलों में आम नागरिकों के जीवन को बदल दिया. हमने भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की नींव रखनेमें मदद की और विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाया. विनिर्माण से लेकर पीएलआई योजनाओं तक अटल इनोवेशन मिशन के माध्यम सेनवाचार और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल के माध्यम से स्थिरता तक के प्रयासों ने भारत को नवाचार और जलवायु कार्रवाई मेंअग्रणी के रूप में स्थापित किया.उन्होंने लिखा’औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग के सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने सुधार औरउदारीकरण पर ध्यान केंद्रित किया. मैंने व्यापार करने में आसानी मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी प्रमुख पहलों को आगे बढ़ाया. इनसे भारतके व्यापार परिदृश्य में बदलाव आया और देश को विश्व बैंक की रैंकिंग में 79 पायदान ऊपर चढ़ने में मदद मिली.
अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला कहा, अपराधियों की पार्टी है यूपी अराजकता की गिरफ्त में

राजधानी लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा को निशाने पर लिया. कहा कि भाजपा में अपराधियों की भरमार है वह भू-माफिया को प्रश्रय देती है। भाजपा के लोग सरकारी और गरीबों की जमीनों पर जबरन कब्जा कर रहे हैं. भाजपा सरकार में यूपी अराजकता की गिरफ्तमें है अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कानून व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है. अखिलेश यादव रविवार को प्रदेश सपामुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे. स्वदेशी अपनाने की नहीं करते बातउन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख केंद्र सरकार को स्वदेशी अपनाने की बात क्यों नहीं करते हैं. आज देश का पूरा बाजार चीनी सामानों से पटा हुआ हैइसके लिए केंद्र की भाजपा सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है इसकी आर्थिक नीतियां पूरी तरह विफलहैं केंद्र की 11 वर्ष और प्रदेश की नौ वर्ष की भाजपा सरकार में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ है. उत्तर प्रदेश में केंद्र और प्रदेश सरकार मिल करअभी भी समाजवादी सरकार में किए गए विकास कार्यों का फीता काट रही हैं. अखिलेश यादव ने भाजपा पर जुबानी हमला बोला कहा कि भाजपा मेंअपराधियों की भरमार है अपराध व भ्रष्टाचार चरम पर है यूपी अराजकता की गिरफ्त में है. स्वदेशी बाजार चीन के उत्पादों से पटे हैं इसके लिए केंद्रसरकार जिम्मेदार है.
प्रशांत किशोर का सरकार पर निशाना बोल-बिहार अब भी पिछड़ा, स्वास्थ्य मंत्री सबसे बड़े दोषी जानें क्या है पूरा मामला

मुजफ्फरपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि वे पिछले कुछ दिनों से बिहार में बदलाव के अभियान को लेकर जनता के बीचजा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह वही बिहार है जहां जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने क्रांति की शुरुआत की थी. लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनीहुई है। उन्होंने बताया कि जेपी ने 50 साल पहले जिस बदलाव की शुरुआत सिताब दियारा से की थी. उसी स्थान से उन्होंने भी अपने अभियान कीशुरुआत की है प्रशांत किशोर ने बिहार की वर्तमान स्थिति की तुलना 1970 के दशक के हालात से की और कहा कि राज्य आज भी देश के गरीब औरपिछड़े राज्यों में शामिल है. दिया बड़ा दोषी करारउन्होंने जन सुराज को समस्याओं से निकलने का एक विकल्प बताते हुए कहा कि लोग इस मुहिम से जुड़ रहे हैं. कुढ़नी रेप कांड को लेकर पीके ने बड़ाबयान देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक बलात्कार की घटना नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का गंभीर मामला है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगलपांडे को इस पूरे मामले का सबसे बड़ा दोषी करार दिया. उन्होंने बताया कि जन सुराज के कार्यकर्ता सबसे पहले पीएमसीएच में पीड़िता से मिलनेपहुंचे थे. पीके ने कहा कि मंगल पांडे के मंत्री रहते हुए ये घटना हुई और बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. उन्होंने चेतावनी दी किअगर जरूरत पड़ी तो जन सुराज पटना में प्रदर्शन करेगा और मंगल पांडे को इस्तीफा देना ही होगा.समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी के बयान परप्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका परिवार दलित विरोधी रहा है और दलित नाम का सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल करता है. दिलाया न्यायिक पदउन्होंने कहा कि अशोक चौधरी पहले खुद मंत्री बने, फिर बेटी को सांसद और दामाद को न्यायिक पद दिलाया. उन्होंने सवाल किया कि अगर वाकईदलितों के लिए काम किया है तो बताएं कि कितने दलित बच्चों की जिंदगी बदली है? पीके ने आंकड़े देते हुए कहा कि आज भी बिहार में सिर्फ 3% दलित बच्चे ही 12वीं तक की पढ़ाई पूरी कर पाते हैं.प्रशांत किशोर ने मंत्री अशोक चौधरी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तोअपने क्षेत्र में किए गए कार्यों को बताएं. उन्होंने कहा कि वह अपने दम पर अशोक चौधरी के इलाके में उनसे ज्यादा लोगों को अपनी ओर खींच सकतेहैं.
यूपी में अति पिछड़ों को साथ लाने की कांग्रेस की पहल, ‘भागीदारी न्याय महासम्मेलन’ से सामाजिक क्रांति की शुरुआत

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अति पिछड़ी जातियों को गोलबंद करेगी. इन जातियों को सियासी गुलदस्ते के रूप में सजाकर सियासी ताकत बढ़ाएगी इसकीशुरुआत शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित भागीदारी न्याय महासम्मेलन से की गई है. महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कांग्रेसपिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने कहा कि कांग्रेस हर व्यक्ति को हिस्सेदारी दिलाने के लिए तत्पर है अब आबादी के हिसाब सेहिस्सेदारी मिलेगी. उन्होंने कहा कि देशभर के 90 प्रतिशत पिछड़े, दलित आदिवासी अल्पसंख्यक समाज के साथ प्रतिदिन शोषण हो रहा है. उनकेशोषण का प्रमुख कारण आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा, सभी संवैधानिक संस्थाओं के सभी स्तर के पदों में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी ना होनाहै. देश के सभी संसाधनों में आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी होनी चाहिए. लोगों को हिस्सेदारी औऱ मिलगा न्यायलोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में निश्चित रूप से बहुजन समाज के लोगों को हिस्सेदारी और न्याय मिलेगा. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारीअविनाश पांडेय ने कहा कि 2025 का वर्ष कांग्रेस पार्टी का संगठन सृजन का वर्ष है. सामाजिक न्याय संगठन सृजन का प्रमुख आधार बिंदु है संगठनके सभी स्तरों में सभी वर्गों के लोगों को उनकी आबादी के अनुपात में पद और जिम्मेदारी देने के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध है. 60 फीसदी से अधिक पदोंपर पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यकों को हिस्सेदारी दी जाएगी. प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा कि सभी वर्गों का हित तभी सुरक्षित हैं. जब संविधान सुरक्षित और मजबूत रहेगा। इसलिए सभी वर्गों का यह दायित्व है कि आर्थिक असामानता, जातीय शोषण, सांप्रादायिकता को जड़ से समाप्त करने के लिए एकजुट हों. महासम्मेलन के संयोजक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि इसमहासम्मेलन से प्रदेश में सामाजिक क्रांति की नई शुरुआत हो रही है. किया जाएगा न्याय सम्मेलनअब गांव- गांव सामाजिक भागीदारी न्याय सम्मेलन करके हर जाति के लोगों को जोड़ा जाएगा. कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र पटेल ने किया. इसदौरान कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, प्रदीप नरवाल, सुशील पासी, अनिल यादव, दिनेश सिंह, विश्वविजय सिंह, पूर्व मंत्रीराजबहादुर, पूर्व मंत्री डॉ मसूद अहमद, मोहम्मद शमीम खान, देवेन्द्र निषाद, राहुल राय प्रजापति, सुनीता सिंह पटेल आदि मौजूद रहे. कांग्रेस प्रदेशमुख्यालय में शनिवार को आयोजित संगठन सृजन अभियान कार्यक्रम में पश्चिम जोन की समीक्षा की गई. प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय एवं प्रदेशकांग्रेस अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने विभिन्न जिलों से आए जिला, शहर अध्यक्षों से अब तक की गई तैयारी के बारे में जानकारी ली. जिला से लेकरबूथ तक पांच स्तरीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया। 18 सूत्री कार्ययोजना बताई. बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, संभल, मेरठ, बिजनौर, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, गौतमबुद्ध नगर की समीक्षा की गई.
दो करोड़ नौकरी का वादा, मात्र 60 हजार पर जश्न लोकदल राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने बीजेपी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने केंद्र सरकार की रोजगार नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 60 हजारयुवाओं को नौकरी देने की घोषणा कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि करोड़ों बेरोजगार युवाओं के साथ एक बड़ा राजनीतिक धोखा है. उन्होंने कहा कि देशकी जनता को हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली सरकार आज सिर्फ 60 हजार भर्तियों पर जश्न मना रही है जबकि वास्तविकता यह हैकि करोड़ों युवा अब भी बेरोजगार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने वादों से पीछे हट चुकी है और बेरोजगारी के मुद्दे पर कोई ठोसयोजना नहीं है. लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से युवाओं के भविष्य को नहीं संवारा जा सकता. उन्होंने यह भी कहा किसरकार को चाहिए कि वह झूठे वादों की बजाय युवाओं के लिए स्थायी और व्यापक रोजगार नीति लेकर आए. रोजगार देने के वादे हुए हवासरकार के आठ साल बीत गए लेकिन युवाओं को रोजगार देने के वादे हवा हो चुके हैं. करोड़ों युवा अब भी बेरोजगार हैं बीजेपी सरकार को 60 हजारनौकरियों पर जश्न मनाने की बजाय दो करोड़ नौकरियों के झूठे वादे पर देश से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं की आकांक्षाओंसे खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ “पर्ची, खर्ची और भर्ती” के बयान देने में व्यस्त है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. चौधरी सुनील सिंह ने आगे कहा कि यह समय युवाओं के साथ छल करने का नहीं, बल्कि व्यवस्थित और पारदर्शी रोजगार नीति अपनाने का है सरकारको चाहिए कि वह केवल प्रचार नहीं, वास्तविक परिणाम दे.
प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय, रक्षा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सहयोग पर सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साइप्रस के निकोसिया स्थित राष्ट्रपति भवन में आधिकारिक स्वागत किया गया. साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोसक्रिस्टोडौलाइड्स के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर हैं. यह दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री कीसाइप्रस की पहली यात्रा है. यहां प्रधानमंत्री मोदी ने निकोसिया में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स से बातचीत की यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूतकरने, भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है. साइप्रसके राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों पर चिंता व्यक्त की. हमारा मानना हैकि यह युद्ध का युग नहीं है. साझेदारी की गई शुरुप्रधानमंत्री ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करने के लिए साइप्रस का आभार जताया. उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत-साइप्रस-ग्रीस साझेदारी शुरू की गई है. भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा इस क्षेत्र में शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा.वहींसाइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने कहा कि हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों और तालमेल को बढ़ाने पर चर्चा की. हम रक्षासहयोग, संकट प्रबंधन, पर्यटन, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करना चाहते हैं। हम साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए ताकिहम ठोस परिणाम दे सकें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने साइप्रस के निकोसिया में प्रतिनिधिमंडल स्तर कीवार्ता की. सभी का किया शुक्रियाइस दौरान पीएम मोदी ने साइप्रस की ओर से ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III से सम्मानित किए जाने के लिए सभी का शुक्रिया अदाकिया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे दिया गया यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं बल्कि मेरे देश का सम्मान है. यह साइप्रस और भारत के बीच अटूटदोस्ती की मुहर है. उन्होंने कहा कि यह दो दशकों से अधिक के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस यात्रा है यह आपसी संबंधों मेंएक नया अध्याय लिखने का अवसर है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हम सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में साइप्रस के निरंतर समर्थनके लिए आभारी हैं आतंकवाद, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए हमारी एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में सूचना के आदान-प्रदानके लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा.
ईरान-इस्राइल युद्ध में फंसा गाजियाबाद का रिजवान हैदर, परिजनों ने पीएम मोदी से की सुरक्षित वापसी की अपील

इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में कई भारतीय फंस गए हैं. युद्ध में गाजियाबाद के लोनी का रहने वाला रिजवान हैदर भी वहां फंस गया है बेटेके फंसने के बाद परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है रिजवान एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए तेहरान गया था. लोनी के बहेटाहाजीपुर निवासी रिजवान हैदर एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए तेहरान में है. युवक के परिजनों ने प्रधानमंत्री से बेटे को सुरक्षित भारत लाने कीगुहार लगाई है. बेहटा हाजीपुर निवासी मोहम्मद अली पत्नी, तीन लड़कों व दो लड़कों के साथ रहते हैं. उन्होंने बताया कि उनका बेटा रिजवान हैदरपढ़ाई के लिए बाहर जाना चाहता था पढ़ाई को पूरी करने के लिए परिजनों ने उसे तेहरान पढ़ाई करने के लिए भेजा था. रिजवान हैदर एमबीबीएसकरने के लिए गया था बेटा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहता है. हॉस्टल में किया गया था शिफ्टबमबारी के चलते विश्वविद्यालय के बच्चों को दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट किया गया था रविवार करीब चार बजे जब उनका बेटा खाना खाने के लिएहॉस्टल से दूर होटल पर पहुंचा तो इस्राइल की तरफ से की गई बमबारी में हॉस्टल पर बम गिराए गए। जिससे बिल्डिंग धवस्त हो गई. उनके पिता नेदेश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बच्चे को बचाने की गुहार लगाते हुए बेटे की सकुशल वापसी की मांग की है. इस बीच तेहरान में भारतीय दूतावास नेएक एडवाइजरी में सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों से घर के अंदर रहने और आधिकारिक चैनलों की निगरानी करते रहने को कहा है. एडवाइजरी में कहा गया, ‘हम ईरान में सभी से अपील करते हैं कि दूतावास से स्थिति पर अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारे टेलीग्राम लिंक से जुड़ेंकृपया ध्यान दें कि यह टेलीग्राम लिंक केवल उन भारतीय नागरिकों के लिए है जो वर्तमान में ईरान में हैं दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिएआपातकालीन हेल्पलाइन भी जारी की हैं.उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास व्हाट्सएप के जरिए संपर्क में है। विश्वविद्यालय ने ज्यादा सहायता नहींकी है. हममें से ज्यादातर लोग डरे हुए हैं और घर के अंदर ही रह रहे हैं हमें नहीं पता कि यह कब तक चलेगा.