उपेंद्र कुशवाहा की मुजफ्फरपुर रैली में भीड़ का जनसैलाब, बोले बदलाव की लहर है ये

मुजफ्फरपुर में पहुंचे राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने क्लब मैदान में आयोजित संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार महारैलीको संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इतनी भीषण गर्मी और तपिश में आए लोगों के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं. मुझे इतनी भारी भीड़ कीउम्मीद नहीं थी आप सबको देखकर हमें हौसला मिलता है हमारा हौसला आपकी ताकत और इस भीड़ से है। भीड़ को देखकर उपेंद्र कुशवाहा गदगदहो गए और कहा कि यह बदलाव का संकेत है.राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर हम चल रहे हैं उनके रास्ते में जितनीबाधाएं आती हैं मुझे उतना ही आनंद आता है। हम परिसीमन को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं. जिसमें दक्षिण के कुछ नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा हैअब मुझे जिस तरह से शाहाबाद और मुजफ्फरपुर में मिल रहा है उससे इनडायरेक्ट समर्थन बढ़ने लगा है बिहार में केवल राष्ट्रीय लोक मोर्चा ही यहकाम कर रही है. जनगणना हर दस वर्ष में होगी जिसमें लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या निर्धारित होगी. वर्ष 1951, 1961, 1971 मेंजनगणना हुई थी. लेकिन 2009 में सीटें नहीं बढ़ी थीं 1976 में आपातकाल के दौरान संशोधन कर परिसीमन पर रोक लगा दी गई थी. 2026 में समाप्त होने वाली है समय सीमा2001 में यह रोक 25 वर्ष तक लागू रही यह समय सीमा 2026 में समाप्त होने वाली है. दक्षिण के नेता इसे रोकने में लगे हुए हैं यदि इसमें रुकावटआई तो हम और भी पिछड़ जाएंगे. मुझे अपने बिहार के संविधान के अधिकार से वंचित करने का षडयंत्र किया जा रहा है.उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार मेंलोक मोर्चा को मिल रही सीटों को लेकर कहा कि किसी को कुछ भी पता नहीं होता है. ध्यान को भटकाने के लिए यह सब साजिश के तहत किया जारहा है ताकि जनता महत्वपूर्ण मुद्दों से भटक जाए. मीडिया में चल रही सीटों को लेकर चर्चा पर उन्होंने कहा कि आपको यह अधिकार किसने दिया? जो काम है, वह आप कीजिए राजनीतिक दल का काम वही करे। हम जो भी सवाल उठाते हैं, उसे लेकर हम सभी गठबंधन के लोगों के साथ चर्चाकरेंगे.उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जो लोग पद के लिए राजनीति करते हैं उन्हें यह मुबारक हो। हम तो परिवर्तन के लिए राजनीति करते हैं और जनता केलिए लड़ते रहेंगे. चाहे परिणाम कुछ भी हो मुझे क्या मिलेगा यह मैं भी नहीं जानता। क्या गांधी कभी रणनीति में गए थे? लेकिन वह उच्च शिखर पररहे हैं. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इन लोगों का नाम सम्मान के लिए लिया जाना चाहिए. जनता के सवालोंको लेकर संघर्ष करना ज्यादा जरूरी है जेपी भी इनमें रहे हैं हम जनता के मुद्दों को लेकर लड़ना ज्यादा जरूरी मानते हैं सीट मेरे लिए कोई मायने नहींरखती.
चाड ने अमेरिकी नागरिकों को वीजा देने पर लगाई रोक, ट्रंप की यात्रा नीति के जवाब में उठाया कदम

International News: चाड के राष्ट्रपति महामत इदरीस डेबी ने घोषणा की कि उनका देश अब अमेरिकी नागरिकों को वीजा जारी नहीं करेगा. यहफैसला तब लिया गया. जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चाड के नागरिकों के अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगाया है.राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार कोअपने पहले कार्यकाल की एक प्रमुख नीति को फिर से लागू कर दिया. जिसके तहत 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर पाबंदी लगा दी गईइनमें चाड भी शामिल है. ट्रंप का आरोप है कि इन देशों में सुरक्षा जांच की प्रक्रिया कमजोर है और ये देश अपने उन नागरिकों को वापस लेने सेइनकार करते हैं. जो अमेरिका में रहने की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां ठहर जाते हैं.जिन देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पाबंदीलगाई गई है उनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमनशामिल हैं. इसके अलावा सात अन्य देशों के लिए यात्रा नियम और कड़े किए गए हैं. सरकार को दे रहे है निर्देशयह नई नीति सोमवार की सुबह 12:01 बजे से प्रभावी होगी.चाड के राष्ट्रपति ने गुरुवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि वह अपनी सरकार कोनिर्देश दे रहे हैं कि पारस्परिकता के सिद्धांतों के अनुसार अमेरिकी नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक लगा दी जाए. डेबी ने कहा चाड के पास देनेके लिए विमान नहीं हैं न अरबों डॉलर हैं. लेकिन चाड के पास अपनी गरिमा और आत्मसम्मान है. उन्होंने कतर के शाही परिवार की ओर से ट्रंप प्रशासनको भेंट किए गए 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लग्जरी विमान का जिक्र करते हुए यह टिप्पणी की. ट्रंप की इस नई यात्रा नीति पर अफ्रीकी देशोंसे मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है. जिन 12 देशों के नागरिकों के आने पर पाबंधी लगाई गई है उनमें से सात अफ्रीका के हैं. अमेरिका में हुई हथियारबंद हमले की घटनाकांगो गणराज्य की सरकार के प्रवक्ता थियरी मोंगल्ला ने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका में हुई एक हथियारबंद हमले की घटना को लेकरगलतफहमी के कारण उनका देश इस सूची में आ गया है. उन्होंने कहा कि गलत पहचान के कारण कांगो गणराज्य को गलत समझा गया।उन्होंने आगेकहा कांगो कोई आतंकवादी देश नहीं है। यह न कोई आतंकवादी है और न ही हमारी आतंकी सोच है. इसलिए हमें लगता है कि यह एक गलतफहमीहै और हमें भरोसा है कि आने वाले घंटों में हमारे राजनयिक अमेरिकी प्रशासन से संपर्क करेंगे.
लॉस एंजेलिस में हिंसक विरोध के बीच ट्रंप ने की नेशनल गार्ड्स की तैनाती, गवर्नर न्यूजकम ने जताया विरोध

International News: लॉस एंजेलिस में अप्रवासन नीति के खिलाफ लोगों के विरोध को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कैलिफोर्निया गार्ड्स की तैनातीकरने का फैसला किया है. लॉस एंजेलिस में अप्रवासन विभाग की कार्रवाई का विरोध हो रहा है और बीते दो दिनों से अलग-अलग जगहों पर हिंसाभड़क चुकी है. जिसमें पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया है। हिंसा पर राष्ट्रपति ट्रंप ने नाराजगी जताई थी और कैलिफोर्निया केगवर्नर पर हालात को नियंत्रित नहीं कर पाने का आरोप लगाया था. अब नेशनल गार्ड्स की तैनाती के ट्रंप के आदेश के बाद कैलिफोर्निया गवर्नर गैविनन्यूजकम ने विरोध जताया है और इस कदम से तनाव बढ़ने की धमकी भी दी है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नेशनल गार्ड्स कीतैनाती को लेकर सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा’लॉस एंजिल्स में दो दिनों की हिंसा झड़प और अशांति के बाद नेशनल गार्ड ने बहुतबढ़िया काम किया है. भड़काने वालों और अक्सर पैसे लेकर उपद्रव करने वाले ये कट्टरपंथी वामपंथी विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. इसकेअलावा अब से विरोध प्रदर्शनों में मास्क पहनने की अनुमति नहीं होगी. नेशनल गार्ड को धन्यवादइन लोगों के पास छिपाने के लिए क्या है और क्यों? फिर से अच्छी तरह से किए गए काम के लिए नेशनल गार्ड को धन्यवाद.व्हाइट हाउस ने शनिवारको एक बयान में कहा कि ट्रंप,कैलिफोर्निया में अराजकता को दूर करने के लिए नेशनल गार्ड्स की तैनाती कर रहे हैं. कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविनन्यूजकम ने इस पर आपत्ति जताई और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि ‘रिपब्लिकन राष्ट्रपति का यह कदम जानबूझकर भड़काऊ हैऔर इससे केवल तनाव बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘यह गलत मिशन है और इससे जनता का भरोसा खत्म हो जाएगा. स्थानीय अधिकारी किसी भी समयकानून प्रवर्तन सहायता देने में सक्षम हैं. गैविन न्यूजकम विपक्षी डेमोक्रेट नेता हैं शनिवार को कैलिफोर्निया प्रांत के प्रमुख शहर लॉस एंजेलिस केपैरामाउंट नामक इलाके में अप्रवासन नीतियों को विरोध में दंगा भड़क गया. दरअसल अप्रवासन विभाग पुलिस के साथ मिलकर देशभर में तलाशीअभियान चला रहा है और अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार कर रहा है लॉस एंजेलिस में इस सप्ताह 118 कथित अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार कियागया है.
जिग्नेश मेवाणी का भाजपा सरकार पर तीखा हमला: “गुजरात में दलितों का अंगूठा काटा जा रहा है

गुजरात के विधायक और कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी ने गुजरात में दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर भाजपा औरआरएसएस पर जोरदार हमला बोला है। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में एक सोची-समझी साजिश केतहत वंचित समुदायों को दबाया जा रहा है और उन्हें न्याय से वंचित किया जा रहा है। जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के नेताओं की सोच डॉ. अंबेडकर के संविधान पर नहीं, बल्कि मनुस्मृति पर आधारित है। उन्होंनेकहा कि भाजपा नेताओं ने अतीत में संविधान को समुद्र में फेंकने जैसी बातें की थीं और आज भी दलितों को न्याय नहीं मिल रहा।उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे “अंबेडकर-अंबेडकर करना फैशन बन गया है” कहते हैं, तो यह दलित समाजका अपमान है।गुजरात में दलितों पर हमलों की लंबी लिस्ट :- मेवाणी ने गुजरात में हुई कई घटनाओं का ज़िक्र किया अमरेली में 19 वर्षीय दलित युवक की सरेआम हत्यापाटन में एक दलित बुजुर्ग को जिंदा जलानासुरेंद्रनगर में एके-47 से दलित युवकों पर हमला संतरामपुर में 11 दिन तक दलित लड़की से गैंगरेप, जिसमें भाजपा नेताओं के नाम सामने आए! उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा नेताओं कोबचाने के लिए एफआईआर ही फाड़ दी और आरोपियों को केवल 3000 रुपये का जुर्माना देकर छोड़ दिया गया। दलितों को न्याय नहीं, अपराधियों को संरक्षण – जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि दलितों पर अत्याचार के मामलों में सजा मिलने की दर गुजरात में केवल3 से 5 प्रतिशत है, जो बताता है कि 95 प्रतिशत अपराधी कानून से बच जाते हैं। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की नाकामी बताया। गुजरात पब्लिक सर्विस कमीशन पर भी निशाना:- मेवाणी ने आरोप लगाया कि GPSC (गुजरात पब्लिक सर्विस कमीशन) जातिवाद का अड्डा बनचुका है, जहां दलित, ओबीसी और आदिवासी छात्रों को इंटरव्यू में जानबूझकर कम अंक दिए जाते हैं। अगस्त-सितंबर में होगा बड़ा आंदोलन :- मेवाणी ने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी गुजरात में दलितों और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों केखिलाफ अगस्त या सितंबर में एक बड़ा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा सरकार को जवाबदेह नहीं बनाया जाएगा, तब तक वंचितसमाज के साथ न्याय नहीं हो सकता।जिग्नेश मेवाणी ने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार की चुप्पी और लापरवाही ने दलितों और कमजोर वर्गों के खिलाफ अपराध करने वालों को खुली छूटदे दी है। कांग्रेस अब सड़कों पर उतरकर इस अन्याय के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद करेगी।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने सांसद कमलजीत सहरावत की उपस्थिति में, झड़ौदा कलां गांव में खेल स्टेडियम के पुननिर्माण का किया शिलान्यास

New Dellhi: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने सांसद कमलजीत सहरावत की उपस्थिती में आज झड़ौदा कलां गांव में खेल स्टेडियम केपुननिर्माण के साथ ही बैडमिंटन कोर्ट व बास्केटबाल कोर्ट के नवनिर्माण का शिलान्यास किया. विधायक नीलम, पूर्व विधायक अजीत खरखड़ी, नजफगढ़ जिले की अध्यक्षा राज शर्मा, जोन चेयरपर्सन सविता शर्मा, डिप्टी चेयरमैन बांके पहलवान और दिल्ली नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी भीकार्यक्रम में उपस्थित रहे. ग्रामोदय योजना के अंतर्गत दिल्ली नगर निगम द्वारा निगम पार्षद अमित खरखड़ी की सानिध्य में पुननिर्माण कराए जा रहे इसस्टेडियम से ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी. बच्चों को दी गई प्रोत्साहन राशिवीरेन्द्र सचदेवा ने वहां उपस्थित फुटबाल की लड़कियों और लड़कों की टीमों को प्रोत्साहन राशि दी ताकि बच्चें और लगन के साथ आगे अपने गांवऔर क्षेत्र का नाम रौशन करें. इसके साथ ही बच्चों को वायु प्रदूषण को कम करने के लिए और क्षेत्र को हरा भरा बनाने के लिए पौधा लगाने कासंकल्प दिलवाया. स्टेडियम के पुननिर्माण के मौके पर वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि जिस स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है उसमें दो बैडमिंटन कोर्ट, एक बास्केटबाल कोर्ट, एक ट्रैकिंग फुटपाथ के अलावा फुटबाल स्टेडियम का अनावरण किया जा रहा है.उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल का धन्यवादकिया जिन्होने गांव देहात के विकास के लिए ग्रामीणों के आग्रह पर ग्राम उदय योजना के नाम पर गांव देहात के विकास के लिए 960 करोड़ रुपयेआवंटित किया. वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आज हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि चाहे नरेला हो, पल्ला हो, नजफगढ़, बिजवासन, महरौली याफिर छतरपुर सभी जगह विभिन्न गांवों में विकास कार्य चल रहे हैं.14 करोड़ के लागत से विकास कार्यों में स्टेडियम के अलावा 102 छोटी गलियां काकाम भी हैं जिनकी रिपेयर होनी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों में अब विश्वास जगा है कि दिल्ली विकास की राह पर चल पड़ी है. दिल्ली कोविकसित भारत की विकसित राजधानी बनाने का रास्ता गांव देहात से होकर जाएगा इसलिए हम गांव देहात के विकास पर विशेष ध्यान देंगे. दिल्लीभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ बनाना हमारी जिम्मेदारी है और अगर आपको कोई समस्या दिखती है तो आप हमारे पार्षद, विधायक याफिर सांसद को बताइए.हमारी जिम्मेदारी है कि इसे स्वच्छ बनाने में सड़क पर कूड़ा फेंकना और प्लास्टिक का प्रयोग बंद करें. उन्होंने कहा कि हमेंउम्मीद है कि सरकार के साथ भाजपा का संगठन लगातार आपकी सेवा में तत्पर रहेगा और आपके भरोसे पर कायम रहेगा. जनता ने दिया भाजपा को आशीर्वादकमलजीत सहरावत ने कहा कि जनता ने जो आशीर्वाद भाजपा पर बरसाया है उसके बाद दिल्ली में लगातार विकास कार्य जारी है और आज उसीसीरीज में नए स्टेडियम का पुननिर्माण हो रहा है. जनता ने जिस विश्वास के साथ हमें चुना है, उस विश्वास को हमारे अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा औरमुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में कायम रखने की हम पूरी कोशिश करेंगे. विधायक मती नीलम ने कहा कि पिछले 10 सालों में दिल्ली कीहालत बद से बदतर हो गई थी लेकिन दिल्ली के लोग काफ़ी समझदार है कि उन्होंने सरकार बदलकर इसे सुधार दिया.मैं नजफगढ़ की ओर से वीरेंद्रसचदेवा का धन्यवाद करना चाहती हूं क्योंकि उन्होंने दिल्ली के लोगों में एक विश्वास पैदा किया और साथ ही उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया किदिल्ली में एमसीडी में भी भाजपा की सरकार होगी.आज उनका कहना सार्थक हुआ है जब एमसीडी में भी हम है और आज उसी का परिणाम है कि यहस्टेडियम का शिलान्यास होने जा रहा है. अमित खरखड़ी ने कहा कि दिल्ली में पहली बार अगर तीन इंजन की पूर्ण सरकार बनाने का श्रेय किसी कोजाता है तो वह श्री वीरेंद्र सचदेवा को जाता है. पहले 11 सालों तक ऐसी सरकार दिल्ली में राज की जिसने ना तो दिल्ली के विकास पर ध्यान दियाऔर ना ही किसी योजना का लाभ दिल्लीवालों को दिया लेकिन दिल्ली में रेखा गुप्ता की सरकार बनते ही हर विधायक लगातार जमीनी स्तर पर कामकर रहे है और लगातार विकास कार्य जारी है.अब एमसीडी में भी भाजपा को आपने सेवा का मौका दिया है जिसके लिए आपको हम कभी निराश नहींकरेंगे.
भारत-ब्रिटेन विदेश मंत्रियों की मुलाकात, जयशंकर ने आतंकवाद पर दिखाई ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी से मुलाकात की. डेविड लैमी अपनेप्रतिनिधिमंडल के साथ भारत दौरे पर आए हैं बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलेरेंस की नीति है औरहम उम्मीद करते हैं कि हमारे सहयोगी इस बात को समझें. भारतीय विदेश मंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफसमर्थन के लिए भी ब्रिटिश सराकर को धन्यवाद दिया.ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी दो दिवसीय भारत दौरे पर शनिवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे. लैमी के दौरे में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी. एस. जयशंकर ने कहा कि, ‘हम आतंकवाद के खिलाफ जीरोटॉलरेंस की नीति अपनाते हैं और उम्मीद करते हैं कि हमारे सहयोगी देश इसे समझेंगे. हम कभी भी बुराई करने वालों को उनके पीड़ितों के बराबर नहींरखेंगे. भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को दिया गया रुपजयशंकर ने हाल ही में अंतिम रूप दिए गए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को ‘असल मायनों में एक मील का पत्थर’ बताया. भारत ने बैठक केदौरान भी पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया.ब्रिटेन उन देशों में शामिल था जो पिछले महीने अपने सैन्य संघर्ष के दौरान अपने तनावको कम करने के प्रयास में भारत और पाकिस्तान दोनों के संपर्क में थे. लैमी ने 16 मई से इस्लामाबाद की दो दिवसीय यात्रा की जिसके दौरान उन्होंनेसैन्य कार्रवाइयों को रोकने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को हुए समझौते का स्वागत किया. भारत दौरे से पहले डेविड लैमी नेपाकिस्तान का भी दो दिवसीय दौरा किया और उन्होंने भारत पाकिस्तान के बीच 10 मई को हुए संघर्षविराम को जारी रखने की अपील की.
राहुल गांधी का भाजपा पर गंभीर आरोप, ‘महाराष्ट्र चुनाव था लोकतंत्र की मैच फिक्सिंग’ जानें क्या है पूरा मामला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल उठाए हैं उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि चुनाव में उसनेमैच फिक्सिंग की तरह से धांधली की. एक अखबार में प्रकाशित लेख साझा करते हुए राहुल गांधी ने चुनाव को प्रभावित करने के पांच चरणों काजिक्र किया है.राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि चुनाव कैसे चुराया जाए? 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली करनेका ब्लूप्रिंट था. मेरा लेख दिखाता है कि यह कैसे हुआ? अपने लेख के साथ पांच चरणों को उन्होंने साझा किया. राहुल गांधी ने लिखा कि पहलाचरण चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए पैनल में धांधली करना, दूसरा चरण- फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ना, तीसरा चरण- मतदानप्रतिशत को बढ़ाना, चौथा चरण – फर्जी मतदान को ठीक वहीं लक्षित करें जहां भाजपा को जीतना है और पांचवां चरण सबूत छिपाना.राहुल गांधी नेकहा कि यह देखना मुश्किल नहीं है कि भाजपा महाराष्ट्र में इतनी हताश क्यों थी? लेकिन यह धांधली मैच फिक्सिंग की तरह है.जो देता है धोखा वही जीतता है खेलजो पक्ष धोखा देता है वह खेल जीत सकता है, लेकिन संस्थानों को नुकसान पहुंचाता है. साथ ही परिणाम में जनता का विश्वास नष्ट करता है. सभीचिंतित भारतीयों को सबूत देखना चाहिए। खुद फैसला करें जवाब मांगें क्योंकि महाराष्ट्र की मैच फिक्सिंग अगली बार बिहार में होगी और फिर वहांजहां भाजपा हार रही होगी.अप्रैल में राहुल गांधी ने अमेरिका के बोस्टन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि ‘चुनाव आयोग अब निष्पक्ष नहीं रहा वहसमझौता कर चुका है. उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2023 के मतदान आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि अंतिम दो घंटे में लाखोंवोट पड़ना भौतिक रूप से असंभव है. राहुल ने दावा किया, ‘5:30 बजे तक आयोग ने एक आंकड़ा दिया और फिर 5:30 से 7:30 बजे तक 65 लाखऔर वोट पड़ गए। अगर एक वोटर को वोट देने में लगभग 3 मिनट लगते हैं, तो इतने कम समय में इतने वोट नहीं पड़ सकते. इसका मतलब ये होताकि आधी रात तक लाइनें लगी थीं जो कि सच नहीं है.
ट्रंप से टकराव में मस्क को बड़ा झटका, टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट अरबों डॉलर का नुकसान

एक वक्त ट्रंप के सबसे बड़े समर्थक रहे एलन मस्क, अब उनके सबसे बड़े आलोचकों में से एक हो गए हैं. मस्क सार्वजनिक तौर पर ट्रंप की आलोचनाकर रहे हैं और ट्रंप ने भी सार्वजनिक तौर पर पलटवार किया है. ट्रंप ने टेस्ला और स्पेसएक्स को मिलने वाले सरकारी ठेकों को बंद करने की धमकी दीहै. जिससे मस्क को भारी नुकसान की आशंका है. साथ ही ट्रंप से भिड़ने के बाद मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट हुई है. मीडियारिपोर्ट्स के अनुसार टेस्ला के शेयरों में गिरावट से जनवरी से अब तक एलन मस्क को करीब 380 अरब डॉलर (करीब 32 लाख करोड़ रुपये) कानुकसान उठाना पड़ा है.टेस्ला के बाजार पूंजीकरण में 29 प्रतिशत की कमी आई है और इस साल लार्ज कैप शेयरों में सबसे खराब प्रदर्शन टेस्ला काही रहा. साल 2025 की शुरुआत में टेस्ला पूरी दुनिया में आठवीं सबसे बड़ी कंपनी थी. वो अब 10वें स्थान पर आ गई है. ट्रंप प्रशासन में सरकारी दक्षताट्रंप प्रशासन में सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख के तौर पर मस्क ने बड़ी संख्या में संघीय सरकार के खर्चों में कटौती की. इस दौरान बड़ी संख्या मेंलोगों को नौकरी से निकाला गया. इसका विरोध भी मस्क को झेलना पड़ा और अमेरिका में लोगों ने टेस्ला और टेस्ला के शोरूम में तोड़फोड़ की.21! इससे भी टेस्ला को काफी नुकसान उठाना पड़ा.ट्रंप के साथ तनातनी के बाद 6 जून को टेस्ला के शेयरों में 14 प्रतिशत की गिरावट आई. जिससेकंपनी को एक दिन में 150 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. यह एक दिन में किसी भी कंपनी को हुए सबसे बड़े नुकसान में से एक है. अभी भी मस्ककी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं क्योंकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में मस्क की कंपनियों टेस्ला और स्पेसएक्स के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्मकरने की धमकी दी है. ट्रंप और मस्क के बीच तनातनीट्रंप और मस्क के बीच तनातनी की वजह ट्रंप प्रशासन द्वारा लाए जा रहे टैक्स बिल को लेकर है. मस्क इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। जबकि ट्रंपका कहना है कि इस बिल का मकसद टैक्स कटौती रक्षा बजट को बढ़ाना और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है. हालांकि इस बिल में इलेक्ट्रिकव्हीकल्स की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है. साथ ही ईवी खरीदने पर मिलने वाली 7500 डॉलर की छूट को भी खत्म कर दिया गया है. माना जारहा है कि मस्क को इन प्रावधानों से आपत्ति हो सकती है.
महाराष्ट्र में ‘ठाकरे मिलन’ की सरगर्मी, उद्धव-राज की एकजुटता की मांग को मिला जनसमर्थन

महाराष्ट्र की सियासत में कई दिनों से इस बात की चर्चा है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे साथ आ सकते हैं. अब इसे लेकर सरगर्मी तेज हो गई हैक्योंकि महाराष्ट्र में कई जगह दोनों नेताओं से एकजुट होने की अपील करते हुए पोस्टर लगाए गए हैं. साथ ही शिवसेना यूबीटी के मुखपत्र सामना में भीइसे लेकर लेख लिखा गया है. महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार कमजोर हो गया है.शिवसेना यूबीटी बंटवारे के बाद कमजोर हो गई है. वहीं राजठाकरे कई वर्षों की राजनीति के बाद भी प्रदेश की राजनीति में बड़े खिलाड़ी नहीं बन पाए हैं। यही वजह है कि दोनों पार्टियों के साथ आने की अपीलकी जा रही है.मुंबई के गिरगांव इलाके में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ आने को लेकर एक पोस्टर लगाया गया है जिसमें बाला साहेब ठाकरे केसाथ ही उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की तस्वीर है. इस पोस्टर में लिखा गया है कि- ‘महाराष्ट्र में परप्रांतियों के मंसूबे पूरे होने से पहले एक हो जाइए 8 करोड़ मराठी जनता एक साथ आने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. संदेश देने की कोशिशइस पोस्टर के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि ठाकरे परिवार के एकजुट होने के लिए सार्वजनिक समर्थन मौजूद है.शिवसेना यूबीटी केमुखपत्र सामना में भी शिवसेना यूबीटी और मनसे में संभावित गठबंधन को लेकर लेख लिखा गया. सामना में दावा किया गया कि उद्धव ठाकरे ने मनसेसे गठबंधन को लेकर अपनी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मनसे प्रमुख भी इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के नेताओं केसाथ बैठक कर रहे हैं. मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे से मनसे से गठबंधन को लेकर सवाल किया गया. जिस पर उद्धव ठाकरे ने मनसे केसाथ गठबंधन की चर्चाओं को मजबूती देते हुए कहा कि ‘महाराष्ट्र के लोगों के मन में जो है, वही होगा. गठबंधन पर मैं कोई संदेश नहीं दूंगा मैं सीधेखबर देता हूं. साल 1988 में राज ठाकरे शिवसेना के राजनीतिक मामलों में सक्रिय होना शुरू हुए. राज ठाकरे के बेबाक अंदाज और जोशीले भाषणशुरुआत में राज ठाकरे के बेबाक अंदाज और जोशीले भाषण के चलते उन्हें ही बाल ठाकरे का उत्तराधिकारी माना जाने लगा. हालांकि 90 के दशककी शुरुआत में उद्धव ठाकरे भी राजनीति में सक्रिय हो गए. खुद बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे को राजनीति के गुर सिखा रहे थे। राज ठाकरे जहां बेबाकअंदाज के लिए जाने जाते हैं, वहीं उद्धव ठाकरे की पहचान विनम्र नेता की थी। साल 1996 राज ठाकरे की राजनीति के लिए टर्निंग पॉइंट साबितहुआ, जब ठाकरे एक व्यक्ति रमेश की मौत के मामले में फंस गए थे. रमेश की पत्नी ने आरोप लगाया कि राज ठाकरे और उनके आदमियों ने रमेश कोएक किराए का मकान खाली करने के लिए मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया था. इसे लेकर खूब राजनीतिक हंगामा हुआ और सीबीआई ने इस मामलेमें राज ठाकरे से पूछताछ भी की थी.
जी-7 सम्मेलन में पीएम मोदी को मिला न्योता, कनाडाई नेताओं ने फैसले को बताया सकारात्मक पहल

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कनाडा की मेजबानी में आयोजित होने जा रहे जी-7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को भी शामिल होने का न्योतादिया है. भारत जी-7 समूह का हिस्सा नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी आमंत्रण स्वीकार कर लिया है और सम्मेलन में जाने की पुष्टि की है. अब इसेलेकर कनाडा के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है. कनाडा के एक वकील और ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के विधायक डलास ब्रोडी ने पीएम मोदी कोजी-7 सम्मेलन में आमंत्रित करने के कनाडा सरकार के फैसले की तारीफ की.डलास ब्रोडी ने कहा कि ‘भारत को जी-7 सम्मेलन में बुलाना एक शानदारखबर है. दोनों देशों के बीच बहुत कुछ एक जैसा है. कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारापीएम मोदी को आमंत्रित किया जाना एक सकारात्मक पहल है. बीते कई वर्षों से दोनों देशों के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं. भारत के साथ संबंध सुधारने की जरूरतहमें भारत के साथ संबंध सुधारने की जरूरत है और ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि संबंध सुधरने वाले हैं. कनाडाई विधायक ने कहा कि भारत और कनाडाके नेताओं की मुलाकात से दोनों देशों के संबंध बेहतर होंगे. भारत एक महान देश है और भारत के शिक्षित, शानदार, प्रेरक लोगों और लोकतांत्रिक औरएक विशाल बाजार वाले देश के साथ व्यापार समझौता कनाडा के हित में है.भारत और कनाडा के संबंधों में खटास की वजह कनाडा की पूर्व कीसरकार द्वारा खालिस्तानी कट्टरपंथियों को संरक्षण देना था. जब इसे लेकर ब्रोडी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘खालिस्तानी कट्टरपंथ एकबड़ी समस्या है. इसमें कोई शक नहीं है कि कनाडा में रहने वाले हिंदू और सिख समुदाय के लोग इन हालातों से खुश नहीं हैं. उम्मीद है कि संघीयसरकार और भारत के बीच इस मुद्दे पर बात होगी. ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में भी खालिस्तानी कट्टरपंथ बड़ी समस्या है यह कई लोगों के लिए डरावनाहै और अब समय आ गया है कि इससे सख्ती से निपटा जाए. मुझे उम्मीद है कि दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात में इस मुद्दे पर भी बात होगी.